शिमला शहरी अध्यक्ष इंदरजीत सिंह ने संभाला कार्यभार, कांग्रेस कार्यालय में भव्य कार्यक्रम, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष विनय कुमार, मंत्री विक्रमादित्य भी रहे मौजूद।... इंदरजीत सिंह ने कांग्रेस के संगठनात्मक जिले शिमला शहरी के अध्यक्ष का पदभार सम्भाल लिया है।शनिवार को कांग्रेस कार्यालय में पदभार ग्रहण का कार्यकाल का आयोजन किया गया, जहाँ कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष विनय कुमार, लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह, शहरी विधायक हरीश जनारथा, महापौर सुरेंद्र चौहान की मौजूदगी में पदभार संभाला। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष विनय कुमार ने जिला इंदरजीत को बधाई दी और पार्टी कार्यकर्ताओं का आह्वान किया है कि उन्हें संगठन की मजबूती के लिए एकजुटता के साथ आगे आना है। लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने इस अवसर पर इंद्रजीत सिंह को शुभकामनाएं देते हुए उम्मीद जताई कि उनके नेतृत्व में शिमला शहर में संगठन मजबूती के साथ आगे बढ़ेगा। उन्होंने उन्हें सलाह दी कि पार्टी हित व जनहित में उन्हें कार्य करना होगा। शिमला शहर के नागरिक होने के नाते संगठन या लोगों के हित में जब भी उन्हें उनके किसी भी सहयोग की कोई जरूरत होगी, वह उनके साथ खड़े होंगे। बाइट -- विक्रमादित्य सिंह, लोक निर्माण मंत्री हिमाचल सरकार VO -- शिमला शहर के विधायक हरीश जनारथा ने इंद्रजीत सिंह को इस पदभार ग्रहण करने पर बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि जिलाध्यक्ष होने के नाते शिमला शहर में कांग्रेस संगठन की मजबूती की बहुत बड़ी जिम्मेदारी अब उनके कंधों पर है। उन्होंने कहा कि राह कठिन है, संघर्ष करना है, आगे बढ़ना है। बाइट -- हरीश जनारथा, विधायक शिमला शहरी इंद्रजीत सिंह ने सभी नेताओं, केंद्रीय आलाकमान व प्रदेश के मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष विनय कुमार का उन्हें इस महत्वपूर्ण जिम्मेदारी देने के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने उपस्थित सभी नेताओं व पार्टी कार्यकर्ताओं को भरोसा दिलाया कि वह उनकी आकांक्षाओं पर खरा उतरने का पूरा प्रयास करेंगे व जो भरोसा पार्टी हाईकमान ने उन पर जताया है, उस पर खरा उतरने का पूरा प्रयास करेंगे। उन्होंने कहा कि जल्दी जिला कार्यकारिणी का गठन कर दिया जाएगा। बाइट -- इंद्रजीत सिंह, जिला अध्यक्ष शिमला शहर
शिमला शहरी अध्यक्ष इंदरजीत सिंह ने संभाला कार्यभार, कांग्रेस कार्यालय में भव्य कार्यक्रम, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष विनय कुमार, मंत्री विक्रमादित्य भी रहे मौजूद।... इंदरजीत सिंह ने कांग्रेस के संगठनात्मक जिले शिमला शहरी के अध्यक्ष का पदभार सम्भाल लिया है।शनिवार को कांग्रेस कार्यालय में पदभार ग्रहण का कार्यकाल का आयोजन किया गया, जहाँ कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष विनय कुमार, लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह, शहरी विधायक हरीश जनारथा, महापौर सुरेंद्र चौहान की मौजूदगी में पदभार संभाला। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष विनय कुमार ने जिला इंदरजीत को बधाई दी और पार्टी कार्यकर्ताओं का आह्वान किया है कि उन्हें संगठन की मजबूती के लिए एकजुटता के साथ आगे आना है। लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने इस अवसर पर
इंद्रजीत सिंह को शुभकामनाएं देते हुए उम्मीद जताई कि उनके नेतृत्व में शिमला शहर में संगठन मजबूती के साथ आगे बढ़ेगा। उन्होंने उन्हें सलाह दी कि पार्टी हित व जनहित में उन्हें कार्य करना होगा। शिमला शहर के नागरिक होने के नाते संगठन या लोगों के हित में जब भी उन्हें उनके किसी भी सहयोग की कोई जरूरत होगी, वह उनके साथ खड़े होंगे। बाइट -- विक्रमादित्य सिंह, लोक निर्माण मंत्री हिमाचल सरकार VO -- शिमला शहर के विधायक हरीश जनारथा ने इंद्रजीत सिंह को इस पदभार ग्रहण करने पर बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि जिलाध्यक्ष होने के नाते शिमला शहर में कांग्रेस संगठन की मजबूती की बहुत बड़ी जिम्मेदारी अब
उनके कंधों पर है। उन्होंने कहा कि राह कठिन है, संघर्ष करना है, आगे बढ़ना है। बाइट -- हरीश जनारथा, विधायक शिमला शहरी इंद्रजीत सिंह ने सभी नेताओं, केंद्रीय आलाकमान व प्रदेश के मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष विनय कुमार का उन्हें इस महत्वपूर्ण जिम्मेदारी देने के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने उपस्थित सभी नेताओं व पार्टी कार्यकर्ताओं को भरोसा दिलाया कि वह उनकी आकांक्षाओं पर खरा उतरने का पूरा प्रयास करेंगे व जो भरोसा पार्टी हाईकमान ने उन पर जताया है, उस पर खरा उतरने का पूरा प्रयास करेंगे। उन्होंने कहा कि जल्दी जिला कार्यकारिणी का गठन कर दिया जाएगा। बाइट -- इंद्रजीत सिंह, जिला अध्यक्ष शिमला शहर
- जिला बिलासपुर में वरिष्ठ नागरिकों के लिए संचालित प्रोटेक्टिव एजिंग कार्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर जिला स्तरीय समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। यह बैठक जिला मुख्यालय स्थित बचत भवन में अतिरिक्त उपायुक्त बिलासपुर ओम कांत ठाकुर की अध्यक्षता में नेशनल/स्टेट एक्शन प्लान फॉर सीनियर सिटिज़न्स एवं प्रोटेक्टिव एजिंग प्रोग्राम के अंतर्गत आयोजित की गई। बैठक में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग सहित सभी संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे, जबकि वरिष्ठ नागरिक संघ एवं पेंशनर्स एसोसिएशन के सदस्यों ने भी बैठक में सहभागिता की। बैठक में प्रोटेक्टिव एजिंग कार्यक्रम के अंतर्गत अब तक आयोजित गतिविधियों की प्रगति की समीक्षा की गई तथा यह आकलन किया गया कि कार्यक्रम निर्धारित योजना के अनुरूप संचालित हो रहा है या नहीं। साथ ही आगामी वर्कशॉप्स को और अधिक प्रभावी एवं परिणामोन्मुखी बनाने को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए गए। अतिरिक्त उपायुक्त ने कहा कि वरिष्ठ नागरिक समाज का एक महत्वपूर्ण स्तंभ हैं और उनके सम्मानजनक, सुरक्षित एवं सक्रिय जीवन को सुनिश्चित करना जिला प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि इस कार्यक्रम के माध्यम से वरिष्ठ नागरिकों के लिए आजीविका संवर्धन, स्वास्थ्य सेवाएं, सामाजिक सहभागिता तथा भावनात्मक सशक्तीकरण से जुड़ी गतिविधियों को सुदृढ़ किया जा रहा है। बैठक में बताया गया कि 4 फरवरी को सदर उपमंडल के ओल्ड एज होम दियोली में आयोजित वर्कशॉप अत्यंत सफल रही। इसके उपरांत 7 फरवरी को घुमारवीं डिग्री कॉलेज परिसर में तथा 10 फरवरी को श्री नैना देवी जी उपमंडल के झंडूता ब्लॉक कार्यालय में वर्कशॉप्स का आयोजन किया जाएगा। इन ब्लॉक स्तरीय वर्कशॉप्स के पश्चात जिला स्तर पर तीन दिवसीय वर्कशॉप का आयोजन किया जाएगा, जिसमें वरिष्ठ नागरिकों के लिए लाइवलीहुड सिक्योरिटी, हेल्थ सपोर्ट, सामाजिक, भावनात्मक एवं डिजिटल सशक्तीकरण से संबंधित विषयों पर विस्तृत विमर्श किया जाएगा। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि सरकारी एवं गैर-सरकारी क्षेत्रों में उच्च पदों से सेवानिवृत्त वरिष्ठ नागरिक अपने अनुभव स्कूलों एवं कॉलेजों में विद्यार्थियों के साथ साझा करेंगे। इस पहल को टॉक एक्सचेंज नाम दिया गया है, जिसका उद्देश्य पीढ़ियों के बीच संवाद को मजबूत करना और बच्चों में जीवन मूल्यों, अनुभवों एवं सामाजिक जिम्मेदारियों के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। प्रोटेक्टिव एजिंग कार्यक्रम के अंतर्गत जिले में विभिन्न कम्युनिटी-बेस्ड गतिविधियों का आयोजन भी किया जाएगा। नर्सरी से पांचवीं कक्षा तक के बच्चों के लिए सेल्फी विद ग्रैंडपेरेंट थीम पर गतिविधियां आयोजित की जाएंगी, जिनमें उत्कृष्ट प्रविष्टियों को पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे। छठी से आठवीं कक्षा तक एजिंग विद डिग्निटी विषय पर ड्राइंग प्रतियोगिता तथा नौवीं से बारहवीं कक्षा तक सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी एंड एजिंग विषय पर प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी। इसके अतिरिक्त बैग फ्री डे के अवसर पर बच्चों को नैतिक शिक्षा, सड़क सुरक्षा एवं एंटी चिट्टा जैसे सामाजिक सरोकारों से जुड़े विषयों पर भी जागरूक किया जाएगा। अतिरिक्त उपायुक्त ने सभी विभागों से आह्वान किया कि वे आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए इस कार्यक्रम को सफल बनाएं और वरिष्ठ नागरिकों को अधिक से अधिक सुविधाएं उपलब्ध करवाने की दिशा में अपना सक्रिय योगदान सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि वरिष्ठ नागरिकों का अनुभव समाज की अमूल्य धरोहर है और उनके सम्मान, सुरक्षा एवं सशक्तीकरण के लिए सामूहिक प्रयास आवश्यक हैं।1
- राज्यसभा में सांसद कार्तिकेय शर्मा ने महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण और कार्यस्थलों पर वेतन असमानता को समाप्त करने के उद्देश्य से “शक्ति सम्मान” विधेयक प्रस्तुत किया। इस विधेयक को लिंग आधारित वेतन भेदभाव के खिलाफ एक निर्णायक और दूरदर्शी कदम माना जा रहा है। विधेयक में समान मूल्य के कार्य पर समान वेतन सुनिश्चित करने का स्पष्ट प्रावधान किया गया है। इसके तहत वेतन असमानता की पहचान और रोकथाम के लिए AI-आधारित डिजिटल पोर्टल विकसित करने का प्रस्ताव रखा गया है, जिससे पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित हो सके। विधेयक के अनुसार 50 से अधिक कर्मचारियों वाले सभी संस्थानों के लिए वार्षिक वेतन ऑडिट अनिवार्य होगा। साथ ही, संस्थानों को अपने यहाँ मौजूद लिंग आधारित वेतन अंतर का सार्वजनिक रूप से खुलासा करना होगा, ताकि भेदभाव पर प्रभावी निगरानी रखी जा सके। नियुक्ति प्रक्रिया में महिलाओं के साथ होने वाले वेतन भेदभाव को रोकने के लिए पिछले वेतन इतिहास को आधार बनाने पर रोक लगाने का भी प्रावधान किया गया है। गैर-अनुपालन करने वाले संस्थानों के खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई का प्रस्ताव विधेयक में शामिल है। महिलाओं को न्यायिक सहायता और अधिकारों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से “जेंडर जस्टिस फंड” के गठन का प्रावधान किया गया है, जिससे कानूनी सहायता और जन-जागरूकता अभियानों को समर्थन मिलेगा। विधेयक में वेतन समानता राष्ट्रीय प्राधिकरण के गठन का भी प्रस्ताव है, जिसे शिकायतों की सुनवाई और जांच के लिए सिविल कोर्ट जैसी शक्तियाँ प्रदान की जाएँगी। यह पहल अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन (ILO) के मानकों के अनुरूप तकनीक-आधारित श्रम सुधारों की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। विधेयक प्रस्तुत करते हुए सांसद कार्तिकेय शर्मा ने कहा, “सशक्तिकरण का वास्तविक अर्थ केवल अवसर देना नहीं, बल्कि आर्थिक सम्मान सुनिश्चित करना है। जब तक महिलाओं को समान वेतन नहीं मिलेगा, तब तक समानता अधूरी रहेगी।”1
- रिपोर्ट –7 फरवरी, बुद्धि सिंह ठाकुर सैंज। तहसीलदार पद पर पदोन्नत हुए हीरा लाल नलवा का शनिवार को सैंज बाजार पहुंचने पर स्थानीय दुकानदारों ने स्वागत किया। नलवा सैंज तहसील से नायब तहसीलदार पद से पदोन्नत होकर तहसीलदार बन गए हैं। इस खुशी में दुकानदारों ने उनके सम्मान में जलपान समारोह आयोजित किया। दुकानदारों सहित अन्य लोगों और बच्चों ने उन्हें पदोन्नति की बधाई दी। तहसीलदार ने बच्चों को स्नेहपूर्वक धन्यवाद करते सभी दुकानदारों का आभार जताते हुए कहा कि उनके प्यार को वे ताउम्र नहीं भूल पाएंगे ।1
- Post by Manish Rajput1
- UGC का यह गैर-जिम्मेदाराना बिल सिर्फ सामान्य वर्ग पर हमला नहीं है, यह पूरे सनातन समाज और भारत की सामाजिक एकता पर सीधा प्रहार है। मोदी जी—आज आप अविश्वास के प्रतीक बन चुके हैं। अटल बिहारी वाजपेयी, आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी से लेकर आज के सामान्य वर्ग तक— सबको एक-एक कर धोखा दिया गया। बीजेपी का यह घातक और विनाशकारी फैसला UGC के नाम पर थोपा गया, जिसने न केवल सामान्य वर्ग को गहरी चोट पहुंचाई, बल्कि देशभर में वैमनस्य, सामाजिक असंतुलन और जातीय ज़हर घोल दिया। जाति के नाम पर समाज को तोड़ना किसी भी राष्ट्र के हित में नहीं हो सकता। जब समाज ही बिखरा होगा, तो विकास और सुरक्षा सिर्फ नारे बनकर रह जाएंगे। अगर आज भी जनता नहीं जागी, तो यह विभाजनकारी सोच भारत को पतन की ओर धकेल देगी। अब चुप्पी नहीं—जवाब चाहिए। जय हिंद 🇮🇳 जय भारत जय भवानी 🚩 जय श्री कृष्ण जय श्री राम — ब्यास ठाकुर देवभूमि क्षत्रिय संगठन एवं सवर्ण मोर्चा हिमाचल प्रदेश तीसरा विकल्प: राष्ट्रीय देवभूमि पार्टी1
- माननीय मंत्री अनिल विज के निर्देशानुसार वार्ड नंबर चार में बाल भारती पब्लिक स्कूल के सामने वाली गली के अंदर पानी की पाइपलाइन टूट गई थी उस गली की पूरी पाइप लाइन को दुबारा पार्षद शिल्पा पासी के द्वारा मंत्री जी के आदेश पर डलवाने का काम जोरो पर ।1
- RDG यानी रेवेन्यू डेफिसिट ग्रांट को बंद किए जाने के फैसले के बाद हिमाचल प्रदेश की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने साफ कहा है कि यह मुद्दा किसी बीजेपी या कांग्रेस की राजनीति का नहीं है, बल्कि हिमाचल के 75 लाख लोगों के हक की बात है। उन्होंने कहा कि पहाड़ी राज्य होने के नाते हिमाचल को इस तरह की मदद पहले भी मिलती रही है और आगे भी मिलनी जरूरी है। वहीं हमीरपुर से सांसद ने भी इस मुद्दे पर पहल की है। कहा कि केंद्र के साथ इस लड़ाई को सभी को मिलकर लड़ना चाहिए और विपक्ष को भी इसे राजनीतिक चश्मे से नहीं देखना चाहिए। इसी को लेकर कल सर्वदलीय बैठक भी बुलाई गई है। लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि हिमाचल प्रदेश के गठन से लेकर अब तक केंद्र सरकार की ओर से इस तरह की मदद मिलती रही है और पहाड़ी राज्य होने के कारण यह सहायता बेहद जरूरी भी है। उन्होंने कहा कि RDG का मुद्दा किसी एक पार्टी का नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश के लोगों से जुड़ा हुआ सवाल है। विक्रमादित्य सिंह ने केंद्र से मिलने वाले फंड का जिक्र करते हुए बताया कि हाल ही में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत हिमाचल को करीब 2300 करोड़ रुपये मिले हैं और इसी के तहत बीते दिन 46 करोड़ रुपये इंसेंटिव के तौर पर भी प्राप्त हुए हैं। उनका कहना है कि ये इंसेंटिव तभी मिलते हैं जब तय मापदंडों के अनुसार काम होता है, जो यह दर्शाता है कि केंद्र से आने वाले पैसे का सही तरीके से धरातल पर उपयोग हो रहा है। वहीं RDG को लेकर बुलाए गए विशेष सत्र को राज्यपाल की मंजूरी न मिलने पर विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि संभव है यह एक तकनीकी कारण हो, क्योंकि सत्र की शुरुआत राज्यपाल के अभिभाषण से होनी थी, जो इस विशेष सत्र के संदर्भ में उपयुक्त नहीं लग रही थी। बाइट,,,विक्रमादित्य सिंहलोकनिर्माण मंत्री हिमाचल प्रदेश1
- आयुक्त एवं सचिव, आबकारी एवं कराधान ने प्रदेश के सभी उपायुक्तों को समाधान शिविर में आई समस्याओं का प्राथमिकता व तय समय सीमा में समाधान करने के दिए निर्देश1
- रिपोर्ट –7 फ़रवरी, बुद्धि सिंह ठाकुर सैंज। तहसील सैंज के अंतर्गत आने वाली सैंज-दुशाहड़ सड़क पिछले 8 महीनों से भूस्खलन के कारण बंद पड़ी है। बर्ष 1995 में बनी यह सड़क दंधिगाड़ से खोडुनाल तक बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी है। मुख्य बातें: प्रभावित गांव: खोडुनाल, नराडा़, पटियारा, दुशाहड़, भुशल, कौशा और देवगढ़ के लोग सड़क कटने से परेशान हैं। परेशानी: स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और खासकर दूध बेचने वाले किसानों को भारी नुकसान हो रहा है। वाहन आधे रास्ते में ही खड़े करने पड़ रहे हैं। ग्रामीणों की कोशिश: लोगों ने खुद सड़क बहाल करने की कोशिश की, लेकिन भारी मलबे के कारण असफल रहे। चेतावनी: ग्रामीण रेशव ठाकुर, ओम प्रकाश, बबलू और अन्य ने प्रशासन पर अनदेखी का आरोप लगाया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि मार्ग जल्द बहाल नहीं हुआ, तो ग्रामीण कड़ा रुख अपनाएंगे।1