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प्रतापगढ़ में, पर्यावरण सेना प्रमुख ग्रीनमैन अजय क्रांतिकारी ने अपनी माता की तेरहवीं के अवसर पर पर्यावरण संरक्षण के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए एक अनूठी पहल की है। उन्होंने ब्राह्मण भोज के दौरान तेरह ब्राह्मणों को दान-दक्षिणा के साथ अमरूद के पौधे भेंट किए, जिससे पर्यावरण बचाने का महत्वपूर्ण संदेश दिया गया। उनके इस हरित प्रयास की क्षेत्र में व्यापक सराहना हो रही है और यह पहल अन्य लोगों को भी पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रेरित कर रही है।
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प्रतापगढ़ में, पर्यावरण सेना प्रमुख ग्रीनमैन अजय क्रांतिकारी ने अपनी माता की तेरहवीं के अवसर पर पर्यावरण संरक्षण के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए एक अनूठी पहल की है। उन्होंने ब्राह्मण भोज के दौरान तेरह ब्राह्मणों को दान-दक्षिणा के साथ अमरूद के पौधे भेंट किए, जिससे पर्यावरण बचाने का महत्वपूर्ण संदेश दिया गया। उनके इस हरित प्रयास की क्षेत्र में व्यापक सराहना हो रही है और यह पहल अन्य लोगों को भी पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रेरित कर रही है।
More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
- प्रतापगढ़ के अंतू थाना क्षेत्र अंतर्गत गड़वारा चौकी के शिवराजपुर में एक लावारिस अपाचे बाइक को कुएं से बाहर निकाला गया है। पुलिस ने खतरनाक जहरीली गैस से भरे कुएं से इस बाइक को निकालने के लिए फायर सर्विस की मदद ली, जिसमें गड़वारा चौकी के कांस्टेबल जितेंद्र यादव और विनोद माथुर ने स्थानीय लोगों के सहयोग से महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कुएं में बाइक गिरने के बाद से ही स्थानीय निवासियों के बीच इसे लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हो रही थीं। अब बाइक को बाहर निकालने के बाद पुलिस इसकी गहन जांच-पड़ताल में जुट गई है।1
- भारत सरकार के 12 वर्ष और उत्तर प्रदेश सरकार के 9 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में रायबरेली के विकास खंड सताव क्षेत्र में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) द्वारा एक विशाल पदयात्रा का आयोजन किया गया। इस पदयात्रा में भाजपा के संगठन मंत्री संजय राय, उत्तर प्रदेश सरकार के राज्यमंत्री दिनेश प्रताप सिंह, हरचंदपुर विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक और भाजपा नेता राकेश सिंह, तथा भाजपा जिला अध्यक्ष बुद्धिलाल पासी सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी, कार्यकर्ता और क्षेत्रीय नागरिक शामिल हुए। यात्रा का शुभारंभ माँ गौरा पार्वती मंदिर से हुआ और यह ढकिया चौराहा, कोरिहर, बालादीन का पुरवा, हाजीपुर, कोदे का पुरवा होते हुए पूरे लाल साहब (हाजीपुर) पहुँची, जहाँ पूरे मार्ग में स्थानीय लोगों ने भाजपा नेताओं का फूल-मालाओं से गर्मजोशी से स्वागत किया और सरकार की उपलब्धियों पर चर्चा की। इस अवसर पर राज्यमंत्री दिनेश प्रताप सिंह और पूर्व विधायक राकेश सिंह ने केंद्र एवं प्रदेश सरकार द्वारा संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी जनता को दी। उन्होंने जोर देकर कहा कि सरकार अंतिम व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुँचाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और इसी उद्देश्य से ऐसे जनसंवाद कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। पदयात्रा के समापन पर हाजीपुर स्थित पूरे लाल साहब में एक विशाल चौपाल आयोजित की गई। इस चौपाल में क्षेत्रीय जनता ने अपनी समस्याएँ और माँगें नेताओं के समक्ष रखीं, जिस पर राज्यमंत्री दिनेश प्रताप सिंह, पूर्व विधायक राकेश सिंह और अन्य भाजपा नेताओं ने गंभीरता से ध्यान दिया और उनके शीघ्र समाधान का आश्वासन दिया। रात्रि विश्राम के बाद नेताओं ने पुनः क्षेत्रवासियों से मुलाकात कर उनकी जनसमस्याओं की जानकारी ली और संबंधित अधिकारियों तक मामलों को पहुँचाकर त्वरित निस्तारण कराने का भरोसा दिलाया। भाजपा नेताओं ने स्पष्ट किया कि यह पदयात्रा केवल सरकार की उपलब्धियों को जनता तक पहुँचाने का माध्यम नहीं है, बल्कि जनप्रतिनिधियों और आम जनता के बीच संवाद को मजबूत करने का एक महत्वपूर्ण प्रयास भी है। इस कार्यक्रम में उमड़ी भारी भीड़ ने क्षेत्र में भाजपा की मजबूत पकड़ और जनता के अटूट विश्वास को प्रभावी ढंग से प्रदर्शित किया।1
- लखनऊ में अलीगंज अग्निकांड के मामले में निलंबित किए गए एफएसएसओ कमलेंद्र सिंह ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर अपने खिलाफ की गई कार्रवाई को अन्यायपूर्ण करार दिया है। उन्होंने अपने पत्र में स्पष्ट किया है कि उनका कार्यक्षेत्र सीमित है और एनओसी जारी करने सहित सभी महत्वपूर्ण अधिकार मुख्य अग्निशमन अधिकारी (सीएफओ) के पास हैं। कमलेंद्र सिंह ने अग्निशमन दल के घटना स्थल पर देर से पहुंचने के लिए भी सीधे तौर पर सीएफओ को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने मांग की है कि मुख्य अग्निशमन अधिकारी की जवाबदेही तय की जाए और उनके (कमलेंद्र सिंह के) निलंबन पर पुनर्विचार किया जाए।1
- अमेठी के कमरौली थाना क्षेत्र में बीती रात एक रिसेप्शन कार्यक्रम के दौरान बच्चों का एक मामूली विवाद खूनी संघर्ष में बदल गया। पूरे मल्हाह बरसंडा गांव में डांस के दौरान एक बच्चे की शर्ट फटने को लेकर शुरू हुआ यह झगड़ा देखते ही देखते परिजनों के बीच मारपीट तक पहुंच गया, जिसमें एक युवक की जान चली गई। मारपीट में ओमप्रकाश चौहान गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें परिजन तुरंत सीएचसी ले गए। इलाज के दौरान डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस घटना के बाद पूरे गांव में हड़कंप मच गया। कमरौली पुलिस को सूचना मिलते ही वह मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पंचायतनामा के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतक की पत्नी श्रीमती सीतापती की तहरीर पर पुलिस ने धारा 191(2), 191(3), 190, 103(1), 109, 351(3) बीएनएस के तहत 6 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। नामजद आरोपियों में सहजराम पुत्र मधऊ, लल्लन पुत्र सहजराम, परसनाथ पुत्र सहजराम, लक्ष्मी पुत्री लल्लन, विष्णु पुत्र सहजराम और बालक लाल पुत्र सहजराम शामिल हैं, जो सभी पूरे मोलना मजरे बरसण्डा के निवासी हैं। पुलिस ने इनमें से चार नामजद अभियुक्तों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है, जबकि अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। थाना प्रभारी ने बताया कि गांव में स्थिति फिलहाल नियंत्रण में है और शांति व्यवस्था कायम है। पुलिस के अनुसार, पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर इस मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी।4
- लखनऊ-प्रयागराज हाईवे पर रायबरेली के त्रिपुला चौराहा के पास एक खौफनाक मंजर देखने को मिला, जहाँ अज्ञात कारणों से अचानक एक चलती क्रेटा कार आग का गोला बन गई। यह घटना इतनी भीषण थी कि देखते ही देखते कार बीच सड़क पर धू-धू कर जलकर पूरी तरह राख हो गई, जिससे हाईवे पर भारी अफरा-तफरी मच गई और लोगों की भीड़ जुट गई। हालांकि, इस भयावह स्थिति में राहत की बात यह रही कि कार में सवार सभी लोग समय रहते सुरक्षित बाहर निकलने में कामयाब रहे, जिससे कोई जनहानि नहीं हुई।1
- मुंबई की लोकल ट्रेन में, जिसे शहर की लाइफलाइन कहा जाता है, एक मामूली विवाद ने खूनी हिंसा का रूप ले लिया है। ट्रेन का दरवाजा बंद करने को लेकर शुरू हुई यह बहस इतनी बढ़ गई कि कथित तौर पर एक यात्री पर चाकू से हमला कर दिया गया, जिससे उसकी जान चली गई। बारिश के बीच दरवाजा बंद करने के विषय पर हुए इस विवाद और इस खौफनाक हत्या का एक वीडियो भी सामने आया है। इस घटना ने लोकल ट्रेन में यात्रियों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।1
- आगामी मुहर्रम पर्व को सकुशल, शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के उद्देश्य से प्रतापगढ़ पुलिस अधीक्षक दीपक भूकर ने सहायक पुलिस अधीक्षक/क्षेत्राधिकारी नगर प्रशांत राज के साथ थाना कोतवाली नगर क्षेत्रान्तर्गत चिलबिला, प्रमुख बाजारों और आसपास के क्षेत्रों में पैदल गश्त की। इस गश्त के दौरान उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। पैदल गश्त के दौरान, पुलिस अधिकारियों ने आमजन, व्यापारियों और स्थानीय नागरिकों से सीधा संवाद स्थापित किया। उन्होंने सभी से शांति, सौहार्द और आपसी भाईचारा बनाए रखने की अपील की। साथ ही, किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तत्काल पुलिस को देने हेतु लोगों को जागरूक भी किया गया।1
- प्रतापगढ़ के कोहंड़ौर थाना क्षेत्र में एक मजदूर की मौत के बाद कई गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। मृतक की पत्नी यशोदा ने थाना कोहंड़ौर में एक शिकायती पत्र देते हुए गांव के एक व्यक्ति पर उनके पति को मजदूरी के लिए बुलाकर जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करने, दबाव बनाने और जोखिमपूर्ण कार्य कराने का आरोप लगाया है। शिकायत के अनुसार, काम के दौरान पेड़ से गिरने के बाद गंभीर रूप से घायल हुए मजदूर को समय पर सहायता नहीं मिली, जिसके बाद इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। यशोदा ने आदित्य मिश्रा नामक व्यक्ति को नामजद करते हुए प्राथमिकी दर्ज कर कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग की है और मामले में SC/ST एक्ट सहित अन्य गंभीर धाराएं लगाने की गुहार लगाई है। उनके मुताबिक, उनके पति घनश्याम, जो दिहाड़ी मजदूर थे, को 17 जून 2026 की सुबह आदित्य मिश्रा ने कई बार फोन कर बुलाया। जब घनश्याम ने निजी काम करने से मना किया तो आरोपी स्वयं उनके घर पहुंच गया और कथित तौर पर जातिसूचक गालियां देने लगा। आरोप है कि दबाव बनाकर घनश्याम से लकड़ी कटवाने, सफाई कराने और पेड़ की टहनियां कटवाने का काम कराया गया, जिसमें उचित सुरक्षा व्यवस्था नहीं थी। इसी दौरान संतुलन बिगड़ने से घनश्याम नीचे गिर गए, जिससे उनकी कमर और गर्दन में गंभीर चोटें आईं। शिकायत पत्र में यह भी आरोप लगाया गया है कि दुर्घटना दोपहर करीब दो बजे हुई, लेकिन परिजनों को इसकी सूचना शाम पांच से साढ़े पांच बजे के बीच, कई घंटे बाद दी गई। आरोप है कि न तो तुरंत एम्बुलेंस बुलाई गई और न ही घायल को समय पर चिकित्सा सहायता मिली। परिजनों ने घायल मजदूर को पहले प्रतापगढ़ के एक निजी अस्पताल ले जाकर भर्ती कराया, जहां रीढ़ की हड्डी में गंभीर चोट का पता चला। बाद में उन्हें प्रयागराज स्थित स्वरूपरानी नेहरू अस्पताल रेफर किया गया, जहाँ डॉक्टरों ने रीढ़ और सर्वाइकल स्पाइन में गंभीर क्षति की पुष्टि करते हुए स्थायी विकलांगता की आशंका जताई थी। पीड़िता का यह भी आरोप है कि घटना के बाद आरोपी ने इलाज का खर्च उठाने से इनकार कर दिया और मृतक की मजदूरी का भुगतान भी नहीं किया। घनश्याम परिवार के एकमात्र कमाने वाले सदस्य थे, और उनके तीन नाबालिग बच्चे हैं, जिससे परिवार के सामने आजीविका का संकट खड़ा हो गया है। शिकायती पत्र के अनुसार, 22 जून को घनश्याम को लखनऊ PGI रेफर किया गया, लेकिन अस्पताल पहुंचने तक उनकी हालत अत्यंत गंभीर हो चुकी थी और ट्रॉमा सेंटर में उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। इस मौत के बाद मामला केवल एक दुर्घटना न होकर कथित लापरवाही, समय पर मदद न मिलने और जातीय उत्पीड़न के आरोपों के कारण कानूनी एवं सामाजिक बहस का विषय बन गया है। पीड़िता ने कोहंड़ौर पुलिस से निष्पक्ष जांच कर भारतीय न्याय संहिता की प्रासंगिक धाराओं तथा SC/ST एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज करने की मांग की है। हालांकि, ये सभी आरोप शिकायतकर्ता द्वारा लगाए गए हैं, और मामले में पुलिस जांच तथा संबंधित पक्ष का बयान सामने आना बाकी है।1
- लखनऊ के अलीगंज में हुए एक अग्निकांड में 15 मासूम बच्चों की जान चली गई है। इस हृदय विदारक घटना के बाद, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दुर्घटनास्थल का दौरा किया। उन्होंने घोषणा की है कि हादसे में जान गंवाने वाले सभी 15 बच्चों के परिजनों को दो-दो लाख रुपए की सहायता राशि प्रदान की जाएगी। मुख्यमंत्री योगी ने इस दुर्घटना का कारण बताते हुए कहा कि बच्चों की मौत 'फिंगर एंट्री' सिस्टम से संबंधित 'गेट अनलॉक' होने के कारण हुई है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अब यह फिंगर एंट्री प्रणाली हटा दी जाएगी और केवल गेट ही रहेगा। इस तरह की घटनाएँ बार-बार क्यों हो रही हैं, इस पर गहरा दुःख व्यक्त किया गया है।1