स्कूली वैन के डेक्स बोर्ड में हुई शॉर्ट सर्किट, 15 बच्चे थे सवार, बड़ा हादसा टला खेड़ली थाना क्षेत्र अंतर्गत कस्बे के शेरावाली चौराहा के पास सोमवार को एक स्कूल वाहिनी में शॉर्ट सर्किट से अचानक धुआं निकलने लगा। वाहिनी चालक व स्थानीय लोगों की सूझबूझ से एक बड़ा हादसा होने से टल गया। घटना के दौरान वाहिनी में करीब 15 बच्चे बैठे थे। स्थानीय व्यक्ति जमनालाल सैनी ने बताया कि सोमवार को दोपहर में वह अपनी दुकान पर कार्य कर रहे थे, इस दौरान सामने से निकलती हुई एक वैन के डैशबोर्ड में शॉर्ट सर्किट से अचानक धुआं उठता दिखाई दिया। इस पर वह स्थानीय लोगों को लेकर तत्काल वाहिनी के पास पहुंचा। उन्होंने बताया कि घटना के दौरान वाहिनी में 15 बच्चे बैठे थे। सभी बच्चों को सूझबूझ के साथ बाहर निकाला गया। इसके बाद वाहिनी चालक व स्थानीय लोगों ने डैशबोर्ड पर पानी डालकर धुंए पर काबू पाया। उन्होंने बताया कि स्कूल वाहन को मुकेश मीणा चला रहा था। स्कूल की छुट्टी के बाद ड्राइवर बच्चों को मोती का नगला छोड़ने जा रहा था, उससे पहले ही वाहिनी में धुआं उठने लगा। *बड़ा हादसा टला* स्थानीय व्यक्ति जमनालाल ने बताया कि स्कूली बच्चों को छोड़ने जा रही स्कूल वाहिनी में धूआ लगने से अचानक हल्की आग उठ गई जिस पर तुरंत आग पर काबू पाने के लिए पानी डाला गया। उन्होंने बताया कि स्थानीय लोगों व ड्राइवर की सूझबूझ के चलते बड़ा हादसा टल गया। उन्होंने बताया कि घटना में कोई जनहानि नहीं हुई, समय रहते हुए ड्राइवर गाड़ी को नहीं रोकता, तो बड़ा हादसा हो सकता था। जमनालाल ने बताया की ड्राइवर से मिली जानकारी के अनुसार वायरिंग में शॉर्ट सर्किट के चलते धुआं उठा था।
स्कूली वैन के डेक्स बोर्ड में हुई शॉर्ट सर्किट, 15 बच्चे थे सवार, बड़ा हादसा टला खेड़ली थाना क्षेत्र अंतर्गत कस्बे के शेरावाली चौराहा के पास सोमवार को एक स्कूल वाहिनी में शॉर्ट सर्किट से अचानक धुआं निकलने लगा। वाहिनी चालक व स्थानीय लोगों की सूझबूझ से एक बड़ा हादसा होने से टल गया। घटना के दौरान वाहिनी में करीब 15 बच्चे बैठे थे। स्थानीय व्यक्ति जमनालाल सैनी ने बताया कि सोमवार को दोपहर में वह अपनी दुकान पर कार्य कर रहे थे, इस दौरान सामने से निकलती हुई एक वैन के डैशबोर्ड में शॉर्ट सर्किट से अचानक धुआं उठता दिखाई दिया। इस पर वह स्थानीय लोगों को लेकर तत्काल वाहिनी के पास पहुंचा। उन्होंने बताया कि घटना के दौरान वाहिनी में 15 बच्चे बैठे थे। सभी बच्चों को सूझबूझ के साथ बाहर निकाला गया। इसके बाद वाहिनी चालक व
स्थानीय लोगों ने डैशबोर्ड पर पानी डालकर धुंए पर काबू पाया। उन्होंने बताया कि स्कूल वाहन को मुकेश मीणा चला रहा था। स्कूल की छुट्टी के बाद ड्राइवर बच्चों को मोती का नगला छोड़ने जा रहा था, उससे पहले ही वाहिनी में धुआं उठने लगा। *बड़ा हादसा टला* स्थानीय व्यक्ति जमनालाल ने बताया कि स्कूली बच्चों को छोड़ने जा रही स्कूल वाहिनी में धूआ लगने से अचानक हल्की आग उठ गई जिस पर तुरंत आग पर काबू पाने के लिए पानी डाला गया। उन्होंने बताया कि स्थानीय लोगों व ड्राइवर की सूझबूझ के चलते बड़ा हादसा टल गया। उन्होंने बताया कि घटना में कोई जनहानि नहीं हुई, समय रहते हुए ड्राइवर गाड़ी को नहीं रोकता, तो बड़ा हादसा हो सकता था। जमनालाल ने बताया की ड्राइवर से मिली जानकारी के अनुसार वायरिंग में शॉर्ट सर्किट के चलते धुआं उठा था।
- Post by Rajesh Kumar1
- Post by महवा न्यूज़ लाइव1
- 📍डीग जिले के सीकरी कस्बे ने उस क्षण को जिया, जब आस्था सिर्फ शब्द नहीं रही—वो एक आंदोलन बन गई। सुबह की हवा में जैसे ही “गौ माता की जय” और “भारत माता की जय” के स्वर उठे, पूरा माहौल श्रद्धा, ऊर्जा और एकजुटता से भर गया। हर चेहरे पर विश्वास था, हर आवाज में एक संकल्प… और हर कदम में बदलाव की चाह। यह कोई साधारण कार्यक्रम नहीं था, बल्कि समाज को नई दिशा देने का प्रयास था। यहां लोग सिर्फ शामिल होने नहीं आए थे—वे एक सोच, एक मिशन और एक बदलाव का हिस्सा बनने आए थे। मंच से उठे संदेश सीधे दिल तक पहुंचे। वक्ताओं ने कहा कि जब तक समाज में भेदभाव, छुआछूत और ऊंच-नीच जैसी दीवारें मौजूद हैं, तब तक असली विकास अधूरा है। और यही वजह रही कि उपस्थित लोगों ने हाथ उठाकर एक स्वर में शपथ ली—एक ऐसा समाज बनाने की, जहां हर व्यक्ति समान हो, जहां सम्मान ही सबसे बड़ी पहचान हो। लेकिन बात यहीं नहीं रुकी… इस आयोजन ने पर्यावरण की पुकार को भी उतनी ही मजबूती से सामने रखा। लोगों ने पेड़ लगाने का प्रण लिया, जल संरक्षण को अपनी जिम्मेदारी माना और यह संदेश दिया कि आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रकृति को बचाना अब विकल्प नहीं, कर्तव्य है। गौ संरक्षण पर हुई चर्चा ने कार्यक्रम को और गहराई दी। वक्ताओं ने बताया कि गौ सेवा केवल आस्था का विषय नहीं, बल्कि यह हमारी कृषि, हमारी संस्कृति और हमारे पर्यावरण की जीवनरेखा है। इसी सोच के साथ लोगों ने संकल्प लिया कि वे इस दिशा में सक्रिय भूमिका निभाएंगे। कार्यक्रम का सबसे प्रभावशाली पल तब आया, जब जनसमूह ने एकजुट होकर प्रशासन तक अपनी आवाज पहुंचाई। उपखंड अधिकारी (SDM) को सौंपे गए ज्ञापन में गौ संरक्षण के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की गई, वहीं गौ माता को राष्ट्रमाता घोषित करने की मांग भी जोर-शोर से उठी। यह सिर्फ एक मांग नहीं थी—यह एक भावना थी, जो हर सहभागी के दिल में बस चुकी थी। आयोजकों ने बताया कि यह अभियान यहीं थमने वाला नहीं है। 27 मई को जगन्नाथ मैरिज होम, सीकरी में “गौ सम्मान आह्वान अभियान एवं भूमि सुपोषण कार्यक्रम” के तहत हवन और धार्मिक अनुष्ठान होंगे, जिसके बाद SDM कार्यालय तक रैली निकालकर इस आंदोलन को और मजबूत किया जाएगा। सीकरी की इस गूंज ने एक सवाल जरूर छोड़ दिया है—क्या यह संकल्प सिर्फ नारों तक सीमित रहेगा, या सच में समाज को एक नई दिशा देगा? संवाददाता: संदीप शर्मा1
- चित्तौडगढ:अभियान’ मे पूरा शहर मैदान मे* गौ माता को राष्ट्रमाता एवं गो हत्या पर पूर्ण प्रतिबंध हो उसके लिए पूज्य संतो के सानिध्य में प्रार्थना पत्र देने का कार्य सम्पन्न हुआ । रैली में संतों, गोभक्तों और गोसेवकों ने सर्वसम्मति से प्रार्थना पत्र दिया गया राष्ट्रपति महोदय प्रधानमंत्री महोदय राज्यपाल महोदय मुख्यमंत्री महोदय को प्रार्थना पत्र में 40 मांगों के साथ चित्तौड़ तहसील से 21000 हस्ताक्षर के साथ एसडीएम कार्यालय पर प्रार्थना पत्र को संतो के माध्यम से प्रस्तुत किया गया संतों और गोसेवकों ने एक स्वर में कहा कि इस अभियान का उद्देश्य गौमाता को राष्ट्रमाता का दर्जा दिलाना, गौहत्या पर पूर्ण प्रतिबंध लागू करवाना और गोवर्धन संस्कृति के संरक्षण के लिए ठोस सरकारी नीतियां बनवाना है। उपस्थित संतों ने सरकार से आग्रह किया कि गौ रक्षा के लिए केन्द्रीय कानून बनाया जाए, गोहत्या और गोतस्करी में लिप्त अपराधियों को आजीवन कारावास का प्रावधान हो तथा जब्त किए गए वाहनों को गोशालाओं के उपयोग में लाया जाए। इसके साथ ही, उन्होंने मांग की कि गोबर और गोमूत्र पर आधारित अनुसंधान विश्वविद्यालय स्थापित किए जाएं, पंचगव्य औषधियों का आयुर्वेदिक चिकित्सालयों में नि:शुल्क वितरण किया जाए तथा सरकारी भवनों में गोबर पेंट और गौनाइल का उपयोग अनिवार्य किया जाए। गौशालाओं को मनरेगा से जोड़ा जाए, बिजली बिल में छूट मिले और निराश्रित गौवंश की सेवा के लिए चारे की उचित व्यवस्था हो। इसके साथ और कहीं अन्य महत्वपूर्ण बिंदु को जोड़ा गया एवं यदि अपेक्षित उत्तर न मिला, तो 27 जुलाई को पुन पूरे चित्तौड़गढ़ जिले से लाखों की संख्या में गो भक्त एकत्रित होंगे चरणबद्ध रूप से यह प्रक्रिया दोहराई जाएगी। गो सम्मान आह्वान अभियान के जिला सयोजक गौरव सोमानी ने बताया की सुभाष चौक से प्रातः 9:30 बजे रैली का संतो के आह्वान से आरंभ किया गया अभियान पूरी तरह अहिंसक रहा , इसमें केवल संकीर्तन, प्रार्थना और जनजागरण के माध्यम से संदेश दिया संतो मे संत दिग्विजय राम जी , 1008 मुगना धाम अनुज दास जी, मूंगाना धाम रामपाल दास जी ,श्री श्री 108 महंत शिवरामदास महाराज(त्यागी)खेरी आश्रम, सावा गौशाला राघवनाथ जी सरकार , संत विनोद यति जी सभी संत उपस्थित थे इसके अंदर सभी धर्म लोगों ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया एवं विश्वास दिलाया भविष्य में गौ माता के सम्मान के लिए सभी समरसता से एक होकर एकता का परिचय देंगे मातृशक्ति का विशेष योगदान रहा एवं श्रीमती डॉक्टर सुशीला लड्डा ने सभी संतों एवं पधारे हुए प्रबुद्ध जनों एवंं समस्तत गौशाला समितियां का आभार व्यक्त किया2
- Post by Divari Lal1
- thanks for watching1
- अगर आप भी परेशान हैं किसी स्वास्थ्य संबंधी समस्या से तो आप हमें कमेंट करके बताइए। आपको समाधान शीघ्र मिल जाएगा। जानकारी पसंद आई है तो लाइक शेयर और कमेंट करके Follow 🎉 करें।1
- अब सवाल ये है… क्या ये संकल्प बदल पाएगा समाज की तस्वीर?1
- कांग्रेस विधायक दल द्वारा महिलाओं को तत्काल प्रभाव से वर्तमान सीटों पर 33% आरक्षण देने के लिए लाए गए अशासकीय संकल्प को सरकार द्वारा स्वीकार न करना यह स्पष्ट करता है कि भाजपा की मंशा महिला सशक्तिकरण नहीं, बल्कि केवल राजनीतिक दिखावा है। महिलाओं के सम्मान और उनके अधिकारों की लड़ाई को मजबूती से उठाते हुए कांग्रेस विधायक दल ने सदन से वॉकआउट किया।1