मध्य प्रदेश के सेंवढ़ा अनुभाग के भगुवापुरा थाना क्षेत्र से दतिया-सेंवढ़ा मुख्य मार्ग का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ है, जिसने क्षेत्र की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस वीडियो में कथित तौर पर रेत कंपनी के ठेकेदार की फ्लाइंग टीम को अवैध रेत परिवहन पर कार्रवाई करने के दौरान कुछ नकाबपोश लोगों द्वारा फिल्मी अंदाज में पीछा करते हुए दिखाया गया है। नकाबपोशों के डर से टीम को अपनी जान बचाने के लिए गाड़ी भगाकर भागना पड़ा। इस घटना के संबंध में भगुवापुरा थाना प्रभारी शाकिर खान ने बताया कि उन्हें मामले की जानकारी वायरल वीडियो से मिली है, लेकिन अभी तक किसी भी पक्ष ने थाने में लिखित शिकायत दर्ज नहीं कराई है। वहीं, जिला खनिज अधिकारी ओ.पी. बघेल ने कहा कि गुरुवार को खनिज विभाग की टीम दुरसड़ा थाना क्षेत्र में कार्रवाई के लिए निकली थी और अगर वायरल वीडियो में दिख रही कार उनके विभाग की फ्लाइंग टीम की है, तो जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। यह घटना गुरुवार दोपहर की बताई जा रही है और वीडियो शुक्रवार को वायरल हुआ, लेकिन शनिवार तक किसी भी पक्ष द्वारा शिकायत दर्ज नहीं कराई गई। इस स्थिति पर मूल पोस्ट में तीखे सवाल उठाए गए हैं कि क्या इस घटना में शामिल लोगों का खौफ इतना ज़्यादा है कि कोई शिकायत दर्ज नहीं करवा रहा है। साथ ही यह भी पूछा गया है कि क्या पुलिस और खनिज विभाग केवल 'लिखित शिकायत' का इंतजार करते रहेंगे या वे हाईवे पर खुलेआम घूमने वाले इन तत्वों पर सीधे कार्रवाई करेंगे।
मध्य प्रदेश के सेंवढ़ा अनुभाग के भगुवापुरा थाना क्षेत्र से दतिया-सेंवढ़ा मुख्य मार्ग का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ है, जिसने क्षेत्र की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस वीडियो में कथित तौर पर रेत कंपनी के ठेकेदार की फ्लाइंग टीम को अवैध रेत परिवहन पर कार्रवाई करने के दौरान कुछ नकाबपोश लोगों द्वारा फिल्मी अंदाज में पीछा करते हुए दिखाया गया है। नकाबपोशों के डर से टीम को अपनी जान बचाने के लिए गाड़ी भगाकर भागना पड़ा। इस घटना के संबंध में भगुवापुरा थाना प्रभारी शाकिर खान ने बताया कि उन्हें मामले की जानकारी वायरल वीडियो से मिली है, लेकिन अभी तक किसी भी पक्ष ने थाने में लिखित शिकायत दर्ज नहीं कराई है। वहीं, जिला खनिज अधिकारी ओ.पी. बघेल ने कहा कि गुरुवार को खनिज विभाग की टीम दुरसड़ा थाना क्षेत्र में कार्रवाई के लिए निकली थी और अगर वायरल वीडियो में दिख रही कार उनके विभाग की फ्लाइंग टीम की है, तो जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। यह घटना गुरुवार दोपहर की बताई जा रही है और वीडियो शुक्रवार को वायरल हुआ, लेकिन शनिवार तक किसी भी पक्ष द्वारा शिकायत दर्ज नहीं कराई गई। इस स्थिति पर मूल पोस्ट में तीखे सवाल उठाए गए हैं कि क्या इस घटना में शामिल लोगों का खौफ इतना ज़्यादा है कि कोई शिकायत दर्ज नहीं करवा रहा है। साथ ही यह भी पूछा गया है कि क्या पुलिस और खनिज विभाग केवल 'लिखित शिकायत' का इंतजार करते रहेंगे या वे हाईवे पर खुलेआम घूमने वाले इन तत्वों पर सीधे कार्रवाई करेंगे।
- सेवढ़ा के ग्राम बसई जीव में कुछ दिनों पहले आए तेज आंधी-तूफान के कारण कई विद्युत पोल गिर गए थे, जिससे गांव की बिजली व्यवस्था पूरी तरह ठप हो गई है। कई दिन बीत जाने के बाद भी बिजली विभाग ने गिरे हुए खंभों को दोबारा खड़ा नहीं किया है, जिससे पूरा गांव अंधेरे में रहने को मजबूर है और ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों के अनुसार, विद्युत आपूर्ति बाधित होने से गांव का जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। किसानों को अपने खेतों में लगी मोटरों से सिंचाई न कर पाने के कारण सबसे अधिक परेशानी हो रही है, जिससे उनकी फसलें प्रभावित हो रही हैं। वहीं, पशुपालकों को भी अपने मवेशियों के लिए समय पर पानी उपलब्ध कराने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। पेयजल संकट भी गहरा गया है क्योंकि गांव में पहले से ही कम हैंडपंप हैं और बिजली न होने के कारण मोटर पंप भी बंद पड़े हैं, जिससे लोगों को दूर-दराज से पानी लाना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने कई बार बिजली विभाग को इस संबंध में सूचना दी है, लेकिन अभी तक कोई स्थायी समाधान नहीं किया गया है। उन्होंने विभाग से जल्द से जल्द गिरे हुए विद्युत पोलों को खड़ा कर बिजली आपूर्ति बहाल करने की मांग की है, ताकि किसानों, पशुपालकों और आम नागरिकों को राहत मिल सके। इस मामले पर सहायक उपयंत्री नीरज यादव ने कहा है कि वह कर्मचारियों को गांव भेजकर मौके का निरीक्षण करवाएंगे, और निरीक्षण के बाद जो भी आवश्यक व उचित कार्रवाई होगी, उसे तत्काल कराया जाएगा तथा बिजली लाइन शीघ्र चालू कराई जाएगी। अब ग्रामीणों को उम्मीद है कि विभाग जल्द कार्रवाई करेगा और गांव की बिजली व्यवस्था बहाल होगी, जिससे उनकी लंबे समय से चली आ रही परेशानी का समाधान हो पाएगा।1
- मध्य प्रदेश के भिंड जिले के ग्राम पंचायत द्वार के हरकापुरा गांव में सरंपच द्वारा कराए जा रहे निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। जानकारी के अनुसार, हरकापुरा के शांतिधाम में हो रहे इस कार्य में सही सामग्री का इस्तेमाल नहीं किया जा रहा है। आरोप है कि काम में रेत मिट्टी वाली और घटिया किस्म की 'नंबर 3' ईंटें लगाई जा रही हैं।1
- भिण्ड जिले के अटेर कस्बे में जनकल्याण संघर्ष समिति और क्षेत्रीय जनता द्वारा पिछले 37 दिनों से जारी अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन आज शनिवार को दोपहर 3 बजे फिलहाल स्थगित कर दिया गया है। यह आंदोलन अटेर-जैतपुर चंबल मार्ग सहित क्षेत्र की 5 सूत्रीय जनसमस्याओं को लेकर किया जा रहा था। प्रशासन के लिखित और मौखिक आश्वासनों के बाद यह निर्णय लिया गया। कुछ दिन पूर्व भिंड कलेक्टर ने अटेर क्षेत्र का दौरा किया था, जिसके बाद कलेक्टर के निर्देश पर एसडीएम शिवांगी अग्रवाल ने प्रशासन के प्रतिनिधि के तौर पर आंदोलनकारियों से संवाद किया। अटेर तहसीलदार और अन्य प्रशासनिक अधिकारियों ने मांगों पर सकारात्मक और समयबद्ध कार्रवाई का भरोसा दिलाया। इनमें अटेर-जैतपुर पुल मार्ग को इसी वर्ष अक्टूबर-नवंबर तक आवागमन के लिए शुरू कराने का आश्वासन भी शामिल है। इसके अतिरिक्त, नगर पंचायत, न्यायिक न्यायालय, मंडी, वन भूमि संबंधी मुद्दे और बाढ़ प्रभावित ग्रामीणों के पुनर्वास जैसी अन्य प्रमुख मांगों पर शासन स्तर पर पत्राचार और आवश्यक प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जनकल्याण संघर्ष समिति के सदस्यों ने अटेर तहसीलदार को कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपकर यह स्थगन किया, लेकिन साथ ही चेतावनी भी दी है। समिति ने स्पष्ट किया है कि यदि नवंबर 2026 तक उनकी सभी मांगें पूरी नहीं हुईं, तो आंदोलन पहले से भी अधिक उग्र रूप लेगा।1
- Post by Keshav BAghel1
- भिंड में आम आदमी पार्टी (AAP) ने 'शिक्षा माफिया' के खिलाफ कलेक्टोरेट गेट पर जोरदार धरना प्रदर्शन किया। इस दौरान पार्टी ने शिक्षा क्षेत्र में व्याप्त कथित अनियमितताओं को लेकर अपनी प्रमुख मांगें रखीं। पार्टी की मुख्य मांगों में किताबों और स्कूल ड्रेस के नाम पर चल रही कमीशनखोरी को तुरंत बंद करना शामिल था। उन्होंने यह भी मांग की कि अभिभावकों पर दबाव डालकर निजी पब्लिकेशन की किताबें खरीदने को मजबूर करने वाले स्कूलों और संबंधित शिक्षा अधिकारियों के खिलाफ जांच की जाए और तत्काल एफआईआर दर्ज की जाए। इसके अतिरिक्त, आम आदमी पार्टी ने अवैध फीस बढ़ोतरी पर रोक लगाने और सभी शिक्षण संस्थानों में 100% एनसीईआरटी पुस्तकें लागू करने की मांग की।1
- भिण्ड जिले के मेहगांव में हाल ही में हुई सड़क दुर्घटना के बाद उत्पन्न हुए घटनाक्रम को लेकर जिला कांग्रेस कमेटी (ग्रामीण) के जिलाध्यक्ष रामशेष बघेल के नेतृत्व में कांग्रेस पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं और सर्व समाज के लोगों ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर एक ज्ञापन सौंपा है। इस ज्ञापन में मृतक परिवार की महिलाओं पर कथित लाठीचार्ज और निर्दोष लोगों पर दर्ज की गई एफआईआर की निष्पक्ष जांच कराए जाने की प्रमुख मांग की गई है। ज्ञापन में स्पष्ट किया गया है कि दुर्घटना के बाद की स्थिति को शांत कराने और जाम खुलवाने में सहयोग करने वाले कांग्रेस कार्यकर्ताओं तथा स्थानीय नागरिकों के विरुद्ध कार्रवाई किए जाने की शिकायतें प्राप्त हुई हैं। इसके साथ ही, पीड़ित परिवार की महिलाओं के साथ हुई कथित पुलिस कार्रवाई की भी निष्पक्ष जांच कराए जाने की मांग उठाई गई। प्रतिनिधिमंडल ने संबंधित घटनाक्रम के उपलब्ध वीडियो और अन्य तथ्यों के आधार पर जांच कर दोषी पाए जाने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध उचित कार्रवाई करने का आग्रह किया। इस अवसर पर ग्रामीण कांग्रेस कमेटी जिलाध्यक्ष रामशेष बघेल ने कहा कि कांग्रेस पार्टी हमेशा पीड़ित और आमजन के हितों की आवाज उठाती रही है, और यदि किसी भी निर्दोष व्यक्ति के साथ अन्याय हुआ है तो उसकी निष्पक्ष जांच होना आवश्यक है। उन्होंने प्रशासन से तथ्यों एवं साक्ष्यों के आधार पर न्यायपूर्ण निर्णय लेने का आह्वान किया, जिससे आमजन का कानून एवं प्रशासन पर विश्वास बना रहे। बघेल ने यह भी चेतावनी दी कि यदि ज्ञापन में उठाई गई मांगों पर एक सप्ताह के भीतर उचित कार्रवाई नहीं की गई, तो कांग्रेस पार्टी क्षेत्रीय नागरिकों एवं समाज के लोगों के साथ मिलकर लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण तरीके से एक बड़ा जन आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी, जिसकी सम्पूर्ण जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। ज्ञापन सौंपने के दौरान देवेंद्र निगम, बदन सिंह राठौर, सत्यवीर बघेल, पूर्व विधानसभा प्रत्याशी राजवीर बघेल, संदीप बघेल, सोनू यादव कमई, नरेश सिंह राठौर, राजवीर बघेल, हवलदार बघेल, रामवीर बघेल, सुनील बघेल, कनछेदी लाल बघेल, विवेक जामोर, रामजीलाल वाल्मीकि, अभिषेक मौर्य, बालकिशन बल्लू, राजेंद यादव, राजवीर बघेल, सोनू यादव, बच्चन बघेल, अशोक अर्गल, पंचम सिंह बघेल, रघुराज बघेल, राजेंद्र बघेल सहित मेहगांव क्षेत्र के कई नागरिक उपस्थित रहे।2
- कस्बा मौ में थाना प्रभारी द्वारा जनता को साइबर फ्रॉड से बचने के संबंध में समझाइश दी गई।1
- मध्य प्रदेश के सेंवढ़ा अनुभाग के भगुवापुरा थाना क्षेत्र से दतिया-सेंवढ़ा मुख्य मार्ग का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ है, जिसने क्षेत्र की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस वीडियो में कथित तौर पर रेत कंपनी के ठेकेदार की फ्लाइंग टीम को अवैध रेत परिवहन पर कार्रवाई करने के दौरान कुछ नकाबपोश लोगों द्वारा फिल्मी अंदाज में पीछा करते हुए दिखाया गया है। नकाबपोशों के डर से टीम को अपनी जान बचाने के लिए गाड़ी भगाकर भागना पड़ा। इस घटना के संबंध में भगुवापुरा थाना प्रभारी शाकिर खान ने बताया कि उन्हें मामले की जानकारी वायरल वीडियो से मिली है, लेकिन अभी तक किसी भी पक्ष ने थाने में लिखित शिकायत दर्ज नहीं कराई है। वहीं, जिला खनिज अधिकारी ओ.पी. बघेल ने कहा कि गुरुवार को खनिज विभाग की टीम दुरसड़ा थाना क्षेत्र में कार्रवाई के लिए निकली थी और अगर वायरल वीडियो में दिख रही कार उनके विभाग की फ्लाइंग टीम की है, तो जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। यह घटना गुरुवार दोपहर की बताई जा रही है और वीडियो शुक्रवार को वायरल हुआ, लेकिन शनिवार तक किसी भी पक्ष द्वारा शिकायत दर्ज नहीं कराई गई। इस स्थिति पर मूल पोस्ट में तीखे सवाल उठाए गए हैं कि क्या इस घटना में शामिल लोगों का खौफ इतना ज़्यादा है कि कोई शिकायत दर्ज नहीं करवा रहा है। साथ ही यह भी पूछा गया है कि क्या पुलिस और खनिज विभाग केवल 'लिखित शिकायत' का इंतजार करते रहेंगे या वे हाईवे पर खुलेआम घूमने वाले इन तत्वों पर सीधे कार्रवाई करेंगे।1