Writing आशा सहयोगिनियों ने खत्म किया धरना, नौगांव सीएससी पर जिला अध्यक्ष राजवती ने ली जॉइनिंग अलवर। आशा सहयोगिनी जिला अध्यक्ष राजवती ने नौगांव सीएससी पहुंचकर जॉइनिंग के लिए आवेदन प्रस्तुत किया और आज से ही अपना कार्यभार संभाल लिया। उन्होंने बताया कि आशा सहयोगिनियों की मांगों को लेकर चल रही लड़ाई के बाद मानदेय में 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। राजवती ने कहा कि पहले हर साल मानदेय में बढ़ोतरी मिलती थी, लेकिन इस बार मानदेय घटा दिया गया था। इसी के विरोध में आशा बहनों ने आंदोलन किया। इस संघर्ष के बाद अब 10 प्रतिशत मानदेय बढ़ोतरी का लाभ मिला है। उन्होंने बताया कि रक्षाबंधन के अवसर पर इस बार सरकार की ओर से आशा बहनों को 1,100 रुपये सम्मान राशि भी दी जा रही है। यह सम्मान राशि सभी आशा बहनों को दिए जाने की बात कही गई है। राजवती ने कहा कि इन सकारात्मक निर्णयों के बाद सभी आशा बहनों ने अपना धरना समाप्त कर दिया है और अब अपने-अपने कार्यस्थल पर जॉइनिंग कर कार्यभार संभाल रही हैं। जिला अध्यक्ष राजवती ने स्पष्ट किया कि यदि भविष्य में कोई आशा बहन व्यक्तिगत रूप से धरना या प्रदर्शन करती है, तो उसकी जिम्मेदारी स्वयं संबंधित आशा बहन की होगी। उन्होंने कहा कि आगे होने वाले किसी भी व्यक्तिगत धरना-प्रदर्शन की जिम्मेदारी उनकी नहीं होगी। आशा सहयोगिनियों ने ली जॉइनिंग, मांगों पर जल्द सुनवाई की उम्मीद अलवर। आशा सहयोगिनियों की करीब दो महीने से लगातार चल रही हड़ताल के बाद अब कई आशा बहनों ने अपने-अपने कार्यस्थल पर जॉइनिंग ले ली है। जिला अध्यक्ष राजवती ने बताया कि केंद्रीय मंत्री एवं अलवर सांसद भूपेंद्र यादव की ओर से उनकी मांगों पर जल्द सुनवाई का आश्वासन मिला है। इसी भरोसे के बाद आशा सहयोगिनियों ने जॉइनिंग लेने का निर्णय किया है। जिला अध्यक्ष राजवती ने कहा कि जो आशा बहनें अभी जॉइनिंग नहीं कर पाई हैं, वे भी अपना कार्यभार संभालते हुए जल्द जॉइनिंग करें। उन्होंने कहा कि सरकार से हमारी मांग है कि आशा सहयोगिनियों की समस्याओं और मांगों पर जल्द से जल्द संज्ञान लिया जाए। राजवती ने कहा कि प्रदेश में करीब 55 हजार आशा सहयोगिनियां अपनी सेवाएं दे रही हैं और इनमें से अधिकांश बहनें गरीब परिवारों से आती हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री से भी आग्रह किया कि आशा सहयोगिनियों की मांगों पर गंभीरता से ध्यान देते हुए जल्द समाधान किया जाए। उन्होंने कहा कि आशा बहनों को सरकार से उम्मीद है कि उनकी मांगों पर जल्द सुनवाई होगी और उन्हें राहत मिलेगी।
Writing आशा सहयोगिनियों ने खत्म किया धरना, नौगांव सीएससी पर जिला अध्यक्ष राजवती ने ली जॉइनिंग अलवर। आशा सहयोगिनी जिला अध्यक्ष राजवती ने नौगांव सीएससी पहुंचकर जॉइनिंग के लिए आवेदन प्रस्तुत किया और आज से ही अपना कार्यभार संभाल लिया। उन्होंने बताया कि आशा सहयोगिनियों की मांगों को लेकर चल रही लड़ाई के बाद मानदेय में 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। राजवती ने कहा कि पहले हर साल मानदेय में बढ़ोतरी मिलती थी, लेकिन इस बार मानदेय घटा दिया गया था। इसी के विरोध में आशा बहनों ने आंदोलन किया। इस संघर्ष के बाद अब 10 प्रतिशत मानदेय बढ़ोतरी का लाभ मिला है। उन्होंने बताया कि रक्षाबंधन के अवसर पर इस बार सरकार की ओर से आशा बहनों को 1,100 रुपये सम्मान राशि भी दी जा रही है। यह सम्मान राशि सभी आशा बहनों को दिए जाने की बात कही गई है। राजवती ने कहा कि इन सकारात्मक निर्णयों के बाद सभी आशा बहनों ने अपना धरना समाप्त कर दिया है और अब अपने-अपने कार्यस्थल पर जॉइनिंग कर कार्यभार संभाल रही हैं। जिला अध्यक्ष राजवती ने स्पष्ट किया कि यदि भविष्य में कोई आशा बहन व्यक्तिगत रूप से धरना या प्रदर्शन करती है, तो उसकी जिम्मेदारी स्वयं संबंधित आशा बहन की होगी। उन्होंने
कहा कि आगे होने वाले किसी भी व्यक्तिगत धरना-प्रदर्शन की जिम्मेदारी उनकी नहीं होगी। आशा सहयोगिनियों ने ली जॉइनिंग, मांगों पर जल्द सुनवाई की उम्मीद अलवर। आशा सहयोगिनियों की करीब दो महीने से लगातार चल रही हड़ताल के बाद अब कई आशा बहनों ने अपने-अपने कार्यस्थल पर जॉइनिंग ले ली है। जिला अध्यक्ष राजवती ने बताया कि केंद्रीय मंत्री एवं अलवर सांसद भूपेंद्र यादव की ओर से उनकी मांगों पर जल्द सुनवाई का आश्वासन मिला है। इसी भरोसे के बाद आशा सहयोगिनियों ने जॉइनिंग लेने का निर्णय किया है। जिला अध्यक्ष राजवती ने कहा कि जो आशा बहनें अभी जॉइनिंग नहीं कर पाई हैं, वे भी अपना कार्यभार संभालते हुए जल्द जॉइनिंग करें। उन्होंने कहा कि सरकार से हमारी मांग है कि आशा सहयोगिनियों की समस्याओं और मांगों पर जल्द से जल्द संज्ञान लिया जाए। राजवती ने कहा कि प्रदेश में करीब 55 हजार आशा सहयोगिनियां अपनी सेवाएं दे रही हैं और इनमें से अधिकांश बहनें गरीब परिवारों से आती हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री से भी आग्रह किया कि आशा सहयोगिनियों की मांगों पर गंभीरता से ध्यान देते हुए जल्द समाधान किया जाए। उन्होंने कहा कि आशा बहनों को सरकार से उम्मीद है कि उनकी मांगों पर जल्द सुनवाई होगी और उन्हें राहत मिलेगी।
- Writing आशा सहयोगिनियों ने खत्म किया धरना, नौगांव सीएससी पर जिला अध्यक्ष राजवती ने ली जॉइनिंग अलवर। आशा सहयोगिनी जिला अध्यक्ष राजवती ने नौगांव सीएससी पहुंचकर जॉइनिंग के लिए आवेदन प्रस्तुत किया और आज से ही अपना कार्यभार संभाल लिया। उन्होंने बताया कि आशा सहयोगिनियों की मांगों को लेकर चल रही लड़ाई के बाद मानदेय में 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। राजवती ने कहा कि पहले हर साल मानदेय में बढ़ोतरी मिलती थी, लेकिन इस बार मानदेय घटा दिया गया था। इसी के विरोध में आशा बहनों ने आंदोलन किया। इस संघर्ष के बाद अब 10 प्रतिशत मानदेय बढ़ोतरी का लाभ मिला है। उन्होंने बताया कि रक्षाबंधन के अवसर पर इस बार सरकार की ओर से आशा बहनों को 1,100 रुपये सम्मान राशि भी दी जा रही है। यह सम्मान राशि सभी आशा बहनों को दिए जाने की बात कही गई है। राजवती ने कहा कि इन सकारात्मक निर्णयों के बाद सभी आशा बहनों ने अपना धरना समाप्त कर दिया है और अब अपने-अपने कार्यस्थल पर जॉइनिंग कर कार्यभार संभाल रही हैं। जिला अध्यक्ष राजवती ने स्पष्ट किया कि यदि भविष्य में कोई आशा बहन व्यक्तिगत रूप से धरना या प्रदर्शन करती है, तो उसकी जिम्मेदारी स्वयं संबंधित आशा बहन की होगी। उन्होंने कहा कि आगे होने वाले किसी भी व्यक्तिगत धरना-प्रदर्शन की जिम्मेदारी उनकी नहीं होगी। आशा सहयोगिनियों ने ली जॉइनिंग, मांगों पर जल्द सुनवाई की उम्मीद अलवर। आशा सहयोगिनियों की करीब दो महीने से लगातार चल रही हड़ताल के बाद अब कई आशा बहनों ने अपने-अपने कार्यस्थल पर जॉइनिंग ले ली है। जिला अध्यक्ष राजवती ने बताया कि केंद्रीय मंत्री एवं अलवर सांसद भूपेंद्र यादव की ओर से उनकी मांगों पर जल्द सुनवाई का आश्वासन मिला है। इसी भरोसे के बाद आशा सहयोगिनियों ने जॉइनिंग लेने का निर्णय किया है। जिला अध्यक्ष राजवती ने कहा कि जो आशा बहनें अभी जॉइनिंग नहीं कर पाई हैं, वे भी अपना कार्यभार संभालते हुए जल्द जॉइनिंग करें। उन्होंने कहा कि सरकार से हमारी मांग है कि आशा सहयोगिनियों की समस्याओं और मांगों पर जल्द से जल्द संज्ञान लिया जाए। राजवती ने कहा कि प्रदेश में करीब 55 हजार आशा सहयोगिनियां अपनी सेवाएं दे रही हैं और इनमें से अधिकांश बहनें गरीब परिवारों से आती हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री से भी आग्रह किया कि आशा सहयोगिनियों की मांगों पर गंभीरता से ध्यान देते हुए जल्द समाधान किया जाए। उन्होंने कहा कि आशा बहनों को सरकार से उम्मीद है कि उनकी मांगों पर जल्द सुनवाई होगी और उन्हें राहत मिलेगी।2
- रूपवास में अपनी मांगों को लेकर आशा वर्करों का धरना जारी है। लंबे समय से अपनी आवाज उठा रहीं महिलाओं का कहना है कि अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से गुहार के बावजूद उनकी समस्याओं पर ध्यान नहीं दिया गया। अब अनिश्चितकालीन धरने के जरिए वे अपनी आवाज जिम्मेदारों तक पहुंचाने की कोशिश कर रही हैं।1
- अमूल्य वोट: आपका वोट बहुत कीमती है और देश या क्षेत्र के भविष्य को तय करता है।1
- AEN नरेंद्र चौधरी का मुंडावर में भव्य स्वागत, बोले— "जनसमस्याओं का समाधान पहली प्राथमिकता" नरेंद्र चौधरी का मुंडावर PWD में AEN पद पर स्वागत, जनसेवा और विकास कार्यों को बताया प्राथमिकता मुंडावर। सार्वजनिक निर्माण विभाग (PWD) में हाल ही में सहायक अभियंता (AEN) पद पर कार्यभार ग्रहण करने वाले नरेंद्र चौधरी का भव्य स्वागत किया गया। इस अवसर पर भाजपा मंडल जाट बहरोड़ उपाध्यक्ष भीमराज यादव ने नरेंद्र चौधरी को फूल-माला पहनाकर और प्रतीक चिन्ह भेंट कर शुभकामनाएं दीं। पदभार संभालने के बाद नरेंद्र चौधरी ने कहा कि वे अपने पद का उपयोग पूरी निष्ठा के साथ जनता के हित में करेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि क्षेत्र में विभाग से जुड़े विकास कार्यों को गति देना और आमजन की समस्याओं का त्वरित समाधान करना उनकी पहली प्राथमिकता रहेगी। प्रधान पति महेश गुप्ता का मनाया जन्मदिन स्वागत कार्यक्रम के पश्चात भीमराज यादव पंचायत समिति मुंडावर के प्रधान पति महेश गुप्ता के जन्मदिन समारोह में शामिल हुए। उन्होंने महेश गुप्ता को केक खिलाकर जन्मदिन की बधाई दी तथा उनके उत्तम स्वास्थ्य एवं सुखद जीवन की कामना की।1
- राष्ट्रीय लोक अदालत के सफल आयोजन हेतु आयोजित हुई मिटिंग सचिव ताल्लुका विधिक सेवा समिति, राजगढ़ श्रीमती भाग्यश्री मीणा ने बताया कि दिनांक 12.09.2026 को इस वर्ष की तृतीय राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजिन किया जायेगा। उक्त लोक अदालत के सफल आयोजन हेतु आज दिनांक 20.08.2026 को डॉ लेखपाल शर्मा अध्यक्ष तालुका विधिक सेवा समिति, राजगढ़ की अध्यक्षता में बैंको, बीएसएनएल, पुलिस विभाग के अधिकारियों व बैंक के अधिवक्तागण के साथ एक मिटिंग का आयोजन किया गया। उक्त मिटिंग में तालुका मुख्यालय स्थित न्यायालयों में लंबित बैंकों के सिविल व 138 एनआईएक्ट के अधिक से अधिक प्रकरणों को जरिये राजीनामे से निस्तारित करने के प्रयास व अधिकाधिक संख्या में प्री-लिटिगेशन प्रकरणों को चिन्हित करने व उनके निस्तारण के प्रयास किये जाने हेतु कहा। उक्त मिटिंग में बैंकों के अधिकारीगण को बताया कि न्यायालयों में लंबित बैंकों से संबंधित प्रकरणों के लिए प्री-काउंसलिंग का आयोजन किया जायेगा। जिनमें उपस्थित होकर अधिक से अधिक प्रकरणों के निस्तारण के प्रयास किये जावे। इसी क्रम में न्यायाधीश लेखपाल शर्मा ने बैंको के सभी अधिकारीगण, पुलिस विभाग के अधिकारीगण एवं सभी अधिवक्तागण को निर्देशित किया कि उक्त लोक अदालत को सफल बनाये जाने हेतु भ्रसक प्रयास किये जावे । इसी कम में तालुका सचिव भाग्यश्री मीणा ने बताया कि दिनांक 12.09.2026 को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत के सफल कियान्वयन हेतु डोर स्टेप प्री-काउन्सलिंग एवं मेगा विधिक चेतना / जागरूकता शिविर का आयोजन दिनांक 24.08.2026 व दिनांक 25.08.2026 पंचायत समिति क्षेत्र व तहसील परिसर राजगढ़ में किया जायेगा जिस हेतु गठित टीम के सदस्यों द्वारा प्री-काउसंलिंग के माध्यम राजीनामा के सफल प्रयास किये जायेगें।4
- त्योहारों से पहले कोटपूतली-बहरोड़ में खाद्य सुरक्षा विभाग का विशेष अभियान पावटा में 25 किलो पुरानी-दूषित मिठाइयां नष्ट, बेकरी और मिष्ठान भंडारों को जारी किए इम्प्रूवमेंट नोटिस कोटपूतली-बहरोड़, 20 अगस्त। त्योहारों के सीजन को देखते हुए जिला कलेक्टर के निर्देश पर जिले में खाद्य पदार्थों में मिलावट रोकने के लिए खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में बुधवार को खाद्य सुरक्षा टीम ने पावटा और गांव दादूका में कई प्रतिष्ठानों का निरीक्षण कर नमूने लिए और नियमों की अनदेखी पर कार्रवाई की। खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने पावटा में मैसर्स शिवम बेकरी रसगुल्ला भंडार से रसगुल्ला, मैसर्स जोधपुर मिष्ठान भंडार से मलाई बर्फी और मिल्क केक तथा मिश्री मावा के नमूने लिए। निरीक्षण के दौरान प्रतिष्ठानों में साफ-सफाई संतोषजनक नहीं पाई गई। इस पर संबंधित मिष्ठान भंडारों को खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 के तहत इम्प्रूवमेंट नोटिस जारी किए गए। जांच के दौरान 25 किलोग्राम पुरानी और दूषित मिठाइयां भी मिलीं, जिन्हें टीम ने मौके पर ही नष्ट करवा दिया। वहीं गांव दादूका, कोटपूतली में तेल मिल की शिकायत पर कार्रवाई करते हुए टीम ने मैसर्स रोशन किराणा स्टोर से तेल और मैसर्स सैनी मिष्ठान भंडार एवं मैसर्स श्री बालाजी डेयरी प्रोडक्ट्स से मिल्क केक के नमूने एकत्र किए। निरीक्षण में गांव दादूका स्थित तेल मिल में साफ-सफाई नहीं मिली। साथ ही मैसर्स रोशन किराणा स्टोर के पास खाद्य अनुज्ञा-पत्र या खाद्य रजिस्ट्रेशन प्रमाण पत्र नहीं पाया गया। खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने फर्म को शीघ्र पंजीयन करवाने और परिसर में साफ-सफाई रखने के निर्देश दिए। इस संबंध में खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत इम्प्रूवमेंट नोटिस भी दिया गया। खाद्य सुरक्षा विभाग ने बताया कि सभी नमूनों की जांच रिपोर्ट आने के बाद खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। विभाग ने सभी खाद्य कारोबारियों से अपील की है कि जिनके पास खाद्य अनुज्ञा-पत्र या रजिस्ट्रेशन नहीं है वे शीघ्र पंजीयन कराएं। बिना पंजीयन के कारोबार करते पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। आमजन से भी अपील की गई है कि यदि कहीं खाद्य पदार्थों में मिलावट या खराब गुणवत्ता की शिकायत मिले तो तुरंत खाद्य सुरक्षा विभाग को सूचित करें। कार्रवाई के दौरान खाद्य सुरक्षा अधिकारी शशिकांत शर्मा, नेहा शर्मा और राज सिंह चौहान सहित टीम के अन्य सदस्य मौजूद रहे।1
- हरसौली में अटल पथ निर्माण के अतिक्रमण पर चला पीला पंजा, स्टे आदेश के बाद कार्यवाही फिर टली हरसौली। कस्बे में करीब 2 करोड़ रुपये की लागत से प्रस्तावित अटल पथ के निर्माण को लेकर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई एक बार फिर विवादों में आ गई है। प्रशासन और पुलिस के जाब्ते ने अटल पथ के प्रस्तावित मार्ग से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू की। कार्रवाई के दौरान कुछ मकानों और दीवारों को हटाया गया, लेकिन हाईकोर्ट के स्टे ऑर्डर की प्रति सामने आने के बाद संबंधित हिस्से में कार्रवाई रोक दी गई। बताया जा रहा है कि अटल पथ का निर्माण जटीयाना सड़क मार्ग से भोमिया मंदिर,पोस्ट ऑफिस, रेलवे फाटक संख्या 87 होते हुए संतदास जी महाराज तक प्रस्तावित है। कस्बे के बीच अतिक्रमण के कारण लंबे समय से निर्माण कार्य प्रभावित बताया जा रहा है। 5 अगस्त को भी पहुंचा था प्रशासन-पुलिस का जाब्ता अटल पथ के अतिक्रमण हटाने को लेकर 5 अगस्त को भी प्रशासन और पुलिस का जाब्ता मौके पर पहुंचा था। उस समय ग्रामीणों का आरोप था कि उस दौरान जिन मकानों पर अतिक्रमण की कार्रवाई की गई, उनके संबंध में ग्राम पंचायत और प्रशासन की ओर से संबंधित परिवारों को नियमानुसार नोटिस नहीं दिए गए थे। ग्रामीणों का कहना है कि नोटिस और उचित प्रक्रिया के अभाव में कार्रवाई आगे नहीं हो सकी।ग्रामीणों ने सवाल उठाया कि यदि अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जानी थी तो संबंधित मकान मालिकों को पहले सूचना और नोटिस देकर अपना पक्ष रखने का अवसर क्यों नहीं दिया गया। उनका कहना है कि प्रशासन को कार्रवाई से पहले राजस्व रिकॉर्ड, सीमांकन और नोटिस की प्रक्रिया स्पष्ट करनी चाहिए थी उसके पश्चात प्रशासन के द्वारा दोबारा से नोटिस जारी किए गए। दोबारा अतिक्रमण हटाने पहुंची टीम ने कार्रवाई शुरू की। इसी दौरान सुखराम चौधरी पुत्र रुगला राम चौधरी निवासी हरसौली ने प्रशासन के समक्ष हाईकोर्ट का स्टे होने की बात कही। करीब एक घंटे बाद उन्होंने न्यायालय के आदेश की प्रति तहसीलदार राजेश शर्मा को सौंपी। आदेश की प्रति मिलने के बाद प्रशासन ने संबंधित स्थान पर कार्रवाई रोक दी। कार्रवाई रुकने के बाद ग्रामीणों में नाराजगी देखी गई। ग्रामीणों का आरोप है कि कार्रवाई की शुरुआत में गरीब परिवारों के मकान और दीवारें तोड़ दी गईं, जबकि बाद में स्टे सामने आने पर कार्रवाई रोक दी गई। ग्रामीणों ने मांग की कि अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई सभी लोगों के साथ समान रूप से और नियमानुसार की जाए, वहीं कुछ ग्रामीणों ने स्वयं ही अतिक्रमण के दायरे में आ रहे मकानों को हटा दिया गया। सड़क पर पत्थर रखकर जताया विरोध कार्रवाई से नाराज ग्रामीणों ने हरसौली सरपंच उमेश चौधरी के साथ सड़क पर पत्थर रखकर विरोध जताया। बताया गया कि अतिक्रमण हटाने के दौरान टूटे मकानों के पत्थर सड़क पर रखे जाने से जटीयाना मार्ग पर आवागमन प्रभावित हुआ। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की कि जिन परिवारों के मकान या दीवारें कार्रवाई में क्षतिग्रस्त हुई हैं, उनके मामले की भी निष्पक्ष जांच कर उचित समाधान किया जाए। प्रशासन से मांगा जवाब ग्रामीणों का कहना है कि अटल पथ का निर्माण क्षेत्र के विकास के लिए महत्वपूर्ण है और वे विकास कार्य के विरोध में नहीं हैं, लेकिन अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया पारदर्शी और नियमों के अनुरूप होनी चाहिए। अब पूरे मामले में यह सवाल उठ रहा है कि 5 अगस्त को जिन स्थानों पर कार्रवाई की गई, वहां नोटिस और सीमांकन की क्या प्रक्रिया अपनाई गई थी। वहीं बुधवार को हाईकोर्ट के स्टे के बाद कार्रवाई रुकने से मामला और संवेदनशील हो गया है। प्रशासन की ओर से इस संबंध में आधिकारिक पक्ष सामने आने के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी। मौके पर तहसीलदार राजेश शर्मा, नायब तहसीलदार वीरेंद्र सेन, सरपंच ओमेश चौधरी, पीडब्ल्यूडी विभाग के सहायक अभियंता अनिल यादव, राकेश यादव, ग्राम विकास अधिकारी राजपाल तथा खैरथल थाना अधिकारी रामकिशन यादव पुलिस जाब्ते के साथ मौजूद रहे। हरसौली तहसीलदार राजेश शर्मा ने बताया कि प्राप्त निर्देशों के अनुसार अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई थी। कार्रवाई के दौरान 2-3 मकानों को हटाया गया। इसी दौरान एक मकान मालिक सुखराम चौधरी पुत्र रुगला राम चौधरी ने हाईकोर्ट के आदेश की प्रति प्रस्तुत की। आदेश की प्रति मिलने के बाद संबंधित स्थान पर कार्रवाई रोक दी गई तथा मामले की जानकारी उच्च अधिकारियों को भेज दी गई है।1
- कोटपूतली-बहरोड़ में नगरीय निकाय चुनाव की तैयारियां शुरू, कलेक्टर ने राजनैतिक दलों के साथ की बैठक 3 लाख 7 हजार मतदाता करेंगे वोट, 9 और 11 सितंबर को सदस्य पदों के लिए मतदान, आदर्श आचार संहिता लागू नगरीय निकाय आम चुनाव-2026 के कार्यक्रम की घोषणा के बाद जिला निर्वाचन अधिकारी एवं कलेक्टर अपर्णा गुप्ता ने गुरुवार को जिले के राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर निर्वाचन प्रक्रिया से संबंधित जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि चुनाव को सरल, पारदर्शी, स्वतंत्र, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए सभी राजनीतिक दलों का सहयोग आवश्यक है। बैठक में इंडियन नेशनल कांग्रेस के जिला अध्यक्ष इन्द्राज गुर्जर, ब्लॉक अध्यक्ष सतीश निमोरिया, कांग्रेस सेवादल के जिला अध्यक्ष रघुवीर सिंह यादव, राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के जिला अध्यक्ष देशराज पायला सहित हनुमान प्रसाद सैनी, रमेश कुमार जिंदल, जगमाल सिंह यादव, मुनानुद्दीन कुरैशी, उदय तोदवाल, वी.के. नवल और जिला पुलिस अधीक्षक सतवीर सिंह मौजूद रहे। जिला निर्वाचन अधिकारी ने सभी दलों से राज्य निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों और आदर्श आचार संहिता की पूर्ण पालना सुनिश्चित करने की अपील की। उन्होंने कहा कि चुनाव प्रचार के दौरान मर्यादित आचरण अपनाया जाए और सभाओं, जुलूसों तथा प्रचार गतिविधियों के लिए निर्धारित नियमों व अनुमति के प्रावधानों का पालन किया जाए। राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने भी निर्वाचन प्रक्रिया से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा कर आवश्यक सुझाव दिए। जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि जिले की 9 नगरीय निकायों के 325 वार्डों में लगभग 3 लाख 7 हजार 720 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। इसमें 1 लाख 60 हजार 697 पुरुष और 1 लाख 47 हजार 18 महिला मतदाता शामिल हैं। जिले में कुल 388 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। चुनाव इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन के माध्यम से होंगे। इसके लिए राज्य निर्वाचन आयोग राजस्थान और मध्यप्रदेश की मल्टी पोस्ट सिंगल वोट एवं मल्टी पोस्ट मल्टी वोट मॉडल की मशीनों का उपयोग किया जाएगा। ईवीएम की आवाजाही की ऑनलाइन निगरानी के लिए ट्रैकिंग सॉफ्टवेयर उपलब्ध कराया गया है और इसी के माध्यम से मशीनों का आवंटन तथा मतदान व मतगणना दलों का गठन रैंडमाइजेशन से होगा। सदस्य पदों के लिए चुनाव कार्यक्रम के अनुसार लोक सूचना 27 अगस्त को जारी होगी। नामांकन 31 अगस्त तक भरे जाएंगे। नामांकन पत्रों की जांच 1 सितंबर और नाम वापसी 3 सितंबर दोपहर 3 बजे तक होगी। चुनाव चिन्ह 4 सितंबर को आवंटित किए जाएंगे। सदस्य पदों का मतदान दो चरणों में होगा। पहला चरण 9 सितंबर और दूसरा चरण 11 सितंबर को सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक होगा। दोनों चरणों की मतगणना 14 सितंबर को की जाएगी। अध्यक्षीय पदों के लिए लोक सूचना 15 सितंबर को जारी होगी। नामांकन 16 सितंबर तक, जांच 17 सितंबर को और नाम वापसी 18 सितंबर दोपहर 3 बजे तक होगी। उसी दिन चुनाव चिन्ह भी दिए जाएंगे। अध्यक्ष का मतदान 21 सितंबर को सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक होगा और मतदान समाप्त होते ही मतगणना कर परिणाम घोषित किए जाएंगे। उपाध्यक्ष का चुनाव 22 सितंबर को होगा। इसके लिए बैठक सुबह 10 बजे, नामांकन 11 बजे तक, जांच 11.30 बजे और नाम वापसी दोपहर 2 बजे तक होगी। आवश्यकता पड़ने पर 2.30 बजे से 5 बजे तक मतदान कराकर तुरंत मतगणना की जाएगी। जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि मतदान के समय मतदाता को मतदाता फोटो पहचान पत्र प्रस्तुत करना होगा। यदि किसी के पास यह नहीं है तो आयोग द्वारा मान्य आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, पैन कार्ड, पासपोर्ट, पेंशन दस्तावेज सहित 11 वैकल्पिक दस्तावेजों में से कोई एक मूल दस्तावेज मान्य होगा। नए परिसीमन के कारण वार्ड और मतदान केंद्रों में बदलाव संभव है, इसलिए मतदान दिवस पर प्रत्येक मतदान केंद्र के पास मतदाता सहायता केंद्र स्थापित किए जाएंगे जहां बूथ लेवल अधिकारी मतदाताओं को सूची और बूथ की जानकारी देंगे। चुनाव प्रक्रिया के लिए जिला स्तर पर 24 घंटे काम करने वाला नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है। शिकायतों के लिए नंबर 01421-299036 जारी किया गया है। अभ्यर्थियों के लिए चुनाव खर्च की सीमा नगर निगम पार्षद के लिए 3 लाख 50 हजार, नगर परिषद के लिए 2 लाख 50 हजार और नगरपालिका सदस्य के लिए 1 लाख 50 हजार रुपये तय की गई है। लाउडस्पीकर के उपयोग के लिए अनुमति लेना अनिवार्य होगा और रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक इसका उपयोग प्रतिबंधित रहेगा। उन्होंने बताया कि 25 मार्च 2026 की अधिसूचना के बाद संतान संबंधी प्रावधान हटा दिए गए हैं। दिव्यांग मतदाताओं के लिए मतदान केंद्रों पर विशेष सुविधाएं दी जाएंगी। इसके लिए नोडल अधिकारी नियुक्त किए जाएंगे और जरूरत पड़ने पर दिव्यांगों को बूथ तक लाने-ले जाने की व्यवस्था की जाएगी। चुनाव की घोषणा के साथ ही संबंधित नगरीय निकाय क्षेत्रों में आदर्श आचार संहिता लागू हो गई है। नई योजनाओं और नए कार्यादेशों पर रोक रहेगी। चुनाव के लिए बड़ी संख्या में कार्मिकों की आवश्यकता के कारण संबंधित क्षेत्र में स्थानांतरण पर भी प्रतिबंध लगाया गया है। अंत में जिला निर्वाचन अधिकारी ने सभी राजनीतिक दलों, अभ्यर्थियों, मतदाताओं और मीडिया से अपील की कि वे शांतिपूर्ण, स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव में सहयोग करें। उन्होंने मतदाताओं से भी निर्भीक होकर मतदान करने और लोकतंत्र में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया।1