अपहरण में मारपीट के मामले में काफी समय से फरार चल रहे अनेकों मामलों में तीन आरोपी गिरफतार। अपहरण में मारपीट के मामले में तीन आरोपी गिरफ्तार महुवा थाना पुलिस ने डेढ़ महापूर्व महुवा कस्बे से एक जने का अपहरण कर उसके साथ मारपीट करने के मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। थाना प्रभारी राजेंद्र कुमार मीणा ने बताया कि शेर सिंह गुर्जर निवासी पीपलखेड़ा ने मामला दर्ज कराया था कि कस्बे स्थित टीकाराम पालीवाल विद्यालय के समीप से आधा दर्जन लोग जबरन उसे एक कार में पटक कर भापुर गांव की ओर ले गए जहां सुनसान जगह पर ले जाकर उन्होंने उसके साथ में मारपीट की। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू की। जिस पर घटना के मुख्य आरोपी मानसिंह उर्फ मांगी गुर्जर निवासी भापुर, डिंपल उर्फ डिम्पा मीणा निवासी रसीदपुर तथा मिथिलेश उर्फ टोना मीणा निवासी बलिन कमालपुर को गिरफ्तार किया है। तथा घटना को अंजाम देते समय काम में ली गई एक कार को भी जप्त किया है। जबकि घटना में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। उन्होंने बताया कि गिरफ्तार आरोपी मानसिंह तथा डिंपल अव्वल दर्जे के बदमाश है जिन पर कई थानों में हत्या का प्रयास, लूट, अवैध हथियार, अपहरण, मारपीट के कई मामले दर्ज हैं।
अपहरण में मारपीट के मामले में काफी समय से फरार चल रहे अनेकों मामलों में तीन आरोपी गिरफतार। अपहरण में मारपीट के मामले में तीन आरोपी गिरफ्तार महुवा थाना पुलिस ने डेढ़ महापूर्व महुवा कस्बे से एक जने का अपहरण कर उसके साथ मारपीट करने के मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। थाना प्रभारी राजेंद्र कुमार मीणा ने बताया कि शेर सिंह गुर्जर निवासी पीपलखेड़ा ने मामला दर्ज कराया था कि कस्बे स्थित टीकाराम पालीवाल विद्यालय के समीप से आधा दर्जन लोग जबरन उसे एक कार में पटक कर भापुर गांव की ओर ले गए जहां सुनसान जगह पर ले जाकर उन्होंने उसके साथ में मारपीट की। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू की। जिस पर घटना के मुख्य आरोपी मानसिंह उर्फ मांगी गुर्जर निवासी भापुर, डिंपल उर्फ डिम्पा मीणा निवासी रसीदपुर तथा मिथिलेश उर्फ टोना मीणा निवासी बलिन कमालपुर को गिरफ्तार किया है। तथा घटना को अंजाम देते समय काम में ली गई एक कार को भी जप्त किया है। जबकि घटना में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। उन्होंने बताया कि गिरफ्तार आरोपी मानसिंह तथा डिंपल अव्वल दर्जे के बदमाश है जिन पर कई थानों में हत्या का प्रयास, लूट, अवैध हथियार, अपहरण, मारपीट के कई मामले दर्ज हैं।
- राजगढ़ टहला थाना क्षेत्र के मंडावरी गांव के हल्कारा का बास में खेत पर बोरिंग की मोटर चलाने गया युवक पैर फिसलने से गहरे कुएं में गिर गया, जिससे डूबने से उसकी मृत्यु हो गई। कुआं करीब 175 फीट गहरा बताया जा रहा है, जिसमें लगभग 60 फीट पानी भरा हुआ था। थाना प्रभारी मुकेश कुमार मीना ने बताया कि सोमवार सुबह सूचना मिली कि मंडावरी निवासी रामोतार मीना (22) पुत्र फैलीराम मीना कुएं में गिर गया है। सूचना पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों की मदद से शव निकालने का प्रयास किया गया, लेकिन सफलता नहीं मिली। इसके बाद एसडीआरएफ टीम को बुलाया गया, जिसने करीब आठ घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद शव को बाहर निकाला। राजगढ़ सीएचसी में मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। मोबाइल कुएं के पास मिला, तब हुआ शक परिजनों के अनुसार रामोतार सोमवार सुबह करीब 6:30 बजे खेत पर मोटर चलाने की कहकर गया था। काफी देर तक वापस नहीं लौटने1
- प्रयोगशाला सहायक को एसडीएम कार्यालय में लगा रखा था प्रतिनियुक्ति पर , जमीनी मामले में 15000 की रिश्वत लेते पकड़ा, क्षेत्र के सरकारी महकमों में व्याप्त भ्रष्टाचार को लेकर सोशल मीडिया पर वाक् युद्ध जारी1
- आज के पंचांग संबंधी संपूर्ण जानकारी नदबई भरतपुर से लाइव अपडेट। जानकारी पसंद आई है तो लाइक शेयर और कमेंट करें। तो बने रहें शुरू ऐप पर इसके लिए आप हमें Follow 🎉 करें।1
- को समाज की महिलाओ के द्वारा प्रात: 8.00 बजे गाव के चारो और कलश यात्रा शोभा यात्रा का व रात्रि 9.00 से विशाल सत्मग का आयोजन होगा माथ ही दिनाक 22 अप्रेल 2026 को प्रात: 8.00 बजे महान सन्त बाबा गरीब नाथ व उनके शिष्य प्रेम नाथ जी महाराज की मूर्ति स्थापना के पस्ताछ भण्डारे वितरण का कार्यक्रम रखा गया3
- उत्तर पुस्तिका भी जमा कर दे, तब भी उसे 2 अंक दिए जाते हैं। मॉस्को विश्वविद्यालय में जब मुझे यह बात पहले दिन पता चली, तो मैं सचमुच हैरान रह गया। मुझे यह बिल्कुल तर्कसंगत नहीं लगा। मेरे मन में सवाल उठा — अगर किसी ने कुछ भी नहीं लिखा, तो उसे शून्य अंक क्यों नहीं मिलते? जिज्ञासा के कारण मैंने डॉ. थियोडोर मेद्रायेव से पूछा, “सर, यह कैसे सही है कि जिसने कुछ भी नहीं लिखा, उसे भी 2 अंक दिए जाएँ?” डॉ. मेद्रायेव मुस्कराए। फिर शांत और विचारशील स्वर में बोले : “शून्य का अर्थ है—अस्तित्वहीन। जब तक कोई व्यक्ति प्रयास कर रहा है, वह शून्य कैसे हो सकता है ? ज़रा सोचिए—कक्षा तक पहुँचने के लिए एक छात्र कितना प्रयास करता है। हो सकता है वह ठिठुरती ठंड में सुबह-सुबह उठा हो, दूर से बस, ट्राम या ट्रेन में खड़े-खड़े आया हो। भले ही उसने खाली काग़ज़ जमा किया हो, लेकिन उसका आना ही यह बताता है कि उसने कोशिश की। फिर मैं उसे शून्य कैसे दे सकता हूँ ?” उन्होंने आगे कहा : “हो सकता है छात्र उत्तर न लिख पाया हो। लेकिन क्या इसका मतलब यह है कि उसका पूरा प्रयास मिटा दिया जाए ? जिन रातों में वह जागा, जिन कॉपियों को उसने खरीदा, जिन किताबों को खोला, जिन संघर्षों से वह गुज़रा—क्या हम सब कुछ नज़रअंदाज़ कर दें ? नहीं, मेरे प्रिय ! *इंसान कभी शून्य नहीं होता। जब हम शून्य देते हैं, तो हम उसका आत्मविश्वास छीन लेते हैं, उसके भीतर की आग बुझा देते हैं।* एक शिक्षक के रूप में हमारा उद्देश्य छात्रों को बार-बार खड़ा होने में मदद करना है—उन्हें हार मानने पर मजबूर करना नहीं।” मैं चुपचाप सुनता रहा। उस क्षण मेरे भीतर कुछ हिल गया। तब मुझे समझ आया— *शिक्षा केवल अंकों या लिखे गए उत्तरों का नाम नहीं है। शिक्षा लोगों को जीवित रखने की प्रक्रिया है, प्रयास को पहचानने की कला है, आशा की रक्षा करने का माध्यम है।* उस दिन डॉ. मेद्रायेव ने मुझे एक गहरी सच्चाई सिखाई : *शिक्षा केवल ज्ञान का वितरण नहीं है, बल्कि मानवता का अभ्यास है।* काग़ज़ पर लगा शून्य अक्सर छात्रों के लिए मृत्यु-घंटी बन जाता है। वह शून्य उन्हें भय से भर देता है, रुचि छीन लेता है और धीरे-धीरे सीखने से घृणा पैदा कर देता है। लेकिन एक शिक्षक का दायित्व है प्रोत्साहित करना, आश्वस्त करना और कहना— _*“तुम कर सकते हो। फिर से कोशिश करो।”*_ जब हम खाली उत्तर पुस्तिका पर भी न्यूनतम अंक देते हैं, तो हम वास्तव में यह कहते हैं— “तुम शून्य नहीं हो। तुम अब भी महत्वपूर्ण हो। तुम सक्षम हो। तुम असफल नहीं हुए—बस इस बार सफल नहीं हो पाए। फिर से प्रयास करो।” यही सच्ची शिक्षा है। एक छात्र का भविष्य शिक्षक के हाथों में आकार लेता है। अगर शिक्षक थोड़ा और मानवीय बन जाएँ, अगर वे अंकों से परे प्रयास को देखना सीख लें, तो कितने ही हतोत्साहित छात्र फिर से सपने देखने का साहस कर सकते हैं। मुझे लगता है यह कहानी केवल रूस तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। इसे दुनिया भर के शिक्षकों तक पहुँचना चाहिए। क्योंकि शून्य अंक कभी शिक्षा नहीं होते। शून्य अंक अक्सर किसी की यात्रा का अंत होते हैं। जब तक कोई व्यक्ति प्रयास कर रहा है, वह कम से कम आश्वासन और पहचान का अधिकारी है। — *रूस में अध्ययनरत एक अज्ञात भारतीय छात्र द्वारा लिखित*1
- 👉 भैंस को बचाते समय व्यक्ति झुलसा, ग्रामीणों की सूझबूझ से बुझी आग 👉 पहाड़ी फायर ब्रिगेड ने आने से किया इनकार, कामां से टीम पहुंची देर से कैथवाड़ा थाना क्षेत्र के ग्राम रांफ में मंगलवार को अचानक आगारों (भुसा और लकड़ी के ढेर) में भीषण आग लग गई, जिसने कुछ ही देर में विकराल रूप धारण कर लिया। आग की लपटें इतनी तेज थीं कि करीब 50-60 मन भुसा, कई मन लकड़ी और गोबर से बने बीटोड़े (ऊपले) पूरी तरह जलकर राख हो गए। इस दर्दनाक हादसे में एक भैंस गंभीर रूप से झुलस गई, जिसकी हालत नाजुक बताई जा रही है। वहीं, भैंस को खोलकर बचाने की कोशिश कर रहे एक व्यक्ति के चेहरे पर भी आग से गंभीर जलन हो गई। घटना के बाद गांव में अफरा-तफरी मच गई, लेकिन ग्रामीणों ने साहस दिखाते हुए हालात को संभाला। महिलाओं ने घर-घर से पानी लाकर आग बुझाने में अहम भूमिका निभाई, जबकि पुरुषों ने अपनी जान जोखिम में डालकर पशु को बचाने का प्रयास किया। आग की सूचना फायर ब्रिगेड को दी गई, लेकिन पहाड़ी फायर ब्रिगेड ने मौके पर आने से इनकार कर दिया। बाद में कामां से फायर ब्रिगेड रवाना हुई, मगर जब तक टीम पहुंची, तब तक ग्रामीणों की मेहनत से आग पर काबू पा लिया गया था। हालांकि तब तक जान-माल का भारी नुकसान हो चुका था। इस हादसे में निहाल सैनी पुत्र भवानी सैनी को बड़ा आर्थिक नुकसान हुआ है। 👉 स्थानीय लोगों ने प्रशासन से पीड़ित परिवार को शीघ्र मुआवजा देने की मांग की है।b1
- एसडीएम के नाम पर स्टे की एवज में 15000 की रिश्वत लेते ट्रैप1
- Post by R Balvinder Singh1
- Post by डीग लाइव पत्रकार1