Shuru
Apke Nagar Ki App…
वंदे मातरम्’ की 150वीं वर्षगांठ पर सामूहिक गायन आयोजित ‘वंदे मातरम्’ की 150वीं वर्षगांठ के अवसर पर शुक्रवार को कुशलबाग मैदान में सामूहिक गायन कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं, शिक्षकों एवं नागरिकों ने सहभागिता की। कार्यक्रम के दौरान ‘वंदे मातरम्’ के संपूर्ण छह छंदों का सामूहिक गायन किया गया। इस दौरान उपस्थित प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए देशभक्ति की भावना का प्रदर्शन किया। कार्यक्रम में जिला कलक्टर डॉ. इंद्रजीत यादव, सभापति मुकेश रावत सहित जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे। इस अवसर पर ‘वंदे मातरम्’ के ऐतिहासिक महत्व तथा स्वतंत्रता आंदोलन में इसकी भूमिका के संबंध में जानकारी दी गई।
Subhash Mehta
वंदे मातरम्’ की 150वीं वर्षगांठ पर सामूहिक गायन आयोजित ‘वंदे मातरम्’ की 150वीं वर्षगांठ के अवसर पर शुक्रवार को कुशलबाग मैदान में सामूहिक गायन कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं, शिक्षकों एवं नागरिकों ने सहभागिता की। कार्यक्रम के दौरान ‘वंदे मातरम्’ के संपूर्ण छह छंदों का सामूहिक गायन किया गया। इस दौरान उपस्थित प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए देशभक्ति की भावना का प्रदर्शन किया। कार्यक्रम में जिला कलक्टर डॉ. इंद्रजीत यादव, सभापति मुकेश रावत सहित जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे। इस अवसर पर ‘वंदे मातरम्’ के ऐतिहासिक महत्व तथा स्वतंत्रता आंदोलन में इसकी भूमिका के संबंध में जानकारी दी गई।
More news from Rajasthan and nearby areas
- बांसवाड़ा चेतक कंपलेक्स स्थित मंदिर ओंकारेश्वर महादेव पर 10 दिवसीय गणपति पूजन बहुत ही विधि विधान शारदा भाव से पूजा अर्चना किया गया1
- वंदे मातरम्’ की 150वीं वर्षगांठ पर सामूहिक गायन आयोजित ‘वंदे मातरम्’ की 150वीं वर्षगांठ के अवसर पर शुक्रवार को कुशलबाग मैदान में सामूहिक गायन कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं, शिक्षकों एवं नागरिकों ने सहभागिता की। कार्यक्रम के दौरान ‘वंदे मातरम्’ के संपूर्ण छह छंदों का सामूहिक गायन किया गया। इस दौरान उपस्थित प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए देशभक्ति की भावना का प्रदर्शन किया। कार्यक्रम में जिला कलक्टर डॉ. इंद्रजीत यादव, सभापति मुकेश रावत सहित जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे। इस अवसर पर ‘वंदे मातरम्’ के ऐतिहासिक महत्व तथा स्वतंत्रता आंदोलन में इसकी भूमिका के संबंध में जानकारी दी गई।1
- कुशलगढ़ में कांग्रेस का मंथन: चुनावी प्रदर्शन पर समीक्षा, अब पंचायत चुनाव के लिए कार्यकर्ताओं को नई जिम्मेदारी कुशलगढ़। खड़िया हाउस परिसर में ब्लॉक कांग्रेस कमेटी कुशलगढ़ की ओर से नगर पालिका चुनाव की समीक्षा बैठक एवं नवनिर्वाचित पार्षदों और चुनाव लड़ने वाले कांग्रेस प्रत्याशियों के सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में क्षेत्रीय विधायक रमिला खड़िया मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। समीक्षा बैठक के बाद कार्यकर्ताओं एवं पार्षदों का सम्मान किया गया तथा स्नेह भोज आयोजित हुआ। विधायक रमिला खड़िया ने कहा कि नगर पालिका चुनाव कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पूरी मेहनत, एकजुटता और मजबूती के साथ लड़ा। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ताओं के प्रयासों से कांग्रेस ने अच्छा प्रदर्शन किया, लेकिन मंजिल तक पहुंचते-पहुंचते रुक गए। अब प्रत्येक कार्यकर्ता अपने वार्ड में टीम तैयार कर आगामी ग्राम पंचायत चुनाव में संगठन को मजबूत करने में जुटे। प्रदेश कार्यसमिति सदस्य हंसमुख लाल सेठ ने कहा कि कांग्रेस चुनाव में पूरी ताकत के साथ मैदान में उतरी और कुछ मतों के अंतर से मंजिल से चूक गई। उन्होंने रमिला खड़िया के चुनावी प्रयासों और कार्यकर्ताओं को एकजुट करने की भूमिका की सराहना की। ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष रजनीकांत खाब्या ने कहा कि कार्यकर्ताओं की मेहनत से कांग्रेस ने महत्वपूर्ण सफलता हासिल की। उन्होंने आपसी भाईचारे और समन्वय के साथ नगर के विकास एवं संगठन की मजबूती के लिए कार्य करने का आह्वान किया। समारोह में नवनिर्वाचित पार्षदों एवं कांग्रेस प्रत्याशियों का साफा बांधकर और शॉल ओढ़ाकर सम्मान किया गया। सम्मानित होने वालों में सुशीला प्रजापत, दीपेश पांचाल, प्रियंका डोडियार, भारत भाई बाड़ोदिया, नानालाल चौहान, रजनीकांत खाब्या, मनोहर भाई, मीरा बहन, अर्पित नाहटा सहित पार्षद पद के उम्मीदवार राजकुमार प्रजापत और दिनेश परिहार एवं अन्य कार्यकर्ता शामिल रहे। बैठक में आगामी पंचायत राज चुनाव को लेकर बूथ, वार्ड एवं ग्रामीण स्तर पर संगठन मजबूत करने, कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने और जनता से निरंतर संपर्क बनाए रखने पर चर्चा हुई। कार्यकर्ताओं ने संगठन की मजबूती के लिए एकजुट होकर कार्य करने का संकल्प व्यक्त किया।2
- भव्य शोभायात्रा के साथ गणपति बप्पा को दी विदाई, अगले बरस जल्दी वापस आने का न्योता घाटोल - खमेरा सहित उदाजी का गढ़ा, नाथूखेड़ी, भगोरो का खेड़ा, बलोतो का खेड़ा और मुन्द्रिपाड़ा में गणेशोत्सव के अंतिम दिन शुक्रवार को श्रद्धा और उल्लास का माहौल रहा। गणपति बप्पा मोरया के गगनभेदी जयकारों के बीच विभिन्न स्थानों से गणेश प्रतिमाओं की भव्य शोभायात्राएं निकाली गईं। ढोल-ढमाकों और भजन-कीर्तन के साथ निकली शोभायात्रा में बड़ी संख्या में ग्रामीण और युवा शामिल हुए। दोपहर बाद शुरू हुई शोभायात्रा गांव की गलियों से होकर गुजरी। इस दौरान श्रद्धालु नाचते-गाते और गणपति के जयकारे लगाते हुए आगे बढ़े। मार्ग में जगह-जगह ग्रामीणों ने गणपति बप्पा का स्वागत किया। शोभायात्रा के दौरान पूरे गांव का माहौल भक्तिमय बना रहा। शोभायात्रा खमेरा तालाब पहुंचने पर पंडित विश्वास पंड्या और पंडित जितेंद्र पंड्या के नेतृत्व में विधिवत पूजन-अर्चन और आरती की गई। इसके बाद श्रद्धालुओं ने गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन किया। विसर्जन देखने के लिए बड़ी संख्या में ग्रामीण तालाब किनारे पहुंचे। इस दौरान ‘गणपति बप्पा मोरया’ और ‘अगले बरस तू जल्दी आ’ के जयकारों से वातावरण गूंज उठा। कार्यक्रम की व्यवस्थाओं में युवा मंडल अध्यक्ष अनिल पंचाल, हितेश बुनकर, भैयालाल भोई, प्रवीण पंचाल, हितेष कलाल, मुकेश पंचाल, विनोद बुनकर, चंद्रवीर सिंह, हंसराज बुनकर, सुनील पंचाल, मांगीलाल कलाल, मिलन बुनकर सहित स्थानीय पुलिस प्रशासन ने सहयोग किया।4
- *प्राइम न्यूज राजस्थान - अनंत चतुर्दशी विशेष कवरेज* *ब्यूरो रिपोर्ट - धर्मेन्द्र कुमार सोनी, कुशलगढ़ (बांसवाड़ा)* *शीर्षक - श्रद्धा, भक्ति और आस्था के साथ बप्पा को दी विदाई, विसर्जन के समय छलके भक्तों के आंसू, अगले बरस तू जल्दी आ के जयकारों से गूंजा वागड़* *कुशलगढ़ / बांसवाड़ा।* राजस्थान के उदयपुर संभाग के राजसमंद, प्रतापगढ़, डूंगरपुर और बांसवाड़ा जिले सहित पूरे वागड़ अंचल में अनंत चतुर्दशी के पावन पर्व पर 10 दिवसीय गणेश महोत्सव का भव्य समापन हुआ। जहां एक तरफ 10 दिन तक गणपति बप्पा मोरया के जयकारे गूंजते रहे, वहीं अनंत चतुर्दशी पर जब बप्पा के विसर्जन की घड़ी आई तो हर भक्त की आंख नम हो गई। खासकर कुशलगढ़ उपखंड के मोहकमपुरा सर्व समाज, छोटी सरवा, बड़ी सरवा, पाटन, डुंगरा, सज्जनगढ़ सहित ग्रामीण क्षेत्रों में अनंत चतुर्दशी की धूम देखते ही बनती थी। लोग गगनचुंबी नारों से आसमान को गुंजायमान कर रहे थे। *सुबह से ही शुरू हुई विदाई की तैयारी -* अनंत चतुर्दशी की सुबह से ही गणेश पंडालों में विदाई की तैयारी शुरू हो गई थी। महिलाओं ने गणेश जी का श्रृंगार किया, उन्हें मोदक का भोग लगाया, उनकी आरती उतारी। मोहकमपुरा सर्व समाज गणेश मंडल में सुबह 9 बजे अंतिम महाआरती की गई। महाआरती में सैकड़ों महिला-पुरुषों ने भाग लिया। आरती के बाद बप्पा को तिलक लगाकर, अक्षत चढ़ाकर विदाई दी गई। हर चेहरे पर एक अजीब सी उदासी थी। जो बप्पा 10 दिन तक घर के सदस्य की तरह रहे, आज उन्हें विदा करना था। बच्चों की आंखों में भी आंसू थे। *ढोल की थाप और बैंड की मधुर धुनों पर झूमे भक्त -* दोपहर 2 बजे के बाद विसर्जन यात्रा शुरू हुई। सबसे आगे ढोल-मंडल, उसके पीछे डीजे और बैंड की मधुर धुनों पर "गणपति बप्पा मोरया, अगले बरस तू जल्दी आ" के नारों के साथ भक्त नाचते-गाते चल रहे थे। युवाओं की टोली ने भगवा ध्वज हाथ में लेकर "एक दो तीन चार, गणपति की जय जयकार" के नारे लगाए। छोटी सरवा से लेकर मोहकमपुरा तक, पाटन से लेकर बड़ी सरवा तक हर गांव की विसर्जन यात्रा में हजारों की भीड़ उमड़ पड़ी। लोग अपने घरों की छतों से बप्पा पर फूल बरसा रहे थे। *विसर्जन स्थल पर उमड़ा जनसैलाब -* कुशलगढ़ प्रशासन ने विसर्जन के लिए विशेष घाट तैयार किए थे। बांसवाड़ा जिला प्रशासन और पुलिस ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए थे। हर घाट पर पुलिस जाप्ता तैनात था। जनप्रतिनिधियों ने भी इस धार्मिक कार्यक्रम में बढ़-चढ़कर योगदान दिया। जैसे ही गणेश जी की मूर्ति को जल के पास लाया गया, माहौल और भावुक हो गया। पुजारी ने अंतिम पूजा कराई। मंत्रोच्चार हुआ - "यानि कानि च पापानि जन्मान्तर कृतानि च, तानि सर्वाणि नश्यन्तु प्रदक्षिण पदे पदे..." *और फिर आंसू छलक पड़े -* जब बप्पा की मूर्ति को जल में विसर्जित किया गया, तो वहां मौजूद हर भक्त की आंख से आंसू छलक पड़े। बुजुर्ग हों या युवा, महिलाएं हों या बच्चे, सबकी आंखें नम थीं। 10 दिन तक जिस बप्पा ने हर दुख-सुख में साथ दिया, आज वह जा रहे थे। एक महिला भक्त ने रोते हुए कहा - "बप्पा ऐसा लगता है जैसे घर का कोई सदस्य जा रहा हो। 10 दिन में आदत सी हो गई थी रोज आरती करने की।" मोहकमपुरा के एक युवा ने कहा - "भले ही बप्पा की मूर्ति का विसर्जन हो रहा है, लेकिन बप्पा हमारे दिल में हमेशा रहेंगे। वे विघ्नहर्ता हैं, वे हमारे विघ्न हरेंगे।" *अनंत चतुर्दशी का धार्मिक महत्व -* अनंत चतुर्दशी केवल गणेश विसर्जन का दिन नहीं है, यह भगवान विष्णु के अनंत रूप की पूजा का दिन भी है। इस दिन भगवान विष्णु के अनंत स्वरूप की पूजा करके अनंत सूत्र बांधा जाता है। मान्यता है कि इस दिन व्रत करने से सारे पाप नष्ट हो जाते हैं और अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है। गणेश पुराण के अनुसार, गणपति बप्पा भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी को पृथ्वी पर आते हैं और 10 दिन तक अपने भक्तों के बीच रहकर अनंत चतुर्दशी को वापस कैलाश पर्वत पर चले जाते हैं। इसलिए इस दिन विसर्जन किया जाता है। विसर्जन का अर्थ है - निराकार से साकार और साकार से फिर निराकार की ओर यात्रा। *प्रशासन की सराहनीय भूमिका -* इस पूरे 10 दिवसीय महोत्सव और विसर्जन के दौरान कुशलगढ़ उपखंड अधिकारी, बांसवाड़ा पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर थाना पुलिस, नगरपालिका और ग्राम पंचायतों ने बेहतरीन व्यवस्था की। कहीं भी कोई अप्रिय घटना नहीं हुई। शांतिपूर्ण तरीके से विसर्जन सम्पन्न हुआ। प्राइम न्यूज राजस्थान की टीम ने जब ग्रामीणों से बात की तो सभी ने प्रशासन का आभार जताया। *अंत में -* विसर्जन के बाद घाट पर सन्नाटा पसर गया, लेकिन भक्तों के दिल में एक ही प्रार्थना थी - "गणपति बप्पा मोरया, अगले बरस तू जल्दी आ"। बप्पा अपने साथ भक्तों के सारे विघ्न हर ले गए और पीछे छोड़ गए अगले साल फिर आने का वादा। *ब्यूरो रिपोर्ट - धर्मेन्द्र कुमार सोनी, प्राइम न्यूज राजस्थान*4
- सागवाड़ा में गणेश विसर्जन की धूम, ढोल-नगाड़ों और डीजे की धुन पर निकला भव्य जुलूस, लोहारिया तालाब में किया प्रतिमाओं का विसर्जन सागवाड़ा में गणेश विसर्जन की धूम, ढोल-नगाड़ों और डीजे की धुन पर निकला भव्य जुलूस, लोहारिया तालाब में किया प्रतिमाओं का विसर्जन सागवाड़ा। डूंगरपुर जिले के सागवाड़ा शहर में गणेश विसर्जन के अवसर पर शुक्रवार को भक्ति और उत्साह का माहौल देखने को मिला। शहर के विभिन्न क्षेत्रों में विराजित भगवान गणेश की प्रतिमाओं को भव्य जुलूस के रूप में लोहारिया तालाब ले जाकर विसर्जित किया गया। इस दौरान ढोल-नगाड़ों, डीजे की धुन और गणपति बप्पा के जयकारों से शहर का माहौल भक्तिमय हो गया। जुलूस में युवाओं का जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। कार्यक्रम के तहत दोपहर करीब 3 बजे से शहर के विभिन्न क्षेत्रों में स्थापित गणेश प्रतिमाएं सजी-धजी गाड़ियों और आकर्षक झांकियों के साथ धीरे-धीरे गोल चौराहे पर पहुंचने लगीं। सुंदर झांकियों में सजी गणेश प्रतिमाएं और ढोल-बाजों की गूंज ने विसर्जन जुलूस को भव्य रूप प्रदान किया। गोल चौराहे पर गणेश भक्तों की भीड़ जुटने लगी और पूरा क्षेत्र गणपति बप्पा के जयकारों से गूंज उठा। इसके बाद गोल चौराहे से विसर्जन जुलूस बैंक तिराहा, मांडवी चौक, पोल का कोठा और परमारवाड़ा होते हुए लोहारिया तालाब पहुंचा, जहां विधि-विधान और श्रद्धा के साथ गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन किया गया। श्रद्धालुओं ने अगले वर्ष भगवान गणेश के पुनः आगमन की कामना के साथ भावभीनी विदाई दी। विसर्जन के दौरान पुलिस प्रशासन और नगर पालिका की टीम पूरी तरह मुस्तैद नजर आई। पुलिस प्रशासन ने शहर में यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए कमान संभाली, वहीं नगर पालिका के कर्मचारी भी व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने में जुटे रहे। लोहारिया तालाब पर किसी भी तरह की अप्रिय घटना को रोकने और विसर्जन प्रक्रिया को सुरक्षित बनाने के लिए नगर पालिका के कर्मचारी तत्पर दिखाई दिए। इस तरह सागवाड़ा शहर में गणेश विसर्जन का कार्यक्रम श्रद्धा, उत्साह और भक्तिमय माहौल के बीच संपन्न हुआ।1
- तपस्वियो का निकला वरघोड़ा ,जयकारों से गूंजा आसपुर समाजजनों ने की क्षमा याचना,कल होंगे पारणा तपस्वियो का निकला वरघोड़ा ,जयकारों से गूंजा आसपुर समाजजनों ने की क्षमा याचना,कल होंगे पारणा आसपुर में आदिनाथ दिगंबर जैन समाज के पर्वाधिराज पर्युषण महापर्व के अंतिम दिन शुक्रवार को तपस्वियों का भव्य जुलूस निकाला गया । आसपुर के आदिनाथ दिगम्बर जैन मंदिर में शुक्रवार को श्रद्धालुओ ने भगवान आदिनाथ का जलाभिषेक, केशरपूजा पंचामृत अभिषेक, शान्तिधारा के साथ नित्य दिन की तरह आदीनाथ पूजा, दश लक्षणी पूजा सोलह कारण पूजा, पंचमेरू पूजा, नमीताथ पूजा की पुजा व विविध तरह की पुजाएं की गई। पूजा के बाद इन भगवान को अध्यं चढ़ाये गये । बाद शाम को दस लक्षणी उपवास के तपस्वियों निखिल पुत्र प्रकाश चंदावत,सीमा पत्नी कांतिलाल जैन एवं मनीष पुत्र मणिलाल चंदावत का मंदिर प्रांगण से बग्घियों में सवार कर वरघोड़ा निकाला गया। वरघोड़ा बैंड बाजे के साथ गांव के विभिन्न मार्गों से होते हुए तपस्वी के घर पहुंचा। रास्ते में श्रद्धालुओं ने जैन धर्म के जयकारों से वातावरण को धर्ममई बना दिया । वहीं गरबो की धुन पर युवक युवतिया नाचते थिरकते गरबा डाँस कर रहे थे । रास्ते में तपस्वीयो का ग्रामीणों द्वारा बहुमान किया गया । शनिवार को तीनों तपस्वियों का पारणा करवाया जाएगा।इस अवसर पर इस अवसर पर मणिलाल जैन,नरेंद्र जैन,लक्ष्मीचंद जैन,केसरीमल रामा,सुशील जैन,महावीर जैन ,प्रकाश नागदा,अनिल जैन , कारूलाल जैन,रमेश जैन सहित जैन समाज के धर्मावलंबी मौजूद रहे।1
- कोतवाली थाना क्षेत्र के डायलाब हनुमान मंदिर में चोरों का धावा डायलाब के 3 मंदिरों में चोरी, DVR और दान पेटी से हज़ारों नकदी ले गए चोर बांसवाड़ा। जिले के डायलाब क्षेत्र में चोरों ने एक ही रात में तीन मंदिरों को निशाना बनाकर चोरी की वारदात को अंजाम दिया। चोर मंदिरों से सीसीटीवी कैमरों का DVR और दान पेटी से नकदी ले गए। सुबह मंदिर पहुंचे लोगों को चोरी की जानकारी हुई तो मौके पर भीड़ जमा हो गई। बताया जा रहा है कि चोरों ने मंदिर परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों को नुकसान पहुंचाने के साथ रिकॉर्डिंग का DVR भी अपने साथ ले गए, ताकि वारदात से जुड़े फुटेज हाथ न लग सकें। मंदिरों में रखी नकदी भी चोरी कर ली गई। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का जायजा लिया। पुलिस ने आसपास के क्षेत्र में लगे अन्य सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगालना शुरू कर दिया है। एक साथ तीन मंदिरों में चोरी की घटना से क्षेत्र के लोगों में नाराजगी है। पुलिस चोरों की तलाश में जुटी है।1