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नेपाल बाढ़ आपदा: मौतों की संख्या 1400 के पार, चिलिमे हाइड्रोपावर सुरंग से 5 शव बरामद (स्वतंत्र न्यूज़ छत्तीसगढ़) 26 अगस्त 2026 को नेपाल-तिब्बत सीमा के पास आइस-रॉक एवलांच (बर्फ-चट्टान का गिरना) से ट्रिगर हुई विनाशकारी फ्लैश फ्लड ने नेपाल के उत्तरी और मध्य हिस्सों में भारी तबाही मचाई। भोटेकोशी नदी में बाढ़ का पानी, कीचड़ और मलबा घरों, सड़कों, पुलों और कई हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट्स को बहा ले गया। ताजा आंकड़े (16 सितंबर 2026 तक) नेपाल में मृतक: 1,403 से 1,404 लापता: लगभग 6,150 (जिनमें सैकड़ों विदेशी नागरिक शामिल) बचाए गए: 13,700 से अधिक चीन (तिब्बत) पक्ष: 43 मृतक, 500 से अधिक लापता चिटवन जिले में सबसे ज्यादा 364 शव बरामद हुए हैं। इसके बाद नवलपरासी पूर्व (232), नवलपरासी पश्चिम (222) और अन्य जिलों (नुवाकोट, रसुवा, गोरखा आदि) में भी बड़ी संख्या में शव मिले हैं। पहचान एक बड़ी चुनौती बनी हुई है—अभी तक केवल 100 के आसपास शवों की पहचान हो पाई है और परिवारों को सौंपे गए हैं। DNA टेस्टिंग चल रही है। चिलिमे हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट में ऑपरेशन भारत के नेपाल में राजदूत नवीन श्रीवास्तव ने बताया कि भारतीय और नेपाली बचाव दलों ने कई दिनों की मेहनत के बाद चिलिमे हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट की सुरंग और पावरहाउस तक पहुंच बनाई। भारी कीचड़, मलबा, बड़े पत्थर और पानी की वजह से यह ऑपरेशन बेहद मुश्किल था। अंत में मैनुअल (हाथ से) खुदाई और डाइविंग की मदद से पहुंचा गया। सुरंग/पावरहाउस से 5 लोगों के शव बरामद हुए। कोई जीवित व्यक्ति नहीं मिला। छठा व्यक्ति अभी भी लापता बताया जा रहा है। यह ऑपरेशन नेपाली सेना, भारतीय सेना के विशेषज्ञों और अन्य टीमों के संयुक्त प्रयास से पूरा हुआ। पहले कई हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट्स (अपर त्रिशूली-1, चिलिमे आदि) में सैकड़ों मजदूर लापता बताए जा रहे थे। कुछ जगहों पर सर्च जारी है, लेकिन कई प्रोजेक्ट्स में अब सर्च रोक दी गई है। और क्या जानना जरूरी है? 14 हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट्स को नुकसान पहुंचा, जिससे नेपाल की बिजली उत्पादन क्षमता का बड़ा हिस्सा प्रभावित हुआ। बाढ़ ने हजारों घरों को नष्ट कर दिया और सड़कें/पुल बह गए, जिससे बचाव कार्य और भी कठिन हो गया। भारत ने शुरू से ही राहत सामग्री, विशेषज्ञ टीम और तकनीकी सहायता भेजी है। यह नेपाल की 2015 भूकंप के बाद सबसे बड़ी प्राकृतिक आपदाओं में से एक है। सर्च और राहत कार्य जारी हैं, लेकिन तीन हफ्ते बीतने के बाद जीवित मिलने की उम्मीद बहुत कम रह गई है। स्रोत: नेपाल पुलिस, NDRRMA बुलेटिन, भारतीय राजदूत नवीन श्रीवास्तव के बयान, और अंतरराष्ट्रीय रिपोर्ट्स (16-17 सितंबर 2026 तक के अपडेट)। SWATANTRA NEWS CHHATTISGARH हमेशा फुल फैक्ट्स के साथ आपके साथ। 🔥 #swatantraupdates #स्वतंत्रन्यूज़छत्तीसगढ़ #swatantranewschhattisgarh #swatantralive #swatantrashort #CGNewsUpdate #CGNews #swatantranewscg Vinod Kumar Pandey SWATANTRA NEWS CHHATTISGARH

2 hrs ago
user_SWATANTRA NEW'S CHHATTISGARH
SWATANTRA NEW'S CHHATTISGARH
दुर्ग, दुर्ग, छत्तीसगढ़•
2 hrs ago

नेपाल बाढ़ आपदा: मौतों की संख्या 1400 के पार, चिलिमे हाइड्रोपावर सुरंग से 5 शव बरामद (स्वतंत्र न्यूज़ छत्तीसगढ़) 26 अगस्त 2026 को नेपाल-तिब्बत सीमा के पास आइस-रॉक एवलांच (बर्फ-चट्टान का गिरना) से ट्रिगर हुई विनाशकारी फ्लैश फ्लड ने नेपाल के उत्तरी और मध्य हिस्सों में भारी तबाही मचाई। भोटेकोशी नदी में बाढ़ का पानी, कीचड़ और मलबा घरों, सड़कों, पुलों और कई हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट्स को बहा ले गया। ताजा आंकड़े (16 सितंबर 2026 तक) नेपाल में मृतक: 1,403 से 1,404 लापता: लगभग 6,150 (जिनमें सैकड़ों विदेशी नागरिक शामिल) बचाए गए: 13,700 से अधिक चीन (तिब्बत) पक्ष: 43 मृतक, 500 से अधिक लापता चिटवन जिले में सबसे ज्यादा 364 शव बरामद हुए हैं। इसके बाद नवलपरासी पूर्व (232), नवलपरासी पश्चिम (222) और अन्य जिलों (नुवाकोट, रसुवा, गोरखा आदि) में भी बड़ी संख्या में शव मिले हैं। पहचान एक बड़ी चुनौती बनी हुई है—अभी तक केवल 100 के आसपास शवों की पहचान हो पाई है और परिवारों को सौंपे गए हैं। DNA टेस्टिंग चल रही है। चिलिमे हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट में ऑपरेशन भारत के नेपाल में राजदूत नवीन श्रीवास्तव ने बताया कि भारतीय और नेपाली बचाव दलों ने कई दिनों की मेहनत के बाद चिलिमे हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट की सुरंग और पावरहाउस तक पहुंच बनाई। भारी कीचड़, मलबा, बड़े पत्थर और पानी की वजह से यह ऑपरेशन बेहद मुश्किल था। अंत में मैनुअल (हाथ से) खुदाई और डाइविंग की मदद से पहुंचा गया। सुरंग/पावरहाउस से 5 लोगों के शव बरामद हुए। कोई जीवित व्यक्ति नहीं मिला। छठा व्यक्ति अभी भी लापता बताया जा रहा है। यह ऑपरेशन नेपाली सेना, भारतीय सेना के विशेषज्ञों और अन्य टीमों के संयुक्त प्रयास से पूरा हुआ। पहले कई हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट्स (अपर त्रिशूली-1, चिलिमे आदि) में सैकड़ों मजदूर लापता बताए जा रहे थे। कुछ जगहों पर सर्च जारी है, लेकिन कई प्रोजेक्ट्स में अब सर्च रोक दी गई है। और क्या जानना जरूरी है? 14 हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट्स को नुकसान पहुंचा, जिससे नेपाल की बिजली उत्पादन क्षमता का बड़ा हिस्सा प्रभावित हुआ। बाढ़ ने हजारों घरों को नष्ट कर दिया और सड़कें/पुल बह गए, जिससे बचाव कार्य और भी कठिन हो गया। भारत ने शुरू से ही राहत सामग्री, विशेषज्ञ टीम और तकनीकी सहायता भेजी है। यह नेपाल की 2015 भूकंप के बाद सबसे बड़ी प्राकृतिक आपदाओं में से एक है। सर्च और राहत कार्य जारी हैं, लेकिन तीन हफ्ते बीतने के बाद जीवित मिलने की उम्मीद बहुत कम रह गई है। स्रोत: नेपाल पुलिस, NDRRMA बुलेटिन, भारतीय राजदूत नवीन श्रीवास्तव के बयान, और अंतरराष्ट्रीय रिपोर्ट्स (16-17 सितंबर 2026 तक के अपडेट)। SWATANTRA NEWS CHHATTISGARH हमेशा फुल फैक्ट्स के साथ आपके साथ। 🔥 #swatantraupdates #स्वतंत्रन्यूज़छत्तीसगढ़ #swatantranewschhattisgarh #swatantralive #swatantrashort #CGNewsUpdate #CGNews #swatantranewscg Vinod Kumar Pandey SWATANTRA NEWS CHHATTISGARH

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  • फर्रुखाबाद के पपियापुर से सामने आए इस वीडियो ने लोगों को हैरान कर दिया। 😱 सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में एक दिव्यांग दुकानदार को कथित तौर पर सड़क पर गिराकर लात-घूंसों से पीटते हुए देखा जा सकता है। बताया जा रहा है कि स्टॉल लगाने को लेकर विवाद के बाद यह हमला हुआ। पीड़ित ने हमलावरों पर गला दबाकर जान से मारने की कोशिश करने का भी आरोप लगाया है। पुलिस के मुताबिक, मामले में केस दर्ज कर,,,,, फर्रुखाबाद के पपियापुर से सामने आए इस वीडियो ने लोगों को हैरान कर दिया। 😱 सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में एक दिव्यांग दुकानदार को कथित तौर पर सड़क पर गिराकर लात-घूंसों से पीटते हुए देखा जा सकता है। बताया जा रहा है कि स्टॉल लगाने को लेकर विवाद के बाद यह हमला हुआ। पीड़ित ने हमलावरों पर गला दबाकर जान से मारने की कोशिश करने का भी आरोप लगाया है। पुलिस के मुताबिक, मामले में केस दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी गई है। 🚨 वीडियो सामने आने के बाद लोगों ने आरोपियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
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    फर्रुखाबाद के पपियापुर से सामने आए इस वीडियो ने लोगों को हैरान कर दिया। 😱 सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में एक दिव्यांग दुकानदार को कथित तौर पर सड़क पर गिराकर लात-घूंसों से पीटते हुए देखा जा सकता है। बताया जा रहा है कि स्टॉल लगाने को लेकर विवाद के बाद यह हमला हुआ। पीड़ित ने हमलावरों पर गला दबाकर जान से मारने की कोशिश करने का भी आरोप लगाया है। पुलिस के मुताबिक, मामले में केस दर्ज कर,,,,,
फर्रुखाबाद के पपियापुर से सामने आए इस वीडियो ने लोगों को हैरान कर दिया। 😱 सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में एक दिव्यांग दुकानदार को कथित तौर पर सड़क पर गिराकर लात-घूंसों से पीटते हुए देखा जा सकता है। बताया जा रहा है कि स्टॉल लगाने को लेकर विवाद के बाद यह हमला हुआ। पीड़ित ने हमलावरों पर गला दबाकर जान से मारने की कोशिश करने का भी आरोप लगाया है। पुलिस के मुताबिक, मामले में केस दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी गई है। 🚨 वीडियो सामने आने के बाद लोगों ने आरोपियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
    user_Pradeep Singh Rajput 🇮🇳D.N.
    Pradeep Singh Rajput 🇮🇳D.N.
    Voice of people दुर्ग, दुर्ग, छत्तीसगढ़•
    17 hrs ago
  • ढाबा बंद कराने की बात को लेकर घर में घुसकर तोड़फोड़ करने, मारपीट व जान से मारने की धमकी देने वाले 05 आरोपी गिरफ्तार, आर्म्स / अन्य संगीन धाराओं के तहत कार्रवाई *ढाबा बंद कराने की बात को लेकर घर में घुसकर तोड़फोड़ करने, मारपीट व जान से मारने की धमकी देने वाले 05 आरोपी गिरफ्तार, आर्म्स / अन्य संगीन धाराओं के तहत कार्रवाई* ▪️ *मुखबिर व पीड़ित की सूचना पर थाना पुलगांव / चौकी अंजोरा पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए घेराबंदी कर 05 आरोपियों को पकड़ा.* ▪️ *आरोपियों द्वारा ढाबा बंद करने का दबाव बनाते हुए घर में जबरन घुसकर तोड़फोड़ की गई तथा जान से मारने की धमकी दी गई.* ▪️ *आरोपियों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त डंडे बरामद कर विधिवत जप्ती की कार्रवाई की गई*. ▪️ *प्रकरण में अपराध क्रमांक 0808/2026, धारा 191(2), 331(6), 296, 351(3), 324(4) बी.एन.एस. के तहत कार्रवाई कर आरोपियों को न्यायिक रिमाण्ड पर भेजा गया.* मुख्य बिंदु दिनांक 14.09.2026 को थाना पुलगांव अंतर्गत चौकी अंजोरा क्षेत्र में ढाबा संचालक को फोन पर धमकाते हुए घर में घुसकर तोड़फोड़ करने और मारपीट करने वाले आरोपियों के खिलाफ पुलिस टीम द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए 05 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है. संक्षिप्त विवरण दिनांक 14.09.2026 की रात्रि में आरोपी चेतन खन्ना उर्फ सनी एवं उसके साथियों द्वारा ढाबा बंद करने को लेकर पीड़ित के मोबाईल पर लगातार फोन कर धमकाया गया. इसके पश्चात सभी आरोपी एकजुट होकर पीड़ित के किराए के मकान में जबरन घुसे, गाली-गलौज की तथा घर के बाहर रखे सामान व लाइटिंग आदि में तोड़फोड़ कर नुकसान पहुंचाया. सूचना पर थाना पुलगांव/अंजोरा पुलिस ने तत्काल वैधानिक कार्रवाई करते हुए अपराध पंजीबद्ध किया और आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमाण्ड पर भेजा. घटना स्थल काली मंदिर के पास, अंजोरा (चौकी अंजोरा, थाना पुलगांव क्षेत्र), जिला दुर्ग. गिरफ्तार आरोपियों के नाम व पते 1)सनी उर्फ चेतन खन्ना पिता स्वर्गीय अनिल खन्ना, उम्र 33 वर्ष, निवासी ग्राम पुलगांव। 2)धर्मपाल खन्ना उर्फ गोल्डी पिता स्वर्गीय अनिल खन्ना, उम्र 29 वर्ष, निवासी पुलगांव। 3)चंद्रप्रकाश खन्ना उर्फ मनी पिता स्वर्गीय अनिल खन्ना, उम्र 31 वर्ष, निवासी पुलगांव। 4)गणेश साहू पिता दीपक साहू, उम्र 22 वर्ष, निवासी अटारी नंदनवन बगलामुखी मंदिर के पास, टाटीबंध, रायपुर। 5)नीरें सुबह पिता राजेश सुबह, उम्र 26 वर्ष, साकिन चूहा पढ़ती गार्डन, जलपाईगुड़ी (पश्चिम बंगाल), हाल मुकाम- खन्ना ढाबा, जोड़ा। जप्त सामग्री घटना में प्रयुक्त डंडे। आरोपियों के मोबाइल फोन्स। दुर्ग पुलिस की अपील दुर्ग पुलिस आम नागरिकों से अपील करती है कि किसी भी प्रकार के विवाद की स्थिति में कानून अपने हाथ में न लें तथा तुरंत पुलिस को सूूचित करें। इस तरह की गैर-कानूनी गतिविधियों और हुड़दंगई करने वालों पर पुलिस द्वारा सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। —0000—
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    ढाबा बंद कराने की बात को लेकर घर में घुसकर तोड़फोड़ करने, मारपीट व जान से मारने की धमकी देने वाले 05 आरोपी गिरफ्तार, आर्म्स / अन्य संगीन धाराओं के तहत कार्रवाई
*ढाबा बंद कराने की बात को लेकर घर में घुसकर तोड़फोड़ करने, मारपीट व जान से मारने की धमकी देने वाले 05 आरोपी गिरफ्तार, आर्म्स / अन्य संगीन धाराओं के तहत कार्रवाई*
▪️ *मुखबिर व पीड़ित की सूचना पर थाना पुलगांव / चौकी अंजोरा पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए घेराबंदी कर 05 आरोपियों को पकड़ा.*
▪️ *आरोपियों द्वारा ढाबा बंद करने का दबाव बनाते हुए घर में जबरन घुसकर तोड़फोड़ की गई तथा जान से मारने की धमकी दी गई.*
▪️ *आरोपियों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त डंडे बरामद कर विधिवत जप्ती की कार्रवाई की गई*.
▪️ *प्रकरण में अपराध क्रमांक 0808/2026, धारा 191(2), 331(6), 296, 351(3), 324(4) बी.एन.एस. के तहत कार्रवाई कर आरोपियों को न्यायिक रिमाण्ड पर भेजा गया.*
मुख्य बिंदु
दिनांक 14.09.2026 को थाना पुलगांव अंतर्गत चौकी अंजोरा क्षेत्र में ढाबा संचालक को फोन पर धमकाते हुए घर में घुसकर तोड़फोड़ करने और मारपीट करने वाले आरोपियों के खिलाफ पुलिस टीम द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए 05 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है.
संक्षिप्त विवरण
दिनांक 14.09.2026 की रात्रि में आरोपी चेतन खन्ना उर्फ सनी एवं उसके साथियों द्वारा ढाबा बंद करने को लेकर पीड़ित के मोबाईल पर लगातार फोन कर धमकाया गया. इसके पश्चात सभी आरोपी एकजुट होकर पीड़ित के किराए के मकान में जबरन घुसे, गाली-गलौज की तथा घर के बाहर रखे सामान व लाइटिंग आदि में तोड़फोड़ कर नुकसान पहुंचाया. सूचना पर थाना पुलगांव/अंजोरा पुलिस ने तत्काल वैधानिक कार्रवाई करते हुए अपराध पंजीबद्ध किया और आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमाण्ड पर भेजा.
घटना स्थल
काली मंदिर के पास, अंजोरा (चौकी अंजोरा, थाना पुलगांव क्षेत्र), जिला दुर्ग.
गिरफ्तार आरोपियों के नाम व पते
1)सनी उर्फ चेतन खन्ना पिता स्वर्गीय अनिल खन्ना, उम्र 33 वर्ष, निवासी ग्राम पुलगांव।
2)धर्मपाल खन्ना उर्फ गोल्डी पिता स्वर्गीय अनिल खन्ना, उम्र 29 वर्ष, निवासी पुलगांव।
3)चंद्रप्रकाश खन्ना उर्फ मनी पिता स्वर्गीय अनिल खन्ना, उम्र 31 वर्ष, निवासी पुलगांव।
4)गणेश साहू पिता दीपक साहू, उम्र 22 वर्ष, निवासी अटारी नंदनवन बगलामुखी मंदिर के पास, टाटीबंध, रायपुर।
5)नीरें सुबह पिता राजेश सुबह, उम्र 26 वर्ष, साकिन चूहा पढ़ती गार्डन, जलपाईगुड़ी (पश्चिम बंगाल), हाल मुकाम- खन्ना ढाबा, जोड़ा।
जप्त सामग्री
घटना में प्रयुक्त डंडे।
आरोपियों के मोबाइल फोन्स।
दुर्ग पुलिस की अपील
दुर्ग पुलिस आम नागरिकों से अपील करती है कि किसी भी प्रकार के विवाद की स्थिति में कानून अपने हाथ में न लें तथा तुरंत पुलिस को सूूचित करें। इस तरह की गैर-कानूनी गतिविधियों और हुड़दंगई करने वालों पर पुलिस द्वारा सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
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    user_हेमंत उमरे ,7509375525
    हेमंत उमरे ,7509375525
    दुर्ग, दुर्ग, छत्तीसगढ़•
    23 hrs ago
  • ऋषि पंचमी पर राजिम के निकट ग्राम देवरी में निकली नागों की शोभायात्रा पूजा के बाद सांपों को जंगल में छोड़ने की परंपरा निभाई गई, बड़ी संख्या में शामिल हुए ग्रामीण नागों की शोभायात्रा देखने देवरी सहित आसपास के गांवों और दूर-दराज क्षेत्रों से बड़ी संख्या में पहुंचे लोग राजिम।ऋषि पंचमी पर मंगलवार को राजिम के ग्राम देवरी में वर्षों पुरानी लोकपरंपरा देखने को मिली। तंत्र-मंत्र और पारंपरिक मान्यताओं के बीच सांपों की विशेष पूजा-अर्चना कर उनकी शोभायात्रा निकाली गई। नागों की शोभायात्रा देखने देवरी सहित आसपास के गांवों और दूर-दराज क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। पूरे आयोजन में आस्था के साथ लोगों में कौतूहल भी नजर आया। ग्रामीणों के अनुसार, ऋषि पंचमी पर देवरी में विशेष परंपरा के तहत सांपों को पकड़ा जाता है। इसके बाद गांव के सांवरा बैगा द्वारा पारंपरिक विधि-विधान और तंत्र-मंत्र के बीच उनकी पूजा की जाती है। ग्रामीणों की मान्यता है कि नाग देवता को प्रसन्न करने से गांव में सुख-शांति और समृद्धि बनी रहती है। पूजा के बाद नागों को लेकर शोभायात्रा निकाली गई। यह अटल चौक से होते हुए शीतला माता प्रांगण तक पहुंची। रास्तेभर नागों के दर्शन के लिए लोगों की भीड़ जुटी रही। तीजहारिन बहनों सहित ग्रामीणों ने श्रद्धा के साथ पूजा-अर्चना की। ग्रामीणों का कहना है कि देवरी में नाग पूजा की यह परंपरा नई नहीं, बल्कि पीढ़ियों से चली आ रही है। ऋषि पंचमी आते ही आयोजन की तैयारी शुरू हो जाती है। बैगा परंपरा, तंत्र-मंत्र और नाग पूजा से जुड़ी मान्यताओं के कारण हर साल बड़ी संख्या में लोग इसे देखने पहुंचते हैं। पूजा के के बाद बाद जंगल में छोड़ते हैं ग्रामीणों के अनुसार पूजा और शोभायात्रा के बाद सांपों को सुरक्षित तरीके से जंगल में छोड़ने की परंपरा है। वे इसे नाग देवता के प्रति श्रद्धा और प्रकृति के सम्मान से जोड़ते हैं। यही परंपरा देवरी को आसपास के गांवों से अलग पहचान देती है।
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    ऋषि पंचमी पर राजिम के निकट ग्राम देवरी में निकली नागों की शोभायात्रा
पूजा के बाद सांपों को जंगल में छोड़ने की परंपरा निभाई गई, बड़ी संख्या में शामिल हुए ग्रामीण
नागों की शोभायात्रा देखने देवरी सहित आसपास के गांवों और दूर-दराज क्षेत्रों से बड़ी संख्या में पहुंचे लोग
राजिम।ऋषि पंचमी पर मंगलवार को राजिम के ग्राम देवरी में वर्षों पुरानी लोकपरंपरा देखने को मिली। तंत्र-मंत्र और पारंपरिक मान्यताओं के बीच सांपों की विशेष पूजा-अर्चना कर उनकी शोभायात्रा निकाली गई। नागों की शोभायात्रा देखने देवरी सहित आसपास के गांवों और दूर-दराज क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। पूरे आयोजन
में आस्था के साथ लोगों में कौतूहल भी नजर आया। ग्रामीणों के अनुसार, ऋषि पंचमी पर देवरी में विशेष परंपरा के तहत सांपों को पकड़ा जाता है। इसके बाद गांव के सांवरा बैगा द्वारा पारंपरिक विधि-विधान और तंत्र-मंत्र के बीच उनकी पूजा की जाती है। ग्रामीणों की मान्यता है कि नाग देवता को प्रसन्न करने से गांव में सुख-शांति और समृद्धि बनी रहती है। पूजा के बाद नागों को लेकर शोभायात्रा
निकाली गई। यह अटल चौक से होते हुए शीतला माता प्रांगण तक पहुंची। रास्तेभर नागों के दर्शन के लिए लोगों की भीड़ जुटी रही। तीजहारिन बहनों सहित ग्रामीणों ने श्रद्धा के साथ पूजा-अर्चना की।
ग्रामीणों का कहना है कि देवरी में नाग पूजा की यह परंपरा नई नहीं, बल्कि पीढ़ियों से चली आ रही है। ऋषि पंचमी आते ही आयोजन की तैयारी शुरू हो जाती है। बैगा परंपरा, तंत्र-मंत्र और नाग
पूजा से जुड़ी मान्यताओं के कारण हर साल बड़ी संख्या में लोग इसे देखने पहुंचते हैं।
पूजा के के बाद बाद जंगल में छोड़ते हैं ग्रामीणों के अनुसार पूजा और शोभायात्रा के बाद सांपों को सुरक्षित तरीके से जंगल में छोड़ने की परंपरा है। वे इसे नाग देवता के प्रति श्रद्धा और प्रकृति के सम्मान से जोड़ते हैं। यही परंपरा देवरी को आसपास के गांवों से अलग पहचान देती है।
    user_तुकाराम कंसारी नवापारा राजिम
    तुकाराम कंसारी नवापारा राजिम
    Artist Gobra Navapara, Raipur•
    1 day ago
  • ग्राम मोहारा मे करैत सांप के काटने से 32 वर्षीय महिला की हुई मौत मृतिका केकती बाई सिन्हा धमतरी जिले के ग्राम अरौद (अर्जुनी) की रहने वाली थी,जो गुरुर ब्लॉक के ग्राम मोहारा मे तीजा का त्योहार मनाने मायके आई थी, रात करीब 12 बजे वह जमीन पर सो रही थी। इसी दौरान सांप ने उसके दाहिने पैर के अंगूठे के पास काट लिया। परिजनों ने लाइट जलाई तो बिस्तर के पास काले रंग का करैत सांप लिपटा मिला। परिजनो ने रात में ही सांप को मार दिया तथा केकती बाई को जिला अस्पताल लाया गया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया, बालोद मे पीएम के बाद पुलिस द्वारा मर्ग जांच की जा रही है।
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    ग्राम मोहारा मे करैत सांप के काटने से 32 वर्षीय महिला की हुई मौत
मृतिका केकती बाई सिन्हा धमतरी जिले के ग्राम अरौद (अर्जुनी) की रहने वाली थी,जो गुरुर ब्लॉक के ग्राम मोहारा मे तीजा का त्योहार मनाने मायके आई थी, रात करीब 12 बजे वह जमीन पर सो रही थी। इसी दौरान सांप ने उसके दाहिने पैर के अंगूठे के पास काट लिया। परिजनों ने लाइट जलाई तो बिस्तर के पास काले रंग का करैत सांप लिपटा मिला। परिजनो ने रात में ही सांप को मार दिया तथा केकती बाई को जिला अस्पताल लाया गया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया, बालोद मे पीएम के बाद पुलिस द्वारा मर्ग जांच की जा रही है।
    user_खोमेश्वर गुरुपंच
    खोमेश्वर गुरुपंच
    Voice of people गुरुर, बालोद, छत्तीसगढ़•
    11 hrs ago
  • पूर्व विधायक शैलेस पांडे ने उठाए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं भाजपा पर स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर सवाल प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिवस पर स्कूली बच्चों से दीप जलवाने के निर्देश पर पूर्व विधायक शैलेश पांडे ने उठाए सवाल शाम 7 बजे दीप प्रज्वलन के लिए स्कूली बच्चों को बुलाए जाने पर सुरक्षा और शिक्षा व्यवस्था को लेकर जताई चिंता तिल्दा-रायपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस 17 सितंबर को शाम 7 बजे ‘आशीर्वाद का दीया’ जलाने के कार्यक्रम को लेकर छत्तीसगढ़ में राजनीतिक बहस तेज होती दिखाई दे रही है। इसी मुद्दे को लेकर पूर्व विधायक शैलेश पांडे ने स्कूली बच्चों को शाम के समय स्कूल बुलाकर दीप प्रज्वलन कार्यक्रम में शामिल कराने के निर्देश को लेकर सवाल उठाए हैं। उपलब्ध सार्वजनिक रिपोर्टों के अनुसार, छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस के अवसर पर 17 सितंबर की शाम 7 बजे दीप जलाने की अपील की गई है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने भी प्रदेशवासियों से अपने घरों में ‘आशीर्वाद का दीया’ जलाने का आह्वान किया है। इसी कार्यक्रम को लेकर शैलेश पांडे ने कथित तौर पर यह सवाल उठाया है कि यदि स्कूली बच्चों को भी शाम लगभग 7 बजे विद्यालय बुलाकर दीप प्रज्वलन कार्यक्रम कराया जाता है, तो उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी किसकी होगी। उनका कहना है कि स्कूली बच्चों को सामान्यतः दिन के समय विद्यालय में शैक्षणिक गतिविधियों के लिए बुलाया जाता है, ऐसे में शाम के समय बच्चों को स्कूल बुलाने की व्यवस्था को लेकर अभिभावकों और स्कूल प्रबंधन को स्पष्ट जानकारी तथा सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करनी चाहिए। बच्चों की सुरक्षा को लेकर उठाया मुद्दा पूर्व विधायक शैलेश पांडे ने इस पूरे मामले को बच्चों की सुरक्षा से जोड़ते हुए सवाल उठाया है। उनका तर्क बताया जा रहा है कि कार्यक्रम यदि विद्यालय परिसर अथवा किसी सार्वजनिक स्थल पर शाम के समय आयोजित किया जाता है, तो बच्चों के आने-जाने, प्रकाश व्यवस्था, यातायात, शिक्षकों की मौजूदगी और अभिभावकों की सहमति जैसे पहलुओं पर स्पष्ट व्यवस्था होना आवश्यक है। यह सवाल इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि दीप प्रज्वलन का निर्धारित समय शाम 7 बजे बताया गया है। छत्तीसगढ़ में भाजपा द्वारा प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिवस से 17 अक्टूबर तक ‘सेवा संकल्प अभियान’ चलाए जाने की जानकारी भी सामने आई है। क्या स्कूली बच्चों को राजनीतिक आयोजनों से जोड़ना उचित? शैलेश पांडे ने कथित रूप से यह भी सवाल उठाया है कि स्कूलों और विद्यार्थियों को किसी सक्रिय राजनीतिक व्यक्ति के जन्मदिवस से जुड़े कार्यक्रम में किस सीमा तक शामिल किया जाना चाहिए। उनके सवाल का केंद्र विद्यार्थियों की शिक्षा, स्वतंत्र वातावरण और संस्थागत भूमिका से जुड़ा बताया जा रहा है। इस तरह के मुद्दे को लेकर अन्य राज्यों में भी बहस सामने आई है। राजस्थान में प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिवस पर ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम में विद्यार्थियों की भागीदारी संबंधी निर्देशों को लेकर सामाजिक संगठनों और विपक्ष की ओर से सवाल उठाए जाने की रिपोर्ट सामने आई है। कार्यक्रम को लेकर सरकार और विपक्ष के अलग-अलग दृष्टिकोण सरकार और भाजपा की ओर से दीप प्रज्वलन कार्यक्रम को प्रधानमंत्री के जन्मदिवस तथा उनके सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने के अवसर से जोड़कर ‘जनभागीदारी’, सेवा और शुभकामना के कार्यक्रम के रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है। रायपुर सहित प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में दीप प्रज्वलन की तैयारियों की भी रिपोर्ट सामने आई है। वहीं, विपक्ष की ओर से मुख्य सवाल यह उठाया जा रहा है कि सरकारी तंत्र, शैक्षणिक संस्थानों और विद्यार्थियों की भागीदारी ऐसे आयोजनों में किस प्रकार सुनिश्चित की जा रही है और इसके लिए जारी निर्देशों की प्रकृति क्या है। अब स्पष्टता का इंतजार मामले में सबसे महत्वपूर्ण सवाल यह है कि क्या स्कूली बच्चों को वास्तव में शाम 7 बजे विद्यालय में उपस्थित होकर दीप प्रज्वलन कार्यक्रम में भाग लेने के लिए बाध्य किया गया है, या उनसे केवल कार्यक्रम में स्वैच्छिक सहभागिता की अपेक्षा की गई है। इस संबंध में संबंधित शिक्षा विभाग अथवा स्थानीय प्रशासन के लिखित निर्देश सामने आने पर स्थिति और स्पष्ट हो सकती है। फिलहाल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस पर दीप प्रज्वलन को लेकर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर चर्चा जारी है। पूर्व विधायक शैलेश पांडे द्वारा उठाए गए सुरक्षा और विद्यार्थियों की भूमिका से जुड़े सवालों ने इस कार्यक्रम के आयोजन और उसमें बच्चों की भागीदारी को लेकर एक नया विमर्श जरूर खड़ा किया है।
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    पूर्व विधायक शैलेस पांडे ने उठाए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं भाजपा पर स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर सवाल 
प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिवस पर स्कूली बच्चों से दीप जलवाने के निर्देश पर पूर्व विधायक शैलेश पांडे ने उठाए सवाल
शाम 7 बजे दीप प्रज्वलन के लिए स्कूली बच्चों को बुलाए जाने पर सुरक्षा और शिक्षा व्यवस्था को लेकर जताई चिंता
तिल्दा-रायपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस 17 सितंबर को शाम 7 बजे ‘आशीर्वाद का दीया’ जलाने के कार्यक्रम को लेकर छत्तीसगढ़ में राजनीतिक बहस तेज होती दिखाई दे रही है। इसी मुद्दे को लेकर पूर्व विधायक शैलेश पांडे ने स्कूली बच्चों को शाम के समय स्कूल बुलाकर दीप प्रज्वलन कार्यक्रम में शामिल कराने के निर्देश को लेकर सवाल उठाए हैं।
उपलब्ध सार्वजनिक रिपोर्टों के अनुसार, छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस के अवसर पर 17 सितंबर की शाम 7 बजे दीप जलाने की अपील की गई है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने भी प्रदेशवासियों से अपने घरों में ‘आशीर्वाद का दीया’ जलाने का आह्वान किया है।
इसी कार्यक्रम को लेकर शैलेश पांडे ने कथित तौर पर यह सवाल उठाया है कि यदि स्कूली बच्चों को भी शाम लगभग 7 बजे विद्यालय बुलाकर दीप प्रज्वलन कार्यक्रम कराया जाता है, तो उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी किसकी होगी। उनका कहना है कि स्कूली बच्चों को सामान्यतः दिन के समय विद्यालय में शैक्षणिक गतिविधियों के लिए बुलाया जाता है, ऐसे में शाम के समय बच्चों को स्कूल बुलाने की व्यवस्था को लेकर अभिभावकों और स्कूल प्रबंधन को स्पष्ट जानकारी तथा सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करनी चाहिए।
बच्चों की सुरक्षा को लेकर उठाया मुद्दा
पूर्व विधायक शैलेश पांडे ने इस पूरे मामले को बच्चों की सुरक्षा से जोड़ते हुए सवाल उठाया है। उनका तर्क बताया जा रहा है कि कार्यक्रम यदि विद्यालय परिसर अथवा किसी सार्वजनिक स्थल पर शाम के समय आयोजित किया जाता है, तो बच्चों के आने-जाने, प्रकाश व्यवस्था, यातायात, शिक्षकों की मौजूदगी और अभिभावकों की सहमति जैसे पहलुओं पर स्पष्ट व्यवस्था होना आवश्यक है।
यह सवाल इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि दीप प्रज्वलन का निर्धारित समय शाम 7 बजे बताया गया है। छत्तीसगढ़ में भाजपा द्वारा प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिवस से 17 अक्टूबर तक ‘सेवा संकल्प अभियान’ चलाए जाने की जानकारी भी सामने आई है।
क्या स्कूली बच्चों को राजनीतिक आयोजनों से जोड़ना उचित?
शैलेश पांडे ने कथित रूप से यह भी सवाल उठाया है कि स्कूलों और विद्यार्थियों को किसी सक्रिय राजनीतिक व्यक्ति के जन्मदिवस से जुड़े कार्यक्रम में किस सीमा तक शामिल किया जाना चाहिए। उनके सवाल का केंद्र विद्यार्थियों की शिक्षा, स्वतंत्र वातावरण और संस्थागत भूमिका से जुड़ा बताया जा रहा है।
इस तरह के मुद्दे को लेकर अन्य राज्यों में भी बहस सामने आई है। राजस्थान में प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिवस पर ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम में विद्यार्थियों की भागीदारी संबंधी निर्देशों को लेकर सामाजिक संगठनों और विपक्ष की ओर से सवाल उठाए जाने की रिपोर्ट सामने आई है।
कार्यक्रम को लेकर सरकार और विपक्ष के अलग-अलग दृष्टिकोण
सरकार और भाजपा की ओर से दीप प्रज्वलन कार्यक्रम को प्रधानमंत्री के जन्मदिवस तथा उनके सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने के अवसर से जोड़कर ‘जनभागीदारी’, सेवा और शुभकामना के कार्यक्रम के रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है। रायपुर सहित प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में दीप प्रज्वलन की तैयारियों की भी रिपोर्ट सामने आई है।
वहीं, विपक्ष की ओर से मुख्य सवाल यह उठाया जा रहा है कि सरकारी तंत्र, शैक्षणिक संस्थानों और विद्यार्थियों की भागीदारी ऐसे आयोजनों में किस प्रकार सुनिश्चित की जा रही है और इसके लिए जारी निर्देशों की प्रकृति क्या है।
अब स्पष्टता का इंतजार
मामले में सबसे महत्वपूर्ण सवाल यह है कि क्या स्कूली बच्चों को वास्तव में शाम 7 बजे विद्यालय में उपस्थित होकर दीप प्रज्वलन कार्यक्रम में भाग लेने के लिए बाध्य किया गया है, या उनसे केवल कार्यक्रम में स्वैच्छिक सहभागिता की अपेक्षा की गई है। इस संबंध में संबंधित शिक्षा विभाग अथवा स्थानीय प्रशासन के लिखित निर्देश सामने आने पर स्थिति और स्पष्ट हो सकती है।
फिलहाल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस पर दीप प्रज्वलन को लेकर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर चर्चा जारी है। पूर्व विधायक शैलेश पांडे द्वारा उठाए गए सुरक्षा और विद्यार्थियों की भूमिका से जुड़े सवालों ने इस कार्यक्रम के आयोजन और उसमें बच्चों की भागीदारी को लेकर एक नया विमर्श जरूर खड़ा किया है।
    user_Anil Bhatt
    Anil Bhatt
    टिल्डा, रायपुर, छत्तीसगढ़•
    5 hrs ago
  • *किरनापुर में उफना जनआक्रोश, हजारों की भीड़ ने घेरा थाना गर्भवती महिला से कथित मारपीट के विरोध में मरार समाज का प्रदर्शन, पुलिस ने भांजी लाठियां और छोड़े आंसू गैस के गोले; झड़प में पुलिसकर्मियों को भी चोट* किरनापुर। बालाघाट जिले के किरनापुर में एक महिला से कथित मारपीट और अभद्रता के मामले ने मंगलवार को बड़ा रूप ले लिया। पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने और आरोपियों पर कार्रवाई की मांग को लेकर मरार समाज के हजारों लोग सड़कों पर उतर आए। देखते ही देखते प्रदर्शन ने उग्र रूप ले लिया और भीड़ ने किरनापुर थाने का घेराव कर दिया। स्थिति बिगड़ने पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले छोड़े। घटनाक्रम के दौरान पुलिसकर्मियों के घायल होने की भी जानकारी सामने आई है। शिकायत से शुरू हुआ विवाद, कार्रवाई की मांग पर जुटी भीड़ मामला किरनापुर थाना क्षेत्र में गर्भवती महिला सावित्री चौधरी और उसके पति कैलाश चौधरी से कथित तौर पर कपड़े उतरवाकर मारपीट एवं अभद्रता किए जाने से जुड़ा बताया गया है। घटना के बाद पीड़ित पक्ष ने पुलिस से शिकायत कर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। बताया जाता है कि कार्रवाई को लेकर नाराजगी बढ़ती गई और मंगलवार को बड़ी संख्या में मरार समाज के लोग किरनापुर पहुंच गए। धरने से थाने के घेराव तक पहुंचा मामला प्रदर्शनकारियों ने पहले धरना-प्रदर्शन कर पुलिस प्रशासन के सामने अपनी मांगें रखीं। इसके बाद भीड़ थाने की ओर बढ़ गई और किरनापुर थाना चारों तरफ से लोगों से घिर गया। बड़ी संख्या में महिलाएं और पुरुष मौके पर मौजूद रहे। पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने का प्रयास किया, लेकिन स्थिति तनावपूर्ण होती चली गई। लाठीचार्ज और आंसू गैस से मची अफरा-तफरी थाने के बाहर प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच स्थिति बिगड़ने के बाद पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज किया। इसके साथ ही आंसू गैस के गोले भी छोड़े गए। अचानक हुई कार्रवाई से मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। जानकारी के अनुसार, इस दौरान पुलिस की ओर भी पथराव हुआ और कुछ पुलिसकर्मियों को चोटें आईं। एसपी ने मौके पर पहुंचकर संभाला मोर्चा हालात बिगड़ने की सूचना के बाद पुलिस अधीक्षक आदित्य मिश्रा मौके पर पहुंचे। उन्होंने पुलिस अधिकारियों से घटनाक्रम की जानकारी ली और स्थिति को नियंत्रित करने के निर्देश दिए। प्रशासन की ओर से प्रदर्शनकारियों से शांति बनाए रखने की अपील की गई। समाज की दो टूक—न्याय मिलने तक जारी रहेगा संघर्ष मरार समाज के जिला अध्यक्ष रमेश पंचे ने कहा कि समाज का उद्देश्य पीड़ित परिवार को न्याय दिलाना है। उनका कहना है कि मामले में दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि कार्रवाई में देरी के कारण समाज के लोगों में आक्रोश बढ़ा। किरनापुर में एक शिकायत से शुरू हुआ विवाद अब कानून-व्यवस्था के बड़े सवाल तक पहुंच गया है। एक ओर पीड़ित परिवार के लिए न्याय की मांग है, तो दूसरी ओर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हुए टकराव ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है। अब सबकी निगाहें पुलिस की आगामी कार्रवाई और पूरे घटनाक्रम की जांच पर टिकी हैं।
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    *किरनापुर में उफना जनआक्रोश, हजारों की भीड़ ने घेरा थाना
गर्भवती महिला से कथित मारपीट के विरोध में मरार समाज का प्रदर्शन, पुलिस ने भांजी लाठियां और छोड़े आंसू गैस के गोले; झड़प में पुलिसकर्मियों को भी चोट*
किरनापुर। बालाघाट जिले के किरनापुर में एक महिला से कथित मारपीट और अभद्रता के मामले ने मंगलवार को बड़ा रूप ले लिया। पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने और आरोपियों पर कार्रवाई की मांग को लेकर मरार समाज के हजारों लोग सड़कों पर उतर आए। देखते ही देखते प्रदर्शन ने उग्र रूप ले लिया और भीड़ ने किरनापुर थाने का घेराव कर दिया। स्थिति बिगड़ने पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले छोड़े। घटनाक्रम के दौरान पुलिसकर्मियों के घायल होने की भी जानकारी सामने आई है।
शिकायत से शुरू हुआ विवाद, कार्रवाई की मांग पर जुटी भीड़
मामला किरनापुर थाना क्षेत्र में गर्भवती महिला सावित्री चौधरी और उसके पति कैलाश चौधरी से कथित तौर पर कपड़े उतरवाकर मारपीट एवं अभद्रता किए जाने से जुड़ा बताया गया है। घटना के बाद पीड़ित पक्ष ने पुलिस से शिकायत कर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। बताया जाता है कि कार्रवाई को लेकर नाराजगी बढ़ती गई और मंगलवार को बड़ी संख्या में मरार समाज के लोग किरनापुर पहुंच गए।
धरने से थाने के घेराव तक पहुंचा मामला
प्रदर्शनकारियों ने पहले धरना-प्रदर्शन कर पुलिस प्रशासन के सामने अपनी मांगें रखीं। इसके बाद भीड़ थाने की ओर बढ़ गई और किरनापुर थाना चारों तरफ से लोगों से घिर गया। बड़ी संख्या में महिलाएं और पुरुष मौके पर मौजूद रहे। पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने का प्रयास किया, लेकिन स्थिति तनावपूर्ण होती चली गई।
लाठीचार्ज और आंसू गैस से मची अफरा-तफरी
थाने के बाहर प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच स्थिति बिगड़ने के बाद पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज किया। इसके साथ ही आंसू गैस के गोले भी छोड़े गए। अचानक हुई कार्रवाई से मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया।  जानकारी के अनुसार, इस दौरान पुलिस की ओर भी पथराव हुआ और कुछ पुलिसकर्मियों को चोटें आईं।
एसपी ने मौके पर पहुंचकर संभाला मोर्चा
हालात बिगड़ने की सूचना के बाद पुलिस अधीक्षक आदित्य मिश्रा मौके पर पहुंचे। उन्होंने पुलिस अधिकारियों से घटनाक्रम की जानकारी ली और स्थिति को नियंत्रित करने के निर्देश दिए। प्रशासन की ओर से प्रदर्शनकारियों से शांति बनाए रखने की अपील की गई।
समाज की दो टूक—न्याय मिलने तक जारी रहेगा संघर्ष
मरार समाज के जिला अध्यक्ष रमेश पंचे ने कहा कि समाज का उद्देश्य पीड़ित परिवार को न्याय दिलाना है। उनका कहना है कि मामले में दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि कार्रवाई में देरी के कारण समाज के लोगों में आक्रोश बढ़ा।
किरनापुर में एक शिकायत से शुरू हुआ विवाद अब कानून-व्यवस्था के बड़े सवाल तक पहुंच गया है। एक ओर पीड़ित परिवार के लिए न्याय की मांग है, तो दूसरी ओर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हुए टकराव ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है। अब सबकी निगाहें पुलिस की आगामी कार्रवाई और पूरे घटनाक्रम की जांच पर टिकी हैं।
    user_मंजीत भीमटे
    मंजीत भीमटे
    किरनापुर, बालाघाट, मध्य प्रदेश•
    2 hrs ago
  • हाथियों का कहर: किसान की धान की खड़ी फसल हुई चौपट पचपेड़ी में हाथियों ने मचाई तबाही, किसान ने सोशल मीडिया पर साझा किए फोटो-वीडियो; शासन-प्रशासन से तत्काल मुआवजे की गुहार पचपेड़ी (कसडोल)। ग्राम पचपेड़ी, विकासखंड कसडोल, जिला बलौदाबाजार-भाटापारा में हाथियों के विचरण से एक किसान की धान की फसल को भारी नुकसान पहुंचने की बात सामने आई है। हाथियों द्वारा खेत में खड़ी धान की फसल को रौंदकर चौपट किए जाने से किसान के सामने आर्थिक नुकसान की गंभीर स्थिति उत्पन्न हो गई है। किसान ने अपने खेत में हुए नुकसान के फोटो और वीडियो सोशल मीडिया पर साझा कर शासन-प्रशासन का ध्यान इस ओर आकर्षित किया है। तस्वीरों और वीडियो में फसल को हुए नुकसान को दिखाया गया है। किसान की मेहनत पर हाथियों ने फेरा पानी किसान ने मेहनत और लागत लगाकर धान की फसल तैयार की थी, लेकिन हाथियों के खेत में पहुंचने से फसल को नुकसान होने का आरोप है। ऐसे में किसान को आर्थिक क्षति उठानी पड़ रही है। हाथियों के लगातार विचरण को देखते हुए क्षेत्र के अन्य किसानों में भी अपनी फसलों को लेकर चिंता बनी हुई है। सरकार से मुआवजे और सुरक्षा व्यवस्था की मांग किसान ने शासन-प्रशासन से खेत का तत्काल मौका निरीक्षण कराकर फसल क्षति का आकलन कराने तथा नियमानुसार मुआवजा दिलाने की मांग की है। साथ ही ग्रामीणों और किसानों की सुरक्षा को देखते हुए हाथियों की गतिविधियों पर वन विभाग द्वारा निगरानी बढ़ाने की भी आवश्यकता बताई जा रही है। किसानों का कहना है कि जंगली हाथियों से फसल नुकसान की स्थिति में समय पर सर्वे और मुआवजा मिलने से प्रभावित किसानों को बड़ी राहत मिल सकती है। अब देखना होगा कि संबंधित विभाग इस मामले में कितनी शीघ्रता से कार्रवाई करता है।
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    हाथियों का कहर: किसान की धान की खड़ी फसल हुई चौपट

पचपेड़ी में हाथियों ने मचाई तबाही, किसान ने सोशल मीडिया पर साझा किए फोटो-वीडियो; शासन-प्रशासन से तत्काल मुआवजे की गुहार

पचपेड़ी (कसडोल)। ग्राम पचपेड़ी, विकासखंड कसडोल, जिला बलौदाबाजार-भाटापारा में हाथियों के विचरण से एक किसान की धान की फसल को भारी नुकसान पहुंचने की बात सामने आई है। हाथियों द्वारा खेत में खड़ी धान की फसल को रौंदकर चौपट किए जाने से किसान के सामने आर्थिक नुकसान की गंभीर स्थिति उत्पन्न हो गई है।

किसान ने अपने खेत में हुए नुकसान के फोटो और वीडियो सोशल मीडिया पर साझा कर शासन-प्रशासन का ध्यान इस ओर आकर्षित किया है। तस्वीरों और वीडियो में फसल को हुए नुकसान को दिखाया गया है।

किसान की मेहनत पर हाथियों ने फेरा पानी

किसान ने मेहनत और लागत लगाकर धान की फसल तैयार की थी, लेकिन हाथियों के खेत में पहुंचने से फसल को नुकसान होने का आरोप है। ऐसे में किसान को आर्थिक क्षति उठानी पड़ रही है। हाथियों के लगातार विचरण को देखते हुए क्षेत्र के अन्य किसानों में भी अपनी फसलों को लेकर चिंता बनी हुई है।

सरकार से मुआवजे और सुरक्षा व्यवस्था की मांग

किसान ने शासन-प्रशासन से खेत का तत्काल मौका निरीक्षण कराकर फसल क्षति का आकलन कराने तथा नियमानुसार मुआवजा दिलाने की मांग की है। साथ ही ग्रामीणों और किसानों की सुरक्षा को देखते हुए हाथियों की गतिविधियों पर वन विभाग द्वारा निगरानी बढ़ाने की भी आवश्यकता बताई जा रही है।

किसानों का कहना है कि जंगली हाथियों से फसल नुकसान की स्थिति में समय पर सर्वे और मुआवजा मिलने से प्रभावित किसानों को बड़ी राहत मिल सकती है। अब देखना होगा कि संबंधित विभाग इस मामले में कितनी शीघ्रता से कार्रवाई करता है।
    user_गोविन्द राम
    गोविन्द राम
    Court reporter बलौदा बाजार, बलौदा बाजार, छत्तीसगढ़•
    18 hrs ago
  • बालोद गहन नाला के पास दर्दनाक हादसा: बस की टक्कर से राजमिस्त्री की मौत, शव कई किमी तक घिसटता रहा चारामा में मजदूर संघों ने NH-30 पर किया चक्काजाम, बस जब्त कर चालक गिरफ्तार कांकेर। बालोद गहन नाला के पास 16 सितंबर को हुए दर्दनाक सड़क हादसे में राजमिस्त्री संघ के सह-सचिव एवं बिल्डिंग ठेकेदार जीवन सिन्हा (40), निवासी लल्तू नगर चारामा, की मौत हो गई। आरोप है कि तेज रफ्तार मनीष ट्रैवल्स की बस ने उन्हें टक्कर मार दी। टक्कर के बाद बस चालक के वाहन नहीं रोकने के कारण जीवन सिन्हा का शरीर बस के निचले हिस्से में फंस गया और कई किलोमीटर तक घिसटता चला गया। बताया गया कि हादसे के बाद बस बालोद गहन नाला से जकतरा टोल प्लाजा की ओर बढ़ती रही। इस दौरान शव सड़क पर घिसटता रहा। जकतरा टोल प्लाजा के पास सड़क पर पड़े शव के हिस्से को गुरूर थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर अपने कब्जे में लिया। वहीं, मृतक का एक पैर बस के निचले हिस्से में फंसा रहा, जो बस के चारामा बस स्टैंड पहुंचने के बाद निकाला गया। बस चालकों की रफ्तार पर मजदूर संघों में आक्रोश हादसे के बाद क्षेत्र के मजदूर संघों में आक्रोश फैल गया। संघ के सदस्यों ने आरोप लगाया कि मुख्य मार्गों पर कई बस चालक तेज रफ्तार से वाहन चलाते हैं और ओवरटेकिंग की होड़ में यातायात नियमों की अनदेखी करते हैं। उनका कहना है कि तेज रफ्तार के कारण राहगीरों और मवेशियों के साथ लगातार दुर्घटनाएं हो रही हैं। मजदूर संघों ने हादसे को चालक की गंभीर लापरवाही बताते हुए बस चालकों की गति और मनमानी पर प्रभावी नियंत्रण की मांग की। विश्वकर्मा पूजा छोड़ सड़क पर उतरे मजदूर 17 सितंबर को विश्वकर्मा पूजा होने के बावजूद साथी जीवन सिन्हा की मौत से आक्रोशित मजदूरों ने इस बार पर्व का आयोजन नहीं किया। संघ के सदस्यों ने भगवान विश्वकर्मा की पूजा-अर्चना के बाद नेशनल हाईवे-30 पर पहुंचकर विरोध प्रदर्शन किया। राजमिस्त्री संघ, इलेक्ट्रीशियन संघ और प्लंबर संघ के सदस्यों ने संयुक्त रूप से करीब 10 से 15 मिनट तक NH-30 पर चक्काजाम कर नारेबाजी की। इससे कुछ समय के लिए मार्ग पर यातायात प्रभावित रहा। तहसीलदार और थाना प्रभारी को सौंपा ज्ञापन प्रदर्शन के बाद मजदूर संघों के प्रतिनिधियों ने तहसीलदार सत्येंद्र शुक्ला और थाना प्रभारी सुरेश राठौर को ज्ञापन सौंपकर बस चालक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई तथा क्षेत्र में तेज रफ्तार बसों पर नियंत्रण की मांग की। अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को बताया कि घटना गुरूर थाना क्षेत्र की होने के कारण गुरूर थाने में आरोपी बस चालक के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। अधिकारियों के अनुसार बस को जब्त कर चालक को गिरफ्तार कर लिया गया है। साथ ही बसों की रफ्तार और चालकों की मनमानी पर नियंत्रण के लिए आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया गया। इसके बाद मजदूर संघों ने चक्काजाम समाप्त कर दिया।
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    बालोद गहन नाला के पास दर्दनाक हादसा: बस की टक्कर से राजमिस्त्री की मौत, शव कई किमी तक घिसटता रहा

चारामा में मजदूर संघों ने NH-30 पर किया चक्काजाम, बस जब्त कर चालक गिरफ्तार
कांकेर। बालोद गहन नाला के पास 16 सितंबर को हुए दर्दनाक सड़क हादसे में राजमिस्त्री संघ के सह-सचिव एवं बिल्डिंग ठेकेदार जीवन सिन्हा (40), निवासी लल्तू नगर चारामा, की मौत हो गई। आरोप है कि तेज रफ्तार मनीष ट्रैवल्स की बस ने उन्हें टक्कर मार दी। टक्कर के बाद बस चालक के वाहन नहीं रोकने के कारण जीवन सिन्हा का शरीर बस के निचले हिस्से में फंस गया और कई किलोमीटर तक घिसटता चला गया।
बताया गया कि हादसे के बाद बस बालोद गहन नाला से जकतरा टोल प्लाजा की ओर बढ़ती रही। इस दौरान शव सड़क पर घिसटता रहा। जकतरा टोल प्लाजा के पास सड़क पर पड़े शव के हिस्से को गुरूर थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर अपने कब्जे में लिया। वहीं, मृतक का एक पैर बस के निचले हिस्से में फंसा रहा, जो बस के चारामा बस स्टैंड पहुंचने के बाद निकाला गया।
बस चालकों की रफ्तार पर मजदूर संघों में आक्रोश
हादसे के बाद क्षेत्र के मजदूर संघों में आक्रोश फैल गया। संघ के सदस्यों ने आरोप लगाया कि मुख्य मार्गों पर कई बस चालक तेज रफ्तार से वाहन चलाते हैं और ओवरटेकिंग की होड़ में यातायात नियमों की अनदेखी करते हैं। उनका कहना है कि तेज रफ्तार के कारण राहगीरों और मवेशियों के साथ लगातार दुर्घटनाएं हो रही हैं।
मजदूर संघों ने हादसे को चालक की गंभीर लापरवाही बताते हुए बस चालकों की गति और मनमानी पर प्रभावी नियंत्रण की मांग की।
विश्वकर्मा पूजा छोड़ सड़क पर उतरे मजदूर
17 सितंबर को विश्वकर्मा पूजा होने के बावजूद साथी जीवन सिन्हा की मौत से आक्रोशित मजदूरों ने इस बार पर्व का आयोजन नहीं किया। संघ के सदस्यों ने भगवान विश्वकर्मा की पूजा-अर्चना के बाद नेशनल हाईवे-30 पर पहुंचकर विरोध प्रदर्शन किया।
राजमिस्त्री संघ, इलेक्ट्रीशियन संघ और प्लंबर संघ के सदस्यों ने संयुक्त रूप से करीब 10 से 15 मिनट तक NH-30 पर चक्काजाम कर नारेबाजी की। इससे कुछ समय के लिए मार्ग पर यातायात प्रभावित रहा।
तहसीलदार और थाना प्रभारी को सौंपा ज्ञापन
प्रदर्शन के बाद मजदूर संघों के प्रतिनिधियों ने तहसीलदार सत्येंद्र शुक्ला और थाना प्रभारी सुरेश राठौर को ज्ञापन सौंपकर बस चालक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई तथा क्षेत्र में तेज रफ्तार बसों पर नियंत्रण की मांग की।
अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को बताया कि घटना गुरूर थाना क्षेत्र की होने के कारण गुरूर थाने में आरोपी बस चालक के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। अधिकारियों के अनुसार बस को जब्त कर चालक को गिरफ्तार कर लिया गया है। साथ ही बसों की रफ्तार और चालकों की मनमानी पर नियंत्रण के लिए आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया गया। इसके बाद मजदूर संघों ने चक्काजाम समाप्त कर दिया।
    user_Tokeshwar sahu
    Tokeshwar sahu
    Local News Reporter कांकेर, कांकेर, छत्तीसगढ़•
    2 hrs ago
  • नेपाल बाढ़ आपदा: मौतों की संख्या 1400 के पार, चिलिमे हाइड्रोपावर सुरंग से 5 शव बरामद (स्वतंत्र न्यूज़ छत्तीसगढ़) 26 अगस्त 2026 को नेपाल-तिब्बत सीमा के पास आइस-रॉक एवलांच (बर्फ-चट्टान का गिरना) से ट्रिगर हुई विनाशकारी फ्लैश फ्लड ने नेपाल के उत्तरी और मध्य हिस्सों में भारी तबाही मचाई। भोटेकोशी नदी में बाढ़ का पानी, कीचड़ और मलबा घरों, सड़कों, पुलों और कई हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट्स को बहा ले गया। ताजा आंकड़े (16 सितंबर 2026 तक) नेपाल में मृतक: 1,403 से 1,404 लापता: लगभग 6,150 (जिनमें सैकड़ों विदेशी नागरिक शामिल) बचाए गए: 13,700 से अधिक चीन (तिब्बत) पक्ष: 43 मृतक, 500 से अधिक लापता चिटवन जिले में सबसे ज्यादा 364 शव बरामद हुए हैं। इसके बाद नवलपरासी पूर्व (232), नवलपरासी पश्चिम (222) और अन्य जिलों (नुवाकोट, रसुवा, गोरखा आदि) में भी बड़ी संख्या में शव मिले हैं। पहचान एक बड़ी चुनौती बनी हुई है—अभी तक केवल 100 के आसपास शवों की पहचान हो पाई है और परिवारों को सौंपे गए हैं। DNA टेस्टिंग चल रही है। चिलिमे हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट में ऑपरेशन भारत के नेपाल में राजदूत नवीन श्रीवास्तव ने बताया कि भारतीय और नेपाली बचाव दलों ने कई दिनों की मेहनत के बाद चिलिमे हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट की सुरंग और पावरहाउस तक पहुंच बनाई। भारी कीचड़, मलबा, बड़े पत्थर और पानी की वजह से यह ऑपरेशन बेहद मुश्किल था। अंत में मैनुअल (हाथ से) खुदाई और डाइविंग की मदद से पहुंचा गया। सुरंग/पावरहाउस से 5 लोगों के शव बरामद हुए। कोई जीवित व्यक्ति नहीं मिला। छठा व्यक्ति अभी भी लापता बताया जा रहा है। यह ऑपरेशन नेपाली सेना, भारतीय सेना के विशेषज्ञों और अन्य टीमों के संयुक्त प्रयास से पूरा हुआ। पहले कई हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट्स (अपर त्रिशूली-1, चिलिमे आदि) में सैकड़ों मजदूर लापता बताए जा रहे थे। कुछ जगहों पर सर्च जारी है, लेकिन कई प्रोजेक्ट्स में अब सर्च रोक दी गई है। और क्या जानना जरूरी है? 14 हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट्स को नुकसान पहुंचा, जिससे नेपाल की बिजली उत्पादन क्षमता का बड़ा हिस्सा प्रभावित हुआ। बाढ़ ने हजारों घरों को नष्ट कर दिया और सड़कें/पुल बह गए, जिससे बचाव कार्य और भी कठिन हो गया। भारत ने शुरू से ही राहत सामग्री, विशेषज्ञ टीम और तकनीकी सहायता भेजी है। यह नेपाल की 2015 भूकंप के बाद सबसे बड़ी प्राकृतिक आपदाओं में से एक है। सर्च और राहत कार्य जारी हैं, लेकिन तीन हफ्ते बीतने के बाद जीवित मिलने की उम्मीद बहुत कम रह गई है। स्रोत: नेपाल पुलिस, NDRRMA बुलेटिन, भारतीय राजदूत नवीन श्रीवास्तव के बयान, और अंतरराष्ट्रीय रिपोर्ट्स (16-17 सितंबर 2026 तक के अपडेट)। SWATANTRA NEWS CHHATTISGARH हमेशा फुल फैक्ट्स के साथ आपके साथ। 🔥 #swatantraupdates #स्वतंत्रन्यूज़छत्तीसगढ़ #swatantranewschhattisgarh #swatantralive #swatantrashort #CGNewsUpdate #CGNews #swatantranewscg Vinod Kumar Pandey SWATANTRA NEWS CHHATTISGARH
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    नेपाल बाढ़ आपदा: मौतों की संख्या 1400 के पार, चिलिमे हाइड्रोपावर सुरंग से 5 शव बरामद
(स्वतंत्र न्यूज़ छत्तीसगढ़) 26 अगस्त 2026 को नेपाल-तिब्बत सीमा के पास आइस-रॉक एवलांच (बर्फ-चट्टान का गिरना) से ट्रिगर हुई विनाशकारी फ्लैश फ्लड ने नेपाल के उत्तरी और मध्य हिस्सों में भारी तबाही मचाई। भोटेकोशी नदी में बाढ़ का पानी, कीचड़ और मलबा घरों, सड़कों, पुलों और कई हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट्स को बहा ले गया।
ताजा आंकड़े (16 सितंबर 2026 तक)
नेपाल में मृतक: 1,403 से 1,404
लापता: लगभग 6,150 (जिनमें सैकड़ों विदेशी नागरिक शामिल)
बचाए गए: 13,700 से अधिक
चीन (तिब्बत) पक्ष: 43 मृतक, 500 से अधिक लापता
चिटवन जिले में सबसे ज्यादा 364 शव बरामद हुए हैं। इसके बाद नवलपरासी पूर्व (232), नवलपरासी पश्चिम (222) और अन्य जिलों (नुवाकोट, रसुवा, गोरखा आदि) में भी बड़ी संख्या में शव मिले हैं। पहचान एक बड़ी चुनौती बनी हुई है—अभी तक केवल 100 के आसपास शवों की पहचान हो पाई है और परिवारों को सौंपे गए हैं। DNA टेस्टिंग चल रही है।
चिलिमे हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट में ऑपरेशन
भारत के नेपाल में राजदूत नवीन श्रीवास्तव ने बताया कि भारतीय और नेपाली बचाव दलों ने कई दिनों की मेहनत के बाद चिलिमे हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट की सुरंग और पावरहाउस तक पहुंच बनाई। भारी कीचड़, मलबा, बड़े पत्थर और पानी की वजह से यह ऑपरेशन बेहद मुश्किल था। अंत में मैनुअल (हाथ से) खुदाई और डाइविंग की मदद से पहुंचा गया।
सुरंग/पावरहाउस से 5 लोगों के शव बरामद हुए।
कोई जीवित व्यक्ति नहीं मिला।
छठा व्यक्ति अभी भी लापता बताया जा रहा है।
यह ऑपरेशन नेपाली सेना, भारतीय सेना के विशेषज्ञों और अन्य टीमों के संयुक्त प्रयास से पूरा हुआ। पहले कई हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट्स (अपर त्रिशूली-1, चिलिमे आदि) में सैकड़ों मजदूर लापता बताए जा रहे थे। कुछ जगहों पर सर्च जारी है, लेकिन कई प्रोजेक्ट्स में अब सर्च रोक दी गई है।
और क्या जानना जरूरी है?
14 हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट्स को नुकसान पहुंचा, जिससे नेपाल की बिजली उत्पादन क्षमता का बड़ा हिस्सा प्रभावित हुआ।
बाढ़ ने हजारों घरों को नष्ट कर दिया और सड़कें/पुल बह गए, जिससे बचाव कार्य और भी कठिन हो गया।
भारत ने शुरू से ही राहत सामग्री, विशेषज्ञ टीम और तकनीकी सहायता भेजी है।
यह नेपाल की 2015 भूकंप के बाद सबसे बड़ी प्राकृतिक आपदाओं में से एक है। सर्च और राहत कार्य जारी हैं, लेकिन तीन हफ्ते बीतने के बाद जीवित मिलने की उम्मीद बहुत कम रह गई है।
स्रोत: नेपाल पुलिस, NDRRMA बुलेटिन, भारतीय राजदूत नवीन श्रीवास्तव के बयान, और अंतरराष्ट्रीय रिपोर्ट्स (16-17 सितंबर 2026 तक के अपडेट)।
SWATANTRA NEWS CHHATTISGARH हमेशा फुल फैक्ट्स के साथ आपके साथ। 🔥
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    SWATANTRA NEW'S CHHATTISGARH
    दुर्ग, दुर्ग, छत्तीसगढ़•
    2 hrs ago
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