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अशोकनगर में देह व्यापार के मामले में पकड़ी गई महिला और उसके अड्डे के ग्राहक युवकों का पुलिस ने जुलूस निकाला है। पुलिस द्वारा देह व्यापार के आरोप में पकड़े जाने के बाद इन आरोपियों का जुलूस निकाला गया।

11 hrs ago
user_Devesh Ojha patrakaar
Devesh Ojha patrakaar
Local News Reporter शाढ़ोरा, अशोकनगर, मध्य प्रदेश•
11 hrs ago

अशोकनगर में देह व्यापार के मामले में पकड़ी गई महिला और उसके अड्डे के ग्राहक युवकों का पुलिस ने जुलूस निकाला है। पुलिस द्वारा देह व्यापार के आरोप में पकड़े जाने के बाद इन आरोपियों का जुलूस निकाला गया।

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  • गुना के बजरंगगढ़ रोड बाईपास पर स्थित एक आरा मशीन संचालक की मनमानी के कारण कभी भी कोई बड़ा हादसा घटित हो सकता है। बाईपास मार्ग पर आरा मशीन वाले द्वारा की जा रही इस मनमानी की वजह से यहाँ हर वक्त बड़ी दुर्घटना होने की आशंका बनी हुई है।
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    गुना के बजरंगगढ़ रोड बाईपास पर स्थित एक आरा मशीन संचालक की मनमानी के कारण कभी भी कोई बड़ा हादसा घटित हो सकता है। बाईपास मार्ग पर आरा मशीन वाले द्वारा की जा रही इस मनमानी की वजह से यहाँ हर वक्त बड़ी दुर्घटना होने की आशंका बनी हुई है।
    user_Suriya yadav media
    Suriya yadav media
    Photographer Guna, Madhya Pradesh•
    6 hrs ago
  • शिवपुरी के करैरा तहसील में BNSS की धारा 170 के तहत गिरफ्तार आरोपियों को न्यायिक प्रक्रिया के लिए लाए जाने के दौरान कार्यपालिक मजिस्ट्रेट की मौजूदगी को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। अधिवक्ताओं का आरोप है कि रविवार को जब थाना अमोला और थाना करैरा पुलिस आरोपियों को लेकर तहसील पहुंची थी, तब वहां कोई सक्षम कार्यपालिक मजिस्ट्रेट अपनी सीट पर मौजूद नहीं था। अधिवक्ता अनिल कुमार दुबे का दावा है कि कार्यालय में केवल एक कर्मचारी उपस्थित था, जो तहसीलदार के हस्ताक्षर होने से पहले ही जेल वारंट तैयार करने की प्रक्रिया आगे बढ़ा रहा था, जिसका उन्होंने विरोध किया। अधिवक्ता के अनुसार, उनके विरोध के बाद अमोला थाने के आरोपी को वापस ले जाया गया, जबकि करैरा थाने के दो आरोपियों को जेल भेज दिया गया। दूसरी ओर, प्रशासन ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। नायब तहसीलदार शैलेंद्र भार्गव ने इन आरोपों को निराधार बताते हुए स्पष्ट किया कि बिना हस्ताक्षर के कोई जेल वारंट जारी नहीं किया जा सकता और न ही जेल प्रशासन ऐसे वारंट स्वीकार करता है। इसके साथ ही करैरा थाना प्रभारी विनोद छावई ने भी पुष्टि की है कि संबंधित जेल वारंट पर कार्यपालिक मजिस्ट्रेट के हस्ताक्षर मौजूद हैं और कानूनी प्रक्रिया के तहत वारंट की प्रति किसी भी पक्षकार को दिखाना आवश्यक नहीं होता। इस पूरे घटनाक्रम के बाद अधिवक्ताओं और स्थानीय नागरिकों ने निष्पक्ष जांच की मांग तेज कर दी है। अधिवक्ता रितुराज यादव ने तहसील परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को सुरक्षित रखकर जांच कराने की मांग की है ताकि स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सके। वहीं, अधिवक्ता प्रशांत त्रिपाठी ने चेतावनी दी है कि यदि मामले की निष्पक्ष जांच नहीं की गई तो अधिवक्ता समुदाय इस मुद्दे को लेकर उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाने पर विचार करेगा।
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    शिवपुरी के करैरा तहसील में BNSS की धारा 170 के तहत गिरफ्तार आरोपियों को न्यायिक प्रक्रिया के लिए लाए जाने के दौरान कार्यपालिक मजिस्ट्रेट की मौजूदगी को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। अधिवक्ताओं का आरोप है कि रविवार को जब थाना अमोला और थाना करैरा पुलिस आरोपियों को लेकर तहसील पहुंची थी, तब वहां कोई सक्षम कार्यपालिक मजिस्ट्रेट अपनी सीट पर मौजूद नहीं था। अधिवक्ता अनिल कुमार दुबे का दावा है कि कार्यालय में केवल एक कर्मचारी उपस्थित था, जो तहसीलदार के हस्ताक्षर होने से पहले ही जेल वारंट तैयार करने की प्रक्रिया आगे बढ़ा रहा था, जिसका उन्होंने विरोध किया। अधिवक्ता के अनुसार, उनके विरोध के बाद अमोला थाने के आरोपी को वापस ले जाया गया, जबकि करैरा थाने के दो आरोपियों को जेल भेज दिया गया।

दूसरी ओर, प्रशासन ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। नायब तहसीलदार शैलेंद्र भार्गव ने इन आरोपों को निराधार बताते हुए स्पष्ट किया कि बिना हस्ताक्षर के कोई जेल वारंट जारी नहीं किया जा सकता और न ही जेल प्रशासन ऐसे वारंट स्वीकार करता है। इसके साथ ही करैरा थाना प्रभारी विनोद छावई ने भी पुष्टि की है कि संबंधित जेल वारंट पर कार्यपालिक मजिस्ट्रेट के हस्ताक्षर मौजूद हैं और कानूनी प्रक्रिया के तहत वारंट की प्रति किसी भी पक्षकार को दिखाना आवश्यक नहीं होता।

इस पूरे घटनाक्रम के बाद अधिवक्ताओं और स्थानीय नागरिकों ने निष्पक्ष जांच की मांग तेज कर दी है। अधिवक्ता रितुराज यादव ने तहसील परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को सुरक्षित रखकर जांच कराने की मांग की है ताकि स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सके। वहीं, अधिवक्ता प्रशांत त्रिपाठी ने चेतावनी दी है कि यदि मामले की निष्पक्ष जांच नहीं की गई तो अधिवक्ता समुदाय इस मुद्दे को लेकर उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाने पर विचार करेगा।
    user_Deepak ojha
    Deepak ojha
    Local News Reporter गुना नगर, गुना, मध्य प्रदेश•
    8 hrs ago
  • गुना जिले की आरोन तहसील का सिविल अस्पताल इन दिनों सरकारी सेवा की जगह अवैध वसूली का केंद्र बन चुका है। अस्पताल की जन्म-मृत्यु शाखा में जन्म प्रमाण पत्र बनवाने आने वाले लोगों से खुलेआम पैसे मांगे जा रहे हैं। ग्राम सुनगयाई के निवासी परमाल सिंह ने 11 जुलाई 2026 को एसडीएम आरोन को आवेदन देकर अस्पताल प्रशासन की इस कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। पीड़ित परमाल सिंह ने बताया कि उनकी पत्नी ममता बाई की डिलीवरी 20 दिसंबर 2012 को इसी अस्पताल में हुई थी, जिसके बाद उन्हें हस्तलिखित प्रमाण पत्र दिया गया था। अब डिजिटल प्रमाण पत्र बनवाने के लिए 10 जुलाई 2026 को सभी दस्तावेज जमा करने के बाद उन्हें अस्पताल के कमरा नंबर 28 में भेजा गया। आरोप है कि वहां तैनात कर्मचारियों ने 'चालान' के नाम पर उनसे 500 रुपये की मांग की। पैसे देने के दो दिन बाद भी उन्हें डिजिटल प्रमाण पत्र नहीं दिया गया। पीड़ित का कहना है कि जन्म-मृत्यु शाखा में सरकारी प्रक्रिया को दरकिनार कर रोजाना आम और गरीब मरीजों से इसी तरह पैसे ऐंठे जा रहे हैं। इस मामले पर बीएमओ डॉ. अविनाश रघुवंशी ने केवल इतना कहा कि आवेदन मिल गया है और जांच चल रही है, जिसके बाद उचित कार्रवाई होगी। लेकिन स्थानीय जनता में इस भ्रष्टाचार को लेकर गहरा आक्रोश है। लोगों का सवाल है कि महीनों से कमरा नंबर 28 में चल रहे इस खेल की भनक अस्पताल प्रबंधन को क्यों नहीं लगी। अब देखना होगा कि प्रशासन सिर्फ कागजी जांच करता है या अस्पताल के जिम्मेदार अधिकारियों पर कोई ठोस गाज गिरती है।
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    गुना जिले की आरोन तहसील का सिविल अस्पताल इन दिनों सरकारी सेवा की जगह अवैध वसूली का केंद्र बन चुका है। अस्पताल की जन्म-मृत्यु शाखा में जन्म प्रमाण पत्र बनवाने आने वाले लोगों से खुलेआम पैसे मांगे जा रहे हैं। ग्राम सुनगयाई के निवासी परमाल सिंह ने 11 जुलाई 2026 को एसडीएम आरोन को आवेदन देकर अस्पताल प्रशासन की इस कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं।

पीड़ित परमाल सिंह ने बताया कि उनकी पत्नी ममता बाई की डिलीवरी 20 दिसंबर 2012 को इसी अस्पताल में हुई थी, जिसके बाद उन्हें हस्तलिखित प्रमाण पत्र दिया गया था। अब डिजिटल प्रमाण पत्र बनवाने के लिए 10 जुलाई 2026 को सभी दस्तावेज जमा करने के बाद उन्हें अस्पताल के कमरा नंबर 28 में भेजा गया। आरोप है कि वहां तैनात कर्मचारियों ने 'चालान' के नाम पर उनसे 500 रुपये की मांग की। पैसे देने के दो दिन बाद भी उन्हें डिजिटल प्रमाण पत्र नहीं दिया गया। पीड़ित का कहना है कि जन्म-मृत्यु शाखा में सरकारी प्रक्रिया को दरकिनार कर रोजाना आम और गरीब मरीजों से इसी तरह पैसे ऐंठे जा रहे हैं।

इस मामले पर बीएमओ डॉ. अविनाश रघुवंशी ने केवल इतना कहा कि आवेदन मिल गया है और जांच चल रही है, जिसके बाद उचित कार्रवाई होगी। लेकिन स्थानीय जनता में इस भ्रष्टाचार को लेकर गहरा आक्रोश है। लोगों का सवाल है कि महीनों से कमरा नंबर 28 में चल रहे इस खेल की भनक अस्पताल प्रबंधन को क्यों नहीं लगी। अब देखना होगा कि प्रशासन सिर्फ कागजी जांच करता है या अस्पताल के जिम्मेदार अधिकारियों पर कोई ठोस गाज गिरती है।
    user_पत्रकार राजा हतम वेग
    पत्रकार राजा हतम वेग
    Local News Reporter गुना नगर, गुना, मध्य प्रदेश•
    13 hrs ago
  • विदिशा में गुलाबगंज रोड पर कुआंखेड़ी गांव के पास एक सड़क हादसा सामने आया है, जहां एक बाइक सवार युवक पुलिया से नीचे गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गया। यह घटना सोमवार दोपहर की बताई जा रही है, जिसके बाद घायल युवक को बेहोशी की हालत में तुरंत इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया है। एडिशनल एसपी प्रशांत चौबे ने बताया कि युवक अपनी मोटरसाइकिल सहित पुलिया से नीचे पानी और पत्थरों पर जा गिरा, जिससे उसके सिर में गंभीर चोट आई है। फिलहाल युवक को होश नहीं आया है, जिसके कारण उसकी पहचान नहीं हो सकी है। पुलिस के अनुसार, युवक की उम्र करीब 35 से 40 वर्ष के बीच लग रही है। पुलिस मौके से मिली बाइक के नंबर एमपी 04 एमजी 2883 के आधार पर उसकी शिनाख्त करने का प्रयास कर रही है और हादसा होने के कारणों की जांच में जुटी है।
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    विदिशा में गुलाबगंज रोड पर कुआंखेड़ी गांव के पास एक सड़क हादसा सामने आया है, जहां एक बाइक सवार युवक पुलिया से नीचे गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गया। यह घटना सोमवार दोपहर की बताई जा रही है, जिसके बाद घायल युवक को बेहोशी की हालत में तुरंत इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया है।

एडिशनल एसपी प्रशांत चौबे ने बताया कि युवक अपनी मोटरसाइकिल सहित पुलिया से नीचे पानी और पत्थरों पर जा गिरा, जिससे उसके सिर में गंभीर चोट आई है। फिलहाल युवक को होश नहीं आया है, जिसके कारण उसकी पहचान नहीं हो सकी है। पुलिस के अनुसार, युवक की उम्र करीब 35 से 40 वर्ष के बीच लग रही है। पुलिस मौके से मिली बाइक के नंबर एमपी 04 एमजी 2883 के आधार पर उसकी शिनाख्त करने का प्रयास कर रही है और हादसा होने के कारणों की जांच में जुटी है।
    user_रिपोर्टर rupesh yadav
    रिपोर्टर rupesh yadav
    Photographer सिरोंज, विदिशा, मध्य प्रदेश•
    11 hrs ago
  • शिवपुरी के रन्नोद में नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री को गाली दिए जाने पर गहरी नाराजगी व्यक्त की गई है। इस कृत्य पर तीखी आपत्ति जताते हुए सीधे तौर पर कहा गया है कि लोगों में आखिर इतना दंभ और अहंकार कैसे आ गया है कि वे सीधे नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री को गाली दे रहे हैं।
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    शिवपुरी के रन्नोद में नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री को गाली दिए जाने पर गहरी नाराजगी व्यक्त की गई है। इस कृत्य पर तीखी आपत्ति जताते हुए सीधे तौर पर कहा गया है कि लोगों में आखिर इतना दंभ और अहंकार कैसे आ गया है कि वे सीधे नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री को गाली दे रहे हैं।
    user_Mr_Pawan_kumar Yaduvanshi
    Mr_Pawan_kumar Yaduvanshi
    रन्नौद, शिवपुरी, मध्य प्रदेश•
    17 hrs ago
  • अशोकनगर में देह व्यापार के मामले में पकड़ी गई महिला और उसके अड्डे के ग्राहक युवकों का पुलिस ने जुलूस निकाला है। पुलिस द्वारा देह व्यापार के आरोप में पकड़े जाने के बाद इन आरोपियों का जुलूस निकाला गया।
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    अशोकनगर में देह व्यापार के मामले में पकड़ी गई महिला और उसके अड्डे के ग्राहक युवकों का पुलिस ने जुलूस निकाला है। पुलिस द्वारा देह व्यापार के आरोप में पकड़े जाने के बाद इन आरोपियों का जुलूस निकाला गया।
    user_Devesh Ojha patrakaar
    Devesh Ojha patrakaar
    Local News Reporter शाढ़ोरा, अशोकनगर, मध्य प्रदेश•
    11 hrs ago
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