बिलासपुर में प्रोटेक्टिव एजिंग कार्यक्रम के तहत समीक्षा बैठक आयोजित जिला बिलासपुर में वरिष्ठ नागरिकों के लिए संचालित प्रोटेक्टिव एजिंग कार्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर जिला स्तरीय समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। यह बैठक जिला मुख्यालय स्थित बचत भवन में अतिरिक्त उपायुक्त बिलासपुर ओम कांत ठाकुर की अध्यक्षता में नेशनल/स्टेट एक्शन प्लान फॉर सीनियर सिटिज़न्स एवं प्रोटेक्टिव एजिंग प्रोग्राम के अंतर्गत आयोजित की गई। बैठक में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग सहित सभी संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे, जबकि वरिष्ठ नागरिक संघ एवं पेंशनर्स एसोसिएशन के सदस्यों ने भी बैठक में सहभागिता की। बैठक में प्रोटेक्टिव एजिंग कार्यक्रम के अंतर्गत अब तक आयोजित गतिविधियों की प्रगति की समीक्षा की गई तथा यह आकलन किया गया कि कार्यक्रम निर्धारित योजना के अनुरूप संचालित हो रहा है या नहीं। साथ ही आगामी वर्कशॉप्स को और अधिक प्रभावी एवं परिणामोन्मुखी बनाने को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए गए। अतिरिक्त उपायुक्त ने कहा कि वरिष्ठ नागरिक समाज का एक महत्वपूर्ण स्तंभ हैं और उनके सम्मानजनक, सुरक्षित एवं सक्रिय जीवन को सुनिश्चित करना जिला प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि इस कार्यक्रम के माध्यम से वरिष्ठ नागरिकों के लिए आजीविका संवर्धन, स्वास्थ्य सेवाएं, सामाजिक सहभागिता तथा भावनात्मक सशक्तीकरण से जुड़ी गतिविधियों को सुदृढ़ किया जा रहा है। बैठक में बताया गया कि 4 फरवरी को सदर उपमंडल के ओल्ड एज होम दियोली में आयोजित वर्कशॉप अत्यंत सफल रही। इसके उपरांत 7 फरवरी को घुमारवीं डिग्री कॉलेज परिसर में तथा 10 फरवरी को श्री नैना देवी जी उपमंडल के झंडूता ब्लॉक कार्यालय में वर्कशॉप्स का आयोजन किया जाएगा। इन ब्लॉक स्तरीय वर्कशॉप्स के पश्चात जिला स्तर पर तीन दिवसीय वर्कशॉप का आयोजन किया जाएगा, जिसमें वरिष्ठ नागरिकों के लिए लाइवलीहुड सिक्योरिटी, हेल्थ सपोर्ट, सामाजिक, भावनात्मक एवं डिजिटल सशक्तीकरण से संबंधित विषयों पर विस्तृत विमर्श किया जाएगा। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि सरकारी एवं गैर-सरकारी क्षेत्रों में उच्च पदों से सेवानिवृत्त वरिष्ठ नागरिक अपने अनुभव स्कूलों एवं कॉलेजों में विद्यार्थियों के साथ साझा करेंगे। इस पहल को टॉक एक्सचेंज नाम दिया गया है, जिसका उद्देश्य पीढ़ियों के बीच संवाद को मजबूत करना और बच्चों में जीवन मूल्यों, अनुभवों एवं सामाजिक जिम्मेदारियों के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। प्रोटेक्टिव एजिंग कार्यक्रम के अंतर्गत जिले में विभिन्न कम्युनिटी-बेस्ड गतिविधियों का आयोजन भी किया जाएगा। नर्सरी से पांचवीं कक्षा तक के बच्चों के लिए सेल्फी विद ग्रैंडपेरेंट थीम पर गतिविधियां आयोजित की जाएंगी, जिनमें उत्कृष्ट प्रविष्टियों को पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे। छठी से आठवीं कक्षा तक एजिंग विद डिग्निटी विषय पर ड्राइंग प्रतियोगिता तथा नौवीं से बारहवीं कक्षा तक सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी एंड एजिंग विषय पर प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी। इसके अतिरिक्त बैग फ्री डे के अवसर पर बच्चों को नैतिक शिक्षा, सड़क सुरक्षा एवं एंटी चिट्टा जैसे सामाजिक सरोकारों से जुड़े विषयों पर भी जागरूक किया जाएगा। अतिरिक्त उपायुक्त ने सभी विभागों से आह्वान किया कि वे आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए इस कार्यक्रम को सफल बनाएं और वरिष्ठ नागरिकों को अधिक से अधिक सुविधाएं उपलब्ध करवाने की दिशा में अपना सक्रिय योगदान सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि वरिष्ठ नागरिकों का अनुभव समाज की अमूल्य धरोहर है और उनके सम्मान, सुरक्षा एवं सशक्तीकरण के लिए सामूहिक प्रयास आवश्यक हैं।
बिलासपुर में प्रोटेक्टिव एजिंग कार्यक्रम के तहत समीक्षा बैठक आयोजित जिला बिलासपुर में वरिष्ठ नागरिकों के लिए संचालित प्रोटेक्टिव एजिंग कार्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर जिला स्तरीय समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। यह बैठक जिला मुख्यालय स्थित बचत भवन में अतिरिक्त उपायुक्त बिलासपुर ओम कांत ठाकुर की अध्यक्षता में नेशनल/स्टेट एक्शन प्लान फॉर सीनियर सिटिज़न्स एवं प्रोटेक्टिव एजिंग प्रोग्राम के अंतर्गत आयोजित की गई। बैठक में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग सहित सभी संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे, जबकि वरिष्ठ नागरिक संघ एवं पेंशनर्स एसोसिएशन के सदस्यों ने भी बैठक में सहभागिता की। बैठक में प्रोटेक्टिव एजिंग कार्यक्रम के अंतर्गत अब तक आयोजित गतिविधियों की प्रगति की समीक्षा की गई तथा यह आकलन किया गया कि कार्यक्रम निर्धारित योजना के अनुरूप संचालित हो रहा है या नहीं। साथ ही आगामी वर्कशॉप्स को और अधिक प्रभावी एवं परिणामोन्मुखी बनाने को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए गए। अतिरिक्त उपायुक्त ने कहा कि वरिष्ठ नागरिक समाज का एक महत्वपूर्ण स्तंभ हैं और उनके सम्मानजनक, सुरक्षित एवं सक्रिय जीवन को सुनिश्चित करना जिला प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि इस कार्यक्रम के माध्यम से वरिष्ठ नागरिकों के लिए आजीविका संवर्धन, स्वास्थ्य सेवाएं, सामाजिक सहभागिता तथा भावनात्मक सशक्तीकरण से जुड़ी गतिविधियों को सुदृढ़ किया जा रहा है। बैठक में बताया गया कि 4 फरवरी को सदर उपमंडल के ओल्ड एज होम दियोली में आयोजित वर्कशॉप अत्यंत सफल रही। इसके उपरांत 7 फरवरी को घुमारवीं डिग्री कॉलेज परिसर में तथा 10 फरवरी को श्री नैना देवी जी उपमंडल के झंडूता ब्लॉक कार्यालय में वर्कशॉप्स का आयोजन किया जाएगा। इन ब्लॉक स्तरीय वर्कशॉप्स के पश्चात जिला स्तर पर तीन दिवसीय वर्कशॉप का आयोजन किया जाएगा, जिसमें वरिष्ठ नागरिकों के लिए लाइवलीहुड सिक्योरिटी, हेल्थ सपोर्ट, सामाजिक, भावनात्मक एवं डिजिटल सशक्तीकरण से संबंधित विषयों पर विस्तृत विमर्श किया जाएगा। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि सरकारी एवं गैर-सरकारी क्षेत्रों में उच्च पदों से सेवानिवृत्त वरिष्ठ नागरिक अपने अनुभव स्कूलों एवं कॉलेजों में विद्यार्थियों के साथ साझा करेंगे। इस पहल को टॉक एक्सचेंज नाम दिया गया है, जिसका उद्देश्य पीढ़ियों के बीच संवाद को मजबूत करना और बच्चों में जीवन मूल्यों, अनुभवों एवं सामाजिक जिम्मेदारियों के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। प्रोटेक्टिव एजिंग कार्यक्रम के अंतर्गत जिले में विभिन्न कम्युनिटी-बेस्ड गतिविधियों का आयोजन भी किया जाएगा। नर्सरी से पांचवीं कक्षा तक के बच्चों के लिए सेल्फी विद ग्रैंडपेरेंट थीम पर गतिविधियां आयोजित की जाएंगी, जिनमें उत्कृष्ट प्रविष्टियों को पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे। छठी से आठवीं कक्षा तक एजिंग विद डिग्निटी विषय पर ड्राइंग प्रतियोगिता तथा नौवीं से बारहवीं कक्षा तक सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी एंड एजिंग विषय पर प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी। इसके अतिरिक्त बैग फ्री डे के अवसर पर बच्चों को नैतिक शिक्षा, सड़क सुरक्षा एवं एंटी चिट्टा जैसे सामाजिक सरोकारों से जुड़े विषयों पर भी जागरूक किया जाएगा। अतिरिक्त उपायुक्त ने सभी विभागों से आह्वान किया कि वे आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए इस कार्यक्रम को सफल बनाएं और वरिष्ठ नागरिकों को अधिक से अधिक सुविधाएं उपलब्ध करवाने की दिशा में अपना सक्रिय योगदान सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि वरिष्ठ नागरिकों का अनुभव समाज की अमूल्य धरोहर है और उनके सम्मान, सुरक्षा एवं सशक्तीकरण के लिए सामूहिक प्रयास आवश्यक हैं।
- जनता सरकार की विफलताओं की सज़ा क्यों भुगते, वित्त आयोग के समक्ष प्रदेश का पक्ष रखने में पूरी नाकामी शिमला, धर्मशाला के विधायक एवं पूर्व मंत्री सुधीर शर्मा ने प्रदेश की वर्तमान सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि आज हिमाचल प्रदेश जिन आर्थिक और प्रशासनिक संकटों से गुजर रहा है, उसके लिए सीधे तौर पर सरकार के गलत फैसले और लापरवाह कार्यप्रणाली जिम्मेदार है। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर प्रदेश की जनता सरकार की गलतियों की सज़ा क्यों भुगते। सुधीर शर्मा ने कहा कि यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है कि वित्त आयोग जैसे संवैधानिक मंच के सामने प्रदेश का पक्ष मजबूती से रखने में सरकार पूरी तरह विफल रही। उन्होंने पूछा कि हिमाचल के हितों की पैरवी करने की जिम्मेदारी किसकी थी और वह जिम्मेदारी निभाने में कौन असफल रहा। उन्होंने आरोप लगाया कि गलत और भ्रामक आंकड़े भेजकर प्रदेश की वास्तविक स्थिति को कमजोर रूप में प्रस्तुत किया गया, जिसका खामियाजा आज आम जनता को भुगतना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि राजस्व घाटा अनुदान (आरडीजी) से जुड़ा निर्णय केवल हिमाचल तक सीमित नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए नीतिगत फैसला है। उन्होंने कहा कि कर्नाटक की कांग्रेस सरकार ने भी इस निर्णय का स्वागत किया, लेकिन हिमाचल सरकार अपनी विफलताओं को छिपाने के लिए इसे राजनीतिक मुद्दा बना रही है और जनता को गुमराह कर रही है। पूर्व मंत्री ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार ने अपनी रिपोर्ट में प्रदेश की प्रति व्यक्ति आय वास्तविकता से अधिक दिखाई, जिससे कागजों में आर्थिक स्थिति बेहतर दर्शाई गई। साथ ही बीपीएल सूची से लाखों पात्र लोगों के नाम काटे गए, जिसका सीधा असर केंद्रीय सहायता और कल्याणकारी योजनाओं पर पड़ा। उन्होंने कहा कि यही कारण है कि प्रदेश को अपेक्षित सहायता नहीं मिल पाई और गरीब व मध्यम वर्ग प्रभावित हुआ। सुधीर शर्मा ने कहा कि मौजूदा प्रशासनिक ढांचे पर भरोसा करने के बजाय सरकार ने सेवानिवृत्त अधिकारियों को आगे कर गलत परंपरा शुरू की है। इससे कार्यरत अधिकारियों का मनोबल गिरा है और निर्णय प्रक्रिया भी कमजोर हुई है। उन्होंने प्रश्न उठाया कि जब सक्षम अधिकारी मौजूद हैं तो रिटायर्ड अधिकारियों पर निर्भरता क्यों दिखाई जा रही है। उन्होंने कहा कि जो लोग आज “2027 तक आत्मनिर्भर हिमाचल” के दावे कर रहे हैं, वही प्रदेश को इस स्थिति तक लाने के जिम्मेदार हैं। आत्मनिर्भरता नारों और पोस्टरों से नहीं, बल्कि स्पष्ट नीति, सही आंकड़ों और मजबूत इच्छाशक्ति से आती है। अंत में सुधीर शर्मा ने सरकार से मांग की कि वह अपने फैसलों की जिम्मेदारी स्वीकार करे और प्रदेश की जनता के सामने एक स्पष्ट, विश्वसनीय और ईमानदार आर्थिक रोडमैप प्रस्तुत करे। उन्होंने कहा कि हिमाचल को आज आरोप नहीं, जवाब चाहिए — क्योंकि सत्ता विशेषाधिकार नहीं, जवाबदेही है।1
- हमीरपुर- हिमाचल प्रदेश स्टेट इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड ज्वांइट एक्शन कमेटी जिला हमीरपुर की मीटिंग संयोजक, कामेश्वर दत्त शर्मा की अध्यक्षता में हमीरपुर में सम्पन हुई। इस मीटिंग में केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तावित बिजली संषोधन विधेयक, 2025 व उसके प्रावधानों को लागू करने के लिए की जा रही स्मार्ट मीटरिंग के संदर्भ में चर्चा की गई, क्योंकि बिजली क्षेत्र देश की बुनियादी सार्वजनिक सेवा है जिसका सीधा संबंध हर घर, किसान, छोटे व्यापारी, उद्योग कर्मचारी और आम नागरिक के जीवन से है। प्रस्तावित बिजली संशोधन विधेयक में ऐसे कई प्रावधान शामिल है, जिनसे बिजली कंपनियों का निजीकरण कर उपभोक्ताओं पर आर्थिक बोझ बढने तथा कर्मचारियों, पेंशनर्ज की सेवा व समाजिक सुरक्षा प्रभावित होगी। प्रदेश के बिजली कर्मचारी व अभियंताओं द्वारा इस संशोधन विधेयक व इसमें निहित निजीकरण के प्रावधानो को लागू करने के लिए की जा रही स्मार्ट मीटरिंग के खिलाफ एनसीसीओईईई के राष्ट्रीय अवाहन पर 12 फरवरी, 2026 को समूचे प्रदेश में पेन डाउन, टूल डाउन की हड़ताल व भोजना अवकाश के दौरान बोर्ड कार्यलयों के बाहर पेंशनर्ज व आम जनता का सहयोग लेते हुए विरोध प्रदर्षन करने का फैसला लिया है। बाइट संयोजक ज्वाइंट एक्शन कमेटी इंप्लायज यूनिटयर पेंशनर्ज हमीरपुर जिला कमेश्वर दत्त शर्मा ने कहा कि संसद में बिजली विधेयक 2025 को पेश करने की पूरी संभावना है, उसके खिलाफ पूरे देश में 12 फरवरी को प्रदर्शन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि ऑल इंडिया स्तर से कॉल 12 फरवरी 2026 को हड़ताल की है। हिमाचल में भी हड़ताल का पूरा समर्थन किया जाएगा। बाइट कुलदीप सिंह खरवाड़ा सीनियर वाइस प्रेसिडेंट पेंशनर फोरम ने कहा कि प्रस्तावित बिजली संशोधन विधेयक, 2025 व उसके प्रावधानों को लागू होने से निजी कंपनियों को वितरण क्षेत्र में प्रवेश का रास्ता आसान होगा। लाभ कमाने के उद्देश्य से काम करने वाली कंपनियां सस्ती और लाभ सब्सिडी वाली बिजली देने के बजाए मुनाफे को प्राथमिकता देगी, जिससे घरेलू कृषि और छोटे उपभोक्ताओं की बिजली महंगी होगी। उन्होंने कहा कि स्मार्ट मीटर सिर्फ कारपोरेट घरानों का लाभ देने के लिए लगाए जा रहे हैं। प्रति स्मार्ट मीटर लगाने की लागत हजारों में है। ऐसे में इसका बोझ बिजली बोर्ड, कर्मचारियों व उपभोक्ताओं पर बढ़ेगा।2
- मंडी।पुरातन परंपराओं का निर्वहन करते हुए मंडी जनपद के आराध्य बड़ा देव कमरूनाग जी ने आज शुक्रवार को अंतरराष्ट्रीय महाशिवरात्रि महोत्सव -2026 के लिए प्रस्थान किया। कमरू घाटी के गोत गांव में भंडार से आज प्रातः काल देव वाद्य यंत्रों की मंगल ध्वनि के बीच बड़ा देव कमरुनाग जी का सूरज पख्खा धंग्यारा गलू स्थित परता स्थल (थड़ा) पर पहुंचा। यहां कुछ समय विश्राम के दौरान स्थानीय लोगों ने पूजा-अर्चना कर आशीर्वाद प्राप्त किया। बड़ा देव के पुजारी बोधराज ठाकुर ने बताया कि 9 दिन की पैदल यात्रा के बाद बड़ादेव कमरूनाग का स्वरूप सूरज पख्खा मंडी नगर पहुंचेगा। इस बीच विभिन्न क्षेत्रों में देव कमरूनाग जी अपने भक्तों को दर्शन देंगे। 13 फरवरी को देव कमरूनाग मंडी शहर के करीब गुटकर में अपने भक्त के घर पर रात्रि ठहराव करेंगे। वहीं 14 फरवरी को मंडी शहर के प्रवेश द्वार पुलघराट के समीप जिला प्रशासन और सर्व देवता कमेटी द्वारा बड़ादेव का परंपरागत स्वागत किया जाएगा। बड़ा देव कमरूनाग का मंडी जनपद के अधिष्ठाता राज देवता माधोराय के राजमहल स्थित मंदिर में महामिलन होगा जहां अंतरराष्ट्रीय शिवरात्रि महोत्सव आयोजन समिति के अध्यक्ष एवं उपायुक्त मंडी अपूर्व देवगन कमरुनाग जी का विधिवत स्वागत करेंगे। इसके उपरांत राज परिवार द्वारा स्वागत करने के बाद बड़ा देव कमरूनाग जी टारना स्थित माता श्यामा काली मंदिर के लिए प्रस्थान कर जाएंगे, जहां वे पूरे शिवरात्रि महोत्सव के दौरान विराजमान होकर भक्तों को दर्शन देंगे। अंतरराष्ट्रीय शिवरात्रि महोत्सव के कारज बड़ा देव कमरूनाग के मंडी पहुंचने पर ही आरंभ माने जाते हैं। काहुली और नगाड़ा से निकली मधुर देवधुन परंपरागत वाद्य यंत्रों की देवधुन की मधुर स्वर लहरियों के साथ बड़ादेव पूरे लाव-लश्कर के साथ राज माधोराय की नगरी के लिए रवाना हुए। चार काहुली, रियासतकालीन नगाड़ा, ढोल और धांस बजाते बजंतरी मंगलध्वनी करते आगे बढ़े। बड़ादेव के दल में पुजारी बोधराज ठाकुर, कटवाल चेत राम ठाकुर, पूर्व गूर समेत 28 देवलू साथ रवाना हुए। पुलिस कर्मी और राजस्व विभाग के कर्मचारी भी इस दौरान साथ चल रहे हैं। -०-1
- जिला ऊना के उपमंडल बंगाणा के अंतर्गत गांव कोट में एक परिवार पिछले करीब दो महीनों से अपने घर के रास्ते के लिए दर-दर भटकने को मजबूर है। पीड़ित परिवार का आरोप है कि पहले उनके साथ जिस परिवार ने पहले मारपीट की गई थी उसी ने रंजिश के चलते उसके बाद दबंगों द्वारा उनके आने-जाने का रास्ता पूरी तरह से रोक दिया गया।1
- ऊना। जिला ऊना के राष्ट्रीय मार्ग अंब–ऊना पर मुकाम पक्का परोह के साथ लगते पुल पर शनिवार सुबह एक ट्रक दुर्घटनाग्रस्त हो गया। हादसा इतना भीषण था कि ट्रक पुल से टकराकर क्षतिग्रस्त हो गया, जिससे कुछ समय के लिए यातायात भी प्रभावित रहा। गनीमत यह रही कि इस दुर्घटना में किसी प्रकार का जानी नुकसान नहीं हुआ और चालक बाल-बाल बच गया। हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और पुलिस को सूचित किया गया। पुलिस ने घटनास्थल पर पहुंचकर ट्रैफिक को सुचारू करवाया और क्रेन की मदद से ट्रक को सड़क से हटाया गया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार हादसा तेज रफ्तार या चालक के वाहन से नियंत्रण खो देने के कारण हुआ बताया जा रहा है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है।1
- दाड़लाघाट के नौणी गांव में तेंदुए की दहशत - घर के बाथरूम में घुसा, कुत्ते के साथ रही रातभर आमने-सामने की स्थिति कसौली : ग्राम पंचायत दाड़लाघाट के नौणी गांव में वीरवार रात्रि करीब दो बजे उस समय दहशत का माहौल बन गया, जब एक खतरनाक तेंदुआ छलांग लगाकर कुलदीप नामक व्यक्ति के घर की छत पर पहुंच गया। तेंदुए ने वहां मौजूद कुत्ते पर हमला किया और उसे दौड़ाते हुए घर के बाथरूम में जा घुसा। घटना के समय मकान मालिक कुलदीप ने बाहर से तेज आवाजें सुनीं। जब वह बाहर निकला तो उसने बाथरूम के अंदर तेंदुए और कुत्ते के बीच जबरदस्त भिड़ंत देखी। स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए कुलदीप ने जान जोखिम में डालकर बाथरूम का दरवाजा बाहर से बंद कर दिया और तुरंत पुलिस विभाग को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस ने मामले की जानकारी वन विभाग को दी। इसके बाद पुलिस टीम के साथ वन विभाग के रेंज अधिकारी अपनी टीम सहित मौके पर पहुंचे। किसी भी प्रकार की जान-माल की हानि न हो, इसके लिए वन्यजीव बचाव दल (रेस्क्यू टीम) कुल्लू को भी दूरभाष के माध्यम से सूचित किया गया। प्रातःकाल डॉ. विपिन की अगुवाई में वन्यजीव रेस्क्यू टीम दाड़लाघाट पहुंची और तेंदुए को सुरक्षित काबू में करने का अभियान शुरू किया गया। काफी मशक्कत के बाद बाथरूम के दरवाजे में छेद कर तेंदुए को बेहोश किया गया। इसके बाद तेंदुए और कुत्ते दोनों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। इस पूरे रेस्क्यू ऑपरेशन की सबसे खास बात यह रही कि तेंदुआ और कुत्ता पूरी रात एक ही बाथरूम में आमने-सामने रहे। दोनों एक-दूसरे को देखकर गुर्राते रहे, लेकिन बंद कमरे में किसी ने भी दोबारा हमला नहीं किया। करीब दोपहर 12:30 बजे दोनों को जीवित और सुरक्षित बाहर निकाला गया।1
- शिमला शहर को पानी की किल्लत से राहत दिलाने वाली शकरोड़ी पेयजल योजना अब अपने निर्णायक चरण में पहुंच गई है। शुक्रवार को मेयर ने शकरोड़ी योजना का निरीक्षण करने के बाद शनिवार को ढवाड़ा पहुंचकर कार्यों का जायजा लिया। इस दौरान शकरोड़ी से ढवाड़ा तक पानी सफलतापूर्वक लिफ्ट कर पहुंचाया गया। अधिकारियों ने बताया कि अगले सप्ताह तक यह पानी डूम्मी तक पहुंचा दिया जाएगा, जबकि इसी महीने के भीतर संजौली तक सतलुज का पानी पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके पूरा होते ही शिमला के लोगों को पानी की पुरानी समस्या से बड़ी राहत मिलेगी। फिलहाल योजना के तहत एक पंप चलाया जा रहा है, जिससे करीब 10 एमएलडी पानी लिफ्ट हो रहा है। जल्द ही दूसरा पंप भी चालू किया जाएगा, जिसके बाद 15 से 20 एमएलडी पानी शिमला पहुंच सकेगा। इससे गर्मियों में होने वाली पानी की किल्लत लगभग खत्म हो जाएगी। मेयर ने कहा कि यह योजना अपने अंतिम चरण में है और इसके पूरा होते ही शहरवासियों को 24 घंटे पानी की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि काम में किसी भी तरह की ढिलाई न बरती जाए, ताकि तय समय पर लोगों को इसका पूरा लाभ मिल सके। शकरोड़ी पेयजल योजना के सफल क्रियान्वयन से शिमला शहर के हजारों परिवारों को स्थायी समाधान मिलेगा और आने वाले समय में जल संकट से निजात मिलेगी बाइट,,, सुरेंद्र चौहान माहापौर शिमला1
- ऊना। हिमाचल प्रदेश राज्य खाद्य सुरक्षा आयोग के अध्यक्ष डॉ. सत्य प्रकाश कत्याल के नेतृत्व में आयोग की टीम का चार दिवसीय जिला ऊना का प्रवास शुक्रवार को संपन्न हुआ। इस अवसर पर डॉ. कत्याल ने पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए दौरे के दौरान की गई कार्रवाई और निरीक्षण की विस्तृत जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि प्रवास के पहले दिन जिला मुख्यालय में विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक आयोजित की गई, जिसमें खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत संचालित योजनाओं की समीक्षा की गई। इसके बाद विभिन्न स्कूलों में तैयार हो रहे मिड डे मील तथा आंगनबाड़ी केंद्रों को आपूर्ति किए जा रहे राशन की जांच की गई। जांच के दौरान यह पाया गया कि बच्चों के लिए सप्लाई किए जा रहे आटे में मैदा और सूजी का उपयोग किया जा रहा है, जो नियमों के विरुद्ध है। इस पर आयोग ने कड़ा रुख अपनाते हुए संबंधित विभाग को तत्काल जांच और सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। डॉ. कत्याल ने बताया कि बंगाणा, ऊना और हरोली ब्लॉक के स्कूलों में मिड डे मील की स्थिति अधिकांशतः संतोषजनक पाई गई। हालांकि एक स्कूल में पर्याप्त राशन उपलब्ध न होने पर मिड डे मील इंचार्ज को मौके पर ही बदलने के निर्देश दिए गए, ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति उत्पन्न न हो। आंगनबाड़ी केंद्रों में स्वच्छता और खाद्य सामग्री का रखरखाव भी संतोषजनक पाया गया। उचित मूल्य की दुकानों के निरीक्षण के दौरान दुकान संचालन और खाद्यान्न भंडारण व्यवस्था सही पाई गई। आयोग ने निर्देश दिए कि मिड डे मील वर्करों का हर तीन महीने में मेडिकल चेकअप अनिवार्य रूप से करवाया जाए तथा स्कूलों में निरीक्षण की संख्या बढ़ाई जाए। इसके अलावा ऊना अस्पताल में संचालित न्यूट्रिशन रिहैबिलिटेशन सेंटर का भी दौरा किया गया और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। छिन्नमस्तिका कुष्ठ रोग आश्रम में उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं का आकलन किया गया, जहां रह रहे लोगों से फीडबैक लिया गया, जो संतोषजनक रहा।1
- सुजानपुर सुजानपुर नगर परिषद कार्यालय में शुक्रवार को नशा निवारण समिति की द्वितीय बैठक आयोजित की गई, जिसमें शहर को नशामुक्त बनाने के लिए ठोस रणनीति तैयार की गई बैठक की अध्यक्षता नशा निवारण समिति के अध्यक्ष प्रोफेसर राजीव ठाकुर द्वारा की गई उन्होंने कहा कि जागरूकता अभियान भाषण प्रतियोगिता वह काउंसलिंग के माध्यम से नशे को हराया जाएगा। बैठक में पिछले कार्यक्रमों की समीक्षा की गई, खासकर बच्चों द्वारा निकाली गई जागरूकता रैली को लेकर विस्तार से चर्चा हुई। आने वाले दिनों की कार्ययोजना तय करते हुए निर्णय लिया गया कि बुधवार को सुजानपुर कन्या विद्यालय में भाषण प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी, जिसमें उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया जाएगा। इसके साथ ही इस माह प्रस्तावित रैलियों की तारीख और स्थान को लेकर भी अहम चर्चा हुई।समिति ने बच्चों, युवाओं और महिलाओं को नशे के दुष्प्रभावों से अवगत करवाने के लिए विशेष कैंप लगाने पर सहमति बनाई। इसी कड़ी में कल दोपहर 12 बजे वार्ड नंबर-5 सुजानपुर में महिलाओं और युवाओं के लिए जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।बैठक में नगर परिषद ईओ हर्षित शर्मा, सीनत शर्मा, आर्यन ठाकुर, समिति सदस्य प्रकाश सडयाल मोनिका चौधरी व कुमारी बिंदिया उपस्थित रहे। इस अवसर पर प्रोफेसर राजीव ठाकुर ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि युवाओं द्वारा चलाए जा रहे ऐसे अभियान समाज में सकारात्मक बदलाव लाएंगे और नशे पर रोक लगाने में कारगर सिद्ध होंगे। उन्होंने सभी छात्रों से आह्वान किया कि वे इस नशा निवारण अभियान से दिल से जुड़ें और घर-घर तक इसका संदेश पहुंचाएं2