बेतिया में सार्वजनिक स्वच्छता को बढ़ावा—तीन लालटेन व कचहरी में बनेंगे आधुनिक सामुदायिक शौचालय बेतिया में सार्वजनिक स्वच्छता को बढ़ावा—तीन लालटेन व कचहरी में बनेंगे आधुनिक सामुदायिक शौचालय बेतिया नगर निगम क्षेत्र में सार्वजनिक स्वच्छता व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। वार्ड संख्या 16 के तीन लालटेन चौक और वार्ड 24 स्थित कचहरी परिसर में आधुनिक सामुदायिक शौचालयों के निर्माण के लिए कार्यादेश जारी कर दिया गया है। महापौर गरिमा देवी सिकारिया ने बताया कि इन शौचालयों का निर्माण निर्धारित मानकों और उच्च गुणवत्ता के साथ तीन माह के भीतर पूरा किया जाएगा। घनी आबादी वाले इन इलाकों में शौचालय निर्माण से साधन-विहीन परिवारों, राहगीरों और आगंतुकों को बड़ी राहत मिलेगी। परियोजना के तहत स्वच्छ पेयजल, पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था, बेहतर जल निकासी और नियमित सफाई की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। साथ ही पुरुषों और महिलाओं के लिए अलग-अलग शौचालय सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी। स्थानीय नागरिकों ने इस पहल का स्वागत करते हुए इसे जनहित में एक सराहनीय कदम बताया है। निर्माण कार्य पूरा होने के बाद वार्ड 16 और 24 के लोगों को बेहतर बुनियादी सुविधाएं मिलने की उम्मीद है, जिससे शहर की स्वच्छता व्यवस्था में भी सकारात्मक सुधार देखने को मिलेगा।
बेतिया में सार्वजनिक स्वच्छता को बढ़ावा—तीन लालटेन व कचहरी में बनेंगे आधुनिक सामुदायिक शौचालय बेतिया में सार्वजनिक स्वच्छता को बढ़ावा—तीन लालटेन व कचहरी में बनेंगे आधुनिक सामुदायिक शौचालय बेतिया नगर निगम क्षेत्र में सार्वजनिक स्वच्छता व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। वार्ड संख्या 16 के तीन लालटेन चौक और वार्ड 24 स्थित कचहरी परिसर में आधुनिक सामुदायिक शौचालयों के निर्माण के लिए कार्यादेश जारी कर दिया गया है। महापौर गरिमा देवी सिकारिया ने बताया कि इन शौचालयों का निर्माण निर्धारित मानकों और उच्च गुणवत्ता के साथ तीन माह के भीतर पूरा किया जाएगा। घनी आबादी वाले इन इलाकों में शौचालय निर्माण से साधन-विहीन परिवारों, राहगीरों और आगंतुकों को बड़ी राहत मिलेगी। परियोजना के तहत स्वच्छ पेयजल, पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था, बेहतर जल निकासी और नियमित सफाई की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। साथ ही पुरुषों और महिलाओं के लिए अलग-अलग शौचालय सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी। स्थानीय नागरिकों ने इस पहल का स्वागत करते हुए इसे जनहित में एक सराहनीय कदम बताया है। निर्माण कार्य पूरा होने के बाद वार्ड 16 और 24 के लोगों को बेहतर बुनियादी सुविधाएं मिलने की उम्मीद है, जिससे शहर की स्वच्छता व्यवस्था में भी सकारात्मक सुधार देखने को मिलेगा।
- बैरिया प्रखंड क्षेत्र के मलाही बलुआ पंचायत निवाशी जदयू के सदस्य योगेन्द्र चौधरी उर्फ अनिल चौधरी ने जदयू के विधायक दल के नेता एवं पूर्व मंत्री श्रवण कुमार से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने सोमवार के दोपहर करीब तीन बजे बताया की क्षेत्र के विभिन्न जनसमस्याओं पर विस्तार से चर्चा की। श्री चौधरी ने बताया कि मुलाकात के दौरान स्वास्थ्य, शिक्षा, सड़क सहित अन्य बुनियादी सुविधाओं को लेकर बातचीत हुई और क्षेत्र के विकास के लिए आवश्यक कदम उठाने का आग्रह किया गया। उन्होंने उम्मीद जताई कि इन मुद्दों पर सकारात्मक पहल की जाएगी। इसके साथ ही जागो बहन जागो के संस्थापक सह अध्यक्ष संजय कुमार निशांत ने श्रवण कुमार को जदयू विधायक दल का नेता चुने जाने पर गुलदस्ता भेंट कर स्वागत एवं बधाई दी। मुलाकात सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न हुई और क्षेत्रीय विकास को लेकर सहयोग का भरोसा जताया गया। मैके पर पुर्व जदयू के जिलाध्यक्ष रविभुषण पटेल.जदयु के सदस्य चंडी चौधरी आदी मौजुद रहे।1
- कृषि विज्ञान केंद्र, माधोपुर ने किसानों से खरीफ से पहले खेत में हरी खाद की फसल बोने की अपील की है। फसल उत्पादन के वैज्ञानिक डॉ हर्षा बी आर कहना है कि हरी खाद मिट्टी के लिए "संजीवनी" है जो खेत की उर्वरा शक्ति कई गुना बढ़ा देती है भूमि में जलधारण क्षमता भी बढ़ जाती हैं । केंद्र के वरीय वैज्ञानिक एवं प्रधान डॉ. अभिषेक प्रताप सिंह ने बताया कि ढैंचा, सनई, मूंग, लोबिया जैसी फसलों को 40-45 दिन उगाकर खेत में जोत देने को हरी खाद कहते हैं। डॉ सिंह के अनुसार हरी खाद के 5 बड़े फायदे मुफ्त नाइट्रोजन:* ढैंचा-सनई की जड़ों में रहने वाली राइजोबियम बैक्टीरिया हवा से नाइट्रोजन खींचकर मिट्टी में जोड़ देती है। 1 एकड़ से 25-30 किलो यूरिया के बराबर नाइट्रोजन मुफ्त मिलती है। जैविक कार्बन बढ़ाए:* हरी खाद सड़कर 4-5 टन जैविक पदार्थ देती है, जिससे मिट्टी भुरभुरी व उपजाऊ बनती है। पानी बचाए:* मिट्टी की जल धारण क्षमता 20 से 30% तक बढ़ जाती है, जिससे 1-2 सिंचाई कम लगती है। खरपतवार व रोग कम:* घनी फसल खरपतवार दबा देती है और मिट्टी के रोगाणु घटते हैं। लागत घटाए:* अगली फसल में 20-30% तक रासायनिक उर्वरक की बचत होती है। बुवाई का तरीका: अप्रैल-मई में खाली खेत में 20-25 किलो ढैंचा या सनई बीज प्रति एकड़ छिड़क दें। 45 दिन बाद जब 50% फूल आ जाएं तो पानी लगाकर मिट्टी पलटने वाले हल से जोत दें। 10-15 दिन बाद धान की रोपाई करें। डॉ सिंह ने बताया कि जो किसान हर साल हरी खाद करता है, उसके खेत की मिट्टी काली, भुरभुरी और सोना उगलने वाली हो जाती है,सरकार ढैंचा बीज पर 50% अनुदान भी दे रही हैं।1
- नौतन प्रखंड के दक्षिण तेलुआ पंचायत के वार्ड नंबर एक स्थित ब्रह्मटोला गांव में शुद्ध पेयजल की व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है। करीब सात साल पहले बड़ी उम्मीदों के साथ लगाए गए पानी टंकी से अब एक बूंद पानी नहीं मिल रहा, जिससे ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। सोमवार को गुस्साए ग्रामीणों ने जिला प्रशासन की उदासीनता के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन करते हुए अपना विरोध दर्ज कराया। ग्रामीणों का कहना है कि पूर्व मुखिया के कार्यकाल में नल-जल योजना के तहत इस पानी टंकी को स्थापित किया गया था और शुरुआत में करीब छह महीने तक लोगों को शुद्ध पेयजल मिला भी। लेकिन उसके बाद बिजली के तार टूटने से पानी की सप्लाई पूरी तरह ठप हो गई और तब से आज तक स्थिति जस की तस बनी हुई है। गांव के प्रकाश कुमार, सोना देवी, प्रभावती देवी, भुटकून यादव, ललसा यादव, अवधेश यादव, हरेन्द्र यादव, अमेरिका यादव, भीखर यादव और राम प्रवेश यादव समेत कई ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि पानी टंकी को चालू कराने के लिए कई बार जिला प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से शिकायत की गई, लेकिन हर बार सिर्फ आश्वासन मिला, कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इतना ही नहीं, नल-जल योजना के तहत बिछाई गई सप्लाई पाइपलाइन भी जगह-जगह से जर्जर हो चुकी है, जिससे पूरे गांव में पानी पहुंचना लगभग नामुमकिन हो गया है। ग्रामीण सवाल उठा रहे हैं कि जब योजना काम ही नहीं कर रही, तो इसके अनुरक्षण के नाम पर आने वाली राशि आखिर कहां जा रही है। उन्होंने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। भीषण गर्मी के इस मौसम में शुद्ध पेयजल की किल्लत ने हालात और गंभीर बना दिए हैं। दूषित पानी पीने की मजबूरी के कारण गांव में पेट से जुड़ी बीमारियां तेजी से फैल रही हैं, जिससे लोगों की सेहत पर सीधा असर पड़ रहा है। अब ग्रामीणों का साफ कहना है कि अगर जल्द ही नल-जल योजना को दुरुस्त कर पानी की आपूर्ति बहाल नहीं की गई, तो वे और बड़ा आंदोलन करने को मजबूर होंगे। सवाल यही है कि आखिर कब तक प्यासे रहेंगे ब्रह्मटोला के लोग और कब जागेगा प्रशासन?1
- Post by Ksr bihar news1
- bhanagha Bazzar me abhi tak rod nhi bana he ohi nali ban geya he mera1
- राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू शिमला पहुंचीं, 5 दिन हिमाचल दौरे पर रहेंगी; अटल टनल और पालमपुर का भी करेंगी दौरा1
- बड़ी खबर बगहा से सामने आ रही है, जहां रामनगर में एक शातिर अपराधी की गोली मारकर हत्या कर दी गई है। जानकारी के अनुसार, रामनगर के फूलकॉल के समीप अज्ञात अपराधियों ने पुटू मिश्रा नामक व्यक्ति को निशाना बनाते हुए ताबड़तोड़ फायरिंग की, जिसमें उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और लोग दहशत में आ गए। बताया जा रहा है कि मृतक पुटू मिश्रा कई गंभीर आपराधिक मामलों में नामजद था और फिलहाल जमानत पर बाहर चल रहा था। इस घटना को आपसी रंजिश या गैंगवार से जोड़कर भी देखा जा रहा है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है और हमलावरों की पहचान में जुट गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की हर पहलू से गहन जांच की जा रही है और जल्द ही अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। फिलहाल वारदात के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है, जबकि पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है।1
- योगापट्टी थाना क्षेत्र के नवलपुर मुख्य मार्ग स्थित त्रिवेणी चौक पर सोमवार दोपहर करीब तीन बजे एक बड़ा सड़क हादसा हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार एक अपाची और पलटीना बाइक के बीच जोरदार टक्कर हो गई, जिसमें बाइक सवार गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और देखते ही देखते ग्रामीणों की भारी भीड़ जमा हो गई। स्थानीय लोगों ने तुरंत डायल 112 पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को तत्काल योगापट्टी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया, जहां उनका इलाज जारी है। घटना के समय सड़क पर यातायात भी कुछ देर के लिए प्रभावित रहा। खबर लिखे जाने तक घायलों की पहचान नहीं हो सकी थी। पुलिस मामले की जांच में जुटी है और दुर्घटना के कारणों का पता लगाया जा रहा है।1
- सीटू जिला कमिटी के निर्णय के आलोक में बिहार स्टेट ऑटो चालक संघ (सीटू), बेतिया के तत्वावधान में नगर निगम से प्राप्त ई-रिक्शा और ऑटो स्टैंड छावनी ओवरब्रिज के नीचे चालकों की एक अहम बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता समी आलम ने की। बैठक में मजदूर और चालकों की समस्याओं को लेकर तीखे स्वर में आक्रोश देखने को मिला। सीटू राज्य सचिव शंकर कुमार राव ने कहा कि आज ऑटो और ई-रिक्शा चालकों पर टैक्स का इतना भारी बोझ डाल दिया गया है कि उनका जीवन बद से बदतर होता जा रहा है। उन्होंने इसे संगठित शोषण करार देते हुए कहा कि इसके खिलाफ सभी चालकों को एकजुट होकर संघर्ष करना होगा। सीटू राज्य कार्यकारिणी सदस्य नीरज बरनवाल ने छावनी स्थित ऑटो और ई-रिक्शा स्टैंड पर अतिक्रमण का मुद्दा उठाते हुए नगर निगम से इसे अविलंब मुक्त कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि अगर स्टैंड सुरक्षित नहीं रहेगा तो चालकों की रोजी-रोटी प्रभावित होती रहेगी। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि आगामी 1 मई, मई दिवस के अवसर पर सभी चालक पूर्वाह्न 11 बजे टांगा यूनियन पहुंचेंगे और आयोजित विशाल जुलूस में सक्रिय रूप से भाग लेंगे। संघ के अध्यक्ष समी आलम, महासचिव नितेश कुमार और सचिव अजय कुमार पटेल ने संयुक्त रूप से कहा कि राजकम्पांड द्वारा किया गया गैरकानूनी ठेका किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं है। इसके खिलाफ संघ ने बेतिया राज प्रबंधक, नगर आयुक्त नगर निगम बेतिया, जिलाधिकारी पश्चिम चंपारण एवं बिहार सरकार के सचिव के विरुद्ध न्यायालय में वाद दायर किया है और उन्होंने विश्वास जताया कि इस लड़ाई में मजदूरों की जीत निश्चित है। उधर, बिहार राज्य रिक्शा मजदूर सभा, बेतिया की अलग बैठक भी प्रभुराज नारायण राव की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक में महासचिव शंकर कुमार राव ने विस्तृत प्रतिवेदन प्रस्तुत किया, जिस पर मजदूर नेताओं ने गंभीर चर्चा की। बैठक को संबोधित करते हुए प्रभुराज नारायण राव ने केंद्र सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि असंगठित क्षेत्र के मजदूरों के लिए कोई ठोस योजना नहीं बन रही है, बल्कि काम के घंटे 8 से बढ़ाकर 12 घंटे करने की तैयारी की जा रही है, जो मजदूर हितों पर सीधा हमला है। उन्होंने कहा कि 1 मई का मई दिवस इस बार और भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह केवल परंपरा नहीं बल्कि संघर्ष का प्रतीक है। उन्होंने याद दिलाया कि 1886 में शिकागो के मजदूरों ने 8 घंटे काम के अधिकार के लिए आंदोलन किया था, जिन पर गोलियां चलाई गई थीं। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि मई दिवस को धूमधाम से मनाया जाएगा और मजदूर अधिकारों की रक्षा के लिए आगे की रणनीति तय की जाएगी। बैठक में नीरज बरनवाल, राधेश्याम साह, किशोरी साह सहित कई मजदूर नेताओं ने भी विचार रखे। पूरे घटनाक्रम में साफ है कि बेतिया में ऑटो चालकों और रिक्शा मजदूरों का आंदोलन अब तेज होता जा रहा है और 1 मई को होने वाला जुलूस इस संघर्ष की दिशा तय करेगा।1