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एक वीडियो सामने आया है जिसमें कंदरा जंगल के बीच बनी एक सड़क का दृश्य दिखाया गया है। इस वीडियो में जंगल के घने क्षेत्र के मध्य से गुजरते हुए इस रास्ते को स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है।
Bikesh Oraon
एक वीडियो सामने आया है जिसमें कंदरा जंगल के बीच बनी एक सड़क का दृश्य दिखाया गया है। इस वीडियो में जंगल के घने क्षेत्र के मध्य से गुजरते हुए इस रास्ते को स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है।
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- गुमला जिले के सिसई थाना क्षेत्र अंतर्गत लकेया गांव स्थित गौझीन डोभा में गाय के कटे हुए सिर की खोपड़ी, जबड़ा, खाल, सींग और पैर सहित अन्य अवशेष मिलने से हिंदू संगठनों में भारी आक्रोश व्याप्त है। सोमवार सुबह शौच के लिए डोभा के पास गए ग्रामीणों ने पानी में तैरते इन अंगों को देखा, जिसके बाद यह खबर पूरे प्रखंड क्षेत्र में तेजी से फैल गई। सूचना मिलते ही सिसई भरनो थाना प्रभारी, अंचलाधिकारी, मुखिया, विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के कार्यकर्ता, तथा भारी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुँचे। ग्रामीणों और हिंदू संगठन के कार्यकर्ताओं ने थाना प्रभारी को हस्ताक्षर युक्त आवेदन देकर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। समाज सेवी संजय वर्मा ने गुमला डीसी समेत कई नेता और मंत्री को फोन कर इस घटना की जानकारी दी। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि सिसई में बूचड़खाना चलाए जाने के कारण ऐसी घटनाएँ हो रही हैं। प्रशासन ने जेसीबी मशीन की सहायता से नाला बनाकर डोभा का पानी बाहर निकाला और फिर बोरे में सभी अवशेषों को उठाकर दफन करने के लिए ले गए। अंचलाधिकारी अशोक बड़ाईक ने बताया कि मामले की हर पहलू से जांच की जाएगी और दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि बकरीद पर्व से पूर्व सिसई थाना परिसर में शांति समिति की बैठक हुई थी, जहाँ सभी समुदाय के लोगों को शांतिपूर्ण तरीके से नियमों का पालन करते हुए त्योहार मनाने को कहा गया था, इसके बावजूद नियम कानून को ताक पर रखकर ऐसा कृत्य बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। थाना प्रभारी ने भी गहन जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया है।3
- गुमला सदर थाना क्षेत्र के मड़ापानी के समीप सोमवार शाम एक ट्रैक्टर दुर्घटनाग्रस्त होकर पलट गया, जिसमें सात लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों में धर्मेंद्र कुमार, प्रदीप कुमार और वासुदेव कुमार सहित चार अन्य व्यक्ति शामिल हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार, ट्रैक्टर कुरूमगढ़ में निर्माणाधीन अस्पताल तक ईंटें पहुँचाकर वापस लौट रहा था। मड़ापानी के पास सड़क पर अचानक एक गाय सामने आ गई। गाय को बचाने के प्रयास में चालक ने ट्रैक्टर मोड़ने की कोशिश की, जिससे उसका एक पहिया सड़क किनारे गड्ढे में फंस गया। इसके बाद ट्रैक्टर अनियंत्रित होकर सड़क पर पलट गया। दुर्घटना इतनी भीषण थी कि ट्रैक्टर दो हिस्सों में टूट गया। हादसे के बाद घटनास्थल पर अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय ग्रामीणों ने तत्काल राहत कार्य चलाते हुए घायलों को बाहर निकाला और उपचार के लिए भेजा। वहीं, गंभीर रूप से घायल धर्मेंद्र कुमार, प्रदीप कुमार और वासुदेव कुमार को बेहतर इलाज के लिए गुमला सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ चिकित्सकों की देखरेख में सभी का उपचार जारी है।4
- झारखंड के लातेहार जिले के सदर प्रखंड अंतर्गत सासंग पंचायत के सासंग गांव स्थित कोटारी टोला अखड़ा में ओरिएंटल कंपनी द्वारा कोयला जांच के लिए की जा रही ड्रिलिंग के विरोध में सोमवार को ग्रामीणों ने जोरदार प्रदर्शन किया। ग्रामीणों का आरोप है कि यह ड्रिलिंग कार्य ग्रामसभा की अनुमति और स्थानीय लोगों की सहमति के बिना शुरू किया गया है, जो उनके अधिकारों का सीधा उल्लंघन है। इस प्रदर्शन में परहा, पाहन, महंत और बैगा जैसे विभिन्न सामाजिक प्रतिनिधि भी शामिल हुए। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी खनन गतिविधि से पहले ग्रामसभा की स्वीकृति अनिवार्य होती है। सासंग, कोटारी, मांजर, कायमा और बिश्रामपुर गांवों के हजारों लोगों ने चेतावनी दी है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होंगी, तब तक विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन से इस मामले की जांच करने और उचित कार्रवाई करने की मांग भी की।1
- राजधानी रांची में शाम के समय मेघ गर्जन के साथ जोरदार बारिश हुई, जिससे शहर का मौसम सुहावना और सामान्य हो गया। इस बारिश ने मौसम में बढ़ती तपिश से लोगों को काफी राहत दिलाई। बारिश के दौरान, लोगों को रास्ते में छत्रियाँ लेकर घूमते हुए और इस सुहावने मौसम का आनंद लेते हुए देखा गया। यह जानकारी रांची से ब्रजेश गोप की रिपोर्ट में दी गई है।1
- लातेहार जिले के बालूमाथ प्रखंड कार्यालय परिसर में नॉर्थ एनटीपीसी कोल परियोजना धाधू की पर्यावरण जनसुनवाई का प्रभावित गांवों के ग्रामीणों ने कड़ा विरोध किया। ग्रामीणों का स्पष्ट कहना था कि यह जनसुनवाई उनके प्रभावित गांवों में होनी चाहिए थी, लेकिन इसे किसी अन्य स्थान पर आयोजित किया गया। इसी बात को लेकर ग्रामीणों ने इस जनसुनवाई का विरोध दर्ज कराया।1
- एक यूट्यूबर ने अपने हालिया वीडियो के संबंध में कहा है कि यह सभी दर्शकों को अच्छा नहीं लग सकता है। उन्होंने बताया कि उनका यूट्यूब चैनल 'dharmes vilogs khunti' नाम से है, और उन्होंने लोगों से एक बार उनके चैनल को देखने का आग्रह किया है। यूट्यूबर ने अपने दर्शकों से चैनल को सब्सक्राइब करने, वीडियो को लाइक करने, कमेंट करने और शेयर करने की भी अपील की है।2
- झारखंड के गुमला में भारतमाला परियोजना के तहत चल रहे सड़क निर्माण कार्य में विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। सोमवार को बकाया भुगतान न मिलने से नाराज ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा और निर्माण कार्य में लगे एक एचआर कर्मी के साथ तीखी नोकझोंक के बाद हाथापाई तक की नौबत आ गई। यह परियोजना कभी भूमि मुआवजे को लेकर विरोध प्रदर्शनों का गवाह बनती है तो कभी टाना भगत समुदाय द्वारा प्रशासन को ज्ञापन सौंपने को लेकर सुर्खियों में रहती है। ग्रामीणों का आरोप है कि परियोजना से जुड़ी कंपनी द्वारा काम तो कराया गया, लेकिन मजदूरी का भुगतान समय पर नहीं किया जा रहा है। भुगतान के लिए कई बार मांग करने के बावजूद कोई ठोस पहल नहीं होने से लोगों में भारी नाराजगी है। ग्रामीण गंगा सिंह ने बताया कि वे सभी भूमि सिक्योरिटी मैनेजमेंट कंपनी के माध्यम से भारतमाला परियोजना में नाइट गार्ड के रूप में कार्यरत थे, लेकिन काम करने के बावजूद कई लोगों का मेहनताना अब तक बकाया है। उन्होंने विराज सिंह का 20 दिन, पंकज पांडेय का 23 दिन, महादेव महतो का 21 दिन, सूरज सिंह का 58 दिन, गणेश सिंह का 34 दिन, प्रीतम कुमार का 28 दिन, गंगा सिंह का 54 दिन, रामकुमार गुप्ता का 53 दिन, लुईस मिंज का 52 दिन तथा अमर सिंह का 20 दिन का भुगतान अब तक नहीं होने की जानकारी दी। आक्रोशित ग्रामीणों ने निर्माण स्थल पर पहुंचकर अपना विरोध दर्ज कराया और कंपनी प्रबंधन के खिलाफ जमकर नाराजगी जताई। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द भुगतान नहीं किया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी कंपनी प्रबंधन की होगी।2
- लातेहार के बालूमाथ प्रखंड कार्यालय परिसर में सोमवार को उत्तरी धाधू (पूर्वी भाग) एनटीपीसी कोयला खनन परियोजना के लिए पर्यावरणीय स्वीकृति संबंधी लोक सुनवाई कार्यक्रम का आयोजन किया गया था, जिसे प्रभावित ग्रामीणों के जोरदार विरोध के कारण बीच में ही रोकना पड़ा। हजारों रैयतों और ग्रामीणों ने “एनटीपीसी वापस जाओ”, “रैयतों का शोषण बंद करो” और “कोल कंपनी वापस जाओ” जैसे नारे लगाते हुए परियोजना का पुरजोर विरोध किया और इसे रद्द करने की मांग की। विरोध करने वाले ग्रामीणों का मुख्य आरोप था कि कंपनी स्थानीय ग्राम सभाओं की सहमति और निर्णयों को महत्व नहीं दे रही है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि किसी भी प्रक्रिया से पहले कंपनी को संबंधित गांवों में ग्राम सभा आयोजित करनी चाहिए और बिना ग्राम सभा की सहमति के वे परियोजना को स्वीकार नहीं करेंगे। ग्रामीणों ने अपनी पुश्तैनी जमीन किसी भी कीमत पर न देने की बात कही और आशंका जताई कि कोयला खनन से क्षेत्र में प्रदूषण बढ़ेगा तथा उनकी आजीविका और सामाजिक जीवन पर बुरा प्रभाव पड़ेगा। उन्होंने विस्थापन अस्वीकार करते हुए अपनी जमीन की रक्षा के लिए हर संभव संघर्ष करने का संकल्प लिया। इस लोक सुनवाई में लातेहार के अपर समाहर्ता सलमान जफर खिजरी अध्यक्ष के तौर पर, झारखंड राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद (जेएसपीसीबी) की प्रतिनिधि प्रियंका कुमारी, एनटीपीसी माइनिंग लिमिटेड के अधिकारी और अन्य प्रशासनिक पदाधिकारी मौजूद थे। ग्रेंजा, विशुनपुर, भैंसादोन, पिंडारकोम और मरंगलोइया सहित कई प्रभावित गांवों के लोग शामिल हुए। जिला परिषद सदस्य अनीता देवी और आजसू प्रखंड अध्यक्ष सह विरोधी ग्रामीणों के नेता शंकर उरांव सहित कई जनप्रतिनिधि और सामाजिक कार्यकर्ता भी उपस्थित थे, जिन्होंने ग्रामीणों की सहमति के बिना परियोजना लागू न करने की बात दोहराई और फर्जी रिपोर्ट तैयार कर जमीन पर कब्जा करने के प्रयासों के खिलाफ चेतावनी दी। विरोध प्रदर्शन के चलते प्रशासन और परियोजना प्रबंधन को जनसुनवाई प्रक्रिया स्थगित करनी पड़ी। हालांकि क्षेत्र में स्थिति शांतिपूर्ण रही, लेकिन ग्रामीणों ने भविष्य में भी अपने अधिकारों और जमीन की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखने की बात कही। ग्रामीणों के नेतृत्वकर्ता शंकर उरांव ने यह भी कहा कि यदि जनसुनवाई बालूमाथ प्रखंड मुख्यालय की जगह उनके गांव में भी होती, तो वे परियोजना का विरोध अवश्य करते।1
- बुढ़मू थाना क्षेत्र के ठाकुरगांव-बुढ़मू मुख्य पथ पर रविवार रात एक सड़क दुर्घटना में दो नाबालिगों की दुखद मौत हो गई। मृतकों की पहचान नामकुम थाना अंतर्गत लोवाड़ीह निवासी तुमिल खाखा के 17 वर्षीय पुत्र आयुष खाखा और अनूप लिंडा की 16 वर्षीय पुत्री सायना अंजलि लिंडा के रूप में हुई। ये दोनों आपस में मौसेरे भाई-बहन थे, जिन्होंने हाल ही में 10वीं की परीक्षा उत्तीर्ण की थी और गर्मी की छुट्टियां बिताने के लिए अपने नाना विलियम के घर बुढ़मू के सिदरौल आए हुए थे। मिली जानकारी के अनुसार, रविवार रात दोनों ठाकुरगांव की दिशा में चाउमीन और कोल्ड ड्रिंक लेने जा रहे थे। इसी दौरान उनकी बाइक तेज गति और नियंत्रण खोने के कारण एक पेड़ से जा टकराई, जिससे घटनास्थल पर ही दोनों की मौत हो गई। घटना के तुरंत बाद बुढ़मू पुलिस ने दोनों नाबालिगों के शवों को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए रिम्स भेज दिया था। सोमवार को पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव परिजनों को सौंप दिए गए हैं, और पुलिस ने इस मामले की जांच शुरू कर दी है।1