क्षेत्रीय सांसद फगन सिंह के आश्वासन के बाद साध्वी ऋचा गोस्वामी का अनशन समाप्त. साध्वी ने कहा घंसौर क्षेत्र का जल भी ग्रहण नहीं करूंगी, नर्मदा परिक्रमा के लिए यहां से रवानगी की ले रही हूं. क्षेत्रीय सांसद ने कहा लगातार 14 दिन से साध्वी के संपर्क में था. *एंकर:-* जिले के घंसौर में विगत 14 दिनों से साध्वी ऋचा गोस्वामी ने क्षेत्र में किसानों के लिये लिफ्ट एरीगेशन से पानी उपलब्ध कराने की मांग को लेकर अनशन मे बैठी थी ,क्षेत्र भर से लोगों का काफी सहयोग भी मिला था. जिसके बाद क्षेत्रीय सांसद फग्गन सिंह कुलस्ते अनशन स्थल पर पहुंचे और उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों से चर्चा कर क्षेत्र में लिफ्ट एरिगेशन से पानी उपलब्ध कराने की बात कही। हालांकि साध्वी ऋचा गोस्वामी ने अपना अनशन समाप्त कर नर्मदा परिक्रमा में तत्काल प्रस्थान करने की बात कही। किसानों को पर्याप्त मात्रा में पानी उपलब्ध हो इसके लिये क्षेत्रीय सांसद ने हर संभव मदद का आश्वाशन दिया। इस मौके पर फग्गन सिंह कुलस्ते के अलावा क्षेत्रीय किसान और शासन प्रशाशन के लोग मौजूद रहें। वाइट 1-साध्वी ऋचा गोस्वामी 2- सांसद फगन सिंह कुलस्ते
क्षेत्रीय सांसद फगन सिंह के आश्वासन के बाद साध्वी ऋचा गोस्वामी का अनशन समाप्त. साध्वी ने कहा घंसौर क्षेत्र का जल भी ग्रहण नहीं करूंगी, नर्मदा परिक्रमा के लिए यहां से रवानगी की ले रही हूं. क्षेत्रीय सांसद ने कहा लगातार 14 दिन से साध्वी के संपर्क में था. *एंकर:-* जिले के घंसौर में विगत 14 दिनों से साध्वी ऋचा गोस्वामी ने क्षेत्र में किसानों के लिये लिफ्ट एरीगेशन से पानी उपलब्ध कराने की मांग को लेकर अनशन मे बैठी थी ,क्षेत्र भर से लोगों का काफी सहयोग भी मिला था. जिसके बाद क्षेत्रीय सांसद फग्गन सिंह कुलस्ते अनशन स्थल पर पहुंचे और उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों से चर्चा कर क्षेत्र में लिफ्ट एरिगेशन से पानी उपलब्ध कराने की बात कही। हालांकि साध्वी ऋचा गोस्वामी ने अपना अनशन समाप्त कर नर्मदा परिक्रमा में तत्काल प्रस्थान करने की बात कही। किसानों को पर्याप्त मात्रा में पानी उपलब्ध हो इसके लिये क्षेत्रीय सांसद ने हर संभव मदद का आश्वाशन दिया। इस मौके पर फग्गन सिंह कुलस्ते के अलावा क्षेत्रीय किसान और शासन प्रशाशन के लोग मौजूद रहें। वाइट 1-साध्वी ऋचा गोस्वामी 2- सांसद फगन सिंह कुलस्ते
- क्षेत्रीय सांसद फगन सिंह के आश्वासन के बाद साध्वी ऋचा गोस्वामी का अनशन समाप्त. साध्वी ने कहा घंसौर क्षेत्र का जल भी ग्रहण नहीं करूंगी, नर्मदा परिक्रमा के लिए यहां से रवानगी की ले रही हूं. क्षेत्रीय सांसद ने कहा लगातार 14 दिन से साध्वी के संपर्क में था. *एंकर:-* जिले के घंसौर में विगत 14 दिनों से साध्वी ऋचा गोस्वामी ने क्षेत्र में किसानों के लिये लिफ्ट एरीगेशन से पानी उपलब्ध कराने की मांग को लेकर अनशन मे बैठी थी ,क्षेत्र भर से लोगों का काफी सहयोग भी मिला था. जिसके बाद क्षेत्रीय सांसद फग्गन सिंह कुलस्ते अनशन स्थल पर पहुंचे और उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों से चर्चा कर क्षेत्र में लिफ्ट एरिगेशन से पानी उपलब्ध कराने की बात कही। हालांकि साध्वी ऋचा गोस्वामी ने अपना अनशन समाप्त कर नर्मदा परिक्रमा में तत्काल प्रस्थान करने की बात कही। किसानों को पर्याप्त मात्रा में पानी उपलब्ध हो इसके लिये क्षेत्रीय सांसद ने हर संभव मदद का आश्वाशन दिया। इस मौके पर फग्गन सिंह कुलस्ते के अलावा क्षेत्रीय किसान और शासन प्रशाशन के लोग मौजूद रहें। वाइट 1-साध्वी ऋचा गोस्वामी 2- सांसद फगन सिंह कुलस्ते1
- *भागवत कथा में धूमधाम से मनाया गया श्रीकृष्ण जन्मोत्सव* बिहारी लाल सोनी 5 फरवरी कुरई/आमटपानी : आमटपानी की पावन धरा पर जिला पंचायत सदस्य, अध्यक्ष ब्लॉक कांग्रेस कमेटी तेज सिंह पटेल के निज निवास पर संगीतमय श्रीमद् भागवत कथा के चौथे दिन गुरुवार को कृष्ण जन्म उत्सव धूमधाम से मनाया गया। कथा स्थल को फूलों, झालरों और रोशनी से सजाया गया था। कथा वाचक परम पूज्य संत श्री कमलेश जी मुरारी महाराज ने भगवान श्रीकृष्ण के जन्म प्रसंग का वर्णन करते हुए कहा कि जब अधर्म और अन्याय पृथ्वी पर बढ़ गया, तब भगवान विष्णु ने देवकी और वासुदेव के घर आठवें पुत्र के रूप में जन्म लेकर धर्म की पुनर्स्थापना की। उन्होंने बताया कि कारागार में भगवान का अवतरण केवल एक दिव्य घटना नहीं बल्कि यह संदेश है कि जब भी मानवता संकट में होती है, तब ईश्वर स्वयं उसे मुक्त करने आते हैं। कथा के दौरान जैसे ही जन्म प्रसंग आया, पूरा पंडाल “नंद के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की” के जयघोष से गूंज उठा। भक्तों ने पुष्पवर्षा कर उत्सव का स्वागत किया। श्रीकृष्ण जन्मोत्सव की झाँकी अत्यंत मनमोहक रही। झूले में लड्डूगोपाल का आकर्षक श्रृंगार किया गया था। महिलाएँ और बच्चे भक्ति गीतों पर नृत्य करते नजर आए। भजन-कीर्तन के साथ भक्तों ने रासलीला के प्रसंगों का आनंद लिया। इस दौरान कथा स्थल का वातावरण पूरी तरह आध्यात्मिक और आनंदमय हो गया। आयोजक- तेज सिंह पटेल ने बताया कि प्रतिदिन हजारों की संख्या में श्रद्धालु कथा श्रवण के लिए पहुँच रहे हैं। जन्मोत्सव के अवसर पर विशेष भोग लगाया गया जिसमें माखन-मिश्री, फल-मिष्ठान और पंचामृत प्रमुख रहे। कथा के बाद भक्तों को प्रसाद वितरित किया गया। समस्त धर्म प्रेमी से धर्मलाभ लेने की अपील की गई। कार्यक्रम के अंत में सामूहिक आरती की गई और दीप प्रज्ज्वलन के साथ भक्तों ने प्रभु से लोककल्याण की कामना की। चौथे दिन के इस जन्मोत्सव समारोह में क्षेत्र के गणमान्य नागरिक, महिलाएँ, युवा और बच्चे बड़ी संख्या में शामिल हुए। 02 फरवरी सोमवार से 08 फरवरी रविवार को हवन पूजन विसर्जन के पश्चात प्रसाद महाप्रसाद भोजन प्रसादी कार्यक्रम का समापन होगा।1
- कटंगी-सिवनी मुख्य सड़क मार्ग पर खमरिया पावर हाउस के पास में एक वृद्ध को अज्ञात वाहन ने टक्कर मारकर बुरी तरह से घायल कर दिया है। घटना शाम करीब 06 बजे के आस-पास की है घायल वृद्ध को डायॅल 112 में तैनात आरक्षक मनोज चौहान ने नजदीक के सरकारी अस्पताल में लाकर भर्ती करवाया है। अस्पताल में प्राथमिक उपचार देने के बाद घायल को जिला अस्पताल बालाघाट रेफर कर दिया है। घायल शख्स की सिर पर चोट आई है और एक पैर टूट गया है। घायल शख्स की पहचान शिव प्रसाद बाहेश्वर निवासी सजनवाड़ा के रुप में हुई है। टक्कर किस वाहन ने मारी यह शख्स खमरिया पावन हाउस के पास क्या कर रहा था इसकी पुष्ठि नहीं हो पाई। डायल 112 को लोकेश राहंगडाले ने सूचना दी थी। जिसके बाद पुलिस घटनास्थल पर पहुंची थी।1
- वारासिवनी। देवधर मैदान वारासिवनी में खेले जा रहे ऑल इंडिया देवधर ट्रॉफी 2026 के पहले सेमीफाइनल मैच में जे पी जबलपुर ने पिछले वर्ष की विजेता टीम बिलासपुर को एक बेहद नजदीकी मुकाबले में 12 रनो से शिकस्त देकर फाइनल का टिकट कटा लिया है। इस रोमांचक मैच में जबलपुर के बल्लेबाजों ने जहां आक्रामक शुरुआत की, वहीं उनके गेंदबाजों ने हारी हुई बाजी को जीत में बदल दिया।मैच में जे पी जबलपुर ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया था। जबलपुर के सलामी बल्लेबाज रौशन ने मैदान पर तूफान लाते हुए मात्र 21 गेंदों में 50 रनों की आतिशी पारी खेली, जिसमें उसने 5 चौके व 4 छक्के लगाए। उसके अलावा आदित्य सिंह ने 39 रन और पंकज शर्मा ने 21 रनों का अहम योगदान दिया। लेकिन फिर बिलासपुर के गेंदबाजों ने शानदार गेंदबाजी का नजारा पेश किया और मध्यक्रम के बल्लेबाजों को सम्हलने का कोई मौका नहीं दिया। देखते ही देखते जबलपुर की टीम 19.4 ओवरों में 159 रनों पर सिमट गई। बिलासपुर के गेंदबाजों ने शानदार गेंदबाजी का नजारा पेश किया। कप्तान मोहित राउत ने 4 ओवर में 24 रन देकर 3 विकेट, कुशल काकड़ ने 3.4 ओवर में 24 रन देकर 3 विकेट, प्रवीण कुमार ने 2, सौरव ने एक व राज चौधरी ने 1 विकेट हासिल किए। 160 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी बिलासपुर की टीम एक समय मजबूत स्थिति में थी, लेकिन जबलपुर की सधी हुई गेंदबाजी के सामने उसके खिलाड़ी 20 ओवर में 9 विकेट खोकर 147 रनों पर ही सिमट गए और बिलासपुर को 12 रनों से हार का सामना करना पड़ा। बिलासपुर का पहला विकेट जयंत कैवर्त के रूप में एक रन पर गिर गया था। दूसरे विकेट के लिए सलामी बल्लेबाज पवन परनाते और सौरव के बीच 73 रन की साझेदारी हुई। 74 रन पर दूसरा विकेट सौरव विकी के रुप 31 रन बनाकर गिरने के बाद बिलासपुर का मध्य क्रम बुरी तरह से लड़खड़ा गया। इस बीच पवन ने 43 रनों की संघर्षपूर्ण पारी खेली, लेकिन देखते ही देखते 21 रनों के भीतर बिलासपुर के 6 विकेट गिर गए। जिसके बाद अंतिम ओवरों में प्रिंस ने 18 रन और प्रवीण ने 18 रन बनाकर टीम को जीताने का असफल प्रयास किया। लेकिन जबलपुर के गेंदबाजों ने उनके प्रयासों पर पानी फेर दिया और बिलासपुर की टीम 20 ओवर में 9 विकेट खोकर 147 रन ही बना पाई और उसे 12 रनो से हार कर प्रतियोगिता से बाहर होना पड़ गया। बिलासपुर की ओर से पवन परनाते ने 36 गेंदों में सर्वाधिक 43 रन, सौरव विकी ने 20 गेंदों में 31 रन, प्रिंस ने 18 रन और प्रवीण ने 18 रन बनाकर लक्ष्य को पाने का प्रयास किया। लेकिन वह सभी लक्ष्य को पाने में असफल रहे। बिलासपुर की टीम निर्धारित 20 ओवरों में 9 विकेट खोकर 147 रन ही बना सकी। जबलपुर की जीत के असली नायकों में अतुल कुशवाहा ने 4 ओवर में मात्र 21 रन देकर 3 महत्वपूर्ण विकेट, वैभव पाल ने किफायती गेंदबाजी करते हुए 18 रन देकर 2 विकेट, आदित्य सिंह ने एक विकेट और जसबीर सिंह ने 1 विकेट लेकर बिलासपुर को लक्ष्य हासिल करने से रोक दिया और फाईनल का टिकट कटा लिया। जबलपुर की ओर से 39 रन बनाने व एक विकेट लेने वाले आदित्य सिंह को मैन ऑफ द मैच के खिताब से नवाजा गया। इस मैच में अतिथि के रुप में रियल स्टेट के संचालकगण उत्कर्ष कासल, कीर्ति बाेपचे, मोनू ठाकुर, सुंदर बिसेन। मोनेश बिसेन, जसवंत पटले ने उपस्थित होकर खिलाड़ियों से परिचय हासिल कर दोनों टीमों के बीच सिक्का उछाल कर टॉस करवाया। जिसमें जबलपुर ने टॉस जीतकर पहले खेलने का फैसला लिया था।1
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- न्यू ऑल इंडिया ब्लैक डायमंड फुटबॉल टूर्नामेंट पंकज स्टेडियम चांदामेटा में पांचवें दिवस झारखंड ने1
- ट्रक छोड़कर ट्रक चालक मौके पर फरार...नहीं मिली 108 डायल 112 की मिली सहायता , दोनों की हालत नाजुक राकेश डॉडीओलिया और उसकी पत्नी करिश्मा डाडीओलिया गंभीर , हर्रई अस्पताल रेफरबटकाखापा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मे नहीं डॉक्टर , ग्रामीणों में आक्रोश 27 तारीख से नहीं है डॉक्टर पदस्थ यहां , मैं जल्द करूंगा जिला कलेक्टर को शिकायत :- दिनेश कुमार अंगरिया भारिया विकास प्राधिकरण अध्यक्ष3
- UGC बिल के विरोध में कचहरी चौक से SDM कार्यालय तक स्वर्ण समाज की रैली, कानून वापसी की मांग केंद्र सरकार द्वारा 13 जनवरी से लागू किए गए UGC बिल के विरोध में आज 31 जनवरी को नगर के कचहरी चौक में समस्त स्वर्ण समाज के बैनर तले जैन समाज, अग्रवाल समाज, ठाकुर समाज, ब्राह्मण समाज, पंजाबी समाज, सिंधी समाज, केस समाज सहित विभिन्न समाजों के लोगों ने एकजुट होकर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने कचहरी चौक से रैली निकालते हुए SDM कार्यालय पहुंचकर UGC बिल के विरोध में ज्ञापन सौंपा। यह ज्ञापन तहसीलदार नितिन चौधरी को सौंपा गया। इस दौरान बड़ी संख्या में स्वर्ण समाज के लोग मौजूद रहे और शांतिपूर्ण तरीके से अपना विरोध दर्ज कराया। रैली में शामिल लोगों का कहना था कि UGC बिल शिक्षा व्यवस्था और बच्चों के भविष्य पर नकारात्मक असर डाल सकता है। समाज के लोगों ने आरोप लगाया कि यह कानून विद्यार्थियों के संस्कार, शैक्षणिक स्वतंत्रता और सामाजिक संतुलन को प्रभावित करेगा। इसी कारण इस कानून को तुरंत वापस लिया जाना चाहिए। प्रदर्शनकारियों ने यह भी कहा कि यदि UGC बिल को वापस नहीं लिया गया तो आने वाले समय में आंदोलन को और तेज किया जाएगा। समाज के प्रतिनिधियों ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा इस कानून पर 19 मार्च तक दिए गए प्रारंभिक स्थगन आदेश के लिए आभार व्यक्त किया, लेकिन साथ ही यह स्पष्ट किया कि केवल स्थगन नहीं बल्कि कानून की पूर्ण वापसी ही उनकी मुख्य मांग है। UGC बिल के विरोध को लेकर वक्ताओं ने कहा कि किसी भी प्रकार का शैक्षणिक कानून लागू करने से पहले सभी समाजों, शिक्षाविदों और अभिभावकों से व्यापक चर्चा आवश्यक है। बिना संवाद के लिया गया निर्णय बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है, जिसे स्वर्ण समाज स्वीकार नहीं करेगा। शांतिपूर्ण ढंग से ज्ञापन सौंपने के बाद स्वर्ण समाज की रैली का समापन किया गया।1