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आज बालोद जिले में आदिवासी समाज ने अपने जल, जंगल और जमीन को बचाने तथा अवैध कब्जे को हटाने की मांग को लेकर कलेक्टर कार्यालय का घेराव कर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। इस विरोध प्रदर्शन में लगभग 10,000 से अधिक आदिवासियों ने हिस्सा लिया। आंदोलनकारियों ने सवाल उठाया कि आखिर सरकार आदिवासियों की बातों को क्यों नहीं सुन रही है, और क्या कलेक्टर तथा प्रदेश के आदिवासी मुख्यमंत्री को आदिवासियों से बात नहीं करनी चाहिए। उन्होंने सीधे तौर पर आरोप लगाया कि 'डबल इंजन' की सरकार किसके लिए काम कर रही है और किसकी सुन रही है, क्योंकि पूरे प्रदेश में सरकार के संरक्षण में जल, जंगल और जमीन की खुलेआम लूट हो रही है। आदिवासियों का कहना है कि प्रदेश में अपने चहेते उद्योगपतियों को जमीनें दी जा रही हैं, और उन्होंने सवाल किया कि क्या यही 'डबल इंजन' सरकार का विकास मॉडल है।
Yuva team jharkhand
आज बालोद जिले में आदिवासी समाज ने अपने जल, जंगल और जमीन को बचाने तथा अवैध कब्जे को हटाने की मांग को लेकर कलेक्टर कार्यालय का घेराव कर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। इस विरोध प्रदर्शन में लगभग 10,000 से अधिक आदिवासियों ने हिस्सा लिया। आंदोलनकारियों ने सवाल उठाया कि आखिर सरकार आदिवासियों की बातों को क्यों नहीं सुन रही है, और क्या कलेक्टर तथा प्रदेश के आदिवासी मुख्यमंत्री को आदिवासियों से बात नहीं करनी चाहिए। उन्होंने सीधे तौर पर आरोप लगाया कि 'डबल इंजन' की सरकार किसके लिए काम कर रही है और किसकी सुन रही है, क्योंकि पूरे प्रदेश में सरकार के संरक्षण में जल, जंगल और जमीन की खुलेआम लूट हो रही है। आदिवासियों का कहना है कि प्रदेश में अपने चहेते उद्योगपतियों को जमीनें दी जा रही हैं, और उन्होंने सवाल किया कि क्या यही 'डबल इंजन' सरकार का विकास मॉडल है।
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- दुर्ग जिला अस्पताल में 20 वर्षीय दीपिका गाड़ा की मौत के बाद एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। परिजनों का कहना है कि दीपिका गाड़ा खून की भारी कमी से जूझ रही थी, लेकिन इसके बावजूद उसे समय पर रक्त उपलब्ध नहीं कराया गया। वहीं, अस्पताल प्रशासन ने इन आरोपों के जवाब में कहा है कि मौत के असली कारण का पता जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चलेगा।1
- रायपुर के राज टॉकीज़ में अब टिकटों की बुकिंग शुरू हो चुकी है। दर्शकों से अपनी टिकटें तुरंत बुक करने का आग्रह किया गया है।1
- संत रामपाल जी महाराज ने एक गरीब और असहाय परिवार को सहारा दिया है। इस मदद से जुड़ा पूरा वीडियो 'AnnaPurna Muhim' नामक YouTube चैनल पर उपलब्ध है, जहाँ दर्शक इस घटना को विस्तार से देख सकते हैं।1
- बलरामपुर जिले में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत चल रहे कार्यों की प्रगति का जायजा लेने के लिए कलेक्टर श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी ग्राम चम्पापुर पहुंचीं। उन्होंने निर्माणाधीन आवासों का निरीक्षण किया और चम्पापुर के सरपंच तथा सचिव से विस्तृत जानकारी ली। इस दौरान कलेक्टर ने योजना के हितग्राहियों से आत्मीयता से बातचीत की और उनके आवास निर्माण की स्थिति को समझा। श्रीमती त्रिपाठी ने हितग्राहियों से विशेष रूप से पूछा कि उन्हें आवास निर्माण में किसी प्रकार की समस्या तो नहीं आ रही है। निर्माण कार्य की प्रगति का अवलोकन करते हुए, उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि मानसून आने में अब अधिक समय नहीं बचा है, इसलिए आवास की ढलाई सहित सभी शेष कार्यों को जल्द से जल्द पूरा कर लिया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि बारिश शुरू होने के बाद निर्माण कार्य प्रभावित हो सकता है, जिससे अधूरा काम रहने पर अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। कलेक्टर ने हितग्राहियों को प्रेरित करते हुए कहा कि सरकार ने उन्हें पक्का घर उपलब्ध कराने का अवसर दिया है, जिसका लाभ उठाकर वे अपने सपनों के आशियाने को शीघ्र पूरा करें। उन्होंने बताया कि आवास पूर्ण होने से आगामी बारिश के मौसम में परिवार को सुरक्षित और सुविधाजनक छत मिल सकेगी। इसके साथ ही, कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को भी निर्देश दिए कि वे निर्माणाधीन आवासों की नियमित निगरानी करें और हितग्राहियों को तकनीकी मार्गदर्शन तथा आवश्यक सहयोग प्रदान करें, ताकि सभी आवास निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरे हो सकें। इस दौरान जिला पंचायत सीईओ श्रीमती नयनतारा सिंह तोमर भी उपस्थित थीं। यह उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) जरूरतमंद परिवारों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही है, क्योंकि यह योजना ग्रामीण क्षेत्रों में पात्र परिवारों को पक्के आवास उपलब्ध कराकर उनके जीवन स्तर को बेहतर बना रही है।3
- 4 जून को तिल्दा-नेवरा में हिंदी पत्रकारिता दिवस के अवसर पर ब्रह्माकुमारीज़ तिल्दा द्वारा एक पत्रकार सम्मान समारोह और 'वैश्विक शांति की आवश्यकता : मीडिया की भूमिका' विषय पर विशेष परिचर्चा का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में क्षेत्र के पत्रकारों और गणमान्य नागरिकों की उल्लेखनीय उपस्थिति रही। मुख्य अतिथि वरिष्ठ पत्रकार मधुकर द्विवेदी ने पत्रकारिता को समाज को दिशा देने का एक सशक्त माध्यम बताया। उन्होंने पत्रकारों की विश्वसनीयता को उनकी सबसे बड़ी पूंजी कहते हुए सकारात्मक और जनहितकारी पत्रकारिता पर बल दिया। द्विवेदी ने यह भी कहा कि वर्तमान समय में मीडिया की भूमिका सिर्फ समाचार देने तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज को सकारात्मकता और शांति की ओर प्रेरित करना भी है। वरिष्ठ पत्रकार प्रियंका कौशल ने विश्व शांति की शुरुआत आत्म-परिवर्तन से बताई, वहीं विशाल भाई ने समाज में शांति और सद्भाव के लिए सकारात्मक चिंतन को आधार बताया। तिल्दा प्रेस क्लब के संरक्षक गौरीशंकर सैनी और छत्तीसगढ़िया पत्रकार महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष गजेंद्र रथ गौरव ने भी पत्रकारों से अपनी लेखनी के माध्यम से संवाद, समाधान और शांति का संदेश फैलाने का आह्वान किया। कार्यक्रम का संचालन ब्रह्माकुमारीज़ तिल्दा की संचालिका बीके प्रियंका ने किया। समापन अवसर पर सभी अतिथियों और पत्रकारों को स्मृति-चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। इस आयोजन को पत्रकारिता में सकारात्मकता और नैतिक मूल्यों को बढ़ावा देने वाला एक प्रेरणादायी प्रयास बताया गया।4
- जनपद पंचायत बालाघाट अंतर्गत ग्राम पंचायत भरवेली में लंबे समय से चल रहे राजनीतिक घटनाक्रम का गुरुवार को पटाक्षेप हो गया, जहाँ सरपंच गीता अनिल बिसेन के खिलाफ लाया गया अविश्वास प्रस्ताव भारी बहुमत से पारित हो गया। कुल 19 मतों में से सरपंच गीता बिसेन को केवल एक मत मिला, जबकि अविश्वास प्रस्ताव के पक्ष में 18 मत पड़े। इस परिणाम के साथ ही पंचायत में गीता बिसेन का कार्यकाल समाप्त हो गया और उनकी सरकार गिर गई। मतदान प्रक्रिया शांतिपूर्ण और निष्पक्ष ढंग से संपन्न कराने के लिए प्रशासन द्वारा कड़े सुरक्षा इंतजाम किए गए थे, और पुलिस बल की मौजूदगी में यह विशेष सम्मेलन आयोजित हुआ। अविश्वास प्रस्ताव पर मतदान से पहले दोनों पक्षों ने अपने-अपने तर्क रखे। सरपंच गीता अनिल बिसेन ने अपने कार्यकाल के दौरान कराए गए विकास कार्यों का हवाला देते हुए ग्रामीणों के हित में अनेक योजनाओं को धरातल पर उतारने और पंचायत के विकास के लिए लगातार कार्य करने की बात कही। इसके विपरीत, उपसरपंच राजेश बाहेश्वर ने सरपंच के कार्यकाल पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि विकास कार्यों के नाम पर अनियमितताएं और भ्रष्टाचार हुआ है, और पंचायत में पारदर्शिता का अभाव रहा, जिससे पंचों और ग्रामीणों में असंतोष बढ़ा और अविश्वास प्रस्ताव की नौबत आई। इस प्रकार, 'विकास बनाम भ्रष्टाचार' चुनावी मुद्दा बन गया। मतदान परिणाम घोषित होते ही उपसरपंच एवं विरोधी खेमे के समर्थकों में खुशी की लहर दौड़ गई। पंचायत परिसर के बाहर समर्थकों ने ढोल-नगाड़ों की थाप पर जमकर नृत्य किया और एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर अपनी जीत का जश्न मनाया। अविश्वास प्रस्ताव पारित होने के बाद अब ग्राम पंचायत भरवेली में नए नेतृत्व के चयन की प्रक्रिया शुरू होगी। प्रशासनिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद पंचायत में नई बॉडी का गठन किया जाएगा और नए सरपंच का चुनाव कराया जाएगा। जिले की पंचायत राजनीति में यह परिणाम, जहाँ सरपंच को 18-1 के भारी अंतर से पद गंवाना पड़ा, चर्चा का विषय बना हुआ है।1
- कांकेर जिले के भंडारी पारा इलाके में कचरे में आग लग गई। कचरे में आग लगने के दौरान यह फैल गई, जिसके बाद फायर ब्रिगेड ने मौके पर पहुँचकर आग बुझा दी।1
- रायपुर स्थित राज टॉकीज के लिए दर्शक अब अपनी टिकटें बुक कर सकते हैं। दर्शकों से आग्रह किया गया है कि वे अपनी टिकटें तुरंत बुक करें।1
- आगामी मानसून से पहले बलरामपुर जिले में जल संरक्षण और संवर्धन के कार्यों की जमीनी हकीकत जानने के लिए कलेक्टर श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी विकासखंड बलरामपुर के ग्राम चम्पापुर पहुंचीं। भरी दोपहरी में उन्होंने पैदल खेतों की मेड़ नापते हुए मनरेगा के तहत बने मिट्टी बांध तक पहुँचकर जल संरक्षण संरचनाओं का मौके पर अवलोकन किया। इस दौरान कलेक्टर ने चम्पापुर में निर्मित बांध की उपयोगिता और ग्रामीणों को मिल रहे लाभ के बारे में जानकारी ली और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। जिला पंचायत सीईओ श्रीमती नयनतारा सिंह तोमर भी इस दौरान मौजूद रहीं। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने जोर देकर कहा कि वर्षा की हर बूंद को सहेजना समय की मांग है और यह आने वाली पीढ़ियों के लिए जल सुरक्षा सुनिश्चित करने का महत्वपूर्ण प्रयास है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि मानसून शुरू होने से पहले सभी जल संरक्षण संरचनाओं को उपयोग के लिए तैयार रखा जाए, ताकि बारिश के अधिकतम पानी का संरक्षण किया जा सके। कलेक्टर ने 'मोर गांव मोर पानी' अभियान के तहत हो रहे कार्यों, ग्रामीण क्षेत्रों में 5 प्रतिशत मॉडल रिचार्ज स्ट्रक्चर और सोक-पिट निर्माण को बढ़ावा देने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वर्षा जल का स्थानीय स्तर पर संचयन भूजल संवर्धन का सबसे प्रभावी माध्यम है, जिससे जल स्तर में सुधार होगा और किसानों को सिंचाई के लिए अतिरिक्त जल मिल सकेगा। उन्होंने अधिकारियों को प्रत्येक गांव में वर्षा जल संचयन के प्रति जागरूकता बढ़ाने और अधिक से अधिक लोगों को इस अभियान से जोड़ने का निर्देश दिया। यह उल्लेखनीय है कि चम्पापुर में मनरेगा के तहत बनाए गए मिट्टी बांध से क्षेत्र के लगभग 40 परिवार सीधे तौर पर लाभान्वित हो रहे हैं। इस मिट्टी बांध में संरक्षित जल के कारण लगभग 180 से 200 एकड़ कृषि भूमि में सिंचाई की सुविधा उपलब्ध हो रही है। इसके परिणामस्वरूप, ग्रामीण किसान गेहूं, मक्का, धान, सरसों और चना जैसी फसलों की खेती कर बेहतर उत्पादन प्राप्त कर रहे हैं। ये जल संरक्षण संरचनाएं ग्रामीण क्षेत्रों में जल सुरक्षा और कृषि समृद्धि की एक मजबूत आधारशिला बन रही हैं।3