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थाना रायपुर क्षेत्र में एक पति-पत्नी की मृत्यु के संबंध में अपर पुलिस अधीक्षक (ऑपरेशन) श्री ऋषभ रुणवाल ने एक बयान जारी किया है।
Nitesh Kumar
थाना रायपुर क्षेत्र में एक पति-पत्नी की मृत्यु के संबंध में अपर पुलिस अधीक्षक (ऑपरेशन) श्री ऋषभ रुणवाल ने एक बयान जारी किया है।
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- वाराणसी जनपद के राजातालाब तहसील स्थित प्रतापपुर गांव के ग्रामीणों ने गांव के कुछ व्यक्तियों पर सार्वजनिक कुएं और रास्ते को जबरन बंद करने का गंभीर आरोप लगाया है। पीड़ितों का दावा है कि इस पूरे मामले में स्थानीय राजस्व और पुलिस विभाग के कुछ कर्मचारियों की भी कथित रूप से दबंग पक्ष से मिलीभगत है। ग्रामीणों के अनुसार, सूरज यादव और उनके परिजनों ने बिना किसी वैधानिक आदेश के 24 मई 2026 को जेसीबी मशीन लगाकर वर्षों पुराने कुएं और आवागमन के रास्ते पर कब्जा कर लिया और उसे बंद कर दिया। इस घटना की सूचना 25 मई 2026 को एसीपी राजातालाब अजय श्रीवास्तव को दी गई थी, जिन्होंने थाना मिर्जामुराद को आरोपियों के विरुद्ध कार्रवाई करने तथा जेसीबी मशीन सीज करने के लिखित आदेश जारी किए थे। हालांकि, एक माह से अधिक का समय बीत जाने के बाद भी इस संबंध में कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई है। रास्ता बंद होने के कारण ग्रामीणों को आने-जाने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, वहीं कुआं बंद किए जाने से पीने के पानी का भी गंभीर संकट उत्पन्न हो गया है। ग्रामीणों को मजबूरन दूसरों के घरों से होकर गुजरना पड़ रहा है और पानी के लिए भी दूसरों पर निर्भर रहना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने इस समस्या को लेकर जिलाधिकारी, उपजिलाधिकारी राजातालाब और मुख्यमंत्री कार्यालय तक शिकायतें भेजी हैं, लेकिन अब तक न तो रास्ता खुलवाया गया है और न ही कुएं की व्यवस्था बहाल की गई है। पीड़ित परिवारों ने प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप कर रास्ता खुलवाने, कुएं को पुनः चालू कराने और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने की मांग की है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि उन्हें शीघ्र न्याय नहीं मिला, तो वे बड़े स्तर पर आंदोलन करने के लिए विवश होंगे।4
- थाना रायपुर क्षेत्र में एक पति-पत्नी की मृत्यु के संबंध में अपर पुलिस अधीक्षक (ऑपरेशन) श्री ऋषभ रुणवाल ने एक बयान जारी किया है।1
- विंढमगंज-कोन मार्ग पर जारी सड़क निर्माण कार्य में हो रही अत्यधिक देरी के कारण स्थानीय ग्रामीणों को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। सड़क पर हर जगह बिखरी गिट्टी, उड़ती धूल और जगह-जगह से उखड़ी सतह के चलते आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं, जिससे आवागमन जोखिम भरा हो गया है। इसी क्रम में विंढमगंज-कोन मार्ग पर फिर एक हादसा हुआ, जहाँ एक एसयूवी खाई में पलट गई। यह घटना लगातार हो रहे हादसों की कड़ी का हिस्सा है। ग्रामीणों का स्पष्ट कहना है कि निर्माण कार्य की धीमी गति यातायात को बुरी तरह बाधित कर रही है, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है। लोगों ने संबंधित विभाग से पुरजोर मांग की है कि सड़क निर्माण कार्य को जल्द से जल्द पूरा किया जाए, ताकि यह मार्ग सुरक्षित हो सके और ग्रामीणों को हो रही असुविधा से मुक्ति मिल सके।2
- करगारा मितlपुर गाँव में शादी के बाद 'चौथु छुड़ाने' की रस्म के दौरान एक दर्दनाक हादसा हो गया। इस घटना में दो लड़के और एक लड़की नदी में डूब गए, जिससे तीनों की मौत हो गई।1
- सोनभद्र के जुड़वरिया ग्राम पंचायत के ग्रामीणों ने चकरोड की मांग को लेकर प्रदर्शन किया है। ग्रामीणों ने अधिकारियों पर उनकी अनदेखी का आरोप लगाया है, उनका कहना है कि दो साल से शिकायत के बाद भी उनकी समस्या का कोई समाधान नहीं हुआ है। प्रदर्शनकारी ग्रामीणों की मांग है कि बरसात का मौसम शुरू होने से पहले ही इस रास्ते को दुरुस्त कराया जाए।1
- सोनभद्र में सोन नदी एक दर्दनाक हादसे की गवाह बनी, जहाँ शादी की पारंपरिक रस्म के तहत स्नान करने पहुँचे लोगों के बीच अफरा-तफरी मच गई। नहाने के दौरान दो किशोर गहरे पानी में समा गए और उन्हें बचाने की कोशिशें नाकाम रहीं, जिसके बाद वे लापता हो गए। इस घटना के बाद मौके पर भारी भीड़ जुट गई और हालात और बिगड़ गए। चोपन थाना क्षेत्र के मीतापुर ग्राम पंचायत स्थित सोन नदी में शादी के बाद होने वाली पारंपरिक स्नान की रस्म के दौरान परिवार के लोग नदी में उतरे थे। परिजनों के अनुसार, नहाते समय दो किशोर अचानक गहरे पानी की ओर चले गए और देखते ही देखते नदी में डूब गए। आसपास मौजूद महिलाओं और परिजनों ने उन्हें बचाने का हरसंभव प्रयास किया लेकिन सफलता नहीं मिल सकी। मृतक के चाचा सुखनंदन ने भी इस दर्दनाक हादसे का विवरण दिया। जानकारी मिलते ही परिजन, ग्रामीण और आसपास के लोग बड़ी संख्या में नदी तट पर पहुँच गए, जिससे भारी भीड़ जमा हो गई। सूचना पर पहुँची पुलिस टीम ने राहत एवं बचाव कार्य शुरू कराया। प्रत्यक्षदर्शियों और परिजनों ने आरोप लगाया कि भीड़ को नियंत्रित करने के दौरान पुलिस ने बल प्रयोग किया, जिससे मौके पर भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। इसी अफरा-तफरी के बीच जब लोग नदी के रास्ते बाहर निकलने लगे, तभी एक और युवक गहरे पानी में समा गया। इसके बाद लापता लोगों की संख्या बढ़कर तीन हो गई, जिससे मौके पर मौजूद लोगों की चिंता और बढ़ गई। घटना की गंभीरता को देखते हुए तत्काल उच्चाधिकारियों को सूचना दी गई। एडिशनल एसपी, पुलिस फोर्स, पीएसी के जवान और स्थानीय प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुँचकर स्थिति की निगरानी में जुट गए। एनडीआरएफ को भी सूचना भेजी गई है और नदी में लगातार सर्च ऑपरेशन चलाकर स्थानीय गोताखोरों की सहायता से तीनों युवकों की तलाश की जा रही है। सोन नदी किनारे मातम और बेचैनी का माहौल है, जहाँ परिजनों की निगाहें राहत एवं बचाव दलों पर टिकी हैं। प्रशासन लापता युवकों को खोजने के लिए हरसंभव प्रयास करने का दावा कर रहा है। फिलहाल पूरे क्षेत्र में घटना को लेकर शोक और तनाव का माहौल बना हुआ है।2
- सोनभद्र जिले की ओबरा नगर पंचायत के अधिकारियों पर फर्जी निस्तरण करने और शासन को गुमराह करने का गंभीर आरोप लगाया गया है। यह मामला ओबरा नगर पंचायत के गुलाब तिराहा, गजराज वार्ड 3 से संबंधित है, जहां नागेंद्र पांडे नामक व्यक्ति द्वारा एक सार्वजनिक सड़क पर चैंबर का निर्माण किया गया है। आरोप है कि इस अवैध निर्माण पर आज तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। शिकायतकर्ताओं के अनुसार, अधिकारियों ने इस मामले में केवल ऊपरी तौर पर कार्रवाई करते हुए, चैंबर के ऊपर पत्तियां, गिट्टी और मिट्टी डालकर इसे फर्जी तरीके से निस्तारित कर दिया। यह कार्यवाही केवल कागजों पर दिखावे के लिए की गई प्रतीत होती है, जबकि मौके पर स्थिति जस की तस बनी हुई है। इस पूरी घटना को नगर पंचायत अधिकारियों द्वारा जानबूझकर की गई लापरवाही और शासन को भ्रमित करने का प्रयास बताया जा रहा है।2
- सोनभद्र जिले के कोन ब्लॉक स्थित ससनयी डीह बाबा स्थल पर आदिवासी परिवारों ने जल, जंगल और जमीन की रक्षा के लिए अपनी आवाज बुलंद की। एक महत्वपूर्ण बैठक में, ग्रामीणों ने अपने परंपरागत अधिकारों और वन संरक्षण को लेकर पुरजोर ढंग से बात रखी। इस दौरान सभी आदिवासी परिवारों ने मिलकर अपने अधिकारों की हर हाल में रक्षा करने का दृढ़ संकल्प लिया।1