RDG बंद होने पर हिमाचल की सियासत गरम, विक्रमादित्य बोले ये राजनीति नहीं, 75 लाख लोगों के हक की लड़ाई.... RDG यानी रेवेन्यू डेफिसिट ग्रांट को बंद किए जाने के फैसले के बाद हिमाचल प्रदेश की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने साफ कहा है कि यह मुद्दा किसी बीजेपी या कांग्रेस की राजनीति का नहीं है, बल्कि हिमाचल के 75 लाख लोगों के हक की बात है। उन्होंने कहा कि पहाड़ी राज्य होने के नाते हिमाचल को इस तरह की मदद पहले भी मिलती रही है और आगे भी मिलनी जरूरी है। वहीं हमीरपुर से सांसद ने भी इस मुद्दे पर पहल की है। कहा कि केंद्र के साथ इस लड़ाई को सभी को मिलकर लड़ना चाहिए और विपक्ष को भी इसे राजनीतिक चश्मे से नहीं देखना चाहिए। इसी को लेकर कल सर्वदलीय बैठक भी बुलाई गई है। लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि हिमाचल प्रदेश के गठन से लेकर अब तक केंद्र सरकार की ओर से इस तरह की मदद मिलती रही है और पहाड़ी राज्य होने के कारण यह सहायता बेहद जरूरी भी है। उन्होंने कहा कि RDG का मुद्दा किसी एक पार्टी का नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश के लोगों से जुड़ा हुआ सवाल है। विक्रमादित्य सिंह ने केंद्र से मिलने वाले फंड का जिक्र करते हुए बताया कि हाल ही में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत हिमाचल को करीब 2300 करोड़ रुपये मिले हैं और इसी के तहत बीते दिन 46 करोड़ रुपये इंसेंटिव के तौर पर भी प्राप्त हुए हैं। उनका कहना है कि ये इंसेंटिव तभी मिलते हैं जब तय मापदंडों के अनुसार काम होता है, जो यह दर्शाता है कि केंद्र से आने वाले पैसे का सही तरीके से धरातल पर उपयोग हो रहा है। वहीं RDG को लेकर बुलाए गए विशेष सत्र को राज्यपाल की मंजूरी न मिलने पर विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि संभव है यह एक तकनीकी कारण हो, क्योंकि सत्र की शुरुआत राज्यपाल के अभिभाषण से होनी थी, जो इस विशेष सत्र के संदर्भ में उपयुक्त नहीं लग रही थी। बाइट,,,विक्रमादित्य सिंहलोकनिर्माण मंत्री हिमाचल प्रदेश
RDG बंद होने पर हिमाचल की सियासत गरम, विक्रमादित्य बोले ये राजनीति नहीं, 75 लाख लोगों के हक की लड़ाई.... RDG यानी रेवेन्यू डेफिसिट ग्रांट को बंद किए जाने के फैसले के बाद हिमाचल प्रदेश की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने साफ कहा है कि यह मुद्दा किसी बीजेपी या कांग्रेस की राजनीति का नहीं है, बल्कि हिमाचल के 75 लाख लोगों के हक की बात है। उन्होंने कहा कि पहाड़ी राज्य होने के नाते हिमाचल को इस तरह की मदद पहले भी मिलती रही है और आगे भी मिलनी जरूरी है। वहीं हमीरपुर से सांसद ने भी इस मुद्दे पर पहल की है। कहा कि केंद्र के साथ इस लड़ाई को सभी को मिलकर लड़ना चाहिए और विपक्ष को भी इसे राजनीतिक चश्मे से नहीं देखना चाहिए। इसी को लेकर कल सर्वदलीय बैठक भी बुलाई गई है। लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि हिमाचल प्रदेश के गठन से लेकर अब तक केंद्र सरकार की ओर से इस तरह की मदद मिलती रही है और पहाड़ी राज्य होने के कारण यह सहायता बेहद जरूरी भी है। उन्होंने कहा कि RDG का मुद्दा किसी एक पार्टी का नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश के लोगों से जुड़ा हुआ सवाल है। विक्रमादित्य सिंह ने केंद्र से मिलने वाले फंड का जिक्र करते हुए बताया कि हाल ही में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत हिमाचल को करीब 2300 करोड़ रुपये मिले हैं और इसी के तहत बीते दिन 46 करोड़ रुपये इंसेंटिव के तौर पर भी प्राप्त हुए हैं। उनका कहना है कि ये इंसेंटिव तभी मिलते हैं जब तय मापदंडों के अनुसार काम होता है, जो यह दर्शाता है कि केंद्र से आने वाले पैसे का सही तरीके से धरातल पर उपयोग हो रहा है। वहीं RDG को लेकर बुलाए गए विशेष सत्र को राज्यपाल की मंजूरी न मिलने पर विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि संभव है यह एक तकनीकी कारण हो, क्योंकि सत्र की शुरुआत राज्यपाल के अभिभाषण से होनी थी, जो इस विशेष सत्र के संदर्भ में उपयुक्त नहीं लग रही थी। बाइट,,,विक्रमादित्य सिंहलोकनिर्माण मंत्री हिमाचल प्रदेश
- हिमाचल के बागवानों को अब एमआईएस का पैसा सीधे खातों में मिलेगा। एचपीएमसी सेब खरीद के बाद बागवानों को उसके बदले दवाई खाद अन्य औजार देते थे लेकिन अब सीधे खाते में पैसा देने का फैसला सरकार ने लिया है।एमआईएस के तहत 115 करोड़ अभी एचपीएमसी द्वारा बागवानों का देना है। बागवानी मंत्री जगत कहा कि प्रदेश में एमआईएस स्कीम के तहत केश के बदले दवाईयां या औजार देते आया है लेकिन अब डीबीटी के माध्यम से बागवानों को सेब का भुगतान किया जाएगा। पहले छोटे बागवानों को प्राथमिकता दी जाएगी उसके बाद बड़े बागवानों को भुगतना किया जाएगा। उन्होंने कहा कि एमआईएस योजना केंद्र सरकार की थी लेकिन भाजपा की केंद्र सरकार द्वारा इस योजना को खत्म कर दिया जिससे हिमाचल को काफी नुक्सान हुआ है। इस योजना के तहत 154 करोड़ का भुगतान कर दिया गया है और 115 करोड़ की देनदारी रही है जिसे जल्द भुगतान किया जाएगा। वही विदेशों से सेब पर आयात शुल्क बढाने को लेकर भी जगत नेगी ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा ओर कहा कि भाजपा सरकार कुछ बोलती है और करती कुछ है।पीएम मोदी हिमाचल जब जब हिमाचल आते है तो हिमाचल के सेब की बात करते है और सेब पर आयात शुल्क बढाने की बाते करते है लेकिन आयात शुल्क बढाने के बजाय केंद्र सरकार शुल्क बढाने का काम कर रही है। न्यूजीलैंड के साथ करार कर आयात शुल्क कम कर दिया और अब ट्रम्प के दवाब में आ कर आयात शुल्क जीरो कर दिया इससे हिमाचल की आर्थिकी पर काफी असर पड़ेगा। और आने वाले समय मे सेब बागवान कठिन दौर से गुजरना पड़ेगा। बाईट। जगत नेगी। बागवानी मंत्री1
- एक ट्रांसजेंडर व्यक्ति ने सोलन में न्याय की गुहार लगाई है सोलन पवन कुमार सिंघ1
- दाड़लाघाट के नौणी गांव में तेंदुए की दहशत - घर के बाथरूम में घुसा, कुत्ते के साथ रही रातभर आमने-सामने की स्थिति कसौली : ग्राम पंचायत दाड़लाघाट के नौणी गांव में वीरवार रात्रि करीब दो बजे उस समय दहशत का माहौल बन गया, जब एक खतरनाक तेंदुआ छलांग लगाकर कुलदीप नामक व्यक्ति के घर की छत पर पहुंच गया। तेंदुए ने वहां मौजूद कुत्ते पर हमला किया और उसे दौड़ाते हुए घर के बाथरूम में जा घुसा। घटना के समय मकान मालिक कुलदीप ने बाहर से तेज आवाजें सुनीं। जब वह बाहर निकला तो उसने बाथरूम के अंदर तेंदुए और कुत्ते के बीच जबरदस्त भिड़ंत देखी। स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए कुलदीप ने जान जोखिम में डालकर बाथरूम का दरवाजा बाहर से बंद कर दिया और तुरंत पुलिस विभाग को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस ने मामले की जानकारी वन विभाग को दी। इसके बाद पुलिस टीम के साथ वन विभाग के रेंज अधिकारी अपनी टीम सहित मौके पर पहुंचे। किसी भी प्रकार की जान-माल की हानि न हो, इसके लिए वन्यजीव बचाव दल (रेस्क्यू टीम) कुल्लू को भी दूरभाष के माध्यम से सूचित किया गया। प्रातःकाल डॉ. विपिन की अगुवाई में वन्यजीव रेस्क्यू टीम दाड़लाघाट पहुंची और तेंदुए को सुरक्षित काबू में करने का अभियान शुरू किया गया। काफी मशक्कत के बाद बाथरूम के दरवाजे में छेद कर तेंदुए को बेहोश किया गया। इसके बाद तेंदुए और कुत्ते दोनों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। इस पूरे रेस्क्यू ऑपरेशन की सबसे खास बात यह रही कि तेंदुआ और कुत्ता पूरी रात एक ही बाथरूम में आमने-सामने रहे। दोनों एक-दूसरे को देखकर गुर्राते रहे, लेकिन बंद कमरे में किसी ने भी दोबारा हमला नहीं किया। करीब दोपहर 12:30 बजे दोनों को जीवित और सुरक्षित बाहर निकाला गया।1
- जिला हमीरपुर के तहत तरक्वाड़ी से संबधित एक दंपत्ति के साथ बेरहमी से मारपीट करने का मामला सामने आया है। इस मारपीट की घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। लेकिन इस दंपत्ति ने हमीरपुर जिला की पुलिस कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। पीडि़त का कहना है कि एक ओर वह घायल अवस्था में लदरौर पुलिस चौकी पहुंचे लेकिन यहां पर इन्हें कोई सहयोग नहीं मिला बल्कि भोरंज थाना भेजा गया तो वहां पर भी उन्हें मायूसी ही हाथ लगी। पांच दिन तक मैडिकल ही हो पाया। अब इस पीडि़त दंपत्ति ने प्रदेश सरकार, प्रशासन, पुलिस प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई है। शनिवार को बिलासपुर सर्किट हाऊस में पीडि़त सुनील कुमार व उसकी पत्नी मीना कुमारी ने प्रेसवार्ता की। इस दौरान इनके साथ बेटी साक्षी ठाकुर, सुनील कुमार, राजेश कुमार भी मौजूद रहे। पीडि़त सुनील कुमार ने मीडिया के समक्ष अपना पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि उनकी दुकान के सामने हर रोज शराब की खाली बोतलें रखी जाती थी, जिसका उन्होंने विरोध किया और उनके ऊपर कुछ लोगों की ओर से जानलेवा हमला किया गया। इस बारे में पुलिस प्रशासन की ओर से भी उनके साथ कोई भी सहयोग नहीं कियाा गया, बल्कि उन्हें उलझाए रखा। उन्होंने कहा कि उनकी दुकान बिलासपुर जिला के तहत है। उनके साथ मारपीट होने के बाद वह तुरंत लदरौर पुलिस चौकी पहुंचे। पुलिस प्रशासन से उन्होंने भराड़ी पुलिस थाना भेजने की गुहार लगाते रहे लेकिन किसी ने नहीं सुनीं। भोरंज पुलिस थाना भेजा गया। इसके अलावा बस्सी अस्पताल में भेजा गया लेकिन कोई मैडिकल नहीं करवाया गया। उक्त लोगों ने आरोप लगाया कि रसूखदार की शह पर यह रवैया अपनाया गया है, जिसके चलते इस मामले को लेकर सभी लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने बताया कि मारपीट की घटना को बीते सात दिन तक का समय बीत चुका है। अब यह मामला भराड़ी थाना में भेजा गया है और भराड़ी पुलिस द्वारा मामले को लेकर आगामी कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि हमीरपुर पुलिस की ओर से उनके हितों की अनदेखी की गई है। पुलिस को इस मामले को लेकर उचित कदम उठाने चाहिए थे, लेकिन उन्हें पुलिस का सहयोग नहीं मिला। उन्होंने कहा कि इस मामले में पुलिस प्रशासन के साथ ही मेडिकल कॉलेज हमीरपुर में तैनात चिकित्सक की ओर से भी कोताही की गई है और उनकी सहमति के बिना ही उन्हें डिस्चार्ज ऑन रिक्केस्ट (डीओआर) लिख दिया गया। सुनील कुमार ने कहा कि उनकी पत्नी की हालत अभी भी गंभीर है। वहीं, उन्हें अब जान का खतरा बना हुआ है। जिसके चलते उन्होंने प्रदेश सरकार से मांग की है कि उन्हें न्याय दिलाया जाए। वहीं उन्होंने आग्रह किया है कि इस मामले को लेकर सख्त कदम उठाए जाएं। ताकि भविष्य में इस तरह की कोई भी घटना सामने ना आए।2
- जीवन में जब दुःख आवे तो किसी दूसरे पर आरोप मत लगाना क्योंकि हर दुःख के जिम्मेदार....1
- HPU के समीप छोटे व अस्थायी दुकानदारों को उजाड़ने पर HPU अधिकारियों पर भड़के मजदूर नेता विजेंद्र मेहरा #kullutodaynews #SachKiAwaaz #MediaPower #HimachalNews #himachalkiawaaz #himachalpradesh #rampur #BreakingNews #shimla #kullu ,1
- ज्यूरी से जांबाज़ी की मिसाल होमगार्ड जवान विक्रम सदानी ने जान जोखिम में डालकर खतरनाक रेस्क्यू ऑपरेशन सफल किया। सलाम है1
- इंदरजीत सिंह ने कांग्रेस के संगठनात्मक जिले शिमला शहरी के अध्यक्ष का पदभार सम्भाल लिया है।शनिवार को कांग्रेस कार्यालय में पदभार ग्रहण का कार्यकाल का आयोजन किया गया, जहाँ कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष विनय कुमार, लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह, शहरी विधायक हरीश जनारथा, महापौर सुरेंद्र चौहान की मौजूदगी में पदभार संभाला। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष विनय कुमार ने जिला इंदरजीत को बधाई दी और पार्टी कार्यकर्ताओं का आह्वान किया है कि उन्हें संगठन की मजबूती के लिए एकजुटता के साथ आगे आना है। लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने इस अवसर पर इंद्रजीत सिंह को शुभकामनाएं देते हुए उम्मीद जताई कि उनके नेतृत्व में शिमला शहर में संगठन मजबूती के साथ आगे बढ़ेगा। उन्होंने उन्हें सलाह दी कि पार्टी हित व जनहित में उन्हें कार्य करना होगा। शिमला शहर के नागरिक होने के नाते संगठन या लोगों के हित में जब भी उन्हें उनके किसी भी सहयोग की कोई जरूरत होगी, वह उनके साथ खड़े होंगे। बाइट -- विक्रमादित्य सिंह, लोक निर्माण मंत्री हिमाचल सरकार VO -- शिमला शहर के विधायक हरीश जनारथा ने इंद्रजीत सिंह को इस पदभार ग्रहण करने पर बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि जिलाध्यक्ष होने के नाते शिमला शहर में कांग्रेस संगठन की मजबूती की बहुत बड़ी जिम्मेदारी अब उनके कंधों पर है। उन्होंने कहा कि राह कठिन है, संघर्ष करना है, आगे बढ़ना है। बाइट -- हरीश जनारथा, विधायक शिमला शहरी इंद्रजीत सिंह ने सभी नेताओं, केंद्रीय आलाकमान व प्रदेश के मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष विनय कुमार का उन्हें इस महत्वपूर्ण जिम्मेदारी देने के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने उपस्थित सभी नेताओं व पार्टी कार्यकर्ताओं को भरोसा दिलाया कि वह उनकी आकांक्षाओं पर खरा उतरने का पूरा प्रयास करेंगे व जो भरोसा पार्टी हाईकमान ने उन पर जताया है, उस पर खरा उतरने का पूरा प्रयास करेंगे। उन्होंने कहा कि जल्दी जिला कार्यकारिणी का गठन कर दिया जाएगा। बाइट -- इंद्रजीत सिंह, जिला अध्यक्ष शिमला शहर3