logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…
  • Latest News
  • News
  • Politics
  • Elections
  • Viral
  • Astrology
  • Horoscope in Hindi
  • Horoscope in English
  • Latest Political News
logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…

हरसौली में अटल पथ निर्माण के अतिक्रमण पर चला पीला पंजा, स्टे आदेश के बाद कार्यवाही फिर टली हरसौली। कस्बे में करीब 2 करोड़ रुपये की लागत से प्रस्तावित अटल पथ के निर्माण को लेकर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई एक बार फिर विवादों में आ गई है। प्रशासन और पुलिस के जाब्ते ने अटल पथ के प्रस्तावित मार्ग से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू की। कार्रवाई के दौरान कुछ मकानों और दीवारों को हटाया गया, लेकिन हाईकोर्ट के स्टे ऑर्डर की प्रति सामने आने के बाद संबंधित हिस्से में कार्रवाई रोक दी गई। बताया जा रहा है कि अटल पथ का निर्माण जटीयाना सड़क मार्ग से भोमिया मंदिर,पोस्ट ऑफिस, रेलवे फाटक संख्या 87 होते हुए संतदास जी महाराज तक प्रस्तावित है। कस्बे के बीच अतिक्रमण के कारण लंबे समय से निर्माण कार्य प्रभावित बताया जा रहा है। 5 अगस्त को भी पहुंचा था प्रशासन-पुलिस का जाब्ता अटल पथ के अतिक्रमण हटाने को लेकर 5 अगस्त को भी प्रशासन और पुलिस का जाब्ता मौके पर पहुंचा था। उस समय ग्रामीणों का आरोप था कि उस दौरान जिन मकानों पर अतिक्रमण की कार्रवाई की गई, उनके संबंध में ग्राम पंचायत और प्रशासन की ओर से संबंधित परिवारों को नियमानुसार नोटिस नहीं दिए गए थे। ग्रामीणों का कहना है कि नोटिस और उचित प्रक्रिया के अभाव में कार्रवाई आगे नहीं हो सकी।ग्रामीणों ने सवाल उठाया कि यदि अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जानी थी तो संबंधित मकान मालिकों को पहले सूचना और नोटिस देकर अपना पक्ष रखने का अवसर क्यों नहीं दिया गया। उनका कहना है कि प्रशासन को कार्रवाई से पहले राजस्व रिकॉर्ड, सीमांकन और नोटिस की प्रक्रिया स्पष्ट करनी चाहिए थी उसके पश्चात प्रशासन के द्वारा दोबारा से नोटिस जारी किए गए। दोबारा अतिक्रमण हटाने पहुंची टीम ने कार्रवाई शुरू की। इसी दौरान सुखराम चौधरी पुत्र रुगला राम चौधरी निवासी हरसौली ने प्रशासन के समक्ष हाईकोर्ट का स्टे होने की बात कही। करीब एक घंटे बाद उन्होंने न्यायालय के आदेश की प्रति तहसीलदार राजेश शर्मा को सौंपी। आदेश की प्रति मिलने के बाद प्रशासन ने संबंधित स्थान पर कार्रवाई रोक दी। कार्रवाई रुकने के बाद ग्रामीणों में नाराजगी देखी गई। ग्रामीणों का आरोप है कि कार्रवाई की शुरुआत में गरीब परिवारों के मकान और दीवारें तोड़ दी गईं, जबकि बाद में स्टे सामने आने पर कार्रवाई रोक दी गई। ग्रामीणों ने मांग की कि अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई सभी लोगों के साथ समान रूप से और नियमानुसार की जाए, वहीं कुछ ग्रामीणों ने स्वयं ही अतिक्रमण के दायरे में आ रहे मकानों को हटा दिया गया। सड़क पर पत्थर रखकर जताया विरोध कार्रवाई से नाराज ग्रामीणों ने हरसौली सरपंच उमेश चौधरी के साथ सड़क पर पत्थर रखकर विरोध जताया। बताया गया कि अतिक्रमण हटाने के दौरान टूटे मकानों के पत्थर सड़क पर रखे जाने से जटीयाना मार्ग पर आवागमन प्रभावित हुआ। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की कि जिन परिवारों के मकान या दीवारें कार्रवाई में क्षतिग्रस्त हुई हैं, उनके मामले की भी निष्पक्ष जांच कर उचित समाधान किया जाए। प्रशासन से मांगा जवाब ग्रामीणों का कहना है कि अटल पथ का निर्माण क्षेत्र के विकास के लिए महत्वपूर्ण है और वे विकास कार्य के विरोध में नहीं हैं, लेकिन अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया पारदर्शी और नियमों के अनुरूप होनी चाहिए। अब पूरे मामले में यह सवाल उठ रहा है कि 5 अगस्त को जिन स्थानों पर कार्रवाई की गई, वहां नोटिस और सीमांकन की क्या प्रक्रिया अपनाई गई थी। वहीं बुधवार को हाईकोर्ट के स्टे के बाद कार्रवाई रुकने से मामला और संवेदनशील हो गया है। प्रशासन की ओर से इस संबंध में आधिकारिक पक्ष सामने आने के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी। मौके पर तहसीलदार राजेश शर्मा, नायब तहसीलदार वीरेंद्र सेन, सरपंच ओमेश चौधरी, पीडब्ल्यूडी विभाग के सहायक अभियंता अनिल यादव, राकेश यादव, ग्राम विकास अधिकारी राजपाल तथा खैरथल थाना अधिकारी रामकिशन यादव पुलिस जाब्ते के साथ मौजूद रहे। हरसौली तहसीलदार राजेश शर्मा ने बताया कि प्राप्त निर्देशों के अनुसार अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई थी। कार्रवाई के दौरान 2-3 मकानों को हटाया गया। इसी दौरान एक मकान मालिक सुखराम चौधरी पुत्र रुगला राम चौधरी ने हाईकोर्ट के आदेश की प्रति प्रस्तुत की। आदेश की प्रति मिलने के बाद संबंधित स्थान पर कार्रवाई रोक दी गई तथा मामले की जानकारी उच्च अधिकारियों को भेज दी गई है।

10 hrs ago
user_सुनील कान्त गोल्डी
सुनील कान्त गोल्डी
रिपोर्टर किशनगढ़ बास, अलवर, राजस्थान•
10 hrs ago

हरसौली में अटल पथ निर्माण के अतिक्रमण पर चला पीला पंजा, स्टे आदेश के बाद कार्यवाही फिर टली हरसौली। कस्बे में करीब 2 करोड़ रुपये की लागत से प्रस्तावित अटल पथ के निर्माण को लेकर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई एक बार फिर विवादों में आ गई है। प्रशासन और पुलिस के जाब्ते ने अटल पथ के प्रस्तावित मार्ग से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू की। कार्रवाई के दौरान कुछ मकानों और दीवारों को हटाया गया, लेकिन हाईकोर्ट के स्टे ऑर्डर की प्रति सामने आने के बाद संबंधित हिस्से में कार्रवाई रोक दी गई। बताया जा रहा है कि अटल पथ का निर्माण जटीयाना सड़क मार्ग से भोमिया मंदिर,पोस्ट ऑफिस, रेलवे फाटक संख्या 87 होते हुए संतदास जी महाराज तक प्रस्तावित है। कस्बे के बीच अतिक्रमण के कारण लंबे समय से निर्माण कार्य प्रभावित बताया जा रहा है। 5 अगस्त को भी पहुंचा था प्रशासन-पुलिस का जाब्ता अटल पथ के अतिक्रमण हटाने को लेकर 5 अगस्त को भी प्रशासन और पुलिस का जाब्ता मौके पर पहुंचा था। उस समय ग्रामीणों का आरोप था कि उस दौरान जिन मकानों पर अतिक्रमण की कार्रवाई की गई, उनके संबंध में ग्राम पंचायत और प्रशासन की ओर से संबंधित परिवारों को नियमानुसार नोटिस नहीं दिए गए थे। ग्रामीणों का कहना है कि नोटिस और उचित प्रक्रिया के अभाव में कार्रवाई आगे नहीं हो सकी।ग्रामीणों ने सवाल उठाया कि यदि अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जानी थी तो संबंधित मकान मालिकों को पहले सूचना और नोटिस देकर अपना पक्ष रखने का अवसर क्यों नहीं दिया गया। उनका कहना है कि प्रशासन को कार्रवाई से पहले राजस्व रिकॉर्ड, सीमांकन और नोटिस की प्रक्रिया स्पष्ट करनी चाहिए थी उसके पश्चात प्रशासन के द्वारा दोबारा से नोटिस जारी किए गए। दोबारा अतिक्रमण हटाने पहुंची टीम ने कार्रवाई शुरू की। इसी दौरान सुखराम चौधरी पुत्र रुगला राम चौधरी निवासी हरसौली ने प्रशासन के समक्ष हाईकोर्ट का स्टे होने की बात कही। करीब एक घंटे बाद उन्होंने न्यायालय के आदेश की प्रति तहसीलदार राजेश शर्मा को सौंपी। आदेश की प्रति मिलने के बाद प्रशासन ने संबंधित स्थान पर कार्रवाई रोक दी। कार्रवाई रुकने के बाद ग्रामीणों में नाराजगी देखी गई। ग्रामीणों का आरोप है कि कार्रवाई की शुरुआत में गरीब परिवारों के मकान और दीवारें तोड़ दी गईं, जबकि बाद में स्टे सामने आने पर कार्रवाई रोक दी गई। ग्रामीणों ने मांग की कि अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई सभी लोगों के साथ समान रूप से और नियमानुसार की जाए, वहीं कुछ ग्रामीणों ने स्वयं ही अतिक्रमण के दायरे में आ रहे मकानों को हटा दिया गया। सड़क पर पत्थर रखकर जताया विरोध कार्रवाई से नाराज ग्रामीणों ने हरसौली सरपंच उमेश चौधरी के साथ सड़क पर पत्थर रखकर विरोध जताया। बताया गया कि अतिक्रमण हटाने के दौरान टूटे मकानों के पत्थर सड़क पर रखे जाने से जटीयाना मार्ग पर आवागमन प्रभावित हुआ। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की कि जिन परिवारों के मकान या दीवारें कार्रवाई में क्षतिग्रस्त हुई हैं, उनके मामले की भी निष्पक्ष जांच कर उचित समाधान किया जाए। प्रशासन से मांगा जवाब ग्रामीणों का कहना है कि अटल पथ का निर्माण क्षेत्र के विकास के लिए महत्वपूर्ण है और वे विकास कार्य के विरोध में नहीं हैं, लेकिन अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया पारदर्शी और नियमों के अनुरूप होनी चाहिए। अब पूरे मामले में यह सवाल उठ रहा है कि 5 अगस्त को जिन स्थानों पर कार्रवाई की गई, वहां नोटिस और सीमांकन की क्या प्रक्रिया अपनाई गई थी। वहीं बुधवार को हाईकोर्ट के स्टे के बाद कार्रवाई रुकने से मामला और संवेदनशील हो गया है। प्रशासन की ओर से इस संबंध में आधिकारिक पक्ष सामने आने के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी। मौके पर तहसीलदार राजेश शर्मा, नायब तहसीलदार वीरेंद्र सेन, सरपंच ओमेश चौधरी, पीडब्ल्यूडी विभाग के सहायक अभियंता अनिल यादव, राकेश यादव, ग्राम विकास अधिकारी राजपाल तथा खैरथल थाना अधिकारी रामकिशन यादव पुलिस जाब्ते के साथ मौजूद रहे। हरसौली तहसीलदार राजेश शर्मा ने बताया कि प्राप्त निर्देशों के अनुसार अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई थी। कार्रवाई के दौरान 2-3 मकानों को हटाया गया। इसी दौरान एक मकान मालिक सुखराम चौधरी पुत्र रुगला राम चौधरी ने हाईकोर्ट के आदेश की प्रति प्रस्तुत की। आदेश की प्रति मिलने के बाद संबंधित स्थान पर कार्रवाई रोक दी गई तथा मामले की जानकारी उच्च अधिकारियों को भेज दी गई है।

More news from राजस्थान and nearby areas
  • हरसौली में अटल पथ निर्माण के अतिक्रमण पर चला पीला पंजा, स्टे आदेश के बाद कार्यवाही फिर टली हरसौली। कस्बे में करीब 2 करोड़ रुपये की लागत से प्रस्तावित अटल पथ के निर्माण को लेकर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई एक बार फिर विवादों में आ गई है। प्रशासन और पुलिस के जाब्ते ने अटल पथ के प्रस्तावित मार्ग से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू की। कार्रवाई के दौरान कुछ मकानों और दीवारों को हटाया गया, लेकिन हाईकोर्ट के स्टे ऑर्डर की प्रति सामने आने के बाद संबंधित हिस्से में कार्रवाई रोक दी गई। बताया जा रहा है कि अटल पथ का निर्माण जटीयाना सड़क मार्ग से भोमिया मंदिर,पोस्ट ऑफिस, रेलवे फाटक संख्या 87 होते हुए संतदास जी महाराज तक प्रस्तावित है। कस्बे के बीच अतिक्रमण के कारण लंबे समय से निर्माण कार्य प्रभावित बताया जा रहा है। 5 अगस्त को भी पहुंचा था प्रशासन-पुलिस का जाब्ता अटल पथ के अतिक्रमण हटाने को लेकर 5 अगस्त को भी प्रशासन और पुलिस का जाब्ता मौके पर पहुंचा था। उस समय ग्रामीणों का आरोप था कि उस दौरान जिन मकानों पर अतिक्रमण की कार्रवाई की गई, उनके संबंध में ग्राम पंचायत और प्रशासन की ओर से संबंधित परिवारों को नियमानुसार नोटिस नहीं दिए गए थे। ग्रामीणों का कहना है कि नोटिस और उचित प्रक्रिया के अभाव में कार्रवाई आगे नहीं हो सकी।ग्रामीणों ने सवाल उठाया कि यदि अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जानी थी तो संबंधित मकान मालिकों को पहले सूचना और नोटिस देकर अपना पक्ष रखने का अवसर क्यों नहीं दिया गया। उनका कहना है कि प्रशासन को कार्रवाई से पहले राजस्व रिकॉर्ड, सीमांकन और नोटिस की प्रक्रिया स्पष्ट करनी चाहिए थी उसके पश्चात प्रशासन के द्वारा दोबारा से नोटिस जारी किए गए। दोबारा अतिक्रमण हटाने पहुंची टीम ने कार्रवाई शुरू की। इसी दौरान सुखराम चौधरी पुत्र रुगला राम चौधरी निवासी हरसौली ने प्रशासन के समक्ष हाईकोर्ट का स्टे होने की बात कही। करीब एक घंटे बाद उन्होंने न्यायालय के आदेश की प्रति तहसीलदार राजेश शर्मा को सौंपी। आदेश की प्रति मिलने के बाद प्रशासन ने संबंधित स्थान पर कार्रवाई रोक दी। कार्रवाई रुकने के बाद ग्रामीणों में नाराजगी देखी गई। ग्रामीणों का आरोप है कि कार्रवाई की शुरुआत में गरीब परिवारों के मकान और दीवारें तोड़ दी गईं, जबकि बाद में स्टे सामने आने पर कार्रवाई रोक दी गई। ग्रामीणों ने मांग की कि अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई सभी लोगों के साथ समान रूप से और नियमानुसार की जाए, वहीं कुछ ग्रामीणों ने स्वयं ही अतिक्रमण के दायरे में आ रहे मकानों को हटा दिया गया। सड़क पर पत्थर रखकर जताया विरोध कार्रवाई से नाराज ग्रामीणों ने हरसौली सरपंच उमेश चौधरी के साथ सड़क पर पत्थर रखकर विरोध जताया। बताया गया कि अतिक्रमण हटाने के दौरान टूटे मकानों के पत्थर सड़क पर रखे जाने से जटीयाना मार्ग पर आवागमन प्रभावित हुआ। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की कि जिन परिवारों के मकान या दीवारें कार्रवाई में क्षतिग्रस्त हुई हैं, उनके मामले की भी निष्पक्ष जांच कर उचित समाधान किया जाए। प्रशासन से मांगा जवाब ग्रामीणों का कहना है कि अटल पथ का निर्माण क्षेत्र के विकास के लिए महत्वपूर्ण है और वे विकास कार्य के विरोध में नहीं हैं, लेकिन अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया पारदर्शी और नियमों के अनुरूप होनी चाहिए। अब पूरे मामले में यह सवाल उठ रहा है कि 5 अगस्त को जिन स्थानों पर कार्रवाई की गई, वहां नोटिस और सीमांकन की क्या प्रक्रिया अपनाई गई थी। वहीं बुधवार को हाईकोर्ट के स्टे के बाद कार्रवाई रुकने से मामला और संवेदनशील हो गया है। प्रशासन की ओर से इस संबंध में आधिकारिक पक्ष सामने आने के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी। मौके पर तहसीलदार राजेश शर्मा, नायब तहसीलदार वीरेंद्र सेन, सरपंच ओमेश चौधरी, पीडब्ल्यूडी विभाग के सहायक अभियंता अनिल यादव, राकेश यादव, ग्राम विकास अधिकारी राजपाल तथा खैरथल थाना अधिकारी रामकिशन यादव पुलिस जाब्ते के साथ मौजूद रहे। हरसौली तहसीलदार राजेश शर्मा ने बताया कि प्राप्त निर्देशों के अनुसार अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई थी। कार्रवाई के दौरान 2-3 मकानों को हटाया गया। इसी दौरान एक मकान मालिक सुखराम चौधरी पुत्र रुगला राम चौधरी ने हाईकोर्ट के आदेश की प्रति प्रस्तुत की। आदेश की प्रति मिलने के बाद संबंधित स्थान पर कार्रवाई रोक दी गई तथा मामले की जानकारी उच्च अधिकारियों को भेज दी गई है।
    1
    हरसौली में अटल पथ निर्माण के अतिक्रमण पर चला पीला पंजा, स्टे आदेश के बाद कार्यवाही फिर टली 
हरसौली। कस्बे में करीब 2 करोड़ रुपये की लागत से प्रस्तावित अटल पथ के निर्माण को लेकर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई एक बार फिर विवादों में आ गई है। प्रशासन और पुलिस के जाब्ते ने अटल पथ के प्रस्तावित मार्ग से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू की। कार्रवाई के दौरान कुछ मकानों और दीवारों को हटाया गया, लेकिन हाईकोर्ट के स्टे ऑर्डर की प्रति सामने आने के बाद संबंधित हिस्से में कार्रवाई रोक दी गई।
बताया जा रहा है कि अटल पथ का निर्माण जटीयाना सड़क मार्ग से भोमिया मंदिर,पोस्ट ऑफिस, रेलवे फाटक संख्या 87 होते हुए संतदास जी महाराज तक प्रस्तावित है। 
कस्बे के बीच अतिक्रमण के कारण लंबे समय से निर्माण कार्य प्रभावित बताया जा रहा है।
5 अगस्त को भी पहुंचा था प्रशासन-पुलिस का जाब्ता
अटल पथ के अतिक्रमण हटाने को लेकर 5 अगस्त को भी प्रशासन और पुलिस का जाब्ता मौके पर पहुंचा था। उस समय ग्रामीणों का आरोप था कि उस दौरान जिन मकानों पर अतिक्रमण की कार्रवाई की गई, उनके संबंध में ग्राम पंचायत और प्रशासन की ओर से संबंधित परिवारों को नियमानुसार नोटिस नहीं दिए गए थे। ग्रामीणों का कहना है कि नोटिस और उचित प्रक्रिया के अभाव में कार्रवाई आगे नहीं हो सकी।ग्रामीणों ने सवाल उठाया कि यदि अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जानी थी तो संबंधित मकान मालिकों को पहले सूचना और नोटिस देकर अपना पक्ष रखने का अवसर क्यों नहीं दिया गया। उनका कहना है कि प्रशासन को कार्रवाई से पहले राजस्व रिकॉर्ड, सीमांकन और नोटिस की प्रक्रिया स्पष्ट करनी चाहिए थी उसके पश्चात प्रशासन के द्वारा दोबारा से नोटिस जारी किए गए।
दोबारा अतिक्रमण हटाने पहुंची टीम ने कार्रवाई शुरू की। इसी दौरान सुखराम चौधरी पुत्र रुगला राम चौधरी निवासी हरसौली ने प्रशासन के समक्ष हाईकोर्ट का स्टे होने की बात कही। करीब एक घंटे बाद उन्होंने न्यायालय के आदेश की प्रति तहसीलदार राजेश शर्मा को सौंपी। आदेश की प्रति मिलने के बाद प्रशासन ने संबंधित स्थान पर कार्रवाई रोक दी।
कार्रवाई रुकने के बाद ग्रामीणों में नाराजगी देखी गई। 
ग्रामीणों का आरोप है कि कार्रवाई की शुरुआत में गरीब परिवारों के मकान और दीवारें तोड़ दी गईं, जबकि बाद में स्टे सामने आने पर कार्रवाई रोक दी गई। ग्रामीणों ने मांग की कि अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई सभी लोगों के साथ समान रूप से और नियमानुसार की जाए, वहीं कुछ ग्रामीणों ने स्वयं ही अतिक्रमण के दायरे में आ रहे मकानों को हटा दिया गया।
सड़क पर पत्थर रखकर जताया विरोध
कार्रवाई से नाराज ग्रामीणों ने हरसौली सरपंच उमेश चौधरी के साथ सड़क पर पत्थर रखकर विरोध जताया। बताया गया कि अतिक्रमण हटाने के दौरान टूटे मकानों के पत्थर सड़क पर रखे जाने से जटीयाना मार्ग पर आवागमन प्रभावित हुआ। 
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की कि जिन परिवारों के मकान या दीवारें कार्रवाई में क्षतिग्रस्त हुई हैं, उनके मामले की भी निष्पक्ष जांच कर उचित समाधान किया जाए।
प्रशासन से मांगा जवाब
ग्रामीणों का कहना है कि अटल पथ का निर्माण क्षेत्र के विकास के लिए महत्वपूर्ण है और वे विकास कार्य के विरोध में नहीं हैं, लेकिन अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया पारदर्शी और नियमों के अनुरूप होनी चाहिए। 
अब पूरे मामले में यह सवाल उठ रहा है कि 5 अगस्त को जिन स्थानों पर कार्रवाई की गई, वहां नोटिस और सीमांकन की क्या प्रक्रिया अपनाई गई थी। वहीं बुधवार को हाईकोर्ट के स्टे के बाद कार्रवाई रुकने से मामला और संवेदनशील हो गया है। प्रशासन की ओर से इस संबंध में आधिकारिक पक्ष सामने आने के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।
मौके पर तहसीलदार राजेश शर्मा, नायब तहसीलदार वीरेंद्र सेन, सरपंच ओमेश चौधरी, पीडब्ल्यूडी विभाग के सहायक अभियंता अनिल यादव, राकेश यादव, ग्राम विकास अधिकारी राजपाल तथा खैरथल थाना अधिकारी रामकिशन यादव पुलिस जाब्ते के साथ मौजूद रहे।
हरसौली तहसीलदार राजेश शर्मा ने बताया कि प्राप्त निर्देशों के अनुसार अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई थी। कार्रवाई के दौरान 2-3 मकानों को हटाया गया। इसी दौरान एक मकान मालिक सुखराम चौधरी पुत्र रुगला राम चौधरी ने हाईकोर्ट के आदेश की प्रति प्रस्तुत की। आदेश की प्रति मिलने के बाद संबंधित स्थान पर कार्रवाई रोक दी गई तथा मामले की जानकारी उच्च अधिकारियों को भेज दी गई है।
    user_सुनील कान्त गोल्डी
    सुनील कान्त गोल्डी
    रिपोर्टर किशनगढ़ बास, अलवर, राजस्थान•
    10 hrs ago
  • AEN नरेंद्र चौधरी का मुंडावर में भव्य स्वागत, बोले— "जनसमस्याओं का समाधान पहली प्राथमिकता" नरेंद्र चौधरी का मुंडावर PWD में AEN पद पर स्वागत, जनसेवा और विकास कार्यों को बताया प्राथमिकता मुंडावर। सार्वजनिक निर्माण विभाग (PWD) में हाल ही में सहायक अभियंता (AEN) पद पर कार्यभार ग्रहण करने वाले नरेंद्र चौधरी का भव्य स्वागत किया गया। इस अवसर पर भाजपा मंडल जाट बहरोड़ उपाध्यक्ष भीमराज यादव ने नरेंद्र चौधरी को फूल-माला पहनाकर और प्रतीक चिन्ह भेंट कर शुभकामनाएं दीं। पदभार संभालने के बाद नरेंद्र चौधरी ने कहा कि वे अपने पद का उपयोग पूरी निष्ठा के साथ जनता के हित में करेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि क्षेत्र में विभाग से जुड़े विकास कार्यों को गति देना और आमजन की समस्याओं का त्वरित समाधान करना उनकी पहली प्राथमिकता रहेगी। प्रधान पति महेश गुप्ता का मनाया जन्मदिन स्वागत कार्यक्रम के पश्चात भीमराज यादव पंचायत समिति मुंडावर के प्रधान पति महेश गुप्ता के जन्मदिन समारोह में शामिल हुए। उन्होंने महेश गुप्ता को केक खिलाकर जन्मदिन की बधाई दी तथा उनके उत्तम स्वास्थ्य एवं सुखद जीवन की कामना की।
    1
    AEN नरेंद्र चौधरी का मुंडावर में भव्य स्वागत, बोले— "जनसमस्याओं का समाधान पहली प्राथमिकता"

नरेंद्र चौधरी का मुंडावर PWD में AEN पद पर स्वागत, जनसेवा और विकास कार्यों को बताया प्राथमिकता
मुंडावर। सार्वजनिक निर्माण विभाग (PWD) में हाल ही में सहायक अभियंता (AEN) पद पर कार्यभार ग्रहण करने वाले नरेंद्र चौधरी का भव्य स्वागत किया गया। इस अवसर पर भाजपा मंडल जाट बहरोड़ उपाध्यक्ष भीमराज यादव ने नरेंद्र चौधरी को फूल-माला पहनाकर और प्रतीक चिन्ह भेंट कर शुभकामनाएं दीं।
पदभार संभालने के बाद नरेंद्र चौधरी ने कहा कि वे अपने पद का उपयोग पूरी निष्ठा के साथ जनता के हित में करेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि क्षेत्र में विभाग से जुड़े विकास कार्यों को गति देना और आमजन की समस्याओं का त्वरित समाधान करना उनकी पहली प्राथमिकता रहेगी।
प्रधान पति महेश गुप्ता का मनाया जन्मदिन
स्वागत कार्यक्रम के पश्चात भीमराज यादव पंचायत समिति मुंडावर के प्रधान पति महेश गुप्ता के जन्मदिन समारोह में शामिल हुए। उन्होंने महेश गुप्ता को केक खिलाकर जन्मदिन की बधाई दी तथा उनके उत्तम स्वास्थ्य एवं सुखद जीवन की कामना की।
    user_पत्रकार संदीप यादव
    पत्रकार संदीप यादव
    Computer Shop Mandawar, Alwar•
    5 hrs ago
  • Writing आशा सहयोगिनियों ने खत्म किया धरना, नौगांव सीएससी पर जिला अध्यक्ष राजवती ने ली जॉइनिंग अलवर। आशा सहयोगिनी जिला अध्यक्ष राजवती ने नौगांव सीएससी पहुंचकर जॉइनिंग के लिए आवेदन प्रस्तुत किया और आज से ही अपना कार्यभार संभाल लिया। उन्होंने बताया कि आशा सहयोगिनियों की मांगों को लेकर चल रही लड़ाई के बाद मानदेय में 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। राजवती ने कहा कि पहले हर साल मानदेय में बढ़ोतरी मिलती थी, लेकिन इस बार मानदेय घटा दिया गया था। इसी के विरोध में आशा बहनों ने आंदोलन किया। इस संघर्ष के बाद अब 10 प्रतिशत मानदेय बढ़ोतरी का लाभ मिला है। उन्होंने बताया कि रक्षाबंधन के अवसर पर इस बार सरकार की ओर से आशा बहनों को 1,100 रुपये सम्मान राशि भी दी जा रही है। यह सम्मान राशि सभी आशा बहनों को दिए जाने की बात कही गई है। राजवती ने कहा कि इन सकारात्मक निर्णयों के बाद सभी आशा बहनों ने अपना धरना समाप्त कर दिया है और अब अपने-अपने कार्यस्थल पर जॉइनिंग कर कार्यभार संभाल रही हैं। जिला अध्यक्ष राजवती ने स्पष्ट किया कि यदि भविष्य में कोई आशा बहन व्यक्तिगत रूप से धरना या प्रदर्शन करती है, तो उसकी जिम्मेदारी स्वयं संबंधित आशा बहन की होगी। उन्होंने कहा कि आगे होने वाले किसी भी व्यक्तिगत धरना-प्रदर्शन की जिम्मेदारी उनकी नहीं होगी। आशा सहयोगिनियों ने ली जॉइनिंग, मांगों पर जल्द सुनवाई की उम्मीद अलवर। आशा सहयोगिनियों की करीब दो महीने से लगातार चल रही हड़ताल के बाद अब कई आशा बहनों ने अपने-अपने कार्यस्थल पर जॉइनिंग ले ली है। जिला अध्यक्ष राजवती ने बताया कि केंद्रीय मंत्री एवं अलवर सांसद भूपेंद्र यादव की ओर से उनकी मांगों पर जल्द सुनवाई का आश्वासन मिला है। इसी भरोसे के बाद आशा सहयोगिनियों ने जॉइनिंग लेने का निर्णय किया है। जिला अध्यक्ष राजवती ने कहा कि जो आशा बहनें अभी जॉइनिंग नहीं कर पाई हैं, वे भी अपना कार्यभार संभालते हुए जल्द जॉइनिंग करें। उन्होंने कहा कि सरकार से हमारी मांग है कि आशा सहयोगिनियों की समस्याओं और मांगों पर जल्द से जल्द संज्ञान लिया जाए। राजवती ने कहा कि प्रदेश में करीब 55 हजार आशा सहयोगिनियां अपनी सेवाएं दे रही हैं और इनमें से अधिकांश बहनें गरीब परिवारों से आती हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री से भी आग्रह किया कि आशा सहयोगिनियों की मांगों पर गंभीरता से ध्यान देते हुए जल्द समाधान किया जाए। उन्होंने कहा कि आशा बहनों को सरकार से उम्मीद है कि उनकी मांगों पर जल्द सुनवाई होगी और उन्हें राहत मिलेगी।
    2
    Writing
आशा सहयोगिनियों ने खत्म किया धरना, नौगांव सीएससी पर जिला अध्यक्ष राजवती ने ली जॉइनिंग
अलवर। आशा सहयोगिनी जिला अध्यक्ष राजवती ने नौगांव सीएससी पहुंचकर जॉइनिंग के लिए आवेदन प्रस्तुत किया और आज से ही अपना कार्यभार संभाल लिया। उन्होंने बताया कि आशा सहयोगिनियों की मांगों को लेकर चल रही लड़ाई के बाद मानदेय में 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है।
राजवती ने कहा कि पहले हर साल मानदेय में बढ़ोतरी मिलती थी, लेकिन इस बार मानदेय घटा दिया गया था। इसी के विरोध में आशा बहनों ने आंदोलन किया। इस संघर्ष के बाद अब 10 प्रतिशत मानदेय बढ़ोतरी का लाभ मिला है।
उन्होंने बताया कि रक्षाबंधन के अवसर पर इस बार सरकार की ओर से आशा बहनों को 1,100 रुपये सम्मान राशि भी दी जा रही है। यह सम्मान राशि सभी आशा बहनों को दिए जाने की बात कही गई है।
राजवती ने कहा कि इन सकारात्मक निर्णयों के बाद सभी आशा बहनों ने अपना धरना समाप्त कर दिया है और अब अपने-अपने कार्यस्थल पर जॉइनिंग कर कार्यभार संभाल रही हैं।
जिला अध्यक्ष राजवती ने स्पष्ट किया कि यदि भविष्य में कोई आशा बहन व्यक्तिगत रूप से धरना या प्रदर्शन करती है, तो उसकी जिम्मेदारी स्वयं संबंधित आशा बहन की होगी। उन्होंने कहा कि आगे होने वाले किसी भी व्यक्तिगत धरना-प्रदर्शन की जिम्मेदारी उनकी नहीं होगी।
आशा सहयोगिनियों ने ली जॉइनिंग, मांगों पर जल्द सुनवाई की उम्मीद
अलवर। आशा सहयोगिनियों की करीब दो महीने से लगातार चल रही हड़ताल के बाद अब कई आशा बहनों ने अपने-अपने कार्यस्थल पर जॉइनिंग ले ली है। जिला अध्यक्ष राजवती ने बताया कि केंद्रीय मंत्री एवं अलवर सांसद भूपेंद्र यादव की ओर से उनकी मांगों पर जल्द सुनवाई का आश्वासन मिला है। इसी भरोसे के बाद आशा सहयोगिनियों ने जॉइनिंग लेने का निर्णय किया है।
जिला अध्यक्ष राजवती ने कहा कि जो आशा बहनें अभी जॉइनिंग नहीं कर पाई हैं, वे भी अपना कार्यभार संभालते हुए जल्द जॉइनिंग करें। उन्होंने कहा कि सरकार से हमारी मांग है कि आशा सहयोगिनियों की समस्याओं और मांगों पर जल्द से जल्द संज्ञान लिया जाए।
राजवती ने कहा कि प्रदेश में करीब 55 हजार आशा सहयोगिनियां अपनी सेवाएं दे रही हैं और इनमें से अधिकांश बहनें गरीब परिवारों से आती हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री से भी आग्रह किया कि आशा सहयोगिनियों की मांगों पर गंभीरता से ध्यान देते हुए जल्द समाधान किया जाए।
उन्होंने कहा कि आशा बहनों को सरकार से उम्मीद है कि उनकी मांगों पर जल्द सुनवाई होगी और उन्हें राहत मिलेगी।
    user_जितेन्द्र कुमार यादव
    जितेन्द्र कुमार यादव
    Mechanic अलवर, अलवर, राजस्थान•
    3 hrs ago
  • त्योहारों से पहले कोटपूतली-बहरोड़ में खाद्य सुरक्षा विभाग का विशेष अभियान पावटा में 25 किलो पुरानी-दूषित मिठाइयां नष्ट, बेकरी और मिष्ठान भंडारों को जारी किए इम्प्रूवमेंट नोटिस कोटपूतली-बहरोड़, 20 अगस्त। त्योहारों के सीजन को देखते हुए जिला कलेक्टर के निर्देश पर जिले में खाद्य पदार्थों में मिलावट रोकने के लिए खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में बुधवार को खाद्य सुरक्षा टीम ने पावटा और गांव दादूका में कई प्रतिष्ठानों का निरीक्षण कर नमूने लिए और नियमों की अनदेखी पर कार्रवाई की। खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने पावटा में मैसर्स शिवम बेकरी रसगुल्ला भंडार से रसगुल्ला, मैसर्स जोधपुर मिष्ठान भंडार से मलाई बर्फी और मिल्क केक तथा मिश्री मावा के नमूने लिए। निरीक्षण के दौरान प्रतिष्ठानों में साफ-सफाई संतोषजनक नहीं पाई गई। इस पर संबंधित मिष्ठान भंडारों को खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 के तहत इम्प्रूवमेंट नोटिस जारी किए गए। जांच के दौरान 25 किलोग्राम पुरानी और दूषित मिठाइयां भी मिलीं, जिन्हें टीम ने मौके पर ही नष्ट करवा दिया। वहीं गांव दादूका, कोटपूतली में तेल मिल की शिकायत पर कार्रवाई करते हुए टीम ने मैसर्स रोशन किराणा स्टोर से तेल और मैसर्स सैनी मिष्ठान भंडार एवं मैसर्स श्री बालाजी डेयरी प्रोडक्ट्स से मिल्क केक के नमूने एकत्र किए। निरीक्षण में गांव दादूका स्थित तेल मिल में साफ-सफाई नहीं मिली। साथ ही मैसर्स रोशन किराणा स्टोर के पास खाद्य अनुज्ञा-पत्र या खाद्य रजिस्ट्रेशन प्रमाण पत्र नहीं पाया गया। खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने फर्म को शीघ्र पंजीयन करवाने और परिसर में साफ-सफाई रखने के निर्देश दिए। इस संबंध में खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत इम्प्रूवमेंट नोटिस भी दिया गया। खाद्य सुरक्षा विभाग ने बताया कि सभी नमूनों की जांच रिपोर्ट आने के बाद खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। विभाग ने सभी खाद्य कारोबारियों से अपील की है कि जिनके पास खाद्य अनुज्ञा-पत्र या रजिस्ट्रेशन नहीं है वे शीघ्र पंजीयन कराएं। बिना पंजीयन के कारोबार करते पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। आमजन से भी अपील की गई है कि यदि कहीं खाद्य पदार्थों में मिलावट या खराब गुणवत्ता की शिकायत मिले तो तुरंत खाद्य सुरक्षा विभाग को सूचित करें। कार्रवाई के दौरान खाद्य सुरक्षा अधिकारी शशिकांत शर्मा, नेहा शर्मा और राज सिंह चौहान सहित टीम के अन्य सदस्य मौजूद रहे।
    1
    त्योहारों से पहले कोटपूतली-बहरोड़ में खाद्य सुरक्षा विभाग का विशेष अभियान
पावटा में 25 किलो पुरानी-दूषित मिठाइयां नष्ट, बेकरी और मिष्ठान भंडारों को जारी किए इम्प्रूवमेंट नोटिस
कोटपूतली-बहरोड़, 20 अगस्त। त्योहारों के सीजन को देखते हुए जिला कलेक्टर के निर्देश पर जिले में खाद्य पदार्थों में मिलावट रोकने के लिए खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में बुधवार को खाद्य सुरक्षा टीम ने पावटा और गांव दादूका में कई प्रतिष्ठानों का निरीक्षण कर नमूने लिए और नियमों की अनदेखी पर कार्रवाई की।
खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने पावटा में मैसर्स शिवम बेकरी रसगुल्ला भंडार से रसगुल्ला, मैसर्स जोधपुर मिष्ठान भंडार से मलाई बर्फी और मिल्क केक तथा मिश्री मावा के नमूने लिए। निरीक्षण के दौरान प्रतिष्ठानों में साफ-सफाई संतोषजनक नहीं पाई गई। इस पर संबंधित मिष्ठान भंडारों को खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 के तहत इम्प्रूवमेंट नोटिस जारी किए गए। जांच के दौरान 25 किलोग्राम पुरानी और दूषित मिठाइयां भी मिलीं, जिन्हें टीम ने मौके पर ही नष्ट करवा दिया।
वहीं गांव दादूका, कोटपूतली में तेल मिल की शिकायत पर कार्रवाई करते हुए टीम ने मैसर्स रोशन किराणा स्टोर से तेल और मैसर्स सैनी मिष्ठान भंडार एवं मैसर्स श्री बालाजी डेयरी प्रोडक्ट्स से मिल्क केक के नमूने एकत्र किए। निरीक्षण में गांव दादूका स्थित तेल मिल में साफ-सफाई नहीं मिली। साथ ही मैसर्स रोशन किराणा स्टोर के पास खाद्य अनुज्ञा-पत्र या खाद्य रजिस्ट्रेशन प्रमाण पत्र नहीं पाया गया। खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने फर्म को शीघ्र पंजीयन करवाने और परिसर में साफ-सफाई रखने के निर्देश दिए। इस संबंध में खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत इम्प्रूवमेंट नोटिस भी दिया गया।
खाद्य सुरक्षा विभाग ने बताया कि सभी नमूनों की जांच रिपोर्ट आने के बाद खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। विभाग ने सभी खाद्य कारोबारियों से अपील की है कि जिनके पास खाद्य अनुज्ञा-पत्र या रजिस्ट्रेशन नहीं है वे शीघ्र पंजीयन कराएं। बिना पंजीयन के कारोबार करते पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
आमजन से भी अपील की गई है कि यदि कहीं खाद्य पदार्थों में मिलावट या खराब गुणवत्ता की शिकायत मिले तो तुरंत खाद्य सुरक्षा विभाग को सूचित करें। कार्रवाई के दौरान खाद्य सुरक्षा अधिकारी शशिकांत शर्मा, नेहा शर्मा और राज सिंह चौहान सहित टीम के अन्य सदस्य मौजूद रहे।
    user_Sandeep Kumar Gupta
    Sandeep Kumar Gupta
    Bansur•
    8 hrs ago
  • रूपवास में अपनी मांगों को लेकर आशा वर्करों का धरना जारी है। लंबे समय से अपनी आवाज उठा रहीं महिलाओं का कहना है कि अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से गुहार के बावजूद उनकी समस्याओं पर ध्यान नहीं दिया गया। अब अनिश्चितकालीन धरने के जरिए वे अपनी आवाज जिम्मेदारों तक पहुंचाने की कोशिश कर रही हैं।
    1
    रूपवास में अपनी मांगों को लेकर आशा वर्करों का धरना जारी है। लंबे समय से अपनी आवाज उठा रहीं महिलाओं का कहना है कि अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से गुहार के बावजूद उनकी समस्याओं पर ध्यान नहीं दिया गया। अब अनिश्चितकालीन धरने के जरिए वे अपनी आवाज जिम्मेदारों तक पहुंचाने की कोशिश कर रही हैं।
    user_Voice of Labour
    Voice of Labour
    Alwar, Rajasthan•
    19 hrs ago
  • अमूल्य वोट: आपका वोट बहुत कीमती है और देश या क्षेत्र के भविष्य को तय करता है।
    1
    अमूल्य वोट: आपका वोट बहुत कीमती है और देश या क्षेत्र के भविष्य को तय करता है।
    user_NEWS BANSUR
    NEWS BANSUR
    Graphic designer बानसूर, अलवर, राजस्थान•
    4 hrs ago
  • बैंसी गांव में विकास कार्यों का सरपंच ने लिया जायजा, गुणवत्ता पर जोर नूंह जिला के गांव बैंसी के सरपंच संजय खान ने गांव में चल रहे विकास कार्यों का मौके पर पहुंचकर जायजा लिया। उन्होंने बताया कि गांव में एक जगह बिजली से जुड़ा काम चल रहा है, जबकि दूसरी जगह नाली निर्माण का कार्य जारी है। सरपंच ने कहा कि सभी विकास कार्य गुणवत्ता के साथ समय पर पूरे हों, यही उनकी प्राथमिकता है। ग्रामवासियों के सहयोग से गांव में विकास कार्य लगातार जारी रहेंगे।
    1
    बैंसी गांव में विकास कार्यों का सरपंच ने लिया जायजा, गुणवत्ता पर जोर
नूंह जिला के गांव बैंसी के सरपंच संजय खान ने गांव में चल रहे विकास कार्यों का मौके पर पहुंचकर जायजा लिया। उन्होंने बताया कि गांव में एक जगह बिजली से जुड़ा काम चल रहा है, जबकि दूसरी जगह नाली निर्माण का कार्य जारी है। सरपंच ने कहा कि सभी विकास कार्य गुणवत्ता के साथ समय पर पूरे हों, यही उनकी प्राथमिकता है। ग्रामवासियों के सहयोग से गांव में विकास कार्य लगातार जारी रहेंगे।
    user_Mk
    Mk
    नूंह, नूंह, हरियाणा•
    16 hrs ago
  • अमित शाह की रैली से पहले ऐसा क्या हुआ कि इस शख्स को पुलिस द्वारा डिटेन करना पड़ा के
    1
    अमित शाह की रैली से पहले ऐसा क्या हुआ कि इस शख्स को पुलिस द्वारा डिटेन करना पड़ा के
    user_सुनील कान्त गोल्डी
    सुनील कान्त गोल्डी
    रिपोर्टर किशनगढ़ बास, अलवर, राजस्थान•
    17 hrs ago
View latest news on Shuru App
Download_Android
  • Terms & Conditions
  • Career
  • Privacy Policy
  • Blogs
Shuru, a product of Close App Private Limited.