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चित्तौड़गढ़ की 6 बड़ी खबरें: साँवलिया मंदिर की सफाई से निकाय चुनाव और तेजाजी मेले तक साँवलिया सेठ मंदिर परिसर में गंदगी का मुद्दा, निम्बाहेड़ा में भाजपा-कांग्रेस के नामांकन, निकाय चुनाव के बाद आक्या-कृपलानी की चर्चा, धाकड़-दक-जीनगर के क्षेत्रों के परिणाम, दिनेश गवारिया को उपसभापति बनाने की मांग, संवत्सरी पर सामूहिक क्षमायाचना और 19 सितंबर से तेजाजी महाराज का मेला—जानिए चित्तौड़गढ़ जिले की प्रमुख खबरें
Hello Chittorgarh News
चित्तौड़गढ़ की 6 बड़ी खबरें: साँवलिया मंदिर की सफाई से निकाय चुनाव और तेजाजी मेले तक साँवलिया सेठ मंदिर परिसर में गंदगी का मुद्दा, निम्बाहेड़ा में भाजपा-कांग्रेस के नामांकन, निकाय चुनाव के बाद आक्या-कृपलानी की चर्चा, धाकड़-दक-जीनगर के क्षेत्रों के परिणाम, दिनेश गवारिया को उपसभापति बनाने की मांग, संवत्सरी पर सामूहिक क्षमायाचना और 19 सितंबर से तेजाजी महाराज का मेला—जानिए चित्तौड़गढ़ जिले की प्रमुख खबरें
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- सारंगपुरा में कबड्डी का रोमांच, दूसरे दिन खिलाड़ियों ने दिखाया दमखम राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में 22 टीमों ने लिया हिस्सा, सेमीफाइनल में पहुंची चार टीमें पवन अग्रवाल, चिकारड़ा चिकारड़ा। भगवान श्री देवनारायण जी के जन्मोत्सव के उपलक्ष्य में सारंगपुरा गांव में गुर्जर समाज की ओर से आयोजित राष्ट्रीय स्तर की तीन दिवसीय कबड्डी प्रतियोगिता के दूसरे दिन बुधवार को रोमांचक मुकाबले हुए। प्रतियोगिता में 22 टीमों को ए एवं बी पूल में विभाजित कर मुकाबले करवाए जा रहे हैं। खिलाड़ियों ने शानदार रेड और मजबूत डिफेंस के साथ दमखम दिखाया। मुकाबलों में खिलाड़ियों ने दिखाया खेल कौशल दूसरे दिन भाटोली गुजरान, सारंगपुरा, चिकारड़ा, खेरमालिया, नौगामा, सांवलिया जी, रामाखेड़ा और जेतपुरा सहित विभिन्न टीमों के बीच मुकाबले हुए। खिलाड़ियों के शानदार प्रदर्शन से मैदान में रोमांच बना रहा। दिनभर चले मुकाबलों के बाद चार टीमों ने सेमीफाइनल में प्रवेश किया। सेमीफाइनल मुकाबले गुरुवार को खेले जाएंगे। आठ पीटीआई ने संभाली जिम्मेदारी प्रतियोगिता के सफल आयोजन में आठ पीटीआई का सराहनीय योगदान रहा। खेल संचालन और मुकाबलों की व्यवस्था में पीटीआई ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। टूर्नामेंट के मुख्य निर्णायक धर्मेंद्र त्रिपाठी रहे। विजेता को 11 हजार, उपविजेता को 5100 रुपए प्रतियोगिता में विजेता टीम को 11 हजार रुपए तथा उपविजेता टीम को 5100 रुपए का पुरस्कार दिया जाएगा। प्रतियोगिता में भाग लेने वाले खिलाड़ियों के लिए पहचान-पत्र (आईडी प्रूफ) साथ लाना अनिवार्य रखा गया है। आयोजन समिति की ओर से खिलाड़ियों के लिए भोजन की व्यवस्था भी की गई है। आज निकलेगी शोभायात्रा, होगी भजन संध्या देवनारायण जन्मोत्सव के तहत 17 सितंबर को प्रतियोगिता के समापन के साथ धार्मिक कार्यक्रम आयोजित होंगे। सुबह 11.15 बजे शोभायात्रा एवं जुलूस निकाला जाएगा। शाम 4.15 बजे महाप्रसाद और रात 8.15 बजे भजन संध्या का आयोजन होगा। दर्शकों ने बढ़ाया खिलाड़ियों का उत्साह दूसरे दिन खेल मैदान में खिलाड़ियों के साथ दर्शकों में भी खासा उत्साह देखने को मिला। आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में खेलप्रेमी मुकाबले देखने पहुंचे। शानदार रेड और पकड़ के दौरान दर्शकों ने तालियों से खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया। ग्रामीणों ने निभाई सहभागिता आयोजन में दिनेश गुर्जर, दुगाशंकर गुर्जर, कांशीराम गुर्जर, राजमल गुर्जर, राहुल गुर्जर, लक्ष्मण गुर्जर, रामलाल गुर्जर, भेरूलाल गुर्जर, वरदीचंद, किशन गुर्जर और रमेश गुर्जर सहित अन्य ग्रामीण उपस्थित रहे। ग्रामीणों ने आयोजन में सहयोग करते हुए प्रतियोगिता को सफल बनाने में सहभागिता निभाई।3
- राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय राजेंद्र मार्ग में धूमधाम से मनाया गया इंजीनियर्स डे एवं ओजोन दिवस भीलवाड़ा :राजकुमार गोयल राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय राजेंद्र मार्ग में धूमधाम से मनाया गया इंजीनियर्स डे एवं ओजोन दिवस भीलवाड़ा :राजकुमार गोयल राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय राजेंद्र मार्ग में भारत रत्न डॉ. मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया की जयंती के उपलक्ष्य में 'अभियंता दिवस' (इंजीनियर्स डे) तथा 'विश्व ओजोन दिवस' का गरिमामय आयोजन किया गया। इंजीनियर्स डे पर नवाचार और प्रश्नोत्तरी सत्र कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए विद्यालय के प्रधानाचार्य ने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में विद्यार्थियों को डॉ. विश्वेश्वरैया के राष्ट्र निर्माण में दिए गए अद्वितीय योगदान, उनकी दूरगामी सोच और तकनीकी उपलब्धियों से अवगत कराया। उन्होंने विद्यार्थियों को वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाने तथा राष्ट्र के तकनीकी विकास में भागीदारी निभाने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम में प्राध्यापक धीरज जोशी एवं सुरेंद्र चौहान ने अपने सारगर्भित विचार साझा करते हुए इंजीनियरिंग के आधुनिक समाज और नवाचारों में महत्व पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम के अंत में प्रधानाचार्य ने विद्यार्थियों से प्रश्नोत्तरी (क्विज़) सत्र आयोजित कर उनके ज्ञान को परखा और सही उत्तर देने वाले विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया विद्यार्थियों ने पूरे उत्साह के साथ कार्यक्रम की विभिन्न गतिविधियों में भाग लिया। सफल संयोजन एवं तकनीकी प्रबंधन एवं कार्यक्रम का कुशल संयोजन प्राध्यापक मुकेश कुमार माली द्वारा किया गया। वहीं, कार्यक्रम के सफल डिजिटल एवं तकनीकी संचालन में बेसिक कंप्यूटर अनुदेशक स्तुति नवहाल एवं विक्रम चौधरी का सराहनीय योगदान रहा। संपूर्ण आयोजन का मीडिया कवरेज एवं प्रचार-प्रसार प्राध्यापक सत्येंद्र माली द्वारा किया गया। प्रार्थना सभा में ओजोन दिवस पर किया जागरूक इससे पूर्व प्रातःकालीन प्रार्थना सभा में 'विश्व ओजोन दिवस' मनाया गया। इस अवसर पर जीव विज्ञान के प्राध्यापक सुरेंद्र चौहान ने विद्यार्थियों को ओजोन परत के संरक्षण, पर्यावरण संतुलन तथा पराबैंगनी किरणों से पृथ्वी की रक्षा में इसकी भूमिका के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने दैनिक जीवन में पर्यावरण-अनुकूल आदतें अपनाने का आह्वान किया। कार्यक्रम के समापन पर सभी संकाय सदस्यों एवं विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी की सराहना की गई।4
- नीमच में बदहाल सड़कों का दंश! पुलिया के अभाव में गांवों का संपर्क कटने का खतरा, कलेक्टर कार्यालय पहुंचे ग्रामीण मध्यप्रदेश के नीमच जिले की मनासा तहसील से यह तस्वीरें विकास के दावों पर सवाल खड़े कर रही हैं। देवरी परदा, मालाहेड़ा, सुंडी और मोखमपुरा गांव के ग्रामीण लंबे समय से बदहाल सड़कों और पुलिया की समस्या से जूझ रहे हैं।मालाहेड़ा से देवरी परदा, सुंडी से चारभुजा की बारद और मोखमपुरा से देवरी परदा तक के संपर्क मार्गों की हालत बेहद खराब है। बारिश के दिनों में उफनते नालों पर पुलिया नहीं होने से कई गांवों का संपर्क तहसील मुख्यालय से कटने का खतरा बना रहता है।सबसे ज्यादा परेशानी स्कूली बच्चों को उठानी पड़ रही है। कीचड़, गड्ढों और जलभराव के बीच मासूम जान जोखिम में डालकर स्कूल पहुंचने को मजबूर हैं। आपात स्थिति में एंबुलेंस और अन्य वाहनों की आवाजाही भी मुश्किल हो जाती है।समस्या से परेशान आर. कछावा सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण कलेक्टर कार्यालय पहुंचे और जिला कलेक्टर को आवेदन सौंपकर पक्की सड़कों तथा आरसीसी पुलिया निर्माण की तत्काल मांग की।अब सवाल यही है—आखिर प्रशासन कब जागेगा और ग्रामीणों को इस बदहाल व्यवस्था से कब राहत मिलेगी?1
- गणेश पंडालों में नगर परिषद ने कराई फॉगिंग, मच्छरजनित बीमारियों से बचाव को लेकर उठाया कदम गणेश पंडालों में नगर परिषद ने कराई फॉगिंग, मच्छरजनित बीमारियों से बचाव को लेकर उठाया कदम रामपुरा। नगर में इन दिनों 10 दिवसीय गणेश उत्सव का उल्लास छाया हुआ है। जगह-जगह रिद्धि-सिद्धि के दाता भगवान श्री गणेश की प्रतिमाएं विराजमान हैं। गणेश पंडालों में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं और प्रतिदिन आरती सहित विभिन्न धार्मिक आयोजन हो रहे हैं। इसी बीच श्रद्धालुओं को मच्छरजनित बीमारियों से बचाने और स्वच्छ वातावरण बनाए रखने के उद्देश्य से नगर परिषद रामपुरा द्वारा मंगलवार, 15 सितंबर 2026 को नगर के विभिन्न गणेश पंडालों में फॉगिंग मशीन से धुआं कराया गया। नगर परिषद की टीम ने किले वाला दरवाजा, कुशलपुरा, ललिया की पाल, गायरी मोहल्ला, रेगर मोहल्ला, गढ़िया महादेव, पंजाबी मोहल्ला, मानक चौक, बड़ा बाजार, जगदीश मंदिर, भोई मोहल्ला चवरिया, भोई मोहल्ला काला चबूतरा, बाबा मोहल्ला, भोई कॉलोनी सहित अन्य स्थानों पर फॉगिंग की। गणेश उत्सव के दौरान पंडालों में श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए नगर परिषद द्वारा किए गए इस प्रयास का उद्देश्य मच्छरों के प्रकोप को कम करना और लोगों को मच्छरजनित बीमारियों से बचाव के प्रति जागरूक करना है। नगरवासियों ने गणेश पंडालों में फॉगिंग कराए जाने की पहल का स्वागत किया है।1
- जलझूलनी एकादशी पर किशन करेरी में दो दिवसीय मेले को लेकर भटेवर के साथ आस पास के गावों में दिया निमंत्रण क्षेत्र के उभरते सोशल मीडिया इनफ्लुएंसर राधे का किया स्वागत, मेले में भाग लेने के लिए किया आमंत्रित जलझूलनी एकादशी के अवसर पर किशन करेरी स्थित द्वारिका धाम में आयोजित होने वाले दो दिवसीय मेले एवं धार्मिक कार्यक्रमों को लेकर किशन करेरी के ग्रामीणों द्वारा भटेवर क्षेत्र में पहुंचकर लोगों को कार्यक्रम में शामिल होने का निमंत्रण दिया गया। ग्रामीणों ने भटेवर सहित आसपास के गांवों में पहुंचकर लोगो से संपर्क करके निमंत्रण पत्र वितरित कर अधिक से अधिक संख्या में किशन करेरी पहुंचने का आग्रह किया।1
- ऋषि पंचमी पर झरनेश्वर महादेव में उमड़ा आस्था का सैलाब मनासा। ऋषि पंचमी के पावन अवसर पर आज मनासा क्षेत्र के प्रसिद्ध झरनेश्वर महादेव मंदिर, चौकड़ी में आस्था का बड़ा सैलाब उमड़ पड़ा।धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, आज के दिन महिलाओं ने व्रत रखकर यहाँ के पवित्र और प्राकृतिक कुंड में 108 डुबकी लगाई। मनासा सहित आसपास के कई क्षेत्रों से बड़ी संख्या में महिला श्रद्धालु यहाँ सुबह से ही स्नान के लिए पहुँचने लगी थीं।पवित्र स्नान के बाद सभी महिलाओं ने भगवान भोलेनाथ की विशेष पूजा- अर्चना कर अपने परिवार के लिए सुख-समृद्धि की कामना की। श्रद्धालुओं की इस भारी भीड़ से पूरा मंदिर परिसर दिनभर हर हर महादेव के जयकारों से गूंजता रहा।झरनेश्वर महादेव में ऋषि पंचमी पर उमड़ी यह भारी भीड़, क्षेत्र की गहरी धार्मिक आस्था और सदियों पुरानी परंपरा को साफ दर्शाती है।1
- चित्तौड़गढ़ में सभापति पद पर भाजपा का बड़ा फैसला! अनिल ईनाणी के नाम पर मुहर 🚨 तीन नामों की चर्चाओं पर लगा ब्रेक… सिंबल सौंपते ही खुला राज! भाजपा ने अनिल ईनाणी को बनाया सभापति पद का प्रत्याशी, अब चित्तौड़गढ़ की सियासत में आगे क्या होगा? 👀1
- पूर्व जवानों के सम्मान संग CRPF नीमच में वेटरन्स-डे एवं वार्ब बैठक लोकेशन – नीमच, मध्यप्रदेश नीमच के ग्रुप केंद्र सीआरपीएफ में मंगलवार को महाराणा प्रताप भवन में वेटरन्स-डे एवं कल्याण एवं पुनर्वास यानी वार्ब बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता उप महानिरीक्षक सुरेन्द्र कुमार ने की। इसमें मध्यप्रदेश के विभिन्न जिलों में निवासरत सीएपीएफ पेंशनधारी, शहीद एवं दिवंगत जवानों के आश्रित शामिल हुए। कार्यक्रम का उद्देश्य पूर्व जवानों को शासन की कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देना और उनकी समस्याओं का समाधान करना रहा। पेंशन संबंधी मामलों को छोड़कर अन्य समस्याओं का तत्काल निराकरण किया गया। डीआईजी ने कहा कि सेवानिवृत्त जवान सीआरपीएफ परिवार का अभिन्न हिस्सा हैं और विभाग उनकी हरसंभव सहायता के लिए सदैव तत्पर है।1
- चिकारड़ा में गणपति महोत्सव की धूम, 10 दिनों तक गूंजेगी भक्ति और गरबा की खनक प्रेम नगर के पिपलेश्वर महादेव मंदिर में 7 फीट की गणपति प्रतिमा स्थापित पवन अग्रवाल, चिकारड़ा चिकारड़ा। डूंगला उपखंड क्षेत्र में गणपति महोत्सव को लेकर इस बार खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। क्षेत्र के विभिन्न गांवों और कस्बों में विधि-विधान के साथ भगवान गणपति की स्थापना की गई है। कहीं सार्वजनिक पंडाल सजाए गए हैं तो कहीं ग्रामीणों ने अपने घरों में गणपति बप्पा की प्रतिमा स्थापित कर पूजा-अर्चना शुरू की है। दस दिवसीय गणपति महोत्सव के दौरान पूरा क्षेत्र भक्ति और उल्लास के रंग में रंगा नजर आ रहा है। जहां देखो, वहां गणपति बप्पा की प्रतिमाएं क्षेत्र में जगह-जगह गणपति प्रतिमाओं की स्थापना की गई है। सुबह-शाम आरती और पूजा के साथ श्रद्धालु गणपति बप्पा की सेवा में जुटे हुए हैं। रात्रि में विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ गरबा और डांडिया आयोजन भी आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। डांडियों की खनक से गांवों की गलियां देर रात तक गूंज रही हैं। ग्रामीणों का कहना है कि गणपति महोत्सव अब धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक एकजुटता और सांस्कृतिक उत्सव का भी माध्यम बन गया है। बच्चे, युवा, महिलाएं और बुजुर्ग उत्साह के साथ आयोजनों में भाग ले रहे हैं। प्रेम नगर में 7 फीट की प्रतिमा बनी आकर्षण का केंद्र डूंगला निवासी उदयलाल गायरी ने बताया कि प्रतिवर्ष की तरह इस वर्ष भी प्रेम नगर स्थित पिपलेश्वर महादेव मंदिर परिसर में गणपति प्रतिमा स्थापित की गई है। गरबा मंडल की ओर से यहां दस दिनों तक विभिन्न धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इस बार मंदिर परिसर में 7 फीट ऊंची गणपति प्रतिमा स्थापित की गई है, जो श्रद्धालुओं के आकर्षण का प्रमुख केंद्र बनी हुई है। प्रतिदिन बड़ी संख्या में ग्रामीण भगवान गणपति के दर्शन एवं आरती में शामिल हो रहे हैं। शाम 8 बजे बाद उमड़ता है भक्तों का सैलाब आयोजक मंडल के अनुसार शाम करीब 8 बजे से कार्यक्रम स्थल पर ग्रामीणों की आवाजाही बढ़ने लगती है। आरती के बाद गरबा एवं अन्य सांस्कृतिक कार्यक्रमों में ग्रामीण उत्साहपूर्वक भाग लेते हैं। विशेष रूप से युवाओं और महिलाओं में गरबा को लेकर खासा उत्साह दिखाई दे रहा है। आयोजक मंडल ने बताया कि आयोजन को सफल बनाने में डूंगला क्षेत्र के ग्रामीणों का भरपूर सहयोग मिल रहा है। ग्रामीणों के सहयोग से इस आयोजन को हर वर्ष और अधिक भव्य बनाने का प्रयास किया जा रहा है। स्थापना से विसर्जन तक भक्ति में डूबा रहेगा क्षेत्र क्षेत्र के कई स्थानों पर ग्रामीणों ने अपनी परंपरा के अनुसार गणपति स्थापना एवं विसर्जन की तैयारियां की हैं। कुछ ग्रामीणों ने बताया कि वे स्थापना के दिन ही विधि-विधान के साथ गणपति का विसर्जन करेंगे, जबकि सार्वजनिक रूप से स्थापित प्रतिमाओं का दस दिवसीय आयोजन के बाद श्रद्धा और उल्लास के साथ विसर्जन किया जाएगा। गणपति महोत्सव के चलते इन दिनों डूंगला उपखंड क्षेत्र में हर तरफ ‘गणपति बप्पा मोरया’ के जयघोष सुनाई दे रहे हैं। धार्मिक आस्था के साथ सांस्कृतिक रंग में रंगा यह आयोजन ग्रामीणों के बीच उत्साह, भाईचारे और सामाजिक एकजुटता का संदेश दे रहा है।1