गलत फैसलों और भ्रामक आंकड़ों से हिमाचल को संकट में धकेला — सुधीर शर्मा.... जनता सरकार की विफलताओं की सज़ा क्यों भुगते, वित्त आयोग के समक्ष प्रदेश का पक्ष रखने में पूरी नाकामी शिमला, धर्मशाला के विधायक एवं पूर्व मंत्री सुधीर शर्मा ने प्रदेश की वर्तमान सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि आज हिमाचल प्रदेश जिन आर्थिक और प्रशासनिक संकटों से गुजर रहा है, उसके लिए सीधे तौर पर सरकार के गलत फैसले और लापरवाह कार्यप्रणाली जिम्मेदार है। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर प्रदेश की जनता सरकार की गलतियों की सज़ा क्यों भुगते। सुधीर शर्मा ने कहा कि यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है कि वित्त आयोग जैसे संवैधानिक मंच के सामने प्रदेश का पक्ष मजबूती से रखने में सरकार पूरी तरह विफल रही। उन्होंने पूछा कि हिमाचल के हितों की पैरवी करने की जिम्मेदारी किसकी थी और वह जिम्मेदारी निभाने में कौन असफल रहा। उन्होंने आरोप लगाया कि गलत और भ्रामक आंकड़े भेजकर प्रदेश की वास्तविक स्थिति को कमजोर रूप में प्रस्तुत किया गया, जिसका खामियाजा आज आम जनता को भुगतना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि राजस्व घाटा अनुदान (आरडीजी) से जुड़ा निर्णय केवल हिमाचल तक सीमित नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए नीतिगत फैसला है। उन्होंने कहा कि कर्नाटक की कांग्रेस सरकार ने भी इस निर्णय का स्वागत किया, लेकिन हिमाचल सरकार अपनी विफलताओं को छिपाने के लिए इसे राजनीतिक मुद्दा बना रही है और जनता को गुमराह कर रही है। पूर्व मंत्री ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार ने अपनी रिपोर्ट में प्रदेश की प्रति व्यक्ति आय वास्तविकता से अधिक दिखाई, जिससे कागजों में आर्थिक स्थिति बेहतर दर्शाई गई। साथ ही बीपीएल सूची से लाखों पात्र लोगों के नाम काटे गए, जिसका सीधा असर केंद्रीय सहायता और कल्याणकारी योजनाओं पर पड़ा। उन्होंने कहा कि यही कारण है कि प्रदेश को अपेक्षित सहायता नहीं मिल पाई और गरीब व मध्यम वर्ग प्रभावित हुआ। सुधीर शर्मा ने कहा कि मौजूदा प्रशासनिक ढांचे पर भरोसा करने के बजाय सरकार ने सेवानिवृत्त अधिकारियों को आगे कर गलत परंपरा शुरू की है। इससे कार्यरत अधिकारियों का मनोबल गिरा है और निर्णय प्रक्रिया भी कमजोर हुई है। उन्होंने प्रश्न उठाया कि जब सक्षम अधिकारी मौजूद हैं तो रिटायर्ड अधिकारियों पर निर्भरता क्यों दिखाई जा रही है। उन्होंने कहा कि जो लोग आज “2027 तक आत्मनिर्भर हिमाचल” के दावे कर रहे हैं, वही प्रदेश को इस स्थिति तक लाने के जिम्मेदार हैं। आत्मनिर्भरता नारों और पोस्टरों से नहीं, बल्कि स्पष्ट नीति, सही आंकड़ों और मजबूत इच्छाशक्ति से आती है। अंत में सुधीर शर्मा ने सरकार से मांग की कि वह अपने फैसलों की जिम्मेदारी स्वीकार करे और प्रदेश की जनता के सामने एक स्पष्ट, विश्वसनीय और ईमानदार आर्थिक रोडमैप प्रस्तुत करे। उन्होंने कहा कि हिमाचल को आज आरोप नहीं, जवाब चाहिए — क्योंकि सत्ता विशेषाधिकार नहीं, जवाबदेही है।
गलत फैसलों और भ्रामक आंकड़ों से हिमाचल को संकट में धकेला — सुधीर शर्मा.... जनता सरकार की विफलताओं की सज़ा क्यों भुगते, वित्त आयोग के समक्ष प्रदेश का पक्ष रखने में पूरी नाकामी शिमला, धर्मशाला के विधायक एवं पूर्व मंत्री सुधीर शर्मा ने प्रदेश की वर्तमान सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि आज हिमाचल प्रदेश जिन आर्थिक और प्रशासनिक संकटों से गुजर रहा है, उसके लिए सीधे तौर पर सरकार के गलत फैसले और लापरवाह कार्यप्रणाली जिम्मेदार है। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर प्रदेश की जनता सरकार की गलतियों की सज़ा क्यों भुगते। सुधीर शर्मा ने कहा कि यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है कि वित्त आयोग जैसे संवैधानिक मंच के सामने प्रदेश का पक्ष मजबूती से रखने में सरकार पूरी तरह विफल रही। उन्होंने पूछा कि हिमाचल के हितों की पैरवी करने की जिम्मेदारी किसकी थी और वह जिम्मेदारी निभाने में कौन असफल रहा। उन्होंने आरोप लगाया कि गलत और भ्रामक आंकड़े भेजकर प्रदेश की वास्तविक स्थिति को कमजोर रूप में प्रस्तुत किया गया, जिसका खामियाजा आज आम जनता को भुगतना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि राजस्व घाटा अनुदान (आरडीजी) से जुड़ा निर्णय केवल हिमाचल तक सीमित नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए नीतिगत फैसला है। उन्होंने कहा कि कर्नाटक की कांग्रेस सरकार ने भी इस निर्णय का स्वागत किया, लेकिन हिमाचल सरकार अपनी विफलताओं को छिपाने के लिए इसे राजनीतिक मुद्दा बना रही है और जनता को गुमराह कर रही है। पूर्व मंत्री ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार ने अपनी रिपोर्ट में प्रदेश की प्रति व्यक्ति आय वास्तविकता से अधिक दिखाई, जिससे कागजों में आर्थिक स्थिति बेहतर दर्शाई गई। साथ ही बीपीएल सूची से लाखों पात्र लोगों के नाम काटे गए, जिसका सीधा असर केंद्रीय सहायता और कल्याणकारी योजनाओं पर पड़ा। उन्होंने कहा कि यही कारण है कि प्रदेश को अपेक्षित सहायता नहीं मिल पाई और गरीब व मध्यम वर्ग प्रभावित हुआ। सुधीर शर्मा ने कहा कि मौजूदा प्रशासनिक ढांचे पर भरोसा करने के बजाय सरकार ने सेवानिवृत्त अधिकारियों को आगे कर गलत परंपरा शुरू की है। इससे कार्यरत अधिकारियों का मनोबल गिरा है और निर्णय प्रक्रिया भी कमजोर हुई है। उन्होंने प्रश्न उठाया कि जब सक्षम अधिकारी मौजूद हैं तो रिटायर्ड अधिकारियों पर निर्भरता क्यों दिखाई जा रही है। उन्होंने कहा कि जो लोग आज “2027 तक आत्मनिर्भर हिमाचल” के दावे कर रहे हैं, वही प्रदेश को इस स्थिति तक लाने के जिम्मेदार हैं। आत्मनिर्भरता नारों और पोस्टरों से नहीं, बल्कि स्पष्ट नीति, सही आंकड़ों और मजबूत इच्छाशक्ति से आती है। अंत में सुधीर शर्मा ने सरकार से मांग की कि वह अपने फैसलों की जिम्मेदारी स्वीकार करे और प्रदेश की जनता के सामने एक स्पष्ट, विश्वसनीय और ईमानदार आर्थिक रोडमैप प्रस्तुत करे। उन्होंने कहा कि हिमाचल को आज आरोप नहीं, जवाब चाहिए — क्योंकि सत्ता विशेषाधिकार नहीं, जवाबदेही है।
- शिमला, भाजपा महिला मोर्चा द्वारा शिमला स्थित पार्टी कार्यालय दीपकमल, चक्कर में महिला संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता महिला मोर्चा अध्यक्षा डेजी ठाकुर ने की, जबकि मुख्य वक्ता के रूप में पार्टी नेता एवं विधायक रणधीर शर्मा उपस्थित रहे। कार्यक्रम में संसदीय क्षेत्र भर से 30 से अधिक महिला मंडलों की सहभागिता रही और प्रतिभागियों द्वारा बजट से जुड़े अनेक प्रश्न पूछे गए, जिनका उत्तर मुख्य वक्ता के माध्यम से विस्तार से दिया गया। महिला मोर्चा अध्यक्षा डेजी ठाकुर ने बताया कि यह संवाद कार्यक्रम विशेष रूप से केंद्रीय बजट 2026-27 में महिलाओं के लिए किए गए प्रावधानों और योजनाओं को लेकर आयोजित किया गया था। उन्होंने कहा कि महिला मोर्चा की पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने सक्रिय भागीदारी करते हुए बजट के विभिन्न पहलुओं पर जिज्ञासाएं रखीं और पार्टी की ओर से सभी प्रश्नों का तथ्यात्मक उत्तर दिया गया। संवाद को संबोधित करते हुए रणधीर शर्मा ने कहा कि 1 फरवरी 2026 को केंद्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तुत बजट लगातार नौवां बजट है, जो विकसित और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को आगे बढ़ाने वाला है। उन्होंने कहा कि यह सुधारवादी और आत्मनिर्भरता को मजबूत करने वाला बजट है, जिससे देश की आर्थिक प्रगति को नई गति मिलेगी और भारत वैश्विक अर्थव्यवस्था में और मजबूत स्थान हासिल करेगा। उन्होंने कहा कि बजट में रक्षा और मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र को विशेष बढ़ावा दिया गया है, ताकि भारत में ही रक्षा उपकरण, सेमीकंडक्टर और अन्य औद्योगिक उत्पादों का निर्माण हो। रक्षा बजट में उल्लेखनीय वृद्धि और इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए 12.2 लाख करोड़ रुपये का प्रावधान देशभर में सड़क, रेल, जलमार्ग, हवाई अड्डों और आधुनिक रेलवे स्टेशनों के विकास को गति देगा, जिसका सीधा लाभ महिलाओं को भी मिलेगा। रणधीर शर्मा ने बताया कि बजट में महिलाओं के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं, जिनमें प्रत्येक जिला मुख्यालय पर महिला छात्रावास स्थापित करने की योजना शामिल है, जिससे पढ़ाई और रोजगार के लिए बाहर जाने वाली महिलाओं को सुविधा मिलेगी। स्वयं सहायता समूहों को मजबूत करने के लिए लखपति दीदी योजना को आगे बढ़ाते हुए “शी-मार्ट” स्थापित करने का प्रावधान किया गया है, ताकि महिला समूहों द्वारा निर्मित उत्पादों की प्रभावी मार्केटिंग हो सके। उन्होंने कहा कि उज्ज्वला योजना, मातृशक्ति योजना, बेटी बचाओ–बेटी पढ़ाओ सहित महिलाओं से जुड़ी चल रही योजनाओं को भी आगे जारी रखने का प्रावधान बजट में है। कृषि क्षेत्र में कार्यरत महिलाओं को किसान क्रेडिट कार्ड के तहत बढ़ी हुई ऋण सीमा का लाभ मिलेगा। ग्रामीण और मजदूर वर्ग की महिलाओं को ग्रामीण रोजगार और आजीविका से जुड़ी योजनाओं के माध्यम से सहायता प्राप्त होगी। उन्होंने कहा कि मैन्युफैक्चरिंग, फार्मा हब, केमिकल पार्क और टेक्सटाइल हब जैसे नए औद्योगिक निवेश से युवा महिलाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। कुल मिलाकर यह बजट देशहित, जनहित और महिला सशक्तिकरण को समर्पित बजट है, जो आत्मनिर्भर और विकसित भारत के लक्ष्य को साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।1
- दाड़लाघाट के नौणी गांव में तेंदुए की दहशत - घर के बाथरूम में घुसा, कुत्ते के साथ रही रातभर आमने-सामने की स्थिति कसौली : ग्राम पंचायत दाड़लाघाट के नौणी गांव में वीरवार रात्रि करीब दो बजे उस समय दहशत का माहौल बन गया, जब एक खतरनाक तेंदुआ छलांग लगाकर कुलदीप नामक व्यक्ति के घर की छत पर पहुंच गया। तेंदुए ने वहां मौजूद कुत्ते पर हमला किया और उसे दौड़ाते हुए घर के बाथरूम में जा घुसा। घटना के समय मकान मालिक कुलदीप ने बाहर से तेज आवाजें सुनीं। जब वह बाहर निकला तो उसने बाथरूम के अंदर तेंदुए और कुत्ते के बीच जबरदस्त भिड़ंत देखी। स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए कुलदीप ने जान जोखिम में डालकर बाथरूम का दरवाजा बाहर से बंद कर दिया और तुरंत पुलिस विभाग को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस ने मामले की जानकारी वन विभाग को दी। इसके बाद पुलिस टीम के साथ वन विभाग के रेंज अधिकारी अपनी टीम सहित मौके पर पहुंचे। किसी भी प्रकार की जान-माल की हानि न हो, इसके लिए वन्यजीव बचाव दल (रेस्क्यू टीम) कुल्लू को भी दूरभाष के माध्यम से सूचित किया गया। प्रातःकाल डॉ. विपिन की अगुवाई में वन्यजीव रेस्क्यू टीम दाड़लाघाट पहुंची और तेंदुए को सुरक्षित काबू में करने का अभियान शुरू किया गया। काफी मशक्कत के बाद बाथरूम के दरवाजे में छेद कर तेंदुए को बेहोश किया गया। इसके बाद तेंदुए और कुत्ते दोनों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। इस पूरे रेस्क्यू ऑपरेशन की सबसे खास बात यह रही कि तेंदुआ और कुत्ता पूरी रात एक ही बाथरूम में आमने-सामने रहे। दोनों एक-दूसरे को देखकर गुर्राते रहे, लेकिन बंद कमरे में किसी ने भी दोबारा हमला नहीं किया। करीब दोपहर 12:30 बजे दोनों को जीवित और सुरक्षित बाहर निकाला गया।1
- जिला बिलासपुर में वरिष्ठ नागरिकों के लिए संचालित प्रोटेक्टिव एजिंग कार्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर जिला स्तरीय समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। यह बैठक जिला मुख्यालय स्थित बचत भवन में अतिरिक्त उपायुक्त बिलासपुर ओम कांत ठाकुर की अध्यक्षता में नेशनल/स्टेट एक्शन प्लान फॉर सीनियर सिटिज़न्स एवं प्रोटेक्टिव एजिंग प्रोग्राम के अंतर्गत आयोजित की गई। बैठक में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग सहित सभी संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे, जबकि वरिष्ठ नागरिक संघ एवं पेंशनर्स एसोसिएशन के सदस्यों ने भी बैठक में सहभागिता की। बैठक में प्रोटेक्टिव एजिंग कार्यक्रम के अंतर्गत अब तक आयोजित गतिविधियों की प्रगति की समीक्षा की गई तथा यह आकलन किया गया कि कार्यक्रम निर्धारित योजना के अनुरूप संचालित हो रहा है या नहीं। साथ ही आगामी वर्कशॉप्स को और अधिक प्रभावी एवं परिणामोन्मुखी बनाने को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए गए। अतिरिक्त उपायुक्त ने कहा कि वरिष्ठ नागरिक समाज का एक महत्वपूर्ण स्तंभ हैं और उनके सम्मानजनक, सुरक्षित एवं सक्रिय जीवन को सुनिश्चित करना जिला प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि इस कार्यक्रम के माध्यम से वरिष्ठ नागरिकों के लिए आजीविका संवर्धन, स्वास्थ्य सेवाएं, सामाजिक सहभागिता तथा भावनात्मक सशक्तीकरण से जुड़ी गतिविधियों को सुदृढ़ किया जा रहा है। बैठक में बताया गया कि 4 फरवरी को सदर उपमंडल के ओल्ड एज होम दियोली में आयोजित वर्कशॉप अत्यंत सफल रही। इसके उपरांत 7 फरवरी को घुमारवीं डिग्री कॉलेज परिसर में तथा 10 फरवरी को श्री नैना देवी जी उपमंडल के झंडूता ब्लॉक कार्यालय में वर्कशॉप्स का आयोजन किया जाएगा। इन ब्लॉक स्तरीय वर्कशॉप्स के पश्चात जिला स्तर पर तीन दिवसीय वर्कशॉप का आयोजन किया जाएगा, जिसमें वरिष्ठ नागरिकों के लिए लाइवलीहुड सिक्योरिटी, हेल्थ सपोर्ट, सामाजिक, भावनात्मक एवं डिजिटल सशक्तीकरण से संबंधित विषयों पर विस्तृत विमर्श किया जाएगा। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि सरकारी एवं गैर-सरकारी क्षेत्रों में उच्च पदों से सेवानिवृत्त वरिष्ठ नागरिक अपने अनुभव स्कूलों एवं कॉलेजों में विद्यार्थियों के साथ साझा करेंगे। इस पहल को टॉक एक्सचेंज नाम दिया गया है, जिसका उद्देश्य पीढ़ियों के बीच संवाद को मजबूत करना और बच्चों में जीवन मूल्यों, अनुभवों एवं सामाजिक जिम्मेदारियों के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। प्रोटेक्टिव एजिंग कार्यक्रम के अंतर्गत जिले में विभिन्न कम्युनिटी-बेस्ड गतिविधियों का आयोजन भी किया जाएगा। नर्सरी से पांचवीं कक्षा तक के बच्चों के लिए सेल्फी विद ग्रैंडपेरेंट थीम पर गतिविधियां आयोजित की जाएंगी, जिनमें उत्कृष्ट प्रविष्टियों को पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे। छठी से आठवीं कक्षा तक एजिंग विद डिग्निटी विषय पर ड्राइंग प्रतियोगिता तथा नौवीं से बारहवीं कक्षा तक सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी एंड एजिंग विषय पर प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी। इसके अतिरिक्त बैग फ्री डे के अवसर पर बच्चों को नैतिक शिक्षा, सड़क सुरक्षा एवं एंटी चिट्टा जैसे सामाजिक सरोकारों से जुड़े विषयों पर भी जागरूक किया जाएगा। अतिरिक्त उपायुक्त ने सभी विभागों से आह्वान किया कि वे आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए इस कार्यक्रम को सफल बनाएं और वरिष्ठ नागरिकों को अधिक से अधिक सुविधाएं उपलब्ध करवाने की दिशा में अपना सक्रिय योगदान सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि वरिष्ठ नागरिकों का अनुभव समाज की अमूल्य धरोहर है और उनके सम्मान, सुरक्षा एवं सशक्तीकरण के लिए सामूहिक प्रयास आवश्यक हैं।1
- जीवन में जब दुःख आवे तो किसी दूसरे पर आरोप मत लगाना क्योंकि हर दुःख के जिम्मेदार....1
- खेड़ा वाली बबाड़ गोदाम लिंक रोड पर अज्ञात ट्रक टिप्पर का कहर, हाई टेंशन लाइन के दो बिजली के खंबे टूटे, कई गांवों की बिजली ठप हुई, लोग परेशान1
- हर एक जान कीमती है, चाहे वह इंसान की हो या बेजुबान जानवर की। हिमाचल प्रदेश के 15/20 क्षेत्र से इंसानियत और बहादुरी की एक ऐसी मिसाल सामने आई है, जिसने हर किसी का दिल जीत लिया है। हम बात कर रहे हैं हिमाचल होमगार्ड के जांबाज़ जवान विक्रम सदानी की, जो न सिर्फ वर्दी में अपनी ड्यूटी ईमानदारी से निभाते हैं, बल्कि समाज के लिए भी हर वक्त आगे खड़े नजर आते हैं। बीते दिनों 15/20 क्षेत्र के कूट इलाके में, ज्यूरी और मंगराड के बीच पहाड़ी क्षेत्र में भेड़ पालक अपनी भेड़-बकरियों को चारा खिला रहे थे। इसी दौरान उनका एक बकरा करीब 150 मीटर गहरी खाई में गिर गया। हालात ऐसे थे कि बकरे को बाहर निकालना किसी के बस की बात नहीं थी। मजबूर होकर भेड़ पालकों ने ज्यूरी चौकी से मदद मांगी। सूचना मिलते ही हिमाचल होमगार्ड के जवान विक्रम सदानी मौके पर पहुंचे और अपनी जान की परवाह किए बिना खतरनाक खाई में उतर गए। करीब 4 से 5 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद उन्होंने बकरे को जिंदा और सुरक्षित बाहर निकालकर भेड़ पालकों को सौंप दिया। यह सिर्फ एक रेस्क्यू नहीं था, बल्कि इंसानियत, साहस और कर्तव्यनिष्ठा की जीती-जागती मिसाल थी। इससे पहले भी विक्रम सदानी गानवी के काऊनू मोड़ में हुए एक हत्या कांड के दौरान सैकड़ों मीटर गहरी खाई से शव निकालने के रेस्क्यू ऑपरेशन में अहम भूमिका निभा चुके हैं। इसके अलावा वे ज्यूरी चौक में यातायात व्यवस्था संभालने, नशे के खिलाफ जागरूकता फैलाने, सफाई अभियानों और युवाओं को सकारात्मक दिशा देने जैसे कार्यों में लगातार सक्रिय रहते हैं। आज के समय में जब युवा वर्ग गलत रास्तों की ओर भटक रहा है, ऐसे में विक्रम सदानी जैसे जांबाज़ जवान समाज के लिए प्रेरणा हैं। 15/20 क्षेत्र को अपने इस वीर सिपाही पर गर्व है। ऐसे लोग ही समाज को बेहतर और मजबूत बनाते हैं। #kullutodaynews #SachKiAwaaz #MediaPower #HimachalNews #himachalkiawaaz #himachalpradesh #rampur #BreakingNews #shimla #kullu1
- रिपोर्ट –7 फरवरी, बुद्धि सिंह ठाकुर सैंज। तहसीलदार पद पर पदोन्नत हुए हीरा लाल नलवा का शनिवार को सैंज बाजार पहुंचने पर स्थानीय दुकानदारों ने स्वागत किया। नलवा सैंज तहसील से नायब तहसीलदार पद से पदोन्नत होकर तहसीलदार बन गए हैं। इस खुशी में दुकानदारों ने उनके सम्मान में जलपान समारोह आयोजित किया। दुकानदारों सहित अन्य लोगों और बच्चों ने उन्हें पदोन्नति की बधाई दी। तहसीलदार ने बच्चों को स्नेहपूर्वक धन्यवाद करते सभी दुकानदारों का आभार जताते हुए कहा कि उनके प्यार को वे ताउम्र नहीं भूल पाएंगे ।1
- हिमाचल सरकार में आयुष एवं खेल मंत्री यादवेंद्र कुमार द्वारा डीसी मंडी को के खिलाफ लाए गए प्रिविलेज का कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष विनय कुमार ने समर्थन किया है। विनय कुमार ने कहा कि मंत्री यादविंद्र गोमा द्वारा जो प्रिविलेज लाया गया वह बिल्कुल सही था डीसी को वहां आना चाहिए था यदि नहीं आ सकते थे तो उन्हें इसकी जानकारी उन्हें देनी चाहिए। मंत्री द्वारा जो प्रिविलेज लाया गया है वह उनका विशेषाधिकार है विधानसभा का कोई भी सदस्य प्रिविलेज ला सकता है। प्रदेश कार्यकारिणी और जिला ब्लाक कार्यालय के गठन को लेकर प्रदेश अध्यक्ष विनय ने कहा कि 10 फरवरी को दिल्ली में कांग्रेस अलाकमान के साथ बैठक है जिसमे मुख्यमंत्री प्रदेश प्रभारी ओर सभी जिला अध्यक्ष उसमे शामिल रहेगे। बैठक में प्रदेश कार्यकरणी पर चर्चा होगी। जल्द ही प्रदेश कार्यकारिणी की गठन कर दिया जाएगा गठन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और जिला अध्यक्ष जल्द ही कार्यकारिणी और ब्लॉक जिला कमेटियों का जल्द गठन किया जाएगा। बाईट। विनय कुमार प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष1