बीजाडांडी पुलिस ने तीन गुमशुदा नाबालिग बालिकाओं को किया सकुशल दस्तयाब बीजाडांडी पुलिस ने तीन गुमशुदा नाबालिग बालिकाओं को किया सकुशल दस्तयाब गुजरात के सोमनाथ और डिंडोरी से किया रेस्क्यू पुलिस अधीक्षक मंडला राजेश रघुवंशी के निर्देशन में थाना बीजाडांडी पुलिस ने त्वरित और प्रभावी कार्रवाई करते हुए तीन गुमशुदा नाबालिग बालिकाओं को सकुशल दस्तयाब करने में सफलता प्राप्त की है। पुलिस ने कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद तीनों बालिकाओं को उनके परिजनों को सौंप दिया है। बताया गया कि थाना बीजाडांडी में इन नाबालिग बालिकाओं की गुमशुदगी के अलग-अलग मामले दर्ज थे। इन प्रकरणों को गंभीरता से लेते हुए पुलिस टीम ने लगातार पतासाजी की। तकनीकी विश्लेषण और मुखबिर तंत्र की मदद से पुलिस ने सघन खोजबीन अभियान चलाया, जिसके बाद पुलिस को बालिकाओं की लोकेशन के संबंध में अहम सुराग मिले। पुख्ता सूचना और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस टीम ने अलग-अलग स्थानों से इन बालिकाओं को सकुशल दस्तयाब किया। इनमें से एक बालिका को गुजरात राज्य के सोमनाथ से, दूसरी को ग्राम टिकरिया से और तीसरी बालिका को डिंडोरी जिले से दस्तयाब किया गया। सभी आवश्यक वैधानिक कार्यवाही पूर्ण करने के बाद पुलिस ने बालिकाओं को उनके विधिक अभिभावकों के सुपुर्द कर दिया। मंडला पुलिस द्वारा गुमशुदा बच्चों की शीघ्र तलाश एवं सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिले भर में निरंतर प्रभावी कार्रवाई कर रही है। इस पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक अनीता कुड़ापे के नेतृत्व में उप निरीक्षक सत्यनारायण कुशवाह एवं मुरारीलाल धुर्वे, सहायक उप निरीक्षक जय पाण्डेय एवं रंजीत सरैया, प्रधान आरक्षक विजय छिहा, आरक्षक प्रतीक रजक तथा महिला आरक्षक महिमा बास्केल, रीना नांगले एवं सौदामिनी की सराहनीय भूमिका रही। 00000000000000000000000000000
बीजाडांडी पुलिस ने तीन गुमशुदा नाबालिग बालिकाओं को किया सकुशल दस्तयाब बीजाडांडी पुलिस ने तीन गुमशुदा नाबालिग बालिकाओं को किया सकुशल दस्तयाब गुजरात के सोमनाथ और डिंडोरी से किया रेस्क्यू पुलिस अधीक्षक मंडला राजेश रघुवंशी के निर्देशन में थाना बीजाडांडी पुलिस ने त्वरित और प्रभावी कार्रवाई करते हुए तीन गुमशुदा नाबालिग बालिकाओं को सकुशल दस्तयाब करने में सफलता प्राप्त की है। पुलिस ने कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद तीनों बालिकाओं को उनके परिजनों को सौंप दिया है। बताया गया कि थाना बीजाडांडी में इन नाबालिग बालिकाओं की गुमशुदगी के अलग-अलग मामले दर्ज थे। इन प्रकरणों को गंभीरता से लेते हुए पुलिस टीम ने लगातार पतासाजी की। तकनीकी विश्लेषण और मुखबिर तंत्र की मदद से पुलिस ने सघन खोजबीन अभियान चलाया, जिसके बाद पुलिस को बालिकाओं की लोकेशन के संबंध में अहम सुराग मिले। पुख्ता सूचना और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस टीम ने अलग-अलग स्थानों से इन बालिकाओं को सकुशल दस्तयाब किया। इनमें से एक बालिका को गुजरात राज्य के सोमनाथ से, दूसरी को ग्राम टिकरिया से और तीसरी बालिका को डिंडोरी जिले से दस्तयाब किया गया। सभी आवश्यक वैधानिक कार्यवाही पूर्ण करने के बाद पुलिस ने बालिकाओं को उनके विधिक अभिभावकों के सुपुर्द कर दिया। मंडला पुलिस द्वारा गुमशुदा बच्चों की शीघ्र तलाश एवं सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिले भर में निरंतर प्रभावी कार्रवाई कर रही है। इस पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक अनीता कुड़ापे के नेतृत्व में उप निरीक्षक सत्यनारायण कुशवाह एवं मुरारीलाल धुर्वे, सहायक उप निरीक्षक जय पाण्डेय एवं रंजीत सरैया, प्रधान आरक्षक विजय छिहा, आरक्षक प्रतीक रजक तथा महिला आरक्षक महिमा बास्केल, रीना नांगले एवं सौदामिनी की सराहनीय भूमिका रही। 00000000000000000000000000000
- मंडला - नगर पालिका क्षेत्र में आवारा मवेशियों का आतंक, बीच सड़कों पर यातायात कर रहे प्रभावित1
- अपोलो हॉस्पिटल, जबलपुर में प्रेस वार्ता का आयोजन हुआ आज तक दर्द का मतलब था-दर्द की गोली। अब समय है दर्द की वजह का इलाज करने का। इसी सोच के साथ इंडियन सोसाइटी फॉर स्टडी ऑफ़ पेन (ISSP) द्वारा जबलपुर में यंग पेन फिजिशियन कॉन 2026 का आयोजन किया जा रहा है। देशभर से आए युवा पेन फिजिशियन ऐसे विशेषज्ञ हैं जो केवल दर्द कम नहीं करते, बल्कि दर्द के वास्तविक कारण की पहचान कर उसका वैज्ञानिक एवं आधुनिक उपचार करते हैं। इस सम्मेलन की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसमें युवा एवं वरिष्ठ पेन फिजिशियन एक ही मंच पर अपने अनुभव, शोध एवं नवीन तकनीकों को साझा करेंगे। यह सम्मेलन दर्द चिकित्सा के क्षेत्र में ज्ञान, नवाचार और अनुभव का अनूठा संगम होगा। अपोलो हॉस्पिटल, जबलपुर आधुनिक दर्द चिकित्सा के अग्रणी केंद्रों में से एक है और इस प्रतिष्ठित राष्ट्रीय सम्मेलन की मेजबानी कर रहा है। अस्पताल का उद्देश्य नवीनतम चिकित्सा तकनीकों, शोध एवं चिकित्सा शिक्षा को बढ़ावा देना तथा मरीजों को विश्वस्तरीय दर्द उपचार उपलब्ध कराना है। यह जबलपुर लपुर के लिए गर्व का विषय है कि इस राष्ट्रीय सम्मेलन की मेजबानी का अवसर शहर को प्राप्त हुआ है। यह संभव हो सका है क्योंकि जबलपुर के वरिष्ठ पेन फिजिशियन डॉ. संजय खन्ना वर्तमान में इंडियन सोसाइटी फॉर स्टडी ऑफ़ पेन (ISSP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं। उनके नेतृत्व में पहली बार यह प्रतिष्ठित राष्ट्रीय सम्मेलन अपोलो हॉस्पिटल, जबलपुर में आयोजित किया जा रहा है। इसी क्रम में आज दिनांक 06 अगस्त 2026 को अपोलो हॉस्पिटल, जबलपुर में एक प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया। इस अवसर पर हॉस्पिटल के सीईओ डॉ. पुनीत मेहता, डॉ. नीलेश रावल एवं श्री हरभजन सिंह सैनी उपस्थित रहे। प्रेस वार्ता के दौरान उन्होंने सम्मेलन के उद्देश्य, दर्द चिकित्सा के बदलते स्वरूप, आधुनिक उपचार पद्धतियों तथा जबलपुर में इस राष्ट्रीय सम्मेलन के आयोजन के महत्व पर विस्तार से जानकारी दी। उपस्थित पत्रकारों द्वारा पूछे गए विभिन्न प्रश्नों के उत्तर देते हुए उन्होंने बताया कि इस सम्मेलन के माध्यम से देशभर के विशेषज्ञों के बीच ज्ञान एवं अनुभव का आदान-प्रदान होगा, जिससे मरीजों को और अधिक प्रभावी एवं आधुनिक दर्द उपचार उपलब्ध कराने में सहायता मिलेगी। प्रेस वार्ता में उपस्थित मीडिया प्रतिनिधियों ने भी सम्मेलन से संबंधित विभिन्न विषयों पर प्रश्न पूछे, जिनका विस्तारपूर्वक उत्तर देते हुए वक्ताओं ने इस आयोजन को जबलपुर एवं मध्यप्रदेश के लिए गौरव का विषय बताया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के राष्ट्रीय स्तर के आयोजनों से शहर की चिकित्सा पहचान और अधिक मजबूत होगी तथा आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति जन-जागरूकता भी बढ़ेगी।3
- "मैं पहले एक महिला हूं, फिर अधिकारी" — कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया का भावुक संदेश, महिलाओं से कहा- अपने अधिकार जानिए, आगे बढ़िए "मैं पहले एक महिला हूं, फिर अधिकारी" — कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया का भावुक संदेश, महिलाओं से कहा- अपने अधिकार जानिए, आगे बढ़िए जिला स्तरीय कार्यशाला में महिला जनप्रतिनिधियों को कानून, सुरक्षा, सरकारी योजनाओं और आत्मनिर्भरता का मिला प्रशिक्षण, स्वास्थ्य जांच शिविर भी लगा डिंडौरी, 06 अगस्त 2026। महिलाओं के सशक्तिकरण को विकसित भारत की सबसे मजबूत नींव बताते हुए कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया ने कहा कि "मैं पहले एक महिला हूं, उसके बाद अधिकारी।" उन्होंने कहा कि समाज में आज भी कई महिलाएं अपनी समस्याओं को लेकर असमंजस में रहती हैं कि उन्हें न्याय और सहायता के लिए कहां जाना चाहिए। ऐसे में महिलाओं को उनके अधिकारों, सुरक्षा कानूनों और शासन की योजनाओं की जानकारी देना बेहद आवश्यक है। इन्हीं उद्देश्यों को लेकर गुरुवार को कलेक्ट्रेट ऑडिटोरियम में महिला जनप्रतिनिधियों की जिला स्तरीय कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला में नशा मुक्त भारत अभियान, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना सहित महिला सशक्तिकरण और विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की विस्तार से जानकारी दी गई। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कलेक्टर श्रीमती भदौरिया ने कहा कि "नारी कमजोर नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र निर्माण की सबसे बड़ी शक्ति है। आज महिलाएं हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा, परिश्रम और नेतृत्व क्षमता से नए इतिहास रच रही हैं। किसी एक महिला का सम्मान पूरे समाज की महिलाओं का सम्मान है।" उन्होंने महिला जनप्रतिनिधियों से अपील की कि वे यहां प्राप्त जानकारी को अपने गांव और वार्ड की प्रत्येक महिला तक पहुंचाएं, ताकि कोई भी महिला अपने अधिकारों और योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे। नगर परिषद अध्यक्ष श्रीमती सुनीता सारस ने कहा कि शासन महिलाओं के आर्थिक, सामाजिक और राजनीतिक सशक्तिकरण के लिए लगातार नई योजनाएं चला रहा है, जिनका लाभ उठाकर महिलाएं आत्मनिर्भर बन रही हैं। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के न्यायाधीश श्री मुग्धा कुमार ने महिलाओं के कानूनी अधिकार, लैंगिक समानता, शिक्षा के अधिकार, पॉक्सो अधिनियम और दहेज निषेध कानून की जानकारी देते हुए कहा कि कानून महिलाओं की सुरक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और किसी भी प्रकार के भेदभाव या उत्पीड़न के खिलाफ सख्त कार्रवाई का प्रावधान है। जिला विधिक सहायता अधिकारी दीपिका तारन ने बताया कि आर्थिक रूप से कमजोर व्यक्तियों को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से निःशुल्क कानूनी सहायता और अधिवक्ता उपलब्ध कराए जाते हैं। पुलिस अधीक्षक श्री आशीष खरे ने महिलाओं से अपील की कि वे अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहें और किसी भी प्रकार के उत्पीड़न या अपराध की स्थिति में बिना झिझक पुलिस से संपर्क करें। उन्होंने कहा कि जागरूकता ही महिलाओं की सबसे बड़ी सुरक्षा है। कार्यशाला में महिला एवं बाल विकास, स्वास्थ्य, श्रम और पुलिस विभाग के अधिकारियों ने विभिन्न योजनाओं, सेवाओं और महिला सुरक्षा से जुड़े विषयों की जानकारी दी। वहीं स्वास्थ्य विभाग द्वारा लगाए गए निःशुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर में महिलाओं के ब्लड प्रेशर और ब्लड शुगर की जांच की गई तथा स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के संबंध में परामर्श भी दिया गया।2
- नारायणगंज-चिरईडोंगरी में पागल कुत्तों का आतंक, 25 से अधिक घायल नारायणगंज-चिरईडोंगरी में पागल कुत्तों का आतंक, 25 से अधिक घायल! मंडला जिले के ग्राम चिरईडोंगरी में आवारा और पागल कुत्तों के हमले से पूरे गांव में दहशत का माहौल है। मंगलवार को साप्ताहिक बाजार के दौरान कुत्तों ने 25-30 लोगों को काटकर घायल कर दिया, जिसमें से कई की हालत गंभीर है। बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए शासकीय स्कूलों और आंगनवाड़ी केंद्रों में ताले लटका दिए गए हैं। स्कूल प्रबंधन ने प्रशासन से जल्द बाउंड्री वॉल बनवाने और आवारा कुत्तों को पकड़ने की मांग की है। ⚠️ अपील: स्थिति सामान्य होने तक अपने बच्चों को घर पर ही सुरक्षित रखें!1
- 35 वी (भा. र.) वाहिनी विसबल मंडला 21 वॉ बटालियन स्थापना दिवस के अवसर पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भव्य आयोजन1
- 7 अगस्त से अमरपुर में जन विश्वास अभियान की शुरुआत, कलेक्टर ने तैयारियों का लिया जायजा 7 अगस्त से अमरपुर में जन विश्वास अभियान की शुरुआत, कलेक्टर ने तैयारियों का लिया जायजा सीएम हेल्पलाइन की लंबित शिकायतों के त्वरित निराकरण के निर्देश, अधिकारियों से मौके पर समाधान सुनिश्चित करने को कहा डिंडौरी, 06 अगस्त 2026। कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया की अध्यक्षता में गुरुवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में जन विश्वास अभियान की तैयारियों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में बताया गया कि अभियान का शुभारंभ 7 अगस्त 2026 को विकासखंड अमरपुर के नवीन हायर सेकेंडरी स्कूल भवन, सिधौली मोहगांव से किया जाएगा। अभियान के सफल संचालन एवं आवश्यक व्यवस्थाओं को लेकर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। बैठक में डीएफओ श्री अशोक सोलंकी, सीईओ जिला पंचायत श्री दिव्यांशु चौधरी, संयुक्त कलेक्टर सुश्री भारती मेरावी, एसडीएम डिंडौरी श्री रामबाबू देवांगन सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने सीएम हेल्पलाइन की प्रगति का विस्तृत परीक्षण करते हुए निर्देश दिए कि जिन विषयों पर सबसे अधिक शिकायतें प्राप्त हो रही हैं, उनका प्राथमिकता के आधार पर निराकरण किया जाए। उन्होंने विभाग प्रमुखों को निर्देशित किया कि लंबित प्रकरणों का आज शाम तक अधिकतम निराकरण करें तथा अभियान शुरू होने से पहले शत-प्रतिशत शिकायतों का समाधान सुनिश्चित करें। कलेक्टर श्रीमती भदौरिया ने अधिकारियों से कहा कि अभियान के दौरान वे स्वयं क्षेत्र में पहुंचकर आमजन की समस्याएं सुनें और उनका मौके पर ही समाधान कराने का प्रयास करें। उन्होंने कहा कि जन विश्वास अभियान का उद्देश्य शासन और जनता के बीच विश्वास को मजबूत करना है, इसलिए सभी अधिकारी संवेदनशीलता, जवाबदेही और जनहित की भावना के साथ कार्य करें। साथ ही शेष लंबित शिकायतों का भी शीघ्र निराकरण सुनिश्चित किया जाए।2
- 🔴 जबलपुर: शहपुरा पुल बंद होने से फूटा लोगों का गुस्सा, पाटन चौराहे पर चक्का जाम; 18 अगस्त तक फोरलेन निर्माण शुरू करने का अल्टीमेटम1