स्वतंत्र भारद्वाज को जज के आवास पर किया गया पेश, एक दिन की न्यायिक हिरासत नई दिल्ली: जंतरमंतर प्रदर्शन के दौरान छात्र कार्यकर्ता के पिता से कथित मारपीट के मामले में गिरफ्तार किए गए स्वतंत्र भारद्वाज की मुश्किलें बढ़ गई हैं। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने उन्हें उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से गिरफ्तार करने के बाद दिल्ली लाया था। इसके बाद उन्हें अदालत में पेश किया गया।5 सितंबर को जज के आवास पर पेशी: शनिवार को स्वतंत्र भारद्वाज को नियमित अदालत के बजाय अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश के आवास पर पेश किए जाने की जानकारी सामने आई। रिपोर्टों के मुताबिक, उनके कानूनी सहायता वकील ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कार्यवाही में हिस्सा लिया और अदालत ने उन्हें एक दिन की पुलिस कस्टडी में भेज दिया। मामले में पुलिस ने पहले मारपीट से जुड़ी धाराओं के साथ अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम की धाराएं और आपराधिक धमकी से संबंधित प्रावधान जोड़े। इसके अलावा नाबालिग छात्र कार्यकर्ता की शिकायत के आधार पर पॉक्सो एक्ट के तहत अलग मामला दर्ज किए जाने की भी जानकारी सामने आई है।6 सितंबर को फिर अदालत में पेशी: एक दिन की पुलिस कस्टडी पूरी होने के बाद रविवार को स्वतंत्र भारद्वाज को ड्यूटी मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया। अदालत ने उन्हें एक दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। संबंधित मामले में आगे की सुनवाई के लिए उन्हें सोमवार को संबंधित अदालत के समक्ष पेश किया जाना था।#दिल्लीपुलिस #स्वतंत्रभारद्वाज
स्वतंत्र भारद्वाज को जज के आवास पर किया गया पेश, एक दिन की न्यायिक हिरासत नई दिल्ली: जंतरमंतर प्रदर्शन के दौरान छात्र कार्यकर्ता के पिता से कथित मारपीट के मामले में गिरफ्तार किए गए स्वतंत्र भारद्वाज की मुश्किलें बढ़ गई हैं। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने उन्हें उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से गिरफ्तार करने के बाद दिल्ली लाया था। इसके बाद उन्हें अदालत में पेश किया गया।5 सितंबर को जज के आवास पर पेशी: शनिवार को स्वतंत्र भारद्वाज को नियमित अदालत के बजाय अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश के आवास पर पेश किए जाने की जानकारी सामने आई। रिपोर्टों के मुताबिक, उनके कानूनी सहायता वकील ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कार्यवाही में हिस्सा लिया और अदालत ने उन्हें एक दिन की पुलिस कस्टडी में भेज दिया। मामले में पुलिस ने पहले मारपीट से जुड़ी धाराओं के साथ अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम की धाराएं और आपराधिक धमकी से संबंधित प्रावधान जोड़े। इसके अलावा नाबालिग छात्र कार्यकर्ता की शिकायत के आधार पर पॉक्सो एक्ट के तहत अलग मामला दर्ज किए जाने की भी जानकारी सामने आई है।6 सितंबर को फिर अदालत में पेशी: एक दिन की पुलिस कस्टडी पूरी होने के बाद रविवार को स्वतंत्र भारद्वाज को ड्यूटी मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया। अदालत ने उन्हें एक दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। संबंधित मामले में आगे की सुनवाई के लिए उन्हें सोमवार को संबंधित अदालत के समक्ष पेश किया जाना था।#दिल्लीपुलिस #स्वतंत्रभारद्वाज
- शहर कांग्रेस अध्यक्ष ने वार्ड नंबर 32 के बुनियादी विकास के लिए प्रेम प्रकाश को खत्री को जिताने की अपील की बीकानेर। वार्ड नंबर 32 से कांग्रेस प्रत्याशी प्रेम प्रकाश खत्री के पक्ष में शहर कांग्रेस अध्यक्ष मदन गोपाल मेघवाल, कांग्रेस नेता एवं पूर्व विधायक रेवंत राम मेघवाल, कांग्रेस नेता गजेन्द्र सिंह सांखला, पूर्व पार्षद एवं कांग्रेस की वरिष्ठ नेत्री अंजना खत्री, कांग्रेस नेता नित्यानंद पारीक , हनुमान चौधरी एवं अन्य कांग्रेस नेताओं ने जनसंपर्क एवं 32 नम्बर वार्ड की जनता से संवाद कर वार्ड के बुनियादी विकास के लिए प्रेमप्रकाश खत्री को जिताने की अपिल की। इस अवसर पर सतीश कुमार खत्री, नरेंद्र खत्री,लक्ष्मण सिंह राजपुरोहित मौजूद रहे।1
- बच्छ बारस पर दिखी आस्था और वात्सल्य की अनूठी तस्वीर, महिलाओं ने की गाय-बछड़े की पूजाश्रीकोलायत/बीकानेर। गुरु तीर्थ नगरी श्रीकोलायत में बच्छ बारस का पावन पर्व श्रद्धा और आस्था के साथ मनाया गया। इस अवसर पर सैकड़ों महिलाओं ने स्थानीय मंदिर पहुंचकर गाय एवं बछड़े की विधिवत पूजा-अर्चना की और अपने पुत्रों के सुख-समृद्धि, अच्छे स्वास्थ्य एवं दीर्घायु की कामना की। महिलाओं ने मंगल गीत गाते हुए गाय और बछड़े को साड़ी ओढ़ाई तथा बाजरे की रोटी खिलाकर पूजा की। बच्छ बारस के दिन महिलाओं द्वारा विशेष परंपराओं का पालन किया जाता है। इस दिन चाकू से सब्जी नहीं काटी जाती तथा गेहूं और दाल का उपयोग भी नहीं किया जाता। महिलाएं बाजरे से बने पारंपरिक पकवानों का सेवन करती हैं। पर्व को लेकर मंदिर परिसर में दिनभर महिलाओं की भीड़ और भक्ति का माहौल देखने को मिला। बच्छ बारस का यह पर्व मातृत्व, वात्सल्य और गौ-सेवा की भावना का प्रतीक माना जाता है।1
- बीकानेर से निकाय चुनाव को लेकर मतदान दलों की रवानगी का सिलसिला शुरू बीकानेर से चुनावी खबर निकाय चुनाव को लेकर मतदान दलों की रवानगी का सिलसिला शुरू राजकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज से मतदान दलों को रवाना किया जा रहा जिला निर्वाचन अधिकारी निशान्त जैन सहित तमाम अधिकारी कर रहे मॉनिटरिंग बीकानेर नगर निगम चुनाव के लिए कुल 448 मतदान दलों की होगी रवानगी हर मतदान दल में पीठासीन अधिकारी सहित कुल 4 मतदान कार्मिक शामिल 9 सितंबर को सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक होगा मतदान बीकानेर नगर निगम के 448 मतदान केंद्रों पर डाले जाएंगे वोट रवानगी से पहले मतदान कार्मिकों को दिया जा रहा प्रशिक्षण ईवीएम और मतदान सामग्री के वितरण के साथ परिवहन व्यवस्था भी की गई सुनिश्चित मतदान दलों की रवानगी को लेकर पॉलिटेक्निक कॉलेज में प्रशासन की पूरी टीम तैनात जिला निर्वाचन प्रशासन की तैयारियों के बीच अब मतदान की ओर बढ़ा बीकानेर1
- निकाय चुनाव को लेकर रियांबड़ी में फ्लैग मार्च, पुलिस प्रशासन ने दिखाया सुरक्षा का दम। रियाँबड़ी(नागौर),,रियांबड़ी नगर पालिका मंडल के निकाय चुनाव को लेकर प्रशासन एवं पुलिस विभाग ने संयुक्त रूप से फ्लैग मार्च निकालकर क्षेत्र में कानून-व्यवस्था एवं शांतिपूर्ण मतदान का संदेश दिया।एसडीएम कार्यालय से फ्लैग मार्च शुरू हुआ, जो कस्बे के विभिन्न प्रमुख मार्गों से होकर निकला।फ्लैग मार्च में उपखंड अधिकारी विनीत कुमार, तहसीलदार अशोक कुमार, डेगाना वृत्ताधिकारी अजीत पाल तथा पादूकलां थाना अधिकारी देवीलाल बिश्नोई एवं थांवला थाना अधिकारी उमराव चौधरी के नेतृत्व में पुलिस एवं प्रशासन की टीम शामिल रही। अधिकारियों एवं पुलिस जवानों ने विभिन्न मार्गों से गुजरते हुए आमजन को निष्पक्ष,शांतिपूर्ण एवं भयमुक्त वातावरण में मतदान का संदेश दिया। निकाय चुनाव के मद्देनजर प्रशासन की ओर से सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विशेष सतर्कता बरती जा रही है। फ्लैग मार्च के दौरान पुलिस जवानों की मौजूदगी से कस्बे में सुरक्षा व्यवस्था का संदेश पहुंचा। अधिकारियों ने चुनाव के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने तथा किसी भी प्रकार की अव्यवस्था से निपटने के लिए प्रशासन एवं पुलिस की मुस्तैदी का भरोसा दिलाया। फ्लैग मार्च के माध्यम से प्रशासन ने मतदाताओं से लोकतांत्रिक प्रक्रिया में निर्भीक होकर भाग लेने तथा शांतिपूर्ण माहौल में मतदान करने की अपील की।3
- गौवत्स द्वादशी (बछ बारस) का पर्व श्रद्धा और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ मनाया गया। मारवाड़ मूंडवा। शहर में मंगलवार को गौवत्स द्वादशी (बछ बारस) का पर्व श्रद्धा और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ मनाया गया। इस अवसर पर स्टेशन रोड हनुमान जी के चबूतरे के पास किया महिलाओं ने गाय और बछड़े का पूजन कर परिवार की सुख-समृद्धि तथा संतान की लंबी आयु की कामना की। पर्व को लेकर सुबह से ही पारंपरिक बेशभूषा धारण कर महिलाओं में उत्साह नजर आया। महिलाओं ने गाय और बछड़े को स्नान करवाकर तिलक लगाया तथा विधि-विधान से ब्राह्मण परिवार की महिलाओं के निर्देश में पूजा-अर्चना की। इसके बाद गाय को चारा और अन्य सामग्री अर्पित कर आशीर्वाद लिया। इस अवसर पर महिलाओं ने अपने पुत्रों को तिलक लगा कर लड्डू खिलाया ओर उनकी लंबी आयु और अच्छे स्वास्थ्य की कामना की। बछ बारस के दिन परंपरा के अनुसार महिलाएं चाकू से कटी हुई खाद्य सामग्री का सेवन नहीं करती हैं। इसके अलावा गाय के दूध, दही और घी से बने खाद्य पदार्थों का भी सेवन वर्जित माना जाता है। महिलाओं ने दिनभर इन परंपराओं का पालन करते हुए अपने घरों में साबुत मोठ की सब्जी, खड़ी, एवं बाजरे की रोटी बनाई। यहां पूजा-अर्चना के बाद महिलाओं ने परिवार की खुशहाली और संतान की दीर्घायु के लिए प्रार्थना की। व्यास परिवार की महिलाओं द्वारा यहां गौवत्स द्वादशी की कहानी भी सुनाई गई1
- मलार रोड़ कचरा डंपिंग स्टेशन पर की गई तालाबंदी लंबे समय से कचरे में आग और धुएं से प्रभावित परेशान परिवारों ने की तालाबंदी।1
- सोचिए, ऐसा क्या गुनाह किया था इन बच्चों ने कि इन्हें गोली मार दी गई? इन्होंने सरकार से सिर्फ़ तीन चीजें माँगी थीं शिक्षा, रोज़गार, और जवाबदेही। एक छात्र के पैर की हड्डी AK 47 की गोली से टूट गई। सेना में जाकर देश की सेवा करने का उसका सपना भी उसी के साथ चला गया। दो और छात्रों के कंधों को गोली चीरती हुई निकल गई। ये अपराधी नहीं थे। ये ग़रीब घरों के वो बच्चे थे जो अपने परिवार के सपने लेकर पढ़ने निकले थे किसी को अच्छी नौकरी चाहिए थी, किसी को अपने घर के हालात बदलने थे। गोली के घाव भर जाएंगे पर जो डर इन बच्चों के भीतर बैठ गया है, उसका इलाज किस अस्पताल में होता है? प्रधानमंत्री जी, मुख्यमंत्री जी इनकी टूटी हड्डी तो जुड़ जाएगी। क्या इनका टटा हआ सपना आप लौटा सकते हैं? सोचिए, ऐसा क्या गुनाह किया था इन बच्चों ने कि इन्हें गोली मार दी गई? इन्होंने सरकार से सिर्फ़ तीन चीजें माँगी थीं शिक्षा, रोज़गार, और जवाबदेही। एक छात्र के पैर की हड्डी AK 47 की गोली से टूट गई। सेना में जाकर देश की सेवा करने का उसका सपना भी उसी के साथ चला गया। दो और छात्रों के कंधों को गोली चीरती हुई निकल गई। ये अपराधी नहीं थे। ये ग़रीब घरों के वो बच्चे थे जो अपने परिवार के सपने लेकर पढ़ने निकले थे किसी को अच्छी नौकरी चाहिए थी, किसी को अपने घर के हालात बदलने थे। गोली के घाव भर जाएंगे पर जो डर इन बच्चों के भीतर बैठ गया है, उसका इलाज किस अस्पताल में होता है? प्रधानमंत्री जी, मुख्यमंत्री जी इनकी टूटी हड्डी तो जुड़ जाएगी। क्या इनका टटा हआ सपना आप लौटा सकते हैं?1
- स्वतंत्र भारद्वाज को जज के आवास पर किया गया पेश, एक दिन की न्यायिक हिरासत नई दिल्ली: जंतरमंतर प्रदर्शन के दौरान छात्र कार्यकर्ता के पिता से कथित मारपीट के मामले में गिरफ्तार किए गए स्वतंत्र भारद्वाज की मुश्किलें बढ़ गई हैं। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने उन्हें उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से गिरफ्तार करने के बाद दिल्ली लाया था। इसके बाद उन्हें अदालत में पेश किया गया।5 सितंबर को जज के आवास पर पेशी: शनिवार को स्वतंत्र भारद्वाज को नियमित अदालत के बजाय अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश के आवास पर पेश किए जाने की जानकारी सामने आई। रिपोर्टों के मुताबिक, उनके कानूनी सहायता वकील ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कार्यवाही में हिस्सा लिया और अदालत ने उन्हें एक दिन की पुलिस कस्टडी में भेज दिया। मामले में पुलिस ने पहले मारपीट से जुड़ी धाराओं के साथ अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम की धाराएं और आपराधिक धमकी से संबंधित प्रावधान जोड़े। इसके अलावा नाबालिग छात्र कार्यकर्ता की शिकायत के आधार पर पॉक्सो एक्ट के तहत अलग मामला दर्ज किए जाने की भी जानकारी सामने आई है।6 सितंबर को फिर अदालत में पेशी: एक दिन की पुलिस कस्टडी पूरी होने के बाद रविवार को स्वतंत्र भारद्वाज को ड्यूटी मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया। अदालत ने उन्हें एक दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। संबंधित मामले में आगे की सुनवाई के लिए उन्हें सोमवार को संबंधित अदालत के समक्ष पेश किया जाना था।#दिल्लीपुलिस #स्वतंत्रभारद्वाज1