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मध्यप्रदेश के छतरपुर जिले के बड़ामलहरा अनुविभाग के बमनौरा थाना क्षेत्र माता अबार में आयोजित संत रविदास मंदिर प्राण-प्रतिष्ठा कार्यक्रम उस वक्त सियासी अखाड़े में बदल गया, जब कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष जीतू पटवारी मंच से ही पुलिस प्रशासन पर जमकर बरसे। कार्यक्रम के बीच उन्होंने बमनौरा थाना प्रभारी शिशिर तिवारी को सीधे निशाने पर लेते हुए सख्त लहजे में चेतावनी दी। वही पटवारी ने खुले मंच से सवाल दागते हुए कहा कि अगर बीजेपी के दबाव में आकर गरीबों पर अत्याचार किया गया, तो आने वाले समय में इसका करारा जवाब मिलेगा। उनका बयान याद रखना, मंच से उन्होंने कहा कि 3 साल बाद ऐसा सबक सिखाएंगे कि जिंदगी भर याद रखोगे” वही इस बयान के बाद कार्यक्रम स्थल पर मौजूद लोगों में हलचल मच गई। जहां समर्थकों ने इसे गरीबों की आवाज बताया, वहीं विरोधियों ने इसे प्रशासनिक कार्यप्रणाली में सीधा हस्तक्षेप करार दिया। वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिससे राजनीतिक पारा चढ़ गया है। हालांकि प्रशासन की ओर से अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई, लेकिन इस बयान ने साफ कर दिया है कि आने वाले समय में छतरपुर की राजनीति और ज्यादा उग्र होने वाली है।

7 hrs ago
user_Journalist Lalu kashayap रैकवा
Journalist Lalu kashayap रैकवा
बड़ा मलहरा, छतरपुर, मध्य प्रदेश•
7 hrs ago

मध्यप्रदेश के छतरपुर जिले के बड़ामलहरा अनुविभाग के बमनौरा थाना क्षेत्र माता अबार में आयोजित संत रविदास मंदिर प्राण-प्रतिष्ठा कार्यक्रम उस वक्त सियासी अखाड़े में बदल गया, जब कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष जीतू पटवारी मंच से ही पुलिस प्रशासन पर जमकर बरसे। कार्यक्रम के बीच उन्होंने बमनौरा थाना प्रभारी शिशिर तिवारी को सीधे निशाने पर लेते हुए सख्त लहजे में चेतावनी दी। वही पटवारी ने खुले मंच से सवाल दागते हुए कहा कि अगर बीजेपी के दबाव में आकर गरीबों पर अत्याचार किया गया, तो आने वाले समय में इसका करारा जवाब मिलेगा। उनका बयान याद रखना, मंच से उन्होंने कहा कि 3 साल बाद ऐसा सबक सिखाएंगे कि जिंदगी भर याद रखोगे” वही इस बयान के बाद कार्यक्रम स्थल पर मौजूद लोगों में हलचल मच गई। जहां समर्थकों ने इसे गरीबों की आवाज बताया, वहीं विरोधियों ने इसे प्रशासनिक कार्यप्रणाली में सीधा हस्तक्षेप करार दिया। वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिससे राजनीतिक पारा चढ़ गया है। हालांकि प्रशासन की ओर से अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई, लेकिन इस बयान ने साफ कर दिया है कि आने वाले समय में छतरपुर की राजनीति और ज्यादा उग्र होने वाली है।

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  • भीषण सड़क हादसा: रेत से भरे बेकाबू ट्रैक्टर ने तीन लोगों को कुचला, एक की मौत, दो गंभीर पलेरा। पलेरा–नौगांव मार्ग पर गुरुवार को एक भीषण सड़क हादसा हो गया। रेत से भरे एक बेकाबू ट्रैक्टर ने दो बाइक सवारों सहित एक अन्य व्यक्ति को कुचल दिया। हादसा इतना गंभीर था कि मौके पर अफरा-तफरी मच गई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और घायलों को एम्बुलेंस की मदद से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पलेरा पहुंचाया गया। जहां डॉक्टरों ने प्राथमिक जांच के बाद रामशरण गुप्ता (55 वर्ष), पिता भगवान दास को मृत घोषित कर दिया। वहीं हादसे में घायल रविकांत (28 वर्ष), पिता लाल और नरेंद्र अहिरवार (31 वर्ष), पिता मथुरा प्रसाद, निवासी ग्राम पठा थाना को गंभीर चोटें आई हैं। जानकारी के अनुसार रविकांत के पैर में फ्रैक्चर हुआ है, जबकि नरेंद्र को भी गंभीर चोटें आई हैं। दोनों घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए उच्च चिकित्सा केंद्र रेफर कर दिया गया है। बताया जा रहा है कि दोनों युवक एक फाइनेंस कंपनी में कार्यरत हैं और किसी कार्य से जा रहे थे, तभी यह हादसा हो गया। पुलिस ने मृतक के शव का पोस्टमार्टम कराकर मामले की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार हादसा ट्रैक्टर चालक की लापरवाही और वाहन के अनियंत्रित होने के कारण हुआ है। फिलहाल पुलिस ट्रैक्टर चालक की तलाश में जुटी हुई है और पूरे मामले की जांच जारी है। यह हादसा एक बार फिर सड़क सुरक्षा और भारी वाहनों की लापरवाही पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
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    भीषण सड़क हादसा: रेत से भरे बेकाबू ट्रैक्टर ने तीन लोगों को कुचला, एक की मौत, दो गंभीर
पलेरा। पलेरा–नौगांव मार्ग पर गुरुवार को एक भीषण सड़क हादसा हो गया। रेत से भरे एक बेकाबू ट्रैक्टर ने दो बाइक सवारों सहित एक अन्य व्यक्ति को कुचल दिया। हादसा इतना गंभीर था कि मौके पर अफरा-तफरी मच गई।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और घायलों को एम्बुलेंस की मदद से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पलेरा पहुंचाया गया। जहां डॉक्टरों ने प्राथमिक जांच के बाद रामशरण गुप्ता (55 वर्ष), पिता भगवान दास को मृत घोषित कर दिया।
वहीं हादसे में घायल रविकांत (28 वर्ष), पिता लाल और नरेंद्र अहिरवार (31 वर्ष), पिता मथुरा प्रसाद, निवासी ग्राम पठा थाना को गंभीर चोटें आई हैं। जानकारी के अनुसार रविकांत के पैर में फ्रैक्चर हुआ है, जबकि नरेंद्र को भी गंभीर चोटें आई हैं।
दोनों घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए उच्च चिकित्सा केंद्र रेफर कर दिया गया है। बताया जा रहा है कि दोनों युवक एक फाइनेंस कंपनी में कार्यरत हैं और किसी कार्य से जा रहे थे, तभी यह हादसा हो गया।
पुलिस ने मृतक के शव का पोस्टमार्टम कराकर मामले की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार हादसा ट्रैक्टर चालक की लापरवाही और वाहन के अनियंत्रित होने के कारण हुआ है। फिलहाल पुलिस ट्रैक्टर चालक की तलाश में जुटी हुई है और पूरे मामले की जांच जारी है।
यह हादसा एक बार फिर सड़क सुरक्षा और भारी वाहनों की लापरवाही पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
    user_Manish Yadav
    Manish Yadav
    पलेरा, टीकमगढ़, मध्य प्रदेश•
    5 hrs ago
  • Post by राम सिंह यादव जिला ब्यूरो चीफ टीकमगढ़
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    Post by राम सिंह यादव जिला ब्यूरो चीफ टीकमगढ़
    user_राम सिंह यादव जिला ब्यूरो चीफ टीकमगढ़
    राम सिंह यादव जिला ब्यूरो चीफ टीकमगढ़
    Spa पलेरा, टीकमगढ़, मध्य प्रदेश•
    8 hrs ago
  • छतरपुर//पन्ना 8 से 10 दिन से 24 घंटे आदिवासी आंदोलन कर रहे हैं उसी पानी को आदिवासी पी रहे हैं उसी में नहा रहे हैं और उसी में सोंच कर रहे हैं जिससे बीमारी फैलने की संभावना लगातार बढ़ती जा रही है। दोपहर के करीब 2:00 एक आदिवासी युवक की अचानक तबीयत बिगड़ी लेकिन वहां पर कोई भी डॉक्टर नहीं पहुंचा आदिवासियों ने आरोप लगाया कि वन विभाग की बैरियर पर हम लोगों के लिए कोई भी मददगार आता है तो उसे रोक दिया जाता है कोई भी अगर डॉक्टर इलाज के लिए आता है उसे इलाज करने से रोका जाता है।
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    छतरपुर//पन्ना 
8 से 10 दिन से 24 घंटे आदिवासी आंदोलन कर रहे हैं उसी पानी को आदिवासी पी रहे हैं उसी में नहा रहे हैं और उसी में सोंच कर रहे हैं जिससे बीमारी फैलने की संभावना लगातार बढ़ती जा रही है।
दोपहर के करीब 2:00 एक आदिवासी युवक की अचानक तबीयत बिगड़ी लेकिन वहां पर कोई भी डॉक्टर नहीं पहुंचा आदिवासियों ने आरोप लगाया कि वन विभाग की बैरियर पर हम लोगों के लिए कोई भी मददगार आता है तो उसे रोक दिया जाता है कोई भी अगर डॉक्टर इलाज के लिए आता है उसे इलाज करने से रोका जाता है।
    user_U Live India
    U Live India
    Chhatarpur, Madhya Pradesh•
    9 hrs ago
  • 🌹🌹🌹Radha Radha Radha 🌹🌹🌹
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    🌹🌹🌹Radha Radha Radha 🌹🌹🌹
    user_Pappu Vishawakarma
    Pappu Vishawakarma
    Chhatarpur, Madhya Pradesh•
    10 hrs ago
  • पत्रकार के सवाल पर जीभ लड़खड़ा गई भाजपा प्रदेश अध्यक्ष की भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष गुरुवार की शाम टीकमगढ़ पहुंचे जहां वह मीडिया से रूबरू हुए लेकिन जैसे ही टीकमगढ़ के वरिष्ठ पत्रकार अनिल रावत ने छतरपुर का मामला उठाया तो उनकी जीभलड़खड़ा गई और उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया छतरपुर के सरानी गांव के सुरेंद्र सिंह की मौत के मामले में परिजनों द्वारा छतरपुर विधायक ललिता यादव और उनके बेटे पर लगाए गए गंभीर आरोप के मामले में भाजपा प्रदेशाध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल बोले टीकमगढ़ प्रवास पर हु तो यहां की बात करे। वही मुरैना में रेत माफियाओं द्वारा वनकर्मी की हत्या के मामले में बोले कि मैं मुरैना में था तो उस मामले में अपनी बात कह दी थी।
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    पत्रकार के सवाल पर जीभ लड़खड़ा गई
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष की
भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष गुरुवार की शाम टीकमगढ़ पहुंचे जहां वह मीडिया से रूबरू हुए लेकिन जैसे ही टीकमगढ़ के वरिष्ठ पत्रकार अनिल रावत ने छतरपुर का मामला उठाया तो उनकी जीभलड़खड़ा गई और उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया छतरपुर के सरानी गांव के सुरेंद्र सिंह की मौत के मामले में परिजनों द्वारा छतरपुर विधायक ललिता यादव और उनके बेटे पर लगाए गए गंभीर आरोप के मामले में भाजपा प्रदेशाध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल बोले टीकमगढ़ प्रवास पर हु तो यहां की बात करे।
वही मुरैना में रेत माफियाओं द्वारा वनकर्मी की हत्या के मामले में बोले कि मैं मुरैना में था तो उस मामले में अपनी बात कह दी थी।
    user_पत्रकार धर्मेंद्र बुन्देला
    पत्रकार धर्मेंद्र बुन्देला
    Court reporter लौंडी, छतरपुर, मध्य प्रदेश•
    12 hrs ago
  • *केन-बेतवा विस्थापितों का फूटा गुस्सा—प्रशासन को पीछे हटना पड़ा, चिता आंदोलन हुआ और उग्र!* - *जन आंदोलन बना जनसंघर्ष , जनता ने प्रशासन को दौड़ाया* केन बेतवा लिंक परियोजना से प्रभावित न्याय की मांग कर रहे आदिवासियों और किसानों का धैर्य आज जवाब दे गया। केन-बेतवा लिंक परियोजना के खिलाफ चल रहे *'चिता आंदोलन'* के दूसरे दिन हालात उस समय तनावपूर्ण हो गए, जब पुलिस प्रशासन ने शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों का *राशन-पानी* रोकने की कोशिश की। प्रशासन की इस दमनकारी कार्रवाई से हजारों आदिवासी महिलाएं और किसान भड़क उठे। आक्रोशित जनता के भारी विरोध के सामने प्रशासन को पीछे हटना पड़ा और आंदोलन स्थल से दौड़ लगानी पड़ी। स्थिति को बिगड़ते देख *सामाजिक कार्यकर्ता अमित भटनागर* ने मोर्चा संभाला और बमुश्किल ग्रामीणों को शांत कराया। *अमित भटनागर* ने प्रशासन को दो-टूक चेतावनी देते हुए कहा कि आदिवासियों के हक की यह लड़ाई अब 'जन संघर्ष' बन चुकी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि आंदोलन को कुचलने या दमन करने की कोशिश की गई, तो इसके परिणाम और भी उग्र होंगे। जब तक विस्थापितों को पूर्ण न्याय नहीं मिलता, यह चिता आंदोलन थमेगा नहीं। हजारों आदिवासी महिलाओं किसान रहे शामिल *मीडिया सेल* *जय किसान संगठन*
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    *केन-बेतवा विस्थापितों का फूटा गुस्सा—प्रशासन को पीछे हटना पड़ा, चिता आंदोलन हुआ और उग्र!*
- *जन आंदोलन बना जनसंघर्ष , जनता ने प्रशासन को दौड़ाया*
केन बेतवा लिंक परियोजना से प्रभावित न्याय की मांग कर रहे आदिवासियों और किसानों का धैर्य आज जवाब दे गया। केन-बेतवा लिंक परियोजना के खिलाफ चल रहे *'चिता आंदोलन'* के दूसरे दिन हालात उस समय तनावपूर्ण हो गए, जब पुलिस प्रशासन ने शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों का *राशन-पानी* रोकने की कोशिश की।
प्रशासन की इस दमनकारी कार्रवाई से हजारों आदिवासी महिलाएं और किसान भड़क उठे। आक्रोशित जनता के भारी विरोध के सामने प्रशासन को पीछे हटना पड़ा और आंदोलन स्थल से दौड़ लगानी पड़ी। स्थिति को बिगड़ते देख *सामाजिक कार्यकर्ता अमित भटनागर* ने मोर्चा संभाला और बमुश्किल ग्रामीणों को शांत कराया।
*अमित भटनागर* ने प्रशासन को दो-टूक चेतावनी देते हुए कहा कि आदिवासियों के हक की यह लड़ाई अब 'जन संघर्ष' बन चुकी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि आंदोलन को कुचलने या दमन करने की कोशिश की गई, तो इसके परिणाम और भी उग्र होंगे। जब तक विस्थापितों को पूर्ण न्याय नहीं मिलता, यह चिता आंदोलन थमेगा नहीं।
हजारों आदिवासी महिलाओं किसान रहे शामिल 
*मीडिया सेल*
*जय किसान संगठन*
    user_पत्रकार पुष्पेंद्र तिवारी
    पत्रकार पुष्पेंद्र तिवारी
    Social Media Manager लौंडी, छतरपुर, मध्य प्रदेश•
    17 hrs ago
  • छतरपुर : केन बेतवा लिंक परियोजना से प्रभावित आदिवासियों का आंदोलन..! #viralreels #viralshorts #viralvideo #viralshort #viral #videos
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    छतरपुर : केन बेतवा लिंक परियोजना से प्रभावित आदिवासियों का आंदोलन..!
#viralreels #viralshorts #viralvideo #viralshort #viral #videos
    user_Manish Yadav
    Manish Yadav
    पलेरा, टीकमगढ़, मध्य प्रदेश•
    8 hrs ago
  • MP: केन-बेतवा परियोजना पर टकराव, आदिवासी महिलाएं चिता पर लेटीं, कहा- न्याय या मौत, हम पीछे नहीं हटेंगे केन-बेतवा लिंक परियोजना के विरोध में चल रहा आंदोलन अब निर्णायक और संवेदनशील मोड़ पर पहुंच गया है। प्रशासन द्वारा आंदोलन को दबाने की हर कोशिश के बावजूद हजारों आदिवासी किसान, विशेष रूप से महिलाएं, हिम्मत हारने के बजाय चिता आंदोलन तक पहुंच गई हैं। आंदोलन का नेतृत्व कर रहे आदिवासी महिलाओं और जय किसान संगठन के नेता सामाजिक कार्यकर्ता अमित भटनागर ने सरकार के दमन के सामने आक्रामक रुख अपनाया है। रोक-टोक और धारा 163 लागू आंदोलनकारियों का कहना है कि उन्हें दिल्ली जाकर अपनी बात रखने से रोका गया, रास्तों में कई जगह रोका गया, राशन और पानी तक रोक दिया गया और धमकियां दी गई। अब प्रशासन ने अपने ही गाँव और जंगल में धारा 163 लागू कर उनकी आवाज को दबाने की कोशिश की है। आंदोलनकारियों ने इसे दमन की पराकाष्ठा बताया है। पन्ना और छतरपुर जिलों की सीमाओं को अलग करने और बाहरी व्यक्तियों की आवाजाही रोकने के प्रशासनिक आदेश पर अमित भटनागर ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि जब परियोजना एक ही है तो लोगों को इस तरह बांटना अन्यायपूर्ण और गैर-तार्किक है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन अपने अत्याचार और भ्रष्टाचार को छुपाने के लिए ऐसे आदेश जारी कर रहा है।
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    MP: केन-बेतवा परियोजना पर टकराव, आदिवासी महिलाएं चिता पर लेटीं, कहा- न्याय या मौत, हम पीछे नहीं हटेंगे
केन-बेतवा लिंक परियोजना के विरोध में चल रहा आंदोलन अब निर्णायक और संवेदनशील मोड़ पर पहुंच गया है। प्रशासन द्वारा आंदोलन को दबाने की हर कोशिश के बावजूद हजारों आदिवासी किसान, विशेष रूप से महिलाएं, हिम्मत हारने के बजाय चिता आंदोलन तक पहुंच गई हैं। आंदोलन का नेतृत्व कर रहे आदिवासी महिलाओं और जय किसान संगठन के नेता सामाजिक कार्यकर्ता अमित भटनागर ने सरकार के दमन के सामने आक्रामक रुख अपनाया है।
रोक-टोक और धारा 163 लागू
आंदोलनकारियों का कहना है कि उन्हें दिल्ली जाकर अपनी बात रखने से रोका गया, रास्तों में कई जगह रोका गया, राशन और पानी तक रोक दिया गया और धमकियां दी गई। अब प्रशासन ने अपने ही गाँव और जंगल में धारा 163 लागू कर उनकी आवाज को दबाने की कोशिश की है। आंदोलनकारियों ने इसे दमन की पराकाष्ठा बताया है।
पन्ना और छतरपुर जिलों की सीमाओं को अलग करने और बाहरी व्यक्तियों की आवाजाही रोकने के प्रशासनिक आदेश पर अमित भटनागर ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि जब परियोजना एक ही है तो लोगों को इस तरह बांटना अन्यायपूर्ण और गैर-तार्किक है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन अपने अत्याचार और भ्रष्टाचार को छुपाने के लिए ऐसे आदेश जारी कर रहा है।
    user_Tushar markand
    Tushar markand
    Chhatarpur, Madhya Pradesh•
    18 hrs ago
  • Post by राम सिंह यादव जिला ब्यूरो चीफ टीकमगढ़
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    Post by राम सिंह यादव जिला ब्यूरो चीफ टीकमगढ़
    user_राम सिंह यादव जिला ब्यूरो चीफ टीकमगढ़
    राम सिंह यादव जिला ब्यूरो चीफ टीकमगढ़
    Spa पलेरा, टीकमगढ़, मध्य प्रदेश•
    20 hrs ago
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