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बिहार के भोजपुर जिले स्थित बिलौटी गांव में 24 जून को भरत भूषण तिवारी के कथित पुलिस एनकाउंटर मामले में न्याय की मांग को लेकर एक महापंचायत का आयोजन किया गया। इस महापंचायत में बिहार और उत्तर प्रदेश से हजारों की संख्या में लोग शामिल हुए थे, जिसका मुख्य उद्देश्य पीड़ित परिवार को न्याय दिलाना, दोषी पुलिसकर्मियों पर सख्त कार्रवाई की मांग करना और घटना की उच्च स्तरीय जांच करवाना था। यह महापंचायत स्थानीय ग्रामीणों और 'सर्व समाज' (36 बिरादरी) द्वारा पीड़ित परिवार के समर्थन में बुलाई गई थी। आयोजकों के अनुसार, इस महाजुटान में राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना, परशुराम महासभा और हिंदू महासभा जैसे कई सामाजिक और धार्मिक संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए। इस दौरान 'जन सुराज' (Jan Suraaj) के संस्थापक प्रशांत किशोर भी गांव पहुंचकर पीड़ित परिवार से मिले और महापंचायत में हिस्सा लिया। परिजनों और ग्रामीणों का आरोप है कि भरत तिवारी ने हथियार डाल दिए थे, बावजूद इसके पुलिस ने उनकी हत्या कर दी। इस मामले में मृतक की मां की शिकायत पर तत्कालीन एसडीपीओ और एसएचओ सहित कई पुलिसकर्मियों पर एफआईआर दर्ज की जा चुकी है। महापंचायत में शामिल लोगों ने मांग की कि इस फर्जी एनकाउंटर के पीछे के वास्तविक दोषियों और आदेश देने वाले अधिकारियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। इसके अतिरिक्त, उपस्थित लोगों ने सरकार से कटाव पीड़ित परिवारों के लिए बन रही पुनर्वास कॉलोनी का नाम बदलकर 'भरत तिवारी नगर' रखने की मांग की। भीड़ ने यह चेतावनी भी दी कि यदि निष्पक्ष जांच नहीं हुई, तो वे अंतिम संस्कार/श्राद्धकर्म के बाद बिहार विधानसभा का घेराव करेंगे।

5 hrs ago
user_Ramashankar sharma
Ramashankar sharma
Voice of people गढ़वा, गढ़वा, झारखंड•
5 hrs ago

बिहार के भोजपुर जिले स्थित बिलौटी गांव में 24 जून को भरत भूषण तिवारी के कथित पुलिस एनकाउंटर मामले में न्याय की मांग को लेकर एक महापंचायत का आयोजन किया गया। इस महापंचायत में बिहार और उत्तर प्रदेश से हजारों की संख्या में लोग शामिल हुए थे, जिसका मुख्य उद्देश्य पीड़ित परिवार को न्याय दिलाना, दोषी पुलिसकर्मियों पर सख्त कार्रवाई की मांग करना और

घटना की उच्च स्तरीय जांच करवाना था। यह महापंचायत स्थानीय ग्रामीणों और 'सर्व समाज' (36 बिरादरी) द्वारा पीड़ित परिवार के समर्थन में बुलाई गई थी। आयोजकों के अनुसार, इस महाजुटान में राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना, परशुराम महासभा और हिंदू महासभा जैसे कई सामाजिक और धार्मिक संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए। इस दौरान 'जन सुराज' (Jan Suraaj) के संस्थापक प्रशांत किशोर भी गांव पहुंचकर पीड़ित परिवार

से मिले और महापंचायत में हिस्सा लिया। परिजनों और ग्रामीणों का आरोप है कि भरत तिवारी ने हथियार डाल दिए थे, बावजूद इसके पुलिस ने उनकी हत्या कर दी। इस मामले में मृतक की मां की शिकायत पर तत्कालीन एसडीपीओ और एसएचओ सहित कई पुलिसकर्मियों पर एफआईआर दर्ज की जा चुकी है। महापंचायत में शामिल लोगों ने मांग की कि इस फर्जी एनकाउंटर के पीछे

के वास्तविक दोषियों और आदेश देने वाले अधिकारियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। इसके अतिरिक्त, उपस्थित लोगों ने सरकार से कटाव पीड़ित परिवारों के लिए बन रही पुनर्वास कॉलोनी का नाम बदलकर 'भरत तिवारी नगर' रखने की मांग की। भीड़ ने यह चेतावनी भी दी कि यदि निष्पक्ष जांच नहीं हुई, तो वे अंतिम संस्कार/श्राद्धकर्म के बाद बिहार विधानसभा का घेराव करेंगे।

  • user_Armaan boutique tailor
    Armaan boutique tailor
    फेरारगंज, दक्षिण अंडमान, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह
    ARMAN
    4 hrs ago
  • user_User1458
    User1458
    Sihuri
    🤝
    3 hrs ago
  • user_User1458
    User1458
    Sihuri
    🤝
    3 hrs ago
  • user_Noamundi public news
    Noamundi public news
    नोवामुंडी, पश्चिम सिंहभूम, झारखंड
    🤝
    4 hrs ago
More news from झारखंड and nearby areas
  • झारखंड के रामगढ़ जिले में स्थित रजरप्पा के माँ छिन्नमस्तिके मंदिर में 8 मार्च 2026 (रविवार) की शाम को पुलिसकर्मियों और श्रद्धालुओं के बीच मारपीट की घटना सामने आई थी। यह मंदिर परिसर में होने वाली ऐसी अकेली घटना नहीं है, बल्कि हाल ही में कई अन्य झड़पें और विवाद भी दर्ज किए गए हैं। 8 मार्च 2026 को हुई इस खास घटना का कारण जमशेदपुर से आए एक श्रद्धालु परिवार द्वारा पीछे के रास्ते (निकासी द्वार) से मंदिर में प्रवेश करने का प्रयास था, जिसके बाद विवाद बढ़ गया। इस दौरान तैनात पुलिसकर्मियों के साथ हाथापाई हुई और स्थिति को नियंत्रित करने के लिए लाठीचार्ज भी किया गया। इस घटना के तुरंत बाद, रामगढ़ पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए चार आरक्षकों - श्याम लाल महतो, राधेश्याम कुजूर, बहादुर उरांव और जॉनसन सुरीन को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। इससे पहले, 22 फरवरी 2026 को भी मंदिर परिसर के भीतर दुकानदारों और पलामू से आए युवकों के बीच जमकर मारपीट हुई थी। इस मामले में पुलिस ने कुल 16 लोगों पर कार्रवाई की थी।
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    झारखंड के रामगढ़ जिले में स्थित रजरप्पा के माँ छिन्नमस्तिके मंदिर में 8 मार्च 2026 (रविवार) की शाम को पुलिसकर्मियों और श्रद्धालुओं के बीच मारपीट की घटना सामने आई थी। यह मंदिर परिसर में होने वाली ऐसी अकेली घटना नहीं है, बल्कि हाल ही में कई अन्य झड़पें और विवाद भी दर्ज किए गए हैं।

8 मार्च 2026 को हुई इस खास घटना का कारण जमशेदपुर से आए एक श्रद्धालु परिवार द्वारा पीछे के रास्ते (निकासी द्वार) से मंदिर में प्रवेश करने का प्रयास था, जिसके बाद विवाद बढ़ गया। इस दौरान तैनात पुलिसकर्मियों के साथ हाथापाई हुई और स्थिति को नियंत्रित करने के लिए लाठीचार्ज भी किया गया। इस घटना के तुरंत बाद, रामगढ़ पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए चार आरक्षकों - श्याम लाल महतो, राधेश्याम कुजूर, बहादुर उरांव और जॉनसन सुरीन को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।

इससे पहले, 22 फरवरी 2026 को भी मंदिर परिसर के भीतर दुकानदारों और पलामू से आए युवकों के बीच जमकर मारपीट हुई थी। इस मामले में पुलिस ने कुल 16 लोगों पर कार्रवाई की थी।
    user_Ramashankar sharma
    Ramashankar sharma
    Voice of people गढ़वा, गढ़वा, झारखंड•
    4 hrs ago
  • कल्याणपुर बिरसा मुंडा पार्क में रिपोर्टिंग करते समय पत्रकार मो. मोस्ताक अंसारी गिर गए।
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    कल्याणपुर बिरसा मुंडा पार्क में रिपोर्टिंग करते समय पत्रकार मो. मोस्ताक अंसारी गिर गए।
    user_Green Line News, Md Mostaque
    Green Line News, Md Mostaque
    पत्रकार गढ़वा, गढ़वा, झारखंड•
    17 hrs ago
  • एक पोस्ट में भरत तिवारी की सराहना करते हुए कहा गया है कि उन्होंने पूरे भारत में क्रांति ला दी है। पोस्ट में उन्हें 'भाई' कहकर संबोधित किया गया है और लोगों से इस विषय पर अपनी राय साझा करने का आग्रह किया गया है।
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    एक पोस्ट में भरत तिवारी की सराहना करते हुए कहा गया है कि उन्होंने पूरे भारत में क्रांति ला दी है। पोस्ट में उन्हें 'भाई' कहकर संबोधित किया गया है और लोगों से इस विषय पर अपनी राय साझा करने का आग्रह किया गया है।
    user_Dilwar Kumar
    Dilwar Kumar
    Social services organisation दंदई, गढ़वा, झारखंड•
    13 hrs ago
  • चिनिया थाना क्षेत्र के राजबास गांव स्थित करियई माटी के पास एक बड़ा सड़क हादसा होते-होते टल गया, जब रंका मुख्यालय के पांच लोग बोलेरो वाहन से अपने घर लौटते समय दुर्घटनाग्रस्त हो गए। धुरकी-चिनिया मुख्य सड़क मार्ग से गुजरते हुए राजबास गांव के समीप वाहन अचानक अनियंत्रित हो गया। यह बोलेरो सड़क से करीब 50 फीट दूर जा गिरी और सीधे एक मिट्टी के घर में जा घुसी। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि वाहन इतनी तेज रफ्तार में था कि वह सड़क छोड़कर उछलते हुए सीधे घर की दीवार तोड़कर अंदर चला गया। हादसे की तेज आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण तत्काल मौके पर पहुंचे और बिना देर किए राहत एवं बचाव कार्य में जुट गए। गनीमत रही कि वाहन में सवार सभी पांचों लोग, जो रंका मुख्यालय के निवासी बताए जा रहे हैं, सुरक्षित बच गए और किसी को भी गंभीर चोट नहीं आई। जिस मिट्टी के घर में बोलेरो घुसी थी, वहां भी किसी तरह की जनहानि नहीं हुई। इस घटना के बाद कुछ देर के लिए इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया था। सूचना मिलने पर चिनिया थाना पुलिस भी मौके पर पहुंची और ग्रामीणों के सहयोग से स्थिति का जायजा लेते हुए आवश्यक कार्रवाई शुरू की। यह घटना एक बार फिर सड़क सुरक्षा और वाहन चलाते समय सावधानी बरतने की आवश्यकता को रेखांकित करती है। स्थानीय लोगों ने कहा कि थोड़ी सी चूक एक बड़े हादसे का कारण बन सकती थी, लेकिन सौभाग्य से इस दुर्घटना में सभी की जान बच गई।
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    चिनिया थाना क्षेत्र के राजबास गांव स्थित करियई माटी के पास एक बड़ा सड़क हादसा होते-होते टल गया, जब रंका मुख्यालय के पांच लोग बोलेरो वाहन से अपने घर लौटते समय दुर्घटनाग्रस्त हो गए। धुरकी-चिनिया मुख्य सड़क मार्ग से गुजरते हुए राजबास गांव के समीप वाहन अचानक अनियंत्रित हो गया। यह बोलेरो सड़क से करीब 50 फीट दूर जा गिरी और सीधे एक मिट्टी के घर में जा घुसी। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि वाहन इतनी तेज रफ्तार में था कि वह सड़क छोड़कर उछलते हुए सीधे घर की दीवार तोड़कर अंदर चला गया।

हादसे की तेज आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण तत्काल मौके पर पहुंचे और बिना देर किए राहत एवं बचाव कार्य में जुट गए। गनीमत रही कि वाहन में सवार सभी पांचों लोग, जो रंका मुख्यालय के निवासी बताए जा रहे हैं, सुरक्षित बच गए और किसी को भी गंभीर चोट नहीं आई। जिस मिट्टी के घर में बोलेरो घुसी थी, वहां भी किसी तरह की जनहानि नहीं हुई। इस घटना के बाद कुछ देर के लिए इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया था। सूचना मिलने पर चिनिया थाना पुलिस भी मौके पर पहुंची और ग्रामीणों के सहयोग से स्थिति का जायजा लेते हुए आवश्यक कार्रवाई शुरू की।

यह घटना एक बार फिर सड़क सुरक्षा और वाहन चलाते समय सावधानी बरतने की आवश्यकता को रेखांकित करती है। स्थानीय लोगों ने कहा कि थोड़ी सी चूक एक बड़े हादसे का कारण बन सकती थी, लेकिन सौभाग्य से इस दुर्घटना में सभी की जान बच गई।
    user_Hemant Kumar
    Hemant Kumar
    चिनिया, गढ़वा, झारखंड•
    13 hrs ago
  • वाराणसी जनपद के राजातालाब तहसील स्थित प्रतापपुर गांव के ग्रामीणों ने गांव के कुछ व्यक्तियों पर सार्वजनिक कुएं और रास्ते को जबरन बंद करने का गंभीर आरोप लगाया है। पीड़ितों का दावा है कि इस पूरे मामले में स्थानीय राजस्व और पुलिस विभाग के कुछ कर्मचारियों की भी कथित रूप से दबंग पक्ष से मिलीभगत है। ग्रामीणों के अनुसार, सूरज यादव और उनके परिजनों ने बिना किसी वैधानिक आदेश के 24 मई 2026 को जेसीबी मशीन लगाकर वर्षों पुराने कुएं और आवागमन के रास्ते पर कब्जा कर लिया और उसे बंद कर दिया। इस घटना की सूचना 25 मई 2026 को एसीपी राजातालाब अजय श्रीवास्तव को दी गई थी, जिन्होंने थाना मिर्जामुराद को आरोपियों के विरुद्ध कार्रवाई करने तथा जेसीबी मशीन सीज करने के लिखित आदेश जारी किए थे। हालांकि, एक माह से अधिक का समय बीत जाने के बाद भी इस संबंध में कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई है। रास्ता बंद होने के कारण ग्रामीणों को आने-जाने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, वहीं कुआं बंद किए जाने से पीने के पानी का भी गंभीर संकट उत्पन्न हो गया है। ग्रामीणों को मजबूरन दूसरों के घरों से होकर गुजरना पड़ रहा है और पानी के लिए भी दूसरों पर निर्भर रहना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने इस समस्या को लेकर जिलाधिकारी, उपजिलाधिकारी राजातालाब और मुख्यमंत्री कार्यालय तक शिकायतें भेजी हैं, लेकिन अब तक न तो रास्ता खुलवाया गया है और न ही कुएं की व्यवस्था बहाल की गई है। पीड़ित परिवारों ने प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप कर रास्ता खुलवाने, कुएं को पुनः चालू कराने और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने की मांग की है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि उन्हें शीघ्र न्याय नहीं मिला, तो वे बड़े स्तर पर आंदोलन करने के लिए विवश होंगे।
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    वाराणसी जनपद के राजातालाब तहसील स्थित प्रतापपुर गांव के ग्रामीणों ने गांव के कुछ व्यक्तियों पर सार्वजनिक कुएं और रास्ते को जबरन बंद करने का गंभीर आरोप लगाया है। पीड़ितों का दावा है कि इस पूरे मामले में स्थानीय राजस्व और पुलिस विभाग के कुछ कर्मचारियों की भी कथित रूप से दबंग पक्ष से मिलीभगत है।

ग्रामीणों के अनुसार, सूरज यादव और उनके परिजनों ने बिना किसी वैधानिक आदेश के 24 मई 2026 को जेसीबी मशीन लगाकर वर्षों पुराने कुएं और आवागमन के रास्ते पर कब्जा कर लिया और उसे बंद कर दिया। इस घटना की सूचना 25 मई 2026 को एसीपी राजातालाब अजय श्रीवास्तव को दी गई थी, जिन्होंने थाना मिर्जामुराद को आरोपियों के विरुद्ध कार्रवाई करने तथा जेसीबी मशीन सीज करने के लिखित आदेश जारी किए थे। हालांकि, एक माह से अधिक का समय बीत जाने के बाद भी इस संबंध में कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई है।

रास्ता बंद होने के कारण ग्रामीणों को आने-जाने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, वहीं कुआं बंद किए जाने से पीने के पानी का भी गंभीर संकट उत्पन्न हो गया है। ग्रामीणों को मजबूरन दूसरों के घरों से होकर गुजरना पड़ रहा है और पानी के लिए भी दूसरों पर निर्भर रहना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने इस समस्या को लेकर जिलाधिकारी, उपजिलाधिकारी राजातालाब और मुख्यमंत्री कार्यालय तक शिकायतें भेजी हैं, लेकिन अब तक न तो रास्ता खुलवाया गया है और न ही कुएं की व्यवस्था बहाल की गई है।

पीड़ित परिवारों ने प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप कर रास्ता खुलवाने, कुएं को पुनः चालू कराने और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने की मांग की है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि उन्हें शीघ्र न्याय नहीं मिला, तो वे बड़े स्तर पर आंदोलन करने के लिए विवश होंगे।
    user_Jitendr Prshad
    Jitendr Prshad
    Court reporter दुद्धी, सोनभद्र, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
  • थाना रायपुर क्षेत्र में एक पति-पत्नी की मृत्यु के संबंध में अपर पुलिस अधीक्षक (ऑपरेशन) श्री ऋषभ रुणवाल ने एक बयान जारी किया है।
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    थाना रायपुर क्षेत्र में एक पति-पत्नी की मृत्यु के संबंध में अपर पुलिस अधीक्षक (ऑपरेशन) श्री ऋषभ रुणवाल ने एक बयान जारी किया है।
    user_Nitesh Kumar
    Nitesh Kumar
    Mandi Agent Mahuli•
    3 hrs ago
  • विंढमगंज-कोन मार्ग पर जारी सड़क निर्माण कार्य में हो रही अत्यधिक देरी के कारण स्थानीय ग्रामीणों को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। सड़क पर हर जगह बिखरी गिट्टी, उड़ती धूल और जगह-जगह से उखड़ी सतह के चलते आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं, जिससे आवागमन जोखिम भरा हो गया है। इसी क्रम में विंढमगंज-कोन मार्ग पर फिर एक हादसा हुआ, जहाँ एक एसयूवी खाई में पलट गई। यह घटना लगातार हो रहे हादसों की कड़ी का हिस्सा है। ग्रामीणों का स्पष्ट कहना है कि निर्माण कार्य की धीमी गति यातायात को बुरी तरह बाधित कर रही है, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है। लोगों ने संबंधित विभाग से पुरजोर मांग की है कि सड़क निर्माण कार्य को जल्द से जल्द पूरा किया जाए, ताकि यह मार्ग सुरक्षित हो सके और ग्रामीणों को हो रही असुविधा से मुक्ति मिल सके।
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    विंढमगंज-कोन मार्ग पर जारी सड़क निर्माण कार्य में हो रही अत्यधिक देरी के कारण स्थानीय ग्रामीणों को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। सड़क पर हर जगह बिखरी गिट्टी, उड़ती धूल और जगह-जगह से उखड़ी सतह के चलते आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं, जिससे आवागमन जोखिम भरा हो गया है।

इसी क्रम में विंढमगंज-कोन मार्ग पर फिर एक हादसा हुआ, जहाँ एक एसयूवी खाई में पलट गई। यह घटना लगातार हो रहे हादसों की कड़ी का हिस्सा है। ग्रामीणों का स्पष्ट कहना है कि निर्माण कार्य की धीमी गति यातायात को बुरी तरह बाधित कर रही है, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है।

लोगों ने संबंधित विभाग से पुरजोर मांग की है कि सड़क निर्माण कार्य को जल्द से जल्द पूरा किया जाए, ताकि यह मार्ग सुरक्षित हो सके और ग्रामीणों को हो रही असुविधा से मुक्ति मिल सके।
    user_OM PRAKASH RAWAT
    OM PRAKASH RAWAT
    Social worker दुद्धी, सोनभद्र, उत्तर प्रदेश•
    13 hrs ago
  • बिहार के भोजपुर जिले स्थित बिलौटी गांव में 24 जून को भरत भूषण तिवारी के कथित पुलिस एनकाउंटर मामले में न्याय की मांग को लेकर एक महापंचायत का आयोजन किया गया। इस महापंचायत में बिहार और उत्तर प्रदेश से हजारों की संख्या में लोग शामिल हुए थे, जिसका मुख्य उद्देश्य पीड़ित परिवार को न्याय दिलाना, दोषी पुलिसकर्मियों पर सख्त कार्रवाई की मांग करना और घटना की उच्च स्तरीय जांच करवाना था। यह महापंचायत स्थानीय ग्रामीणों और 'सर्व समाज' (36 बिरादरी) द्वारा पीड़ित परिवार के समर्थन में बुलाई गई थी। आयोजकों के अनुसार, इस महाजुटान में राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना, परशुराम महासभा और हिंदू महासभा जैसे कई सामाजिक और धार्मिक संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए। इस दौरान 'जन सुराज' (Jan Suraaj) के संस्थापक प्रशांत किशोर भी गांव पहुंचकर पीड़ित परिवार से मिले और महापंचायत में हिस्सा लिया। परिजनों और ग्रामीणों का आरोप है कि भरत तिवारी ने हथियार डाल दिए थे, बावजूद इसके पुलिस ने उनकी हत्या कर दी। इस मामले में मृतक की मां की शिकायत पर तत्कालीन एसडीपीओ और एसएचओ सहित कई पुलिसकर्मियों पर एफआईआर दर्ज की जा चुकी है। महापंचायत में शामिल लोगों ने मांग की कि इस फर्जी एनकाउंटर के पीछे के वास्तविक दोषियों और आदेश देने वाले अधिकारियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। इसके अतिरिक्त, उपस्थित लोगों ने सरकार से कटाव पीड़ित परिवारों के लिए बन रही पुनर्वास कॉलोनी का नाम बदलकर 'भरत तिवारी नगर' रखने की मांग की। भीड़ ने यह चेतावनी भी दी कि यदि निष्पक्ष जांच नहीं हुई, तो वे अंतिम संस्कार/श्राद्धकर्म के बाद बिहार विधानसभा का घेराव करेंगे।
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    बिहार के भोजपुर जिले स्थित बिलौटी गांव में 24 जून को भरत भूषण तिवारी के कथित पुलिस एनकाउंटर मामले में न्याय की मांग को लेकर एक महापंचायत का आयोजन किया गया। इस महापंचायत में बिहार और उत्तर प्रदेश से हजारों की संख्या में लोग शामिल हुए थे, जिसका मुख्य उद्देश्य पीड़ित परिवार को न्याय दिलाना, दोषी पुलिसकर्मियों पर सख्त कार्रवाई की मांग करना और घटना की उच्च स्तरीय जांच करवाना था।

यह महापंचायत स्थानीय ग्रामीणों और 'सर्व समाज' (36 बिरादरी) द्वारा पीड़ित परिवार के समर्थन में बुलाई गई थी। आयोजकों के अनुसार, इस महाजुटान में राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना, परशुराम महासभा और हिंदू महासभा जैसे कई सामाजिक और धार्मिक संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए। इस दौरान 'जन सुराज' (Jan Suraaj) के संस्थापक प्रशांत किशोर भी गांव पहुंचकर पीड़ित परिवार से मिले और महापंचायत में हिस्सा लिया।

परिजनों और ग्रामीणों का आरोप है कि भरत तिवारी ने हथियार डाल दिए थे, बावजूद इसके पुलिस ने उनकी हत्या कर दी। इस मामले में मृतक की मां की शिकायत पर तत्कालीन एसडीपीओ और एसएचओ सहित कई पुलिसकर्मियों पर एफआईआर दर्ज की जा चुकी है। महापंचायत में शामिल लोगों ने मांग की कि इस फर्जी एनकाउंटर के पीछे के वास्तविक दोषियों और आदेश देने वाले अधिकारियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।

इसके अतिरिक्त, उपस्थित लोगों ने सरकार से कटाव पीड़ित परिवारों के लिए बन रही पुनर्वास कॉलोनी का नाम बदलकर 'भरत तिवारी नगर' रखने की मांग की। भीड़ ने यह चेतावनी भी दी कि यदि निष्पक्ष जांच नहीं हुई, तो वे अंतिम संस्कार/श्राद्धकर्म के बाद बिहार विधानसभा का घेराव करेंगे।
    user_Ramashankar sharma
    Ramashankar sharma
    Voice of people गढ़वा, गढ़वा, झारखंड•
    5 hrs ago
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