दिल्ली और पटना में छात्रों पर हुए लाठीचार्ज और पेपर लीक के विरोध में बिहार के कैमूर जिले के भभुआ नगर में राजद और छात्रों ने शांतिपूर्ण आंदोलन निकाला। इस प्रदर्शन में सैकड़ों की संख्या में छात्र-छात्राएं शामिल हुए, जिन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और नीट (NEET) परीक्षा को पारदर्शी व सही तरीके से आयोजित कराने की मांग की। आंदोलन की सूचना मिलते ही पुलिस सुबह से ही जिला मुख्यालय सहित कई प्रमुख स्थानों पर मुस्तैद रही। सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए एसडीएम और डीएसपी की मौजूदगी में भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई। एकता चौक से मुख्यालय आने वाले रास्ते पर बैरिकेडिंग कर दी गई थी और समाहरणालय के मुख्य द्वार को बंद कर दिया गया था, जिससे प्रदर्शनकारी जिला मुख्यालय की तरफ नहीं बढ़ सके। मामले की जानकारी देते हुए कैमूर एसपी शिखर चौधरी ने बताया कि छात्रों को बिजली कॉलोनी से एकता चौक तक विरोध मार्च निकालने की अनुमति दी गई थी। पुलिस द्वारा छात्रों की मांगों को सरकार तक पहुंचाने का आश्वासन दिए जाने के बाद सभी छात्र शांतिपूर्वक लौट गए। एसपी ने अपील की है कि छात्र अपनी मांगों को शांतिपूर्ण तरीके से रखें और आवेदन दें, जिस पर विधि सम्मत कार्रवाई की जाएगी।
दिल्ली और पटना में छात्रों पर हुए लाठीचार्ज और पेपर लीक के विरोध में बिहार के कैमूर जिले के भभुआ नगर में राजद और छात्रों ने शांतिपूर्ण आंदोलन निकाला। इस प्रदर्शन में सैकड़ों की संख्या में छात्र-छात्राएं शामिल हुए, जिन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और नीट (NEET) परीक्षा
को पारदर्शी व सही तरीके से आयोजित कराने की मांग की। आंदोलन की सूचना मिलते ही पुलिस सुबह से ही जिला मुख्यालय सहित कई प्रमुख स्थानों पर मुस्तैद रही। सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए एसडीएम और डीएसपी की मौजूदगी में भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई। एकता चौक
से मुख्यालय आने वाले रास्ते पर बैरिकेडिंग कर दी गई थी और समाहरणालय के मुख्य द्वार को बंद कर दिया गया था, जिससे प्रदर्शनकारी जिला मुख्यालय की तरफ नहीं बढ़ सके। मामले की जानकारी देते हुए कैमूर एसपी शिखर चौधरी ने बताया कि छात्रों को बिजली कॉलोनी से एकता चौक तक विरोध
मार्च निकालने की अनुमति दी गई थी। पुलिस द्वारा छात्रों की मांगों को सरकार तक पहुंचाने का आश्वासन दिए जाने के बाद सभी छात्र शांतिपूर्वक लौट गए। एसपी ने अपील की है कि छात्र अपनी मांगों को शांतिपूर्ण तरीके से रखें और आवेदन दें, जिस पर विधि सम्मत कार्रवाई की जाएगी।
- बिहार में पूर्ण शराबबंदी कानून को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए कैमूर पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है। इसी क्रम में रामगढ़ थाना पुलिस ने मोहनपुर मोड़ के समीप एक पिकअप वाहन से भारी मात्रा में अवैध देशी और विदेशी शराब बरामद की है। रामगढ़ थाना प्रभारी हरि प्रसाद को गुप्त सूचना मिली थी कि एक पिकअप वाहन में शराब की खेप ले जाई जा रही है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए वाहन रजिस्ट्रेशन संख्या BR44G3894 को घेर लिया, हालांकि चालक मौके का फायदा उठाकर फरार होने में सफल रहा। पुलिस द्वारा पिकअप वाहन की तलाशी लेने पर विभिन्न ब्रांडों की शराब बरामद की गई। जब्त शराब में ब्ल्यू लाइम देशी शराब मसाला के 103 कार्टन (4,635 पीस, 200 एमएल प्रति पीस, कुल 927 लीटर), 8 PM स्पेशल विदेशी शराब के 19 कार्टन (912 पीस, 180 एमएल प्रति पीस, कुल 164.16 लीटर), किंगफिशर बियर के 12 कार्टन (286 पीस, 500 एमएल प्रति पीस, कुल 143 लीटर) और रॉयल स्टैग विदेशी शराब के 3 कार्टन (75 पीस, 375 एमएल प्रति पीस, कुल 28.125 लीटर) शामिल हैं। इस तरह पुलिस ने कुल 1,262.285 लीटर अवैध शराब जब्त करते हुए पिकअप वाहन को भी कब्जे में ले लिया है। रामगढ़ थाना पुलिस ने फरार चालक और वाहन मालिक के खिलाफ बिहार मद्य निषेध एवं उत्पाद अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर ली है और दोनों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। रामगढ़ थाना प्रभारी हरि प्रसाद ने बताया कि जिले में शराब तस्करी के खिलाफ यह अभियान आगे भी जारी रहेगा और इस अवैध कारोबार में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।2
- दिल्ली और पटना में छात्रों पर हुए लाठीचार्ज और पेपर लीक के विरोध में बिहार के कैमूर जिले के भभुआ नगर में राजद और छात्रों ने शांतिपूर्ण आंदोलन निकाला। इस प्रदर्शन में सैकड़ों की संख्या में छात्र-छात्राएं शामिल हुए, जिन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और नीट (NEET) परीक्षा को पारदर्शी व सही तरीके से आयोजित कराने की मांग की। आंदोलन की सूचना मिलते ही पुलिस सुबह से ही जिला मुख्यालय सहित कई प्रमुख स्थानों पर मुस्तैद रही। सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए एसडीएम और डीएसपी की मौजूदगी में भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई। एकता चौक से मुख्यालय आने वाले रास्ते पर बैरिकेडिंग कर दी गई थी और समाहरणालय के मुख्य द्वार को बंद कर दिया गया था, जिससे प्रदर्शनकारी जिला मुख्यालय की तरफ नहीं बढ़ सके। मामले की जानकारी देते हुए कैमूर एसपी शिखर चौधरी ने बताया कि छात्रों को बिजली कॉलोनी से एकता चौक तक विरोध मार्च निकालने की अनुमति दी गई थी। पुलिस द्वारा छात्रों की मांगों को सरकार तक पहुंचाने का आश्वासन दिए जाने के बाद सभी छात्र शांतिपूर्वक लौट गए। एसपी ने अपील की है कि छात्र अपनी मांगों को शांतिपूर्ण तरीके से रखें और आवेदन दें, जिस पर विधि सम्मत कार्रवाई की जाएगी।4
- बिहार सरकार के युवा, रोजगार एवं कौशल विकास विभाग के तत्वावधान में जिला नियोजनालय, कैमूर द्वारा शुक्रवार को मोहनिया स्थित शारदा ब्रजराज प्लस-2 उच्च विद्यालय परिसर में एक दिवसीय जिला स्तरीय नियोजन-सह-व्यावसायिक मार्गदर्शन मेले का शुभारंभ किया गया। मेले का उद्घाटन एडीएम सह पीजीआरओ राजेश कुमार ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस अवसर पर मोहनिया एसडीएम रत्ना प्रियदर्शनी, डीसीएलआर कमला कांत त्रिवेदी, विद्यालय के प्राचार्य अजय सिंह सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। इस मेले में करीब 25 निजी कंपनियों और संस्थानों ने भाग लिया और जिले के युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए।4
- पेपर लीक की घटनाओं पर लगाम लगाने के उद्देश्य से कल होने वाली कैबिनेट बैठक में और भी सख्त कदम उठाए जाएंगे।1
- कला एवं सांस्कृतिक विभाग बिहार सरकार से आए हुए श्रद्धालु गुजरात के भाव शक्तिपीठ में समुद्र की लहरें देखने के बाद आज गुजरात से वापस बिहार लौट रहे हैं। गुजरात से वापसी के दौरान श्रद्धालुओं और पार्टी के पदाधिकारियों का कहना है कि बिहार में भी कई ऐसे पर्यटन स्थल हैं, जिन पर भारत सरकार और सम्राट चौधरी की सरकार की नज़र होनी चाहिए। उनका मानना है कि इन स्थलों पर ध्यान दिए जाने से बिहार का विकास होगा और राज्य देश के पर्यटक स्थलों में नंबर वन स्थान पर आ सकेगा।1
- देशभर में नीट परीक्षा पेपर लीक मामले को लेकर चल रहे विरोध-प्रदर्शनों के बीच चंदौली जनपद के चकिया कस्बे में छात्रों द्वारा प्रदर्शन की तैयारी की गई थी। सोशल मीडिया के माध्यम से एक दिन पूर्व ही छात्रों से एकजुट होकर विरोध-प्रदर्शन में शामिल होने का आह्वान किया गया था। इसकी सूचना मिलते ही स्थानीय अभिसूचना इकाई (LIU) और पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट हो गया, जिसके बाद एहतियात के तौर पर चकिया नगर के प्रमुख स्थानों पर कई थानों की पुलिस फोर्स तैनात कर दी गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए क्षेत्राधिकारी (सीओ) अजीत चौहान और प्रभारी निरीक्षक अर्जुन सिंह भारी पुलिस बल के साथ आदित्य नारायण राजकीय इंटर कॉलेज के मैदान पहुंचे। पुलिस अधिकारियों ने वहां मौजूद छात्रों से बातचीत की और उनसे शांतिपूर्वक अपनी बात रखने के साथ कानून-व्यवस्था बनाए रखने की अपील की। पुलिस की समझाइश के बाद छात्रों ने अपना प्रस्तावित प्रदर्शन समाप्त कर दिया। इस दौरान छात्रों के पास मौजूद शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के विरोध में लिखे गए नारे वाले पोस्टर और तख्तियों को पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिया। पुलिस प्रशासन ने छात्रों को स्पष्ट हिदायत दी कि बिना अनुमति किसी भी प्रकार का प्रदर्शन करने या कानून-व्यवस्था प्रभावित करने वाला कदम उठाने पर नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। पूरे घटनाक्रम के दौरान चकिया में पुलिस बल अलर्ट मोड पर तैनात रहा और स्थिति पूरी तरह शांतिपूर्ण बनी रही।3
- बिहार के कैमूर जिले के चैनपुर इलाके के एक गांव में ग्रामीण बूंद-बूंद पानी के लिए तड़प रहे हैं। इस गंभीर स्थिति के बावजूद जनप्रतिनिधियों से लेकर प्रशासनिक अधिकारियों तक किसी का भी ध्यान इस गांव की समस्या पर नहीं है। पानी जैसी मूलभूत आवश्यकता के लिए जूझ रहे ग्रामीणों की अनदेखी की जा रही है और जिम्मेदार तंत्र पूरी तरह बेपरवाह बना हुआ है।1
- बिहार में रोपनी करने जाने के दौरान रास्ते में एक पिकअप पलट गया। इस हादसे में पिकअप सवार 25 लोग घायल हो गए हैं।1