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उदयपुर फतेहसागर झील विहंगम दृश्य रिपोर्टर नंदलाल पुरबिया न्यू द्वारकेश न्यूज़ चैनल नांदोली राजसमंद राजस्थान द्वारा

1 hr ago
user_फोटोग्राफर नंदलाल पुरबिया नांद
फोटोग्राफर नंदलाल पुरबिया नांद
Photographer राजसमंद, राजसमंद, राजस्थान•
1 hr ago
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उदयपुर फतेहसागर झील विहंगम दृश्य रिपोर्टर नंदलाल पुरबिया न्यू द्वारकेश न्यूज़ चैनल नांदोली राजसमंद राजस्थान द्वारा

More news from राजस्थान and nearby areas
  • ऑपरेशन सुदर्शन चक्र- 2 के तहत राजसमंद पुलिस की प्रभावी कार्रवाई तरुण जोशी राजसमंद 9414239 644 राजसमंद पुलिस का सफल ऑपरेशन सुदर्शन चक्र 2 , नशे की लत और अवैध कारोबारों पर सफल साबित हो रहा ऑपरेशन, जिले में नशे की प्रवृत्ति पर काफी हद तक लग रही लगाम, राजसमंद एसपी हेमंत कुमार कलाल ने पत्रकार वार्ता में दी जानकारी,
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    ऑपरेशन सुदर्शन चक्र- 2 के तहत राजसमंद पुलिस की प्रभावी कार्रवाई
तरुण जोशी 
राजसमंद 
9414239 644 
राजसमंद पुलिस का सफल ऑपरेशन सुदर्शन चक्र 2 ,
नशे की लत और अवैध कारोबारों पर सफल साबित हो रहा ऑपरेशन,
जिले में नशे की प्रवृत्ति पर काफी हद तक लग रही लगाम,
राजसमंद एसपी हेमंत कुमार कलाल ने पत्रकार वार्ता में दी जानकारी,
    user_Tarun Joshi, Rajsamand
    Tarun Joshi, Rajsamand
    राजसमंद, राजसमंद, राजस्थान•
    16 hrs ago
  • रूपनारायण दर्शन राजसमंद 73 रिपोर्टर नंदलाल पुरबिया न्यू द्वारकेश न्यूज़ चैनल नांदोली राजसमंद राजस्थान द्वारा जनहित मेंप्रसारित
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    रूपनारायण दर्शन राजसमंद 73 रिपोर्टर नंदलाल पुरबिया न्यू द्वारकेश न्यूज़ चैनल नांदोली राजसमंद राजस्थान द्वारा जनहित मेंप्रसारित
    user_फोटोग्राफर नंदलाल पुरबिया नांद
    फोटोग्राफर नंदलाल पुरबिया नांद
    Photographer राजसमंद, राजसमंद, राजस्थान•
    20 hrs ago
  • जीतावास विद्यालय प्रकरण में शिक्षकों की बहाली की मांग, शिक्षक संगठनों ने रैली निकालकर किया प्रदर्शन जीतावास विद्यालय प्रकरण में शिक्षकों की बहाली की मांग, शिक्षक संगठनों ने रैली निकालकर किया प्रदर्शन रेलमगरा। राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय जीतावास में कार्यरत शिक्षक हरीश कुमार विजयवर्गीय एवं शिक्षिका रिंकू बाला आचार्य के विरुद्ध लगाए गए आरोपों को लेकर शिक्षक संगठनों में रोष बढ़ता जा रहा है। दोनों शिक्षकों के समर्थन में मंगलवार को अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ एवं प्रारंभिक शारीरिक शिक्षक संघ सहित विभिन्न शिक्षक संगठनों के सैकड़ों शिक्षक एकत्रित हुए और विरोध प्रदर्शन किया। शिक्षक संगठन के सदस्य रैली के रूप में उपखंड कार्यालय की ओर रवाना हुए। इस दौरान रेलमगरा के मुख्य बस स्टैंड पर मानव श्रृंखला बनाकर विरोध जताया गया। इसके बाद शिक्षक रैली के रूप में उपखंड कार्यालय पहुंचे, जहां उपखंड अधिकारी आकांक्षा दुबे को ज्ञापन सौंपकर प्रकरण में निष्पक्ष जांच, शिक्षकों की बहाली तथा दोषी पाए जाने वाले लोगों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की मांग की गई। आरोपों को बताया तथ्यहीन, बहाली की मांग ज्ञापन में शिक्षक हरीश कुमार विजयवर्गीय एवं शिक्षिका रिंकू बाला आचार्य के विरुद्ध लगाए गए आरोपों को तथ्यहीन एवं निराधार बताते हुए उनके आधार पर की जा रही विभागीय कार्रवाई पर पुनर्विचार करने की मांग की गई। शिक्षक संगठनों ने दोनों कार्मिकों को शीघ्र बहाल करने तथा विद्यालयों में शिक्षकों को अनावश्यक रूप से प्रताड़ित किए जाने की घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाने की मांग की। संगठनों ने कहा कि विद्यालयों में बाहरी व्यक्तियों के अनावश्यक हस्तक्षेप से शिक्षकों पर मानसिक दबाव बनता है और इसका प्रतिकूल प्रभाव शैक्षणिक वातावरण पर पड़ता है। किसी भी शिक्षक के विरुद्ध शिकायत मिलने पर पहले तथ्यात्मक जांच एवं निष्पक्ष सुनवाई की जाए और उसके बाद ही विभागीय कार्रवाई की जाए। सामाजिक प्रतिष्ठा धूमिल करने वालों पर कार्रवाई की मांग प्रारंभिक शारीरिक शिक्षक संघ की ओर से दिए गए ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा शिक्षक हरीश कुमार विजयवर्गीय एवं शिक्षिका रिंकू बाला आचार्य की सामाजिक प्रतिष्ठा और छवि को धूमिल करने का प्रयास किया गया है। संगठन ने ऐसे लोगों को चिन्हित कर उनके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई करने तथा शिक्षकों को उचित सुरक्षा एवं मानसिक संबल उपलब्ध कराने की मांग की। शिक्षक प्रतिनिधियों ने उपखंड अधिकारी से मामले की गंभीरता को देखते हुए निष्पक्ष एवं संवेदनशील हस्तक्षेप कर उचित निर्णय लेने का आग्रह किया। ये रहे मौजूद प्रदर्शन के दौरान अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ उपशाखा अध्यक्ष मुकेश कुमार सुथार, प्रारंभिक शारीरिक शिक्षक संघ अध्यक्ष नीलम सोमानी, प्रेम सिंह राणावत, राधेश्याम वैष्णव, अरुण कुमार, राजेश राजौरा, धनराज गोस्वामी, भगवान लाल सुखवाल, राजेश आचार्य, मदन लाल प्रधानाचार्य, सुरेश चंद्र पीपला, रमेश गर्ग, कमला शंकर, ओम प्रकाश जीनगर, मेनारिया, लक्ष्मी नारायण तोषनीवाल, विजय शर्मा, तारा पारीक, दिलखुश, वर्षा माहेश्वरी, उर्मिला विजयवर्गीय, रामगनी मीणा, दिनेश बेरवा, गोविन्द व्यास, शांतिलाल कुमावत, अनिल जीनगर, फणीश्वर राजौरा, दिनेश खटीक, रमेश बैरागी, सीताराम खटीक, नितेश बैरागी, कमलेश जाट, जारमुकेश दाधीच, शंकर सिंह सहित सैकड़ों शिक्षक उपस्थित रहे। शिक्षक संगठनों ने स्पष्ट किया कि शिक्षकों के सम्मान, सुरक्षा और गरिमा से किसी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा तथा प्रकरण में न्यायोचित कार्रवाई होने तक संगठन स्तर पर आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
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    जीतावास विद्यालय प्रकरण में शिक्षकों की बहाली की मांग, शिक्षक संगठनों ने रैली निकालकर किया प्रदर्शन
जीतावास विद्यालय प्रकरण में शिक्षकों की बहाली की मांग, शिक्षक संगठनों ने रैली निकालकर किया प्रदर्शन
रेलमगरा। राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय जीतावास में कार्यरत शिक्षक हरीश कुमार विजयवर्गीय एवं शिक्षिका रिंकू बाला आचार्य के विरुद्ध लगाए गए आरोपों को लेकर शिक्षक संगठनों में रोष बढ़ता जा रहा है। दोनों शिक्षकों के समर्थन में मंगलवार को अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ एवं प्रारंभिक शारीरिक शिक्षक संघ सहित विभिन्न शिक्षक संगठनों के सैकड़ों शिक्षक एकत्रित हुए और विरोध प्रदर्शन किया।
शिक्षक संगठन के सदस्य रैली के रूप में उपखंड कार्यालय की ओर रवाना हुए। इस दौरान रेलमगरा के मुख्य बस स्टैंड पर मानव श्रृंखला बनाकर विरोध जताया गया। इसके बाद शिक्षक रैली के रूप में उपखंड कार्यालय पहुंचे, जहां उपखंड अधिकारी आकांक्षा दुबे को ज्ञापन सौंपकर प्रकरण में निष्पक्ष जांच, शिक्षकों की बहाली तथा दोषी पाए जाने वाले लोगों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की मांग की गई।
आरोपों को बताया तथ्यहीन, बहाली की मांग
ज्ञापन में शिक्षक हरीश कुमार विजयवर्गीय एवं शिक्षिका रिंकू बाला आचार्य के विरुद्ध लगाए गए आरोपों को तथ्यहीन एवं निराधार बताते हुए उनके आधार पर की जा रही विभागीय कार्रवाई पर पुनर्विचार करने की मांग की गई। शिक्षक संगठनों ने दोनों कार्मिकों को शीघ्र बहाल करने तथा विद्यालयों में शिक्षकों को अनावश्यक रूप से प्रताड़ित किए जाने की घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाने की मांग की।
संगठनों ने कहा कि विद्यालयों में बाहरी व्यक्तियों के अनावश्यक हस्तक्षेप से शिक्षकों पर मानसिक दबाव बनता है और इसका प्रतिकूल प्रभाव शैक्षणिक वातावरण पर पड़ता है। किसी भी शिक्षक के विरुद्ध शिकायत मिलने पर पहले तथ्यात्मक जांच एवं निष्पक्ष सुनवाई की जाए और उसके बाद ही विभागीय कार्रवाई की जाए।
सामाजिक प्रतिष्ठा धूमिल करने वालों पर कार्रवाई की मांग
प्रारंभिक शारीरिक शिक्षक संघ की ओर से दिए गए ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा शिक्षक हरीश कुमार विजयवर्गीय एवं शिक्षिका रिंकू बाला आचार्य की सामाजिक प्रतिष्ठा और छवि को धूमिल करने का प्रयास किया गया है। संगठन ने ऐसे लोगों को चिन्हित कर उनके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई करने तथा शिक्षकों को उचित सुरक्षा एवं मानसिक संबल उपलब्ध कराने की मांग की।
शिक्षक प्रतिनिधियों ने उपखंड अधिकारी से मामले की गंभीरता को देखते हुए निष्पक्ष एवं संवेदनशील हस्तक्षेप कर उचित निर्णय लेने का आग्रह किया।
ये रहे मौजूद
प्रदर्शन के दौरान अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ उपशाखा अध्यक्ष मुकेश कुमार सुथार, प्रारंभिक शारीरिक शिक्षक संघ अध्यक्ष नीलम सोमानी, प्रेम सिंह राणावत, राधेश्याम वैष्णव, अरुण कुमार, राजेश राजौरा, धनराज गोस्वामी, भगवान लाल सुखवाल, राजेश आचार्य, मदन लाल प्रधानाचार्य, सुरेश चंद्र पीपला, रमेश गर्ग, कमला शंकर, ओम प्रकाश जीनगर, मेनारिया, लक्ष्मी नारायण तोषनीवाल, विजय शर्मा, तारा पारीक, दिलखुश, वर्षा माहेश्वरी, उर्मिला विजयवर्गीय, रामगनी मीणा, दिनेश बेरवा, गोविन्द व्यास, शांतिलाल कुमावत, अनिल जीनगर, फणीश्वर राजौरा, दिनेश खटीक, रमेश बैरागी, सीताराम खटीक, नितेश बैरागी, कमलेश जाट, जारमुकेश दाधीच, शंकर सिंह सहित सैकड़ों शिक्षक उपस्थित रहे।
शिक्षक संगठनों ने स्पष्ट किया कि शिक्षकों के सम्मान, सुरक्षा और गरिमा से किसी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा तथा प्रकरण में न्यायोचित कार्रवाई होने तक संगठन स्तर पर आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
    user_रेलमगरा न्यूज़
    रेलमगरा न्यूज़
    Local News Reporter रेलमगरा, राजसमंद, राजस्थान•
    58 min ago
  • बदले नियम 5 साल संविदा पर करना होगा काम, अच्छे प्रदर्शन पर मिलेगी पक्की नौकरी 25 हजार पदों पर सफाईकर्मी भर्ती होगी, कैबिनेट में लगेगी मुहर जयपुर| सफाई कर्मियों की हड़ताल में निकले फार्मूले पर सरकार ने काम तेज कर दिया है। विधानसभा के आगामी अगस्त के मानसून सत्र से पहले राजस्थान में बहुप्रतीक्षित 25 हजार सफाई कर्मी की भर्ती निकाली जाएगी। इसकी फाइल तैयार हो चुकी है। सफाईकर्मी पद पर अब सीधे स्थायी नौकरी नहीं मिलेगी। इसमें सिलेक्ट अभ्यर्थियों को पहले 5 साल संविदा पर काम करना होगा। इस दौरान अच्छे प्रदर्शन और अनुशासन की समीक्षा के बाद ही उन्हें नियमित (परमानेंट) किया जाएगा। हालांकि इस नियम में बदलाव भी संभव है। अगले सप्ताह होने वाली कैबिनेट बैठक में अंतिम फार्मूले पर मुहर लग सकती है। लेकिन यह फाइनल है कि अगले कुछ दिन में 3 बार स्थगित हुई भर्ती निकाल दी जाएगी। पहले इसके लिए 5 लाख से अधिक युवाओं ने आवेदन किया था। 5 साल से विवादों से घिरी भर्ती, अब नए मॉडल में लाएंगे लंबे समय से विवादों में घिरी सफाईकर्मी भर्ती के लिए सरकार ने यह नया मॉडल तैयार किया है। स्वायत्त शासन विभाग राजस्थान संविदा भर्ती नियम-2022 के तहत सफाई कर्मियों की भर्ती करने की तैयारी में है। इसके लिए भर्ती विज्ञप्ति जल्द जारी की जाएगी। 2 बार कांग्रेस ने, एक बार भाजपा ने रद्द कीः पिछली कांग्रेस सरकार के समय पहले 24 हजार पदों की भर्ती निकाली। उसे रद्द किया गया। फिर 13 हजार 184 पदों पर निकाली गई भर्ती को अप्रैल 2023 में वापस ले लिया गया था। इसके बाद बीजेपी सरकार ने भर्ती की घोषणा की, लेकिन अगस्त 2024 में 23 हजार 820 पदों की भर्ती प्रक्रिया भी निरस्त करनी पड़ी।
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    बदले नियम 5 साल संविदा पर करना होगा काम, अच्छे प्रदर्शन पर मिलेगी पक्की नौकरी 25 हजार पदों पर
सफाईकर्मी भर्ती होगी, कैबिनेट में लगेगी मुहर जयपुर| सफाई कर्मियों की हड़ताल में निकले फार्मूले पर सरकार ने काम तेज कर दिया है। विधानसभा के आगामी अगस्त के मानसून सत्र से पहले राजस्थान में बहुप्रतीक्षित 25 हजार सफाई कर्मी की भर्ती निकाली जाएगी। इसकी फाइल तैयार हो चुकी है। सफाईकर्मी पद पर अब सीधे स्थायी नौकरी नहीं मिलेगी। इसमें सिलेक्ट अभ्यर्थियों को पहले 5 साल संविदा पर काम करना होगा। इस दौरान
अच्छे प्रदर्शन और अनुशासन की समीक्षा के बाद ही उन्हें नियमित (परमानेंट) किया जाएगा। हालांकि इस नियम में बदलाव भी संभव है। अगले सप्ताह होने वाली कैबिनेट बैठक में अंतिम फार्मूले पर मुहर लग सकती है। लेकिन यह फाइनल है कि अगले कुछ दिन में 3 बार स्थगित हुई भर्ती निकाल दी जाएगी। पहले इसके लिए 5 लाख से अधिक युवाओं ने आवेदन किया था।
5 साल से विवादों से घिरी भर्ती, अब नए मॉडल में लाएंगे लंबे समय से विवादों में घिरी सफाईकर्मी भर्ती के लिए सरकार ने यह नया मॉडल तैयार किया है। स्वायत्त शासन विभाग राजस्थान संविदा भर्ती नियम-2022 के तहत सफाई कर्मियों की भर्ती करने की तैयारी में है। इसके लिए भर्ती विज्ञप्ति जल्द जारी की जाएगी। 2 बार कांग्रेस ने, एक बार भाजपा ने रद्द कीः पिछली कांग्रेस सरकार के समय पहले 24 हजार पदों की भर्ती निकाली। उसे रद्द किया गया। फिर 13 हजार 184 पदों पर निकाली गई भर्ती को अप्रैल 2023 में वापस ले लिया गया था। इसके बाद बीजेपी सरकार ने भर्ती की घोषणा की, लेकिन अगस्त 2024 में 23 हजार 820 पदों की भर्ती प्रक्रिया भी निरस्त करनी पड़ी।
    user_आदर्श न्यूज़
    आदर्श न्यूज़
    Advertising agency भोपालसागर, चित्तौड़गढ़, राजस्थान•
    1 hr ago
  • आकोदड़ा गांव में करीब 300 बीघा चारागाह भूमि पर अतिक्रमण का आरोप, ग्रामीणों ने की अवैध कब्जा हटाने की मांग वल्लभनगर उपखंड क्षेत्र की ग्राम पंचायत ढावा के आकोदड़ा गांव में करीब 300 बीघा सरकारी गोचर (चारागाह) भूमि से अवैध कब्जा हटाने एवं भ्रामक रिपोर्ट पेश करने वाले राजस्व कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर ग्रामीणों ने जिला कलेक्टर के समक्ष शिकायत की। ग्रामीण महेंद्र सिंह के नेतृत्व में सौंपे गए ज्ञापन में बताया गया कि आकोदड़ा पटवार हल्का के खाता संख्या 42, 44 और 46 में करीब 300 बीघा सरकारी चरनोट भूमि दर्ज है। आरोप है कि इस जमीन पर कुछ प्रभावशाली लोगों ने चारदीवारी बनाकर एवं अलग-अलग हिस्सों में कब्जा कर फसलें बो दी हैं। इससे गांव में मवेशियों के सामने चरने का संकट खड़ा हो गया है। ग्रामीणों का कहना है कि वे लंबे समय से इस अतिक्रमण को हटाने की मांग कर रहे हैं। लेकिन स्थानीय प्रशासन का सहयोग नहीं मिल रहा।
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    आकोदड़ा गांव में करीब 300 बीघा चारागाह भूमि पर अतिक्रमण का आरोप, ग्रामीणों ने की अवैध कब्जा हटाने की मांग
वल्लभनगर उपखंड क्षेत्र की ग्राम पंचायत ढावा के आकोदड़ा गांव में करीब 300 बीघा सरकारी गोचर (चारागाह) भूमि से अवैध कब्जा हटाने एवं भ्रामक रिपोर्ट पेश करने वाले राजस्व कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर ग्रामीणों ने जिला कलेक्टर के समक्ष शिकायत की। ग्रामीण महेंद्र सिंह के नेतृत्व में सौंपे गए ज्ञापन में बताया गया कि आकोदड़ा पटवार हल्का के खाता संख्या 42, 44 और 46 में करीब 300 बीघा सरकारी चरनोट भूमि दर्ज है। आरोप है कि इस जमीन पर कुछ प्रभावशाली लोगों ने चारदीवारी बनाकर एवं अलग-अलग हिस्सों में कब्जा कर फसलें बो दी हैं। इससे गांव में मवेशियों के सामने चरने का संकट खड़ा हो गया है। ग्रामीणों का कहना है कि वे लंबे समय से इस अतिक्रमण को हटाने की मांग कर रहे हैं। लेकिन स्थानीय प्रशासन का सहयोग नहीं मिल रहा।
    user_Local Tv News Channel
    Local Tv News Channel
    वल्लभनगर, उदयपुर, राजस्थान•
    17 hrs ago
  • उदयपुर के डबोक airport पर गुंडाराज, taxi चालक ने बताया अपना दर्द
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    उदयपुर के डबोक airport पर गुंडाराज, taxi चालक ने बताया अपना दर्द
    user_Lake City News Rajasthan
    Lake City News Rajasthan
    Journalist बड़गाँव, उदयपुर, राजस्थान•
    2 hrs ago
  • मोबाइल से दूरी का अनोखा सबक: स्कूल में बच्चे की आंखों पर लाल पट्टी देखकर सहमे छात्र, शिक्षिका ने समझाया स्क्रीन टाइम का खतरा एक स्कूल में बच्चों को मोबाइल फोन के अत्यधिक इस्तेमाल से होने वाले नुकसान के प्रति जागरूक करने के लिए अनोखा कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के दौरान एक शिक्षिका ने कक्षा में एक छात्र को उसकी आंखों पर लाल रंग की पट्टी बांधकर लाया। छात्र की आंखों पर पट्टी देखकर पूरी कक्षा हैरान रह गई और बच्चे आपस में पूछने लगे कि आखिर रोहन को क्या हुआ है। जब बच्चों ने शिक्षिका से इसका कारण पूछा तो उन्होंने बताया कि यह एक जागरूकता कार्यक्रम का हिस्सा है। शिक्षिका ने बच्चों को समझाने के लिए कहानी के माध्यम से बताया कि रोहन स्कूल से घर जाने के बाद लगातार मोबाइल फोन चलाता था। वह खाना खाते समय, सोने से पहले और दिनभर मोबाइल स्क्रीन देखने में लगा रहता था। इसके बाद शिक्षिका ने बच्चों से कहा कि यदि मोबाइल और डिजिटल स्क्रीन का अत्यधिक इस्तेमाल किया जाए तो आंखों में थकान, सूखापन, धुंधला दिखाई देना और अन्य स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां हो सकती हैं। उन्होंने बच्चों को यह भी समझाया कि मोबाइल की लत पढ़ाई, नींद और दैनिक जीवन पर नकारात्मक असर डाल सकती है। आंखों पर लाल पट्टी देखकर बच्चे इतने प्रभावित हुए कि उन्होंने उसी समय मोबाइल का इस्तेमाल कम करने और पढ़ाई पर अधिक ध्यान देने का संकल्प लिया। कई बच्चों ने कहा कि वे खाना खाते समय और सोने से पहले मोबाइल नहीं चलाएंगे तथा खेलने और पढ़ाई के लिए समय निर्धारित करेंगे। कार्यक्रम के अंत में शिक्षिका ने बच्चों को स्पष्ट किया कि मोबाइल फोन स्वयं दुश्मन नहीं है, लेकिन उसका अत्यधिक और अनियंत्रित इस्तेमाल नुकसानदायक हो सकता है। बच्चों को स्क्रीन टाइम सीमित रखने, बीच-बीच में आंखों को आराम देने और अभिभावकों की निगरानी में मोबाइल इस्तेमाल करने की सलाह दी गई। स्कूल में आयोजित यह जागरूकता गतिविधि बच्चों के बीच चर्चा का विषय बन गई। शिक्षकों का कहना है कि यदि ऐसे रचनात्मक और प्रभावी जागरूकता कार्यक्रम देशभर के स्कूलों में आयोजित किए जाएं तो बच्चों में मोबाइल की लत कम करने और पढ़ाई तथा खेलकूद की ओर उनका ध्यान बढ़ाने में मदद मिल सकती है। नोट: कार्यक्रम में दिखाई गई आंखों की पट्टी वाली घटना एक जागरूकता-आधारित नाट्य प्रस्तुति थी।
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    मोबाइल से दूरी का अनोखा सबक: स्कूल में बच्चे की आंखों पर लाल पट्टी देखकर सहमे छात्र, शिक्षिका ने समझाया स्क्रीन टाइम का खतरा
एक स्कूल में बच्चों को मोबाइल फोन के अत्यधिक इस्तेमाल से होने वाले नुकसान के प्रति जागरूक करने के लिए अनोखा कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के दौरान एक शिक्षिका ने कक्षा में एक छात्र को उसकी आंखों पर लाल रंग की पट्टी बांधकर लाया। छात्र की आंखों पर पट्टी देखकर पूरी कक्षा हैरान रह गई और बच्चे आपस में पूछने लगे कि आखिर रोहन को क्या हुआ है।
जब बच्चों ने शिक्षिका से इसका कारण पूछा तो उन्होंने बताया कि यह एक जागरूकता कार्यक्रम का हिस्सा है। शिक्षिका ने बच्चों को समझाने के लिए कहानी के माध्यम से बताया कि रोहन स्कूल से घर जाने के बाद लगातार मोबाइल फोन चलाता था। वह खाना खाते समय, सोने से पहले और दिनभर मोबाइल स्क्रीन देखने में लगा रहता था।
इसके बाद शिक्षिका ने बच्चों से कहा कि यदि मोबाइल और डिजिटल स्क्रीन का अत्यधिक इस्तेमाल किया जाए तो आंखों में थकान, सूखापन, धुंधला दिखाई देना और अन्य स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां हो सकती हैं। उन्होंने बच्चों को यह भी समझाया कि मोबाइल की लत पढ़ाई, नींद और दैनिक जीवन पर नकारात्मक असर डाल सकती है।
आंखों पर लाल पट्टी देखकर बच्चे इतने प्रभावित हुए कि उन्होंने उसी समय मोबाइल का इस्तेमाल कम करने और पढ़ाई पर अधिक ध्यान देने का संकल्प लिया। कई बच्चों ने कहा कि वे खाना खाते समय और सोने से पहले मोबाइल नहीं चलाएंगे तथा खेलने और पढ़ाई के लिए समय निर्धारित करेंगे।
कार्यक्रम के अंत में शिक्षिका ने बच्चों को स्पष्ट किया कि मोबाइल फोन स्वयं दुश्मन नहीं है, लेकिन उसका अत्यधिक और अनियंत्रित इस्तेमाल नुकसानदायक हो सकता है। बच्चों को स्क्रीन टाइम सीमित रखने, बीच-बीच में आंखों को आराम देने और अभिभावकों की निगरानी में मोबाइल इस्तेमाल करने की सलाह दी गई।
स्कूल में आयोजित यह जागरूकता गतिविधि बच्चों के बीच चर्चा का विषय बन गई। शिक्षकों का कहना है कि यदि ऐसे रचनात्मक और प्रभावी जागरूकता कार्यक्रम देशभर के स्कूलों में आयोजित किए जाएं तो बच्चों में मोबाइल की लत कम करने और पढ़ाई तथा खेलकूद की ओर उनका ध्यान बढ़ाने में मदद मिल सकती है।
नोट: कार्यक्रम में दिखाई गई आंखों की पट्टी वाली घटना एक जागरूकता-आधारित नाट्य प्रस्तुति थी।
    user_PMF NEWS
    PMF NEWS
    Content Creator (YouTuber) बाली, पाली, राजस्थान•
    1 hr ago
  • राजसमंद के कांकरोली में रक्षाबंधन से सजे राखियो के बाजार तरुण जोशी राजसमंद 9414 239 644 रक्षाबंधन से पूर्व राखियों से सजे बाजार, इस वर्ष छोटी और आकर्षक राखियो की भारी डिमांड, बच्चे पसंद कर रहे हैं प्लास्टिक की कार्टून वाली राखियां, 2 रुपए से लेकर 2 हजार तक की राखियां बाजार में उपलब्ध,
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    राजसमंद के कांकरोली में रक्षाबंधन से सजे राखियो के बाजार
तरुण जोशी 
राजसमंद 
9414 239 644 
रक्षाबंधन से पूर्व राखियों से सजे बाजार,
इस वर्ष छोटी और आकर्षक राखियो की भारी डिमांड, 
बच्चे पसंद कर रहे हैं प्लास्टिक की कार्टून वाली राखियां,
2 रुपए से लेकर 2 हजार तक की राखियां बाजार में उपलब्ध,
    user_Tarun Joshi, Rajsamand
    Tarun Joshi, Rajsamand
    राजसमंद, राजसमंद, राजस्थान•
    19 hrs ago
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