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अंबेडकर नगर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कटेहरी में मरीजों के स्वास्थ्य से जांच के नाम पर गंभीर खिलवाड़ किए जाने की शिकायत सामने आई है। जानकारी के अनुसार, एक सामान्य मरीज को जांच रिपोर्ट के आधार पर किडनी और लीवर डैमेज बता दिया गया था। इसके बाद उसे संबंधित दवा भी दी गई, जिसके सेवन से उसकी तबीयत सुधरने की बजाय और बिगड़ गई। जब मरीज ने अन्य कई स्थानों पर अपनी जांच करवाई, तब पता चला कि वह वास्तव में एक सामान्य रोगी है और उसे किडनी या लीवर की कोई गंभीर समस्या नहीं है। यह घटना अंबेडकर नगर के सरकारी अस्पताल में जांच के नाम पर हो रहे धोखे को उजागर करती है, जहाँ सामान्य रोगियों को भी किडनी और लीवर का गंभीर मरीज बताकर उनके स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है।

1 hr ago
user_ABN News Plus
ABN News Plus
पत्रकार Ambedkar Nagar, Uttar Pradesh•
1 hr ago

अंबेडकर नगर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कटेहरी में मरीजों के स्वास्थ्य से जांच के नाम पर गंभीर खिलवाड़ किए जाने की शिकायत सामने आई है। जानकारी के अनुसार, एक सामान्य मरीज को जांच रिपोर्ट के आधार पर किडनी और लीवर डैमेज बता दिया गया था। इसके बाद उसे संबंधित दवा भी दी गई, जिसके सेवन से उसकी तबीयत सुधरने की बजाय और बिगड़ गई। जब मरीज ने अन्य कई स्थानों पर अपनी जांच करवाई, तब पता चला कि वह वास्तव में एक सामान्य रोगी है और उसे किडनी या लीवर की कोई गंभीर समस्या नहीं है। यह घटना अंबेडकर नगर के सरकारी अस्पताल में जांच के नाम पर हो रहे धोखे को उजागर करती है, जहाँ सामान्य रोगियों को भी किडनी और लीवर का गंभीर मरीज बताकर उनके स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है।

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  • आजमगढ़ जिले के अतरौलिया स्थित ठाकुर जी मंदिर में एक 'हाई-वोल्टेज ड्रामा' देखने को मिला। यह घटना तब सामने आई जब एक श्रद्धालु को मंदिर में पूजा करने से रोक दिया गया, जिसके बाद श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों में गहरा गुस्सा भड़क उठा। स्थिति को नियंत्रित करने और मामले को शांत करने के लिए थानाध्यक्ष देवेंद्र दुबे ने हस्तक्षेप किया और दोनों पक्षों के बीच समझौता कराया।
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    आजमगढ़ जिले के अतरौलिया स्थित ठाकुर जी मंदिर में एक 'हाई-वोल्टेज ड्रामा' देखने को मिला। यह घटना तब सामने आई जब एक श्रद्धालु को मंदिर में पूजा करने से रोक दिया गया, जिसके बाद श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों में गहरा गुस्सा भड़क उठा। स्थिति को नियंत्रित करने और मामले को शांत करने के लिए थानाध्यक्ष देवेंद्र दुबे ने हस्तक्षेप किया और दोनों पक्षों के बीच समझौता कराया।
    user_Akash Modanwal
    Akash Modanwal
    Repoter बुरहानपुर, आजमगढ़, उत्तर प्रदेश•
    3 hrs ago
  • लखनऊ से मिली जानकारी के अनुसार, समाजवादी पार्टी के पूर्व मंत्री पवन पांडेय ने राम मंदिर के प्रबंधन और उससे जुड़े लोगों पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने एक बयान जारी कर मंदिर से संबंधित संस्थाओं और उनके क्रियाकलापों पर तीखी टिप्पणी की है। पांडेय ने अपने बयान में ऐतिहासिक तुलना करते हुए कहा कि महमूद गजनवी ने भारत पर 17 बार आक्रमण करके लूटपाट की थी, लेकिन राम मंदिर की सुरक्षा और प्रबंधन का जिम्मा संभालने वालों ने सिर्फ 40 दिनों के भीतर 70 बार लूट को अंजाम दिया है। उन्होंने इस कृत्य को 140 करोड़ लोगों की आस्था के साथ किया गया विश्वासघात बताया। उन्होंने मौजूदा सरकार की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए पूछा कि इस पूरे मामले में अब तक कोई ठोस कार्यवाही क्यों नहीं हुई। तंज कसते हुए पांडेय ने कहा कि न कहीं कोई एनकाउंटर हुआ, न गोली चली और न ही 'बुलडोजर' का इस्तेमाल हुआ। 'दूध का दूध और पानी का पानी' करने का दावा करने वाली सरकार इस प्रकरण पर चुप्पी क्यों साधे हुए है, यह सवाल उन्होंने उठाया। पूर्व मंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि राम मंदिर का निर्माण सर्वोच्च न्यायालय के आदेश पर हुआ है और यह करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र है। उनके अनुसार, मंदिर प्रबंधन से जुड़े लोगों ने इस गहरी आस्था का दुरुपयोग किया है, जिससे बड़े पैमाने पर जनमानस की भावनाएं आहत हुई हैं। उन्होंने अपने वक्तव्य के अंत में यह भी जोड़ा कि न्याय के प्रति सरकार का दोहरा रवैया चिंताजनक है, पर प्रभु श्री राम सब देख रहे हैं। यह बयान ऐसे समय में सामने आया है जब राम मंदिर ट्रस्ट और उससे जुड़े वित्तीय लेनदेन को लेकर विपक्षी दल लगातार सरकार को घेरने का प्रयास कर रहे हैं। हालांकि, मंदिर प्रशासन या संबंधित पक्षों की ओर से इन आरोपों पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
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    लखनऊ से मिली जानकारी के अनुसार, समाजवादी पार्टी के पूर्व मंत्री पवन पांडेय ने राम मंदिर के प्रबंधन और उससे जुड़े लोगों पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने एक बयान जारी कर मंदिर से संबंधित संस्थाओं और उनके क्रियाकलापों पर तीखी टिप्पणी की है।

पांडेय ने अपने बयान में ऐतिहासिक तुलना करते हुए कहा कि महमूद गजनवी ने भारत पर 17 बार आक्रमण करके लूटपाट की थी, लेकिन राम मंदिर की सुरक्षा और प्रबंधन का जिम्मा संभालने वालों ने सिर्फ 40 दिनों के भीतर 70 बार लूट को अंजाम दिया है। उन्होंने इस कृत्य को 140 करोड़ लोगों की आस्था के साथ किया गया विश्वासघात बताया।

उन्होंने मौजूदा सरकार की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए पूछा कि इस पूरे मामले में अब तक कोई ठोस कार्यवाही क्यों नहीं हुई। तंज कसते हुए पांडेय ने कहा कि न कहीं कोई एनकाउंटर हुआ, न गोली चली और न ही 'बुलडोजर' का इस्तेमाल हुआ। 'दूध का दूध और पानी का पानी' करने का दावा करने वाली सरकार इस प्रकरण पर चुप्पी क्यों साधे हुए है, यह सवाल उन्होंने उठाया।

पूर्व मंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि राम मंदिर का निर्माण सर्वोच्च न्यायालय के आदेश पर हुआ है और यह करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र है। उनके अनुसार, मंदिर प्रबंधन से जुड़े लोगों ने इस गहरी आस्था का दुरुपयोग किया है, जिससे बड़े पैमाने पर जनमानस की भावनाएं आहत हुई हैं। उन्होंने अपने वक्तव्य के अंत में यह भी जोड़ा कि न्याय के प्रति सरकार का दोहरा रवैया चिंताजनक है, पर प्रभु श्री राम सब देख रहे हैं।

यह बयान ऐसे समय में सामने आया है जब राम मंदिर ट्रस्ट और उससे जुड़े वित्तीय लेनदेन को लेकर विपक्षी दल लगातार सरकार को घेरने का प्रयास कर रहे हैं। हालांकि, मंदिर प्रशासन या संबंधित पक्षों की ओर से इन आरोपों पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
    user_अजीत मिश्रा (खोजी)
    अजीत मिश्रा (खोजी)
    बस्ती, बस्ती, उत्तर प्रदेश•
    6 hrs ago
  • संतकबीरनगर पुलिस ने एक मंगलसूत्र झपटमारी की घटना में शामिल दो अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके पास से छीना गया मंगलसूत्र मय लॉकेट और वारदात में इस्तेमाल की गई एक्टिवा स्कूटी भी बरामद की है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक श्री संदीप कुमार मीना, अपर पुलिस अधीक्षक श्री सुशील कुमार सिंह और क्षेत्राधिकारी खलीलाबाद श्री प्रियम राजशेखर पाण्डेय के निर्देशानुसार चलाए गए अभियान के तहत की गई। मामला 25 जून 2026 का है, जब फरियादी श्रीमती सुमन निषाद अपने परिवार के साथ कबीर चौरा समाधि स्थल मगहर में लड़के की रस्म के लिए आई थीं। समाधि स्थल घूमने के बाद जब वे शिव मंदिर की ओर जा रही थीं, तभी स्कूटी सवार दो अज्ञात व्यक्तियों ने उनके गले से मंगलसूत्र छीनकर फरार हो गए थे। इस संबंध में थाना कोतवाली खलीलाबाद में मु0अ0सं0 562/2026 धारा 304(2) बीएनएस के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था, जिसमें बाद में बरामदगी के आधार पर धारा 317(2) और 3(5) बीएनएस की बढ़ोतरी की गई। प्रभारी निरीक्षक थाना कोतवाली खलीलाबाद श्री जय प्रकाश दुबे के नेतृत्व में गठित टीम ने 26 जून 2026 को असरफाबाद से रसूलपुर जाने वाले ईंट खड़ंजा के किनारे स्थित बाग के पास से इन दोनों अभियुक्तों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार किए गए अभियुक्तों की पहचान अरुण कुमार पुत्र विक्रम और संजय कुमार पुत्र स्व0 सुमिरन के रूप में हुई है, ये दोनों देवरिया सूरस थाना हरपुर बुदहट जनपद गोरखपुर के निवासी हैं। पुलिस ने इनके कब्जे से छीना गया मंगलसूत्र मय लॉकेट और वारदात में प्रयुक्त एक्टिवा स्कूटी (रजि0 नं0 UP 53 FB 6252) बरामद की है। पूछताछ के दौरान अभियुक्तों ने बताया कि वे आपस में दोस्त हैं और जेब खर्च के लिए पैसों की जरूरत थी, इसलिए उन्होंने मिलकर 24 जून 2026 को दोपहर के समय मगहर कबीर चौरा शिव मंदिर के पास से एक महिला के गले से मंगलसूत्र छीनने की योजना बनाई थी। उन्होंने बताया कि बरामद मंगलसूत्र को वे बेचने के लिए ग्राहक की तलाश में ले जा रहे थे, तभी पुलिस ने उन्हें पकड़ लिया। संतकबीरनगर पुलिस द्वारा झपटमारी के इस मामले में त्वरित कार्रवाई करने और अभियुक्तों को गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम के उत्साहवर्धन के लिए पुलिस अधीक्षक श्री संदीप कुमार मीना ने 25,000 रुपये नकद पुरस्कार की घोषणा की है।
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    संतकबीरनगर पुलिस ने एक मंगलसूत्र झपटमारी की घटना में शामिल दो अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके पास से छीना गया मंगलसूत्र मय लॉकेट और वारदात में इस्तेमाल की गई एक्टिवा स्कूटी भी बरामद की है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक श्री संदीप कुमार मीना, अपर पुलिस अधीक्षक श्री सुशील कुमार सिंह और क्षेत्राधिकारी खलीलाबाद श्री प्रियम राजशेखर पाण्डेय के निर्देशानुसार चलाए गए अभियान के तहत की गई।

मामला 25 जून 2026 का है, जब फरियादी श्रीमती सुमन निषाद अपने परिवार के साथ कबीर चौरा समाधि स्थल मगहर में लड़के की रस्म के लिए आई थीं। समाधि स्थल घूमने के बाद जब वे शिव मंदिर की ओर जा रही थीं, तभी स्कूटी सवार दो अज्ञात व्यक्तियों ने उनके गले से मंगलसूत्र छीनकर फरार हो गए थे। इस संबंध में थाना कोतवाली खलीलाबाद में मु0अ0सं0 562/2026 धारा 304(2) बीएनएस के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था, जिसमें बाद में बरामदगी के आधार पर धारा 317(2) और 3(5) बीएनएस की बढ़ोतरी की गई।

प्रभारी निरीक्षक थाना कोतवाली खलीलाबाद श्री जय प्रकाश दुबे के नेतृत्व में गठित टीम ने 26 जून 2026 को असरफाबाद से रसूलपुर जाने वाले ईंट खड़ंजा के किनारे स्थित बाग के पास से इन दोनों अभियुक्तों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार किए गए अभियुक्तों की पहचान अरुण कुमार पुत्र विक्रम और संजय कुमार पुत्र स्व0 सुमिरन के रूप में हुई है, ये दोनों देवरिया सूरस थाना हरपुर बुदहट जनपद गोरखपुर के निवासी हैं। पुलिस ने इनके कब्जे से छीना गया मंगलसूत्र मय लॉकेट और वारदात में प्रयुक्त एक्टिवा स्कूटी (रजि0 नं0 UP 53 FB 6252) बरामद की है।

पूछताछ के दौरान अभियुक्तों ने बताया कि वे आपस में दोस्त हैं और जेब खर्च के लिए पैसों की जरूरत थी, इसलिए उन्होंने मिलकर 24 जून 2026 को दोपहर के समय मगहर कबीर चौरा शिव मंदिर के पास से एक महिला के गले से मंगलसूत्र छीनने की योजना बनाई थी। उन्होंने बताया कि बरामद मंगलसूत्र को वे बेचने के लिए ग्राहक की तलाश में ले जा रहे थे, तभी पुलिस ने उन्हें पकड़ लिया। संतकबीरनगर पुलिस द्वारा झपटमारी के इस मामले में त्वरित कार्रवाई करने और अभियुक्तों को गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम के उत्साहवर्धन के लिए पुलिस अधीक्षक श्री संदीप कुमार मीना ने 25,000 रुपये नकद पुरस्कार की घोषणा की है।
    user_Ashu pandey
    Ashu pandey
    घनघटा, संत कबीर नगर, उत्तर प्रदेश•
    10 hrs ago
  • उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद में रविवार को मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेला और पल्स पोलियो बूथ दिवस का सफल आयोजन किया गया। मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. एन.आर. वर्मा ने जानकारी दी कि जिले के सभी 76 नियोजित आरोग्य मेलों में स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई गईं, जहाँ 82 चिकित्सकों और 266 पैरामेडिकल कर्मियों ने सहभागिता करते हुए लोगों को उपचार एवं परामर्श प्रदान किया। पल्स पोलियो अभियान के तहत जनपद में कुल 2,389 बूथों पर बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाई गई। इस अभियान के दौरान निर्धारित 6,64,224 बच्चों के लक्ष्य के सापेक्ष 3,65,146 बच्चों को पोलियो की दवा दी गई, जो कुल लक्ष्य का 55 प्रतिशत है। मुख्य चिकित्साधिकारी ने निर्देश दिए हैं कि शेष बच्चों को आगामी घर-घर भ्रमण अभियान के दौरान शत-प्रतिशत कवर किया जाए। मेले के दौरान कुल 1,654 मरीजों का पंजीकरण किया गया, जिनमें 713 पुरुष, 708 महिलाएं और 233 बच्चे शामिल रहे। साथ ही, 57 आयुष्मान गोल्डन कार्ड भी बनाए गए। डॉ. वर्मा ने नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र दलसिंगार एवं कुन्दीगढ़ का निरीक्षण भी किया, जहाँ स्वास्थ्यकर्मी मौजूद मिले और लाभार्थियों को निर्धारित सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही थीं। उन्होंने गुणवत्तापूर्ण एवं संवेदनशील स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करने पर जोर दिया। स्वास्थ्य जांच के लिए कोविड हेल्प डेस्क पर 163 लोगों की जांच की गई, हालांकि किसी का भी एंटीजन टेस्ट नहीं किया गया। विभिन्न रोगों से संबंधित आंकड़ों में 22 लीवर रोगी, 134 श्वसन रोगी, 286 गैस्ट्रो रोगी, 300 मधुमेह रोगी, 177 त्वचा रोगी, 9 टीबी रोगी, 20 एनीमिया और 93 उच्च रक्तचाप के मरीज चिन्हित किए गए। इस दौरान कैंसर का कोई नया मामला सामने नहीं आया। इसके अतिरिक्त, 76 गर्भवती महिलाओं का एएनसी परीक्षण किया गया तथा 75 कुपोषित बच्चों की पहचान कर उन्हें आवश्यक परामर्श एवं सेवाएं प्रदान की गईं। अन्य बीमारियों से संबंधित 686 मरीजों का उपचार किया गया, जबकि 93 मरीजों को उच्चतर चिकित्सा संस्थानों के लिए रेफर किया गया। विशेषज्ञ सेवाओं के तहत 43 मरीजों को मेडिसिन, 28 को जनरल सर्जरी, 1 को नेत्र रोग, 2 को स्त्री एवं प्रसूति रोग, 1 को ईएनटी तथा 18 मरीजों को अन्य विशेषज्ञ सेवाएं उपलब्ध कराई गईं। मुख्य चिकित्साधिकारी ने कहा कि मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेला एवं पल्स पोलियो अभियान ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के लोगों, विशेषकर बच्चों एवं माताओं तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने का एक प्रभावी माध्यम हैं। उन्होंने आगामी घर-घर पोलियो अभियान को पूरी गंभीरता के साथ संचालित कर प्रत्येक बच्चे तक पहुंच सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।
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    उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद में रविवार को मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेला और पल्स पोलियो बूथ दिवस का सफल आयोजन किया गया। मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. एन.आर. वर्मा ने जानकारी दी कि जिले के सभी 76 नियोजित आरोग्य मेलों में स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई गईं, जहाँ 82 चिकित्सकों और 266 पैरामेडिकल कर्मियों ने सहभागिता करते हुए लोगों को उपचार एवं परामर्श प्रदान किया।

पल्स पोलियो अभियान के तहत जनपद में कुल 2,389 बूथों पर बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाई गई। इस अभियान के दौरान निर्धारित 6,64,224 बच्चों के लक्ष्य के सापेक्ष 3,65,146 बच्चों को पोलियो की दवा दी गई, जो कुल लक्ष्य का 55 प्रतिशत है। मुख्य चिकित्साधिकारी ने निर्देश दिए हैं कि शेष बच्चों को आगामी घर-घर भ्रमण अभियान के दौरान शत-प्रतिशत कवर किया जाए।

मेले के दौरान कुल 1,654 मरीजों का पंजीकरण किया गया, जिनमें 713 पुरुष, 708 महिलाएं और 233 बच्चे शामिल रहे। साथ ही, 57 आयुष्मान गोल्डन कार्ड भी बनाए गए। डॉ. वर्मा ने नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र दलसिंगार एवं कुन्दीगढ़ का निरीक्षण भी किया, जहाँ स्वास्थ्यकर्मी मौजूद मिले और लाभार्थियों को निर्धारित सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही थीं। उन्होंने गुणवत्तापूर्ण एवं संवेदनशील स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करने पर जोर दिया। स्वास्थ्य जांच के लिए कोविड हेल्प डेस्क पर 163 लोगों की जांच की गई, हालांकि किसी का भी एंटीजन टेस्ट नहीं किया गया। विभिन्न रोगों से संबंधित आंकड़ों में 22 लीवर रोगी, 134 श्वसन रोगी, 286 गैस्ट्रो रोगी, 300 मधुमेह रोगी, 177 त्वचा रोगी, 9 टीबी रोगी, 20 एनीमिया और 93 उच्च रक्तचाप के मरीज चिन्हित किए गए। इस दौरान कैंसर का कोई नया मामला सामने नहीं आया।

इसके अतिरिक्त, 76 गर्भवती महिलाओं का एएनसी परीक्षण किया गया तथा 75 कुपोषित बच्चों की पहचान कर उन्हें आवश्यक परामर्श एवं सेवाएं प्रदान की गईं। अन्य बीमारियों से संबंधित 686 मरीजों का उपचार किया गया, जबकि 93 मरीजों को उच्चतर चिकित्सा संस्थानों के लिए रेफर किया गया। विशेषज्ञ सेवाओं के तहत 43 मरीजों को मेडिसिन, 28 को जनरल सर्जरी, 1 को नेत्र रोग, 2 को स्त्री एवं प्रसूति रोग, 1 को ईएनटी तथा 18 मरीजों को अन्य विशेषज्ञ सेवाएं उपलब्ध कराई गईं। मुख्य चिकित्साधिकारी ने कहा कि मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेला एवं पल्स पोलियो अभियान ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के लोगों, विशेषकर बच्चों एवं माताओं तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने का एक प्रभावी माध्यम हैं। उन्होंने आगामी घर-घर पोलियो अभियान को पूरी गंभीरता के साथ संचालित कर प्रत्येक बच्चे तक पहुंच सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।
    user_शैलेन्द्र पत्रकार
    शैलेन्द्र पत्रकार
    आजमगढ़, आजमगढ़, उत्तर प्रदेश•
    26 min ago
  • थाना बेलहरकला के भीतरी टोला में एक युवती ने गांव के बाहर एक पेड़ से दुपट्टे के सहारे फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है। इस घटना के बाद, पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लिया। पुलिस द्वारा शव का पंचायतनामा किया गया और आगे की कार्यवाही के तहत पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू की गई। यह जानकारी क्षेत्राधिकारी मेहदावल द्वारा दी गई।
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    थाना बेलहरकला के भीतरी टोला में एक युवती ने गांव के बाहर एक पेड़ से दुपट्टे के सहारे फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है। इस घटना के बाद, पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लिया। पुलिस द्वारा शव का पंचायतनामा किया गया और आगे की कार्यवाही के तहत पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू की गई। यह जानकारी क्षेत्राधिकारी मेहदावल द्वारा दी गई।
    user_Ashwini Kumar Pandey
    Ashwini Kumar Pandey
    पत्रकार Khalilabad, Sant Kabeer Nagar•
    3 hrs ago
  • बस्ती/अयोध्या से आ रही जानकारी के अनुसार, श्री राम मंदिर निर्माण के लिए देश-विदेश से मिले दान के प्रबंधन और वित्तीय शुद्धता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। हाल ही में सामने आए ₹1000 करोड़ के कथित घोटाले के आरोपों ने पूरे देश में हलचल मचा दी है। यह वित्तीय अनियमितता कथित तौर पर तीन प्रमुख बिंदुओं पर आधारित है: मंदिर के दान-पात्रों से चढ़ावे की चोरी, जमीन अधिग्रहण में बाजार दर से अधिक दाम दिखाने और सौदों में अनियमितता, तथा निर्माण कार्यों के हर टेंडर में 40 प्रतिशत तक कमीशन की मांग। इस मामले में विशेष जांच दल (SIT) द्वारा आठ लोगों को हिरासत में लिया गया है। हालांकि, खोजी पत्रकारों और सामाजिक कार्यकर्ताओं के बीच यह बड़ा सवाल उठ रहा है कि क्या ये गिरफ्तार किए गए आठ लोग वास्तव में इतने बड़े आर्थिक अपराध को अंजाम देने की क्षमता रखते हैं। उनकी आर्थिक स्थिति और प्रभाव को देखते हुए, यह संदेह जताया जा रहा है कि ₹1000 करोड़ का कथित गबन अकेले उनके बूते से बाहर हो सकता है, और वे बड़ी मछलियों को बचाने के लिए 'छोटे मोहरे' हो सकते हैं। इस विवाद के बाद चंपत राय और अनिल मिश्रा पर उंगलियां उठ रही हैं और उनके इस्तीफे की मांग तेज हो गई है। मीडिया रिपोर्ट्स और SIT जांच के बीच, जनता यह जानना चाहती है कि यह महज प्रशासनिक चूक है या एक सुनियोजित भ्रष्टाचार। खोजी पत्रकार अजीत मिश्रा का मानना है कि आस्था के इस केंद्र में ऐसी वित्तीय विसंगतियां न केवल कानून का उल्लंघन हैं, बल्कि यह करोड़ों लोगों की भावनाओं का भी अपमान है। इस अविश्वास को खत्म करने के लिए एक पारदर्शी जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की आवश्यकता पर जोर दिया गया है।
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    बस्ती/अयोध्या से आ रही जानकारी के अनुसार, श्री राम मंदिर निर्माण के लिए देश-विदेश से मिले दान के प्रबंधन और वित्तीय शुद्धता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। हाल ही में सामने आए ₹1000 करोड़ के कथित घोटाले के आरोपों ने पूरे देश में हलचल मचा दी है। यह वित्तीय अनियमितता कथित तौर पर तीन प्रमुख बिंदुओं पर आधारित है: मंदिर के दान-पात्रों से चढ़ावे की चोरी, जमीन अधिग्रहण में बाजार दर से अधिक दाम दिखाने और सौदों में अनियमितता, तथा निर्माण कार्यों के हर टेंडर में 40 प्रतिशत तक कमीशन की मांग।

इस मामले में विशेष जांच दल (SIT) द्वारा आठ लोगों को हिरासत में लिया गया है। हालांकि, खोजी पत्रकारों और सामाजिक कार्यकर्ताओं के बीच यह बड़ा सवाल उठ रहा है कि क्या ये गिरफ्तार किए गए आठ लोग वास्तव में इतने बड़े आर्थिक अपराध को अंजाम देने की क्षमता रखते हैं। उनकी आर्थिक स्थिति और प्रभाव को देखते हुए, यह संदेह जताया जा रहा है कि ₹1000 करोड़ का कथित गबन अकेले उनके बूते से बाहर हो सकता है, और वे बड़ी मछलियों को बचाने के लिए 'छोटे मोहरे' हो सकते हैं।

इस विवाद के बाद चंपत राय और अनिल मिश्रा पर उंगलियां उठ रही हैं और उनके इस्तीफे की मांग तेज हो गई है। मीडिया रिपोर्ट्स और SIT जांच के बीच, जनता यह जानना चाहती है कि यह महज प्रशासनिक चूक है या एक सुनियोजित भ्रष्टाचार।

खोजी पत्रकार अजीत मिश्रा का मानना है कि आस्था के इस केंद्र में ऐसी वित्तीय विसंगतियां न केवल कानून का उल्लंघन हैं, बल्कि यह करोड़ों लोगों की भावनाओं का भी अपमान है। इस अविश्वास को खत्म करने के लिए एक पारदर्शी जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की आवश्यकता पर जोर दिया गया है।
    user_अजीत मिश्रा (खोजी)
    अजीत मिश्रा (खोजी)
    बस्ती, बस्ती, उत्तर प्रदेश•
    6 hrs ago
  • आजमगढ़ मंडलायुक्त विवेक ने शनिवार देर शाम मंडल स्तरीय समीक्षा बैठक में निर्माणाधीन परियोजनाओं, राजस्व कार्यों और नगरीय निकायों की प्रगति का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी कार्य शासनादेशों और वित्तीय नियमों के अनुरूप समयबद्ध तरीके से पूरे किए जाएँ। एक करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली निर्माणाधीन परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए, मंडलायुक्त ने निर्देश दिया कि जिनकी समयसीमा बढ़ाई गई है, उन्हें हर हाल में निर्धारित अवधि के भीतर पूरा किया जाए। साथ ही, 90 प्रतिशत से अधिक पूर्ण परियोजनाओं को तत्काल पूरा कर हैंडओवर की प्रक्रिया सुनिश्चित करने को कहा गया। बलिया में उत्तर प्रदेश जल निगम (नगरीय) द्वारा एक ठेकेदार को डिबार किए जाने के बावजूद उससे कार्य कराए जाने पर मंडलायुक्त ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की और संबंधित अधीक्षण अभियंता के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की संस्तुति शासन को भेजने के निर्देश दिए। वहीं, आवास विकास परिषद और यूपी सिडको की कुछ परियोजनाओं में देरी को लेकर संबंधित अधिकारियों से स्पष्टीकरण तलब किया गया। ग्रामीण अभियंत्रण विभाग की पाँच परियोजनाएँ ठेकेदारों की वजह से प्रभावित मिलने पर, मंडलायुक्त ने ऐसे ठेकेदारों की पहचान करने और भविष्य में उन्हें काम आवंटित न करने का निर्देश दिया। जिलाधिकारी आजमगढ़ रविन्द्र कुमार द्वारा एक परियोजना में तकनीकी कमी की जानकारी दिए जाने पर, मंडलायुक्त ने अपर आयुक्त (प्रशासन) को विशेषज्ञ टीम के साथ निरीक्षण कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने का आदेश दिया। राजस्व एवं कर वसूली की समीक्षा में, मंडलायुक्त ने आबकारी विभाग को मंडल में किसी भी स्थिति में अवैध शराब की बिक्री न होने देने का निर्देश दिया। उन्होंने लगातार प्रवर्तन कार्रवाई चलाकर कच्ची शराब पर प्रभावी रोक लगाने और दोषियों पर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा। मुख्यमंत्री डैशबोर्ड पर 'बी', 'सी' और 'डी' ग्रेड वाली योजनाओं की समीक्षा करते हुए, उद्योग विभाग को बलिया और मऊ को अगले माह तक 'ए' ग्रेड में लाने का लक्ष्य दिया गया। पीएम स्वनिधि योजना की धीमी प्रगति पर बैंकों के साथ समन्वय बढ़ाने के निर्देश दिए गए। परिवहन विभाग की समीक्षा में मऊ में ट्रेड सर्टिफिकेट का एक आवेदन लंबित मिलने और संभागीय परिवहन अधिकारी के बैठक में अनुपस्थित रहने पर मंडलायुक्त ने नाराजगी जताते हुए उनका वेतन रोकने और स्पष्टीकरण तलब करने का निर्देश दिया। नगरीय निकायों की समीक्षा के दौरान, मंडलायुक्त ने सभी अधिशासी अधिकारियों को वित्तीय नियमावली का पालन करने, खरीद प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने और ई-टेंडर प्रणाली को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। इसके अतिरिक्त, बरसात को देखते हुए जलभराव वाले क्षेत्रों की पहचान, नालों की सफाई, पेयजल व्यवस्था और डेंगू नियंत्रण के लिए तत्काल कार्रवाई करने को कहा गया। अपर आयुक्त (प्रशासन) प्रमोद कुमार पाण्डेय ने निकायों को सामुदायिक और सार्वजनिक शौचालयों के लंबित कार्य शीघ्र पूरा कराने, प्लास्टिक जब्ती अभियान तेज करने और मुख्य सड़कों की सफाई व्यवस्था मजबूत करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने सभी सफाई वाहनों पर जीपीएस लगाने और नियमित फॉगिंग कराने पर भी जोर दिया।
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    आजमगढ़ मंडलायुक्त विवेक ने शनिवार देर शाम मंडल स्तरीय समीक्षा बैठक में निर्माणाधीन परियोजनाओं, राजस्व कार्यों और नगरीय निकायों की प्रगति का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी कार्य शासनादेशों और वित्तीय नियमों के अनुरूप समयबद्ध तरीके से पूरे किए जाएँ।

एक करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली निर्माणाधीन परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए, मंडलायुक्त ने निर्देश दिया कि जिनकी समयसीमा बढ़ाई गई है, उन्हें हर हाल में निर्धारित अवधि के भीतर पूरा किया जाए। साथ ही, 90 प्रतिशत से अधिक पूर्ण परियोजनाओं को तत्काल पूरा कर हैंडओवर की प्रक्रिया सुनिश्चित करने को कहा गया। बलिया में उत्तर प्रदेश जल निगम (नगरीय) द्वारा एक ठेकेदार को डिबार किए जाने के बावजूद उससे कार्य कराए जाने पर मंडलायुक्त ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की और संबंधित अधीक्षण अभियंता के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की संस्तुति शासन को भेजने के निर्देश दिए। वहीं, आवास विकास परिषद और यूपी सिडको की कुछ परियोजनाओं में देरी को लेकर संबंधित अधिकारियों से स्पष्टीकरण तलब किया गया। ग्रामीण अभियंत्रण विभाग की पाँच परियोजनाएँ ठेकेदारों की वजह से प्रभावित मिलने पर, मंडलायुक्त ने ऐसे ठेकेदारों की पहचान करने और भविष्य में उन्हें काम आवंटित न करने का निर्देश दिया। जिलाधिकारी आजमगढ़ रविन्द्र कुमार द्वारा एक परियोजना में तकनीकी कमी की जानकारी दिए जाने पर, मंडलायुक्त ने अपर आयुक्त (प्रशासन) को विशेषज्ञ टीम के साथ निरीक्षण कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने का आदेश दिया।

राजस्व एवं कर वसूली की समीक्षा में, मंडलायुक्त ने आबकारी विभाग को मंडल में किसी भी स्थिति में अवैध शराब की बिक्री न होने देने का निर्देश दिया। उन्होंने लगातार प्रवर्तन कार्रवाई चलाकर कच्ची शराब पर प्रभावी रोक लगाने और दोषियों पर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा। मुख्यमंत्री डैशबोर्ड पर 'बी', 'सी' और 'डी' ग्रेड वाली योजनाओं की समीक्षा करते हुए, उद्योग विभाग को बलिया और मऊ को अगले माह तक 'ए' ग्रेड में लाने का लक्ष्य दिया गया। पीएम स्वनिधि योजना की धीमी प्रगति पर बैंकों के साथ समन्वय बढ़ाने के निर्देश दिए गए। परिवहन विभाग की समीक्षा में मऊ में ट्रेड सर्टिफिकेट का एक आवेदन लंबित मिलने और संभागीय परिवहन अधिकारी के बैठक में अनुपस्थित रहने पर मंडलायुक्त ने नाराजगी जताते हुए उनका वेतन रोकने और स्पष्टीकरण तलब करने का निर्देश दिया।

नगरीय निकायों की समीक्षा के दौरान, मंडलायुक्त ने सभी अधिशासी अधिकारियों को वित्तीय नियमावली का पालन करने, खरीद प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने और ई-टेंडर प्रणाली को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। इसके अतिरिक्त, बरसात को देखते हुए जलभराव वाले क्षेत्रों की पहचान, नालों की सफाई, पेयजल व्यवस्था और डेंगू नियंत्रण के लिए तत्काल कार्रवाई करने को कहा गया। अपर आयुक्त (प्रशासन) प्रमोद कुमार पाण्डेय ने निकायों को सामुदायिक और सार्वजनिक शौचालयों के लंबित कार्य शीघ्र पूरा कराने, प्लास्टिक जब्ती अभियान तेज करने और मुख्य सड़कों की सफाई व्यवस्था मजबूत करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने सभी सफाई वाहनों पर जीपीएस लगाने और नियमित फॉगिंग कराने पर भी जोर दिया।
    user_शैलेन्द्र पत्रकार
    शैलेन्द्र पत्रकार
    आजमगढ़, आजमगढ़, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
  • चौपरिया भवनपुर निवासी 35 वर्षीय कृष्ण कुमार निषाद की दोपहर लगभग 2:00 बजे बिजली का करंट लगने से मौत हो गई। कृष्ण कुमार निषाद उस समय एक पंखा बना रहे थे, जिसमें उतरे करंट की चपेट में आने से उन्होंने दम तोड़ दिया। उनकी पत्नी शीला ने बताया कि उनके चार बच्चे हैं।
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    चौपरिया भवनपुर निवासी 35 वर्षीय कृष्ण कुमार निषाद की दोपहर लगभग 2:00 बजे बिजली का करंट लगने से मौत हो गई। कृष्ण कुमार निषाद उस समय एक पंखा बना रहे थे, जिसमें उतरे करंट की चपेट में आने से उन्होंने दम तोड़ दिया। उनकी पत्नी शीला ने बताया कि उनके चार बच्चे हैं।
    user_Ashok verma
    Ashok verma
    Local News Reporter लंभुआ, सुल्तानपुर, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
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