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तात्वा जिम में फिटनेस की जगह फाइट युवती ने की पुलिस अधीक्षक से शिकायत...
राहुल सिंह राणा
तात्वा जिम में फिटनेस की जगह फाइट युवती ने की पुलिस अधीक्षक से शिकायत...
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- ब्यौहारी विधानसभा क्षेत्र के विधायक शरद जुगलाल कोल ने दी जानकारी...1
- Post by Sumit Singh Chandel1
- 108 एम्बुलेंस कर्मियों ने लौटाया घायल का मोबाइल,दिया ईमानदारी का परिचय* 108 एम्बुलेंस सेवा के कर्मचारियों ने ईमानदारी और कर्तव्यनिष्ठा का सराहनीय उदाहरण पेश किया है।शुक्रवार की शाम बड़ा गांव में सड़क दुर्घटना में घायल अनिल कोल निवासी बिझला (पाली) को 108 एम्बुलेंस के माध्यम से अस्पताल पहुंचाया गया था।उपचार के दौरान उनका मोबाइल फोन एम्बुलेंस में ही छूट गया।ड्यूटी पर तैनात पायलट हिफाज़त खान और ईएमटी देवेंद्र त्रिपाठी को जब मोबाइल मिला तो उन्होंने बिना देर किए जिम्मेदारी निभाते हुए अनिल कोल के पिता श्री कृपाल कोल को बुलाकर मोबाइल सुरक्षित लौटा दिया।इस सराहनीय कार्य पर 108 के जिला प्रबंधक सत्येंद्र कुमार वर्मा एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. वी.एस. चंदेल ने स्टाफ की प्रशंसा करते हुए कहा कि ऐसे ईमानदार कर्मचारी विभाग की साख को मजबूत करते हैं।जिला प्रशासन ने भी उनके सेवाभाव को सराहा है।1
- क्योंटार मध्य प्रदेश भारत2
- कन्या शिक्षा परिसर की सैकड़ो छात्राएं विद्यालय प्रबंधन के खिलाफ सड़क पर उतरी विभाग ने टीम गठित कर दिए जांच के आदेश-मानपुर मुख्यालय स्थित कन्या शिक्षा परिसर में अध्यनरत आदिवासी बालिकाओं ने स्कूल प्रबंधन के रवैए से खफा होकर सड़कों पर उतरकर अपना विरोध जताया है जिसे देखकर स्थानीय जन इन छात्राओं के साथ परीक्षा के ऐन मौके पर की जा रही ऐसी तथाकथित विसंगतियों के जिम्मेदार दोषियों पर कठोर कार्रवाई की मांग की है वहीं इस मामले में विभागीय अधिकारी ने एक टीम गठित कर मामले की संपूर्ण जांच कर जिम्मेदारों पर कार्यवाही की बात की है। सूत्रों की माने तो कन्या शिक्षा परिसर के पूर्व प्रबंधक एवं प्राचार्य द्वारा यहां पर अध्यनरत इन आदिवासी बच्चियों को शासन द्वारा मिलने वाली पठन-पाठन सामग्री एवं दैनिक उपयोग की वस्तुएं सहित उनके भोजन में भी पतीला लगाकर जमकर मलाई छानी गई जिसकी शिकायत के बाद यहां का प्रभार संस्था में ही पदस्थ एक शिक्षिका को दे दिया गया और साथ में एक अन्य अधीक्षक की उक्त छात्रावास प्रबंधन की निगरानी हेतु तैनाती की गई जिसे लेकर संस्था के पूर्व प्रमुख द्वारा वापस प्रभार पाने राजनैतिक हथकंडे अपनाए जा रहे हैं और इन बच्चियों को बरगलाकर ऐसे प्रदर्शन करवाए जा रहे हैं जब मामले की तह तक पहुंचने की कोशिश की गई तो इन्हीं बच्चियों ने स्पष्ट तौर पर यह स्वीकार किया कि वर्तमान अधीक्षक साक्षी शुक्ला के द्वारा हमें पहले से बेहतर सुविधांए उपलब्ध कराई जा रही हैं जो की पूर्व में कभी नहीं मिली। बहरहाल मामला चाहे जो भी हो इसकी सच्चाई तो विभागीय जांच के बाद ही सामने आ सकेगी परंतु परीक्षाओं के ऐसे संवेदनशील समय पर आदिवासी बच्चियों की सर्व सुविधा युक्त ऐसे सरकारी शिक्षण संस्थान में ऐसा वाक्या प्रकाश में आना प्रत्येक दृष्टिकोण से अनुचित है जिसकी सूक्ष्मता पूर्वक जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्यवाही की जानी चाहिए।1
- आदिवासी परंपरा नगाड़ा डांस1
- पंखिनी पहल के तहत निशुल्क कोचिंग क्लासेस प्रारंभ डिंडोरी -- कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदोरिया के नेतृत्व में बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना अंतर्गत संचालित जिला प्रशासन की अभिनव पहलपंखिनी सपनों को दो पंख” के तहत बालिकाओं के लिए प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी हेतु निशुल्क कोचिंग क्लासेस का शुभारंभ 20 फरवरी से किया गया है। इस अवसर पर कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया ने अपने उद्बोधन में कहा कि ]पंखिनी पहल केवल कोचिंग कार्यक्रम नहीं] बल्कि जिले की बेटियों के सपनों को साकार करने का एक सशक्त माध्यम है। हमारा उद्देश्य है कि संसाधनों के अभाव में कोई भी प्रतिभा पीछे न रह जाए। बेटियां यदि ठान लें तो वे हर क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकती हैं। जिला प्रशासन उन्हें हर संभव मार्गदर्शन और सहयोग प्रदान करेगा। उन्होंने बालिकाओं को अनुशासन निरंतर अध्ययन और आत्मविश्वास के साथ अपने लक्ष्य की ओर अग्रसर रहने के लिए प्रेरित किया तथा कहा कि यह पहल उन्हें आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। प्रशिक्षण में शामिल अभिलाषा परस्ते ने कलेक्टर को बताया कि उनके माता-पिता कृषक हैं। उन्होंने मोबाइल के माध्यम से अध्ययन कर MPPSC की प्रारंभिक परीक्षा उत्तीर्ण की है। अब जिला प्रशासन के विशेष सहयोग से पंखिनी योजना के अंतर्गत निःशुल्क कोचिंग कक्षाओं का लाभ प्राप्त हो रहा है, जिससे वे मुख्य परीक्षा की तैयारी सुव्यवस्थित रूप से कर पा रही हैं। अभिलाषा ने अपने साथियों से अपील करते हुए कहा कि मोबाइल का सदुपयोग करते हुए] सकारात्मक सोच और नियमित अध्ययन के माध्यम से आगे बढ़ा जा सकता है। उन्होंने कहा कि संसाधनों की कमी सफलता में बाधा नहीं बनती] यदि संकल्प मजबूत हो। इस कोचिंग कार्यक्रम के माध्यम से बालिकाओं को विभिन्न कॉम्पिटेटिव एग्जाम जैसे (एमपीपीएससी) पुलिस भर्ती एवं अन्य शासकीय सेवाओं की परीक्षाओं की व्यवस्थित तैयारी कराई जाएगी। उल्लेखनीय है कि जनवरी माह में आयोजित एंट्रेंस परीक्षा के आधार पर चयनित बालिकाओं को इस निशुल्क कोचिंग में शामिल किया गया है। पंखिनी पहल का उद्देश्य जिले की बालिकाओं को समान अवसर) उचित मार्गदर्शन और संसाधन उपलब्ध कराकर उन्हें प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं में सफल बनाना है। जिला प्रशासन का यह प्रयास बालिकाओं के शैक्षणिक) बौद्धिक एवं आत्मविश्वास विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। कार्यक्रम के अंत में कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया ने सभी बालिकाओं को आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश शासन बेटियों को आगे बढ़ाने हेतु हर संभव सुविधाएं उपलब्ध करा रहा है। उन्होंने कहा कि अपने लक्ष्य की प्राप्ति के लिए कठिन परिश्रम] अनुशासन और आत्मविश्वास आवश्यक हैं। कलेक्टर ने सभी छात्राओं को उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।10
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