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बांसवाड़ा में भक्ति और श्रद्धा के साथ भव्य रथ यात्रा निकाली गई। इस दौरान पूरा बांसवाड़ा 'जय जगन्नाथ' के जयघोष से गूंज उठा। श्रद्धालु अत्यंत भक्ति और श्रद्धा के साथ इस भव्य रथ यात्रा में शामिल हुए।
Chief editor Rajasthan
बांसवाड़ा में भक्ति और श्रद्धा के साथ भव्य रथ यात्रा निकाली गई। इस दौरान पूरा बांसवाड़ा 'जय जगन्नाथ' के जयघोष से गूंज उठा। श्रद्धालु अत्यंत भक्ति और श्रद्धा के साथ इस भव्य रथ यात्रा में शामिल हुए।
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- बांसवाड़ा में भक्ति और श्रद्धा के साथ भव्य रथ यात्रा निकाली गई। इस दौरान पूरा बांसवाड़ा 'जय जगन्नाथ' के जयघोष से गूंज उठा। श्रद्धालु अत्यंत भक्ति और श्रद्धा के साथ इस भव्य रथ यात्रा में शामिल हुए।1
- डूंगरपुर के सीमलवाड़ा स्थित कार्यालय पर कलाल समाज के वटवृक्ष स्वर्गीय धनजी भाई कलाल के पौत्र एवं समाजसेवी कांतिलाल कलाल के पुत्र समाजसेवी सुनील कलाल का जन्मदिन गुरुवार को हर्षोल्लास और उत्साह के साथ मनाया गया। अपनी सरलता, मिलनसार व्यक्तित्व और समाजहित के कार्यों के लिए युवाओं के बीच विशेष पहचान रखने वाले सुनील कलाल को जन्मदिन पर बधाई देने वालों का दिनभर सोशल मीडिया, रूबरू और फोन पर तांता लगा रहा। आमतौर पर सादगी से अपना जन्मदिन मनाने वाले सुनील कलाल का इस बार उनके समर्थकों, मित्रों और शुभचिंतकों ने विशेष अंदाज में जन्मोत्सव मनाया, जहां कार्यालय पर रंग-बिरंगे केक काटे गए और पुष्पमालाएं पहनाकर उनका आदर-सत्कार किया गया। इस अवसर पर उपस्थित वक्ताओं ने सुनील कलाल के हमेशा सामाजिक सरोकारों से जुड़े रहने, जरूरतमंदों की सहायता के लिए तत्पर रहने और उनके विनम्र स्वभाव की सराहना की। इस भव्य जन्मदिन समारोह में राजीव गांधी पंचायती राज संगठन के जिला अध्यक्ष रूपचंद भागोरा, डॉ. गौरव, रघुराज सिंह सोलंकी, विभीषण भगोरा, मुकेश पंड्या, यूसुफ दलाल, पिंटू कलाल, जीशान फुमती, उस्मान फुमती, जिगर कलाल, अरुण कलाल, हितेश दर्जी, रोहित कलाल, विनोद सिंह, ललित दर्जी, कमलेश सुथार और रमाकांत पडियार सहित अनेक जनप्रतिनिधि, समाजसेवी, ग्रामीण एवं युवा उपस्थित रहे। सभी ने सुनील कलाल को शुभकामनाएं देते हुए उनके दीर्घायु, स्वस्थ, सुखद और सफल जीवन की कामना की।2
- डूंगरपुर बांसवाड़ा सांसद ने स्विजरलैंड के जिनेवा में संयुक्त राष्ट्र के मंच से भारत सहित विश्व के आदिवासी समुदायों की आवाज बुलंद की है। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र से आग्रह किया कि आदिवासी प्रतिनिधियों की प्रभावी भागीदारी सुनिश्चित की जाए, उनके द्वारा उठाए गए मुद्दों को गंभीरता से सुना जाए और संबंधित सरकारों के साथ सार्थक संवाद के माध्यम से उनका समाधान किया जाए। सांसद ने भारत सरकार से भी विशेष मांगें की हैं। उन्होंने सरकार से ILO Convention No. 169 पर हस्ताक्षर करने का आग्रह किया है, ताकि आदिवासी समाज के जल, जंगल, जमीन और पारंपरिक अधिकारों को उचित संरक्षण मिल सके। इसके साथ ही, उन्होंने आदिवासी समाज की पुरखाई धार्मिक परंपरा को संरक्षित करने के लिए भारत सरकार से उसे संवैधानिक मान्यता देने की मांग की है, जिससे उनकी सांस्कृतिक और धार्मिक पहचान सुरक्षित रह सके। आदिवासी समाज के अधिकार, सम्मान और पहचान की यह लड़ाई हर मंच पर मजबूती से जारी रहेगी।1
- राजस्थान के आसपुर विधानसभा क्षेत्र में भारतीय जनता पार्टी का कार्यालय खुलने से कार्यकर्ताओं में खुशी की लहर दौड़ गई है। इस कार्यालय का उद्घाटन पूर्व विधायक महोदय गोपीचंद जी मीणा ने छोटी बच्चियों के साथ मिलकर करवाया। इस गरिमामयी अवसर पर क्षेत्र के कई प्रमुख पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे। कार्यक्रम में जिले के महामंत्री सुरमल जी परमार, पूर्व महामंत्री शांतिलाल जी पांडे, जिला उपाध्यक्ष सुरेश जी और सभापति महोदय अमित जी कलासुआ मुख्य रूप से मौजूद रहे। इनके साथ ही आसपुर के नेताजी जोरावर सिंह जी राय, सभी मंडलों के मंडल अध्यक्ष, मंडलों के महामंत्री और पार्टी के समस्त कार्यकर्ता भी इस उद्घाटन समारोह का हिस्सा बने।1
- उदयपुर के सलूंबर क्षेत्र में आदिवासियों की आवाज़ मानगढ़ धाम के रूप में सामने आ रही है।1
- मध्य प्रदेश के मंदसौर में भगवान जगन्नाथ जी की भव्य रथ यात्रा पूरे भक्ति भाव और आस्था के साथ निकाली गई। इस पावन अवसर पर श्रद्धालुओं ने भगवान जगन्नाथ जी के रथ को खींचा और अपनी श्रद्धा प्रकट की।1
- मंदसौर के मेलखेड़ा चौपाटी पर साइबर द्वारा आमजन को ऑनलाइन ठगी से बचाव के संबंध में जानकारी दी गई है ताकि लोग इस प्रकार की धोखाधड़ी से सुरक्षित रह सकें।1
- संयुक्त राष्ट्र (UN) जिनेवा के मंच पर भारत के आदिवासी समाज के अधिकारों और पहचान की गूंज सुनाई दी है। मूकनायक न्यूज़ के रामलाल यादव के अनुसार, बांसवाड़ा-डूंगरपुर के सांसद राजकुमार रोत ने अंतरराष्ट्रीय मंच से आदिवासियों के जल, जंगल, जमीन और पहचान की मांगों को पुरजोर तरीके से उठाया। सांसद ने संयुक्त राष्ट्र से मांग की है कि दुनिया भर के आदिवासी प्रतिनिधियों की प्रभावी भागीदारी सुनिश्चित की जाए, उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुना जाए और संबंधित सरकारों के साथ सार्थक संवाद स्थापित कर उनका समाधान निकाला जाए। सांसद राजकुमार रोत ने विशेष रूप से भारत सरकार से आईएलओ कन्वेंशन संख्या 169 (ILO Convention No. 169) पर हस्ताक्षर करने का आग्रह किया है। उनका मानना है कि इससे आदिवासियों के जल, जंगल, जमीन, प्राकृतिक संसाधनों और पारंपरिक अधिकारों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मजबूत संरक्षण मिलेगा। इसके अलावा, उन्होंने आदिवासी समाज की पुरखाई धार्मिक परंपरा को संवैधानिक मान्यता देने की मांग भी प्रमुखता से उठाई, जिससे उनकी सांस्कृतिक व धार्मिक पहचान सुरक्षित रह सके। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह लड़ाई केवल एक समुदाय की नहीं, बल्कि दुनिया के तमाम मूल निवासियों के अस्तित्व और सम्मान की है। जिनेवा से उठी यह आवाज अब देश में एक बड़ी बहस का रूप ले चुकी है। अब सबसे बड़े सवाल यह उठ रहे हैं कि क्या भारत सरकार आईएलओ कन्वेंशन 169 पर हस्ताक्षर करेगी और क्या आदिवासियों की पारंपरिक धार्मिक पहचान को संवैधानिक मान्यता मिल पाएगी।1