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बस का इंतज़ार कर रहे एक बेटे पर कुछ 'हैवान' टूट पड़े और उन्होंने 75 साल के उसके पिता के सामने ही उसे बेहरमी से पीटा।
Dheeraj kumar
बस का इंतज़ार कर रहे एक बेटे पर कुछ 'हैवान' टूट पड़े और उन्होंने 75 साल के उसके पिता के सामने ही उसे बेहरमी से पीटा।
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- करैरा पुलिस ने मानवता का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया, जब उन्हें सड़क किनारे बेहोशी की हालत में पड़े एक युवक के बारे में सूचना मिली। जानकारी मिलते ही करैरा पुलिस बिना देर किए तत्काल मौके पर पहुँची। प्राथमिक जानकारी के अनुसार, युवक को मिर्गी का दौरा पड़ा था, जिसके कारण वह अचेत पड़ा था। पुलिसकर्मियों ने उस युवक को उठाया और उसे एक सुरक्षित स्थान पर बिठाकर तुरंत प्राथमिक सहायता प्रदान की।1
- लोक जनशक्ति पार्टी (रा) ने श्योपुर जिले की कमान शम्भू दयाल बैरवा को सौंपी है, उन्हें श्योपुर जिला अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। पार्टी द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, यह नियुक्ति 5 जुलाई 2026 को हुई है। यह मनोनयन मध्यप्रदेश के वरिष्ठ प्रदेश उपाध्यक्ष, प्रदेश प्रवक्ता और ग्वालियर चंबल संभाग प्रभारी रामराज सिंह यादव की अनुशंसा पर किया गया, जबकि राष्ट्रीय सचिव और मध्यप्रदेश प्रभारी जनाब शकील तिजोरी वाला के निर्देश पर प्रदेश अध्यक्ष जनाब हाजी नुरुल्ला रंगरेज ने बैरवा को यह जिम्मेदारी प्रदान की। बताया गया है कि शम्भू दयाल बैरवा समाजवादी पार्टी छोड़कर लोक जनशक्ति पार्टी की विचारधारा से प्रभावित होकर इस दल में शामिल हुए थे। अपनी नियुक्ति के बाद, शम्भू दयाल बैरवा ने पार्टी के वरिष्ठ नेताओं का आभार व्यक्त किया। उन्होंने प्रदेश अध्यक्ष, रामराज यादव जी, राष्ट्रीय नेताओं और मध्यप्रदेश के सभी नेताओं के प्रति दिल से आभार जताया। इसके साथ ही, उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों का भी धन्यवाद किया। बधाई देने वालों में किशन बैरवा, घनश्याम बैरवा, गिर्राज बैरवा, पिंकी बैरवा, रामोतार बैरवा और नवल सुमन सहित कई साथी शामिल थे। बैरवा ने कहा कि वह पार्टी को श्योपुर जिले में मजबूत करने और जनहित के मुद्दों को प्रमुखता से उठाने के लिए प्रतिबद्ध होकर काम करेंगे।1
- बस का इंतज़ार कर रहे एक बेटे पर कुछ 'हैवान' टूट पड़े और उन्होंने 75 साल के उसके पिता के सामने ही उसे बेहरमी से पीटा।1
- कोटा में 9 जुलाई को आंगनबाड़ी महिला कर्मचारियों, आशा वर्कर, मिड डे मिल वर्कर्स, राजीविका की संविदा कर्मचारी महिलाओं और अन्य कार्यों में लगी संविदा कर्मी महिलाओं ने अपनी मांगों को लेकर जिला कलेक्ट्रेट के सामने एक विशाल प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन के माध्यम से सरकार से स्थायी नियुक्ति दिलाने, सुरक्षा की गारंटी देने, पेंशन लागू करने और न्यूनतम वेतन 26000 रुपये लागू करवाने की जोरदार मांग की गई। प्रदर्शनकारियों ने अपनी इन मांगों को लेकर जिला कलेक्टर कोटा को एक ज्ञापन भी सौंपा। इस संघर्षपूर्ण प्रदर्शन का नेतृत्व चंद्रा कुमारी चारण, ममता मीणा, रजनी दामन और पिंटू केवट ने किया। आंगनबाड़ी महिला कर्मचारियों के इस आंदोलन को सीटू कार्यकर्ताओं और जे के मजदूरों का भी समर्थन मिला। सीटू के नेताओं कामरेड हबीब खान, कामरेड उमाशंकर, कामरेड नरेंद्रसिंह और महिला मजदूर नेता कामरेड पुष्पा खींची के नेतृत्व में सीटू के सदस्य भी प्रदर्शन में शामिल हुए। आंगनबाड़ी महिला कर्मचारियों और कार्यकर्ताओं ने इस दौरान जिला कलेक्ट्रेट गेट पर पहुंचकर बकाया वेतन भुगतान की मांग को लेकर 18 फरवरी 2025 से चल रहे जे के मजदूरों के धरना स्थल को आंगनबाड़ी यूनियन की तरफ से समर्थन दिया। उन्होंने सीटू के नेताओं से एकजुटता के साथ 'आरपार की लड़ाई' लड़ने का आह्वान किया। इस सभा को कामरेड हबीब खान, कामरेड उमाशंकर, कामरेड नरेंद्रसिंह, कामरेड पुष्पा खींची, आंगनबाड़ी की महिला मजदूर नेता ममता मीणा, रजनी दामन, पिंटू केवट, चंद्रा कुमारी चारण और मदन मोहन शर्मा कामरेड अशोक सिंह सहित कई नेताओं ने संबोधित किया। इस धरने और प्रदर्शन में कामरेड अली मोहम्मद, कामरेड कालीचरण सोनी, कामरेड महावीर प्रसाद, कामरेड गुलाबशंकर, कामरेड मंगलसिंह, कामरेड शिशुपाल, कामरेड हनुमान सिंह सहित सैकड़ों की संख्या में आंगनबाड़ी महिला कर्मचारी कार्यकर्ता, सीटू की महिला मजदूर और जे के मजदूरों के परिजन, महिलाएं, बच्चे, बुजुर्ग और आमजन मौजूद रहे।2
- कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने सवाई माधोपुर-करौली क्षेत्र के सभी किसान भाइयों और आमजन से पांचना बांध तथा नहरी जल प्रवाह के संबंध में उत्पन्न परिस्थितियों के मद्देनजर शांति, संयम और आपसी सौहार्द बनाए रखने की महत्वपूर्ण अपील की है। डॉ. मीणा ने आगाह किया कि कुछ लोग वातावरण को तनावपूर्ण बनाने का प्रयास कर रहे हैं, जबकि हिंसा किसी भी समस्या का समाधान नहीं है। उन्होंने सभी किसान भाइयों से किसी भी प्रकार की हिंसा, उग्र प्रदर्शन अथवा कानून-व्यवस्था प्रभावित करने वाली गतिविधियों से दूर रहने का आग्रह किया। साथ ही, उन्होंने सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रही भ्रामक एवं भड़काऊ टिप्पणियों पर ध्यान न देने तथा अफवाहों और अनर्गल टिप्पणियों से बचने की सलाह दी, केवल प्रशासन द्वारा जारी अधिकृत सूचनाओं पर ही विश्वास करने को कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे कमांड क्षेत्र और कैचमेंट क्षेत्र—दोनों क्षेत्रों के किसानों के साथ समान रूप से खड़े हैं, और सभी किसानों के हितों की रक्षा के लिए राज्य सरकार पूरी संवेदनशीलता के साथ कार्य कर रही है। डॉ. मीणा ने विशेष रूप से आंदोलनरत किसान भाइयों से आग्रह किया कि वे अपनी बात शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक तरीके से रखें। उन्होंने साफ कहा कि किसी भी प्रकार की हिंसा, हथियारों का प्रदर्शन अथवा कानून हाथ में लेने जैसी घटनाएं स्वीकार्य नहीं होंगी। अंततः, उन्होंने सभी से प्रशासन का सहयोग करने तथा शांति एवं सामाजिक सौहार्द बनाए रखने की अपील दोहराई, जैसा कि जिला प्रशासन, सवाई माधोपुर द्वारा जानकारी दी गई है।1
- श्योपुर शहर के बस स्टैंड पर बुधवार शाम उस समय सनसनी फैल गई, जब इंदौर जाने के लिए बस का इंतजार कर रहे पिता-पुत्र पर नकाबपोश युवकों ने जानलेवा हमला कर दिया। हमलावरों ने डंडों से दोनों के साथ जमकर मारपीट की, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई। बोहरा बाजार निवासी 75 वर्षीय मोहम्मद सज्जाद हुसैन, जो मुल्ला बदरूद्दीन के पुत्र हैं, अपने बेटे मुर्तजा दाऊदी के साथ बुधवार शाम करीब 7 बजे बस स्टैंड पर बैठे हुए थे। इसी दौरान दो नकाबपोश युवक वहां पहुंचे और बिना किसी विवाद के उन पर हमला कर दिया। आरोपियों ने डंडों से बेरहमी से मारपीट की, जिसके कारण मुर्तजा दाऊदी के सिर में गंभीर चोट आई है। घायल को तत्काल जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसका उपचार जारी है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की। घायल की शिकायत पर कोतवाली थाना पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अब हमलावरों की पहचान और गिरफ्तारी के प्रयास कर रही है, साथ ही घटना के पीछे के कारणों का भी पता लगाया जा रहा है।2
- सवाई माधोपुर जिले के चौथ का बरवाड़ा स्थित टापुर ग्राम पंचायत के एचेर गांव में बदहाल सड़कों और नालियों की कमी के कारण ग्रामीणों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। गांव की कई गलियों और मुख्य मार्गों पर पानी की निकासी की उचित व्यवस्था न होने से बरसात का पानी सड़कों पर ही जमा रहता है। इसके चलते हर जगह कीचड़ फैल गया है, जिससे लोगों का आवागमन बेहद मुश्किल हो गया है। ग्रामीणों ने बताया कि इस समस्या से स्कूल जाने वाले विद्यार्थियों, महिलाओं, बुजुर्गों और दोपहिया वाहन चालकों को सबसे ज्यादा परेशानी हो रही है। सड़कों पर फिसलने की घटनाएं भी लगातार सामने आती रहती हैं। जलभराव के कारण मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है, जिससे मौसमी बीमारियों का खतरा भी मंडरा रहा है। ग्रामवासियों का कहना है कि उन्होंने इस समस्या के बारे में कई बार पंचायत और संबंधित अधिकारियों को सूचित किया है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल गांव में नालियों का निर्माण कराने, क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत करने और जल निकासी की स्थायी व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है, ताकि आमजन और विद्यार्थियों को राहत मिल सके।1