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अंकित मिश्रा के नेतृत्व में मंडी शुल्क वृद्धि के विरोध में कांग्रेस ने मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन अंकित मिश्रा के नेतृत्व में मंडी शुल्क वृद्धि के विरोध में कांग्रेस ने मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन उमरिया तपस गुप्ता मध्य प्रदेश कांग्रेस उद्योग एवं व्यापार प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष अंकित मिश्रा के नेतृत्व में प्रदेश में मंडी शुल्क 1.5 प्रतिशत किए जाने के निर्णय के विरोध में मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन के माध्यम से इस निर्णय को किसानों, व्यापारियों, लघु एवं मध्यम उद्योगों तथा आम उपभोक्ताओं के हितों के खिलाफ बताते हुए इसे तत्काल वापस लेने की मांग की गई। ज्ञापन में कहा गया कि मंडी शुल्क बढ़ने से कृषि उपज के व्यापार की लागत में वृद्धि होगी, जिससे किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिलने पर असर पड़ेगा। साथ ही व्यापारियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ बढ़ेगा और इसका प्रभाव उपभोक्ताओं तक पहुंचने वाली आवश्यक वस्तुओं की कीमतों पर भी पड़ेगा। कांग्रेस उद्योग एवं व्यापार प्रकोष्ठ ने आशंका जताई कि पड़ोसी राज्यों की तुलना में अधिक शुल्क होने से व्यापार का पलायन हो सकता है, जिससे प्रदेश के व्यापार और रोजगार पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। ज्ञापन में सरकार से मंडी शुल्क 1.5 प्रतिशत किए जाने का निर्णय तत्काल वापस लेने, व्यापारिक संगठनों एवं किसान प्रतिनिधियों के साथ व्यापक चर्चा कर नई नीति बनाने, किसानों और व्यापारियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ न डालने वाली कृषि एवं व्यापार नीति लागू करने तथा भविष्य में किसी भी शुल्क वृद्धि से पहले सभी संबंधित पक्षों से विस्तृत विचार-विमर्श करने की मांग की गई। इस अवसर पर कांग्रेस नेताओं ने कहा कि यदि सरकार ने शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो प्रदेशभर में व्यापारी संगठनों और किसानों के साथ लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक तरीके से जनआंदोलन किया जाएगा। ज्ञापन सौंपने के दौरान जिला कांग्रेस कमेटी उमरिया के जिलाध्यक्ष इंजीनियर विजय कोल, जिला संगठन महासचिव पुष्पराज सिंह, पूर्व जिलाध्यक्ष शारदा गौतम, पूर्व जिलाध्यक्ष राजेश शर्मा, ब्यौहारी विधानसभा प्रभारी एवं पार्षद त्रिभुवन प्रताप सिंह, युवा कांग्रेस जिलाध्यक्ष अनुराग सिंह अंबुज, मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस सचिव बिक्रम सिंह, आदिवासी कांग्रेस जिलाध्यक्ष मनीष बड़करे, सेवादल ब्लॉक अध्यक्ष साकिर खान, रामगोपाल दाहिया, प्रदीप नारायण तिवारी, शिवम सिंह सेंगर, ओम तिवारी, रामपाल चक्रवात, अमित जोगी, सुमित जोगी, शिव नायक, रजनीश तिवारी, जॉनी, शिवम कुमार परोहा, नवनीत कटौतिया, रवि प्रजापति, श्रेयांश तिवारी, इमरजीत राय, दीपक सिंह, रामलाल कोल, अजय सिंह सोमवंशी, एसोराम सिंह सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता, विभिन्न प्रकोष्ठों के पदाधिकारी, युवा साथी एवं वरिष्ठ कांग्रेसजन उपस्थित रहे।

14 hrs ago
user_Tapas Gupta
Tapas Gupta
पाली, उमरिया, मध्य प्रदेश•
14 hrs ago
96adb63d-2421-4292-ace6-b4bb0c7ce7d3

अंकित मिश्रा के नेतृत्व में मंडी शुल्क वृद्धि के विरोध में कांग्रेस ने मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन अंकित मिश्रा के नेतृत्व में मंडी शुल्क वृद्धि के विरोध में कांग्रेस ने मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन उमरिया तपस गुप्ता मध्य प्रदेश कांग्रेस उद्योग एवं व्यापार प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष अंकित मिश्रा के नेतृत्व में प्रदेश में मंडी शुल्क 1.5 प्रतिशत किए जाने के निर्णय के विरोध में मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन के माध्यम से इस निर्णय को किसानों, व्यापारियों, लघु एवं मध्यम उद्योगों तथा आम उपभोक्ताओं के हितों के खिलाफ बताते हुए इसे तत्काल वापस लेने की मांग की गई। ज्ञापन में कहा गया कि मंडी शुल्क बढ़ने से कृषि उपज के व्यापार की लागत में वृद्धि होगी, जिससे किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिलने पर असर पड़ेगा। साथ ही व्यापारियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ बढ़ेगा और इसका प्रभाव उपभोक्ताओं तक पहुंचने वाली आवश्यक वस्तुओं की कीमतों पर भी पड़ेगा। कांग्रेस उद्योग एवं व्यापार प्रकोष्ठ ने आशंका जताई कि पड़ोसी राज्यों की तुलना में अधिक शुल्क होने से व्यापार का पलायन हो सकता है, जिससे प्रदेश के व्यापार और रोजगार पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। ज्ञापन में सरकार से मंडी शुल्क 1.5 प्रतिशत किए जाने का निर्णय तत्काल वापस लेने, व्यापारिक संगठनों एवं किसान प्रतिनिधियों के साथ व्यापक चर्चा कर नई नीति बनाने, किसानों और व्यापारियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ न डालने वाली कृषि एवं व्यापार नीति लागू करने तथा भविष्य में किसी भी शुल्क वृद्धि से पहले सभी संबंधित पक्षों से विस्तृत विचार-विमर्श करने की मांग की गई। इस अवसर पर कांग्रेस नेताओं ने कहा कि यदि सरकार ने शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो प्रदेशभर में व्यापारी संगठनों और किसानों के साथ लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक तरीके से जनआंदोलन किया जाएगा। ज्ञापन सौंपने के दौरान जिला कांग्रेस कमेटी उमरिया के जिलाध्यक्ष इंजीनियर विजय कोल, जिला संगठन महासचिव पुष्पराज सिंह, पूर्व जिलाध्यक्ष शारदा गौतम, पूर्व जिलाध्यक्ष राजेश शर्मा, ब्यौहारी विधानसभा प्रभारी एवं पार्षद त्रिभुवन प्रताप सिंह, युवा कांग्रेस जिलाध्यक्ष अनुराग सिंह अंबुज, मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस सचिव बिक्रम सिंह, आदिवासी कांग्रेस जिलाध्यक्ष मनीष बड़करे, सेवादल ब्लॉक अध्यक्ष साकिर खान, रामगोपाल दाहिया, प्रदीप नारायण तिवारी, शिवम सिंह सेंगर, ओम तिवारी, रामपाल चक्रवात, अमित जोगी, सुमित जोगी, शिव नायक, रजनीश तिवारी, जॉनी, शिवम कुमार परोहा, नवनीत कटौतिया, रवि प्रजापति, श्रेयांश तिवारी, इमरजीत राय, दीपक सिंह, रामलाल कोल, अजय सिंह सोमवंशी, एसोराम सिंह सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता, विभिन्न प्रकोष्ठों के पदाधिकारी, युवा साथी एवं वरिष्ठ कांग्रेसजन उपस्थित रहे।

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  • भिम्माडोगरी में वेस्ट ऑफ शहडोल कोल माइन की जनसुनवाई संपन्न, 'शून्य विस्थापन और 20 गुना वृक्षारोपण' का दावा उमरिया | रिपोर्टर श्याम गुप्ता ग्राम पंचायत भिम्माडोगरी में 31 जुलाई 2026 को मेसर्स जेके सीमेंट लिमिटेड को आवंटित वेस्ट ऑफ शहडोल (साउथ) कोल माइन की पर्यावरणीय स्वीकृति के लिए लोक जनसुनवाई आयोजित की गई। जनसुनवाई की अध्यक्षता अतिरिक्त जिला कलेक्टर पी.के. सेन गुप्ता ने की। जनसुनवाई के दौरान जेके सीमेंट लिमिटेड के महाप्रबंधक अनुज राज गौतम ने परियोजना की जानकारी देते हुए कहा कि यह पूरी तरह भूमिगत (अंडरग्राउंड) खदान होगी, जिससे किसी भी परिवार का विस्थापन नहीं होगा और वन्यजीवों पर भी प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा। उन्होंने बताया कि परियोजना के लिए लगभग 3,500 पेड़ काटे जाएंगे, लेकिन इसके बदले 20 गुना से अधिक वृक्षारोपण किया जाएगा। सड़क किनारे छायादार एवं फलदार पौधे भी लगाए जाएंगे। कंपनी ने स्वास्थ्य, रोजगार और सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) के तहत कई घोषणाएं कीं। कंपनी के अनुसार क्षेत्र में चलित स्वास्थ्य सेवा, एम्बुलेंस सुविधा, कौशल विकास प्रशिक्षण, स्थानीय युवाओं को रोजगार, स्व-सहायता समूहों को स्वरोजगार तथा गांवों में सौर ऊर्जा जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। कंपनी का दावा है कि सरकार के नियमों के अनुसार 70 प्रतिशत रोजगार स्थानीय लोगों को दिया जाएगा। पर्यावरण सलाहकार मृणाल ने बताया कि प्रदूषण नियंत्रण के लिए नियमित जल छिड़काव, 90 हेक्टेयर हरित पट्टी तथा 51,813 पौधों का रोपण किया जाएगा। यह प्रस्तावित परियोजना 1,481.19 हेक्टेयर क्षेत्र में फैली है, जिसमें 965 हेक्टेयर वन भूमि शामिल है। इससे अमिलिहा, भिम्माडोगरी, महरोई, बंधवा वारा, कत्राबहरा, देवगवां, चंदनिया, बंधवा खुर्द एवं बरगवां सहित 9 गांव प्रभावित होंगे। परियोजना में 153 मिलियन टन कोयला भंडार, 0.70 मिलियन टन वार्षिक उत्पादन क्षमता, 600 करोड़ रुपये की लागत, 34 वर्षों तक खनन तथा 641 लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिलने का दावा किया गया है। जनसुनवाई में जनप्रतिनिधियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने परियोजना का समर्थन करते हुए कई महत्वपूर्ण सुझाव भी रखे। जनपद अध्यक्ष मनीष सिंह ने भूमि धंसाव की स्थिति में पुनर्वास, पेयजल पाइपलाइन, स्थानीय लोगों को सीधा रोजगार और CSR में महिला स्व-सहायता समूहों की भागीदारी सुनिश्चित करने की मांग की। जनपद उपाध्यक्ष अवधेश प्रताप सिंह ने कहा कि उद्योग से क्षेत्र का विकास होगा, लेकिन जल, वायु और ध्वनि प्रदूषण पर प्रभावी नियंत्रण जरूरी है तथा खदान के पानी का उपयोग सिंचाई में किया जाना चाहिए। जिला पंचायत सदस्य हेमनाथ बैगा ने बैगा समुदाय के हितों की रक्षा, वनोपज आधारित वृक्षारोपण, जल स्तर की सुरक्षा तथा विशेष जनजातीय विकास योजना बनाने की मांग रखी। जनसुनवाई के अंत में अतिरिक्त जिला कलेक्टर पी.के. सेन गुप्ता ने कहा कि बैठक में प्राप्त सभी सुझावों और आपत्तियों का संकलन कर पर्यावरण मंत्रालय एवं संबंधित समिति को भेजा जाएगा। अब अंतिम निर्णय पर्यावरण मंत्रालय द्वारा सभी पहलुओं पर विचार करने के बाद लिया जाएगा।
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    भिम्माडोगरी में वेस्ट ऑफ शहडोल कोल माइन की जनसुनवाई संपन्न, 'शून्य विस्थापन और 20 गुना वृक्षारोपण' का दावा
उमरिया |
रिपोर्टर श्याम गुप्ता 
ग्राम पंचायत भिम्माडोगरी में 31 जुलाई 2026 को मेसर्स जेके सीमेंट लिमिटेड को आवंटित वेस्ट ऑफ शहडोल (साउथ) कोल माइन की पर्यावरणीय स्वीकृति के लिए लोक जनसुनवाई आयोजित की गई। जनसुनवाई की अध्यक्षता अतिरिक्त जिला कलेक्टर पी.के. सेन गुप्ता ने की।
जनसुनवाई के दौरान जेके सीमेंट लिमिटेड के महाप्रबंधक अनुज राज गौतम ने परियोजना की जानकारी देते हुए कहा कि यह पूरी तरह भूमिगत (अंडरग्राउंड) खदान होगी, जिससे किसी भी परिवार का विस्थापन नहीं होगा और वन्यजीवों पर भी प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा। उन्होंने बताया कि परियोजना के लिए लगभग 3,500 पेड़ काटे जाएंगे, लेकिन इसके बदले 20 गुना से अधिक वृक्षारोपण किया जाएगा। सड़क किनारे छायादार एवं फलदार पौधे भी लगाए जाएंगे।
कंपनी ने स्वास्थ्य, रोजगार और सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) के तहत कई घोषणाएं कीं। कंपनी के अनुसार क्षेत्र में चलित स्वास्थ्य सेवा, एम्बुलेंस सुविधा, कौशल विकास प्रशिक्षण, स्थानीय युवाओं को रोजगार, स्व-सहायता समूहों को स्वरोजगार तथा गांवों में सौर ऊर्जा जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। कंपनी का दावा है कि सरकार के नियमों के अनुसार 70 प्रतिशत रोजगार स्थानीय लोगों को दिया जाएगा।
पर्यावरण सलाहकार मृणाल ने बताया कि प्रदूषण नियंत्रण के लिए नियमित जल छिड़काव, 90 हेक्टेयर हरित पट्टी तथा 51,813 पौधों का रोपण किया जाएगा।
यह प्रस्तावित परियोजना 1,481.19 हेक्टेयर क्षेत्र में फैली है, जिसमें 965 हेक्टेयर वन भूमि शामिल है। इससे अमिलिहा, भिम्माडोगरी, महरोई, बंधवा वारा, कत्राबहरा, देवगवां, चंदनिया, बंधवा खुर्द एवं बरगवां सहित 9 गांव प्रभावित होंगे। परियोजना में 153 मिलियन टन कोयला भंडार, 0.70 मिलियन टन वार्षिक उत्पादन क्षमता, 600 करोड़ रुपये की लागत, 34 वर्षों तक खनन तथा 641 लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिलने का दावा किया गया है।
जनसुनवाई में जनप्रतिनिधियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने परियोजना का समर्थन करते हुए कई महत्वपूर्ण सुझाव भी रखे। जनपद अध्यक्ष मनीष सिंह ने भूमि धंसाव की स्थिति में पुनर्वास, पेयजल पाइपलाइन, स्थानीय लोगों को सीधा रोजगार और CSR में महिला स्व-सहायता समूहों की भागीदारी सुनिश्चित करने की मांग की।
जनपद उपाध्यक्ष अवधेश प्रताप सिंह ने कहा कि उद्योग से क्षेत्र का विकास होगा, लेकिन जल, वायु और ध्वनि प्रदूषण पर प्रभावी नियंत्रण जरूरी है तथा खदान के पानी का उपयोग सिंचाई में किया जाना चाहिए।
जिला पंचायत सदस्य हेमनाथ बैगा ने बैगा समुदाय के हितों की रक्षा, वनोपज आधारित वृक्षारोपण, जल स्तर की सुरक्षा तथा विशेष जनजातीय विकास योजना बनाने की मांग रखी।

जनसुनवाई के अंत में अतिरिक्त जिला कलेक्टर पी.के. सेन गुप्ता ने कहा कि बैठक में प्राप्त सभी सुझावों और आपत्तियों का संकलन कर पर्यावरण मंत्रालय एवं संबंधित समिति को भेजा जाएगा। अब अंतिम निर्णय पर्यावरण मंत्रालय द्वारा सभी पहलुओं पर विचार करने के बाद लिया जाएगा।
    user_Shyamkumargupta
    Shyamkumargupta
    पाली, उमरिया, मध्य प्रदेश•
    1 hr ago
  • पर्यावरण सुकृति हेतु लोक सुनवाई का आयोजन मेसर्स जे.के. सीमेंट लिमिटेड को आवंटित पर्यावरणीय स्वीकृति हेतु लोग लोक सुनवाई का आयोजन मेंसरस जे. के. सीमेंट लिमिटेड को आवंटित ग्राम अमिलिया बीमा डोंगरी महरोई बंधवाबारा कननावहरा देवगांव चंदनिया खुर्द बंधवा खुर्द एवं बरगवां तहसील पाली जिला उमरिया मध्य प्रदेश 1481.19 हेक्टेयर क्षेत्र में प्रस्तावित भूमिगत कोयला खदान वेस्ट आफ शहडोल साउथ कोल माइंस उत्पादन क्षमता 0.70 मिलियन टन प्रति वर्ष का टारगेट रखा गया।
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    पर्यावरण सुकृति हेतु लोक सुनवाई का आयोजन 
मेसर्स जे.के. सीमेंट लिमिटेड को आवंटित
पर्यावरणीय स्वीकृति हेतु लोग लोक सुनवाई का आयोजन मेंसरस  जे. के. सीमेंट लिमिटेड को आवंटित ग्राम अमिलिया बीमा डोंगरी महरोई बंधवाबारा कननावहरा देवगांव चंदनिया खुर्द बंधवा खुर्द एवं बरगवां तहसील पाली जिला उमरिया मध्य प्रदेश 1481.19 हेक्टेयर क्षेत्र में प्रस्तावित भूमिगत कोयला खदान वेस्ट आफ शहडोल साउथ कोल माइंस उत्पादन क्षमता 0.70 मिलियन टन प्रति वर्ष का टारगेट रखा गया।
    user_Om Agrawal
    Om Agrawal
    पाली, उमरिया, मध्य प्रदेश•
    21 hrs ago
  • मानपुर में शराब का कथित ‘होम डिलीवरी नेटवर्क’, दुकान से बोरी में निकलती खेप और गांवों तक पहुंच रही शराब!* *ठेका किसी और का, पैरोकार कोई और!* *मानपुर में शराब का कथित ‘होम डिलीवरी नेटवर्क’, दुकान से बोरी में निकलती खेप और गांवों तक पहुंच रही शराब!* *ओवररेटिंग से ओवरटाइमिंग तक के आरोप, दोनों दुकानों की निगरानी पर उठे सवाल* *31 जुलाई की सुबह बाइक पर बोरी में शराब ले जाने का दावा, पूछने पर जेपी राय का माल बताए जाने की चर्चा* (आशुतोष त्रिपाठी/जनचिंगारी–उमरिया) मानपुर। शराब का ठेका किसी और के नाम, लेकिन दुकान से शराब निकलकर गांव-गांव तक पहुंचाने वाले कथित पैरोकारों के नाम अलग! मानपुर में शराब के कारोबार को लेकर सामने आ रहे आरोपों ने एक बार फिर आबकारी विभाग की निगरानी व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। मानपुर में संचालित दुकान क्रमांक-1, बस स्टैंड के आगे ताला रोड तथा दुकान क्रमांक-2, बिजौरी तिराहा को लेकर स्थानीय स्तर पर लगातार शिकायतें सामने आने का दावा किया जा रहा है। आरोप है कि इन दुकानों से शराब को दुकान परिसर से बाहर निकालकर मानपुर के गली-मोहल्लों से लेकर आसपास के दर्जनों गांवों तक पहुंचाया जा रहा है। सुबह का ‘खेल’ कैमरे में कैद होने का दावा शुक्रवार, 31 जुलाई 2026 की सुबह का बताया जा रहा एक दृश्य इस कथित नेटवर्क की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है। आरोप है कि बिना नंबर की हीरो मोटरसाइकिल से एक बोरी में देशी और विदेशी मदिरा भरकर गांव की ओर ले जाई जा रही थी। स्थानीय लोगों का दावा है कि यह कोई एक दिन की घटना नहीं है। उनके मुताबिक, सुबह दुकान खुलने के बाद से लेकर देर शाम और अंधेरा होने के बाद तक शराब की खेप इधर-उधर ले जाने का सिलसिला देखा जाता है। जब कथित रूप से शराब की खेप ले जा रहे लोगों से पूछताछ की गई तो जेपी राय नामक व्यक्ति का माल होने की बात कहे जाने का दावा किया गया। हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है और संबंधित व्यक्ति का पक्ष सामने आना भी बाकी है। दुकान में बिक्री या गांव-गांव ‘सप्लाई सेंटर’? सबसे बड़ा सवाल यही है कि यदि शराब केवल निर्धारित दुकान से बिक्री के लिए है तो दुकान से बोरी भरकर शराब बाहर कैसे निकल रही है? यदि यह शराब वैध रूप से ले जाई जा रही है तो उसके दस्तावेज, परिवहन की अनुमति और गंतव्य क्या है? और यदि यह दुकान से बाहर अवैध रूप से पहुंचाई जा रही है तो आबकारी विभाग की निगरानी आखिर कहां है? इन सवालों का जवाब निष्पक्ष जांच से ही सामने आ सकता है। *ओवररेटिंग और ओवरटाइमिंग के आरोपों से भी घिरी दुकानें* मानपुर की शराब दुकानों को लेकर स्थानीय लोगों द्वारा केवल गांवों तक शराब पहुंचाने के ही आरोप नहीं लगाए जा रहे, बल्कि ओवररेटिंग और निर्धारित समय के बाद शराब बिक्री जैसे आरोप भी लंबे समय से चर्चा में हैं। स्थानीय स्तर पर इस कथित नेटवर्क से जुड़े होने के आरोपों में सत्यम तिवारी, सुरेंद्र गुप्ता सहित अन्य नाम भी सामने आने का दावा किया जा रहा है। हालांकि इन व्यक्तियों की किसी अवैध गतिविधि में संलिप्तता की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और उनका पक्ष भी अपेक्षित है। क्या यह केवल कर्मचारियों का खेल है या इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क? यह सवाल इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यदि दुकान से बाहर शराब पहुंचाने का सिलसिला नियमित है तो अकेले किसी कर्मचारी या छोटे विक्रेता के स्तर पर इतने बड़े क्षेत्र में शराब की आपूर्ति संभव होने पर भी सवाल उठता है। *सीएम हेल्पलाइन तक शिकायतें, फिर भी नहीं थमा कथित कारोबार!* स्थानीय नागरिकों के मुताबिक, मानपुर में शराब के कथित अनियमित कारोबार को लेकर मौखिक, लिखित और सीएम हेल्पलाइन तक शिकायतें की जा चुकी हैं। इसके बावजूद यदि वही गतिविधियां लगातार दिखाई दे रही हैं तो शिकायतों के निराकरण की वास्तविकता पर सवाल उठना स्वाभाविक है। स्थानीय लोगों ने आबकारी वृत्त प्रभारी पर शिकायतों को कथित रूप से ‘मैनेज’ किए जाने के गंभीर आरोप भी लगाए हैं। हालांकि, यह आरोप जांच का विषय है और संबंधित अधिकारी का पक्ष सामने आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। *आबकारी की कार्रवाई पर भी सवाल* *छोटी मछलियों पर दबिश, मगर बड़े कथित नेटवर्क पर क्यों खामोशी?* ग्रामीणों का आरोप है कि आबकारी अमला कभी-कभार मानपुर क्षेत्र में गश्त करता है और महुआ से कच्ची शराब बनाने वाले छोटे कारोबारियों पर कार्रवाई कर अपनी जिम्मेदारी पूरी कर लेता है। लेकिन सवाल यह है कि— जब दुकान से कथित रूप से शराब निकलकर गांवों तक पहुंच रही है, तो इसकी जांच क्यों नहीं होती? क्या दुकानों के स्टॉक और बिक्री रिकॉर्ड का नियमित मिलान किया जाता है? क्या सीसीटीवी फुटेज की जांच होती है? क्या दुकान से बाहर ले जाई जा रही शराब की निगरानी की जाती है? यदि इन सभी व्यवस्थाओं के बावजूद शराब गांवों तक पहुंच रही है तो फिर निगरानी तंत्र में कहीं न कहीं बड़ी खामी जरूर है। बॉक्स | कलेक्टर से सीधी मांग मानपुर की दोनों शराब दुकानों की हो औचक जांच स्थानीय नागरिकों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि मानपुर की दोनों शराब दुकानों की औचक एवं निष्पक्ष जांच कराई जाए। जांच में— ● स्टॉक एवं बिक्री रजिस्टर की जांच ● सीसीटीवी फुटेज की जांच ● दुकान से बाहर शराब ले जाने की घटनाओं की पड़ताल ● ओवररेटिंग की जांच ● निर्धारित समय के बाद बिक्री की जांच ● गांवों तक शराब पहुंचाने वाले कथित नेटवर्क की जांच ● पूर्व शिकायतों के निराकरण की समीक्षा कराई जाए। नशे की आसान उपलब्धता से गांवों का माहौल प्रभावित ग्रामीणों का कहना है कि यदि शराब वास्तव में दुकान की सीमा से बाहर निकलकर गांव-गांव तक पहुंच रही है तो इसका सबसे ज्यादा असर युवा वर्ग और ग्रामीण परिवारों पर पड़ रहा है। शराब की आसान उपलब्धता से घरेलू विवाद, सड़क दुर्घटनाओं और अपराधों की आशंका बढ़ने की बात भी स्थानीय लोग कह रहे हैं। मानपुर जैसे शांत क्षेत्र में शराब की कथित अवैध सप्लाई का नेटवर्क यदि वास्तव में सक्रिय है तो यह सिर्फ आबकारी नियमों का मामला नहीं, बल्कि सामाजिक चिंता का भी विषय है। अब प्रशासन की अग्निपरीक्षा! आरोप सही हैं तो कार्रवाई कब? आरोप गलत हैं तो जांच कर सच सामने क्यों नहीं लाया जाता? मानपुर के लोगों की निगाह अब जिला प्रशासन पर है। सवाल सीधा है— दुकान से बाहर निकलती शराब की कथित खेप आखिर किसके इशारे पर जा रही है? गांवों तक शराब पहुंचाने वाला नेटवर्क किसके संरक्षण में चल रहा है? बार-बार शिकायतों के बाद भी कार्रवाई क्यों नहीं दिखाई देती? और यदि शिकायतें गलत हैं तो प्रशासन निष्पक्ष जांच कर सच्चाई सार्वजनिक क्यों नहीं करता? मानपुर के नागरिक अब दावे नहीं, कार्रवाई चाहते हैं। जिला प्रशासन द्वारा निष्पक्ष जांच कराए जाने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि मानपुर में शराब का कारोबार नियमों के अनुसार चल रहा है या फिर दुकान की आड़ में कोई बड़ा कथित नेटवर्क सक्रिय है। अब देखना यह है कि आबकारी विभाग और जिला प्रशासन इस मामले में केवल कागजी कार्रवाई करता है या वास्तव में मानपुर की शराब दुकानों की जमीनी हकीकत की जांच कर कथित नेटवर्क पर शिकंजा कसता है।
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    मानपुर में शराब का कथित ‘होम डिलीवरी नेटवर्क’, दुकान से बोरी में निकलती खेप और गांवों तक पहुंच रही शराब!*

*ठेका किसी और का, पैरोकार कोई और!*
*मानपुर में शराब का कथित ‘होम डिलीवरी नेटवर्क’, दुकान से बोरी में निकलती खेप और गांवों तक पहुंच रही शराब!*
*ओवररेटिंग से ओवरटाइमिंग तक के आरोप, दोनों दुकानों की निगरानी पर उठे सवाल*
*31 जुलाई की सुबह बाइक पर बोरी में शराब ले जाने का दावा, पूछने पर जेपी राय का माल बताए जाने की चर्चा*
(आशुतोष त्रिपाठी/जनचिंगारी–उमरिया)
मानपुर। शराब का ठेका किसी और के नाम, लेकिन दुकान से शराब निकलकर गांव-गांव तक पहुंचाने वाले कथित पैरोकारों के नाम अलग! मानपुर में शराब के कारोबार को लेकर सामने आ रहे आरोपों ने एक बार फिर आबकारी विभाग की निगरानी व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है।
मानपुर में संचालित दुकान क्रमांक-1, बस स्टैंड के आगे ताला रोड तथा दुकान क्रमांक-2, बिजौरी तिराहा को लेकर स्थानीय स्तर पर लगातार शिकायतें सामने आने का दावा किया जा रहा है। आरोप है कि इन दुकानों से शराब को दुकान परिसर से बाहर निकालकर मानपुर के गली-मोहल्लों से लेकर आसपास के दर्जनों गांवों तक पहुंचाया जा रहा है।
सुबह का ‘खेल’ कैमरे में कैद होने का दावा
शुक्रवार, 31 जुलाई 2026 की सुबह का बताया जा रहा एक दृश्य इस कथित नेटवर्क की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है। आरोप है कि बिना नंबर की हीरो मोटरसाइकिल से एक बोरी में देशी और विदेशी मदिरा भरकर गांव की ओर ले जाई जा रही थी।
स्थानीय लोगों का दावा है कि यह कोई एक दिन की घटना नहीं है। उनके मुताबिक, सुबह दुकान खुलने के बाद से लेकर देर शाम और अंधेरा होने के बाद तक शराब की खेप इधर-उधर ले जाने का सिलसिला देखा जाता है।
जब कथित रूप से शराब की खेप ले जा रहे लोगों से पूछताछ की गई तो जेपी राय नामक व्यक्ति का माल होने की बात कहे जाने का दावा किया गया। हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है और संबंधित व्यक्ति का पक्ष सामने आना भी बाकी है।
दुकान में बिक्री या गांव-गांव ‘सप्लाई सेंटर’?
सबसे बड़ा सवाल यही है कि यदि शराब केवल निर्धारित दुकान से बिक्री के लिए है तो दुकान से बोरी भरकर शराब बाहर कैसे निकल रही है?
यदि यह शराब वैध रूप से ले जाई जा रही है तो उसके दस्तावेज, परिवहन की अनुमति और गंतव्य क्या है?
और यदि यह दुकान से बाहर अवैध रूप से पहुंचाई जा रही है तो आबकारी विभाग की निगरानी आखिर कहां है?
इन सवालों का जवाब निष्पक्ष जांच से ही सामने आ सकता है।
*ओवररेटिंग और ओवरटाइमिंग के आरोपों से भी घिरी दुकानें*
मानपुर की शराब दुकानों को लेकर स्थानीय लोगों द्वारा केवल गांवों तक शराब पहुंचाने के ही आरोप नहीं लगाए जा रहे, बल्कि ओवररेटिंग और निर्धारित समय के बाद शराब बिक्री जैसे आरोप भी लंबे समय से चर्चा में हैं।
स्थानीय स्तर पर इस कथित नेटवर्क से जुड़े होने के आरोपों में सत्यम तिवारी, सुरेंद्र गुप्ता सहित अन्य नाम भी सामने आने का दावा किया जा रहा है। हालांकि इन व्यक्तियों की किसी अवैध गतिविधि में संलिप्तता की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और उनका पक्ष भी अपेक्षित है।
क्या यह केवल कर्मचारियों का खेल है या इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क?
यह सवाल इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यदि दुकान से बाहर शराब पहुंचाने का सिलसिला नियमित है तो अकेले किसी कर्मचारी या छोटे विक्रेता के स्तर पर इतने बड़े क्षेत्र में शराब की आपूर्ति संभव होने पर भी सवाल उठता है।
*सीएम हेल्पलाइन तक शिकायतें, फिर भी नहीं थमा कथित कारोबार!*
स्थानीय नागरिकों के मुताबिक, मानपुर में शराब के कथित अनियमित कारोबार को लेकर मौखिक, लिखित और सीएम हेल्पलाइन तक शिकायतें की जा चुकी हैं।
इसके बावजूद यदि वही गतिविधियां लगातार दिखाई दे रही हैं तो शिकायतों के निराकरण की वास्तविकता पर सवाल उठना स्वाभाविक है।
स्थानीय लोगों ने आबकारी वृत्त प्रभारी पर शिकायतों को कथित रूप से ‘मैनेज’ किए जाने के गंभीर आरोप भी लगाए हैं। हालांकि, यह आरोप जांच का विषय है और संबंधित अधिकारी का पक्ष सामने आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
*आबकारी की कार्रवाई पर भी सवाल*
*छोटी मछलियों पर दबिश, मगर बड़े कथित नेटवर्क पर क्यों खामोशी?*
ग्रामीणों का आरोप है कि आबकारी अमला कभी-कभार मानपुर क्षेत्र में गश्त करता है और महुआ से कच्ची शराब बनाने वाले छोटे कारोबारियों पर कार्रवाई कर अपनी जिम्मेदारी पूरी कर लेता है।
लेकिन सवाल यह है कि—
जब दुकान से कथित रूप से शराब निकलकर गांवों तक पहुंच रही है, तो इसकी जांच क्यों नहीं होती?
क्या दुकानों के स्टॉक और बिक्री रिकॉर्ड का नियमित मिलान किया जाता है?
क्या सीसीटीवी फुटेज की जांच होती है?
क्या दुकान से बाहर ले जाई जा रही शराब की निगरानी की जाती है?
यदि इन सभी व्यवस्थाओं के बावजूद शराब गांवों तक पहुंच रही है तो फिर निगरानी तंत्र में कहीं न कहीं बड़ी खामी जरूर है।
बॉक्स | कलेक्टर से सीधी मांग
मानपुर की दोनों शराब दुकानों की हो औचक जांच
स्थानीय नागरिकों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि मानपुर की दोनों शराब दुकानों की औचक एवं निष्पक्ष जांच कराई जाए।
जांच में—
● स्टॉक एवं बिक्री रजिस्टर की जांच
● सीसीटीवी फुटेज की जांच
● दुकान से बाहर शराब ले जाने की घटनाओं की पड़ताल
● ओवररेटिंग की जांच
● निर्धारित समय के बाद बिक्री की जांच
● गांवों तक शराब पहुंचाने वाले कथित नेटवर्क की जांच
● पूर्व शिकायतों के निराकरण की समीक्षा
कराई जाए।
नशे की आसान उपलब्धता से गांवों का माहौल प्रभावित
ग्रामीणों का कहना है कि यदि शराब वास्तव में दुकान की सीमा से बाहर निकलकर गांव-गांव तक पहुंच रही है तो इसका सबसे ज्यादा असर युवा वर्ग और ग्रामीण परिवारों पर पड़ रहा है।
शराब की आसान उपलब्धता से घरेलू विवाद, सड़क दुर्घटनाओं और अपराधों की आशंका बढ़ने की बात भी स्थानीय लोग कह रहे हैं।
मानपुर जैसे शांत क्षेत्र में शराब की कथित अवैध सप्लाई का नेटवर्क यदि वास्तव में सक्रिय है तो यह सिर्फ आबकारी नियमों का मामला नहीं, बल्कि सामाजिक चिंता का भी विषय है।
अब प्रशासन की अग्निपरीक्षा!
आरोप सही हैं तो कार्रवाई कब? आरोप गलत हैं तो जांच कर सच सामने क्यों नहीं लाया जाता?
मानपुर के लोगों की निगाह अब जिला प्रशासन पर है।
सवाल सीधा है—
दुकान से बाहर निकलती शराब की कथित खेप आखिर किसके इशारे पर जा रही है?
गांवों तक शराब पहुंचाने वाला नेटवर्क किसके संरक्षण में चल रहा है?
बार-बार शिकायतों के बाद भी कार्रवाई क्यों नहीं दिखाई देती?
और यदि शिकायतें गलत हैं तो प्रशासन निष्पक्ष जांच कर सच्चाई सार्वजनिक क्यों नहीं करता?
मानपुर के नागरिक अब दावे नहीं, कार्रवाई चाहते हैं। जिला प्रशासन द्वारा निष्पक्ष जांच कराए जाने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि मानपुर में शराब का कारोबार नियमों के अनुसार चल रहा है या फिर दुकान की आड़ में कोई बड़ा कथित नेटवर्क सक्रिय है।
अब देखना यह है कि आबकारी विभाग और जिला प्रशासन इस मामले में केवल कागजी कार्रवाई करता है या वास्तव में मानपुर की शराब दुकानों की जमीनी हकीकत की जांच कर कथित नेटवर्क पर शिकंजा कसता है।
    user_Ashutosh tripathi
    Ashutosh tripathi
    Court reporter मानपुर, उमरिया, मध्य प्रदेश•
    21 hrs ago
  • डिंडौरी, 31 जुलाई 2026। कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया ने उद्यानिकी विभाग की योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और निर्धारित लक्ष्यों की समय-सीमा में शत-प्रतिशत पूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। शुक्रवार को कलेक्टर सभाकक्ष में आयोजित समीक्षा बैठक में उन्होंने विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की प्रगति की विस्तार से समीक्षा करते हुए अधिकारियों को लंबित प्रकरणों का शीघ्र निराकरण करने और योजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं के 50-50 प्रकरणों की बिंदुवार समीक्षा की गई। कलेक्टर ने कहा कि सभी पात्र किसानों तक योजनाओं का लाभ समय पर पहुंचे, इसके लिए अधिकारी पूरी गंभीरता के साथ कार्य करें और किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरती जाए। समीक्षा के दौरान प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना (पीएमएफएमई) वर्ष 2026-27 की प्रगति का आकलन किया गया। कलेक्टर ने लाभान्वित किसानों की नामवार जानकारी प्राप्त की तथा किसानों द्वारा लगाए गए फसल एवं फलदार पौधों की स्थिति की जानकारी लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। बैठक में मिशन फॉर इंटीग्रेटेड डेवलपमेंट ऑफ हॉर्टिकल्चर (एमआईडीएच) के अंतर्गत संचालित पुष्प क्षेत्र विस्तार योजना की विकासखंडवार समीक्षा भी की गई। इसके अलावा जैविक खेती योजना, बागवानी यंत्रीकरण योजना, फसलोत्तर प्रबंधन घटक तथा मसाला क्षेत्र विस्तार योजना के क्रियान्वयन की प्रगति पर भी विस्तार से चर्चा हुई। कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी उद्यानिकी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करते हुए पात्र किसानों को समय पर लाभान्वित किया जाए। उन्होंने कहा कि योजनाओं की नियमित समीक्षा, सतत मॉनिटरिंग और समयबद्ध कार्रवाई के माध्यम से निर्धारित लक्ष्यों को हर हाल में पूरा किया जाए, ताकि जिले के अधिक से अधिक किसानों को शासन की योजनाओं का लाभ मिल सके।
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    डिंडौरी, 31 जुलाई 2026।
कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया ने उद्यानिकी विभाग की योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और निर्धारित लक्ष्यों की समय-सीमा में शत-प्रतिशत पूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। शुक्रवार को कलेक्टर सभाकक्ष में आयोजित समीक्षा बैठक में उन्होंने विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की प्रगति की विस्तार से समीक्षा करते हुए अधिकारियों को लंबित प्रकरणों का शीघ्र निराकरण करने और योजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक में विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं के 50-50 प्रकरणों की बिंदुवार समीक्षा की गई। कलेक्टर ने कहा कि सभी पात्र किसानों तक योजनाओं का लाभ समय पर पहुंचे, इसके लिए अधिकारी पूरी गंभीरता के साथ कार्य करें और किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरती जाए।
समीक्षा के दौरान प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना (पीएमएफएमई) वर्ष 2026-27 की प्रगति का आकलन किया गया। कलेक्टर ने लाभान्वित किसानों की नामवार जानकारी प्राप्त की तथा किसानों द्वारा लगाए गए फसल एवं फलदार पौधों की स्थिति की जानकारी लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
बैठक में मिशन फॉर इंटीग्रेटेड डेवलपमेंट ऑफ हॉर्टिकल्चर (एमआईडीएच) के अंतर्गत संचालित पुष्प क्षेत्र विस्तार योजना की विकासखंडवार समीक्षा भी की गई। इसके अलावा जैविक खेती योजना, बागवानी यंत्रीकरण योजना, फसलोत्तर प्रबंधन घटक तथा मसाला क्षेत्र विस्तार योजना के क्रियान्वयन की प्रगति पर भी विस्तार से चर्चा हुई।
कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी उद्यानिकी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करते हुए पात्र किसानों को समय पर लाभान्वित किया जाए। उन्होंने कहा कि योजनाओं की नियमित समीक्षा, सतत मॉनिटरिंग और समयबद्ध कार्रवाई के माध्यम से निर्धारित लक्ष्यों को हर हाल में पूरा किया जाए, ताकि जिले के अधिक से अधिक किसानों को शासन की योजनाओं का लाभ मिल सके।
    user_खमोद चंदेल
    खमोद चंदेल
    डिंडोरी, डिंडोरी, मध्य प्रदेश•
    13 hrs ago
  • समर्पित सेवाकाल को मिला सम्मान, भावभीनी विदाई के साथ सेवानिवृत्त हुए नन्दूलाल साहू समर्पित सेवाकाल को मिला सम्मान, भावभीनी विदाई के साथ सेवानिवृत्त हुए नन्दूलाल साहू प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बरगांव में आयोजित सम्मान समारोह में अधिकारियों, कर्मचारियों और जनप्रतिनिधियों ने दी शुभकामनाएं डिंडोरी -- प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बरगांव में वर्षों तक निष्ठा, ईमानदारी और सेवाभाव के साथ अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करने वाले कर्मचारी श्री नन्दूलाल साहू के सेवानिवृत्त होने पर शुक्रवार को गरिमामय सम्मान एवं विदाई समारोह आयोजित किया गया। समारोह भावनात्मक माहौल के बीच संपन्न हुआ, जहां स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों, कर्मचारियों, जनप्रतिनिधियों तथा परिजनों ने उनके उल्लेखनीय सेवाकाल को याद करते हुए सम्मानपूर्वक विदाई दी। कार्यक्रम में श्री साहू को शाल, श्रीफल एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। वक्ताओं ने कहा कि उन्होंने अपने पूरे सेवाकाल में कर्तव्यनिष्ठा, अनुशासन और समर्पण का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया। उनका सहज, सरल और सहयोगी व्यक्तित्व हमेशा सहकर्मियों के लिए प्रेरणादायी रहेगा। शहपुरा विकासखंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. रत्नेश द्विवेदी, चिकित्सा अधिकारी डॉ. विवेक साहू एवं डॉ. अंकित पटेल सहित उपस्थित अधिकारियों ने कहा कि श्री साहू ने स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उन्होंने अपने कार्यों से विभाग की गरिमा बढ़ाई और मरीजों के प्रति संवेदनशीलता एवं सेवा भावना का परिचय दिया। समारोह में उपस्थित सहकर्मियों ने उनके साथ बिताए कार्यकाल की स्मृतियों को साझा करते हुए कहा कि उनका अनुभव, सकारात्मक सोच और टीम भावना सदैव याद की जाएगी। परिजनों एवं जनप्रतिनिधियों ने भी उनके स्वस्थ, सुखमय एवं सक्रिय सेवानिवृत्त जीवन की कामना करते हुए उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। विदाई समारोह सम्मान, आत्मीयता और भावनाओं से ओतप्रोत रहा। उपस्थित सभी लोगों ने तालियों की गड़गड़ाहट के बीच श्री नन्दूलाल साहू के दीर्घ, निष्कलंक और प्रेरणादायी सेवाकाल को नमन करते हुए उनके जीवन की नई शुरुआत के लिए शुभकामनाएं प्रेषित कीं।
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    समर्पित सेवाकाल को मिला सम्मान, भावभीनी विदाई के साथ सेवानिवृत्त हुए नन्दूलाल साहू


समर्पित सेवाकाल को मिला सम्मान, भावभीनी विदाई के साथ सेवानिवृत्त हुए नन्दूलाल साहू
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बरगांव में आयोजित सम्मान समारोह में अधिकारियों, कर्मचारियों और जनप्रतिनिधियों ने दी शुभकामनाएं
डिंडोरी -- प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बरगांव में वर्षों तक निष्ठा, ईमानदारी और सेवाभाव के साथ अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करने वाले कर्मचारी श्री नन्दूलाल साहू के सेवानिवृत्त होने पर शुक्रवार को गरिमामय सम्मान एवं विदाई समारोह आयोजित किया गया। समारोह भावनात्मक माहौल के बीच संपन्न हुआ, जहां स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों, कर्मचारियों, जनप्रतिनिधियों तथा परिजनों ने उनके उल्लेखनीय सेवाकाल को याद करते हुए सम्मानपूर्वक विदाई दी।
कार्यक्रम में श्री साहू को शाल, श्रीफल एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। वक्ताओं ने कहा कि उन्होंने अपने पूरे सेवाकाल में कर्तव्यनिष्ठा, अनुशासन और समर्पण का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया। उनका सहज, सरल और सहयोगी व्यक्तित्व हमेशा सहकर्मियों के लिए प्रेरणादायी रहेगा।
शहपुरा विकासखंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. रत्नेश द्विवेदी, चिकित्सा अधिकारी डॉ. विवेक साहू एवं डॉ. अंकित पटेल सहित उपस्थित अधिकारियों ने कहा कि श्री साहू ने स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उन्होंने अपने कार्यों से विभाग की गरिमा बढ़ाई और मरीजों के प्रति संवेदनशीलता एवं सेवा भावना का परिचय दिया।
समारोह में उपस्थित सहकर्मियों ने उनके साथ बिताए कार्यकाल की स्मृतियों को साझा करते हुए कहा कि उनका अनुभव, सकारात्मक सोच और टीम भावना सदैव याद की जाएगी। परिजनों एवं जनप्रतिनिधियों ने भी उनके स्वस्थ, सुखमय एवं सक्रिय सेवानिवृत्त जीवन की कामना करते हुए उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।
विदाई समारोह सम्मान, आत्मीयता और भावनाओं से ओतप्रोत रहा। उपस्थित सभी लोगों ने तालियों की गड़गड़ाहट के बीच श्री नन्दूलाल साहू के दीर्घ, निष्कलंक और प्रेरणादायी सेवाकाल को नमन करते हुए उनके जीवन की नई शुरुआत के लिए शुभकामनाएं प्रेषित कीं।
    user_वाइस ऑफ़ राइट्स न्यूज चैनल
    वाइस ऑफ़ राइट्स न्यूज चैनल
    Voice of people डिंडोरी, डिंडोरी, मध्य प्रदेश•
    16 hrs ago
  • अनूपपुर: ऑनलाइन हाजिरी के लिए पेड़ पर चढ़ी एएनएम, वायरल हुआ वीडियो अनूपपुर: जिले में स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करने वाला एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में एक महिला एएनएम ऑनलाइन उपस्थिति (हाजिरी) दर्ज करने के लिए मोबाइल में नेटवर्क तलाशते हुए पेड़ पर चढ़ी दिखाई दे रही है। बताया जा रहा है कि यह स्थिति सीएमएचओ कार्यालय द्वारा ऑनलाइन उपस्थिति अनिवार्य किए जाने के कारण बनी, जबकि कई ग्रामीण क्षेत्रों में मोबाइल नेटवर्क की गंभीर समस्या है। वायरल वीडियो के बाद स्थानीय लोगों ने व्यवस्था पर नाराजगी जताते हुए इसे कर्मचारियों की मजबूरी बताया। सोशल मीडिया पर कई लोगों ने इसे "तानाशाही" और "ग्रामीण क्षेत्रों की जमीनी हकीकत" बताते हुए स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। हालांकि, फिलहाल इस मामले में सीएमएचओ की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया या जांच की पुष्टि सामने नहीं आई है। इसलिए वायरल वीडियो में किए जा रहे सभी दावों की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है।
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    अनूपपुर: ऑनलाइन हाजिरी के लिए पेड़ पर चढ़ी एएनएम, वायरल हुआ वीडियो
अनूपपुर: जिले में स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करने वाला एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में एक महिला एएनएम ऑनलाइन उपस्थिति (हाजिरी) दर्ज करने के लिए मोबाइल में नेटवर्क तलाशते हुए पेड़ पर चढ़ी दिखाई दे रही है। बताया जा रहा है कि यह स्थिति सीएमएचओ कार्यालय द्वारा ऑनलाइन उपस्थिति अनिवार्य किए जाने के कारण बनी, जबकि कई ग्रामीण क्षेत्रों में मोबाइल नेटवर्क की गंभीर समस्या है। 
वायरल वीडियो के बाद स्थानीय लोगों ने व्यवस्था पर नाराजगी जताते हुए इसे कर्मचारियों की मजबूरी बताया। सोशल मीडिया पर कई लोगों ने इसे "तानाशाही" और "ग्रामीण क्षेत्रों की जमीनी हकीकत" बताते हुए स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। हालांकि, फिलहाल इस मामले में सीएमएचओ की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया या जांच की पुष्टि सामने नहीं आई है। इसलिए वायरल वीडियो में किए जा रहे सभी दावों की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है।
    user_Prince ojha
    Prince ojha
    अनूपपुर, अनूपपुर, मध्य प्रदेश•
    17 hrs ago
  • कलेक्टर ने सीएम हेल्पलाइन के प्रकरणों का प्राथमिकता के आधार पर समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित करने के दिए निर्देश अनूपपुर - नवागत कलेक्टर रत्नाकर झा ने जिले के समस्त विभागों के अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि सभी विभागीय अधिकारी एवं मैदानी अमला अपने-अपने दायित्वों का निर्वहन पूर्ण मनोयोग एवं जिम्मेदारी के साथ करें। उन्होंने कहा कि शासकीय कार्यों के प्रति किसी भी प्रकार की लापरवाही एवं उदासीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को शासन द्वारा निर्धारित दिशा-निर्देशों एवं मापदंडों के अनुरूप शासकीय योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करते हुए निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप प्रगति लाने के निर्देश दिए। कलेक्टर श्री झा गुरुवार को कलेक्ट्रेट कार्यालय स्थित नर्मदा सभागार में विभिन्न विभागों द्वारा संचालित योजनाओं के क्रियान्वयन एवं कार्ययोजना की समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। बैठक में कलेक्टर रत्नाकर झा ने सभी अधिकारियों को सीएम हेल्पलाइन के प्रकरणों का प्राथमिकता के आधार पर समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी अधिकारी प्रतिदिन प्रातःकाल सीएम हेल्पलाइन के लंबित प्रकरणों की समीक्षा करें तथा विभागों को प्राप्त शिकायतों का गंभीरतापूर्वक निराकरण करें। उन्होंने निर्देश दिए कि किसी भी शिकायत को अनअटेंडेड न छोड़ा जाए। प्रत्येक प्रकरण की गंभीरता एवं शिकायतकर्ता की समस्या को समझते हुए उसका प्रभावी एवं संतोषजनक निराकरण सुनिश्चित किया जाए। बैठक में कलेक्टर श्री झा ने निर्माण विभागों के अधिकारियों से जिले में संचालित निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा करते हुए आवश्यक जानकारी प्राप्त की। उन्होंने निर्देशित किया कि जिले में पूर्ण हो चुके निर्माण कार्यों की लोकार्पण योग्य सूची जिला पंचायत में संधारित की जाए। साथ ही समय-समय पर लोकार्पण कार्यक्रम आयोजित कर जनप्रतिनिधियों के माध्यम से इन कार्यों का लोकार्पण कराया जाए, ताकि निर्मित भवनों एवं अधोसंरचनाओं का लाभ आमजन को समयबद्ध रूप से उपलब्ध कराया जा सके। कलेक्टर श्री रत्नाकर झा ने बैठक में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की योजनाओं एवं गतिविधियों की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत जिले में 3,358 तालाबों के निर्माण एवं संरक्षण कार्यों तथा एक बगिया माँ के नाम योजना के तहत 379 स्थलों पर आम, नींबू एवं अन्य फलदार पौधों के पौधारोपण की प्रगति की जानकारी ली। साथ ही प्रधानमंत्री जनमन योजना, स्वच्छ भारत मिशन एवं प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत किए गए सर्वेक्षण की समीक्षा करते हुए बताया गया कि जिले में 64,112 हितग्राही पात्र पाए गए हैं। बैठक में वन विभाग की समीक्षा के दौरान तेंदूपत्ता संग्रहण, पौधारोपण, जंगली हाथियों के भ्रमण की स्थिति, बचाव एवं राहत कार्यों सहित विभाग द्वारा संचालित अन्य गतिविधियों की भी विस्तृत जानकारी प्राप्त की गई।
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    कलेक्टर ने सीएम हेल्पलाइन के प्रकरणों का प्राथमिकता के आधार पर समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित करने के दिए निर्देश
अनूपपुर - 
नवागत कलेक्टर रत्नाकर झा ने जिले के समस्त विभागों के अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि सभी विभागीय अधिकारी एवं मैदानी अमला अपने-अपने दायित्वों का निर्वहन पूर्ण मनोयोग एवं जिम्मेदारी के साथ करें। उन्होंने कहा कि शासकीय कार्यों के प्रति किसी भी प्रकार की लापरवाही एवं उदासीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को शासन द्वारा निर्धारित दिशा-निर्देशों एवं मापदंडों के अनुरूप शासकीय योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करते हुए निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप प्रगति लाने के निर्देश दिए। कलेक्टर श्री झा गुरुवार को कलेक्ट्रेट कार्यालय स्थित नर्मदा सभागार में विभिन्न विभागों द्वारा संचालित योजनाओं के क्रियान्वयन एवं कार्ययोजना की समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे।
बैठक में कलेक्टर रत्नाकर झा ने सभी अधिकारियों को सीएम हेल्पलाइन के प्रकरणों का प्राथमिकता के आधार पर समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी अधिकारी प्रतिदिन प्रातःकाल सीएम हेल्पलाइन के लंबित प्रकरणों की समीक्षा करें तथा विभागों को प्राप्त शिकायतों का गंभीरतापूर्वक निराकरण करें। उन्होंने निर्देश दिए कि किसी भी शिकायत को अनअटेंडेड न छोड़ा जाए। प्रत्येक प्रकरण की गंभीरता एवं शिकायतकर्ता की समस्या को समझते हुए उसका प्रभावी एवं संतोषजनक निराकरण सुनिश्चित किया जाए।
बैठक में कलेक्टर श्री झा ने निर्माण विभागों के अधिकारियों से जिले में संचालित निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा करते हुए आवश्यक जानकारी प्राप्त की। उन्होंने निर्देशित किया कि जिले में पूर्ण हो चुके निर्माण कार्यों की लोकार्पण योग्य सूची जिला पंचायत में संधारित की जाए। साथ ही समय-समय पर लोकार्पण कार्यक्रम आयोजित कर जनप्रतिनिधियों के माध्यम से इन कार्यों का लोकार्पण कराया जाए, ताकि निर्मित भवनों एवं अधोसंरचनाओं का लाभ आमजन को समयबद्ध रूप से उपलब्ध कराया जा सके।
कलेक्टर श्री रत्नाकर झा ने बैठक में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की योजनाओं एवं गतिविधियों की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत जिले में 3,358 तालाबों के निर्माण एवं संरक्षण कार्यों तथा एक बगिया माँ के नाम योजना के तहत 379 स्थलों पर आम, नींबू एवं अन्य फलदार पौधों के पौधारोपण की प्रगति की जानकारी ली। साथ ही प्रधानमंत्री जनमन योजना, स्वच्छ भारत मिशन एवं प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत किए गए सर्वेक्षण की समीक्षा करते हुए बताया गया कि जिले में 64,112 हितग्राही पात्र पाए गए हैं। बैठक में वन विभाग की समीक्षा के दौरान तेंदूपत्ता संग्रहण, पौधारोपण, जंगली हाथियों के भ्रमण की स्थिति, बचाव एवं राहत कार्यों सहित विभाग द्वारा संचालित अन्य गतिविधियों की भी विस्तृत जानकारी प्राप्त की गई।
    user_Anupam Singh patrkar
    Anupam Singh patrkar
    अनूपपुर, अनूपपुर, मध्य प्रदेश•
    20 hrs ago
  • उद्यानिकी योजनाओं की प्रगति पर कलेक्टर सख्त, समय-सीमा में लक्ष्य पूरे करने के दिए निर्देश उद्यानिकी योजनाओं की प्रगति पर कलेक्टर सख्त, समय-सीमा में लक्ष्य पूरे करने के दिए निर्देश पीएमएफएमई, एमआईडीएच, जैविक खेती और बागवानी योजनाओं की गहन समीक्षा, पात्र किसानों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने पर जोर डिंडौरी, 31 जुलाई 2026 जिले में उद्यानिकी विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सभी योजनाओं के निर्धारित लक्ष्य समय-सीमा के भीतर शत-प्रतिशत पूरे किए जाएं। शुक्रवार को कलेक्टर सभाकक्ष में आयोजित समीक्षा बैठक में उन्होंने विभागीय योजनाओं की प्रगति का बिंदुवार परीक्षण करते हुए लंबित प्रकरणों के त्वरित निराकरण और नियमित मॉनिटरिंग पर विशेष जोर दिया। बैठक में प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना (पीएमएफएमई) वर्ष 2026-27 की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की गई। कलेक्टर ने लाभान्वित किसानों की नामवार जानकारी प्राप्त करते हुए उनके द्वारा लगाए गए फलदार एवं अन्य फसलों की स्थिति की जानकारी ली और योजनाओं के गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इसके साथ ही मिशन फॉर इंटीग्रेटेड डेवलपमेंट ऑफ हॉर्टिकल्चर (एमआईडीएच) के अंतर्गत संचालित पुष्प क्षेत्र विस्तार योजना की विकासखंडवार समीक्षा की गई। कलेक्टर ने अधिकारियों से कहा कि योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता बनाए रखते हुए पात्र किसानों को समय पर लाभान्वित किया जाए और किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरती जाए। बैठक में जैविक खेती योजना, बागवानी यंत्रीकरण योजना, फसलोत्तर प्रबंधन घटक तथा मसाला क्षेत्र विस्तार योजना की भी विस्तृत समीक्षा की गई। कलेक्टर श्रीमती भदौरिया ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रत्येक योजना की नियमित निगरानी की जाए, मैदानी स्तर पर प्रगति का सतत मूल्यांकन हो तथा शासन द्वारा निर्धारित सभी लक्ष्यों की समयबद्ध पूर्ति सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि उद्यानिकी योजनाएं किसानों की आय बढ़ाने और कृषि को लाभकारी बनाने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। इसलिए यह सुनिश्चित किया जाए कि योजनाओं का लाभ वास्तविक पात्र किसानों तक समय पर पहुंचे और जिले में उद्यानिकी विकास को नई गति मिले।
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    उद्यानिकी योजनाओं की प्रगति पर कलेक्टर सख्त, समय-सीमा में लक्ष्य पूरे करने के दिए निर्देश

उद्यानिकी योजनाओं की प्रगति पर कलेक्टर सख्त, समय-सीमा में लक्ष्य पूरे करने के दिए निर्देश
पीएमएफएमई, एमआईडीएच, जैविक खेती और बागवानी योजनाओं की गहन समीक्षा, पात्र किसानों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने पर जोर
डिंडौरी, 31 जुलाई 2026
जिले में उद्यानिकी विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सभी योजनाओं के निर्धारित लक्ष्य समय-सीमा के भीतर शत-प्रतिशत पूरे किए जाएं। शुक्रवार को कलेक्टर सभाकक्ष में आयोजित समीक्षा बैठक में उन्होंने विभागीय योजनाओं की प्रगति का बिंदुवार परीक्षण करते हुए लंबित प्रकरणों के त्वरित निराकरण और नियमित मॉनिटरिंग पर विशेष जोर दिया।
बैठक में प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना (पीएमएफएमई) वर्ष 2026-27 की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की गई। कलेक्टर ने लाभान्वित किसानों की नामवार जानकारी प्राप्त करते हुए उनके द्वारा लगाए गए फलदार एवं अन्य फसलों की स्थिति की जानकारी ली और योजनाओं के गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
इसके साथ ही मिशन फॉर इंटीग्रेटेड डेवलपमेंट ऑफ हॉर्टिकल्चर (एमआईडीएच) के अंतर्गत संचालित पुष्प क्षेत्र विस्तार योजना की विकासखंडवार समीक्षा की गई। कलेक्टर ने अधिकारियों से कहा कि योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता बनाए रखते हुए पात्र किसानों को समय पर लाभान्वित किया जाए और किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरती जाए।
बैठक में जैविक खेती योजना, बागवानी यंत्रीकरण योजना, फसलोत्तर प्रबंधन घटक तथा मसाला क्षेत्र विस्तार योजना की भी विस्तृत समीक्षा की गई। कलेक्टर श्रीमती भदौरिया ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रत्येक योजना की नियमित निगरानी की जाए, मैदानी स्तर पर प्रगति का सतत मूल्यांकन हो तथा शासन द्वारा निर्धारित सभी लक्ष्यों की समयबद्ध पूर्ति सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने कहा कि उद्यानिकी योजनाएं किसानों की आय बढ़ाने और कृषि को लाभकारी बनाने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। इसलिए यह सुनिश्चित किया जाए कि योजनाओं का लाभ वास्तविक पात्र किसानों तक समय पर पहुंचे और जिले में उद्यानिकी विकास को नई गति मिले।
    user_वाइस ऑफ़ राइट्स न्यूज चैनल
    वाइस ऑफ़ राइट्स न्यूज चैनल
    Voice of people डिंडोरी, डिंडोरी, मध्य प्रदेश•
    17 hrs ago
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