मिशन रक्षक से माड़ क्षेत्र के युवाओं को मिली नई राह, कोयलीबेड़ा में 257 अभ्यर्थियों के निःशुल्क शारीरिक प्रशिक्षण की शुरुआत, पुलिस-बीएसएफ के प्रशिक्षक कराएंगे भर्ती की तैयारी कांकेर। घोर नक्सल प्रभावित सुदूर माड़ क्षेत्र के युवाओं को पुलिस एवं पैरामिलिट्री सेवाओं में भर्ती की तैयारी का अवसर देने के उद्देश्य से कांकेर पुलिस के “मिशन रक्षक” प्रशिक्षण कार्यक्रम का गुरुवार को कोयलीबेड़ा हाई स्कूल मैदान में शुभारंभ हुआ। कार्यक्रम के पहले दिन 257 युवाओं ने प्रशिक्षण में हिस्सा लिया, जिनमें 155 पुरुष और 102 महिला अभ्यर्थी शामिल रहे। प्रशिक्षण पूरी तरह निःशुल्क रखा गया है। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पुलिस अधीक्षक निखिल अशोक कुमार राखेचा (भापुसे) एवं बीएसएफ 40वीं वाहिनी कोयलीबेड़ा के कमांडेंट रणधीर सिंह गिल रहे। अधिकारियों ने युवाओं को नियमित अभ्यास, अनुशासन और मेहनत के साथ भर्ती की तैयारी करने के लिए प्रेरित किया। पुलिस के अनुसार, मिशन रक्षक का उद्देश्य ग्रामीण एवं दूरस्थ अंचलों में रहने वाले युवाओं को भर्ती परीक्षाओं की तैयारी के लिए आवश्यक शारीरिक प्रशिक्षण, मार्गदर्शन और अभ्यास का बेहतर मंच उपलब्ध कराना है। प्रशिक्षण के दौरान कांकेर पुलिस के प्रशिक्षित महिला एवं पुरुष जवान तथा बीएसएफ के प्रशिक्षित प्रशिक्षक अभ्यर्थियों को दौड़, सहनशक्ति और विभिन्न शारीरिक दक्षता इवेंट्स का अभ्यास कराएंगे। साथ ही प्रत्येक इवेंट की तकनीक और उससे जुड़ी जरूरी बारीकियों की जानकारी भी दी जाएगी। 358 अभ्यर्थियों ने किया आवेदन मिशन रक्षक के लिए कुल 358 अभ्यर्थियों के आवेदन प्राप्त हुए हैं। शुभारंभ अवसर पर 257 अभ्यर्थियों ने प्रशिक्षण में भाग लिया। अधिकारियों ने युवाओं से कहा कि सफलता के लिए कोई शॉर्टकट नहीं होता। नियमित अभ्यास, अनुशासन, मेहनत और लक्ष्य के प्रति दृढ़ इच्छाशक्ति ही सफलता की मजबूत नींव है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अंतागढ़ आशीष बंछोर के मार्गदर्शन एवं एसडीओपी अंतागढ़ संतोष कुमार जैन के पर्यवेक्षण में थाना प्रभारी कोयलीबेड़ा निर्मल जांगड़े के नेतृत्व में कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें बीएसएफ 40वीं वाहिनी का भी सहयोग रहा। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधि, शिक्षक, पत्रकार एवं ग्राम के गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। पुलिस के मुताबिक भानुप्रतापपुर, आमाबेड़ा और अंतागढ़ में मिशन रक्षक प्रशिक्षण पहले ही शुरू किया जा चुका है। आगामी सप्ताह में कांकेर और पखांजूर में भी प्रशिक्षण प्रारंभ करने की तैयारी है। कांकेर पुलिस का लक्ष्य दूरस्थ क्षेत्रों के प्रतिभावान युवाओं को निःशुल्क प्रशिक्षण और उचित मार्गदर्शन देकर पुलिस एवं पैरामिलिट्री सेवाओं में अवसर के लिए तैयार करना है।
मिशन रक्षक से माड़ क्षेत्र के युवाओं को मिली नई राह, कोयलीबेड़ा में 257 अभ्यर्थियों के निःशुल्क शारीरिक प्रशिक्षण की शुरुआत, पुलिस-बीएसएफ के प्रशिक्षक कराएंगे भर्ती की तैयारी कांकेर। घोर नक्सल प्रभावित सुदूर माड़ क्षेत्र के युवाओं को पुलिस एवं पैरामिलिट्री सेवाओं में भर्ती की तैयारी का अवसर देने के उद्देश्य से कांकेर पुलिस के “मिशन रक्षक” प्रशिक्षण कार्यक्रम का गुरुवार को कोयलीबेड़ा हाई स्कूल मैदान में शुभारंभ हुआ। कार्यक्रम के पहले दिन 257 युवाओं ने प्रशिक्षण में हिस्सा लिया, जिनमें 155 पुरुष और 102 महिला अभ्यर्थी शामिल रहे। प्रशिक्षण पूरी तरह निःशुल्क रखा गया है। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पुलिस अधीक्षक निखिल अशोक कुमार राखेचा (भापुसे) एवं बीएसएफ 40वीं वाहिनी कोयलीबेड़ा के कमांडेंट रणधीर सिंह गिल रहे। अधिकारियों ने युवाओं को नियमित अभ्यास, अनुशासन और मेहनत के साथ भर्ती की तैयारी करने के लिए प्रेरित किया। पुलिस के अनुसार, मिशन रक्षक का उद्देश्य ग्रामीण एवं दूरस्थ अंचलों में रहने वाले युवाओं को भर्ती परीक्षाओं की तैयारी के लिए आवश्यक शारीरिक प्रशिक्षण, मार्गदर्शन और अभ्यास का बेहतर मंच उपलब्ध कराना है। प्रशिक्षण के दौरान कांकेर पुलिस के प्रशिक्षित महिला एवं पुरुष जवान तथा बीएसएफ के प्रशिक्षित प्रशिक्षक अभ्यर्थियों को दौड़,
सहनशक्ति और विभिन्न शारीरिक दक्षता इवेंट्स का अभ्यास कराएंगे। साथ ही प्रत्येक इवेंट की तकनीक और उससे जुड़ी जरूरी बारीकियों की जानकारी भी दी जाएगी। 358 अभ्यर्थियों ने किया आवेदन मिशन रक्षक के लिए कुल 358 अभ्यर्थियों के आवेदन प्राप्त हुए हैं। शुभारंभ अवसर पर 257 अभ्यर्थियों ने प्रशिक्षण में भाग लिया। अधिकारियों ने युवाओं से कहा कि सफलता के लिए कोई शॉर्टकट नहीं होता। नियमित अभ्यास, अनुशासन, मेहनत और लक्ष्य के प्रति दृढ़ इच्छाशक्ति ही सफलता की मजबूत नींव है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अंतागढ़ आशीष बंछोर के मार्गदर्शन एवं एसडीओपी अंतागढ़ संतोष कुमार जैन के पर्यवेक्षण में थाना प्रभारी कोयलीबेड़ा निर्मल जांगड़े के नेतृत्व में कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें बीएसएफ 40वीं वाहिनी का भी सहयोग रहा। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधि, शिक्षक, पत्रकार एवं ग्राम के गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। पुलिस के मुताबिक भानुप्रतापपुर, आमाबेड़ा और अंतागढ़ में मिशन रक्षक प्रशिक्षण पहले ही शुरू किया जा चुका है। आगामी सप्ताह में कांकेर और पखांजूर में भी प्रशिक्षण प्रारंभ करने की तैयारी है। कांकेर पुलिस का लक्ष्य दूरस्थ क्षेत्रों के प्रतिभावान युवाओं को निःशुल्क प्रशिक्षण और उचित मार्गदर्शन देकर पुलिस एवं पैरामिलिट्री सेवाओं में अवसर के लिए तैयार करना है।
- ग्राम जुगड़ा जंगल हत्याकांड में नक्सली आरोपी को उम्रकैद 17 सितंबर शाम साढ़े 4 बजे पुलिस से मिली जानकारी अनुसार, ग्राम जुगड़ा के जंगल में वर्ष दो हजार 19 में ग्रामीण,श्यामनाथ आंचला की गोली मारकर हत्या के मामले में,विशेष अपर सत्र न्यायालय भानुप्रतापपुर ने,नक्सली आरोपी पीलूराम आंचला उर्फ सालिकराम को दोषी ठहराते हुए,आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। 26 अगस्त दो हजार 19 को नक्सलियों ने,श्यामनाथ आंचला की गोली मारकर हत्या की थी। मामले में अपहरण, हत्या, बलवा, आर्म्स एक्ट और विधिविरुद्ध क्रियाकलाप अधिनियम की धाराओं में,अपराध दर्ज किया गया था। प्रत्यक्षदर्शी साक्षियों के न्यायालयीन कथन और,विवेचना में जुटाए गए मौखिक, परिस्थितिजन्य व अन्य साक्ष्यों के आधार पर,अभियोजन आरोप साबित करने में सफल रहा। दोषी पीलूराम आंचला उर्फ सालिकराम उम्र 35 वर्ष, पिता स्वर्गीय नोहरूराम, निवासी इमलीपारा कागबरस, थाना कोयलीबेड़ा है।1
- ग्राम मोहारा मे करैत सांप के काटने से 32 वर्षीय महिला की हुई मौत मृतिका केकती बाई सिन्हा धमतरी जिले के ग्राम अरौद (अर्जुनी) की रहने वाली थी,जो गुरुर ब्लॉक के ग्राम मोहारा मे तीजा का त्योहार मनाने मायके आई थी, रात करीब 12 बजे वह जमीन पर सो रही थी। इसी दौरान सांप ने उसके दाहिने पैर के अंगूठे के पास काट लिया। परिजनों ने लाइट जलाई तो बिस्तर के पास काले रंग का करैत सांप लिपटा मिला। परिजनो ने रात में ही सांप को मार दिया तथा केकती बाई को जिला अस्पताल लाया गया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया, बालोद मे पीएम के बाद पुलिस द्वारा मर्ग जांच की जा रही है।1
- स्वतंत्र न्यूज़ छत्तीसगढ़ हमेशा फुल फैक्ट्स के साथ आपके साथ। 🔥 पाकिस्तान ने माना— भारत की सैन्य क्षमता का सम्मान, हथियारों की रेस में शामिल नहीं स्वतंत्र न्यूज़ छत्तीसगढ़/नई दिल्ली/इस्लामाबाद | 17 सितंबर 2026 पाकिस्तान के सैन्य प्रवक्ता और DG ISPR लेफ्टिनेंट जनरल अहमद शरीफ चौधरी ने हाल ही में Al Arabiya English को दिए इंटरव्यू में साफ कहा है कि पाकिस्तान भारत के साथ किसी भी तरह की हथियारों की दौड़ में शामिल नहीं है। उन्होंने भारतीय सैन्य क्षमताओं का सम्मान जताया और बताया कि पाकिस्तान का पूरा फोकस केवल रक्षात्मक (डिफेंसिव) क्षमताओं पर है। मुख्य बातें (जैसा बयान में कहा गया): “हम भारतीय सैन्य क्षमताओं का सम्मान करते हैं। हम समझते हैं कि भारत अपने सैन्य शस्त्रागार और क्षमताओं को बढ़ाने पर बड़ी मात्रा में पैसा और संसाधन खर्च कर रहा है।” “लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि हम भारतीयों के साथ किसी तरह की हथियारों की दौड़ में शामिल हैं।” पाकिस्तान की क्षमताएँ रक्षात्मक हैं और दुनिया के किसी भी देश के खिलाफ कोई आक्रामक इरादा नहीं है। यह बयान भारत की बढ़ती एयर डिफेंस, मिसाइल और कन्वेंशनल स्ट्राइक क्षमताओं के संदर्भ में दिया गया। ऑपरेशन सिंदूर का संदर्भ: यह टिप्पणी मई 2025 में हुए भारत-पाकिस्तान सैन्य टकराव के लगभग 16 महीने बाद आई है। 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम में आतंकी हमले (26 नागरिक मारे गए) के बाद भारत ने 7 मई 2025 को ऑपरेशन सिंदूर चलाया था। इसमें पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में 9 आतंकी ठिकानों पर सटीक हमले किए गए थे। इसके बाद 4 दिनों का सैन्य टकराव हुआ और 10 मई 2025 को सीजफायर हुआ। फैक्ट चेक: कुछ पोस्ट और वीडियो में इसे “पाक का सरेंडर” बताकर दिखाया जा रहा है। असल में पाकिस्तान ने कोई सैन्य या राजनीतिक सरेंडर नहीं किया है। लेफ्टिनेंट जनरल चौधरी का बयान उनकी पुरानी पोजीशन का ही दोहराव है कि पाकिस्तान भारत जैसे बड़े रक्षा बजट वाले देश के साथ हथियारों की रेस नहीं लड़ सकता। उनका जोर हमेशा डिफेंसिव कैपेबिलिटी पर रहा है। स्रोत: Al Arabiya English इंटरव्यू (सितंबर 2026), Moneycontrol, Outlook, Firstpost आदि। स्वतंत्र न्यूज़ छत्तीसगढ़ मुद्दों पर बात, स्वतंत्रता के साथ #swatantraupdates #स्वतंत्रन्यूज़छत्तीसगढ़ #swatantranewschhattisgarh #swatantralive #swatantrashort #CGNewsUpdate #CGNews #swatantranewscg Vinod Kumar Pandey SWATANTRA NEWS CHHATTISGARH1
- हाई टेक हॉस्पिटल चोरी और गबन किये और फिर सुरु हुआ,,, साथ ही पूछ ताच होगा रहा है... हाई टेक हॉस्पिटल में गबन हूँ लाखों जिसके आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार क़र पूछ ताच क़र रही है ----1
- छत्तीसगढ़ में आवास योजना के आंकड़ों को लेकर बड़ी बहस भूपेश बनाम विजय1
- सालों बाद फेस टू में चला बुलडोजर रावतपुर की कार्रवाई पर उठे सवाल रायपुर नगर निगम के जॉन क्रमांक 6 के द्वारा किए गए कार्रवाई के ऊपर में कई अहम सवाल खड़े हो रहे हैं की कार्रवाई जो नियमों के तहत हुई है वह तो सही है लेकिन आधी अधूरी क्यों1
- 27 सितंबर दोपहर 1 बजे मिली जानकारी अनुसार,ग्राम मललडोबरी निवासी 55 वर्षीय राधा बाई नेताम की सड़क हादसे में मौत हो गई। घटना 30 अगस्त की रात करीब 1 बजे की है। राधा बाई की तबीयत खराब होने पर उनका पुत्र अनेश कुमार नेताम बाइक से उन्हें माकड़ी अस्पताल ले जा रहा था। मुरडोगरी मोड़ के पास पीछे से आ रहे सफेद रंग के पिकअप क्रमांक,CG 24 W 1 7 1 9 के चालक ने तेज व,लापरवाहीपूर्वक वाहन चलाते हुए बाइक को टक्कर मार दी। हादसे में राधा बाई और उनका पुत्र सड़क पर गिर गए। गंभीर रूप से घायल राधा बाई को 112 वाहन से केडी अस्पताल कांकेर ले जाया गया, जहां डॉक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने मर्ग जांच के बाद पिकअप चालक के खिलाफ धारा 281, 106(1) बीएनएस के तहत,अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है।1
- बालोद गहन नाला के पास दर्दनाक हादसा: बस की टक्कर से राजमिस्त्री की मौत, शव कई किमी तक घिसटता रहा चारामा में मजदूर संघों ने NH-30 पर किया चक्काजाम, बस जब्त कर चालक गिरफ्तार कांकेर। बालोद गहन नाला के पास 16 सितंबर को हुए दर्दनाक सड़क हादसे में राजमिस्त्री संघ के सह-सचिव एवं बिल्डिंग ठेकेदार जीवन सिन्हा (40), निवासी लल्तू नगर चारामा, की मौत हो गई। आरोप है कि तेज रफ्तार मनीष ट्रैवल्स की बस ने उन्हें टक्कर मार दी। टक्कर के बाद बस चालक के वाहन नहीं रोकने के कारण जीवन सिन्हा का शरीर बस के निचले हिस्से में फंस गया और कई किलोमीटर तक घिसटता चला गया। बताया गया कि हादसे के बाद बस बालोद गहन नाला से जकतरा टोल प्लाजा की ओर बढ़ती रही। इस दौरान शव सड़क पर घिसटता रहा। जकतरा टोल प्लाजा के पास सड़क पर पड़े शव के हिस्से को गुरूर थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर अपने कब्जे में लिया। वहीं, मृतक का एक पैर बस के निचले हिस्से में फंसा रहा, जो बस के चारामा बस स्टैंड पहुंचने के बाद निकाला गया। बस चालकों की रफ्तार पर मजदूर संघों में आक्रोश हादसे के बाद क्षेत्र के मजदूर संघों में आक्रोश फैल गया। संघ के सदस्यों ने आरोप लगाया कि मुख्य मार्गों पर कई बस चालक तेज रफ्तार से वाहन चलाते हैं और ओवरटेकिंग की होड़ में यातायात नियमों की अनदेखी करते हैं। उनका कहना है कि तेज रफ्तार के कारण राहगीरों और मवेशियों के साथ लगातार दुर्घटनाएं हो रही हैं। मजदूर संघों ने हादसे को चालक की गंभीर लापरवाही बताते हुए बस चालकों की गति और मनमानी पर प्रभावी नियंत्रण की मांग की। विश्वकर्मा पूजा छोड़ सड़क पर उतरे मजदूर 17 सितंबर को विश्वकर्मा पूजा होने के बावजूद साथी जीवन सिन्हा की मौत से आक्रोशित मजदूरों ने इस बार पर्व का आयोजन नहीं किया। संघ के सदस्यों ने भगवान विश्वकर्मा की पूजा-अर्चना के बाद नेशनल हाईवे-30 पर पहुंचकर विरोध प्रदर्शन किया। राजमिस्त्री संघ, इलेक्ट्रीशियन संघ और प्लंबर संघ के सदस्यों ने संयुक्त रूप से करीब 10 से 15 मिनट तक NH-30 पर चक्काजाम कर नारेबाजी की। इससे कुछ समय के लिए मार्ग पर यातायात प्रभावित रहा। तहसीलदार और थाना प्रभारी को सौंपा ज्ञापन प्रदर्शन के बाद मजदूर संघों के प्रतिनिधियों ने तहसीलदार सत्येंद्र शुक्ला और थाना प्रभारी सुरेश राठौर को ज्ञापन सौंपकर बस चालक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई तथा क्षेत्र में तेज रफ्तार बसों पर नियंत्रण की मांग की। अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को बताया कि घटना गुरूर थाना क्षेत्र की होने के कारण गुरूर थाने में आरोपी बस चालक के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। अधिकारियों के अनुसार बस को जब्त कर चालक को गिरफ्तार कर लिया गया है। साथ ही बसों की रफ्तार और चालकों की मनमानी पर नियंत्रण के लिए आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया गया। इसके बाद मजदूर संघों ने चक्काजाम समाप्त कर दिया।1
- नेपाल बाढ़ आपदा: मौतों की संख्या 1400 के पार, चिलिमे हाइड्रोपावर सुरंग से 5 शव बरामद (स्वतंत्र न्यूज़ छत्तीसगढ़) 26 अगस्त 2026 को नेपाल-तिब्बत सीमा के पास आइस-रॉक एवलांच (बर्फ-चट्टान का गिरना) से ट्रिगर हुई विनाशकारी फ्लैश फ्लड ने नेपाल के उत्तरी और मध्य हिस्सों में भारी तबाही मचाई। भोटेकोशी नदी में बाढ़ का पानी, कीचड़ और मलबा घरों, सड़कों, पुलों और कई हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट्स को बहा ले गया। ताजा आंकड़े (16 सितंबर 2026 तक) नेपाल में मृतक: 1,403 से 1,404 लापता: लगभग 6,150 (जिनमें सैकड़ों विदेशी नागरिक शामिल) बचाए गए: 13,700 से अधिक चीन (तिब्बत) पक्ष: 43 मृतक, 500 से अधिक लापता चिटवन जिले में सबसे ज्यादा 364 शव बरामद हुए हैं। इसके बाद नवलपरासी पूर्व (232), नवलपरासी पश्चिम (222) और अन्य जिलों (नुवाकोट, रसुवा, गोरखा आदि) में भी बड़ी संख्या में शव मिले हैं। पहचान एक बड़ी चुनौती बनी हुई है—अभी तक केवल 100 के आसपास शवों की पहचान हो पाई है और परिवारों को सौंपे गए हैं। DNA टेस्टिंग चल रही है। चिलिमे हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट में ऑपरेशन भारत के नेपाल में राजदूत नवीन श्रीवास्तव ने बताया कि भारतीय और नेपाली बचाव दलों ने कई दिनों की मेहनत के बाद चिलिमे हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट की सुरंग और पावरहाउस तक पहुंच बनाई। भारी कीचड़, मलबा, बड़े पत्थर और पानी की वजह से यह ऑपरेशन बेहद मुश्किल था। अंत में मैनुअल (हाथ से) खुदाई और डाइविंग की मदद से पहुंचा गया। सुरंग/पावरहाउस से 5 लोगों के शव बरामद हुए। कोई जीवित व्यक्ति नहीं मिला। छठा व्यक्ति अभी भी लापता बताया जा रहा है। यह ऑपरेशन नेपाली सेना, भारतीय सेना के विशेषज्ञों और अन्य टीमों के संयुक्त प्रयास से पूरा हुआ। पहले कई हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट्स (अपर त्रिशूली-1, चिलिमे आदि) में सैकड़ों मजदूर लापता बताए जा रहे थे। कुछ जगहों पर सर्च जारी है, लेकिन कई प्रोजेक्ट्स में अब सर्च रोक दी गई है। और क्या जानना जरूरी है? 14 हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट्स को नुकसान पहुंचा, जिससे नेपाल की बिजली उत्पादन क्षमता का बड़ा हिस्सा प्रभावित हुआ। बाढ़ ने हजारों घरों को नष्ट कर दिया और सड़कें/पुल बह गए, जिससे बचाव कार्य और भी कठिन हो गया। भारत ने शुरू से ही राहत सामग्री, विशेषज्ञ टीम और तकनीकी सहायता भेजी है। यह नेपाल की 2015 भूकंप के बाद सबसे बड़ी प्राकृतिक आपदाओं में से एक है। सर्च और राहत कार्य जारी हैं, लेकिन तीन हफ्ते बीतने के बाद जीवित मिलने की उम्मीद बहुत कम रह गई है। स्रोत: नेपाल पुलिस, NDRRMA बुलेटिन, भारतीय राजदूत नवीन श्रीवास्तव के बयान, और अंतरराष्ट्रीय रिपोर्ट्स (16-17 सितंबर 2026 तक के अपडेट)। SWATANTRA NEWS CHHATTISGARH हमेशा फुल फैक्ट्स के साथ आपके साथ। 🔥 #swatantraupdates #स्वतंत्रन्यूज़छत्तीसगढ़ #swatantranewschhattisgarh #swatantralive #swatantrashort #CGNewsUpdate #CGNews #swatantranewscg Vinod Kumar Pandey SWATANTRA NEWS CHHATTISGARH1