मसीहा बने डॉ. गुरभाग सिंह" "भीड़ बनी तमाशबीन, घायल मां-बेटी को पहुंचाया अस्पताल" "पूरनपुर हाईवे पर बड़ा हादसा" बगिया फार्म के पास पूरनपुर हाईवे पर एक भीषण सड़क हादसा हुआ, जहाँ तमाशबीन बनी भीड़ के बीच एक शख्स मसीहा बनकर सामने आया। ये शख्स कोई और नहीं, बल्कि भाजपा के जिला पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि डॉ. गुरभाग सिंह हैं। कोतवाली क्षेत्र के गांव भोपतपुर सकिरिया की रहने वाली पलविंदर कौर अपनी बेटी खुशनप्रीत के साथ स्कूटी से पूरनपुर आ रही थीं। तभी बगिया फार्म के पास एक तेज रफ्तार बाइक ने उनकी स्कूटी को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि मां-बेटी दोनों सड़क पर गिरकर तड़पने लगीं। हैरानी की बात यह रही कि मौके पर भारी भीड़ तो जमा हो गई, लेकिन कोई भी उनकी मदद के लिए आगे नहीं आया। लोग सिर्फ तमाशबीन बने रहे। तभी वहां से गुजर रहे डॉ. गुरभाग सिंह की नजर इन घायलों पर पड़ी। उन्होंने बिना एक पल की देरी किए अपनी गाड़ी रुकवाई। डॉ. गुरभाग सिंह ने खुद आगे बढ़कर घायलों को संभाला और अपनी ही कार में बैठाकर उन्हें तुरंत पूरनपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। इतना ही नहीं, मानवता की पराकाष्ठा दिखाते हुए उन्होंने बच्ची को अपनी गोद में उठाया और दौड़ते हुए इमरजेंसी वार्ड तक ले गए। अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद, महिला की गंभीर हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें बेहतर इलाज के लिए जिला अस्पताल पीलीभीत रेफर कर दिया है। आज के दौर में जहां लोग सड़क हादसों का वीडियो बनाने में व्यस्त हो जाते हैं, डॉ. गुरभाग सिंह के इस नेक कार्य की पूरे इलाके में जमकर सराहना हो रही है।
मसीहा बने डॉ. गुरभाग सिंह" "भीड़ बनी तमाशबीन, घायल मां-बेटी को पहुंचाया अस्पताल" "पूरनपुर हाईवे पर बड़ा हादसा" बगिया फार्म के पास पूरनपुर हाईवे पर एक भीषण सड़क हादसा हुआ, जहाँ तमाशबीन बनी भीड़ के बीच एक शख्स मसीहा बनकर सामने आया। ये शख्स कोई और नहीं, बल्कि भाजपा के जिला पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि डॉ. गुरभाग सिंह हैं। कोतवाली क्षेत्र के गांव भोपतपुर सकिरिया की रहने वाली पलविंदर कौर अपनी बेटी खुशनप्रीत के साथ स्कूटी से पूरनपुर आ रही थीं। तभी बगिया फार्म के पास एक तेज रफ्तार बाइक ने उनकी स्कूटी को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि मां-बेटी दोनों सड़क पर गिरकर तड़पने लगीं। हैरानी की बात यह रही कि मौके पर भारी भीड़ तो जमा हो गई, लेकिन कोई भी उनकी मदद के लिए आगे नहीं आया। लोग सिर्फ तमाशबीन बने रहे। तभी वहां से गुजर रहे डॉ. गुरभाग सिंह की नजर इन घायलों पर पड़ी। उन्होंने बिना एक पल की देरी किए अपनी गाड़ी रुकवाई। डॉ. गुरभाग सिंह ने खुद आगे बढ़कर घायलों को संभाला और अपनी ही कार में बैठाकर उन्हें तुरंत पूरनपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। इतना ही नहीं, मानवता की पराकाष्ठा दिखाते हुए उन्होंने बच्ची को अपनी गोद में उठाया और दौड़ते हुए इमरजेंसी वार्ड तक ले गए। अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद, महिला की गंभीर हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें बेहतर इलाज के लिए जिला अस्पताल पीलीभीत रेफर कर दिया है। आज के दौर में जहां लोग सड़क हादसों का वीडियो बनाने में व्यस्त हो जाते हैं, डॉ. गुरभाग सिंह के इस नेक कार्य की पूरे इलाके में जमकर सराहना हो रही है।
- पीलीभीत जिले के पूरनपुर तहसील क्षेत्र से एक चिंताजनक खबर सामने आ रही है। यहाँ फाइलेरिया उन्मूलन अभियान के तहत दी गई दवा का सेवन करने के बाद तीन महिलाओं की तबीयत अचानक बिगड़ गई, जिसके बाद उन्हें आनन-फानन में अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मामला हजारा थाना क्षेत्र के गांव चंदिया हजारा का है। मिली जानकारी के अनुसार, मंगलवार सुबह करीब 11 बजे गांव की निवासी ललिता (पत्नी विवेक मालिक) और रीना (पत्नी रॉबिन) की हालत अचानक खराब हो गई। दोनों को लगातार उल्टियां, कमजोरी और चक्कर आने की शिकायत होने लगी। परिजनों ने तत्काल एंबुलेंस बुलाकर दोनों को पूरनपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में भर्ती कराया। हैरानी की बात यह है कि इसी गांव की एक अन्य महिला बसंत (पत्नी वीरेंद्र दास) की तबीयत भी सोमवार को इसी तरह बिगड़ी थी। प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने बसंत की गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया है, जहाँ उनका इलाज जारी है। इस पूरे मामले पर CHC के प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. मनीष राज शर्मा का कहना है कि तीनों महिलाओं ने 13 फरवरी को फाइलेरिया की दवा खाई थी। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि वर्तमान में तबीयत खराब होने का कारण कुछ और भी हो सकता है। फिलहाल CHC में भर्ती दोनों महिलाओं की हालत स्थिर और सामान्य बताई जा रही है। इस घटना के बाद से चंदिया हजारा गांव में दहशत का माहौल है। स्वास्थ्य विभाग की टीम मामले की बारीकी से जांच कर रही है और जानकारी जुटा रही है। प्रशासन ने ग्रामीणों से अपील की है कि किसी भी तरह की समस्या होने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करें और किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें।1
- (इंट्रो - विजुअल: पुलिस स्टेशन या घटनास्थल की फुटेज/ग्राफिक्स) एंकर: उत्तर प्रदेश के हजारा थाना क्षेत्र के गांव सिद्धनगर से एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है। यहाँ संपत्ति के लालच में रिश्तों का कत्ल कर दिया गया। एक भतीजे ने अपनी ही ताई की बेरहमी से गला दबाकर हत्या कर दी। पुलिस ने इस जघन्य हत्याकांड का खुलासा करते हुए दो आरोपियों को सलाखों के पीछे भेज दिया है। (मुख्य समाचार - विजुअल: मृतका की फाइल फोटो या गांव के दृश्य) एंकर: मामला सिद्धनगर का है, जहाँ शनिवार रात कमलजीत कौर अपने घर में अकेली थीं। उनके परिवार के अन्य सदस्य एक समारोह में गए हुए थे। जब बेटी रंजीत कौर और दामाद हरसिमरन सिंह वापस लौटे, तो घर का मंजर देखकर उनके होश उड़ गए। कमलजीत कौर का शव जमीन पर पड़ा था और घर का सामान बिखरा हुआ था। शरीर पर चोट के निशान देख हत्या की आशंका जताई गई, जिसके बाद पुलिस ने मामले की तफ्तीश शुरू की। (पुलिस कार्रवाई और खुलासा - विजुअल: पुलिस टीम और गिरफ्तार आरोपी) एंकर: दामाद की तहरीर पर पुलिस ने मृतका के भतीजे सर्वजीत सिंह उर्फ बिल्लू और उसके साथी विजय कुमार कम्बोज को हिरासत में लिया। कड़ी पूछताछ में दोनों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। पुलिस के अनुसार, हत्या की वजह बनी 'संपत्ति'। सर्वजीत को डर था कि उसकी ताई अपनी सारी चल-अचल संपत्ति अपने दामाद के नाम कर देंगी। इसी डर और लालच में उसने अपने साथी के साथ मिलकर इस वारदात को अंजाम दिया। (आउट्रो - विजुअल: थाना प्रभारी का बयान या जेल ले जाते हुए आरोपी) एंकर: थाना प्रभारी शरद यादव ने बताया कि आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। पुलिस ने आवश्यक साक्ष्य भी जुटा लिए हैं। लालच ने एक हँसते-खेलते परिवार को उजाड़ दिया और रिश्तों की गरिमा को तार-तार कर दिया। यूपी न्यूज़ टीवी 24 के लिए सरफराज अहमद खान की रिपोर्ट। वीडियो मेटाडेटा (Metadata) टाइटल (Title Ideas): सिद्धनगर हत्याकांड: संपत्ति के लालच में भतीजे ने की ताई की हत्या, पुलिस का बड़ा खुलासा! रिश्तों का कत्ल! पीलीभीत/हजारा में भतीजे ने ताई को उतारा मौत के घाट, साथी भी गिरफ्तार। संपत्ति बनी जान की दुश्मन: सिद्धनगर में जघन्य हत्याकांड, पुलिस ने आरोपियों को भेजा जेल।1
- पीलीभीत नगर पालिका द्वारा वल्लभनगर कॉलोनी में कराए जा रहे सीसी रोड निर्माण कार्य में गंभीर अनियमितताओं के आरोप लगे हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि ठेकेदार रामनरेश वर्मा अपने ही निजी भट्टे से पीला अरोड़ा (घटिया गुणवत्ता की सामग्री) मंगवाकर सड़क निर्माण में डलवा रहे हैं। ग्राउंड पर जब टीम ने पड़ताल की तो सामने आया कि सड़क को पूरी तरह नए तरीके से बनाया जा रहा है, लेकिन ठेकेदार का दावा है कि यह सिर्फ मरम्मत कार्य है। ठेकेदार का अपना भट्टा, वहीं से आ रही सामग्री पीला अरोड़ा और घटिया मटेरियल के इस्तेमाल का आरोप नया निर्माण या सिर्फ मरम्मत? बयानों में विरोधाभास कॉलोनीवासियों में भारी रोष स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर शुरुआत में ही घटिया सामग्री डाली गई तो सड़क कुछ ही महीनों में टूट सकती है, जिससे सरकारी धन की बर्बादी होगी। अब सवाल यह उठता है कि: क्या नगर पालिका अधिकारियों ने निर्माण स्थल का निरीक्षण किया क्या गुणवत्ता की जांच कराई जाएगी? आखिर मरम्मत के नाम पर नया निर्माण क्यों?4
- बगिया फॉर्म तमाशबीन बनी भीड़, घायलों के मददगार बने जिला पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि पूरनपुर हाईवे पर सड़क हादसे में घायल मां–बेटी को तड़पता देख भाजपा के जिला पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि डॉ. गुरभाग सिंह ने बिना देर किए अपनी कार रोक दी। भीड़ जुटी रही, पर मदद के लिए कोई आगे नहीं आया। कोतवाली क्षेत्र के गांव भोपतपुर सकरिया निवासी पलविंदर कौर अपनी बेटी खुशनप्रीत के साथ पूरनपुर आ रही थीं। बगिया फॉर्म के पास तेज रफ्तार बाइक और स्कूटी की भिड़ंत में दोनों गंभीर रूप से घायल हो गईं। वहां से गुजर रहे गुरभाग सिंह ने घायलों को अपनी कार में बैठाकर सीधे पूरनपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया और बेटी को गोद में उठाकर इमरजेंसी तक ले गए। प्राथमिक उपचार के बाद महिला को जिला अस्पताल पीलीभीत रेफर किया गया।1
- पूरनपुर हाईवे पर सड़क हादसे में घायल मां–बेटी को तड़पता देख भाजपा के जिला पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि डॉ. गुरभाग सिंह ने बिना देर किए अपनी कार रोक दी। भीड़ जुटी रही, पर मदद के लिए कोई आगे नहीं आया। कोतवाली क्षेत्र के गांव भोपतपुर सकरिया निवासी पलविंदर कौर अपनी बेटी खुशनप्रीत के साथ पूरनपुर आ रही थीं। बगिया फॉर्म के पास तेज रफ्तार बाइक और स्कूटी की भिड़ंत में दोनों गंभीर रूप से घायल हो गईं। वहां से गुजर रहे गुरभाग सिंह ने घायलों को अपनी कार में बैठाकर सीधे पूरनपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया और बेटी को गोद में उठाकर इमरजेंसी तक ले गए। प्राथमिक उपचार के बाद महिला को जिला अस्पताल पीलीभीत रेफर किया गया।1
- पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व में थाना अमरिया पुलिस ने रेलवे में नौकरी लगवाने के नाम पर लगभग 8 करोड़ रुपये की ठगी करने वाले मुख्य साजिशकर्ता को पीलीभीत पुलिस ने गिरफ्तार किया। #Dmpilibhit #UPPolice #MYogiAdityanath #क्राइम #UttarPradesh #viral1
- Post by संदीप निडर1
- बगिया फार्म के पास पूरनपुर हाईवे पर एक भीषण सड़क हादसा हुआ, जहाँ तमाशबीन बनी भीड़ के बीच एक शख्स मसीहा बनकर सामने आया। ये शख्स कोई और नहीं, बल्कि भाजपा के जिला पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि डॉ. गुरभाग सिंह हैं। कोतवाली क्षेत्र के गांव भोपतपुर सकिरिया की रहने वाली पलविंदर कौर अपनी बेटी खुशनप्रीत के साथ स्कूटी से पूरनपुर आ रही थीं। तभी बगिया फार्म के पास एक तेज रफ्तार बाइक ने उनकी स्कूटी को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि मां-बेटी दोनों सड़क पर गिरकर तड़पने लगीं। हैरानी की बात यह रही कि मौके पर भारी भीड़ तो जमा हो गई, लेकिन कोई भी उनकी मदद के लिए आगे नहीं आया। लोग सिर्फ तमाशबीन बने रहे। तभी वहां से गुजर रहे डॉ. गुरभाग सिंह की नजर इन घायलों पर पड़ी। उन्होंने बिना एक पल की देरी किए अपनी गाड़ी रुकवाई। डॉ. गुरभाग सिंह ने खुद आगे बढ़कर घायलों को संभाला और अपनी ही कार में बैठाकर उन्हें तुरंत पूरनपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। इतना ही नहीं, मानवता की पराकाष्ठा दिखाते हुए उन्होंने बच्ची को अपनी गोद में उठाया और दौड़ते हुए इमरजेंसी वार्ड तक ले गए। अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद, महिला की गंभीर हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें बेहतर इलाज के लिए जिला अस्पताल पीलीभीत रेफर कर दिया है। आज के दौर में जहां लोग सड़क हादसों का वीडियो बनाने में व्यस्त हो जाते हैं, डॉ. गुरभाग सिंह के इस नेक कार्य की पूरे इलाके में जमकर सराहना हो रही है।1