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कोटा जिले के दरा क्षेत्र में कल देर रात तक एक लंबा यातायात जाम लगा रहा। यह जाम एक ट्रक के खराब हो जाने के कारण उत्पन्न हुआ, जिससे सड़कों पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और पूरी रात आवागमन बाधित रहा। इस दौरान, खराब मौसम के चलते वाहन चालकों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
Mangilal Charan
कोटा जिले के दरा क्षेत्र में कल देर रात तक एक लंबा यातायात जाम लगा रहा। यह जाम एक ट्रक के खराब हो जाने के कारण उत्पन्न हुआ, जिससे सड़कों पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और पूरी रात आवागमन बाधित रहा। इस दौरान, खराब मौसम के चलते वाहन चालकों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
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- रावतभाटा में 'वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान' के अंतर्गत नगर क्षेत्र में जल संरक्षण और पर्यावरण जागरूकता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इन आयोजनों के माध्यम से आमजन तक जल संरक्षण का महत्वपूर्ण संदेश पहुँचाया गया। कार्यक्रमों की श्रृंखला में, शाम 7 बजे आर.पी.एस. डैम चंबल नदी घाट पर एक रंगोली कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसके बाद शाम 7:30 बजे आर.पी.एस. डैम पार्क, इंडिया गेट पर प्लास्टिक की रोकथाम के लिए जागरूकता कार्यक्रम और कपड़े के बैग का वितरण किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य नागरिकों को प्रतिबंधित सिंगल यूज़ प्लास्टिक के दुष्प्रभावों से अवगत कराना और उन्हें पर्यावरण संरक्षण के प्रति प्रेरित करना था, जिसके लिए "घर से लेकर निकले कपड़े का थैला, अपने शहर को ना करें मेला" का नारा भी दिया गया। अभियान के तहत शाम 8 बजे चंबल नदी में दीप प्रज्वलन और रंगोली कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में नागरिकों ने भाग लिया। इस अभियान में सभी जनप्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, एनजीओ प्रतिनिधियों एवं कर्मचारियों, स्वच्छता मित्रों और आमजन ने चंबल घाट पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। अधिशासी अधिकारी मुकेश नागर ने बताया कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य जल संरक्षण के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाना और एक स्वच्छ व स्वस्थ पर्यावरण के लिए सामूहिक सहभागिता सुनिश्चित करना है।4
- रविवार को खानपुर उपखंड क्षेत्र के गांवों के आसमान में एक अद्भुत नज़ारा देखा गया, जिसे विज्ञान की भाषा में ‘सन हेलो’ या 22-डिग्री हेलो कहते हैं। यह रोज़-रोज़ देखने को नहीं मिलता, इसलिए ग्रामीणों और सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं का इसे देखकर हैरान होना स्वाभाविक था। इस घटना के पीछे का असली वैज्ञानिक रहस्य यह है कि यह तब होता है जब आसमान में बहुत ऊंचाई पर पतले 'सिरस' बादल छा जाते हैं। इन बादलों में पानी की बूंदों के बजाय लाखों छोटे-छोटे बर्फ के षट्कोणीय क्रिस्टल होते हैं। जब सूर्य की किरणें इन बर्फ के क्रिस्टलों से होकर गुज़रती हैं, तो वे एक प्रिज्म की तरह काम करते हुए रोशनी को मोड़ देती हैं, जिससे सूर्य के चारों ओर एक सटीक गोलाकार चमकीला घेरा बन जाता है, जिसमें अक्सर इंद्रधनुष की तरह हल्के रंग भी दिखाई देते हैं। हालांकि स्थानीय पुरानी परंपराओं में ऐसी घटनाओं को अक्सर किसी दैवीय संकेत या मौसम के बड़े बदलाव से जोड़कर देखा जाता है, लेकिन यह पूरी तरह से एक सामान्य प्रकाशिक भ्रम (ऑप्टिकल इल्यूजन) और प्राकृतिक घटना है। इस खूबसूरत नज़ारे का आनंद लेते समय एक बात का ध्यान रखना ज़रूरी है कि नग्न आंखों से सीधे सूर्य की तरफ लगातार देखने से आंखों की रोशनी को नुकसान पहुँच सकता है, इसलिए इसे चश्मा लगाकर या मोबाइल कैमरे के ज़रिए देखना सबसे सुरक्षित रहता है।1
- रविवार को पनवाड़-दहीखेड़ा क्षेत्र में प्रकृति का एक दुर्लभ और अकल्पनीय नज़ारा देखने को मिला, जिसे देखकर हर कोई हैरान रह गया। दोपहर के समय अचानक आसमान में सूर्य के चारों ओर एक विशाल और चमकीला गोलाकार घेरा दिखाई दिया। ग्रामीणों ने कौतूहलवश इस अद्भुत खगोलीय घटना को अपने मोबाइल कैमरों में कैद कर लिया है, और अब इसकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रही हैं।1
- गरोठ के पिपल्या मिठैशाह गांव से गंदगी हटाने की आवश्यकता पर ज़ोर दिया गया है।1
- राजस्थान सरकार के "वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान" (जो 25 मई 2026 से 5 जून 2026 तक संचालित है) के अंतर्गत स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत 31 मई को भैसरोड़गढ़ में एक ब्लॉक स्तरीय विशाल श्रमदान कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम ग्राम भैसरोड़गढ़ स्थित काला जी की तलाई पर स्थानीय ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों के सहयोग से संपन्न हुआ। भैसरोड़गढ़ पंचायत समिति के विकास अधिकारी ग्यारसीलाल मीणा ने बताया कि इस अभियान का उद्देश्य प्राचीन तालाबों और जल स्रोतों की सफाई, गाद निकालना और धार्मिक स्थलों की स्वच्छता सुनिश्चित करना है। इसी क्रम में, बड़ी संख्या में ग्रामीण काला जी की तलाई पर एकत्रित हुए और श्रमदान के माध्यम से तलाई से गाद, हरी घास, प्लास्टिक की थैलियां और अन्य कचरा हटाया। साथ ही, कंटीली झाड़ियों की कटाई कर आसपास के क्षेत्र की भी साफ-सफाई की गई। कार्यक्रम के दौरान भैसरोड़गढ़ के प्राचीन हनुमान मंदिर परिसर में भी विशेष स्वच्छता अभियान चलाया गया। इस अवसर पर अतिरिक्त विकास अधिकारी सत्येंद्र सिसोदिया ने लोगों से प्लास्टिक का उपयोग कम करने और स्वच्छता बनाए रखने की अपील की, वहीं सहायक विकास अधिकारी धर्म सिंह पंवार ने उपस्थित जनसमूह को "वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान" की शपथ दिलाई। श्रमदान कार्यक्रम में अतिरिक्त विकास अधिकारी सत्येंद्र सिसोदिया, सहायक विकास अधिकारी धर्म सिंह पंवार, भाजपा महिला मोर्चा मंडल अध्यक्ष सोना गोस्वामी, ग्राम विकास अधिकारी नारायण लाल भाम्बी, कनिष्ठ सहायक निशा जोशी, समाजसेवी दौलत पुरी और दिलीप सिंह चौहान सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने सक्रिय रूप से भाग लिया। ग्रामीणों ने बताया कि काला जी की तलाई गांव की सबसे प्राचीन और सुंदर जल संरचनाओं में से एक थी, लेकिन प्लास्टिक और अन्य कचरे के कारण इसकी स्थिति बिगड़ गई थी, जिससे जलीय जीवों को भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था। इस श्रमदान के माध्यम से तलाई की सफाई कर जल स्रोत को पुनर्जीवित करने का प्रयास किया गया है, जिससे जलीय जीवों को भी नया जीवनदान मिला है। इस पहल के लिए ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और राजस्थान सरकार का आभार व्यक्त किया, साथ ही ऐसे जनहितकारी कार्यक्रमों को समय-समय पर आयोजित करने की मांग भी की। अभियान के तहत पंचायत समिति क्षेत्र की सभी ग्राम पंचायतों में भी विभिन्न गतिविधियां आयोजित की गईं, जिनमें वंदे गंगा प्रभात फेरियां, जनजागरूकता रैलियां, जल स्रोतों, प्राचीन बावड़ियों और पशु खेलों की सफाई, स्वच्छ जल भरना और पक्षियों के परिंडों में पानी भरकर जीवों के प्रति करुणा एवं संरक्षण का संदेश देना शामिल था।4
- कोटा जिले के दरा क्षेत्र में कल देर रात तक एक लंबा यातायात जाम लगा रहा। यह जाम एक ट्रक के खराब हो जाने के कारण उत्पन्न हुआ, जिससे सड़कों पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और पूरी रात आवागमन बाधित रहा। इस दौरान, खराब मौसम के चलते वाहन चालकों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।1