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जिला पदाधिकारी सिवान द्वारा हसनपुरा प्रखंड कार्यालय का औचक निरीक्षण किया गया। जिला पदाधिकारी सिवान विवेक रंजन मैत्रेय के द्वारा हसनपुरा प्रखंड कार्यालय का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के क्रम में जिला पदाधिकारी के द्वारा महत्त्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिया गया।
Sudhir Kumar Pandey
जिला पदाधिकारी सिवान द्वारा हसनपुरा प्रखंड कार्यालय का औचक निरीक्षण किया गया। जिला पदाधिकारी सिवान विवेक रंजन मैत्रेय के द्वारा हसनपुरा प्रखंड कार्यालय का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के क्रम में जिला पदाधिकारी के द्वारा महत्त्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिया गया।
More news from बिहार and nearby areas
- सिसवन थाना क्षेत्र के ग्यासपुर उत्तर टोला निवासी हरिशंकर यादव की सड़क दुर्घटना में मौत हो गई। इसके बाद से पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।1
- महाराजगंज। बिहार में पलायन, बेरोजगारी, भुखमरी, रिश्वतखोरी, दलाली, दबंगई, मानव तस्करी, जाति हिंसा, लिंग भेद, सामाजिक उन्माद, चरमराती कानून व्यवस्था, कोर्ट कचहरी में कानूनगो की विधवा विलाप, आख़िर क्यों? किसलिए? कौन है दोषी? क़र्ज़ और मर्ज़ में फसे परिवार... आज हालात ये है कि कम उम्र के युवाओं को प्रदेश और विदेश येन केन प्रकारेन रोजी रोटी कमाने के लिए भेजा जा रहा है... आख़िर दोषी कौन? सरकार किस मुंह से दुबारा वोट मांगेगी... वादे बहुत किये गए... दवा नहीं, उचित ग्रामीण सड़क भी नहीं, स्वस्थ पेय पानी नहीं, स्कूल में ढंग से पढ़ाई नहीं... कहाँ हैं इन सभी समस्याओं का समाधान? कब खुशहाली आएगी बिहार में?1
- सेवतापुर में डाक महा मेला आयोजित, हर घर तक योजनाएं पहुंचाने की तैयारी मैरवा: सेवतापुर शाखा डाकघर में बुधवार को डाक विभाग की ओर से “डाक महा मेला” का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम में डाक अधीक्षक सिवान अभिषेक कुमार सिंह और डाक निरीक्षक (पश्चिमी अनुमंडल) राजन कुमार मुख्य रूप से उपस्थित रहे। कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों के सम्मान के साथ हुई। इस दौरान डाक विभाग की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देते हुए अधिक से अधिक लोगों को इनसे जोड़ने पर जोर दिया गया। मेला में नए खाते खोलने के साथ आरपीएलआई/पीएलआई, सुकन्या समृद्धि योजना और जीवन बीमा योजनाओं की समीक्षा भी की गई। अधिकारियों ने डाक कर्मियों को लक्ष्य आधारित कार्य करने, जनसंपर्क बढ़ाने और खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता फैलाने का निर्देश दिया, ताकि डाकघर की सुविधाएं हर घर तक पहुंच सकें। कार्यक्रम में दरौली, मैरवा, शाहपुर, गुठनी और जीरादेई के डाकपाल व उपडाकपाल सहित बड़ी संख्या में कर्मचारी मौजूद रहे। इस अवसर पर कई डाक कर्मियों को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ।1
- बनियापुर में बाइक का डिक्की खोल चोरों ने उड़ाए एक लाख रूपये बनियापुर,स्थानीय बाजार पर बाइक की डिक्की खोल रुपये चोरी करने का एक और मामला सामने आया है। चोरी का यह मामला बनियापुर बाजार में बुधवार को एक रेस्टोरेंट के सामने दोपहर में हुई। चोरों ने डिक्की खोल एक लाख रुपये निकाल लिए और फिर डिक्की को बंद भी कर दिया था। मामले की लिखित शिकायत भुसांव निवासी पीड़ित राकेश कुमार सोनी ने स्थानीय थाने में दर्ज कराई है। पीड़ित ने बताया कि वह पोस्टऑफिस से रुपये निकाल बाइक की डिक्की में सुरक्षित रख लिया था। इसके बाद वह रेस्टोरेंट के सामने बाइक खड़ी कर नाश्ता करने चला गया। वापस आकर जब वह डिक्की खोला तब रुपये गायब थे। भीड़ वाले स्थान से इतने कम समय में डिक्की खोल कर रुपये गायब करने की घटना सुन सभी हतप्रभ हैं। जानकारी हो कि बनियापुर तथा सहाजितपुर में इन दिनों डिक्की खोल समान व रुपये गायब करने वाला गिरोह सक्रिय है। छह दिनों में यह तीसरी घटना है।एक दिन पहले ही सहाजितपुर स्टेट बैंक के सामने से एक व्यक्ति की डिक्की खोलकर चोरों ने एक लाख रूपये उड़ा लिए।1
- वरिष्ठ पुलिस उपनिरीक्षक अजय कुमार गोंड हत्याकाण्ड की सीबीआई जांच कराने की मांग को लेकर प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री व राज्यपाल जी को सम्बोधित ज्ञापन प्रेषित.. बलिया।। जिला-बस्ती, थाना-परशुरामपुर पर तत्कालीन थाना प्रभारी के बतौर तैनात वरिष्ठ पुलिस उपनिरीक्षक अजय कुमार गोंड (निवासी जिला-देवरिया, थाना-कोतवाली देवरिया अन्तर्गत ग्राम-मुड़ाडीह) की गत दिनों संदिग्ध अवस्था में मौत/हत्याकाण्ड की उच्चस्तरीय जांच मा.उच्च न्यायालय के मा.न्यायाधीश की निगरानी में केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो(सी.बी.आई.) से कराने व दोषियों को कठोर से कठोर सजा दिये जाने की मांग को लेकर इंडियन पीपुल्स सर्विसेज(आईपीएस) के तत्वावधान में बलिया जिलाधिकारी कार्यालय पर प्रदर्शन कर जिलाधिकारी के माध्यम से प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री व राज्यपाल जी को सम्बोधित ज्ञापन जिलाधिकारी के प्रतिनिधि नगर मजिस्ट्रेट रामश्रय वर्मा को सौंपा गया। इस दौरान इंडियन पीपुल्स सर्विसेज(आईपीएस) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अरविन्द गोंडवाना ने कहा कि एसएसआई अजय कुमार गोंड की पहले गायब हो जाना तथा कुछ दिन बाद ही अयोध्या के सरयू नदी में उनके शव का मिलना प्रथम दृष्टया संदेहास्पद है। एसएसआई अजय कुमार गोंड की पत्नी व उनके छोटे भाई झांसी में अपर जिलाधिकारी के पद पर तैनात अरूण कुमार गोंड ने भी हत्या किये जाने का अंदेशा जताते हुए पूरे घटनाक्रम की सीबीआई जांच की मांग की है! इसलिए अब ऐसी स्थिति में इस गम्भीर प्रकरण हत्याकाण्ड का पर्दाफास उच्चस्तरीय जांच सीबीआई से ही सम्भव है। आईपीएस के जिलाध्यक्ष सुरेश शाह ने कहा कि आम जनता की सुरक्षा की जिम्मेदार जब पुलिस ही सुरक्षित नहीं है तो आम जनता का क्या हाल हो सकता है इसलिए अब ऐसी स्थिति में आम जनता को भी अपना सुरक्षा चक्र खुद विकसित करने हेतु संगठित होने की आवश्यकता है। एसएसआई अजय कुमार गोंड हत्याकाण्ड की सीबीआई जांच की बात को लेकर जिलाधिकारी कार्यालय पर प्रदर्शन के दौरान आईपीएस नेता अरविन्द गोंडवाना सहित जिलाध्यक्ष सुरेश शाह, संजय गोंड, अजीत कुमार गोंड, हरिशंकर गोंड, ददन प्रसाद, ओमप्रकाश गोंड, विजय शाह, त्रिलोकी नाथ, बबलू गोंड, अनुज कुमार, जयप्रकाश, नितिश कुमार, अंकित गोंड, रविन्द कुमार, मंगरू प्रसाद, मुकेश गोंड, मंटू कुमार, संतोष कुमार, अशोक कुमार, राजकुमार, विशल कुमार आदि लोग रहे।1
- पटना एयरपोर्ट जाना या आना हुआ आसान,अब भाड़े की कोई जरूरी नहीं1
- सिसवन।मृतक की पहचान ग्यासपुर उत्तर टोला निवासी भिखारी यादव के 55 वर्षीय पुत्र हरिशंकर यादव उर्फ कदम यादव हैं। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।1
- सहारे की आस में पहुंचे दिव्यांग, सिस्टम की बेरुखी ने तोड़ दी उम्मीदें मैरवा, सीवान: सहूलियत और सम्मान की उम्मीद लेकर यूडीआईडी कार्ड बनवाने पहुंचे दिव्यांगजनों को मंगलवार को मैरवा में बदइंतजामी और प्रशासनिक उदासीनता का सामना करना पड़ा। सरकार की योजनाओं से जुड़ने का सपना लिए आए ये लोग पूरे दिन इधर-उधर भटकते रहे, लेकिन कई की उम्मीदें शाम होते-होते निराशा में बदल गईं। विशेष कैंप में बड़ी संख्या में दिव्यांगजन पहुंचे थे। कोई बैसाखियों के सहारे आया था, तो कोई परिजनों का हाथ थामे लंबी दूरी तय कर यहां तक पहुंचा था। उन्हें भरोसा था कि इस कैंप के जरिए उनका यूडीआईडी कार्ड बन जाएगा और सरकारी सुविधाओं का रास्ता आसान होगा। लेकिन कैंप में फैली अव्यवस्था ने उनकी परेशानियां और बढ़ा दीं। छोटी-छोटी कमियों के नाम पर दिव्यांगजनों को बार-बार साइबर कैफे और कैंप के चक्कर लगाने पड़े। स्पष्ट जानकारी और उचित मार्गदर्शन के अभाव में वे घंटों लाइन में खड़े रहे, फिर भी प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी। हालत यह रही कि करीब दो दर्जन से अधिक दिव्यांगजनों का आवेदन तक नहीं हो पाया। स्थिति तब और गंभीर हो गई, जब आरोप लगा कि अधिकारी निर्धारित समय से पहले ही कैंप बंद कर चले गए। सुबह से इंतजार कर रहे कई लोगों के आवेदन अधूरे रह गए और वे मायूस होकर लौटने को मजबूर हो गए। चेहरों पर थकान, आंखों में निराशा और मन में सिस्टम के प्रति नाराजगी साफ झलक रही थी। दिव्यांगजनों का कहना है कि सरकार उनकी सुविधा के लिए योजनाएं तो बनाती है, लेकिन जमीनी स्तर पर लापरवाही उनकी राह में सबसे बड़ी बाधा बन जाती है। जरूरी दस्तावेजों को लेकर बार-बार टोकाटाकी और अव्यवस्थित व्यवस्था ने उन्हें हताश कर दिया। इस संबंध में सामुदायिक प्रखंड प्रबंधक शहीद अली अंसारी से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन फोन रिसीव नहीं हुआ। वहीं प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी से भी बात करने की कोशिश की गई, पर कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिल सका। आहत दिव्यांगजनों ने प्रशासन से सवाल किया है कि जब कैंप उनकी सुविधा के लिए लगाया गया था, तो फिर उन्हें इतनी परेशानियों से क्यों गुजरना पड़ा? उन्होंने मांग की है कि भविष्य में ऐसी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, जहां उन्हें सम्मान और सहूलियत के साथ सरकारी सेवाओं का लाभ मिल सके।1
- गंगोत्री स्कूल में मनाई गई राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस,350 बच्चों ने दवा खाई....1