*छाता शुगर मिल को लेकर बड़ा ऐलान, किसान नेता भानु प्रताप सिंह ने दिया समर्थन "शुगर मिल नहीं चली तो होगा महाभारत भानु प्रताप सिंह"* जिला संवाददाता खुशांत गुप्ता मथुरा। छाता शुगर मिल को दोबारा चालू कराने की मांग को लेकर चल रहा किसानों का धरना लगातार बड़ा रूप लेता जा रहा है। धरना स्थल पर प्रतिदिन अलग-अलग गांवों और क्षेत्रों से किसान, ग्रामीण, महिलाएं एवं सामाजिक संगठनों के लोग पहुंचकर आंदोलन को समर्थन दे रहे हैं। अब किसान संगठनों के नेताओं ने भी किसानों की मांग के समर्थन में आवाज बुलंद करनी शुरू कर दी है। इसी क्रम में किसान नेता भानु प्रताप सिंह अपने समर्थकों के साथ धरना स्थल पर पहुंचे और किसानों की मांग का खुलकर समर्थन किया। उन्होंने कहा कि छाता शुगर मिल किसानों के हक और अधिकार से जुड़ा मुद्दा है और इसे हर हाल में चलाया जाना चाहिए। भानु प्रताप सिंह ने आंदोलनकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि किसानों की इस लड़ाई को कमजोर नहीं पड़ने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ी तो देशभर के बड़े किसान नेताओं और किसान संगठनों को धरना स्थल पर बुलाया जाएगा। उन्होंने जोश भरे अंदाज में कहा कि “शुगर मिल नहीं चली तो होगा महाभारत।” उनके इस बयान के बाद धरना स्थल पर मौजूद किसानों और ग्रामीणों में खासा उत्साह देखने को मिला। किसान नेता ने कहा कि जब तक किसानों की मांग पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने किसानों को भरोसा दिलाया कि उनके हक की इस लड़ाई में किसान संगठनों का समर्थन लगातार मिलता रहेगा। छाता शुगर मिल को लेकर बढ़ते आंदोलन के बीच अब सभी की नजरें प्रशासन और सरकार के अगले कदम पर टिकी हैं। सवाल यह है कि क्या सरकार किसानों की मांग पर कोई ठोस निर्णय लेगी या फिर आंदोलन आने वाले दिनों में और बड़ा रूप लेगा? *छाता शुगर मिल को लेकर बड़ा ऐलान, किसान नेता भानु प्रताप सिंह ने दिया समर्थन "शुगर मिल नहीं चली तो होगा महाभारत भानु प्रताप सिंह"* जिला संवाददाता खुशांत गुप्ता मथुरा। छाता शुगर मिल को दोबारा चालू कराने की मांग को लेकर चल रहा किसानों का धरना लगातार बड़ा रूप लेता जा रहा है। धरना स्थल पर प्रतिदिन अलग-अलग गांवों और क्षेत्रों से किसान, ग्रामीण, महिलाएं एवं सामाजिक संगठनों के लोग पहुंचकर आंदोलन को समर्थन दे रहे हैं। अब किसान संगठनों के नेताओं ने भी किसानों की मांग के समर्थन में आवाज बुलंद करनी शुरू कर दी है। इसी क्रम में किसान नेता भानु प्रताप सिंह अपने समर्थकों के साथ धरना स्थल पर पहुंचे और किसानों की मांग का खुलकर समर्थन किया। उन्होंने कहा कि छाता शुगर मिल किसानों के हक और अधिकार से जुड़ा मुद्दा है और इसे हर हाल में चलाया जाना चाहिए। भानु प्रताप सिंह ने आंदोलनकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि किसानों की इस लड़ाई को कमजोर नहीं पड़ने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ी तो देशभर के बड़े किसान नेताओं और किसान संगठनों को धरना स्थल पर बुलाया जाएगा। उन्होंने जोश भरे अंदाज में कहा कि “शुगर मिल नहीं चली तो होगा महाभारत।” उनके इस बयान के बाद धरना स्थल पर मौजूद किसानों और ग्रामीणों में खासा उत्साह देखने को मिला। किसान नेता ने कहा कि जब तक किसानों की मांग पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने किसानों को भरोसा दिलाया कि उनके हक की इस लड़ाई में किसान संगठनों का समर्थन लगातार मिलता रहेगा। छाता शुगर मिल को लेकर बढ़ते आंदोलन के बीच अब सभी की नजरें प्रशासन और सरकार के अगले कदम पर टिकी हैं। सवाल यह है कि क्या सरकार किसानों की मांग पर कोई ठोस निर्णय लेगी या फिर आंदोलन आने वाले दिनों में और बड़ा रूप लेगा?
*छाता शुगर मिल को लेकर बड़ा ऐलान, किसान नेता भानु प्रताप सिंह ने दिया समर्थन "शुगर मिल नहीं चली तो होगा महाभारत भानु प्रताप सिंह"* जिला संवाददाता खुशांत गुप्ता मथुरा। छाता शुगर मिल को दोबारा चालू कराने की मांग को लेकर चल रहा किसानों का धरना लगातार बड़ा रूप लेता जा रहा है। धरना स्थल पर प्रतिदिन अलग-अलग गांवों और क्षेत्रों से किसान, ग्रामीण, महिलाएं एवं सामाजिक संगठनों के लोग पहुंचकर आंदोलन को समर्थन दे रहे हैं। अब किसान संगठनों के नेताओं ने भी किसानों की मांग के समर्थन में आवाज बुलंद करनी शुरू कर दी है। इसी क्रम में किसान नेता भानु प्रताप सिंह अपने समर्थकों के साथ धरना स्थल पर पहुंचे और किसानों की मांग का खुलकर समर्थन किया। उन्होंने कहा कि छाता शुगर मिल किसानों के हक और अधिकार से जुड़ा मुद्दा है और इसे हर हाल में चलाया जाना चाहिए। भानु प्रताप सिंह ने आंदोलनकारियों को
संबोधित करते हुए कहा कि किसानों की इस लड़ाई को कमजोर नहीं पड़ने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ी तो देशभर के बड़े किसान नेताओं और किसान संगठनों को धरना स्थल पर बुलाया जाएगा। उन्होंने जोश भरे अंदाज में कहा कि “शुगर मिल नहीं चली तो होगा महाभारत।” उनके इस बयान के बाद धरना स्थल पर मौजूद किसानों और ग्रामीणों में खासा उत्साह देखने को मिला। किसान नेता ने कहा कि जब तक किसानों की मांग पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने किसानों को भरोसा दिलाया कि उनके हक की इस लड़ाई में किसान संगठनों का समर्थन लगातार मिलता रहेगा। छाता शुगर मिल को लेकर बढ़ते आंदोलन के बीच अब सभी की नजरें प्रशासन और सरकार के अगले कदम पर टिकी हैं। सवाल यह है कि क्या सरकार किसानों की मांग पर कोई ठोस निर्णय लेगी या फिर आंदोलन आने वाले दिनों में और बड़ा रूप लेगा? *छाता शुगर
मिल को लेकर बड़ा ऐलान, किसान नेता भानु प्रताप सिंह ने दिया समर्थन "शुगर मिल नहीं चली तो होगा महाभारत भानु प्रताप सिंह"* जिला संवाददाता खुशांत गुप्ता मथुरा। छाता शुगर मिल को दोबारा चालू कराने की मांग को लेकर चल रहा किसानों का धरना लगातार बड़ा रूप लेता जा रहा है। धरना स्थल पर प्रतिदिन अलग-अलग गांवों और क्षेत्रों से किसान, ग्रामीण, महिलाएं एवं सामाजिक संगठनों के लोग पहुंचकर आंदोलन को समर्थन दे रहे हैं। अब किसान संगठनों के नेताओं ने भी किसानों की मांग के समर्थन में आवाज बुलंद करनी शुरू कर दी है। इसी क्रम में किसान नेता भानु प्रताप सिंह अपने समर्थकों के साथ धरना स्थल पर पहुंचे और किसानों की मांग का खुलकर समर्थन किया। उन्होंने कहा कि छाता शुगर मिल किसानों के हक और अधिकार से जुड़ा मुद्दा है और इसे हर हाल में चलाया जाना चाहिए। भानु प्रताप सिंह ने आंदोलनकारियों को संबोधित करते
हुए कहा कि किसानों की इस लड़ाई को कमजोर नहीं पड़ने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ी तो देशभर के बड़े किसान नेताओं और किसान संगठनों को धरना स्थल पर बुलाया जाएगा। उन्होंने जोश भरे अंदाज में कहा कि “शुगर मिल नहीं चली तो होगा महाभारत।” उनके इस बयान के बाद धरना स्थल पर मौजूद किसानों और ग्रामीणों में खासा उत्साह देखने को मिला। किसान नेता ने कहा कि जब तक किसानों की मांग पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने किसानों को भरोसा दिलाया कि उनके हक की इस लड़ाई में किसान संगठनों का समर्थन लगातार मिलता रहेगा। छाता शुगर मिल को लेकर बढ़ते आंदोलन के बीच अब सभी की नजरें प्रशासन और सरकार के अगले कदम पर टिकी हैं। सवाल यह है कि क्या सरकार किसानों की मांग पर कोई ठोस निर्णय लेगी या फिर आंदोलन आने वाले दिनों में और बड़ा रूप लेगा?
- जौरा थाना क्षेत्र के पगारा डैम में डूबे नेतराम उर्फ भीमसेन कुशवाहा की तलाश जारी। जौरा थाना क्षेत्र के पगारा डैम में अपने मित्रों के साथ पिकनिक मनाने के लिए आए नेतराम उर्फ भीमसेन कुशवाहा पुत्र गोपाली कुशवाहा उम्र 37 वर्ष निवासी मुरैना गांव का पूरा हाल निवास देवगढ़ जौरा में रहकर मजदूरी का कार्य करता था अपने दोस्तों के साथ पिकनिक मनाने के लिए पगारा डैम पर गया और वहां गहरे पानी में डूब गया एसडीआरएफ की टीम के द्वारा दूसरे दिन भी की गई तलाश नहीं लगाए अभी तक कोई भी सुराग।1
- ब्रेकिंग श्योपुर कलेक्टर मैडम का नया अंदाज श्योपुर कलेक्टर सुश्री शीला दाहिमा (IAS) का एक और शानदार और दिलकश अंदाज सोशल मीडिया पर चर्चा में है। कलेक्टर मैडम द्वारा फिल्माया गया गीत "तू मेरी राहों से गुजरता क्यूँ है" लोगों को खूब पसंद आ रहा है। प्रशासनिक जिम्मेदारियों के साथ उनकी कला और संगीत के प्रति रुचि भी लोगों का ध्यान आकर्षित कर रही है।1
- अजनबियों से सचेत रहने के संबंध में विधिक जागरुकता शिविर का आयोजन धौलपुर। राजस्थान में स्कूली छात्रों के लिए‘‘Transformative Tuesday‘‘ अभियान का शुभारंभ किया गया है। जिसका मुख्य उद्देश्य किशोर छात्रों को उनके विधिक अधिकार, कर्तव्यों और साइबर अपराध, बाल विवाह एवं नशे को ना हो, अपने सपनों को हां कहो नशा कोई स्टाइल नहींः अपने मन, शरीर और भविष्य की रक्षा करों, “शोषण के ख़लिफ़ आवाज़ उठाएँ, अपने शरीर और मन की रक्षा करें; ’गुड टच’ और ’बैड टच’ के बीच का फ़र्क समझें और सुरक्षित रहें” एवं सितंबर माह के अंतर्गत विषय अजनबियों से सावधान-मना करो, दूर जाओ, बताओ जैसे महत्वपूर्ण सामाजिक-विधिक मुद्दों के प्रति संवेदनशील बनाना है। जिसमें सचिव रेखा यादव ने जानकारी देते हुए बताया कि कोई अनजान व्यक्ति यदि उन्हें अपने साथ चलने, चॉकलेट, खिलौने, पैसे देने अथवा किसी अन्य प्रकार का लालच देकर बहलाने का प्रयास करे तो उसके साथ नहीं जाना चाहिए। यदि कोई व्यक्ति माता-पिता या परिचित का नाम लेकर भी बच्चे को अपने साथ ले जाने का प्रयास करे, तो पहले अपने माता-पिता, शिक्षक अथवा किसी विश्वसनीय व्यक्ति से इसकी पुष्टि करनी चाहिए ।इस अवसर पर बच्चों को उनके कानूनी अधिकारों एवं विधिक सहायता के संबंध में भी जानकारी दी गई तथा बताया गया कि किसी भी प्रकार की कानूनी समस्या या अपराध की स्थिति में वे अपने अभिभावकों, पुलिस, विद्यालय के जिम्मेदार व्यक्तियों अथवा विधिक सेवा प्राधिकरण से सहायता प्राप्त कर सकते हैं। कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों में सतर्कता, आत्म-सुरक्षा एवं किसी भी संदिग्ध व्यक्ति या परिस्थिति के विरुद्ध आवाज उठाने की क्षमता विकसित करना रहा। बच्चों को संदेश दिया गया कि सुरक्षा के लिए जागरूक रहना, खतरे को पहचानना और समय पर किसी विश्वसनीय व्यक्ति को जानकारी देना अत्यंत आवश्यक है साथ ही कोर्ट वाली दीदी सुझाव पेटिका के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी।1
- 5 साल के बच्चे और उसकी मां को पड़ोस में रहने वाले दुकानदार ने बेरहमी से पीटा महाराजपुरा थाना क्षेत्र का मामला अभी तक नहीं हुई कोई कार्यवाही SP ऑफिस जनसुनवाई में पहुंचकर प्रशांत शाक्य और उसके परिवार ने लगाई न्याय की गुहार! 5 साल के बच्चे और उसकी मां को पड़ोस में रहने वाले दुकानदार ने बेरहमी से पीटा महाराजपुरा थाना क्षेत्र का मामला अभी तक नहीं हुई कोई कार्यवाही SP ऑफिस जनसुनवाई में पहुंचकर प्रशांत शाक्य और उसके परिवार ने लगाई न्याय की गुहार!1
- नगर निकाय चुनाव को लेकर पुलिस अलर्ट, संवेदनशील क्षेत्रों में बढ़ाई गश्त मुख्य बाजारों और कस्बों में फ्लैग मार्च, असामाजिक तत्वों एवं सोशल मीडिया गतिविधियों पर पुलिस की पैनी नजर धौलपुर। आगामी नगर निकाय चुनाव को शांतिपूर्ण, निष्पक्ष एवं भयमुक्त वातावरण में संपन्न कराने के लिए धौलपुर पुलिस पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। पुलिस अधीक्षक विकास सांगवान के निर्देशन में जिले के नगर निकाय चुनाव वाले शहरों एवं कस्बों में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस अधिकारियों एवं जवानों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। चुनाव के दौरान आमजन में सुरक्षा की भावना बनाए रखने और असामाजिक एवं आपराधिक तत्वों पर प्रभावी निगरानी के उद्देश्य से विभिन्न कस्बों एवं शहरों में पुलिस टीमों द्वारा फ्लैग मार्च, पैदल गश्त तथा नियमित वाहन गश्त की जा रही है। मुख्य बाजारों, भीड़भाड़ वाले स्थानों, संवेदनशील क्षेत्रों एवं महत्वपूर्ण स्थानों पर पुलिस लगातार भ्रमण कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा ले रही है। पुलिस द्वारा चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित करने वाली गतिविधियों, संदिग्ध व्यक्तियों तथा कानून-व्यवस्था में व्यवधान उत्पन्न करने वाले तत्वों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। पुलिस अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में लगातार भ्रमण करते हुए संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। सोशल मीडिया पर भी निगरानी चुनाव के दौरान अफवाह, भ्रामक सूचना, आपत्तिजनक सामग्री या अवैध गतिविधियों के जरिए कानून-व्यवस्था प्रभावित करने वालों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जाएगी। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भी पुलिस की विशेष निगरानी रखी जा रही है, ताकि भ्रामक एवं आपत्तिजनक सूचनाओं के प्रसार पर प्रभावी रोक लगाई जा सके। पुलिस ने जिलेवासियों से नगर निकाय चुनाव को लोकतंत्र के उत्सव के रूप में शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने में सहयोग की अपील की है। पुलिस ने कहा कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि या चुनाव संबंधी कानून-व्यवस्था को प्रभावित करने वाली सूचना तत्काल पुलिस को दें। चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित करने वाले असामाजिक एवं आपराधिक तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। आमजन की सुरक्षा और निष्पक्ष चुनाव कराना पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है।2
- महिला के मुताबिक उसकी शादी करीब दो साल पहले सत्यदेव जाटव से हुई थी और परिवार ने अपनी क्षमता के अनुसार दहेज के साथ मांग पर कार भी दी थी। आरोप है कि इसके बावजूद ससुराल पक्ष ने कथित तौर पर 5 लाख रुपए और बड़ी कार की मांग शुरू कर दी। पीड़िता का कहना है कि जेठ-जेठानी, देवर और सास-ससुर उसे कमरे में बंद कर मारपीट करते हैं, जबकि उसका मोबाइल छीनकर किसी से संपर्क करने से भी रोका जाता है। महिला का दावा है कि उसने डबरा थाने में कई बार शिकायत की, लेकिन सुनवाई नहीं हुई। इसके बाद उसने एसपी कार्यालय पहुंचकर कार्रवाई और सुरक्षा की गुहार लगाई महिला के मुताबिक उसकी शादी करीब दो साल पहले सत्यदेव जाटव से हुई थी और परिवार ने अपनी क्षमता के अनुसार दहेज के साथ मांग पर कार भी दी थी। आरोप है कि इसके बावजूद ससुराल पक्ष ने कथित तौर पर 5 लाख रुपए और बड़ी कार की मांग शुरू कर दी। पीड़िता का कहना है कि जेठ-जेठानी, देवर और सास-ससुर उसे कमरे में बंद कर मारपीट करते हैं, जबकि उसका मोबाइल छीनकर किसी से संपर्क करने से भी रोका जाता है। महिला का दावा है कि उसने डबरा थाने में कई बार शिकायत की, लेकिन सुनवाई नहीं हुई। इसके बाद उसने एसपी कार्यालय पहुंचकर कार्रवाई और सुरक्षा की गुहार लगाई है।1
- *छाता शुगर मिल को लेकर बड़ा ऐलान, किसान नेता भानु प्रताप सिंह ने दिया समर्थन "शुगर मिल नहीं चली तो होगा महाभारत भानु प्रताप सिंह"* जिला संवाददाता खुशांत गुप्ता मथुरा। छाता शुगर मिल को दोबारा चालू कराने की मांग को लेकर चल रहा किसानों का धरना लगातार बड़ा रूप लेता जा रहा है। धरना स्थल पर प्रतिदिन अलग-अलग गांवों और क्षेत्रों से किसान, ग्रामीण, महिलाएं एवं सामाजिक संगठनों के लोग पहुंचकर आंदोलन को समर्थन दे रहे हैं। अब किसान संगठनों के नेताओं ने भी किसानों की मांग के समर्थन में आवाज बुलंद करनी शुरू कर दी है। इसी क्रम में किसान नेता भानु प्रताप सिंह अपने समर्थकों के साथ धरना स्थल पर पहुंचे और किसानों की मांग का खुलकर समर्थन किया। उन्होंने कहा कि छाता शुगर मिल किसानों के हक और अधिकार से जुड़ा मुद्दा है और इसे हर हाल में चलाया जाना चाहिए। भानु प्रताप सिंह ने आंदोलनकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि किसानों की इस लड़ाई को कमजोर नहीं पड़ने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ी तो देशभर के बड़े किसान नेताओं और किसान संगठनों को धरना स्थल पर बुलाया जाएगा। उन्होंने जोश भरे अंदाज में कहा कि “शुगर मिल नहीं चली तो होगा महाभारत।” उनके इस बयान के बाद धरना स्थल पर मौजूद किसानों और ग्रामीणों में खासा उत्साह देखने को मिला। किसान नेता ने कहा कि जब तक किसानों की मांग पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने किसानों को भरोसा दिलाया कि उनके हक की इस लड़ाई में किसान संगठनों का समर्थन लगातार मिलता रहेगा। छाता शुगर मिल को लेकर बढ़ते आंदोलन के बीच अब सभी की नजरें प्रशासन और सरकार के अगले कदम पर टिकी हैं। सवाल यह है कि क्या सरकार किसानों की मांग पर कोई ठोस निर्णय लेगी या फिर आंदोलन आने वाले दिनों में और बड़ा रूप लेगा? *छाता शुगर मिल को लेकर बड़ा ऐलान, किसान नेता भानु प्रताप सिंह ने दिया समर्थन "शुगर मिल नहीं चली तो होगा महाभारत भानु प्रताप सिंह"* जिला संवाददाता खुशांत गुप्ता मथुरा। छाता शुगर मिल को दोबारा चालू कराने की मांग को लेकर चल रहा किसानों का धरना लगातार बड़ा रूप लेता जा रहा है। धरना स्थल पर प्रतिदिन अलग-अलग गांवों और क्षेत्रों से किसान, ग्रामीण, महिलाएं एवं सामाजिक संगठनों के लोग पहुंचकर आंदोलन को समर्थन दे रहे हैं। अब किसान संगठनों के नेताओं ने भी किसानों की मांग के समर्थन में आवाज बुलंद करनी शुरू कर दी है। इसी क्रम में किसान नेता भानु प्रताप सिंह अपने समर्थकों के साथ धरना स्थल पर पहुंचे और किसानों की मांग का खुलकर समर्थन किया। उन्होंने कहा कि छाता शुगर मिल किसानों के हक और अधिकार से जुड़ा मुद्दा है और इसे हर हाल में चलाया जाना चाहिए। भानु प्रताप सिंह ने आंदोलनकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि किसानों की इस लड़ाई को कमजोर नहीं पड़ने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ी तो देशभर के बड़े किसान नेताओं और किसान संगठनों को धरना स्थल पर बुलाया जाएगा। उन्होंने जोश भरे अंदाज में कहा कि “शुगर मिल नहीं चली तो होगा महाभारत।” उनके इस बयान के बाद धरना स्थल पर मौजूद किसानों और ग्रामीणों में खासा उत्साह देखने को मिला। किसान नेता ने कहा कि जब तक किसानों की मांग पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने किसानों को भरोसा दिलाया कि उनके हक की इस लड़ाई में किसान संगठनों का समर्थन लगातार मिलता रहेगा। छाता शुगर मिल को लेकर बढ़ते आंदोलन के बीच अब सभी की नजरें प्रशासन और सरकार के अगले कदम पर टिकी हैं। सवाल यह है कि क्या सरकार किसानों की मांग पर कोई ठोस निर्णय लेगी या फिर आंदोलन आने वाले दिनों में और बड़ा रूप लेगा?4
- ट्रैक्टर से टक्कर मारकर पूर्व सरपंच पर लाठी-डंडों से हमला, गंभीर हालत में ग्वालियर रेफर ट्रैक्टर से टक्कर मारकर पूर्व सरपंच पर लाठी-डंडों से हमला, गंभीर हालत में ग्वालियर रेफर जौरा। थाना क्षेत्र के आलापुर रोड पर ग्राम घुघस के पूर्व सरपंच राजेंद्र कुशवाहा पर कथित रूप से उनके ही परिवार के कुछ लोगों ने ट्रैक्टर से टक्कर मारने के बाद लाठी-डंडों से हमला कर दिया। घटना में राजेंद्र कुशवाहा गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें प्राथमिक उपचार के बाद हालत गंभीर होने पर ग्वालियर रेफर किया गया है। परिजनों के अनुसार, राजेंद्र कुशवाहा अपने पुत्र भानु प्रताप कुशवाहा के साथ बाजार से राशन का सामान लेकर ग्राम घुघस स्थित अपने घर लौट रहे थे। इसी दौरान आलापुर रोड पर परिवार के कुछ लोग ट्रैक्टर लेकर पीछे से आए और कथित तौर पर उनकी बाइक में टक्कर मार दी। टक्कर के बाद राजेंद्र और उनका पुत्र खेत में जा गिरे। आरोप है कि इसके बाद करीब 5 से 6 लोगों ने एकराय होकर राजेंद्र कुशवाहा के साथ लाठी-डंडों से मारपीट की और उन्हें गंभीर हालत में मौके पर छोड़कर फरार हो गए। घटना की सूचना मिलते ही जौरा थाना प्रभारी पंकज यादव पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और घायल को उपचार के लिए जौरा अस्पताल भिजवाया। जौरा अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद राजेंद्र कुशवाहा की हालत गंभीर होने पर चिकित्सकों ने उन्हें ग्वालियर रेफर कर दिया। परिजनों का कहना है कि परिवार के ही कुछ लोगों से पैसों के लेनदेन को लेकर पुराना विवाद चल रहा था और इसी विवाद के चलते राजेंद्र कुशवाहा व उनके पुत्र पर हमला किया गया। घटना के संबंध में परिजनों द्वारा जौरा थाने पहुंचकर शिकायत दी गई है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है। पुलिस जांच और एफआईआर के बाद ही घटना के आरोपों की पूरी स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।1
- UGC के कथित ‘काले कानून’ के विरोध में फूटा गुस्सा, मतदान बहिष्कार का ऐलान राजाखेड़ा। राजाखेड़ा उपखंड क्षेत्र के सोमली गांव में मंगलवार को UGC के कथित ‘काले कानून’ के विरोध में ग्रामीणों का आक्रोश सामने आया। भूमिया बाबा मंदिर परिसर में सैकड़ों ग्रामीण एकत्रित हुए और पंचायत आयोजित कर कानून का विरोध किया। इस दौरान आगामी चुनावों में राजनीतिक दलों के प्रत्याशियों को वोट नहीं देने का निर्णय लेने की बात कही गई। पंचायत में वक्ताओं ने कहा कि यह कानून SC-ST वर्ग के लिए भी लाभदायक नहीं है और इसे जनरल वर्ग पर जबरन थोपा जा रहा है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि जनरल वर्ग ने इस तरह के कानून की मांग नहीं की है। रोहतान सिंह ने कहा कि समाज के नेता चाहे किसी भी राजनीतिक दल से जुड़े हों, यदि वे इस मुद्दे पर समाज के साथ खड़े नहीं होते हैं तो ग्रामीण भी चुनाव में उनका समर्थन नहीं करेंगे। ग्रामीणों ने कहा कि गांव के सभी जाति-वर्ग के लोग कानून के विरोध में एकजुट हैं। उन्होंने आगामी चुनाव में मतदान नहीं करने अथवा निर्दलीय प्रत्याशी को वोट देने और नोटा का विकल्प चुनने की बात कही। साथ ही मांग पूरी नहीं होने पर दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने की चेतावनी भी दी। ग्रामीणों के इस रुख के बाद UGC को लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में भी विरोध के स्वर तेज होने लगे हैं। पंचायत में राकेश डीलर, लोकेन्द्र सिंह, महेंद्र सिंह, मुन्नालाल, शिवनारायण, मोतीराम, लाखन सिंह, सीताराम, दिलीप, रामचंद्र, रिन्यू, डीके ठाकुर, भौला सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।2