सागर में रचा गया आस्था भव्यता और दिव्यता का इतिहास परम पूज्य श्री रावतपुरा सरकार महाराज श्री के पावन सान्निध्य में सम्पन्न हुआ By नीरज वैद्यराज पत्रकार 07582888100 07879797484 July 30, 2026 सागर में रचा गया आस्था भव्यता और दिव्यता का इतिहास परम पूज्य श्री रावतपुरा सरकार महाराज श्री के पावन सान्निध्य में सम्पन्न हुआ By नीरज वैद्यराज पत्रकार 07582888100 07879797484 July 30, 2026 सागर।पावन धरा ने एक ऐसे ऐतिहासिक अलौकिक और अभूतपूर्व आध्यात्मिक आयोजन का साक्षात्कार किया जिसने सनातन संस्कृति की विराटता वैदिक परंपरा की दिव्यता और सामूहिक आस्था की अद्भुत शक्ति को विश्व के समक्ष प्रस्तुत कर दिया परम पूज्य श्री रावतपुरा सरकार महाराज श्री के पावन सान्निध्य एवं दिव्य मार्गदर्शन में श्री रावतपुरा सरकार आश्रम, वेदांती परिसर,धर्मश्री स्थित मंशापूर्ण बालाजी मंदिर परिसर में आयोजित "माँ राजराजेश्वरी हरिद्रा कोटि कुमकुमार्चन" महाअनुष्ठान ने भव्यता और दिव्यता का ऐसा अद्वितीय संगम प्रस्तुत किया जिसे उपस्थित श्रद्धालु जीवनभर विस्मृत नहीं कर पाएंगे लगभग एक माह से चल रही सतत तैयारियों ने इस आयोजन को ऐतिहासिक स्वरूप प्रदान किया दिन-रात हजारों स्वयंसेवक,आचार्य,साधक और आयोजन से जुड़े कार्यकर्ता सेवा और समर्पण की भावना से जुटे रहे विशाल यज्ञशाला का निर्माण,भव्य मंडपों की स्थापना हजारों श्रद्धालुओं के लिए आवास पेयजल,चिकित्सा,पार्किंग,सुरक्षा,यातायात,पूजन सामग्री और वैदिक अनुष्ठानों की सूक्ष्मतम व्यवस्थाएँ निरंतर युद्धस्तर पर की गईं लगभग 20 एकड़ में विस्तृत परिसर को इस प्रकार सजाया गया कि प्रत्येक दिशा में आध्यात्मिक ऊर्जा और सांस्कृतिक वैभव का अद्भुत समन्वय दिखाई दे रहा था 29 जुलाई की प्रातः बेला से ही सागर की ओर आस्था का ऐसा सैलाब उमड़ पड़ा कि आयोजन स्थल तक पहुँचने वाले मार्गों पर कई किलोमीटर लंबी वाहनों और श्रद्धालुओं की कतारें दिखाई देने लगीं मध्यप्रदेश सहित उत्तरप्रदेश,छत्तीसगढ़ महाराष्ट्र,राजस्थान,गुजरात दिल्ली,हरियाणा तथा देश के अनेक राज्यों से श्रद्धालु अपने परिवारों सहित इस दिव्य महाअनुष्ठान में सम्मिलित होने पहुँचे अनुमानतः लगभग 50 हजार श्रद्धालुओं ने इस ऐतिहासिक आयोजन में सहभागिता कर माँ राजराजेश्वरी के श्रीचरणों में अपनी श्रद्धा अर्पित की यज्ञभूमि में प्रवेश करते ही श्रद्धालुओं का स्वागत भव्य वैदिक वातावरण, सुव्यवस्थित व्यवस्थाओं विशाल मंडपों,अलंकृत वेदियों,दिव्य श्री यंत्र,पुष्पों की सुगंध दीपों की पंक्तियों और वैदिक मंत्रों की अनुगूँज ने किया 1100 वैदिक आचार्यों द्वारा एक साथ उच्चारित वेदमंत्रों ने सम्पूर्ण वातावरण को आध्यात्मिक चेतना से स्पंदित कर दिया शंखनाद,घंटानाद,डमरुओं का प्रचंड निनाद और "जय माँ राजराजेश्वरी" के गगनभेदी उद्घोष ने सम्पूर्ण परिसर को देवमय बना दिया इस महाअनुष्ठान की सबसे विशिष्ट विशेषता रही माँ राजराजेश्वरी हरिद्रा कोटि कुमकुमार्चन,जिसमें माँ को अतिप्रिय हरिद्रा (हल्दी) और आदिशक्ति के चैतन्य का प्रतीक कुमकुम करोड़ों अर्चनों के माध्यम से अर्पित किया गया यह केवल पूजन नहीं बल्कि लोकमंगल,विश्वशांति सुख-समृद्धि और समस्त मानवता के कल्याण का सामूहिक वैदिक संकल्प था इस ऐतिहासिक आयोजन के लिए देश के विभिन्न भागों से पूजन सामग्री विशेष रूप से मंगाई गई देवास से 100 क्विंटल पवित्र हरिद्रा,नेपाल से रुद्राक्ष,दिल्ली से फल,पुष्प एवं 11 हजार कमल पुष्प सूरत से 11 हजार साड़ियाँ एवं माँ के श्रृंगार के वस्त्र, कानपुर से सरसों का तेल,उड़ीसा से 31 हजार नारियल वाराणसी से कुश,पवित्री,सुपारी,हवन सामग्री,कलावा शहद एवं श्रृंगार सामग्री,हरिद्वार से गंगाजल,बरमान से माँ नर्मदा का पावन जल,इंदौर से शक्कर,नागपुर से किशमिश छत्तीसगढ़ से चावल,बेंगलुरु से रजत मुद्राएँ, नौगाँव से हजारों कलश एवं एक लाख दीप,तथा देशभर से लगभग दो करोड़ बिल्वपत्र इस महाअनुष्ठान के लिए एकत्र किए गए इसके अतिरिक्त सवा लाख बूंदी के लड्डू, 11 टन आम, 11 टन केले, 11 क्विंटल बताशे, 5 क्विंटल पेठा,एक लाख बीड़ा पान,एक लाख खुले पान, 15 हजार नारियल, 11 क्विंटल किशमिश सहित असंख्य पूजन सामग्री माँ के श्रीचरणों में समर्पित की गई यह दृश्य ऐसा प्रतीत करा रहा था मानो सम्पूर्ण भारत की श्रद्धा एक ही यज्ञभूमि पर एकत्रित हो गई हो महाअनुष्ठान के शुभारंभ से पूर्व परम पूज्य श्री रावतपुरा सरकार महाराज श्री का दिव्य आगमन हजारों डमरुओं,शंखों,पुष्पवर्षा और जयघोष के मध्य हुआ श्रद्धालुओं ने करबद्ध होकर अपने आराध्य का स्वागत किया जैसे ही महाराज श्री यज्ञमंडप में पहुँचे सम्पूर्ण वातावरण "जय माँ राजराजेश्वरी" के उद्घोष से गूँज उठा और वैदिक मंत्रोच्चार के मध्य महाअनुष्ठान का शुभारंभ हुआ लगभग ढाई घंटे तक चले इस विराट अर्चन में हजारों श्रद्धालुओं ने पूर्ण श्रद्धा और समर्पण के साथ सहभागिता की प्रत्येक अर्चन के साथ केवल हरिद्रा और कुमकुम ही नहीं,बल्कि प्रत्येक श्रद्धालु की कामना विश्वास,परिवार का मंगल,राष्ट्र की समृद्धि और विश्वकल्याण का संकल्प भी माँ राजराजेश्वरी के श्रीचरणों में समर्पित होता रहा सायंकाल सम्पन्न हुई भव्य महाआरती इस आयोजन का चरम क्षण सिद्ध हुई एक लाख दीपों की ज्योति से आलोकित सम्पूर्ण यज्ञभूमि वैदिक ऋचाओं की अनुगूँज,शंखों का महाघोष,डमरुओं का प्रचंड निनाद और हजारों श्रद्धालुओं द्वारा एक स्वर में गाए जा रहे आरती के स्वर ने ऐसा अलौकिक वातावरण निर्मित किया कि उपस्थित प्रत्येक व्यक्ति भावविभोर हो उठा अनेक श्रद्धालुओं की आँखें नम थीं और उनके मुख पर आत्मिक शांति एवं आनंद स्पष्ट दिखाई दे रहा था इस अवसर पर परम पूज्य श्री रावतपुरा सरकार महाराज श्री ने अपने मंगल संदेश में कहा कि माँ राजराजेश्वरी की उपासना केवल व्यक्तिगत समृद्धि का माध्यम नहीं बल्कि सम्पूर्ण विश्व के कल्याण धर्म की प्रतिष्ठा मानवता की उन्नति और लोकमंगल का दिव्य संकल्प है उन्होंने सभी श्रद्धालुओं से सेवा,संस्कार,सदाचार और सनातन मूल्यों को अपने जीवन का आधार बनाने का आह्वान किया सागर की इस पुण्यभूमि पर सम्पन्न हुआ "माँ राजराजेश्वरी हरिद्रा कोटि कुमकुमार्चन" केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं रहा बल्कि सनातन संस्कृति के इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय के रूप में स्थापित हो गया भव्यता,दिव्यता,अनुशासन,वैदिक परम्परा और जनसहभागिता का यह अद्वितीय संगम आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत रहेगा तथा यह संदेश देता रहेगा कि जब आस्था,सेवा और संकल्प एक साथ खड़े होते हैं तब इतिहास केवल लिखा नहीं जाता,रचा जाता है।
सागर में रचा गया आस्था भव्यता और दिव्यता का इतिहास परम पूज्य श्री रावतपुरा सरकार महाराज श्री के पावन सान्निध्य में सम्पन्न हुआ By नीरज वैद्यराज पत्रकार 07582888100 07879797484 July 30, 2026 सागर में रचा गया आस्था भव्यता और दिव्यता का इतिहास परम पूज्य श्री रावतपुरा सरकार महाराज श्री के पावन सान्निध्य में सम्पन्न हुआ By नीरज वैद्यराज पत्रकार 07582888100 07879797484 July 30, 2026 सागर।पावन धरा ने एक ऐसे ऐतिहासिक अलौकिक और अभूतपूर्व आध्यात्मिक आयोजन का साक्षात्कार किया जिसने सनातन संस्कृति की विराटता वैदिक परंपरा की दिव्यता और सामूहिक आस्था की अद्भुत शक्ति को विश्व के समक्ष प्रस्तुत कर दिया परम पूज्य श्री रावतपुरा सरकार महाराज श्री के पावन सान्निध्य एवं दिव्य मार्गदर्शन में श्री रावतपुरा सरकार आश्रम, वेदांती परिसर,धर्मश्री स्थित मंशापूर्ण बालाजी मंदिर परिसर में आयोजित "माँ राजराजेश्वरी हरिद्रा कोटि कुमकुमार्चन" महाअनुष्ठान ने भव्यता और दिव्यता का ऐसा अद्वितीय संगम प्रस्तुत किया जिसे उपस्थित श्रद्धालु जीवनभर विस्मृत नहीं कर पाएंगे लगभग एक माह से चल रही सतत तैयारियों ने इस आयोजन को ऐतिहासिक स्वरूप प्रदान किया दिन-रात हजारों स्वयंसेवक,आचार्य,साधक और आयोजन से जुड़े कार्यकर्ता सेवा और समर्पण की भावना से जुटे रहे विशाल यज्ञशाला का निर्माण,भव्य मंडपों की स्थापना हजारों श्रद्धालुओं के लिए आवास पेयजल,चिकित्सा,पार्किंग,सुरक्षा,यातायात,पूजन सामग्री और वैदिक अनुष्ठानों की सूक्ष्मतम व्यवस्थाएँ निरंतर युद्धस्तर पर की गईं लगभग 20 एकड़ में विस्तृत परिसर को इस प्रकार सजाया गया कि प्रत्येक दिशा में आध्यात्मिक ऊर्जा और सांस्कृतिक वैभव का अद्भुत समन्वय दिखाई दे रहा था 29 जुलाई की प्रातः बेला से ही सागर की ओर आस्था का ऐसा सैलाब उमड़ पड़ा कि आयोजन स्थल तक पहुँचने वाले मार्गों पर कई किलोमीटर लंबी वाहनों और श्रद्धालुओं की कतारें दिखाई देने लगीं मध्यप्रदेश सहित उत्तरप्रदेश,छत्तीसगढ़ महाराष्ट्र,राजस्थान,गुजरात दिल्ली,हरियाणा तथा देश के अनेक राज्यों से श्रद्धालु अपने परिवारों सहित इस दिव्य महाअनुष्ठान में सम्मिलित होने पहुँचे अनुमानतः लगभग 50 हजार श्रद्धालुओं ने इस ऐतिहासिक आयोजन में सहभागिता कर माँ राजराजेश्वरी के श्रीचरणों में अपनी श्रद्धा अर्पित की यज्ञभूमि में प्रवेश करते ही श्रद्धालुओं का स्वागत भव्य वैदिक वातावरण, सुव्यवस्थित व्यवस्थाओं विशाल मंडपों,अलंकृत वेदियों,दिव्य श्री यंत्र,पुष्पों की सुगंध दीपों की पंक्तियों और वैदिक मंत्रों की अनुगूँज ने किया 1100 वैदिक आचार्यों द्वारा एक साथ उच्चारित वेदमंत्रों ने सम्पूर्ण वातावरण को आध्यात्मिक चेतना से स्पंदित कर दिया शंखनाद,घंटानाद,डमरुओं का प्रचंड निनाद और "जय माँ राजराजेश्वरी" के गगनभेदी उद्घोष ने सम्पूर्ण परिसर को देवमय बना दिया इस महाअनुष्ठान की सबसे विशिष्ट विशेषता रही माँ राजराजेश्वरी हरिद्रा कोटि कुमकुमार्चन,जिसमें माँ को अतिप्रिय हरिद्रा (हल्दी) और आदिशक्ति के चैतन्य का प्रतीक कुमकुम करोड़ों अर्चनों के माध्यम से अर्पित किया गया यह केवल पूजन नहीं बल्कि लोकमंगल,विश्वशांति सुख-समृद्धि और समस्त मानवता के कल्याण का सामूहिक वैदिक संकल्प था इस ऐतिहासिक आयोजन के लिए देश के विभिन्न भागों से पूजन सामग्री विशेष रूप से मंगाई गई देवास से 100 क्विंटल पवित्र हरिद्रा,नेपाल से रुद्राक्ष,दिल्ली से फल,पुष्प एवं 11 हजार कमल पुष्प सूरत से 11 हजार साड़ियाँ एवं माँ के श्रृंगार के वस्त्र, कानपुर से सरसों का तेल,उड़ीसा से 31 हजार नारियल वाराणसी से कुश,पवित्री,सुपारी,हवन सामग्री,कलावा शहद एवं श्रृंगार सामग्री,हरिद्वार से गंगाजल,बरमान से माँ नर्मदा का पावन जल,इंदौर से शक्कर,नागपुर से किशमिश छत्तीसगढ़ से चावल,बेंगलुरु से रजत मुद्राएँ, नौगाँव से हजारों कलश एवं एक लाख दीप,तथा देशभर से लगभग दो करोड़ बिल्वपत्र इस महाअनुष्ठान के लिए एकत्र किए गए इसके अतिरिक्त सवा लाख बूंदी के लड्डू, 11 टन आम, 11 टन केले, 11 क्विंटल बताशे, 5 क्विंटल पेठा,एक लाख बीड़ा पान,एक लाख खुले पान, 15 हजार नारियल, 11 क्विंटल किशमिश सहित असंख्य पूजन सामग्री माँ के श्रीचरणों में समर्पित की गई यह दृश्य ऐसा प्रतीत करा रहा था मानो सम्पूर्ण भारत की श्रद्धा एक ही यज्ञभूमि पर एकत्रित हो गई हो महाअनुष्ठान के शुभारंभ से पूर्व परम पूज्य श्री रावतपुरा सरकार महाराज श्री का दिव्य आगमन हजारों डमरुओं,शंखों,पुष्पवर्षा और जयघोष के मध्य हुआ श्रद्धालुओं ने करबद्ध होकर अपने आराध्य का स्वागत किया जैसे ही महाराज श्री यज्ञमंडप में पहुँचे सम्पूर्ण वातावरण "जय माँ राजराजेश्वरी" के उद्घोष से गूँज उठा और वैदिक मंत्रोच्चार के मध्य महाअनुष्ठान का शुभारंभ हुआ लगभग ढाई घंटे तक चले इस विराट अर्चन में हजारों श्रद्धालुओं ने पूर्ण श्रद्धा और समर्पण के साथ सहभागिता की प्रत्येक अर्चन के साथ केवल हरिद्रा और कुमकुम ही नहीं,बल्कि प्रत्येक श्रद्धालु की कामना विश्वास,परिवार का मंगल,राष्ट्र की समृद्धि और विश्वकल्याण का संकल्प भी माँ राजराजेश्वरी के श्रीचरणों में समर्पित होता रहा सायंकाल सम्पन्न हुई भव्य महाआरती इस आयोजन का चरम क्षण सिद्ध हुई एक लाख दीपों की ज्योति से आलोकित सम्पूर्ण यज्ञभूमि वैदिक ऋचाओं की अनुगूँज,शंखों का महाघोष,डमरुओं का प्रचंड निनाद और हजारों श्रद्धालुओं द्वारा एक स्वर में गाए जा रहे आरती के स्वर ने ऐसा अलौकिक वातावरण निर्मित किया कि उपस्थित प्रत्येक व्यक्ति भावविभोर हो उठा अनेक श्रद्धालुओं की आँखें नम थीं और उनके मुख पर आत्मिक शांति एवं आनंद स्पष्ट दिखाई दे रहा था इस अवसर पर परम पूज्य श्री रावतपुरा सरकार महाराज श्री ने अपने मंगल संदेश में कहा कि माँ राजराजेश्वरी की उपासना केवल व्यक्तिगत समृद्धि का माध्यम नहीं बल्कि सम्पूर्ण विश्व के कल्याण धर्म की प्रतिष्ठा मानवता की उन्नति और लोकमंगल का दिव्य संकल्प है उन्होंने सभी श्रद्धालुओं से सेवा,संस्कार,सदाचार और सनातन मूल्यों को अपने जीवन का आधार बनाने का आह्वान किया सागर की इस पुण्यभूमि पर सम्पन्न हुआ "माँ राजराजेश्वरी हरिद्रा कोटि कुमकुमार्चन" केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं रहा बल्कि सनातन संस्कृति के इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय के रूप में स्थापित हो गया भव्यता,दिव्यता,अनुशासन,वैदिक परम्परा और जनसहभागिता का यह अद्वितीय संगम आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत रहेगा तथा यह संदेश देता रहेगा कि जब आस्था,सेवा और संकल्प एक साथ खड़े होते हैं तब इतिहास केवल लिखा नहीं जाता,रचा जाता है।
- जिला ब्यूरो रिपोर्टर राजेश बबेले खुरई शहर पुलिस की बड़ी सफलता: अंतरजिला ट्रैक्टर चोरी गिरोह का पर्दाफाश लोकेशन बीना रिपोर्टर राजेश बबेले *खुरई शहर पुलिस की बड़ी सफलता: अंतरजिला ट्रैक्टर चोरी गिरोह का पर्दाफाश, तीन आरोपी गिरफ्तार, 21.20 लाख रुपये के चार चोरी के ट्रैक्टर एवं दो मोबाइल बरामद* बीना।खुरई।संपत्ति संबंधी अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण एवं चोरी गए वाहनों की बरामदगी के लिए पुलिस अधीक्षक सागर श्री अनुराग सुजानिया के निर्देशन में चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत थाना खुरई शहर पुलिस को एक बड़ी सफलता प्राप्त हुई है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (बीना) श्री जयवीर सिंह भदौरिया, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (सागर) श्री नरेन्द्र सोलंकी तथा एसडीओपी खुरई श्री प्रवीण अष्ठाना के मार्गदर्शन में थाना खुरई शहर पुलिस ने अंतरजिला ट्रैक्टर चोरी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर चार चोरी के ट्रैक्टर एवं दो मोबाइल सहित कुल 21 लाख 20 हजार रुपये का मशरूका बरामद किया है। *घटना का विवरण* दिनांक 25 जुलाई 2026 को फरियादी अरविन्द यादव निवासी खुरई ने थाना खुरई शहर में रिपोर्ट दर्ज कराई कि उसका स्वराज 735 ट्रैक्टर (एमपी-40-सीए-2836) तथा पड़ोसी वीरेन्द्र यादव का स्वराज 735 ट्रैक्टर (एमपी-40-एबी-6040), जिन्हें दोनों ने प्रतिदिन की तरह पॉलीटेक्निक कॉलेज के समीप अपने मकान के सामने खड़ा किया था, रात्रि में अज्ञात चोर चोरी कर ले गए। रिपोर्ट पर थाना खुरई शहर में अपराध क्रमांक 219/2026 धारा 303(2) भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ की गई। *तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों तक पहुंची पुलिस* थाना प्रभारी निरीक्षक योगेन्द्र सिंह दांगी के नेतृत्व में विशेष टीम गठित कर घटनास्थल एवं आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज, तकनीकी साक्ष्यों एवं मुखबिर सूचना के आधार पर आरोपियों की तलाश की गई। जांच के दौरान संदेही अंकुष उइके एवं संतोष उइके को अभिरक्षा में लेकर पूछताछ की गई, जिन्होंने अपने साथी अनुराग उर्फ अन्नू मालवीय के साथ मिलकर दोनों ट्रैक्टर चोरी करना स्वीकार किया। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि चोरी के ट्रैक्टर शिवपुरी निवासी मोहर सिंह गुर्जर को बेचने के लिए दिए थे। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मोहर सिंह गुर्जर के कब्जे से चोरी गए दोनों ट्रैक्टर बरामद कर लिए। पूछताछ के दौरान यह भी खुलासा हुआ कि आरोपियों ने पूर्व में मई 2026 में गैरतगंज (जिला रायसेन) से एक स्वराज 735 ट्रैक्टर तथा जुलाई 2026 में खामखेड़ा (जिला विदिशा) से एक स्वराज 733 ट्रैक्टर भी चोरी किया था। पुलिस ने इन दोनों ट्रैक्टरों को भी बरामद कर लिया है। गिरोह के अन्य अपराधों के संबंध में पूछताछ जारी है। *गिरफ्तार आरोपी* 1. अंकुष पिता रमेश उइके (21 वर्ष), निवासी क्रेशर बस्ती, अयोध्या नगर, थाना सूखी सेवनिया, भोपाल। 2. संतोष पिता अशोक उइके (19 वर्ष), निवासी क्रेशर बस्ती, अयोध्या नगर, थाना सूखी सेवनिया, भोपाल। 3. मोहर सिंह गुर्जर पिता कल्याण उर्फ कल्लू गुर्जर (40 वर्ष), निवासी ग्राम गांगुली, थाना सुरवाया, हाल फक्कड़ कॉलोनी, थाना फिजिकल, जिला शिवपुरी। *बरामदगी* - स्वराज 735 ट्रैक्टर (एमपी-40-सीए-2836) - स्वराज 735 ट्रैक्टर (एमपी-40-एबी-6040) - स्वराज 735 ट्रैक्टर (एमपी-40-एसी-7914) - स्वराज 733 ट्रैक्टर (एमपी-40-जेडजे-6595, लाल रंग) - दो मोबाइल फोन कुल मशरूका मूल्य: लगभग ₹21,20,000। *सराहनीय भूमिका* इस उल्लेखनीय कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक योगेन्द्र सिंह दांगी, उप निरीक्षक अशोक उपाध्याय, उप निरीक्षक अरविन्द्र छारी (थाना कोतवाली, जिला शिवपुरी), सहायक उप निरीक्षक पदम सिंह दांगी, आरक्षक धरमदास कुशवाहा, धीरेन्द्र सिंह राजावत, साइबर सेल के सौरभ रैकवार, हेमेन्द्र सिंह, आरक्षक संजय जाट (थाना खुरई ग्रामीण), सीसीटीवी कंट्रोल रूम के आरक्षक प्रीतम शाक्य सहित समस्त पुलिस टीम की महत्वपूर्ण एवं सराहनीय भूमिका रही। पुलिस का संदेश सागर पुलिस संपत्ति संबंधी अपराधों, वाहन चोरी एवं अन्य अवैध गतिविधियों में संलिप्त अपराधियों के विरुद्ध लगातार कठोर एवं प्रभावी कार्रवाई कर रही है। आमजन से अपील है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल निकटतम पुलिस थाना अथवा डायल-112 पर दें, ताकि अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित किया जा सके।3
- सागर जिले के राहतगढ़ का सिविल अस्पताल बना गंदगी का केंद्र,बद से बद्तर शौचालय1
- बंडा के शासकीय एकीकृत हाई स्कूल, जगथर में एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन बंडा के शासकीय एकीकृत हाई स्कूल, जगथर में एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें शिक्षा, विकास और सम्मान का सुंदर संगम देखने को मिला।निःशुल्क साइकिल वितरण स्कूल के पात्र छात्र-छात्राओं को सुगम आवागमन हेतु निःशुल्क साइकिलों का वितरण किया गया, जिससे विद्यार्थियों में खासा उत्साह देखने को मिला। ₹15 लाख के अतिरिक्त कक्ष का शिलान्यास बंडा विधायक निधि से स्वीकृत 15 लाख रुपये की लागत से बनने वाले अतिरिक्त कक्ष का भूमि पूजन एवं शिलान्यास किया गया। इस नए निर्माण से स्कूल में छात्रों को बैठने और पढ़ाई के लिए बेहतर सुविधाएं मिलेंगी। शिक्षिका श्रीमती पांडे का सेवानिवृत्ति सम्मान विद्यालय में अपनी लंबी और सराहनीय सेवाएं देने के बाद सेवानिवृत्त हुईं शिक्षिका श्रीमती पांडे को भावभीनी विदाई दी गई एवं उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए उनका नागरिक अभिनंदन किया गया।कार्यक्रम के अतिथि एवं शुभारंभ कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ मां सरस्वती जी के पूजन एवं दीप प्रज्वलन के साथ किया गया। मुख्य अतिथि: वीरेंद्र सिंह लोधी विधायक बंडा वरिष्ठ अतिथिगण:मंडल अध्यक्ष रूपेश 'रोशन' खरे,महेंद्र महुना,अशोक राय,जयसिंह राजा,इस अवसर पर स्कूल का समस्त स्टाफ, विद्यार्थी एवं क्षेत्र के गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।4
- आज की पोस्ट राष्ट्रीय पक्षीराज गरुड़ जी के नाम। पशु पक्षी जीव जंतु भी हमारी मातृभूमि और प्रकृति माता की शोभा बढ़ाने में चार चांद लगाते हैं।1
- लोकल न्यूज बीना रिपोर्ट लक्ष्मण राजपूत बीना शासकीय अस्पताल में मरीज की मौत पर विवाद, परिजनों ने लगाया इलाज में लापरवाही का आरोप मृतक के भाई ने निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की, बीएमओ बोले—डॉक्टरों ने किया था प्राथमिक उपचार, पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही होगी स्थिति स्पष्ट बीना के शासकीय अस्पताल में इलाज के बाद एक मरीज की मौत को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। मृतक बबलू कुशवाहा के परिजनों ने अस्पताल के डॉक्टरों पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है। मृतक के भाई देवी कुशवाहा का आरोप है कि समय पर उचित उपचार नहीं मिलने के कारण बबलू कुशवाहा की मौत हुई। घटना के बाद परिजनों में आक्रोश है और स्थानीय लोगों ने भी सरकारी अस्पताल की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं पर सवाल उठाए हैं। लोगों का कहना है कि समय पर डॉक्टरों का उपलब्ध न होना और उचित इलाज न मिलना जैसी शिकायतें लगातार सामने आती रही हैं। वहीं, इस मामले में बीना सिविल अस्पताल के बीएमओ डॉ. संजीव अग्रवाल ने परिजनों के आरोपों को निराधार बताया है। उन्होंने कहा कि ड्यूटी पर मौजूद डॉ. दीपक तिवारी एवं डॉ. सौरभ जैन ने मरीज का प्राथमिक उपचार किया था। इसके बाद परिजन मरीज को अपने साथ घर ले गए, जहां उसकी मृत्यु हो गई। बीएमओ का कहना है कि मामले की वास्तविक स्थिति का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चल सकेगा। फिलहाल मामले की जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है। एम पी न्यूज़ 24 लाइव इस मामले में सामने आने वाले सभी तथ्यों और संबंधित पक्षों का पक्ष निष्पक्ष रूप से अपने दर्शकों तक पहुंचाता रहेगा।1
- आरोन कस्बे में चातुर्मास कर रहे जैनाचार्य विद्यासागरजी महाराज के शिष्य मुनिश्री निर्मोह सागरजी महाराज के साथ कथित अभद्र व्यवहार और गाली-गलौज की घटना से जैन समाज में जबरदस्त आक्रोश आरोन में मुनिश्री के साथ अभद्रता पर फूटा जैन समाज का आक्रोश, मामला दर्ज थाने का घेराव कर बोला— धर्म का अपमान बर्दाश्त नहीं गुना(30 July 26)। जिले के आरोन कस्बे में चातुर्मास कर रहे जैनाचार्य विद्यासागरजी महाराज के शिष्य मुनिश्री निर्मोह सागरजी महाराज के साथ कथित अभद्र व्यवहार और गाली-गलौज की घटना से जैन समाज में जबरदस्त आक्रोश फैल गया। गुरुवार को बड़ी संख्या में समाज के लोग थाने पहुंच गए और आरोपियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग करते हुए विरोध जताया। घटना को धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला बताते हुए समाज ने चेतावनी दी कि यदि दोषियों पर सख्त कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन तेज किया जाएगा। आरोन नगर में इन दिनों मुनिश्री निरोग सागरजी महाराज का चार मुनियों के संघ के साथ चातुर्मास चल रहा है। पुलिस में दर्ज रिपोर्ट के अनुसार गुरुवार सुबह लगभग 11:21 बजे मुनिश्री निर्मोह सागरजी आहारचर्या के बाद मंदिर लौट रहे थे। इसी दौरान प्रताप जैन के घर के सामने कथित रूप से कीर्ति सोलंकी और पूजा सोलंकी ने मुनिश्री के साथ अभद्र व्यवहार किया तथा जैन समाज के प्रति अपशब्दों का प्रयोग करते हुए गाली-गलौज की। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि दोनों महिलाओं ने यह तक कह दिया कि यदि भविष्य में जैन समाज का कोई साधु-महात्मा इस रास्ते से निकला तो उसे जान से खत्म कर देंगे। इस घटना से मौके पर मौजूद समाजजन स्तब्ध रह गए और देखते ही देखते पूरे नगर में इसकी जानकारी फैल गई। हालांकि मौके पर पहुंची पुलिस एक महिला को गिरफ्तार कर थाने ले गई। घटना के विरोध में सकल दिगम्बर जैन समाज के अध्यक्ष विजय कुमार जैन के नेतृत्व में संजय जैन, संतोष जैन, संजीव जैन, मिन्टूलाल जैन, अमन जैन, जैकी जैन, राजीव जैन, मुनेश जैन सहित बड़ी संख्या में समाज के लोग आरोन थाने पहुंचे। समाज ने लिखित आवेदन देकर कहा कि मुनिश्री के साथ किया गया दुर्व्यवहार केवल एक व्यक्ति का नहीं बल्कि पूरे जैन धर्म का अपमान है। उन्होंने आरोपियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने शिकायत के आधार पर कीर्ति सोलंकी और पूजा सोलंकी के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 296(बी), 351(3) तथा 3(5) के तहत प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जैन समाज का कहना है कि साधु-संतों का सम्मान भारतीय संस्कृति की पहचान है और उनके साथ इस प्रकार का व्यवहार किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता। समाज ने प्रशासन से दोषियों के खिलाफ शीघ्र और कठोर कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि धार्मिक भावनाओं से खिलवाड़ करने वालों को कानून के अनुसार सख्त सजा मिलनी चाहिए।1
- चित्रकूट में युवक को खंभे से बांधकर की गई पिटाई, वीडियो वायरल चित्रकूट में युवक को खंभे से बांधकर की गई पिटाई, वीडियो वायरल एंकर- चित्रकूट थाना क्षेत्र में एक युवक को बिजली के खंभे से बांधकर पीटने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। घटना अशोक होटल के सामने बीती रात की बताई जा रही है। वायरल वीडियो में एक महिला और उसके साथ मौजूद कुछ लोग युवक को खंभे से बांधकर मारपीट करते दिखाई दे रहे हैं। सार्वजनिक स्थान पर हुई इस घटना ने क्षेत्र में कानून-व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार घटना के दौरान सड़क पर लोगों की भीड़ जुट गई, लेकिन किसी ने बीच-बचाव करने का साहस नहीं किया। वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने मामले का संज्ञान लिया और जांच शुरू कर दी है। चित्रकूट एसडीओपी के. एन. बंजारे ने बताया कि प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि संबंधित महिला क्षेत्र में चाय-पान की दुकान संचालित करती है। महिला की दुकान से एक मोबाइल फोन चोरी होने की बात कही जा रही है। इसी संदेह के आधार पर युवक को पकड़कर बिजली के खंभे से बांध दिया गया और उसके साथ मारपीट की गई।एसडीओपी ने स्पष्ट किया कि किसी भी व्यक्ति को कानून अपने हाथ में लेने का अधिकार नहीं है। यदि किसी पर चोरी या अन्य अपराध का संदेह हो तो इसकी सूचना पुलिस को दी जानी चाहिए। प्रारंभिक तथ्यों के आधार पर दोनों पक्षों की शिकायतों को दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है और वायरल वीडियो की भी तकनीकी जांच कराई जाएगी। पुलिस का कहना है कि जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। वहीं, घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद स्थानीय लोगों में भी इस मामले को लेकर चर्चा का विषय बना हुआ है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी विवाद या संदेह की स्थिति में कानून को अपने हाथ में लेने के बजाय तत्काल पुलिस को सूचना दें, ताकि कानूनी प्रक्रिया के तहत उचित कार्रवाई की जा सके।1