गोल्फ कार्ट पर पालिकाध्यक्ष मीरा सकलानी ने साफ किया रुख मसूरी में गोल्फ कार्ट संचालन को लेकर मजदूर संघ के दो पक्ष आमने-सामने आ गए हैं। शनिवार को 107 श्रमिक रिक्शा चालक पालिका पहुंचे और गोल्फ कार्ट का संचालन पूरी तरह बंद कराने के साथ बकरीहॉल पार्किंग मजदूर संघ को वापस सौंपने की मांग की। मजदूर संघ के महामंत्री शोभन सिंह पवार ने कहा कि मसूरी में 121 रिक्शा चालक हैं और कुछ लोगों को गोल्फ कार्ट संचालन की अनुमति देना अन्य श्रमिकों के हितों के खिलाफ है। उन्होंने मांग पूरी नहीं होने पर धरना-प्रदर्शन और आंदोलन की चेतावनी दी। वहीं पालिकाध्यक्ष मीरा सकलानी ने कहा कि गोल्फ कार्ट को लेकर मजदूर संघ के ही दो पक्षों की अलग-अलग मांगें हैं। मामला न्यायालय में विचाराधीन है और पंजीकरण का मुद्दा भी सामने है। उन्होंने कहा कि दोनों पक्षों में सहमति और न्यायालय के आदेश तक गोल्फ कार्ट संचालन पर रोक जारी रहेगी।
गोल्फ कार्ट पर पालिकाध्यक्ष मीरा सकलानी ने साफ किया रुख मसूरी में गोल्फ कार्ट संचालन को लेकर मजदूर संघ के दो पक्ष आमने-सामने आ गए हैं। शनिवार को 107 श्रमिक रिक्शा चालक पालिका पहुंचे और गोल्फ कार्ट का संचालन पूरी तरह बंद कराने के साथ बकरीहॉल पार्किंग मजदूर संघ को वापस सौंपने की मांग की। मजदूर संघ के महामंत्री शोभन सिंह पवार ने कहा कि मसूरी में 121 रिक्शा चालक हैं और कुछ लोगों को गोल्फ कार्ट संचालन की अनुमति देना अन्य श्रमिकों के हितों के खिलाफ है। उन्होंने मांग पूरी नहीं होने पर धरना-प्रदर्शन और आंदोलन की चेतावनी दी। वहीं पालिकाध्यक्ष मीरा सकलानी ने कहा कि गोल्फ कार्ट को लेकर मजदूर संघ के ही दो पक्षों की अलग-अलग मांगें हैं। मामला न्यायालय में विचाराधीन है और पंजीकरण का मुद्दा भी सामने है। उन्होंने कहा कि दोनों पक्षों में सहमति और न्यायालय के आदेश तक गोल्फ कार्ट संचालन पर रोक जारी रहेगी।
- वीकेंड पर पर्यटकों से गुलजार रही मसूरी, पानी वाले बैंड पर जाम ने छुड़ाए पसीने... देहरादून, मसूरी : क्षतिग्रस्त सड़क बनी मुसीबत, दोपहर से शाम तक कई किलोमीटर लंबा जाम; यातायात व्यवस्था पर उठे सवाल रिपोर्टर सुनील सोनकर। 13.9.2026 एंकर वीओ0 वीकेंड पर पहाड़ों की रानी मसूरी पर्यटकों से गुलजार रही। दिल्ली, पंजाब समेत विभिन्न राज्यों से बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंचे तो होटल, रेस्टोरेंट, टैक्सी और छोटे कारोबारियों के चेहरे खिल उठे। वहीं मसूरी-देहरादून मार्ग पर पानी वाले बैंड के पास क्षतिग्रस्त और संकरी सड़क पर्यटकों के लिए परेशानी का सबब बन गई। दोपहर से शाम तक वाहनों का दबाव बढ़ने से कई किलोमीटर लंबा जाम लगा रहा और पर्यटकों को घंटों जाम में फंसकर मसूरी पहुंचना पड़ा। पर्यटन कारोबारियों का कहना है कि पर्यटकों की बढ़ती संख्या कारोबार के लिए अच्छी खबर है, लेकिन यदि पर्यटक देहरादून-मसूरी मार्ग पर घंटों जाम में फंसेंगे तो इसका सीधा असर मसूरी की पर्यटन छवि पर पड़ेगा। पानी वाले बैंड पर सड़क संकरी होने के कारण यातायात की रफ्तार धीमी रही। ऐसे में स्थानीय लोगों का कहना है कि वीकेंड पर वाहनों का दबाव पहले से पता होने के बावजूद संकरा रास्तों और संवेदनशील स्थानों पर यातायात व्यवस्था को प्रभावी ढंग से नियंत्रित क्यों नहीं किया गया, इस पर भी सवाल उठ रहे हैं। लोगों का कहना है कि सड़क की मरम्मत के साथ पुलिस को भी वीकेंड के दौरान अतिरिक्त यातायात व्यवस्था करनी चाहिए, ताकि जाम को लंबा होने से रोका जा सके। स्थानीय लोगों और पर्यटकों ने पानी वाले बैंड की क्षतिग्रस्त सड़क को प्राथमिकता के आधार पर दुरुस्त करने के साथ संवेदनशील स्थानों पर प्रभावी ट्रैफिक प्लान लागू करने की मांग की है।1
- गोल्फ कार्ट पर पालिकाध्यक्ष मीरा सकलानी ने साफ किया रुख मसूरी में गोल्फ कार्ट संचालन को लेकर मजदूर संघ के दो पक्ष आमने-सामने आ गए हैं। शनिवार को 107 श्रमिक रिक्शा चालक पालिका पहुंचे और गोल्फ कार्ट का संचालन पूरी तरह बंद कराने के साथ बकरीहॉल पार्किंग मजदूर संघ को वापस सौंपने की मांग की। मजदूर संघ के महामंत्री शोभन सिंह पवार ने कहा कि मसूरी में 121 रिक्शा चालक हैं और कुछ लोगों को गोल्फ कार्ट संचालन की अनुमति देना अन्य श्रमिकों के हितों के खिलाफ है। उन्होंने मांग पूरी नहीं होने पर धरना-प्रदर्शन और आंदोलन की चेतावनी दी। वहीं पालिकाध्यक्ष मीरा सकलानी ने कहा कि गोल्फ कार्ट को लेकर मजदूर संघ के ही दो पक्षों की अलग-अलग मांगें हैं। मामला न्यायालय में विचाराधीन है और पंजीकरण का मुद्दा भी सामने है। उन्होंने कहा कि दोनों पक्षों में सहमति और न्यायालय के आदेश तक गोल्फ कार्ट संचालन पर रोक जारी रहेगी।1
- जानकी सेतु के पास नदी के टापू में फंसा 19 वर्षीय युवक, SDRF ने किया सकुशल रेस्क्यू The Aman Times 🚨 जानकी सेतु के पास नदी के टापू में फंसा 19 वर्षीय युवक, SDRF ने किया सकुशल रेस्क्यू ऋषिकेश में जानकी सेतु के पास नदी के बीच टापू पर फंसे 19 वर्षीय युवक को SDRF टीम ने देर रात त्वरित कार्रवाई करते हुए सकुशल बाहर निकाल लिया। रेस्क्यू किए गए युवक की पहचान आयुष भंडारी (19), निवासी कर्णप्रयाग, चमोली के रूप में हुई। रेस्क्यू के बाद युवक को आवश्यक कार्रवाई के लिए पुलिस के सुपुर्द किया गया।1
- dehradun sahaspur m chor khala or lakshmipur ke pass puliya ka Nirman sabka sath sabka vikas ka nara hua sach ke ham aaj dehradun ke sahaspur me chor khala lakshmipur, indrapur ke paas kafi time se jo raste awaaz I ke liye Puri tarike se barsat ke Mausam mein Pani Se Bhar jaate the is pareshani ko dekhte hue purv jila Panchayat Rashid pahalvan ne apne niji kharche se puliya ka Nirman karaya2
- भिकियासैंण में दर्दनाक सड़क हादसा, खाई में गिरा डंपर; चालक की मौत अल्मोड़ा: भिकियासैंण क्षेत्र में एक दर्दनाक सड़क हादसा सामने आया है। यहां एक डंपर अनियंत्रित होकर गहरी खाई में जा गिरा। हादसे में डंपर चालक की मौके पर ही मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और राहत-बचाव टीम मौके पर पहुंची और आवश्यक कार्रवाई शुरू की। हादसे के कारणों की जांच की जा रही है।1
- मुख्यमंत्री युवा विद्यार्थी मंथन में विद्यार्थियों ने साझा किए विकसित उत्तराखंड के सपने, सीएम धामी ने कहा—आप ही देश और प्रदेश का भविष्य टिहरी गढ़वाल क्षेत्रांतर्गत कीर्तिनगर में हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय के चौरास परिसर स्थित प्रेक्षागृह में ‘मेरे सपनों का उत्तराखंड’ विषय पर आयोजित ‘मुख्यमंत्री युवा विद्यार्थी मंथन’ कार्यक्रम में माननीय मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रतिभाग किया। इस दौरान उन्होंने प्रदेशभर के विद्यार्थियों से संवाद कर उनके विचारों, सुझावों और भविष्य के उत्तराखंड को लेकर उनकी परिकल्पनाओं को जाना। मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों की जिज्ञासाओं का समाधान करते हुए उनका मार्गदर्शन किया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की ऊर्जा, सोच और विकसित उत्तराखंड के प्रति उनकी प्रतिबद्धता उत्साहवर्धक है। प्रदेश की भावी पीढ़ी को सशक्त, आत्मनिर्भर और जागरूक बनाना सरकार की प्राथमिकता है। युवाओं के विचार और सुझाव उत्तराखंड के विकास की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि ‘मेरे सपनों का उत्तराखंड’ अभियान को प्रदेश के विद्यार्थियों का व्यापक समर्थन मिला है। अभियान के तहत प्रदेशभर से 2,67,744 विद्यार्थियों ने अपने निबंध एवं विचार भेजे हैं। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों द्वारा व्यक्त किए गए विचार उत्तराखंड के विकास, समृद्धि और उज्ज्वल भविष्य के प्रति उनकी सोच और संकल्प को दर्शाते हैं। इस कार्यक्रम में विद्यार्थियों द्वारा लिखे गए निबंधों और उनके विचारों की मुख्यमंत्री ने सराहना की। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों ने इतने अच्छे निबंध लिखे हैं कि यह निर्णय करना कठिन है कि किसने अच्छा और किसने बहुत अच्छा लिखा है। रुद्रप्रयाग से कक्षा 11 की छात्रा सीमा सेमवाल ने पलायन विषय पर अपने निबंध के बारे में बताते हुए कहा कि उन्होंने इसे दो-तीन दिनों में लिखा और पलायन को इसलिए विषय बनाया, क्योंकि उन्होंने इसे स्वयं महसूस किया है। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में मुख्य रूप से दो प्रकार का पलायन देखा जाता है—स्थायी और अस्थायी पलायन। उन्होंने कहा कि शिक्षा और रोजगार के लिए घर से दूर जाना हमेशा नकारात्मक नहीं होता। बाहर जाकर पढ़ने और सीखने से युवाओं को अच्छा अनुभव और एक्सपोजर मिलता है। हालांकि पहाड़ों में माताओं-बहनों को अनेक कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है। इसके बावजूद वे स्वयं कार्य कर रही हैं और अन्य लोगों को भी प्रेरित कर रही हैं। देवप्रयाग की श्रेया सेमवाल ने ‘पहाड़ रहें, अपने रहें, मेरे सपने रहें’ विषय पर अपने विचार रखे। वहीं प्रिया, जीईसी पौड़ी के विकसित उत्तराखंड पर सीएम के कहा विकसित भारत तभी बनेगा, जब हर गांव, हर जिला और हर राज्य विकसित होगा। छात्रा तमन्ना ने पलायन और खेती से होने वाली कम आय को रेखांकित करते हुए कहा—‘मेरा पहाड़, मेरा रोजगार, पत्थर की छाती पर बनेगा रोजगार’ मुख्यमंत्री ने उनके विचार की सराहना करते हुए कहा कि यह बहुत सकारात्मक बात है। परिस्थितियां चुनौतीपूर्ण हो सकती हैं, लेकिन हमारा संकल्प मजबूत होना चाहिए कि जीवन में हमें कुछ बेहतर करना है। छात्रा सृष्टि ने सरकारी स्कूलों और अस्पतालों पर लोगों के भरोसे से जुड़े सवाल उठाए। मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम और प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जैसे व्यक्तित्व साधारण परिवारों से निकलकर देश के सर्वोच्च पदों तक पहुंचे हैं। उन्होंने कहा कि व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के लिए युवाओं को सजग रहना होगा। आप सभी उस पीढ़ी में हैं, जो अच्छे और बेहतर की समझ रखती है। अपने जनपद और प्रदेश में क्या हो रहा है, इसकी जानकारी भी रखें। रुद्रप्रयाग की अनुष्का ने पलायन रोकने पर लिखा, जिसपर मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की भौगोलिक परिस्थितियां कठिन हैं, इसके बावजूद गांव-गांव तक बिजली और पानी जैसी मूलभूत सुविधाएं पहुंचाई जा रही हैं। फिर भी बहुत कुछ किया जाना बाकी है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में 500 से अधिक स्मार्ट क्लास संचालित किए जा रहे हैं और रिवर्स माइग्रेशन भी हो रहा है। उन्होंने युवाओं से कहा कि वे केवल नौकरी खोजने वाले नहीं, बल्कि नौकरी देने वाले बनने का लक्ष्य रखें। इशिका नेगी व गौरव बिष्ट ने पर्यटन, पर्यावरण संरक्षण और चारधाम यात्रा से जुड़े विषयों पर अपने सुझाव साझा किए। छात्र मुकेश कुशवाहा ने स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए छोटे-छोटे गांवों तक हेलीकॉप्टर एम्बुलेंस जैसी सुविधा पहुंचाने तथा विद्यालय स्तर पर कौशल विकास की ट्रेनिंग दिए जाने का सुझाव दिया। मुख्यमंत्री ने इसे अच्छा सुझाव बताते हुए कहा कि सरकार का प्रयास है कि युवाओं को अपनी प्रतिभा और क्षमता का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने के लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। अंत में मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि विद्यार्थियों द्वारा रखे गए सभी विचारों और सुझावों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। विकसित भारत और विकसित उत्तराखंड के निर्माण में प्रत्येक व्यक्ति की भूमिका महत्वपूर्ण है। उन्होंने युवाओं से नशे से दूर रहने का आह्वान भी किया। कहा कि आज का दिन उनके लिए बहुत विशेष है, क्योंकि उन्हें विद्यार्थियों से सीधे संवाद करने का अवसर मिला। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों के विचारों से उनकी परिकल्पना, ज्ञान और भविष्य को लेकर उनकी सोच का पता चलता है। सभी के भीतर आगे बढ़ने और कुछ बेहतर करने की तीव्र इच्छा दिखाई देती है। उन्होंने कहा कि देश का भविष्य युवा हैं और भविष्य का उत्तराखंड एवं भारत युवाओं के सपनों, संकल्प और मेहनत से बनेगा। वर्ष 2047 में भारत कैसा हो, उसमें युवाओं का क्या योगदान हो, उनकी क्या भूमिका हो और व्यवस्थाएं कैसी होनी चाहिए—इन सभी विषयों पर युवाओं की सोच महत्वपूर्ण है। इस विकास यात्रा में प्रत्येक युवा की भूमिका अहम है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के युवा विभिन्न क्षेत्रों में बेहतर कार्य कर रहे हैं। टेक्नोलॉजी और इनोवेशन के क्षेत्र में युवाओं की प्रतिभा को आगे बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री युवा योजना जैसे प्रयास किए जा रहे हैं। वहीं युवाओं की प्रतिभा को रोकने वाले नकल माफियाओं के विरुद्ध सरकार द्वारा सख्त कानून बनाए गए हैं। कार्यक्रम के दौरान अदिति गौतम द्वारा मुख्यमंत्री को उनकी बनाई हुई एक चित्रकृति भेंट की गई। कार्यक्रम में बेहतर सहभागिता के लिए नोडल अधिकारी / जिला शिक्षा अधिकारी (बेसिक) अंशुल बिष्ट को सम्मानित किया गया। वहीं रुद्रप्रयाग जनपद से निबंध में विद्यार्थियों की शत-प्रतिशत निबंध लेखन भागीदारी के लिए जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग विशाल मिश्रा को भी सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि वे अपने सपनों को लक्ष्य बनाकर निरंतर मेहनत करें और प्रदेश तथा देश के निर्माण में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं। कार्यक्रम का संचालन नेहा अग्रवाल और डॉ राहुल अग्रवाल ने किया, कार्यक्रम में विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राएं एवं शिक्षक उपस्थित रहे। साथ ही इस मौके पर जिलाधिकारी टिहरी गढ़वाल नितिका खण्डेलवाल, एसएसपी श्वेता चौबे, सीडीओ वरुणा अग्रवाल सहित संबंधित लोग उपस्थित रहे।2
- हरिद्वार में विधानसभा चुनाव के दृष्टिगत राजनीतिक माहौल गर्माने लगा है।विपक्ष के निशाने पर सीधे सीधे पांच बार के विधायक हैं, जिनसे सवाल पूछने का विपक्ष कोई मौका नहीं गंवा रहा। कांग्रेस की ओर से पूर्व मेयर प्रतिनिधि अशोक शर्मा भी टिकट के दावेदार हैं और सड़कों पर उतरकर अपने पक्ष में माहौल बनाने में जुटे हुए हैं। विधानसभा क्षेत्र में कहीं भी कोई समस्या सामने दीखती हो तो वह तुरंत अपने समर्थकों को लेकर वहां पहुंच जाते हैं और अपने 'असरानी' स्टाईल में नगर विधायक और भाजपा सरकार को पानी पी,पीकर कोसते हैं।वह कभी जल भराव में डमरू बजाते दीखते हैं तो कभी पानी में फंसे वाहनों को धक्का देकर निकालते दीखते हैं। हालांकि उनके इन सारे ओठम को राजनीतिक स्टंट ही माना जा रहा है।उधर नगर विधायक मदन कौशिक ने आज नारी शक्ति वंदन कार्यक्रम में कहा कि हरिद्वार इस समय एतिहासिक विकास के दौर से गुजर रहा है लेकिन सिर्फ विरोध करने वालों को यह नहीं दीख रहा है,वह मदारी की तरह कभी डमरू बजा रहे हैं तो कभी लोगों का ध्यान खींचने के लिए कपड़े उतार कर पानी में उतर रहे हैं, हालांकि उन्होंने किसी का नाम नहीं लिया। अभी आगे आनेवाले दिनों में राजनीतिक स्टंटबाजी का यह दौर और बढ़ेगा। (_कुमार दुष्यंत_)1
- पेंशन बहाली में जीत मणि पैन्यूली के आह्वान पर शिक्षक और कर्मचारी का सीएम आवास कूच... पेंशन बहाली में जीत मणि पैन्यूली के आह्वान पर शिक्षक और कर्मचारी का सीएम आवास कूच....1