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जिला ब्यूरो रिपोर्टर राजेश बबेले बीना में गो भक्तों ने झूम कर किया भक्ति भाव से नृत्य गौ माता के लगे जय कारों के नारे
RAJESH BABELE
जिला ब्यूरो रिपोर्टर राजेश बबेले बीना में गो भक्तों ने झूम कर किया भक्ति भाव से नृत्य गौ माता के लगे जय कारों के नारे
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- लोकेशन बीना रिपोर्टर राजेश बबेले शिक्षिका पूजा अहिरवार को कार ने मारी टक्कर, गंभीर रूप से घायलः बीना-खिमलासा रोड पर हुआ हादसा, भोपाल रेफर किया गया राजेश बबेले बीना। सोमवार की सुबह 7:30 के लगभग जब शिक्षिका पूजा अहिरवार ग्राम खड़ेसरा स्कूल के लिए निकली तो उन्होंने सोचा भी नहीं होगा की आने वाला समय उनका खराब होगा जैसे ही वह खिमलासा रोड सरस्वती स्कूल के पास पहुंची तो एक अनियंत्रित कार ने जोरदार टक्कर मार दी जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई जिन्हें तुरंत सिविल अस्पताल बीना पहुंचाया गया।गौरतलब है कि खिमलासा रोड पर सरस्वती शिशु मंदिर के पास एक कार की टक्कर से स्कूटी सवार शिक्षिका गंभीर रूप से घायल हो गईं। यह घटना शिक्षिका के स्कूल जाते समय हुई। उन्हें गंभीर हालत में भोपाल रेफर किया गया है। हादसा सोमवार सुबह की है। *खिमलासा के सरकारी स्कूल में पदस्थ हैं घायल* घायल शिक्षिका की पहचान पूजा अहिरवार (29) के रूप में हुई है, जो भोपाल की निवासी हैं और बीना की जागेश्वरी कॉलोनी में किराए पर रहती हैं। वह खिमलासा के सरकारी स्कूल में पदस्थ हैं। *कार ने स्कूटी को मारी टक्कर* सोमवार को पूजा अपनी स्कूटी से बीना से खिमलासा स्थित स्कूल जा रही थीं। बीना के सरस्वती शिशु मंदिर के पास खिमलासा की ओर से आ रही एक तेज रफ्तार कार ने एक अन्य वाहन को ओवरटेक करते समय उनकी स्कूटी को जोरदार टक्कर मार दी। *गंभीर हालत में भोपला रेफर* टक्कर के बाद कार चालक मौके से फरार हो गया। इस घटना में शिक्षिका की स्कूटी भी क्षतिग्रस्त हो गई। पूजा को पहले सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां प्राथमिक इलाज के बाद उनकी गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें भोपाल रेफर कर दिया गया।3
- Post by एसएन पटेल पत्रकार1
- तेरी मुस्कान से ही शुरू होती है मेरी हर सुबह, तेरे ख्यालों में ही ढलती है मेरी हर शाम। तू पास हो या ना हो, फर्क नहीं पड़ता, तू हर पल रहता है मेरे दिल के आस-पास। 🔥💞😍3
- परिवहन आयुक्त, मध्यप्रदेश ग्वालियर एवं कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल के निर्देशानुसार सागर स्थित मुख्य बस स्टेण्ड पर यात्री बसों पर राहवीर एवं कैशलेस योजना प्रचार-प्रसार हेतु परिवहन अमले द्वारा स्टीकर लगाये गये। दोनों योजनाओं के कुल 400 स्टीकर तैयार कराकर सागर बस स्टेण्ड से संचालित होने वाली सभी यात्री बसों पर लगाये गये है। जिससे इन दोनों योजनाओं के प्रति नागरिकों में जागरूकता लाई जा सकें। राहवीर योजना एक महत्वपूर्ण योजना है, जिसके अंतर्गत सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को यदि दुर्घटना के 01 घण्टे के अंदर इलाज हेतु अस्पताल पहुंचा जाता है तो अस्पताल पहुंचाने वाले नेक व्यक्ति को राहवीर संबाोधित किया गया है। राहवीर को रू. 25000/- का पुरूष्कार तथा प्रशस्ति पत्र से सम्मानित किया जाता है। राहवीर योजना सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति की जान बचाने वाली एक नेक योजना है तथा जान बचाने वाले व्यक्ति को इस कार्य हेतु पुरूष्कृत तथा सम्मानित किया जाता है। शासन की एक अन्य महत्वपूर्ण योजना है, नगदी रहत उपचार योजना-2025, इस योजना के अंतर्गत सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति के अस्पताल पहुंचते ही अस्पताल प्रबंधन द्वारा तुरंत इलाज प्रारंभ किया जाना अनिवार्य है तथा रू. 1.50 लाख का निःशुल्क उपचार अथवा 07 दिवस तक निःशुल्क उपचार की व्यवस्था इस योजना अंतर्गत की गई है। उक्त दोनों योजनायें सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति की जान बचाने के लिए महत्वपूर्ण योजना है। जिसका व्यापक प्रचार-प्रसार के उद्देश्य से यात्री बसों में स्टीकर लगाये गये है। क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी, सागर द्वारा समस्त यात्री बस संचालकों एवं आमजन से अपील की है कि सभी उपरोक्त दोनों योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार कर सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति की जान बचाने हेतु अपना सार्थक योगदान देवें।1
- मांगों को लेकर तहसीलदार को प्रधानमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन गढाकोटा। सागर जिले के गढाकोटा में सोमवार के दिन खाद,बीज एवं कीटनाशक विक्रेताओं की विभिन्न समस्याओं को लेकर देशभर के कृषि आदान व्यापारियों ने एक दिवसीय सांकेतिक हड़ताल की। गढ़ाकोटा क्षेत्र के व्यापारियों ने प्रधानमंत्री के नाम एक ज्ञापन तहसीलदार महेश दुबे को सौंपा ज्ञापन में बताया गया कि Agro Input Dealers Association (AIDA), नई दिल्ली एक पंजीकृत संगठन है,जो देशभर के लगभग 5 लाख खाद,बीज एवं कीटनाशक व्यापारियों का प्रतिनिधित्व करता है। संगठन के अनुसार पिछले 10 वर्षों से व्यापारी लगातार कई गंभीर समस्याओं का सामना कर रहे हैं, लेकिन बार-बार निवेदन के बावजूद समाधान नहीं हो सका है। इसी के विरोध में 27 अप्रैल को देशव्यापी हड़ताल कर सरकार का ध्यान आकर्षित किया गया। *मुख्य मांगें इस प्रकार रहीं* व्यापारियों ने खाद के साथ अन्य उत्पादों की जबरन लिंकिंग पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने,कंपनियों द्वारा खाद की डिलीवरी सीधे विक्रेता के केंद्र तक सुनिश्चित करने,डीलर मार्जिन को बढ़ाकर न्यूनतम 8 प्रतिशत करने तथा ‘साथी’पोर्टल की अनिवार्यता समाप्त करने की मांग की। इसके अलावा अवैध एच.टी.वी.टी बीजों की बिक्री पर रोक या अधिकृत विक्रेताओं को नियमन के तहत अनुमति देने,सीलबंद पैकेट में गुणवत्ता खराब होने पर विक्रेता को दोषी न मानकर गवाह का दर्जा देने,एक्सपायर्ड कीटनाशकों को कंपनियों द्वारा वापस लेने की कानूनी बाध्यता तय करने की भी मांग रखी गई। व्यापारियों ने नए बीज अधिनियम एवं कीटनाशक विधेयक 2025 में रिटेल डीलरों के लिए बनाए गए कठोर प्रावधानों को शिथिल करने,झूठी शिकायतों पर कार्रवाई से पहले जिला स्तरीय जांच समिति बनाने,लाइसेंस निलंबन की स्थिति में 21 दिनों में स्वतः बहाली तथा हर साल प्रिंसिपल सर्टिफिकेट जोड़ने की अनिवार्यता समाप्त करने की भी बात कही। साथ ही कई राज्यों में बीजों के लिए लागू दोहरी लाइसेंस व्यवस्था को खत्म करने की मांग भी प्रमुख रूप से उठाई गई। सरकार को चेतावनी: ज्ञापन के अंत में व्यापारियों ने केंद्र सरकार के उर्वरक एवं रसायन मंत्रालय और केंद्रीय कृषि मंत्रालय से एक माह के भीतर ठोस कार्रवाई करने का आग्रह किया। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो आगामी खरीफ सीजन से पहले अनिश्चितकालीन बंद करने को मजबूर होना पड़ेगा, जिससे कृषि उत्पादन और किसानों पर व्यापक असर पड़ सकता है। ज्ञापन सौंपने में ये रहे शामिल: इस दौरान गढ़ाकोटा अभिषेक पटेरिया,संदीप घोसी सहित सुनील जैन,रघुवीर कुर्मी,खेमचंद गुडारे,वीरेंद्र विश्वकर्मा,मनोहर कुर्मी, देवेंद्र लोधी,अखिलेश जैन सहित बड़ी संख्या में कृषि आदान व्यापारी उपस्थित रहे।1
- संपूर्ण भारत में गाय और उसके वंश को विशेष दर्जा दिया जाए इसको लेकर आज तमाम शासकीय कार्यालय गौमाता को राष्ट्रमाता घोषित सरकार द्वारा इसको पत्र दिए गए जिसका आयोजन ओर आगे व्यापक रूप क्या होगा इस वीडियो से समझे1
- प्रदेश में महिला सशक्तिकरण के बड़े-बड़े दावे करने वाली भाजपा सरकार एक तरफ इस मुद्दे पर विधानसभा का विशेष सत्र बुला रही है जिसका मुद्दा है निंदा प्रस्ताव, लेकिन दूसरी तरफ ज़मीनी हकीकत यह है कि प्रदेश की लाड़ली बहनें अपने ही रोजगार के लिए दर-दर भटकने को मजबूर हैं। पोषण आहार प्लांट पिछले तीन महीनों से बंद पड़े हैं क्योंकि सरकार ने समय पर अनुदान नहीं दिया, भुगतान नहीं किया। नतीजा यह हुआ कि लाखों महिलाओं की आजीविका छिन गई और जिन स्व-सहायता समूहों को आत्मनिर्भरता का प्रतीक बताया जाता था, वही महिलाएं आज मजदूरी करने को मजबूर हैं। आज इन महिलाओं से मुलाकात कर उनकी पीड़ा को करीब से समझा यह सिर्फ आर्थिक संकट नहीं, बल्कि विश्वास टूटने की कहानी है। सरकार की लगातार उपेक्षा ने उनके सपनों को झकझोर दिया है। यह स्थिति बताती है कि भाजपा के लिए महिला सशक्तिकरण सिर्फ भाषण और इवेंट तक सीमित है, ज़मीन पर संवेदनशीलता और जिम्मेदारी पूरी तरह गायब है। कांग्रेस पार्टी हमेशा महिलाओं के अधिकार, सम्मान और सशक्तिकरण के लिए मजबूती के साथ पहली पंक्ति में लड़ती रही है और आगे भी लड़ती रहेगी। आवाज मध्यप्रदेश न्यूज 241
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