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भीषण ऑक्सीडेंट हुआ सिर फैट गया इस।बच्चे का, ट्रक ड्राइवर फरार
सुमित शाक्य
भीषण ऑक्सीडेंट हुआ सिर फैट गया इस।बच्चे का, ट्रक ड्राइवर फरार
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- विकास खंड ईसानगर में स्थायी गौशाला और अस्थायी गौआश्रय स्थल प्रशासनिक लापरवाही का शिकार नजर आ रहे हैं। निरीक्षण के अभाव में व्यवस्थाएँ धीरे-धीरे बिगड़ती जा रही हैं। गौवंश के लिए बनाए गए शेड जर्जर हालत में हैं और सफाई व्यवस्था बेहद कमजोर है। अस्थायी संचालन के कारण कोई भी जिम्मेदारी लेने को तैयार नहीं दिखता। जानकारों का मानना है कि यदि नियमित निरीक्षण, पारदर्शिता और जवाबदेही तय की जाए, तो गौशालाओं की स्थिति सुधर सकती है।4
- पलिया के दुधवा रोड पर सड़क हादसे में एक नेपाली नागरिक की दर्दनाक मौत हो गयी1
- सीतापुर में कोतवाली नगर इलाके में सुरक्षा व्यवस्था को चुनौती देते हुए एक विचाराधीन बंदी न्यायालय अभिरक्षा से फरार हो गया। जिला जेल से पेशी पर लाए गए बंदी को पॉक्सो कोर्ट में प्रस्तुत किया गया था। पेशी के दौरान वापस आते ही बंदी पुलिस अभिरक्षा से चकमा देकर फरार हो गया, जिससे पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। आरोपी की तलाश के लिए पुलिस सीसीटीवी खंगाल रही है। फरार बंदी की पहचान रोहित मारुति पुत्र स्वर्गीय रामू निवासी मछली मंडी, कोतवाली नगर क्षेत्र के रूप में हुई है। कोतवाली नगर इलाके से आरोपी को 21 जनवरी 2026 को नाबालिग लड़की को भगाने के आरोप में गिरफ्तार कर जिला जेल भेजा गया था। उसके खिलाफ पॉक्सो एक्ट सहित संबंधित धाराओं में मामला दर्ज है। बताया जा रहा है कि रोहित मारुति पर पहले से ही चोरी के कई पुराने मुकदमे दर्ज हैं।1
- आदिवासी महिला पर हुए दुष्कर्म के मामले पुलिस के हथकंडों पर हाथ किसका* *🚨पत्रकार उमेश चौधरी 🚨* *निर्भीकता से कोई समझौता नहीं* खबर/मैहर जिले के रामनगर थाना क्षेत्र से एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां एक युवक पर मजदूरी करने वाली एक महिला के साथ दुष्कर्म करने और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगा है। पीड़िता का आरोप है कि आरोपी ने उसे बहाने से बुलाकर बेहोश किया और फिर एक होटल में ले जाकर जबरन शारीरिक शोषण किया। होश में आने पर आरोपी ने उसके पति और उसे जान से मारने की धमकी दी, जिससे वह डर के कारण चुप रही।बताया गया कि घटना के समय पीड़िता का पति बाहर मजदूरी कर रहा था। पति के लौटने के बाद जब दोनों ने आरोपी से बात की तो उन्हें जातिसूचक गालियां और धमकियां दी गईं। इसके बाद दंपति ने रामनगर थाने में शिकायत करने का प्रयास किया, लेकिन आरोप है कि थाना प्रभारी ने उनकी शिकायत दर्ज करने के बजाय उन्हें डांटकर भगा दिया।पीड़िता और उसके पति ने अब पुलिस अधीक्षक से मामले में सख्त कानूनी कार्रवाई और निष्पक्ष जांच की मांग की है। यह मामला पुलिस की संवेदनशीलता और पीड़ितों को न्याय दिलाने की प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े करता है।1
- जिला लखीमपुर क्षेत्र निघासन रोड गांव लुधौरी चौराहे से लग भाग 10 मीटर की दूरी पर हुआ एक्सीडेंट बहुत ही ख़तरनाक राजकुमार जाटव जी की रिपोर्ट2
- विकासखंड बांकेगंज की ग्राम पंचायत ग्रंट नंबर 11 से प्रधान पद के उम्मीदवार शिवम कुमार गौतम उर्फ राजा भईया ने गांव के समग्र विकास को लेकर अपना रोडमैप जनता के सामने रखा। उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ सीधे पात्र लोगों तक पहुंचाने, पारदर्शिता के साथ विकास कार्य कराने, सड़क, पानी, स्वच्छता, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी बुनियादी सुविधाओं को प्राथमिकता देने की बात कही। शिवम कुमार गौतम ने भरोसा दिलाया कि यदि जनता ने उन्हें मौका दिया तो ग्राम पंचायत को विकास की नई दिशा मिलेगी।1
- सरकार द्वारा गौसंरक्षण के लिए चलाई जा रही योजनाएँ ईसानगर विकास खंड में प्रभावी होती नहीं दिख रही हैं। स्थायी गौशाला और अस्थायी गौआश्रय स्थल में बुनियादी सुविधाओं की कमी साफ नजर आती है। चारा, पानी और देखरेख की व्यवस्था कमजोर होने से योजना के उद्देश्य पर सवाल खड़े हो रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि योजनाओं की सही मॉनिटरिंग हो और धन का सही उपयोग किया जाए, तो गौवंश को बेहतर जीवन मिल सकता है।3
- लखीमपुर-खीरी की पलिया तहसील में एक शिक्षक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गयी।1
- काशी में स्थापित हुआ दुनिया का सबसे बड़ा मेडिटेशन सेंटर, स्वर्वेद महामंदिर बना आध्यात्मिक आकर्षण का केंद्र वाराणसी (उत्तर प्रदेश)। सनातन संस्कृति की राजधानी काशी अब विश्व के सबसे बड़े मेडिटेशन सेंटर के रूप में पहचान बना रही है। वाराणसी के उमराहा क्षेत्र में स्थित स्वर्वेद महामंदिर को दुनिया का सबसे बड़ा ध्यान केंद्र बताया जा रहा है। यह भव्य महामंदिर ध्यान, योग, शांति और आत्म-बोध का अनूठा संगम है। स्वर्वेद महामंदिर का 18 दिसंबर 2023 को देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लोकार्पण किया गया था। लोकार्पण के बाद से ही यह देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं और साधकों के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। करीब 7 मंजिला इस भव्य संरचना की खासियत यह है कि यहां एक साथ 20 हजार लोग ध्यान कर सकते हैं। महामंदिर के शीर्ष पर बना 125 पंखुड़ी वाला कमलाकार गुंबद इसकी भव्यता को और भी दिव्य बनाता है। परिसर में बनाए गए 101 फव्वारे आध्यात्मिक वातावरण को और शांतिपूर्ण बनाते हैं। महामंदिर की दीवारों पर 3137 स्वर्वेद छंद उकेरे गए हैं, जो भारतीय दर्शन और आध्यात्मिक परंपरा की जीवंत झलक प्रस्तुत करते हैं। स्वर्वेद महामंदिर में प्रवेश पूरी तरह निःशुल्क है और यह हर धर्म, हर वर्ग और हर आयु वर्ग के लोगों के लिए खुला है। आध्यात्मिक विशेषज्ञों और श्रद्धालुओं का मानना है कि स्वर्वेद महामंदिर न केवल भारत बल्कि पूरी दुनिया में ध्यान और मानसिक शांति का प्रमुख केंद्र बनकर उभर रहा है। काशी की आध्यात्मिक पहचान को यह महामंदिर एक नई ऊंचाई दे रहा है।1