राहवीर एवं कैशलेस योजना अंतर्गत यात्री बसों में प्रचार हेतु लगवाये गये स्टीकर परिवहन आयुक्त, मध्यप्रदेश ग्वालियर एवं कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल के निर्देशानुसार सागर स्थित मुख्य बस स्टेण्ड पर यात्री बसों पर राहवीर एवं कैशलेस योजना प्रचार-प्रसार हेतु परिवहन अमले द्वारा स्टीकर लगाये गये। दोनों योजनाओं के कुल 400 स्टीकर तैयार कराकर सागर बस स्टेण्ड से संचालित होने वाली सभी यात्री बसों पर लगाये गये है। जिससे इन दोनों योजनाओं के प्रति नागरिकों में जागरूकता लाई जा सकें। राहवीर योजना एक महत्वपूर्ण योजना है, जिसके अंतर्गत सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को यदि दुर्घटना के 01 घण्टे के अंदर इलाज हेतु अस्पताल पहुंचा जाता है तो अस्पताल पहुंचाने वाले नेक व्यक्ति को राहवीर संबाोधित किया गया है। राहवीर को रू. 25000/- का पुरूष्कार तथा प्रशस्ति पत्र से सम्मानित किया जाता है। राहवीर योजना सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति की जान बचाने वाली एक नेक योजना है तथा जान बचाने वाले व्यक्ति को इस कार्य हेतु पुरूष्कृत तथा सम्मानित किया जाता है। शासन की एक अन्य महत्वपूर्ण योजना है, नगदी रहत उपचार योजना-2025, इस योजना के अंतर्गत सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति के अस्पताल पहुंचते ही अस्पताल प्रबंधन द्वारा तुरंत इलाज प्रारंभ किया जाना अनिवार्य है तथा रू. 1.50 लाख का निःशुल्क उपचार अथवा 07 दिवस तक निःशुल्क उपचार की व्यवस्था इस योजना अंतर्गत की गई है। उक्त दोनों योजनायें सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति की जान बचाने के लिए महत्वपूर्ण योजना है। जिसका व्यापक प्रचार-प्रसार के उद्देश्य से यात्री बसों में स्टीकर लगाये गये है। क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी, सागर द्वारा समस्त यात्री बस संचालकों एवं आमजन से अपील की है कि सभी उपरोक्त दोनों योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार कर सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति की जान बचाने हेतु अपना सार्थक योगदान देवें।
राहवीर एवं कैशलेस योजना अंतर्गत यात्री बसों में प्रचार हेतु लगवाये गये स्टीकर परिवहन आयुक्त, मध्यप्रदेश ग्वालियर एवं कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल के निर्देशानुसार सागर स्थित मुख्य बस स्टेण्ड पर यात्री बसों पर राहवीर एवं कैशलेस योजना प्रचार-प्रसार हेतु परिवहन अमले द्वारा स्टीकर लगाये गये। दोनों योजनाओं के कुल 400 स्टीकर तैयार कराकर सागर बस स्टेण्ड से संचालित होने वाली सभी यात्री बसों पर लगाये गये है। जिससे इन दोनों योजनाओं के प्रति नागरिकों में जागरूकता लाई जा सकें। राहवीर योजना एक महत्वपूर्ण योजना है, जिसके अंतर्गत सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को यदि दुर्घटना के 01 घण्टे के अंदर इलाज हेतु अस्पताल पहुंचा जाता है तो अस्पताल पहुंचाने वाले नेक व्यक्ति को राहवीर संबाोधित किया गया है। राहवीर को रू. 25000/- का पुरूष्कार तथा प्रशस्ति पत्र से सम्मानित किया जाता है। राहवीर योजना सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति की जान बचाने वाली एक नेक योजना है तथा जान बचाने वाले व्यक्ति को इस कार्य हेतु पुरूष्कृत तथा सम्मानित किया जाता है। शासन की एक अन्य महत्वपूर्ण योजना है, नगदी रहत उपचार योजना-2025, इस योजना के अंतर्गत सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति के अस्पताल पहुंचते ही अस्पताल प्रबंधन द्वारा तुरंत इलाज प्रारंभ किया जाना अनिवार्य है तथा रू. 1.50 लाख का निःशुल्क उपचार अथवा 07 दिवस तक निःशुल्क उपचार की व्यवस्था इस योजना अंतर्गत की गई है। उक्त दोनों योजनायें सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति की जान बचाने के लिए महत्वपूर्ण योजना है। जिसका व्यापक प्रचार-प्रसार के उद्देश्य से यात्री बसों में स्टीकर लगाये गये है। क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी, सागर द्वारा समस्त यात्री बस संचालकों एवं आमजन से अपील की है कि सभी उपरोक्त दोनों योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार कर सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति की जान बचाने हेतु अपना सार्थक योगदान देवें।
- परिवहन आयुक्त, मध्यप्रदेश ग्वालियर एवं कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल के निर्देशानुसार सागर स्थित मुख्य बस स्टेण्ड पर यात्री बसों पर राहवीर एवं कैशलेस योजना प्रचार-प्रसार हेतु परिवहन अमले द्वारा स्टीकर लगाये गये। दोनों योजनाओं के कुल 400 स्टीकर तैयार कराकर सागर बस स्टेण्ड से संचालित होने वाली सभी यात्री बसों पर लगाये गये है। जिससे इन दोनों योजनाओं के प्रति नागरिकों में जागरूकता लाई जा सकें। राहवीर योजना एक महत्वपूर्ण योजना है, जिसके अंतर्गत सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को यदि दुर्घटना के 01 घण्टे के अंदर इलाज हेतु अस्पताल पहुंचा जाता है तो अस्पताल पहुंचाने वाले नेक व्यक्ति को राहवीर संबाोधित किया गया है। राहवीर को रू. 25000/- का पुरूष्कार तथा प्रशस्ति पत्र से सम्मानित किया जाता है। राहवीर योजना सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति की जान बचाने वाली एक नेक योजना है तथा जान बचाने वाले व्यक्ति को इस कार्य हेतु पुरूष्कृत तथा सम्मानित किया जाता है। शासन की एक अन्य महत्वपूर्ण योजना है, नगदी रहत उपचार योजना-2025, इस योजना के अंतर्गत सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति के अस्पताल पहुंचते ही अस्पताल प्रबंधन द्वारा तुरंत इलाज प्रारंभ किया जाना अनिवार्य है तथा रू. 1.50 लाख का निःशुल्क उपचार अथवा 07 दिवस तक निःशुल्क उपचार की व्यवस्था इस योजना अंतर्गत की गई है। उक्त दोनों योजनायें सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति की जान बचाने के लिए महत्वपूर्ण योजना है। जिसका व्यापक प्रचार-प्रसार के उद्देश्य से यात्री बसों में स्टीकर लगाये गये है। क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी, सागर द्वारा समस्त यात्री बस संचालकों एवं आमजन से अपील की है कि सभी उपरोक्त दोनों योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार कर सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति की जान बचाने हेतु अपना सार्थक योगदान देवें।1
- 📰 19 दिन में लूटकांड का खुलासा, ₹18 लाख का मशरूका बरामद हैदरगढ़ पुलिस ने 4 आरोपियों को किया गिरफ्तार, 2 अब भी फरार विदिशा, 27 अप्रैल। जिले के थाना हैदरगढ़ पुलिस ने 8 अप्रैल को हुई लूट की सनसनीखेज वारदात का खुलासा करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने इनके कब्जे से करीब 18 लाख रुपये का मशरूका भी बरामद किया है। दो आरोपी अभी फरार बताए जा रहे हैं। पुलिस के अनुसार, 8 अप्रैल की शाम ग्राम गुंजारी के पास नदी की पुलिया पर बांसादेही निवासी सराफा व्यापारी मनोज कुमार सोनी (39) अपनी दुकान बंद कर घर लौट रहे थे। तभी तीन अज्ञात बदमाशों ने उनकी गाड़ी रोककर डंडों से हमला किया और सोने-चांदी के आभूषणों से भरा बैग लूटकर फरार हो गए थे। मामले में थाना हैदरगढ़ में प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की गई थी। घटना के बाद पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में विशेष टीमों का गठन किया गया। “360° डिग्री – दृष्टि अभियान” के तहत पुलिस ने 165 से अधिक सीसीटीवी फुटेज खंगाले और 100 से ज्यादा लोगों से पूछताछ की। साइबर तकनीक की मदद से आरोपियों की पहचान कर 19 दिन के भीतर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तार आरोपियों में शिवा उर्फ भावसिंह कुर्मी (बीना), अजय यादव (ललितपुर), जगदीश उर्फ हल्ले कुर्मी (टीकमगढ़) और रणवीर उर्फ भगोले बुन्देला (अशोकनगर) शामिल हैं। वहीं इन्दु राजा और सुमित यादव अभी फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है। पुलिस ने आरोपियों से एक स्कॉर्पियो और एक ब्रेंजा कार सहित करीब 18 लाख रुपये का मशरूका जब्त किया है। साथ ही एक आरोपी के पास से पिस्टल और जिंदा कारतूस भी बरामद किए गए हैं। पूछताछ में यह भी सामने आया है कि आरोपी आगे और बड़ी वारदात को अंजाम देने की योजना बना रहे थे। समय रहते गिरफ्तारी से एक बड़ी घटना टल गई। इस कार्रवाई में थाना हैदरगढ़ पुलिस, साइबर सेल एवं विशेष टीम के अधिकारियों-कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस का कहना है कि फरार आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की जाएगी।4
- लोकेशन बीना रिपोर्टर राजेश बबेले शिक्षिका पूजा अहिरवार को कार ने मारी टक्कर, गंभीर रूप से घायलः बीना-खिमलासा रोड पर हुआ हादसा, भोपाल रेफर किया गया राजेश बबेले बीना। सोमवार की सुबह 7:30 के लगभग जब शिक्षिका पूजा अहिरवार ग्राम खड़ेसरा स्कूल के लिए निकली तो उन्होंने सोचा भी नहीं होगा की आने वाला समय उनका खराब होगा जैसे ही वह खिमलासा रोड सरस्वती स्कूल के पास पहुंची तो एक अनियंत्रित कार ने जोरदार टक्कर मार दी जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई जिन्हें तुरंत सिविल अस्पताल बीना पहुंचाया गया।गौरतलब है कि खिमलासा रोड पर सरस्वती शिशु मंदिर के पास एक कार की टक्कर से स्कूटी सवार शिक्षिका गंभीर रूप से घायल हो गईं। यह घटना शिक्षिका के स्कूल जाते समय हुई। उन्हें गंभीर हालत में भोपाल रेफर किया गया है। हादसा सोमवार सुबह की है। *खिमलासा के सरकारी स्कूल में पदस्थ हैं घायल* घायल शिक्षिका की पहचान पूजा अहिरवार (29) के रूप में हुई है, जो भोपाल की निवासी हैं और बीना की जागेश्वरी कॉलोनी में किराए पर रहती हैं। वह खिमलासा के सरकारी स्कूल में पदस्थ हैं। *कार ने स्कूटी को मारी टक्कर* सोमवार को पूजा अपनी स्कूटी से बीना से खिमलासा स्थित स्कूल जा रही थीं। बीना के सरस्वती शिशु मंदिर के पास खिमलासा की ओर से आ रही एक तेज रफ्तार कार ने एक अन्य वाहन को ओवरटेक करते समय उनकी स्कूटी को जोरदार टक्कर मार दी। *गंभीर हालत में भोपला रेफर* टक्कर के बाद कार चालक मौके से फरार हो गया। इस घटना में शिक्षिका की स्कूटी भी क्षतिग्रस्त हो गई। पूजा को पहले सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां प्राथमिक इलाज के बाद उनकी गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें भोपाल रेफर कर दिया गया।3
- Post by एसएन पटेल पत्रकार1
- तेरी मुस्कान से ही शुरू होती है मेरी हर सुबह, तेरे ख्यालों में ही ढलती है मेरी हर शाम। तू पास हो या ना हो, फर्क नहीं पड़ता, तू हर पल रहता है मेरे दिल के आस-पास। 🔥💞😍3
- मध्य प्रदेश के सागर जिले के शाहगढ़ थाना क्षेत्र में सोमवार को एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहाँ वार्ड क्रमांक-10 में रहने वाले एक पति-पत्नी ने अज्ञात कारणों के चलते अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। इस घटना के बाद से पूरे इलाके में मातम पसरा हुआ है। अकेले रहते थे पति-पत्नी जानकारी के मुताबिक, 45 वर्षीय उत्तम अहिरवार और उनकी 42 वर्षीय पत्नी हरिबाई घर में अकेले रहते थे। दंपत्ति बीड़ी बनाने का काम कर अपना जीवन यापन करते थे। उनका इकलौता बेटा काम के सिलसिले में सागर में रहता है। सोमवार सुबह जब परिजनों ने उन्हें फंदे पर लटकते देखा, तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। आनन-फानन में पुलिस को सूचना दी गई। रात को पड़ोसियों के साथ की थी चर्चा हैरानी की बात यह है कि रविवार देर रात तक दोनों पति-पत्नी अपने घर के दरवाजे पर मोहल्ले वालों के साथ बैठे थे। पड़ोसियों ने बताया कि दोनों ने बिल्कुल सामान्य तरीके से बातचीत की थी। उनके व्यवहार से जरा भी आभास नहीं हुआ कि वे ऐसा कोई खौफनाक कदम उठा सकते हैं। जांच में जुटी पुलिस घटना की जानकारी मिलते ही शाहगढ़ पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने सागर में रह रहे उनके बेटे को सूचना दी। बेटे के पहुंचने के बाद शवों का पंचनामा तैयार कर उन्हें पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेजा गया। घटना को लेकर शाहगढ़ थाना प्रभारी संदीप खरे ने बताया कि मौके से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और आत्महत्या के कारणों की तलाश की जा रही है। परिजनों और पड़ोसियों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। पुलिस अब इस एंगल से जांच कर रही है कि आखिर ऐसी क्या वजह रही कि कुछ घंटों पहले तक सामान्य दिख रहे दंपत्ति ने अचानक मौत को गले लगा लिया। फिलहाल, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और परिजनों के बयानों का इंतजार किया जा रहा है।2
- लोकल न्यूज बीना बीना में रामनाम महाराज ने तहसील पहुंच राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन, गौ माता को माता का दर्जा देने की मांग बीना, सागर। सनातन धर्म में गौ सेवा को विशेष स्थान दिए जाने की परंपरा के बीच बीना में सोमवार को एक अनोखा दृश्य देखने को मिला। वर्षों से मंदिर परिसर से बाहर नहीं निकलने वाले रामनाम महाराज स्वयं तहसील कार्यालय पहुंचे और राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपकर गौ माता को विधिवत माता का दर्जा देने की मांग उठाई। रामनाम महाराज अपने समर्थकों के साथ तहसील कार्यालय पहुंचे, जहां उन्होंने गौ सुरक्षा, गौ सेवा और गौवंश संरक्षण को लेकर अपनी मांगों को प्रशासन के समक्ष रखा। ज्ञापन में देशभर में अधिक से अधिक गौशालाओं की स्थापना, गौ हत्या रोकने के लिए सख्त कानून बनाने तथा उनके प्रभावी क्रियान्वयन की मांग की गई। रामनाम महाराज ने कहा कि गौ माता सनातन धर्म की आस्था और संस्कृति की आधारशिला हैं तथा उनकी सुरक्षा और सेवा के लिए सरकार को ठोस एवं कठोर कदम उठाने चाहिए। उन्होंने गौ संरक्षण को राष्ट्रहित और धार्मिक आस्था से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय बताया। इस दौरान बड़ी संख्या में समर्थक भी मौजूद रहे, जिन्होंने गौ माता को सर्वोच्च सम्मान देने और गौवंश संरक्षण को प्राथमिकता बनाने की मांग की। खास बात यह रही कि सामान्यतः मंदिर परिसर से बाहर नहीं निकलने वाले रामनाम महाराज का स्वयं तहसील पहुंचना अनुयायियों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बना रहा। समर्थकों में इस पहल को लेकर खासा उत्साह देखने को मिला। अब क्षेत्र में यह चर्चा तेज है कि राष्ट्रपति के नाम भेजे गए इस ज्ञापन पर शासन-प्रशासन किस प्रकार की कार्रवाई करता है।1
- Post by RAJESH BABELE2