भाव-विह्वल विदाई के बीच आचार्य श्रेय सागर का वागोल तीर्थ की ओर मंगल विहार संपन्न कुशलगढ़ से परम पूज्य आचार्य श्री श्रेय सागर जी महाराज का मंगलमय विहार अतिशय तीर्थक्षेत्र वागोल पार्श्वनाथ की ओर भव्य रूप से संपन्न हुआ। विहार प्रारंभ होते ही 20 पंक्ति मंदिर से श्रद्धालुओं की लंबी कतारें उमड़ पड़ीं और भावुक विदाई के दृश्य देखने को मिले। मार्ग में जगह-जगह भक्तों ने पद प्रक्षालन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। आचार्य श्री के साथ मुनिश्री सुदर्शन सागर जी, आर्यिका 105 श्रेयमती माताजी, श्रेष्ठमती माताजी, सरलमती माताजी सहित अन्य साधु-संतों का संघ उपस्थित रहा। कुशलगढ़ में 18-20 दिनों के प्रवास के दौरान धर्मप्रभावना के विविध आयोजन संपन्न हुए, जिनमें समाजजनों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। वागोल पहुंचने पर आचार्य श्रेय सागर ने अहिंसा, करुणा और जीव रक्षा को सच्चा धर्म बताते हुए भगवान महावीर के उपदेशों को अपनाने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि इन सिद्धांतों को जीवन में उतारने से ही शांति संभव है। पूरे विहार के दौरान भक्ति, अनुशासन और आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला।
भाव-विह्वल विदाई के बीच आचार्य श्रेय सागर का वागोल तीर्थ की ओर मंगल विहार संपन्न कुशलगढ़ से परम पूज्य आचार्य श्री श्रेय सागर जी महाराज का मंगलमय विहार अतिशय तीर्थक्षेत्र वागोल पार्श्वनाथ की ओर भव्य रूप से संपन्न हुआ। विहार प्रारंभ होते ही 20 पंक्ति मंदिर से श्रद्धालुओं की लंबी कतारें उमड़ पड़ीं और भावुक विदाई के दृश्य देखने को मिले। मार्ग में जगह-जगह भक्तों ने पद प्रक्षालन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। आचार्य श्री के साथ मुनिश्री सुदर्शन सागर जी, आर्यिका 105 श्रेयमती माताजी, श्रेष्ठमती माताजी, सरलमती माताजी सहित अन्य साधु-संतों का संघ उपस्थित रहा। कुशलगढ़ में 18-20 दिनों के प्रवास के दौरान धर्मप्रभावना के विविध आयोजन संपन्न हुए, जिनमें समाजजनों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। वागोल पहुंचने पर आचार्य श्रेय सागर ने अहिंसा, करुणा और जीव रक्षा को सच्चा धर्म बताते हुए भगवान महावीर के उपदेशों को अपनाने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि इन सिद्धांतों को जीवन में उतारने से ही शांति संभव है। पूरे विहार के दौरान भक्ति, अनुशासन और आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला।
- कुशलगढ़ से परम पूज्य आचार्य श्री श्रेय सागर जी महाराज का मंगलमय विहार अतिशय तीर्थक्षेत्र वागोल पार्श्वनाथ की ओर भव्य रूप से संपन्न हुआ। विहार प्रारंभ होते ही 20 पंक्ति मंदिर से श्रद्धालुओं की लंबी कतारें उमड़ पड़ीं और भावुक विदाई के दृश्य देखने को मिले। मार्ग में जगह-जगह भक्तों ने पद प्रक्षालन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। आचार्य श्री के साथ मुनिश्री सुदर्शन सागर जी, आर्यिका 105 श्रेयमती माताजी, श्रेष्ठमती माताजी, सरलमती माताजी सहित अन्य साधु-संतों का संघ उपस्थित रहा। कुशलगढ़ में 18-20 दिनों के प्रवास के दौरान धर्मप्रभावना के विविध आयोजन संपन्न हुए, जिनमें समाजजनों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। वागोल पहुंचने पर आचार्य श्रेय सागर ने अहिंसा, करुणा और जीव रक्षा को सच्चा धर्म बताते हुए भगवान महावीर के उपदेशों को अपनाने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि इन सिद्धांतों को जीवन में उतारने से ही शांति संभव है। पूरे विहार के दौरान भक्ति, अनुशासन और आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला।1
- Post by Bapulal Ahari1
- कुशलगढ़ जिला बांसवाड़ा राजस्थान रिपोर्टर धर्मेन्द्र कुमार सोनी पीपा क्षत्रिय दर्जी समाज द्वारा संत शिरोमणि पीपाजी महाराज की 703वीं जयंती महोत्सव श्रद्धा एवं भक्ति के साथ हर्षोल्लासपूर्वक मनाया गया। इस अवसर पर भव्य शोभायात्रा का आयोजन किया गया, जो दर्जी समाज नोहरे से प्रारंभ होकर नागनाथ महादेव मंदिर पहुंची। मंदिर में व्रतधारी महिलाओं द्वारा विधि-विधान से कलश उद्यापन किया गया तथा चांदी का नारियल अर्पित कर पूजन किया गया। इसके पश्चात शोभायात्रा नगर के प्रमुख मार्गों से होते हुए पुनः दर्जी समाज नोहरे पहुंची। कार्यक्रम के समापन अवसर पर संत पीपाजी महाराज की आरती की गई तथा भोजन प्रसादी का आयोजन किया गया। इस आयोजन में समाज अध्यक्ष जितेंद्र राठौड़, लोकेंद्र टेलर, देवू भाई टेलर, दिलीप टेलर, कमलेश टेलर, भूपेंद्र टेलर, गजेंद्र टेलर, सुरेश टेलर, सज्जन टेलर, भावनेश टेलर सहित अन्य समाजजन, महिला मंडल एवं युवाओं की भागीदारी रही।3
- गांव सालमगढ में हनुमान जयंती पर समस्त महिला -पुरुष व ग्रामवासी द्वारा भव्य जुलूस निकाला गया। साथ ही महाप्रसादी का वितरण किया गया ।1
- डूंगरपुर जिले के सागवाड़ा नगर पालिका में उस समय हंगामे की स्थिति बन गई जब पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष आशीष गांधी और पूर्व नगर पालिका उपाध्यक्ष के पुत्र इरफान शेख के बीच विवाद बढ़ गया, जानकारी के अनुसार मामूली कहासुनी के चलते मामला इतना बढ़ा कि दोनों पक्षों के बीच हाथापाई की नौबत आ गई, बताया जा रहा है कि आशीष गांधी कार्यकाल समाप्त होने के बाद नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी सोहील शेख के कार्यालय में मौजूद थे, इसी दौरान ठेकेदारी से जुड़े भुगतान के सिलसिले में इरफान शेख वहां पहुंचे थे, जहां बातचीत के दौरान विवाद हो गया और देखते ही देखते स्थिति तनावपूर्ण हो गई, घटना के बाद इरफान शेख के गले पर हाथापाई के निशान और टी-शर्ट फटी हुई हालत में वे पुलिस थाना सागवाड़ा पहुंचे और कार्रवाई की मांग की, वहीं विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार आशीष गांधी ने भी इस मामले में थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई है, फिलहाल मामला पुलिस के संज्ञान में है और सागवाड़ा क्षेत्र में यह घटना चर्चा का विषय बनी हुई है।1
- एंकर इंट्रो- डूंगरपुर जिले के आसपुर थाना क्षेत्र के गोल गांव में आज एक बड़ा हादसा सामने आया है। यहाँ एक निर्माणाधीन मकान की छत भरते समय अचानक ढांचा धराशायी हो गया, जिसकी चपेट में आने से एक मजदूर की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि चार अन्य मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। घायलों को आसपुर अस्पताल में भर्ती करवाया गया । जहा से गंभीर एक को डूंगरपुर रेफर किया गया है वही 3 अन्य को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई है। बॉडी - मामले के के अनुसार, गोल गांव निवासी जीतू मेहता के घर के निर्माण का कार्य चल रहा था। आज जब मजदूर छत की भराई (आरसीसी) कर रहे थे, तभी अचानक छत का पूरा हिस्सा नीचे गिर गया। मलबे के नीचे दबने से वहां काम कर रहे मजदूरों में चीख-पुकार मच गई। शोर सुनकर ग्रामीण मौके पर पहुंचे और कड़ी मशक्कत के बाद मलबे में दबे लोगों को बाहर निकाला। हादसे में सुरजमल निवासी सडा , कंकू निवासी दोलपुरा, कालु निवासी सडा, दिनेश निवासी सडा घायल हो गए वही शेरपुर निवासी लक्ष्मण मीणा की मौत हो गई। ग्रामीणों और परिजनों ने घायलों को तुरंत आसपुर अस्पताल पहुँचाया गया। जहा से गंभीर एक मजदूर को रेफर किया गया। वही 3 घायलों का प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई है।वहीं, मृतक के शव को अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया है। हादसे की सूचना मिलते ही अस्पताल परिसर में लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। घटना की सूचना मिलते ही आसपुर थाना पुलिस अस्पताल पहुँची और मामले की जानकारी ली। पुलिस ने मृतक के शव को मोर्चरी में शिफ्ट कराया है | फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है | बाइट - पुष्पराज सिंह खरोडीया नर्सिंग ऑफिसर4
- Post by VAGAD news241
- राज्यसभा सांसद चुन्नीलाल गरासिया ने आज राज्यसभा में “धरती आबा जनजाति ग्राम उत्कर्ष अभियान” पर अपनी बात रखते हुए देश के जनजातीय क्षेत्रों के समग्र विकास की आवश्यकता पर जोर दिया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि इस महत्वाकांक्षी अभियान की शुरुआत देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 2 अक्टूबर 2024 को झारखंड के हजारीबाग से की गई थी। उन्होंने बताया कि लगभग 79 हजार 156 करोड़ रुपये के परिव्यय वाले इस अभियान के तहत देश के 30 राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों के 549 जिलों के 63 हजार से अधिक जनजाति बहुल गांवों को शामिल किया गया है, जिससे करीब 5 करोड़ जनजातीय नागरिकों के समग्र विकास का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। सांसद श्री गरासिया ने कहा कि 17 मंत्रालयों के समन्वित प्रयासों से 25 योजनाओं के माध्यम से सामाजिक अवसंरचना, स्वास्थ्य, शिक्षा एवं आजीविका के क्षेत्र में सुधार का प्रयास सराहनीय है। उन्होंने प्रधानमंत्री द्वारा 40 एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालयों के उद्घाटन एवं 25 नए विद्यालयों के शिलान्यास सहित “पीएम जन मन” योजना के अंतर्गत सड़कों, आंगनबाड़ी केंद्रों एवं छात्रावासों जैसी परियोजनाओं के शुभारंभ को जनजातीय विकास के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता का प्रतीक बताया। उन्होंने विशेष रूप से राजस्थान के जनजाति बहुल क्षेत्रों की ओर ध्यान आकर्षित करते हुए कहा कि राज्य के दक्षिणी जिलों—बांसवाड़ा, डूंगरपुर, उदयपुर, सलूम्बर एवं प्रतापगढ़—में निवासरत जनजातीय समुदायों को शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क संपर्क, पेयजल एवं रोजगार के बेहतर अवसरों की अत्यंत आवश्यकता है। सांसद श्री गरासिया ने सरकार से आग्रह किया कि “धरती आबा जनजाति ग्राम उत्कर्ष अभियान” के अंतर्गत राजस्थान के इन जनजाति बहुल क्षेत्रों को प्राथमिकता दी जाए तथा अधिक से अधिक विकास परियोजनाओं को स्वीकृति प्रदान कर उनके त्वरित एवं प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इससे राज्य के जनजातीय समाज को इस महत्वाकांक्षी योजना का पूर्ण लाभ प्राप्त होगा और उनके जीवन स्तर में व्यापक सुधार आएगा।1