जिला लखीमपुर खीरी पत्रकारों के हुए हमले पर पत्रकारों को एकजुट होने का संकल्प दिनेश आचार्य पर हमले की कड़ी से कड़ी निंदा करता हूं प्रशासन को तत्काल कार्रवाई करना चाहिए सम्मानित पत्रकार पर हुए हमले प्रशासन चुप नजर आया यूपी ग्राम क्रांति न्यूज़ चैनल तहसील रिपोर्टर यज्ञ राज मौर्य यूपी ग्राम क्रांति न्यूज़ चैनल तहसील रिपोर्टर यज्ञ राज मौर्य की खास रिपोर्ट पत्रकारों पर हमले कब तक? क्या यूँ ही खामोश रहेगा कलम का समाज? लखीमपुर खीरी समेत प्रदेश के कई इलाकों से लगातार ऐसी खबरें सामने आ रही हैं जहाँ पत्रकारों पर जानलेवा हमले हो रहे हैं। कहीं पत्रकारों के साथ अभद्रता की जा रही है, तो कहीं सच्चाई दिखाने की कीमत उन्हें धमकियों और मारपीट के रूप में चुकानी पड़ रही है। सवाल सिर्फ एक पत्रकार का नहीं है। यह सवाल उस कलम का है जो सच लिखती है, उस आवाज़ का है जो जनता की बात उठाती है, और उस लोकतंत्र का है जो सच पर टिका है। जब भी किसी पत्रकार पर हमला होता है, तो वह सिर्फ एक व्यक्ति पर हमला नहीं होता, बल्कि सच बोलने की हिम्मत पर हमला होता है। अगर ऐसे मामलों पर पत्रकार समाज खामोश रहा, तो यह खामोशी ही आने वाले समय में और बड़े हमलों को जन्म दे सकती है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या पत्रकारिता ऐसे ही बदनाम होती रहेगी? क्या सच्चाई की कलम यूँ ही कुचली जाती रहेगी? पत्रकार केवल खबर लिखने वाला नहीं होता, वह समाज की आँख और जनता की आवाज़ होता है। लेकिन जब उसी आवाज़ को डराने और दबाने की कोशिश होती है, तब पूरे समाज को जागने की जरूरत होती है। अब समय आ गया है कि पत्रकार अपने मतभेद भुलाकर एक मंच पर खड़े हों। क्योंकि अगर आज भी कलम के सिपाही नहीं जागे, तो सच्चाई की आवाज़ हमेशा के लिए खामोश हो सकती है। यह सिर्फ पत्रकार का सवाल नहीं है, यह लोकतंत्र की आत्मा का सवाल है। कैमरामैन के साथ यज्ञ राज मौर्य यूपी ग्राम क्रांति न्यूज़ चैनल
जिला लखीमपुर खीरी पत्रकारों के हुए हमले पर पत्रकारों को एकजुट होने का संकल्प दिनेश आचार्य पर हमले की कड़ी से कड़ी निंदा करता हूं प्रशासन को तत्काल कार्रवाई करना चाहिए सम्मानित पत्रकार पर हुए हमले प्रशासन चुप नजर आया यूपी ग्राम क्रांति न्यूज़ चैनल तहसील रिपोर्टर यज्ञ राज मौर्य यूपी ग्राम क्रांति न्यूज़ चैनल तहसील रिपोर्टर यज्ञ राज मौर्य की खास रिपोर्ट पत्रकारों पर हमले कब तक? क्या यूँ ही खामोश रहेगा कलम का समाज? लखीमपुर खीरी समेत प्रदेश के कई इलाकों से लगातार ऐसी खबरें सामने आ रही हैं जहाँ पत्रकारों पर जानलेवा हमले हो रहे हैं। कहीं पत्रकारों के साथ अभद्रता की जा रही है, तो कहीं सच्चाई दिखाने की कीमत उन्हें धमकियों और मारपीट के रूप में चुकानी पड़ रही है। सवाल सिर्फ एक पत्रकार का नहीं है। यह सवाल उस कलम का है जो सच लिखती है, उस आवाज़ का है जो जनता की बात उठाती है, और उस लोकतंत्र का है जो सच पर टिका है। जब भी किसी पत्रकार पर हमला होता है, तो वह सिर्फ एक व्यक्ति पर हमला नहीं होता, बल्कि सच बोलने की हिम्मत पर हमला होता है। अगर ऐसे मामलों पर पत्रकार समाज खामोश रहा, तो यह खामोशी ही आने वाले समय में और बड़े हमलों को जन्म दे सकती है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या पत्रकारिता ऐसे ही बदनाम होती रहेगी? क्या सच्चाई की कलम यूँ ही कुचली जाती रहेगी? पत्रकार केवल खबर लिखने वाला नहीं होता, वह समाज की आँख और जनता की आवाज़ होता है। लेकिन जब उसी आवाज़ को डराने और दबाने की कोशिश होती है, तब पूरे समाज को जागने की जरूरत होती है। अब समय आ गया है कि पत्रकार अपने मतभेद भुलाकर एक मंच पर खड़े हों। क्योंकि अगर आज भी कलम के सिपाही नहीं जागे, तो सच्चाई की आवाज़ हमेशा के लिए खामोश हो सकती है। यह सिर्फ पत्रकार का सवाल नहीं है, यह लोकतंत्र की आत्मा का सवाल है। कैमरामैन के साथ यज्ञ राज मौर्य यूपी ग्राम क्रांति न्यूज़ चैनल
- ईसानगर–हसनपुर कटौली में आम के पेड़ों पर आरी, गरीब बच्चों के मुंह से छीने जा रहे मीठे फल? ईसानगर थाना क्षेत्र, हसनपुर कटौली (लखीमपुर खीरी) ईसानगर क्षेत्र के हसनपुर कटौली में इन दिनों बड़ी संख्या में आम के पेड़ों की कटाई का मामला सामने आ रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि ठेकेदारों द्वारा सैकड़ों पेड़ों पर आरी चलाकर ट्रैक्टर-ट्रॉलियों और डंपरों में लकड़ी भरकर बाहर भेजी जा रही है। गांव वालों का कहना है कि जिन आम के पेड़ों से हर साल गरीब परिवारों के बच्चे मीठे फल खाकर खुश होते थे, वही पेड़ अब ठेकेदारों की भेंट चढ़ रहे हैं। लोगों के मुताबिक अगर यही हाल रहा तो इस सीजन में गरीब जनता के बच्चों को आम खाने के लिए तरसना पड़ सकता है। सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि इतनी भारी मात्रा में पेड़ों की कटाई होने के बावजूद वन विभाग और वन रेंज अधिकारी की चुप्पी आखिर क्यों है? ग्रामीणों में चर्चा है कि क्या यह सब “गुलाबी नोटों” के दम पर हो रहा है, या फिर प्रशासन की नजर इस पर नहीं पड़ रही? स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath लगातार “एक वृक्ष मां के नाम” जैसे अभियान चलाकर पर्यावरण बचाने का संदेश दे रहे हैं, लेकिन जमीनी हकीकत इसके बिल्कुल उलट नजर आ रही है। एक तरफ पेड़ लगाने की बात, तो दूसरी तरफ हजारों पेड़ों पर आरी चलने से पर्यावरण पर भी गंभीर खतरा मंडरा रहा है। ग्रामीणों के अनुसार हसनपुर कटौली क्षेत्र में बड़ी मात्रा में कटे हुए पेड़ों की लकड़ी के ढेर और ड्रम पड़ी लकड़ी देखी जा सकती है। ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि: इतनी बड़ी कटाई की अनुमति किसने दी? वन विभाग की जिम्मेदारी किसकी है? पर्यावरण और गरीबों के हक की रक्षा कौन करेगा? इस पूरे मामले को लेकर जनता में भारी आक्रोश है और लोग मांग कर रहे हैं कि प्रशासन तुरंत जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करे, ताकि पर्यावरण भी बचे और गरीबों के बच्चों के मुंह से मीठे फल न छीने जाएं। हक की आवाज न्यूज़ चैनल संपादक: ऑल इंडिया प्रेस महापात्र शन्नो आचार्य 📞 8601660864 हर खबर के लिए संपर्क करें1
- यूपी ग्राम क्रांति न्यूज़ चैनल तहसील रिपोर्टर यज्ञ राज मौर्य की खास रिपोर्ट पत्रकारों पर हमले कब तक? क्या यूँ ही खामोश रहेगा कलम का समाज? लखीमपुर खीरी समेत प्रदेश के कई इलाकों से लगातार ऐसी खबरें सामने आ रही हैं जहाँ पत्रकारों पर जानलेवा हमले हो रहे हैं। कहीं पत्रकारों के साथ अभद्रता की जा रही है, तो कहीं सच्चाई दिखाने की कीमत उन्हें धमकियों और मारपीट के रूप में चुकानी पड़ रही है। सवाल सिर्फ एक पत्रकार का नहीं है। यह सवाल उस कलम का है जो सच लिखती है, उस आवाज़ का है जो जनता की बात उठाती है, और उस लोकतंत्र का है जो सच पर टिका है। जब भी किसी पत्रकार पर हमला होता है, तो वह सिर्फ एक व्यक्ति पर हमला नहीं होता, बल्कि सच बोलने की हिम्मत पर हमला होता है। अगर ऐसे मामलों पर पत्रकार समाज खामोश रहा, तो यह खामोशी ही आने वाले समय में और बड़े हमलों को जन्म दे सकती है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या पत्रकारिता ऐसे ही बदनाम होती रहेगी? क्या सच्चाई की कलम यूँ ही कुचली जाती रहेगी? पत्रकार केवल खबर लिखने वाला नहीं होता, वह समाज की आँख और जनता की आवाज़ होता है। लेकिन जब उसी आवाज़ को डराने और दबाने की कोशिश होती है, तब पूरे समाज को जागने की जरूरत होती है। अब समय आ गया है कि पत्रकार अपने मतभेद भुलाकर एक मंच पर खड़े हों। क्योंकि अगर आज भी कलम के सिपाही नहीं जागे, तो सच्चाई की आवाज़ हमेशा के लिए खामोश हो सकती है। यह सिर्फ पत्रकार का सवाल नहीं है, यह लोकतंत्र की आत्मा का सवाल है। कैमरामैन के साथ यज्ञ राज मौर्य यूपी ग्राम क्रांति न्यूज़ चैनल1
- ब्रेकिंग न्यूज़ | धौरहरा पत्रकार पर जानलेवा हमला, बेल्ट से किया प्रहार धौरहरा क्षेत्र के रामवाटिका मेले में जुआरियों का जमावड़ा लगने की सूचना पुलिस प्रशासन को देने के बाद एक पत्रकार पर कुछ असामाजिक तत्वों ने जानलेवा हमला कर दिया। आरोप है कि हमलावरों ने पत्रकार को गंदी-गंदी गालियां देते हुए बेल्ट से मारपीट की और जान से मारने की धमकी भी दी। बताया जा रहा है कि मेले में खुलेआम जुआ खेला जा रहा था। इसकी जानकारी पत्रकार द्वारा पुलिस प्रशासन को देने के बाद नाराज जुआरियों ने पत्रकार को घेरकर हमला कर दिया। इस घटना से क्षेत्र के पत्रकारों में भारी आक्रोश है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि रामवाटिका मेला जुआरियों का अड्डा बनता जा रहा है, जिससे कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं। पत्रकार संगठनों ने प्रशासन से हमलावरों की तुरंत गिरफ्तारी और पत्रकार की सुरक्षा की मांग की है। UP Gram Kranti News (धौरहरा)1
- नवनियुक्ति जिला अध्यक्ष अरविंद गुप्ता को चांदी का मुकुट पहनाकर किया गया सम्मानित।1
- अज्ञात कारणों से लगी आग, फूस का मकान जलकर राख, गृहस्थी का सामान खाक बैवाही (बहराइच)। चौकी बैवाही क्षेत्र के रामपुर धोबिया हार गांव में शनिवार की शाम अचानक लगी आग से एक गरीब परिवार का फूस का मकान जलकर राख हो गया। आग इतनी तेजी से फैली कि देखते ही देखते पूरे घर को अपनी चपेट में ले लिया और गृहस्थी का सारा सामान जलकर नष्ट हो गया। जानकारी के अनुसार गांव निवासी कमल किशोर गिरी के फूस के मकान में शनिवार को लगभग साढ़े तीन बजे अज्ञात कारणों से आग लग गई। शुरुआत में लोगों को जब तक आग की जानकारी हुई तब तक लपटें तेज हो चुकी थीं। गांव में शोर मचने पर बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए और बाल्टी व अन्य साधनों की मदद से आग बुझाने में जुट गए। ग्रामीणों की कड़ी मशक्कत के बाद किसी तरह आग पर काबू पाया गया, लेकिन तब तक फूस का मकान पूरी तरह जलकर राख हो चुका था। इस अग्निकांड में घर में रखा अनाज, कपड़े, बर्तन और अन्य गृहस्थी का सामान जलकर नष्ट हो गया। पीड़ित कमल किशोर गिरी ने बताया कि आग लगने से करीब एक लाख रुपये से अधिक का नुकसान हुआ है। उन्होंने बताया कि घर में रखी करीब 1500 रुपये की नगदी भी आग में जल गई। घटना की सूचना प्रशासन को दी गई है। इस संबंध में हल्का लेखपाल श्याम प्रसाद ने बताया कि आग लगने की सूचना मिली है और वह मौके पर पहुंचकर नुकसान का आकलन कर रहे हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से पीड़ित परिवार को जल्द से जल्द आर्थिक सहायता दिलाने की मांग की है, ताकि उन्हें राहत मिल सके।1
- आम आदमी पार्टी, उत्तर प्रदेश गैस सिलेंडर के दामों में बेतहाशा वृद्धि और गैस की किल्लत के विरोध में आम आदमी पार्टी का जोरदार विरोध प्रदर्शन गैस की किल्लत के कारण होटल, ढाबा, रेस्टोरेंट और स्ट्रीट फूड से जुड़े कारोबारियों के सामने गंभीर आर्थिक संकट मोदी सरकार की नीतियों के कारण जनता महंगाई और गैस संकट से परेशान — जिलाध्यक्ष विक्रम जीत सिंह घरेलू गैस सिलेंडर पर ₹60 और कमर्शियल सिलेंडर पर ₹120 की बढ़ोतरी गरीब और मध्यम वर्ग पर सीधा हमला — जिलाध्यक्ष विक्रम जीत सिंह अमेरिका के दबाव में रूस से सस्ता तेल कम खरीदने से देश को भारी आर्थिक नुकसान — जिलाध्यक्ष विक्रम जीत सिंह जिला मऊ, 14 मार्च 2026 देश में लगातार बढ़ती महंगाई, एलपीजी गैस सिलेंडर की कीमतों में वृद्धि और गैस सिलेंडर की किल्लत के विरोध में आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता व राज्यसभा सांसद संजय सिंह के आवाह्न पर शनिवार को आम आदमी पार्टी, उत्तर प्रदेश के कार्यकर्ताओं ने जिला मुख्यालयों पर जोरदार प्रदर्शन किया और महामहिम राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन जिला प्रशासन को सौंपा। मऊ में यह प्रदर्शन आम आदमी पार्टी के जिलाध्यक्ष विक्रम जीत सिंह के नेतृत्व में किया गया। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार की आर्थिक नीतियों के खिलाफ जोरदार नारेबाजी करते हुए कहा कि आज देश की जनता महंगाई और गैस संकट से जूझ रही है। गैस सिलेंडरों की भारी किल्लत के कारण लोगों को लंबी लाइनों में लगने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है, जिसका सबसे अधिक असर गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों पर पड़ रहा है। इस अवसर पर जिलाध्यक्ष विक्रम जीत सिंह ने कहा कि हाल ही में घरेलू एलपीजी गैस सिलेंडर के दामों में ₹60 तथा कमर्शियल गैस सिलेंडर के दामों में ₹120 की वृद्धि ने आम जनता और छोटे व्यापारियों की परेशानियों को और बढ़ा दिया है। होटल, ढाबा, रेस्टोरेंट और स्ट्रीट फूड से जुड़े लाखों छोटे कारोबारियों के सामने आज गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। देश के कई हिस्सों से छोटे व्यवसायों के बंद होने की खबरें सामने आ रही हैं, जो सरकार की नीतियों की विफलता को दर्शाती हैं। उन्होंने कहा कि देश में उपयोग होने वाली लगभग 60 प्रतिशत एलपीजी विदेशों से आयात की जाती है, जिसका बड़ा हिस्सा स्ट्रेट ऑफ हार्मुज़ के रास्ते भारत पहुंचता है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव का असर ऊर्जा आपूर्ति पर पड़ रहा है, लेकिन केंद्र सरकार ने इस गंभीर स्थिति से निपटने के लिए कोई ठोस रणनीति नहीं बनाई है। आम आदमी पार्टी का आरोप है कि अमेरिका के दबाव में रूस से सस्ता तेल खरीदने में कमी करने के कारण देश को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है, जिसका सीधा असर महंगाई के रूप में देश की जनता पर पड़ रहा है। जिलाध्यक्ष विक्रम जीत सिंह ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि गैस और ऊर्जा क्षेत्र में कुछ निजी कंपनियों को लाभ पहुंचाने वाली नीतियों के कारण आम जनता पर महंगाई का बोझ लगातार बढ़ता जा रहा है। इससे छोटे और मध्यम उद्योगों पर भी गंभीर आर्थिक दबाव पड़ रहा है और बेरोजगारी की स्थिति तेजी से बढ़ रही है। इस दौरान जिलाध्यक्ष विक्रम जीत सिंह ने व्यंग्य करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कई बार यह कहते हैं कि नाले की गैस से भी चाय बनाई जा सकती है। उन्होंने कहा कि हम लोगों ने भी मऊ में नाले से गैस निकालने की कोशिश की, लेकिन यहां के नालों से गैस नहीं निकल पाई क्योंकि यहां के नाले भ्रष्टाचार से लिप्त हैं। यह स्थिति बताती है कि सरकार की योजनाएं जमीन पर कितनी विफल हैं। उन्होंने कहा कि देश के विभिन्न राज्यों में हजारों छोटे व्यवसाय प्रभावित हो रहे हैं और उद्योग बंद होने की स्थिति पैदा हो रही है। यदि केंद्र सरकार ने समय रहते महंगाई और ऊर्जा संकट पर नियंत्रण के लिए प्रभावी कदम नहीं उठाए तो देश की आर्थिक स्थिति और अधिक गंभीर हो सकती है। आम आदमी पार्टी ने राष्ट्रपति के नाम दिए गए ज्ञापन के माध्यम से मांग की कि घरेलू एलपीजी गैस सिलेंडर के दामों में की गई हालिया वृद्धि को तत्काल प्रभाव से वापस लिया जाए, पेट्रोल और डीजल की कीमतों को नियंत्रित करने के लिए पारदर्शी नीति लागू की जाए, गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों को रसोई गैस पर विशेष सब्सिडी दी जाए तथा बढ़ती महंगाई पर नियंत्रण के लिए केंद्र सरकार स्पष्ट और जवाबदेह नीति घोषित करे। इस प्रदर्शन में अवधेश मौर्या, अविनाश सिंह लाला, पुष्पेंद्र राणावत, मनोज कुमार, विजय यादव, रीता भारती, इकबाल अहमद, अंकुर यादव, सुभाष यादव, बिपिन कुमार, ऋषिकेश पांडे, जयराम यादव सहित आम आदमी पार्टी के अनेक कार्यकर्ता उपस्थित रहे। पार्टी ने चेतावनी दी कि यदि केंद्र सरकार ने बढ़ती महंगाई और गैस की कीमतों के मुद्दे पर जल्द ठोस कदम नहीं उठाए तो आम आदमी पार्टी देशभर में जन आंदोलन तेज करने के लिए बाध्य होगी।1
- उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले के कस्बा खीरी में शाहे विलायत हज़रत मखदूम पीर रहमतुल्लाह तआला का 447वां उर्स अकीदत व एहतराम के साथ मनाया गया। उर्स के मौके पर दूर-दराज़ से आए अकीदतमंदों ने दरगाह पर चादरपोशी कर मुल्क में अमन-ओ-अमान और खुशहाली की दुआ मांगी। उर्स के दौरान दरगाह परिसर में कुरआन ख्वानी, फातिहा और विशेष दुआओं का आयोजन किया गया। बड़ी संख्या में जायरीन दरगाह पर हाजिरी देने पहुंचे और लंगर-ए-आम का भी इंतज़ाम किया गया। उर्स के मौके पर इलाके में रौनक का माहौल रहा और सुरक्षा व्यवस्था भी चाक-चौबंद रखी गई।1
- 🚨 बिग ब्रेकिंग न्यूज़ 📍 #लखीमपुर_खीरी तहसील धौरहरा क्षेत्र के समैसा गांव से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। एक गरीब किसान ने SDM धौरहरा और क्षेत्रीय विधायक पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़ित किसान का कहना है कि उसकी पुस्तैनी जमीन पर फर्जी स्थगन आदेश जारी कर दिया गया, जबकि उसके पास जमीन से संबंधित बैनामा, चकबंदी के कागज, नायब तहसीलदार, कानूनगो और लेखपाल की रिपोर्ट तक मौजूद है। किसान का आरोप है कि स्थगन आदेश जारी होने के बाद SDM ने अपने CUG नंबर से फोन कर जमीन छोड़ने की सलाह दी। पीड़ित का दावा है कि SDM ने यह भी कहा कि आदेश विधायक के दबाव में पारित किया गया है, इसलिए मामले में विधायक से बात करने की सलाह दी गई। न्याय की गुहार लेकर किसान अपनी पत्नी और बच्चों के साथ DM खीरी के दरबार पहुंचा और पूरे मामले की जांच की मांग की। पीड़ित किसान ने आरोप लगाया है कि SDM, विधायक और रसूखदार लोगों की मिलीभगत से उसकी जमीन हड़पने की कोशिश की जा रही है। यह मामला धौरहरा तहसील क्षेत्र के समैसा गांव का बताया जा रहा है। फिलहाल प्रशासन की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। 🎥 यूपी ग्राम क्रांति न्यूज़ चैनल ✍️ तहसील रिपोर्टर – यज्ञ राज मौर्य वायरल वीडियो आवास1