Shuru
Apke Nagar Ki App…
सतना जिले के रैगांव विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत करसरा के समीप स्थित बौलिहा में 27 जुलाई से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू हो गई है। इस आंदोलन में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं शामिल हुए हैं। प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांगों को लेकर मोर्चा खोला है। इसमें शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल करसरा के लिए भवन उपलब्ध कराना और करसरा से बौलिहा मार्ग का तत्काल निर्माण कराना शामिल है। इसके अलावा बौलिहा गांव की प्राथमिक शाला की जमीन को तत्काल अतिक्रमण से मुक्त कराने तथा करीब 1000 से 1200 की आबादी वाले बौलिहा ग्राम को राजस्व ग्राम का दर्जा दिए जाने की मांग की जा रही है।
Shiv Singh rajput dahiya journ
सतना जिले के रैगांव विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत करसरा के समीप स्थित बौलिहा में 27 जुलाई से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू हो गई है। इस आंदोलन में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं शामिल हुए हैं। प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांगों को लेकर मोर्चा खोला है। इसमें शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल करसरा के लिए भवन उपलब्ध कराना और करसरा से बौलिहा मार्ग का तत्काल निर्माण कराना शामिल है। इसके अलावा बौलिहा गांव की प्राथमिक शाला की जमीन को तत्काल अतिक्रमण से मुक्त कराने तथा करीब 1000 से 1200 की आबादी वाले बौलिहा ग्राम को राजस्व ग्राम का दर्जा दिए जाने की मांग की जा रही है।
More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
- सतना जिले के अमरपाटन स्थित ग्राम पंचायत मुकुंदपुर के वार्ड क्रमांक 2 की हरिजन बस्ती में ग्रामीण भारी पेयजल संकट और अव्यवस्थाओं से जूझ रहे हैं। करीब दो सौ लोगों की इस बस्ती के बीचों-बीच स्थित इकलौता हैंडपंप पिछले कई महीनों से खराब पड़ा हुआ है। इसके अलावा बस्ती में आधी-अधूरी बनी नाली हादसों को दावत दे रही है और इससे बीमारियों का खतरा भी बढ़ रहा है। नाली और रोड का निर्माण पूरा न होने के कारण बारिश के बाद पूरी बस्ती में जलभराव की स्थिति बन जाती है। पानी की किल्लत के कारण महिलाओं को कीचड़ से होकर बस्ती से दूर स्थित दूसरे हैंडपंप से पानी भरकर लाना पड़ रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि इस समस्या को लेकर ग्राम पंचायत के साथ-साथ 181 हेल्पलाइन पर भी शिकायत की जा चुकी है, लेकिन इसके बावजूद कोई सुनवाई नहीं हो रही। ग्रामीणों ने प्रशासन से गुहार लगाई है कि खराब पड़े हैंडपंप को तुरंत सुधारा जाए तथा अधूरी नाली और रोड का निर्माण कराया जाए, ताकि बरसात के मौसम में ग्रामीणों को पानी की समस्या और आवागमन की दिक्कतों से निजात मिल सके।4
- उदयपुर रोड मैहर का विकास तेज़ी से हो रहा है। यह विकास सतना जिले के मैहर उप-जिले में हो रहा है। इस विकास का मुख्य केंद्र उदयपुर रोड है, जहां पर कई परियोजनाएं चल रही हैं। इस विकास से स्थानीय लोगों में खुशी की लहर है और वे इस पहल की सराहना कर रहे हैं।1
- मैहर जिले के रामनगर विकास खण्ड के अमिलिया गांव में एक किसान के कुएं में मगरमच्छ दिखाई देने से हड़कंप मच गया। जैसे ही इस बारे में पता चला, बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर इकट्ठा हो गए। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम भी मौके पर पहुंच गई। हालांकि, कुएं में पानी भरा होने के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन नहीं किया जा सका। मगरमच्छ को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए कुएं का पानी खाली कराया जा रहा है, ताकि रेस्क्यू का कार्य शुरू किया जा सके। वन विभाग की पूरी टीम रेस्क्यू ऑपरेशन में लगी हुई है और मगरमच्छ के रेस्क्यू की तैयारी हो चुकी है। वन विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे कुएं के आसपास भीड़ न लगाएं और रेस्क्यू टीम के कार्य में सहयोग करें।2
- मैहर के भरौली में आयोजित RCCPL प्राइवेट लिमिटेड की क्षमता विस्तार (सेकेंड यूनिट) से संबंधित लोकसुनवाई में जिला पंचायत सदस्य जयंती तिवारी ने प्रभावित क्षेत्र के लोगों के हितों को प्राथमिकता देने की मांग की। इस सुनवाई में अपर कलेक्टर संजना जैन और मध्यप्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी सुधांशु तिवारी भी मौजूद थे। जयंती तिवारी ने कहा कि कंपनी का सीएसआर (CSR) फंड प्रभावित गांवों के विकास पर खर्च किया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी मांग की कि जिन किसानों की भूमि अधिग्रहित हुई है, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर रोजगार दिया जाए। इसके अलावा, प्रदूषण नियंत्रण के प्रभावी और पारदर्शी उपाय सुनिश्चित किए जाएं। तिवारी ने जोर देकर कहा कि औद्योगिक विकास के साथ-साथ जनहित और पर्यावरण संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता मिलनी चाहिए।1
- मैहर के स्वामी नीलकंठ ओइला आश्रम में पूज्य स्वामी श्री बम महाराज की प्रतिमा खंडित होने के मामले में विवाद गहरा गया है। आश्रम ट्रस्ट के सचिव सतेंद्र सिंह बघेल, सदस्य राजाराम तिवारी और कोषाध्यक्ष ज्ञानेंद्र सिंह गोलू ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इस घटना को सुनियोजित बताया। ट्रस्ट पदाधिकारियों के अनुसार, महाराज जी की प्रतिमा पिछले एक साल से ज्यादा समय से आश्रम के भीतर सुरक्षित रखी हुई थी। बिना किसी को जानकारी दिए अचानक प्रतिमा की स्थापना कराने की बात सामने आई और फिर साजिश के तहत उसे खंडित कर दिया गया। ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष ज्ञानेंद्र सिंह गोलू ने इस पूरे विवाद के लिए मैहर विधायक को जिम्मेदार ठहराते हुए उन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि विधायक आश्रम की बेशकीमती जमीन को हड़पना चाहते हैं। इसी मकसद से प्रशासन पर दबाव बनाकर ट्रस्ट के कुछ लोगों के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज कराई गई है, ताकि मुद्दे से ध्यान भटकाकर आश्रम की बेसुमार संपत्ति में हेरफेर किया जा सके। इस घटना के बाद महाराज जी के भक्तों में भारी गुस्सा देखा जा रहा है और पुलिस ने खंडित प्रतिमा समेत आश्रम से जुड़े इस गंभीर विवाद की जांच शुरू कर दी है।1
- मैहर माता मंदिर में बाढ़ आने का एक फर्जी वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से तैयार किया गया है। पुलिस ने इस वायरल वीडियो की जांच के बाद इसे पूरी तरह से फर्जी करार दिया है। यह भ्रामक वीडियो 'अध्यात्म' नामक यूट्यूब चैनल पर अपलोड किया गया था। AI तकनीक से तैयार किए गए इस फर्जी वीडियो के जरिए श्रद्धालुओं में गलत जानकारी फैलाई गई है।1