अयोध्या के हैरिंग्टनगंज में रविवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसे में सरयू स्नान कर घर लौट रहे एक युवक की मौत हो गई, जबकि उसकी मां गंभीर रूप से घायल हो गईं। यह भीषण हादसा पूराकलन्दर थाना क्षेत्र के अयोध्या-रायबरेली हाइवे पर प्रभात नगर मोड़ के पास हुआ, जिसके बाद पूरे गांव में शोक की लहर फैल गई और परिवार में कोहराम मच गया। इनायतनगर थाना क्षेत्र के ग्राम उरुवा वैश्य मजरे जमोलिया निवासी उमेश तिवारी (25) शनिवार देर रात अपनी मां मनभावती (65) के साथ सरयू स्नान के लिए अयोध्या गए थे। रविवार सुबह स्नान कर दोनों घर लौट रहे थे, तभी राष्ट्रीय राजमार्ग पर प्रभात नगर के पास किसी अज्ञात वाहन ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि दोनों सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए। पीछे से आ रहे गांव के अन्य लोगों ने उन्हें घायल अवस्था में देखकर तत्काल जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने उमेश को मृत घोषित कर दिया और उनकी मां मनभावती का इलाज जारी है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पोस्टमार्टम के बाद जैसे ही शव गांव पहुंचा, परिजनों की चीख-पुकार मच गई। परिजनों के अनुसार, उमेश के पिता गोपीनाथ तिवारी का करीब सात वर्ष पहले निधन हो चुका था। उमेश तीन भाइयों में सबसे छोटा था और उसकी शादी भी दो वर्ष पूर्व ही हुई थी। परिवार में अब उसकी मां मनभावती, पत्नी कंचन और बड़े भाई मुकेश कुमार व रमेश कुमार सहित अन्य सदस्य हैं। युवक की इस असमय मौत से पूरे गांव में गम का माहौल है।
अयोध्या के हैरिंग्टनगंज में रविवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसे में सरयू स्नान कर घर लौट रहे एक युवक की मौत हो गई, जबकि उसकी मां गंभीर रूप से घायल हो गईं। यह भीषण हादसा पूराकलन्दर थाना क्षेत्र के अयोध्या-रायबरेली हाइवे पर प्रभात नगर मोड़ के पास हुआ, जिसके बाद पूरे गांव में शोक की लहर फैल गई और परिवार में कोहराम मच गया। इनायतनगर थाना क्षेत्र के ग्राम उरुवा वैश्य मजरे जमोलिया निवासी उमेश तिवारी (25) शनिवार देर रात अपनी मां मनभावती (65) के साथ सरयू स्नान के लिए
अयोध्या गए थे। रविवार सुबह स्नान कर दोनों घर लौट रहे थे, तभी राष्ट्रीय राजमार्ग पर प्रभात नगर के पास किसी अज्ञात वाहन ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि दोनों सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए। पीछे से आ रहे गांव के अन्य लोगों ने उन्हें घायल अवस्था में देखकर तत्काल जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने उमेश को मृत घोषित कर दिया और उनकी मां मनभावती का इलाज जारी है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और
शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पोस्टमार्टम के बाद जैसे ही शव गांव पहुंचा, परिजनों की चीख-पुकार मच गई। परिजनों के अनुसार, उमेश के पिता गोपीनाथ तिवारी का करीब सात वर्ष पहले निधन हो चुका था। उमेश तीन भाइयों में सबसे छोटा था और उसकी शादी भी दो वर्ष पूर्व ही हुई थी। परिवार में अब उसकी मां मनभावती, पत्नी कंचन और बड़े भाई मुकेश कुमार व रमेश कुमार सहित अन्य सदस्य हैं। युवक की इस असमय मौत से पूरे गांव में गम का माहौल है।
- अयोध्या के सोहावल क्षेत्र में ग्राम प्रधानों का कार्यकाल छह महीने के लिए बढ़ाए जाने और उन्हें प्रशासक नियुक्त करने के प्रदेश सरकार के निर्णय का जमीनी स्तर पर सकारात्मक प्रभाव दिख रहा है। एक भव्य कार्यक्रम में दर्जनों ग्राम प्रधानों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रति आभार व्यक्त किया और सरकार के इस फैसले को "जनहित में ऐतिहासिक निर्णय" बताया। इस कार्यक्रम में बीकापुर विधायक डॉ. अमित सिंह चौहान का मुख्य अतिथि के रूप में जोरदार स्वागत और सम्मान किया गया, जिनके माध्यम से प्रधानों ने मुख्यमंत्री तक अपना धन्यवाद संदेश पहुंचाने की बात कही। प्रधानों का कहना है कि पंचायतों में किसी अधिकारी को प्रशासक बनाने की बजाय निर्वाचित प्रधानों को ही जिम्मेदारी सौंपना गांवों के हित में बड़ा फैसला है, क्योंकि वे गांव की समस्याओं, जनभावनाओं, सड़कों, नालियों और हर गरीब-जरूरतमंद की पीड़ा से सीधे जुड़े रहते हैं। उनका यह भी मानना है कि पांच वर्ष तक जनता की सेवा करने के बाद, सरकार ने बिना किसी अतिरिक्त चुनावी खर्च या प्रशासनिक बोझ के कार्यकाल बढ़ाकर ग्रामीण विकास कार्यों की निरंतरता सुनिश्चित की है, जिससे अधूरे कार्य पूरे होंगे और जनता को योजनाओं का लाभ लगातार मिलता रहेगा। प्रधानों ने एक स्वर में कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यह साबित किया है कि उनकी सरकार गांव और किसानों की नब्ज को समझती है। उनके अनुसार, चुने हुए जनप्रतिनिधियों पर भरोसा जताना लोकतंत्र को मजबूत करने वाला कदम है। विधायक डॉ. अमित सिंह चौहान ने भी कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सरकार की योजनाओं और ग्रामीण विकास के प्रति प्रतिबद्धता का उल्लेख किया, साथ ही प्रधानों के आभार संदेश को मुख्यमंत्री तक पहुंचाने का आश्वासन दिया। कार्यक्रम के दौरान उत्साह का माहौल देखा गया, जहां प्रधानों ने इस निर्णय को केवल कार्यकाल विस्तार नहीं, बल्कि गांवों में चल रहे विकास कार्यों को गति देने का अवसर बताया। राजनीतिक गलियारों में भी इस कार्यक्रम की चर्चा तेज हो गई है, क्योंकि पंचायत प्रतिनिधियों का इतना बड़ा समर्थन ग्रामीण क्षेत्रों में सरकार के प्रति बढ़ते विश्वास का संकेत माना जा रहा है।1
- अयोध्या के इनायतनगर थाना क्षेत्र के हैरिंग्टनगंज चौकी अंतर्गत उरूवा वैश्य पूरे जमोजिया गांव में एक हृदयविदारक सड़क हादसे में 25 वर्षीय उमेश तिवारी की दर्दनाक मौत हो गई है, जबकि उनकी 65 वर्षीय वृद्ध मां मनभावता गंभीर रूप से घायल हो गई हैं। इस घटना के बाद पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है। जानकारी के अनुसार, उमेश तिवारी अपने पिता स्वर्गीय गोपीनाथ की स्मृति में और अपनी मां मनभावता तथा गांव के अन्य लोगों के साथ पूर्णिमा स्नान के साथ-साथ प्रभु श्रीरामलला एवं हनुमान जी के दर्शन के लिए अयोध्या गए थे। दर्शन-पूजन के बाद रविवार सुबह लगभग 7:00 बजे जब वे रायबरेली-प्रभात नगर मार्ग से लौट रहे थे, तभी पीछे से आ रहे एक अज्ञात वाहन ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर लगने से बाइक अनियंत्रित होकर डिवाइडर से जा भिड़ी, जिससे मां-बेटा दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए। पीछे से आ रहे ग्रामीणों ने तत्काल दोनों घायलों को जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उमेश को मृत घोषित कर दिया। वहीं, उमेश की मां मनभावता के सिर और हाथ में गंभीर चोटें आई हैं और उनका उपचार जारी है। सूचना मिलने पर पुलिस ने उमेश के शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भरा और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। शाम 3:30 बजे जब उनका शव गांव पहुंचा, तो परिजनों में कोहराम मच गया। तीन भाइयों में सबसे छोटे उमेश का विवाह दो वर्ष पूर्व ही हुआ था, और उनकी असमय मौत से पत्नी तथा परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। पूरे गांव में इस समय शोक और मातम का माहौल बना हुआ है।1
- एक ओर जहाँ आधुनिकता के इस दौर में लोग लकड़ी, स्टील और प्लास्टिक से बने तैयार फर्नीचर को प्राथमिकता दे रहे हैं, वहीं चारपाई बुनने की पारंपरिक कला धीरे-धीरे विलुप्त होती जा रही है। ऐसे समय में भी कुछ बुजुर्ग कारीगर अपनी मेहनत और हुनर के दम पर इस पुरानी परंपरा को जीवित रखे हुए हैं। हाथ से रस्सियों को एक-एक कर मज़बूत तरीके से बुनना आसान काम नहीं है, इसमें वर्षों का अनुभव, धैर्य और अथक परिश्रम की आवश्यकता होती है। आज की युवा पीढ़ी इस पारंपरिक कार्य से दूर होती जा रही है, जिससे यह कला संकट में दिखाई दे रही है। स्थानीय लोगों के अनुसार, पहले गाँवों में लगभग हर घर में चारपाई होती थी और कारीगरों की अच्छी माँग रहती थी, लेकिन आधुनिक फर्नीचर के बढ़ते चलन ने इस व्यवसाय को बुरी तरह प्रभावित किया है। इसके बावजूद, कुछ समर्पित कारीगर आज भी अपने पुश्तैनी हुनर को बचाने के लिए जुटे हुए हैं। चारपाई बुनने की यह कला केवल रोज़गार का साधन नहीं, बल्कि ग्रामीण संस्कृति और परंपरा की एक महत्वपूर्ण पहचान भी है, जिसे संरक्षित किया जाना बेहद आवश्यक है।2
- अंबेडकर नगर जिले के इब्राहिमपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले फूलपुर गांव, पोस्ट उतरेथू का मुख्य मार्ग पिछले लगभग दो सालों से पश्चिम दिशा की ओर से कटा हुआ है। इस क्षतिग्रस्त रास्ते के कारण ग्रामीणों को आवागमन में और बच्चों को स्कूल जाने में काफी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों को इस बात का डर बना रहता है कि चार पहिया वाहन पास करते समय कोई दुर्घटना हो सकती है। स्थानीय निवासी फूलचंद ने बताया कि उन्होंने पहले इस सड़क पर मिट्टी डलवाई थी, लेकिन अगर बारिश आने से पहले इसकी सही तरीके से मरम्मत नहीं की गई, तो कोई और गंभीर घटना घटित हो सकती है।1
- अयोध्या के मिल्कीपुर विकासखंड हैरिंग्टनगंज क्षेत्र स्थित अहरन सुवंश के शिव मंदिर महादेवन गांव में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत महापुराण कथा के चौथे दिन भगवान श्रीकृष्ण जन्मोत्सव का भव्य आयोजन किया गया। यह पावन प्रसंग श्रद्धा, उल्लास और भक्तिभाव के साथ संपन्न हुआ, जिसमें कथा स्थल पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी और पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। कथा व्यास अंकित महाराज ने भगवान श्रीकृष्ण के अवतार की महिमा का भावपूर्ण वर्णन करते हुए बताया कि जब-जब पृथ्वी पर अधर्म और अन्याय बढ़ता है, तब-तब भगवान धर्म की स्थापना और अपने भक्तों के कल्याण के लिए अवतार धारण करते हैं। उन्होंने जय-विजय प्रसंग सहित भगवान विष्णु के विभिन्न अवतारों का विस्तार से वर्णन कर उपस्थित श्रद्धालुओं को धर्म और भक्ति का गहरा संदेश दिया। जैसे ही कथा में भगवान श्रीकृष्ण के जन्म का प्रसंग आया, पूरा पंडाल “नंद के आनंद भयो, जय कन्हैयालाल की” तथा “हाथी घोड़ा पालकी, जय कन्हैयालाल की” के जयघोषों से गूंज उठा। इस दौरान श्रद्धालु भजनों की मधुर धुन पर झूमते और नृत्य करते नजर आए। आयोजन स्थल को नंदोत्सव की थीम पर आकर्षक ढंग से सजाया गया था, जिसने कार्यक्रम की भव्यता को और भी बढ़ा दिया। इस शुभ कार्यक्रम के मुख्य यजमान श्रीमती प्रभावती एवं श्री दुर्गा प्रसाद शुक्ला रहे। कार्यक्रम में रामचरित शुक्ला, जगदीश शुक्ला, शिवकांत शुक्ला, अनिरुद्ध शुक्ला, अर्थव शुक्ला, अच्युतम शुक्ला, अगस्त्य शुक्ला, विनय कुमार, सरदार शुक्ला, रणजीत शुक्ला, दीपू सिंह और भीम सिंह सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। कार्यक्रम का समापन आरती एवं प्रसाद वितरण के साथ हुआ।1
- डॉक्टर साहब की "अदृश्य चिकित्सा"! अस्पताल में सिर्फ नाम, इलाज फार्मासिस्ट के के लिए नहीं, बल्कि 8 महीने से डॉक्टर के दर्शन के लिए धैर्य खो रहे हैं! 📌 मुख्य बातें: बरसाती सूरज जैसे डॉक्टर: 8 महीने पहले ज्वाइनिंग के दिन डॉक्टर साहब ऐसे आए और गायब हुए, जैसे बरसात में कुछ पलों के लिए सूरज दिखता है। फार्मासिस्ट के कंधे पर बोझ: डॉक्टर साहब सरकारी कागजों और रजिस्टर में तो मौजूद हैं, लेकिन जमीन पर पूरा अस्पताल अकेले फार्मासिस्ट के भरोसे चल रहा है। ग्रामीणों का तीखा सवाल: जब आपातकाल में डॉक्टर की जरूरत पड़े, तो मरीज किसे ढूंढे—अस्पताल के खाली केबिन को या सरकारी फाइलों में दबे उनके नाम को? डॉक्टर साहब की "अदृश्य चिकित्सा"! अस्पताल में सिर्फ नाम, इलाज फार्मासिस्ट के भरोसे अम्बेडकरनगर (कहरा सलेमपुर): कहते हैं आयुर्वेद में बीमारी ठीक होने में धैर्य रखना पड़ता है, लेकिन कहरा सलेमपुर आयुर्वेदिक चिकित्सालय में मरीज बीमारी के लिए नहीं, बल्कि 8 महीने से डॉक्टर के दर्शन के लिए धैर्य खो रहे हैं! 📌 मुख्य बातें: बरसाती सूरज जैसे डॉक्टर: 8 महीने पहले ज्वाइनिंग के दिन डॉक्टर साहब ऐसे आए और गायब हुए, जैसे बरसात में कुछ पलों के लिए सूरज दिखता है। फार्मासिस्ट के कंधे पर बोझ: डॉक्टर साहब सरकारी कागजों और रजिस्टर में तो मौजूद हैं, लेकिन जमीन पर पूरा अस्पताल अकेले फार्मासिस्ट के भरोसे चल रहा है। ग्रामीणों का तीखा सवाल: जब आपातकाल में डॉक्टर की जरूरत पड़े, तो मरीज किसे ढूंढे—अस्पताल के खाली केबिन को या सरकारी फाइलों में दबे उनके नाम को?1
- उपलब्ध जानकारी के अनुसार, यह बताया गया है कि भाजपा की व्यवस्था हर जगह धराशायी हो रही है।1
- उत्तर प्रदेश के फ़िरोज़ाबाद में डेढ़ साल के मासूम आरव की बेरहमी से की गई हत्या के मामले में पुलिस पूछताछ के दौरान एक बेहद खौफनाक खुलासा हुआ है, जिसने हर किसी की रूह कंपा दी है। पुलिस मुठभेड़ में घायल होने के बाद पानी के लिए तड़प रहे मुख्य आरोपी विराज उर्फ जितेंद्र पाठक ने पुलिस के सामने अपना जुर्म कबूल करते हुए चौंकाने वाले सच उगले हैं। पूछताछ में आरोपी विराज ने बताया कि वह मासूम आरव को सीधे गोली से उड़ाने की साजिश रचकर बदायूं से फ़िरोज़ाबाद आया था। वह पूरी तैयारी के साथ आया था, लेकिन ऐन वक्त पर उसका इरादा बदल गया। कातिल विराज ने खुलासा किया कि दिन के उजाले में गोली चलने की आवाज से लोगों के इकट्ठा होने और पकड़े जाने का उसे गहरा डर था। इसी डर की वजह से उसने ऐन मौके पर गोली मारने का इरादा बदल दिया। इसके बाद, वह मासूम को एक सुनसान गली में ले गया, जहां कोई देखने वाला नहीं था। वहां उसने क्रूरता की सारी हदें पार करते हुए डेढ़ साल के बच्चे को सड़क पर कई बार पटक-पटक कर बेरहमी से मौत के घाट उतार दिया। इस दिल दहला देने वाले हत्याकांड में मासूम शिकार डेढ़ साल का आरव था, जिसे बदायूं के रहने वाले विराज उर्फ जितेंद्र पाठक ने मारा। पुलिस एनकाउंटर में आरोपी घायल हुआ, जिसका एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर सामने आया, जिसमें वह एनकाउंटर के बाद पानी के लिए तड़पता दिखाई दे रहा था। इस हत्याकांड का पूरा सच अब सबके सामने आ चुका है और पुलिस आरोपी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई में जुट गई है।1