विजय सिंह राय बीना में एक बार फिर पुलिस व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए। रेलवे ट्रैक पर युवक का शव मिलने के बाद जीआरपी और बीना सिटी पुलिस करीब 2 घंटे तक यह तय ही नहीं कर पाईं कि घटना किस थाना क्षेत्र की है। इस दौरान शव ट्रैक के किनारे पड़ा रहा और ट्रेनें गुजरती रहीं। आखिरकार दस बजे फैसला हुआ कि मामला बीना सिटी पुलिस का है, जिसके बाद पंचनामा कार्रवाई कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। मृतक की पहचान 35 वर्षीय आशीष गोस्वामी, पिता उमाशंकर गोस्वामी, निवासी वीर सावरकर वार्ड के रूप में हुई है। परिजनों के मुताबिक आशीष आठ दिन पहले उज्जैन जाने की बात कहकर घर से निकला था, लेकिन इसके बाद उसका कोई पता नहीं चला। जानकारी के अनुसार गुरुवार सुबह करीब 6:30 बजे सागर की ओर से आई किसी अप लाइन ट्रेन से चढ़ते या उतरते समय हादसा होने की आशंका है। घटना की सूचना रेलवे कर्मचारियों द्वारा मेमो के जरिए दी गई थी। सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब सूचना सुबह ही मिल गई थी, तो कार्रवाई शुरू होने में तीन घंटे क्यों लग गए? यदि क्षेत्राधिकार को लेकर विवाद था, तो उसका समाधान तत्काल क्यों नहीं किया गया? इस दौरान शव ट्रैक के पास पड़ा रहा और रेल यातायात चलता रहा। फिलहाल बीना सिटी पुलिस ने मामला अपने हाथ में लेकर जांच शुरू कर दी है। युवक की मौत हादसा है, आत्महत्या है या इसके पीछे कोई और वजह है, इसका खुलासा पुलिस जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही हो सकेगा।
विजय सिंह राय बीना में एक बार फिर पुलिस व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए। रेलवे ट्रैक पर युवक का शव मिलने के बाद जीआरपी और बीना सिटी पुलिस करीब 2 घंटे तक यह तय ही नहीं कर पाईं कि घटना किस थाना क्षेत्र की है। इस दौरान शव ट्रैक के किनारे पड़ा रहा और ट्रेनें गुजरती रहीं। आखिरकार दस बजे फैसला हुआ कि मामला बीना सिटी पुलिस का है, जिसके बाद पंचनामा कार्रवाई कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। मृतक की पहचान 35 वर्षीय आशीष गोस्वामी, पिता उमाशंकर गोस्वामी, निवासी वीर सावरकर वार्ड के रूप में हुई है। परिजनों के मुताबिक आशीष आठ दिन पहले उज्जैन जाने की बात कहकर घर से निकला था, लेकिन इसके बाद उसका कोई पता नहीं चला। जानकारी के अनुसार गुरुवार सुबह करीब 6:30 बजे सागर की ओर से आई किसी अप लाइन ट्रेन से चढ़ते या उतरते समय हादसा होने की आशंका है। घटना की सूचना रेलवे कर्मचारियों द्वारा मेमो के जरिए दी गई थी। सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब सूचना सुबह ही मिल गई थी, तो कार्रवाई शुरू होने में तीन घंटे क्यों लग गए? यदि क्षेत्राधिकार को लेकर विवाद था, तो उसका समाधान तत्काल क्यों नहीं किया गया? इस दौरान शव ट्रैक के पास पड़ा रहा और रेल यातायात चलता रहा। फिलहाल बीना सिटी पुलिस ने मामला अपने हाथ में लेकर जांच शुरू कर दी है। युवक की मौत हादसा है, आत्महत्या है या इसके पीछे कोई और वजह है, इसका खुलासा पुलिस जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही हो सकेगा।
- लोकल न्यूज़ बीना रिपोर्ट लक्ष्मण सिंह राजपूत बीना में मुख्य मार्ग पर सब्जी दुकानों से बिगड़ी यातायात व्यवस्था, नगरपालिका की समझाइश पर नोकझोंक बीना। शहर के मुख्य मार्ग पर सड़क किनारे सब्जी विक्रेताओं द्वारा दुकानें लगाए जाने से यातायात व्यवस्था प्रभावित हो रही है। सड़क पर दुकानें लगने के कारण वाहन चालकों और राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसी समस्या को लेकर नगरपालिका कर्मचारियों ने कार्रवाई करते हुए सब्जी विक्रेताओं को निर्धारित स्थान पर दुकानें लगाने की समझाइश दी। नगरपालिका कर्मचारियों ने मुख्य सड़क पर सब्जी बेच रहे दुकानदारों से सड़क खाली रखने और निर्धारित स्थान पर दुकानें लगाने के लिए कहा। इस दौरान नगरपालिका कर्मचारियों और सब्जी विक्रेताओं के बीच तीखी नोकझोंक भी देखने को मिली। सब्जी विक्रेताओं का कहना है कि वे भी अपने परिवार का भरण-पोषण करने के लिए सब्जी बेचते हैं। उनका कहना है कि अगर मुख्य मार्ग से दुकानें हटाई जाती हैं तो नगरपालिका उन्हें ऐसा उचित और सुविधाजनक स्थान उपलब्ध कराए, जहां वे अपना कारोबार कर सकें। दुकानदारों ने सवाल उठाया कि आखिर वे अपनी दुकानें कहां लगाएं और परिवार का गुजारा कैसे करें। वहीं, नगरपालिका का कहना है कि मुख्य सड़क पर दुकानें लगने से यातायात प्रभावित होता है और लोगों को परेशानी होती है। ऐसे में सड़क को अतिक्रमण मुक्त रखना जरूरी है। अब बड़ा सवाल यह है कि यातायात व्यवस्था को सुचारू रखने के साथ सब्जी विक्रेताओं के रोजगार का भी समाधान कैसे निकलेगा? जरूरत है कि नगरपालिका विक्रेताओं के लिए सुविधाजनक और निर्धारित स्थान की व्यवस्था करे, ताकि सड़क पर जाम और अव्यवस्था की समस्या भी खत्म हो और छोटे व्यापारियों का रोजगार भी प्रभावित न हो। लोकल न्यूज़ बीना रिपोर्ट लक्ष्मण सिंह राजपूत बीना में मुख्य मार्ग पर सब्जी दुकानों से बिगड़ी यातायात व्यवस्था, नगरपालिका की समझाइश पर नोकझोंक बीना। शहर के मुख्य मार्ग पर सड़क किनारे सब्जी विक्रेताओं द्वारा दुकानें लगाए जाने से यातायात व्यवस्था प्रभावित हो रही है। सड़क पर दुकानें लगने के कारण वाहन चालकों और राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसी समस्या को लेकर नगरपालिका कर्मचारियों ने कार्रवाई करते हुए सब्जी विक्रेताओं को निर्धारित स्थान पर दुकानें लगाने की समझाइश दी। नगरपालिका कर्मचारियों ने मुख्य सड़क पर सब्जी बेच रहे दुकानदारों से सड़क खाली रखने और निर्धारित स्थान पर दुकानें लगाने के लिए कहा। इस दौरान नगरपालिका कर्मचारियों और सब्जी विक्रेताओं के बीच तीखी नोकझोंक भी देखने को मिली। सब्जी विक्रेताओं का कहना है कि वे भी अपने परिवार का भरण-पोषण करने के लिए सब्जी बेचते हैं। उनका कहना है कि अगर मुख्य मार्ग से दुकानें हटाई जाती हैं तो नगरपालिका उन्हें ऐसा उचित और सुविधाजनक स्थान उपलब्ध कराए, जहां वे अपना कारोबार कर सकें। दुकानदारों ने सवाल उठाया कि आखिर वे अपनी दुकानें कहां लगाएं और परिवार का गुजारा कैसे करें। वहीं, नगरपालिका का कहना है कि मुख्य सड़क पर दुकानें लगने से यातायात प्रभावित होता है और लोगों को परेशानी होती है। ऐसे में सड़क को अतिक्रमण मुक्त रखना जरूरी है। अब बड़ा सवाल यह है कि यातायात व्यवस्था को सुचारू रखने के साथ सब्जी विक्रेताओं के रोजगार का भी समाधान कैसे निकलेगा? जरूरत है कि नगरपालिका विक्रेताओं के लिए सुविधाजनक और निर्धारित स्थान की व्यवस्था करे, ताकि सड़क पर जाम और अव्यवस्था की समस्या भी खत्म हो और छोटे व्यापारियों का रोजगार भी प्रभावित न हो।1
- लोकल न्यूज़ बीना रिपोर्ट लक्ष्मण सिंह राजपूत बीना में मुख्य मार्ग पर सब्जी दुकानों से बिगड़ी यातायात व्यवस्था, नगरपालिका की समझाइश पर नोकझोंक बीना। शहर के मुख्य मार्ग पर सड़क किनारे सब्जी विक्रेताओं द्वारा दुकानें लगाए जाने से यातायात व्यवस्था प्रभावित हो रही है। सड़क पर दुकानें लगने के कारण वाहन चालकों और राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसी समस्या को लेकर नगरपालिका कर्मचारियों ने कार्रवाई करते हुए सब्जी विक्रेताओं को निर्धारित स्थान पर दुकानें लगाने की समझाइश दी। नगरपालिका कर्मचारियों ने मुख्य सड़क पर सब्जी बेच रहे दुकानदारों से सड़क खाली रखने और निर्धारित स्थान पर दुकानें लगाने के लिए कहा। इस दौरान नगरपालिका कर्मचारियों और सब्जी विक्रेताओं के बीच तीखी नोकझोंक भी देखने को मिली। सब्जी विक्रेताओं का कहना है कि वे भी अपने परिवार का भरण-पोषण करने के लिए सब्जी बेचते हैं। उनका कहना है कि अगर मुख्य मार्ग से दुकानें हटाई जाती हैं तो नगरपालिका उन्हें ऐसा उचित और सुविधाजनक स्थान उपलब्ध कराए, जहां वे अपना कारोबार कर सकें। दुकानदारों ने सवाल उठाया कि आखिर वे अपनी दुकानें कहां लगाएं और परिवार का गुजारा कैसे करें। वहीं, नगरपालिका का कहना है कि मुख्य सड़क पर दुकानें लगने से यातायात प्रभावित होता है और लोगों को परेशानी होती है। ऐसे में सड़क को अतिक्रमण मुक्त रखना जरूरी है। अब बड़ा सवाल यह है कि यातायात व्यवस्था को सुचारू रखने के साथ सब्जी विक्रेताओं के रोजगार का भी समाधान कैसे निकलेगा? जरूरत है कि नगरपालिका विक्रेताओं के लिए सुविधाजनक और निर्धारित स्थान की व्यवस्था करे, ताकि सड़क पर जाम और अव्यवस्था की समस्या भी खत्म हो और छोटे व्यापारियों का रोजगार भी प्रभावित न हो। लोकल न्यूज़ बीना रिपोर्ट लक्ष्मण सिंह राजपूत बीना में मुख्य मार्ग पर सब्जी दुकानों से बिगड़ी यातायात व्यवस्था, नगरपालिका की समझाइश पर नोकझोंक बीना। शहर के मुख्य मार्ग पर सड़क किनारे सब्जी विक्रेताओं द्वारा दुकानें लगाए जाने से यातायात व्यवस्था प्रभावित हो रही है। सड़क पर दुकानें लगने के कारण वाहन चालकों और राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसी समस्या को लेकर नगरपालिका कर्मचारियों ने कार्रवाई करते हुए सब्जी विक्रेताओं को निर्धारित स्थान पर दुकानें लगाने की समझाइश दी। नगरपालिका कर्मचारियों ने मुख्य सड़क पर सब्जी बेच रहे दुकानदारों से सड़क खाली रखने और निर्धारित स्थान पर दुकानें लगाने के लिए कहा। इस दौरान नगरपालिका कर्मचारियों और सब्जी विक्रेताओं के बीच तीखी नोकझोंक भी देखने को मिली। सब्जी विक्रेताओं का कहना है कि वे भी अपने परिवार का भरण-पोषण करने के लिए सब्जी बेचते हैं। उनका कहना है कि अगर मुख्य मार्ग से दुकानें हटाई जाती हैं तो नगरपालिका उन्हें ऐसा उचित और सुविधाजनक स्थान उपलब्ध कराए, जहां वे अपना कारोबार कर सकें। दुकानदारों ने सवाल उठाया कि आखिर वे अपनी दुकानें कहां लगाएं और परिवार का गुजारा कैसे करें। वहीं, नगरपालिका का कहना है कि मुख्य सड़क पर दुकानें लगने से यातायात प्रभावित होता है और लोगों को परेशानी होती है। ऐसे में सड़क को अतिक्रमण मुक्त रखना जरूरी है। अब बड़ा सवाल यह है कि यातायात व्यवस्था को सुचारू रखने के साथ सब्जी विक्रेताओं के रोजगार का भी समाधान कैसे निकलेगा? जरूरत है कि नगरपालिका विक्रेताओं के लिए सुविधाजनक और निर्धारित स्थान की व्यवस्था करे, ताकि सड़क पर जाम और अव्यवस्था की समस्या भी खत्म हो और छोटे व्यापारियों का रोजगार भी प्रभावित न हो।1
- लोकल न्यूज़ बीना रिपोर्ट लक्ष्मण सिंह राजपूत बीना में मुख्य मार्ग पर सब्जी दुकानों से बिगड़ी यातायात व्यवस्था, नगरपालिका की समझाइश पर नोकझोंक बीना। शहर के मुख्य मार्ग पर सड़क किनारे सब्जी विक्रेताओं द्वारा दुकानें लगाए जाने से यातायात व्यवस्था प्रभावित हो रही है। सड़क पर दुकानें लगने के कारण वाहन चालकों और राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसी समस्या को लेकर नगरपालिका कर्मचारियों ने कार्रवाई करते हुए सब्जी विक्रेताओं को निर्धारित स्थान पर दुकानें लगाने की समझाइश दी। नगरपालिका कर्मचारियों ने मुख्य सड़क पर सब्जी बेच रहे दुकानदारों से सड़क खाली रखने और निर्धारित स्थान पर दुकानें लगाने के लिए कहा। इस दौरान नगरपालिका कर्मचारियों और सब्जी विक्रेताओं के बीच तीखी नोकझोंक भी देखने को मिली। सब्जी विक्रेताओं का कहना है कि वे भी अपने परिवार का भरण-पोषण करने के लिए सब्जी बेचते हैं। उनका कहना है कि अगर मुख्य मार्ग से दुकानें हटाई जाती हैं तो नगरपालिका उन्हें ऐसा उचित और सुविधाजनक स्थान उपलब्ध कराए, जहां वे अपना कारोबार कर सकें। दुकानदारों ने सवाल उठाया कि आखिर वे अपनी दुकानें कहां लगाएं और परिवार का गुजारा कैसे करें। वहीं, नगरपालिका का कहना है कि मुख्य सड़क पर दुकानें लगने से यातायात प्रभावित होता है और लोगों को परेशानी होती है। ऐसे में सड़क को अतिक्रमण मुक्त रखना जरूरी है। अब बड़ा सवाल यह है कि यातायात व्यवस्था को सुचारू रखने के साथ सब्जी विक्रेताओं के रोजगार का भी समाधान कैसे निकलेगा? जरूरत है कि नगरपालिका विक्रेताओं के लिए सुविधाजनक और निर्धारित स्थान की व्यवस्था करे, ताकि सड़क पर जाम और अव्यवस्था की समस्या भी खत्म हो और छोटे व्यापारियों का रोजगार भी प्रभावित न हो।1
- विजय सिंह राय बीना में एक बार फिर पुलिस व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए। रेलवे ट्रैक पर युवक का शव मिलने के बाद जीआरपी और बीना सिटी पुलिस करीब 2 घंटे तक यह तय ही नहीं कर पाईं कि घटना किस थाना क्षेत्र की है। इस दौरान शव ट्रैक के किनारे पड़ा रहा और ट्रेनें गुजरती रहीं। आखिरकार दस बजे फैसला हुआ कि मामला बीना सिटी पुलिस का है, जिसके बाद पंचनामा कार्रवाई कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। मृतक की पहचान 35 वर्षीय आशीष गोस्वामी, पिता उमाशंकर गोस्वामी, निवासी वीर सावरकर वार्ड के रूप में हुई है। परिजनों के मुताबिक आशीष आठ दिन पहले उज्जैन जाने की बात कहकर घर से निकला था, लेकिन इसके बाद उसका कोई पता नहीं चला। जानकारी के अनुसार गुरुवार सुबह करीब 6:30 बजे सागर की ओर से आई किसी अप लाइन ट्रेन से चढ़ते या उतरते समय हादसा होने की आशंका है। घटना की सूचना रेलवे कर्मचारियों द्वारा मेमो के जरिए दी गई थी। सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब सूचना सुबह ही मिल गई थी, तो कार्रवाई शुरू होने में तीन घंटे क्यों लग गए? यदि क्षेत्राधिकार को लेकर विवाद था, तो उसका समाधान तत्काल क्यों नहीं किया गया? इस दौरान शव ट्रैक के पास पड़ा रहा और रेल यातायात चलता रहा। फिलहाल बीना सिटी पुलिस ने मामला अपने हाथ में लेकर जांच शुरू कर दी है। युवक की मौत हादसा है, आत्महत्या है या इसके पीछे कोई और वजह है, इसका खुलासा पुलिस जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही हो सकेगा।1
- नेता वादा करते हैं निभाता कोई नहीं 25 साल से सड़क का इंतजार कर रही हीगटी की नई बस्ती। लोकेशन:-बीना रिपोर्टर:-राकेश सेन बीना :- बीना से महज 4 किलोमीटर दूर स्थित ग्राम हीगटी की नई बस्ती के लोग आज भी मूलभूत सड़क सुविधा से वंचित हैं। बरसात में दलदल और कीचड़ भरे रास्ते से गुजरने को मजबूर बस्ती के लोगों को स्कूल, बाजार और शहर जाने के लिए भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। *25-30 साल से बदहाल है रास्ता* नई बस्ती की निवासी प्रीतम पटेल ने बताया कि पिछले 25-30 साल से लोग इसी बदहाल स्थिति में रहने को मजबूर हैं। विधायक ने पहले पक्का रास्ता बनवाने की बात कही थी और रास्ते का नाप भी करवाया गया था, लेकिन आज तक न सड़क बनी और न ही वादा पूरा हुआ। "नेता वादा तो करते हैं लेकिन निभाता कोई नहीं है। हम सभी परेशान हो रहे हैं" प्रीतम पटेल ने कहा। *बीमार को कंधे पर ले जाना पड़ता है* ग्राम हीगटी के चंद्रभान सिंह ठाकुर ने बताया कि कच्चे रास्ते की शिकायत कई बार सरपंच, सचिव और पंचायत से की गई, लेकिन कोई सुनने को तैयार नहीं है। "बारिश में अगर कोई बीमार हो जाए तो उसे निकालना दूभर हो जाता है। मरीज को कंधे पर रखकर इलाज के लिए ले जाना पड़ता है। ऐसी स्थिति है" उन्होंने कहा। वहीं बस्ती के गजराज अहिरवार का कहना है कि "हम सभी लोग नर्क जैसा जीवन जीने को बाध्य हो रहे हैं।" *लोगों की मांग* ग्रामीणों का कहना है कि जनप्रतिनिधि और पंचायत लगातार अनदेखी कर रहे हैं। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि नई बस्ती तक जल्द से जल्द पक्की सड़क का निर्माण कराया जाए, ताकि बच्चों की पढ़ाई और मरीजों को इलाज के लिए भटकना न पड़े।1
- madiya deam rahatgarh pani ka selav road ke dono side kafi fela hua madiya deam rahatgarh pani ke gerav1
- मंदिर की रेलिंग चोरी का मामला मंदिर की रेलिंग चोरी पर उठे सवाल, पुलिस जांच में रेलिंग लगी मिली लोकेशन : विदिशा स्लग : मंदिर की रेलिंग चोरी का मामला मंदिर की रेलिंग चोरी पर उठे सवाल, पुलिस जांच में रेलिंग लगी मिली लोकेशन : विदिशा एंकर : विदिशा के प्रसिद्ध बाढ़ वाले गणेश मंदिर से सरकारी रेलिंग चोरी होने का मामला सामने आने के बाद अब मामले में नया मोड़ आ गया है। राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग के सदस्य प्रियंक कानूनगो ने वीडियो जारी कर पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए थे। हालांकि मंदिर के पुजारी और पुलिस का कहना है कि रेलिंग चोरी नहीं हुई है। पुलिस जांच में रेलिंग मौके पर लगी मिली है। वीओ : दरअसल, बाढ़ वाले गणेश मंदिर में पर्यटन विभाग की ओर से श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए रेलिंग लगाई गई थी। रेलिंग चोरी होने की जानकारी सामने आने के बाद राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग के सदस्य प्रियंक कानूनगो ने वीडियो जारी कर मामले में पुलिस से कार्रवाई की मांग की। उन्होंने लोगों से अपील भी की थी कि यदि किसी को रेलिंग चोरी या उसे ले जाने वालों के संबंध में कोई जानकारी है तो उन्हें सूचना दी जाए। लेकिन अब इस मामले में मंदिर के पुजारी परसराम चौबे का कहना है कि न तो उन्होंने रेलिंग चोरी होने की कोई शिकायत की है और न ही मंदिर से कोई रेलिंग चोरी हुई है। उनका आरोप है कि किसी ने उनके नाम से झूठी शिकायत कर दी। वहीं सहायक सचिव का कहना है कि सीएसपी कार्यालय से पुलिस टीम जांच के लिए आई थी, लेकिन रेलिंग चोरी होने जैसा कोई मामला नहीं है। बाइट — अतुल सिंह, सीएसपी विदिशा सीएसपी अतुल सिंह के मुताबिक पुलिस अधीक्षक को आवेदन प्राप्त हुआ था, जिसके बाद जांच उन्हें सौंपी गई। पुलिस ने मौके पर जांच करने के साथ संबंधित लोगों के बयान भी लिए हैं। जांच में रेलिंग मौके पर लगी हुई मिली है। वीओ-2 : फिलहाल मामले में सबसे बड़ा सवाल यही है कि जब रेलिंग चोरी होने की बात सामने आई तो शिकायत किस आधार पर हुई और इसकी जानकारी राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग के सदस्य तक कैसे पहुंची। वहीं पुलिस जांच में रेलिंग मौके पर लगी मिलने के बाद पूरे मामले की तस्वीर अलग नजर आ रही है। अब पुलिस की जांच और सामने आए बयानों से ही स्पष्ट होगा कि आखिर इस मामले की वास्तविकता क्या है। बाइट : परसराम चौबे पुजारी बाइट : यशवंत मीणा सहायक सचिव4
- लोकेशन बीना रिपोर्ट लक्ष्मण सिंह राजपूत बीना में जमीन विवाद पर तहसीलदार का बड़ा आदेश, निर्माण कार्य पर लगी रोक ग्राम विहरना में 0.60 हेक्टेयर भूमि को लेकर विवाद, आवेदक ने अवैध कब्जे और निर्माण का लगाया आरोप बीना। ग्राम विहरना में भूमि को लेकर चल रहे विवाद के मामले में तहसीलदार बीना न्यायालय ने अस्थाई निषेधाज्ञा आदेश जारी किया है। न्यायालय के समक्ष ग्राम विहरना निवासी हल्कई उर्फ जालम पिता बसोरे कुशवाहा द्वारा आवेदन प्रस्तुत कर आरोप लगाया गया कि उसकी स्वामित्व की भूमि पर अनावेदक पक्ष द्वारा अवैध रूप से कब्जा कर नींव खोदकर निर्माण कार्य किया जा रहा है। आवेदन में बताया गया कि ग्राम विहरना स्थित भूमि खसरा नंबर 167/4, रकबा 0.60 हेक्टेयर है। आवेदक के अनुसार भूमि पर करीब 50×40 वर्गफीट क्षेत्र में निर्माण कार्य किया जा रहा है। मामले में आवेदक पक्ष की ओर से मौके पर स्थिति बनाए रखने तथा कथित अवैध कब्जे को हटाकर कब्जा पुनः दिलाए जाने की मांग की गई। मामले में हल्का पटवारी की रिपोर्ट भी न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत की गई। रिपोर्ट में मौके पर निर्माण कार्य किए जाने का उल्लेख बताया गया है। आवेदन और प्रस्तुत रिपोर्ट का अवलोकन करने के बाद तहसीलदार न्यायालय द्वारा अस्थाई निषेधाज्ञा आदेश जारी करते हुए संबंधित पक्षों को मौके पर यथास्थिति बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं। आदेश में संबंधित पक्षों को निर्धारित सुनवाई पर उपस्थित होकर अपना जवाब एवं आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने के लिए भी कहा गया है। साथ ही आदेश की प्रति संबंधित थाना प्रभारी को भेजकर आदेश के पालन की कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। हालांकि, भूमि विवाद का अंतिम निर्णय अभी होना बाकी है। तहसीलदार न्यायालय में दोनों पक्षों की सुनवाई और दस्तावेजों के परीक्षण के बाद ही मामले में अंतिम स्थिति स्पष्ट होगी। लोकेशन बीना रिपोर्ट लक्ष्मण सिंह राजपूत बीना में जमीन विवाद पर तहसीलदार का बड़ा आदेश, निर्माण कार्य पर लगी रोक ग्राम विहरना में 0.60 हेक्टेयर भूमि को लेकर विवाद, आवेदक ने अवैध कब्जे और निर्माण का लगाया आरोप बीना। ग्राम विहरना में भूमि को लेकर चल रहे विवाद के मामले में तहसीलदार बीना न्यायालय ने अस्थाई निषेधाज्ञा आदेश जारी किया है। न्यायालय के समक्ष ग्राम विहरना निवासी हल्कई उर्फ जालम पिता बसोरे कुशवाहा द्वारा आवेदन प्रस्तुत कर आरोप लगाया गया कि उसकी स्वामित्व की भूमि पर अनावेदक पक्ष द्वारा अवैध रूप से कब्जा कर नींव खोदकर निर्माण कार्य किया जा रहा है। आवेदन में बताया गया कि ग्राम विहरना स्थित भूमि खसरा नंबर 167/4, रकबा 0.60 हेक्टेयर है। आवेदक के अनुसार भूमि पर करीब 50×40 वर्गफीट क्षेत्र में निर्माण कार्य किया जा रहा है। मामले में आवेदक पक्ष की ओर से मौके पर स्थिति बनाए रखने तथा कथित अवैध कब्जे को हटाकर कब्जा पुनः दिलाए जाने की मांग की गई। मामले में हल्का पटवारी की रिपोर्ट भी न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत की गई। रिपोर्ट में मौके पर निर्माण कार्य किए जाने का उल्लेख बताया गया है। आवेदन और प्रस्तुत रिपोर्ट का अवलोकन करने के बाद तहसीलदार न्यायालय द्वारा अस्थाई निषेधाज्ञा आदेश जारी करते हुए संबंधित पक्षों को मौके पर यथास्थिति बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं। आदेश में संबंधित पक्षों को निर्धारित सुनवाई पर उपस्थित होकर अपना जवाब एवं आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने के लिए भी कहा गया है। साथ ही आदेश की प्रति संबंधित थाना प्रभारी को भेजकर आदेश के पालन की कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। हालांकि, भूमि विवाद का अंतिम निर्णय अभी होना बाकी है। तहसीलदार न्यायालय में दोनों पक्षों की सुनवाई और दस्तावेजों के परीक्षण के बाद ही मामले में अंतिम स्थिति स्पष्ट होगी।1