*थाना रावतपुर क्षेत्र में विगत दिवसों में प्राइवेट अस्पतालों में अवैध किडनी खरीद-फरोख्त से संबंधित* प्रकरण में अब तक 08 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जबकि अन्य नामजद अभियुक्तों की गिरफ्तारी हेतु पुलिस टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। *थाना रावतपुर क्षेत्र में विगत दिवसों में प्राइवेट अस्पतालों में अवैध किडनी खरीद-फरोख्त से संबंधित* प्रकरण में अब तक 08 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जबकि अन्य नामजद अभियुक्तों की गिरफ्तारी हेतु पुलिस टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। जांच में एक विदेशी महिला की संलिप्तता एवं एक महिला की मृत्यु से जुड़े तथ्य भी सामने आए हैं, जिनकी जांच जारी है। *अहूजा अस्पताल* के अलावा *“मेडी लाइफ” अस्पताल* का नाम भी सामने आया है, जहां से संबंधित डॉक्टर से पूछताछ की जा रही है। उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। *बाइट- पुलिस उपायुक्त पश्चिम, श्री एस.एम. कासिम आबिदी।*
*थाना रावतपुर क्षेत्र में विगत दिवसों में प्राइवेट अस्पतालों में अवैध किडनी खरीद-फरोख्त से संबंधित* प्रकरण में अब तक 08 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जबकि अन्य नामजद अभियुक्तों की गिरफ्तारी हेतु पुलिस टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। *थाना रावतपुर क्षेत्र में विगत दिवसों में प्राइवेट अस्पतालों में अवैध किडनी खरीद-फरोख्त से संबंधित* प्रकरण में अब तक 08 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जबकि अन्य नामजद अभियुक्तों की गिरफ्तारी हेतु पुलिस टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। जांच में एक विदेशी महिला की संलिप्तता एवं एक महिला की मृत्यु से जुड़े तथ्य भी सामने आए हैं, जिनकी जांच जारी है। *अहूजा अस्पताल* के अलावा *“मेडी लाइफ” अस्पताल* का नाम भी सामने आया है, जहां से संबंधित डॉक्टर से पूछताछ की जा रही है। उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। *बाइट- पुलिस उपायुक्त पश्चिम, श्री एस.एम. कासिम आबिदी।*
- *थाना रावतपुर क्षेत्र में विगत दिवसों में प्राइवेट अस्पतालों में अवैध किडनी खरीद-फरोख्त से संबंधित* प्रकरण में अब तक 08 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जबकि अन्य नामजद अभियुक्तों की गिरफ्तारी हेतु पुलिस टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। जांच में एक विदेशी महिला की संलिप्तता एवं एक महिला की मृत्यु से जुड़े तथ्य भी सामने आए हैं, जिनकी जांच जारी है। *अहूजा अस्पताल* के अलावा *“मेडी लाइफ” अस्पताल* का नाम भी सामने आया है, जहां से संबंधित डॉक्टर से पूछताछ की जा रही है। उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। *बाइट- पुलिस उपायुक्त पश्चिम, श्री एस.एम. कासिम आबिदी।*1
- *थाना रावतपुर क्षेत्र में विगत दिवसों में प्राइवेट अस्पतालों में अवैध किडनी खरीद-फरोख्त से संबंधित* प्रकरण में अब तक 08 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जबकि अन्य नामजद अभियुक्तों की गिरफ्तारी हेतु पुलिस टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। जांच में एक विदेशी महिला की संलिप्तता एवं एक महिला की मृत्यु से जुड़े तथ्य भी सामने आए हैं, जिनकी जांच जारी है। *अहूजा अस्पताल* के अलावा *“मेडी लाइफ” अस्पताल* का नाम भी सामने आया है, जहां से संबंधित डॉक्टर से पूछताछ की जा रही है। उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। *बाइट- पुलिस उपायुक्त पश्चिम, एस.एम. कासिम आबिदी।*1
- Post by Aman Jatav Mistri1
- रिपोर्टर प्रभाकर अवस्थी शिवराजपुर विकासखंड शिवराजपुर के ग्राम सखरेज में जल संकट ने विकराल रूप ले लिया है। यहाँ की जनता पिछले डेढ़ साल से न केवल सरकारी उपेक्षा का शिकार है, बल्कि बुनियादी अधिकार स्वच्छ पेयजल के लिए दर-दर भटकने को मजबूर है। स्थिति इतनी बदतर हो चुकी है कि ग्रामीणों ने अब आगामी विधानसभा चुनाव के बहिष्कार का बिगुल फूंक दिया है। खराब टंकी और 'खारा' नसीब ग्रामीणों का आरोप है कि गाँव की जल निगम की टंकी पिछले 18 महीनों से खराब पड़ी है। रखरखाव के अभाव में पूरी पाइपलाइन ठप है। जो हैंडपंप चल रहे हैं, उनसे इतना खारा पानी आ रहा है कि वह पीने योग्य तो दूर, पशुओं के नहलाने लायक भी नहीं है। विवश होकर ग्रामीणों को कई किलोमीटर दूर से पानी ढोकर लाना पड़ रहा है। शिक्षा पर पानी का पहरा पानी के इस संकट ने बच्चों के बचपन और शिक्षा को भी अपनी चपेट में ले लिया है। सुबह से शाम तक मशक्कत: बच्चे स्कूल जाने के बजाय साइकिलों, ट्रैक्टर-ट्रॉलियों और सिर पर बर्तन रखकर पानी ढोते नजर आते हैं। बुजुर्गों का संघर्ष: उम्र के इस पड़ाव पर जहाँ आराम मिलना चाहिए, वहाँ बुजुर्ग भी पानी के भारी डिब्बे खींचने को मजबूर हैं। पोर्टल से लेकर जनप्रतिनिधियों तक... सब मौन! ग्रामीणों ने अपनी व्यथा सुनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी है। स्थानीय स्तर से लेकर मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल (IGRS) पर शिकायतें दर्ज हुईं। जल मंत्री तक पत्र भेजे गए।क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों के चक्कर काटे गए। बावजूद इसके, अधिकारियों की निरंकुशता ऐसी है कि अब तक धरातल पर कोई सुधार नहीं दिखा। शिकायतों का निस्तारण केवल कागजों तक ही सीमित रह गया है। जब तक पानी नहीं, तब तक वोट नहीं। हमने हर दरवाजे पर दस्तक दी, लेकिन जब शासन और प्रशासन को हमारी प्यास नहीं दिखती, तो हमें भी लोकतंत्र के इस उत्सव में शामिल होने की कोई जरूरत नहीं है। आक्रोशित ग्रामीण, सखरेज बहिष्कार की चेतावनी गाँव की चौपालों पर अब केवल एक ही चर्चा है— मतदान का बहिष्कार। ग्रामीणों का कहना है कि यदि चुनाव से पहले जल निगम की टंकी को ठीक नहीं किया गया और खारे पानी की समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ, तो पूरा गाँव वोट डालने नहीं जाएगा।4
- कन्नौज के छिबरामऊ स्थित 100 शैय्या अस्पताल में जब डीएम ने अचानक औचक निरीक्षण किया, तो पूरे अस्पताल प्रशासन में हड़कंप मच गया। निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य विभाग की बड़ी लापरवाही सामने आई—मरीजों की जान बचाने वाला ICU वार्ड कबाड़ से भरा 'स्टोर रूम' मिला! अस्पताल की इस घोर बदहाली, गंदगी और कुव्यवस्था को देखकर डीएम भड़क गए और उन्होंने मौके पर ही CMS को जमकर फटकार लगाई। डीएम ने इमरजेंसी वार्ड में जाकर मरीजों का हाल जाना और अस्पताल प्रशासन को व्यवस्थाएं सुधारने के लिए 15 दिन का सख्त अल्टीमेटम दिया है। क्या 15 दिन में सुधरेगी अस्पताल की हालत या फिर सिस्टम रहेगा बीमार? पूरी जानकारी के लिए वीडियो को अंत तक देखें।1
- एथलीट से दुष्कर्म कर कराया गर्भपात, आरोपी को कोर्ट ने सुनाई उम्रकैद की सजा कन्नौज, संवाददाता। दुष्कर्म के बाद गर्भवती हुई एथलीट को जबरन दवा खिलाकर गर्भपात कराने के मामले में कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। विशेष न्यायाधीश पाक्सो एक्ट हरेंद्र नाथ ने शुक्रवार को अभियुक्त जेपी उर्फ रजित कुमार प्रजापति को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही, उस पर 12,500 रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। बताया जा रहा है कि एथलीट राज्य स्तरीय खेल प्रतियोगिता में भी प्रतिभाग कर चुकी थी। शासकीय अधिवक्ता संत कुमार दुबे ने बताया कि एक गांव निवासी जेपी उर्फ रजित ने करीब दो साल पहले एक किसान की 15 वर्षीय बेटी के साथ जब वह खेत की ओर गई थी तब उसके साथ दुष्कर्म किया था। यही नहीं आरोपी ने सिर पर तमंचा तानकर उसे जान से मारने की धमकी दी और वारदात को अंजाम दिया। घटना के बाद एथलीट गर्भवती हो गई। दो नवंबर 2022 को जब तिर्वा कस्बा से कोचिंग पढ़कर घर लौट रही थी, तब अन्नपूर्णा मंदिर के पास आरोपी ने उसे रोक लिया और जबरन गर्भपात की दवा खिला दी। इससे छात्रा की तबीयत बिगड़ गई। आठ नवंबर को गर्भपात होने के बाद परिजनों को हकीकत पता चली, जिसके बाद पीड़िता के पिता ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। सुनवाई के दौरान शासकीय अधिवक्ता संतकुमार दुबे ने कोर्ट को बताया कि पीड़िता की मां की पहले ही मृत्यु हो चुकी थी। मेडिकल रिपोर्ट और पीड़िता के बयानों ने आरोपी के खिलाफ पुख्ता सबूत पेश किए। अदालत ने अपराध की गंभीरता को देखते हुए अभियुक्त को उम्रकैद की सजा सुनाकर जेल भेज दिया।2
- Hardoi ब्रेकिंग बेमौशम बारिश से गेहूं की फसल होगी बर्बाद किसानों को इस बारिश से भारी नुकसान का अनुमान Today 04/05/20261
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