गदरपुर गैंगरेप के आरोपी भागने लगे, जनता ने घेरकर पीटा। गदरपुर गैंगरेप मामले में गिरफ्तार आरोपियों को लेकर जा रही पुलिस की गाड़ी बीच रास्ते में खराब हो गई। इसी दौरान आरोपियों ने मौके का फायदा उठाकर भागने का प्रयास किया। यह देख आसपास मौजूद लोगों ने उन्हें घेर लिया और जमकर पिटाई कर दी। हालात बिगड़ते देख पुलिस को बल प्रयोग कर आरोपियों को भीड़ से छुड़ाना पड़ा और दोबारा अपनी हिरासत में लिया। गदरपुर गैंगरेप मामले में गिरफ्तार आरोपियों को पुलिस न्यायालय ले जा रही थी। इसी दौरान पुलिस वाहन में तकनीकी खराबी आ गई। बताया जा रहा है कि गाड़ी रुकते ही आरोपियों ने भागने का प्रयास किया। मौके पर मौजूद लोगों ने तुरंत उन्हें घेर लिया और आक्रोशित भीड़ ने आरोपियों की पिटाई शुरू कर दी। स्थिति बिगड़ती देख पुलिस ने तत्काल हस्तक्षेप किया और बल प्रयोग कर आरोपियों को भीड़ के चंगुल से बाहर निकाला। इसके बाद आरोपियों को कड़ी सुरक्षा के बीच दोबारा हिरासत में लेकर आगे की कार्रवाई के लिए रवाना किया गया। घटना का वीडियो भी सामने आया है, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
गदरपुर गैंगरेप के आरोपी भागने लगे, जनता ने घेरकर पीटा। गदरपुर गैंगरेप मामले में गिरफ्तार आरोपियों को लेकर जा रही पुलिस की गाड़ी बीच रास्ते में खराब हो गई। इसी दौरान आरोपियों ने मौके का फायदा उठाकर भागने का प्रयास किया। यह देख आसपास मौजूद लोगों ने उन्हें घेर लिया और जमकर पिटाई कर दी। हालात बिगड़ते देख पुलिस को बल प्रयोग कर आरोपियों को भीड़ से छुड़ाना पड़ा और दोबारा अपनी हिरासत में लिया। गदरपुर गैंगरेप मामले में गिरफ्तार आरोपियों को पुलिस न्यायालय ले जा रही थी। इसी दौरान पुलिस वाहन में तकनीकी खराबी आ गई। बताया जा रहा है कि गाड़ी रुकते ही आरोपियों ने भागने का प्रयास किया। मौके पर मौजूद लोगों ने तुरंत उन्हें घेर लिया और आक्रोशित भीड़ ने आरोपियों की पिटाई शुरू कर दी। स्थिति बिगड़ती देख पुलिस ने तत्काल हस्तक्षेप किया और बल प्रयोग कर आरोपियों को भीड़ के चंगुल से बाहर निकाला। इसके बाद आरोपियों को कड़ी सुरक्षा के बीच दोबारा हिरासत में लेकर आगे की कार्रवाई के लिए रवाना किया गया। घटना का वीडियो भी सामने आया है, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
- गंगा में डूबते कांवड़िये के लिए Sdrf के जवान बने देवदूत । ब्रेकिंग न्यूज़/हरिद्वार गंगा में डूब रहे कांवड़िये की SDRF ने बचाई जान, बड़ा हादसा टला। कांगड़ा घाट पर ड्यूटी के दौरान मिली सूचना, SDRF टीम ने तुरंत शुरू किया रेस्क्यू अभियान। हरियाणा के जींद निवासी 19 वर्षीय कांवड़िये को सुरक्षित बाहर निकालकर मौके पर प्राथमिक उपचार दिया गया। समय रहते रेस्क्यू होने से टली बड़ी अनहोनी, श्रद्धालुओं ने SDRF टीम की त्वरित कार्रवाई की सराहना की। कांवड़ मेले के बीच घाटों पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी, आपात स्थिति से निपटने के लिए रेस्क्यू टीमें पूरी तरह मुस्तैद।1
- उत्तरकाशी. धराली आपदा प्रभावितों के पुनर्वास व मुआवजे पर बोले गंगोत्री विधायक सुरेश चौहान. उत्तरकाशी. धराली आपदा प्रभावितों के पुनर्वास व मुआवजे पर बोले गंगोत्री विधायक सुरेश चौहान. उत्तरकाशी जिले के धराली, हर्षिल और भटवाड़ी क्षेत्र में आई भीषण आपदा को एक वर्ष पूरा होने जा रहा है। इस अवसर पर गंगोत्री क्षेत्र के विधायक सुरेश चौहान ने आपदा प्रभावितों के बचाव, पुनर्वास कार्य और मुआवजे से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर अपनी बात रखी। *तत्काल राहत और पुनर्वास के प्रयास* विधायक सुरेश चौहान ने कहा कि आपदा आते ही सबसे प्राथमिक कार्य वहां रह रहे लोगों को सुरक्षित बचाना और उन्हें सुरक्षित स्थानों पर पुनर्स्थापित करना था। जिन लोगों के घर आपदा में नष्ट हो गए थे, उन्हें सरकार की ओर से ६ महीने का किराया देकर सुरक्षित स्थानों पर बसाया गया। प्रभावितों को मकानों के मुआवजे के तौर पर तत्काल ₹5 लाख की फौरी वित्तीय सहायता राशि प्रदान की गई। विस्थापित परिवारों को नए आवास निर्माण हेतु बेनामी जमीन पर जगह उपलब्ध कराने के लिए सरकार द्वारा अनुमति दे दी गई है। *नियमों की बाध्यता और मुआवजे में आ रही रुकावटें* होटल और व्यावसायिक नुकसान के मुआवजे पर बात करते हुए विधायक ने स्वीकार किया कि कड़े नियमों के कारण कुछ मामले लटके हुए हैं,क्षेत्र में लगभग 116 से 123 होटलों को चिह्नित किया गया था, जिनमें से लगभग 95 होटलों के मामलों पर प्रक्रिया जारी है। नियमों के अनुसार जो होटल या निर्माण 40-50 वर्षों से सरकारी जमीन पर बने दर्ज हैं, उनका मुआवजा रुक गया है। पहाड़ी क्षेत्रों में लोग वर्षों से साधारण तरीके से रहते आए हैं और उन्हें यह ज्ञात नहीं था कि भूमि उनके नाम पंजीकृत है या नहीं। ऐसे लगभग 22 से 23 प्रभावित परिवार हैं।विधायक चौहान ने स्पष्ट किया कि वे इस मामले में मुख्यमंत्री से पुनः अनुरोध करेंगे कि नियमों में ढील देकर इन प्रभावित परिवारों को भी मुआवजा दिया जाए, क्योंकि उनका भारी नुकसान हुआ है। *₹70 करोड़ का सुरक्षा चक्र और सुरक्षा कार्य* आपदा की रोकथाम और भावी सुरक्षा के लिए भारत सरकार को डीपीआर (DPR) भेजी गई थी, जिसे स्वीकृति मिल चुकी है। जिस नाले व स्थान से बादल फटा था, वहां के उपचार के साथ-साथ ककोड़ा गाड़, हर्षिल, भटवाड़ी और पास स्थित आर्मी कैंप क्षेत्र की सुरक्षा के लिए ₹70 करोड़ की योजना स्वीकृत हुई है। साथ ही कई स्थानों पर सुरक्षा कार्य शुरू कर दिए गए हैं। *नदियों में गाद और नियमों में छूट की मांग* विधायक ने पर्यावरण व इको-सेंसिटिव ज़ोन के कारण आ रही व्यावहारिक समस्याओं पर भी चिंता जताई,मलबे और गाद (गाद/सिल्ट) जमा होने से नदी का जलस्तर लगातार ऊपर उठ रहा है, जिससे किनारे बसी आबादी हमेशा खतरे में बनी रहती है।उन्होंने मांग की कि नियमों में ढील देकर नदियों से गाद हटाने की अनुमति दी जानी चाहिए, ताकि उत्तरकाशी और आसपास की बस्तियों को सुरक्षित रखा जा सके।4
- मेडिकल कॉलेज के लिए क्या Tehri मुख्यालय के हैं धरना-प्रदर्शन की तयारी1
- मकान मे अतिक्रमण से पड़ी दरारें,बुजुर्ग ब्यक्ति की नही हो रही सुनवाई, प्रशासन ने मूंदी आंखे मकान मे अतिक्रमण से पड़ी दरारें,बुजुर्ग ब्यक्ति की नही हो रही सुनवाई, प्रशासन ने मूंदी आंखे1
- टिहरी में भीलंगना नदी का जलस्तर बढ़ने की आशंका, प्रशासन ने जारी किया अलर्ट लगातार बारिश के कारण टिहरी गढ़वाल की भीलंगना नदी का जलस्तर बढ़ने की आशंका को देखते हुए नगर पंचायत घनसाली ने लाउडस्पीकर के माध्यम से लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। प्रशासन ने नागरिकों को नदी, गदेरों और नालों से दूर रहने तथा जलस्तर बढ़ने पर तुरंत सुरक्षित स्थान पर जाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही सभी से प्रशासन की एडवाइजरी का पालन करने और दूसरों को भी जागरूक करने की अपील की गई है।1
- वीर चन्द्र सिंह गढ़वाली उत्तराखण्ड औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय में आयोजित हुआ तीन दिवसीय प्रशिक्षण सेमिनार। NIU देहरादून NIU ✍️वीर चन्द्र सिंह गढ़वाली उत्तराखण्ड औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, भरसार, पौड़ी गढ़वाल, उत्तराखण्ड के कुलपति डॉ. भगवती प्रसाद भट्ट के दिशानिर्देशन, वानिकी महाविद्यालय एवं पर्वतीय कृषि महाविद्यालय के अधिष्ठाता प्रो. (डॉ.) तारा सिंह मेहरा एवं निदेशक शैक्षणिक डॉ. अरविंद बिजल्वाण के सहयोग एवं मार्गदर्शन में, पर्वतीय कृषि महाविद्यालय, रानीचैरी परिसर के पादप रोग विज्ञान विभाग की ओर से 28 से 30 जुलाई, 2026 तक, किसानों की आय में वृद्धि करने के उद्देश्य से हिम्मोत्थान सोसाइटी, देहरादून (टाटा ट्रस्ट की एक पहल) के सहयोग से कृषकों के लिए तीन दिवसीय क्षमता संवर्धन प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया । इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का विषय "कृषि एवं बागवानी फसलों में जैविक प्रणाली के अंतर्गत समेकित पादप रोग एवं कीट प्रबंधन" है। कार्यक्रम का समन्वयन पादप रोग विज्ञान की विभागाध्यक्ष डॉ. लक्ष्मी रावत द्वारा किया जा रहा है। सह-समन्वयक के रूप में डॉ. तौफीक अहमद और डॉ. अंकित टम्टा के ने कार्यक्रम के संचालन में सहयोद प्रदान किया जा रहा है। उद्घाटन सत्र के अवसर पर प्रायोजक संस्था हिम्मोत्थान सोसाइटी, देहरादून के प्रतिनिधि डॉ. अक्षित कुकरेती एवं संदीप रतूड़ी भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। इस तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में छह क्लस्टरों "थलीसैंण, मालदेवता, जड़ीपानी, देवाल, उत्तरकाशी तथा दुगड्डा के अंतर्गत चयनित 13 गाँवों से कुल 25 कृषक प्रतिभागियों ने भाग लिया। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य कृषकों को कृषि एवं बागवानी फसलों में रोग एवं कीटों के समेकित, जैविक एवं पर्यावरण-अनुकूल प्रबंधन की आधुनिक वैज्ञानिक तकनीकों से अवगत कराना तथा टिकाऊ एवं सुरक्षित कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देना है। डॉ. अरविन्द बिजल्वाण, निदेशक शैक्षणिक, भरसार, विश्वविद्यालय, कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में सम्मिलित हुए एवं किसानो को अपने सम्बोधन से लाभान्वित किया । डॉ लक्ष्मी रावत, कार्यक्रम समन्वयक एवं विभागाध्यक्ष पादप रोग विज्ञान विभाग ने बताया कि कार्यक्रम का उद्देश्य कृषकों को व्यावहारिक ज्ञान देना एवं विश्वविद्यालय की नवीनतम तकनीकों से अवगत करवाना है। इस अवसर पर डॉ लक्ष्मी रावत द्वारा सतत मार्गदर्शन, प्रेरणा एवं सहयोग के लिए भरसार विश्वविद्यालय केे कुलपति प्रोफेसर बीपी भट्ट एवं पर्वतीय कृषि महाविद्यालय के अधिष्ठाता प्रोफेसर तारा सिंह महरा के प्रति आभार प्रकट किया। उद्घाटन सत्र में डॉ आर.के प्रसाद, डॉक्टर पंकज कुमार, डॉक्टर संजीव वर्मा, डॉ. संजीव रवि, डॉ. गिरीश दांगी, डॉ. अमन डबराल, डॉ. उदय भानु प्रताप, डॉ शिखा टम्टा, डॉक्टर बिजेंद्र लाल, रजनी रमोला, ललिता, सौरभ रावत, नीलम नेगी तथा मुकेश कोठारी आदि कुल 60 से अधिक लोग सम्मिलित थे । बाइट : डॉ. अरविंद बिजल्वाण निदेशक शैक्षणिक, पर्वतीय कृषि महाविद्यालय, रानीचैरी परिसर1
- उत्तरकाशी. ब्रह्मखाल में कांग्रेस कार्यकर्ता सम्मेलन सम्पन्न, सीमांत उत्तरकाशी को अनुसूचित जनजाति क्षेत्र का दर्जा एवं मेडिकल कॉलेज की मांग प्रमुखता से उठाई जाएगी -प्रदीप सिंह रावत. उत्तरकाशी. ब्रह्मखाल में कांग्रेस कार्यकर्ता सम्मेलन सम्पन्न, सीमांत उत्तरकाशी को अनुसूचित जनजाति क्षेत्र का दर्जा एवं मेडिकल कॉलेज की मांग प्रमुखता से उठाई जाएगी -प्रदीप सिंह रावत. ब्रह्मखाल में कांग्रेस कमेटी द्वारा भव्य कार्यकर्ता सम्मेलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जिला कांग्रेस कमेटी उत्तरकाशी के अध्यक्ष प्रदीप सिंह रावत रहे। सम्मेलन के दौरान ब्रह्मखाल कांग्रेस कमेटी के नवनियुक्त पदाधिकारियों का फूलमालाओं से स्वागत एवं सम्मान किया गया। साथ ही सेवानिवृत्त कर्मचारियों, ग्राम प्रधानों, पूर्व प्रधानों तथा कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण करने वाले सम्मानित नागरिकों को शॉल ओढ़ाकर पार्टी परिवार में उनका अभिनंदन किया गया। अपने संबोधन में जिला कांग्रेस अध्यक्ष प्रदीप सिंह रावत ने कहा कि सीमांत जनपद उत्तरकाशी की भौगोलिक, सांस्कृतिक एवं सामाजिक परिस्थितियों को देखते हुए इसे अनुसूचित जनजाति क्षेत्र का दर्जा दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि देश के अन्य सीमांत राज्यों एवं जनपदों को अनुसूचित जनजाति क्षेत्र का दर्जा देकर उनकी संस्कृति, वन संपदा, प्राकृतिक संसाधनों एवं पारंपरिक जीवन शैली को संरक्षण दिया गया है। उसी प्रकार उत्तरकाशी जनपद को भी यह दर्जा प्रदान किया जाना चाहिए, जिससे यहां के लोगों के अधिकारों एवं क्षेत्रीय पहचान की रक्षा हो सके। उन्होंने कहा कि जिला कांग्रेस कमेटी उत्तरकाशी की दूसरी प्रमुख मांग जनपद में मेडिकल कॉलेज की स्थापना है। इससे गंगोत्री, यमुनोत्री, धनौल्टी एवं प्रतापनगर विधानसभा क्षेत्रों सहित पूरे जनपद के लोगों को बेहतर एवं सुलभ स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध होंगी तथा युवाओं को चिकित्सा शिक्षा के नए अवसर भी प्राप्त होंगे। रावत ने कहा जिला कांग्रेस कमेटी उत्तरकाशी इन दोनों मांगों को प्रमुखता के साथ उठाएगी तथा आगामी विधानसभा चुनाव में इन्हें कांग्रेस के घोषणापत्र में शामिल कराने के लिए प्रयास करेगी। उन्होंने विश्वास दिलाया कि कांग्रेस पार्टी इन जनहित के मुद्दों को पूरा करने के लिए दृढ़ संकल्पित एवं वचनबद्ध है। मास्टर ट्रेनर बिपिन नौटियाल द्वारा उपस्थित बीएलए द्वितीय और कांग्रेसजनों को एस आई आर के बारे में जागरूक किया तथा बीएलओ से संपर्क कर गांव में किसी व्यक्ति का नाम जुड़ने में परेशानी हो रही हो तो उसकी मदद करने और कितने जुड़ रहे है कितने काटे गए उसकी जानकारी रखने समेत अन्य जानकारी दी कार्यक्रम में ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष विनोद ज़याडा, जिला महासचिव नवीन भंडारी, ओबीसी विभाग के जिलाध्यक्ष राजेंद्र गुसाईं, यमुनोत्री विधानसभा प्रभारी कनकपाल परमार (पूर्व प्रमुख, डुंडा), अनुज रावत (अन्ना भाई), पीसीसी सदस्य विजयपाल रावत, बिपिन नौटियाल (मास्टर ट्रेनर, एसआईआर), जिला मीडिया प्रभारी रमन कटैथ, बाबूराम शाह (प्रदेश महासचिव, आरजीपीएस), महावीर सिंह रावत (पूर्व जिला पंचायत सदस्य), श्रीपाल पंवार (ब्लॉक अध्यक्ष, थौलधार) सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।2
- SDRF और पुलिस की मुस्तैदी, गंगा में फंसे दो युवक सुरक्षित बचाए गए 🚨 The Aman Times हरिद्वार: कांगड़ा घाट पर तैनात रेस्क्यू टीम ने गंगा के तेज बहाव में फंसे दो युवकों को समय रहते सुरक्षित बाहर निकाल लिया। दोनों को सकुशल रेस्क्यू कर उनके परिजनों के सुपुर्द किया गया। रेस्क्यू किए गए युवकों की पहचान मेरठ निवासी मनीष और हरियाणा के जींद निवासी योगेश के रूप में हुई है। पुलिस की अपील: गंगा में स्नान के दौरान निर्धारित सुरक्षा सीमाओं का पालन करें। तेज बहाव वाले क्षेत्रों में जाने से बचें और अपनी सुरक्षा को सर्वोपरि रखें।1