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संवत्सरी : वार्षिक आत्म-विशुद्धि एवं क्षमा-साधना का पर्व लेखक : हरिदत्त शर्मा संवत्सरी जैन दर्शन की आध्यात्मिक चेतना का सर्वोच्च प्रतीक और पर्युषण पर्व की पावन पूर्णाहुति का दिवस है। ‘संवत्सर’ का मूल अर्थ वर्ष है। इस दृष्टि से संवत्सरी वस्तुतः वार्षिक आत्म-विशोधन, अंतश्चेतना के जागरण और जीवन के आत्ममंथन का पर्व है। श्वेतांबर परंपरा में यह पर्व भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी अथवा पंचमी को मनाया जाता है। तपागच्छ परंपरा में चतुर्थी तथा स्थानकवासी और तेरापंथ परंपरा में पंचमी को संवत्सरी पर्व आचरित होता है। वहीं दिगंबर परंपरा में दस लक्षण पर्व की निष्पत्ति ‘उत्तम क्षमा’ के रूप में होती है। यह पर्व वार्षिक आत्म-विशुद्धि, कषाय-मुक्ति और आध्यात्मिक अभ्युत्थान को समर्पित है। संवत्सरी का मूल उद्देश्य केवल धार्मिक अनुष्ठान पूरा करना नहीं, बल्कि अपने भीतर झांकना, वर्षभर के आचरण का मूल्यांकन करना और मन-वचन-कर्म से हुई भूलों का प्रायश्चित करना है। यह पर्व व्यक्ति को बाहरी आडंबर से हटाकर आत्मा की वास्तविक शुद्धि, संबंधों में मधुरता और समस्त जीवों के प्रति मैत्रीभाव की दिशा में प्रेरित करता है। सांवत्सरिक प्रतिक्रमण : आत्म-विशुद्धि का मार्ग संवत्सरी पर्व का प्रमुख आध्यात्मिक अंग सांवत्सरिक प्रतिक्रमण है। प्रतिक्रमण का व्युत्पत्तिपरक अर्थ विकृति से विशुद्धि की ओर लौटना अथवा अपने स्व-स्वरूप में पुनः प्रतिष्ठित होना है। इस अवसर पर साधक संपूर्ण वर्ष में जाने-अनजाने किए गए दुष्कृत्यों, असंयमित व्यवहार और विवेकहीन आचरण का स्मरण करता है। आत्म-गर्हा, पश्चात्ताप और प्रायश्चित के माध्यम से व्यक्ति अपने दोषों को स्वीकार करता है तथा भविष्य में उन्हें दोहराने से बचने का दृढ़ संकल्प लेता है। ‘मिच्छामि दुक्कडं’ का उद्घोष इसी आत्मशुद्धि की भावना को व्यक्त करता है। इसका आशय है कि मन, वचन और कर्म से हुई सभी भूलें निष्फल हों तथा उनके लिए क्षमा याचना स्वीकार की जाए। पारस्परिक क्षमा और सार्वभौमिक मैत्री क्षमा-याचना और क्षमा-प्रदान संवत्सरी पर्व के दो प्रमुख आधार हैं। इस दिन साधक अपने परिचितों, परिजनों, मित्रों और समाज के सभी लोगों से हुई भूलों के लिए क्षमा मांगता है तथा दूसरों को भी हृदय से क्षमा करता है। जैन परंपरा का सूत्र—‘खामेमि सव्वे जीवे, सव्वे जीवा खमंतु मे’—सभी जीवों के प्रति मैत्री, करुणा और अभयभाव का संदेश देता है। संवत्सरी की क्षमा केवल मानव मात्र तक सीमित नहीं है। जैन दर्शन सूक्ष्म एकेंद्रिय जीवों से लेकर संपूर्ण प्राणिमात्र के प्रति अहिंसा और मैत्री का भाव रखने की प्रेरणा देता है। इस पर्व का वास्तविक उद्देश्य वैर, द्वेष, ईर्ष्या और कटुता का समूल उच्छेद कर अंतःकरण को निर्मल बनाना है। कषायों का क्षय और कर्म-निर्जरा जैन दर्शन में क्रोध, मान, माया और लोभ को चतुर्विध कषाय कहा गया है। इन्हें कर्मबंध के प्रमुख कारणों में माना गया है। संवत्सरी पर्व इन कषायों पर विजय प्राप्त करने का अवसर प्रदान करता है। क्षमा का भाव विशेष रूप से क्रोध और अहंकार पर प्रहार करता है। जब व्यक्ति अपने अहंकार को छोड़कर दूसरों की भूलों को क्षमा करता है, तब उसके भीतर की कठोरता कम होती है और आत्मा की ओर लौटने का मार्ग प्रशस्त होता है। कषायों के क्षय से कर्मों की निर्जरा संभव होती है और साधक आध्यात्मिक उन्नति की दिशा में आगे बढ़ता है। इसीलिए संवत्सरी को केवल क्षमा मांगने का दिन नहीं, बल्कि भीतर जमे विकारों को दूर करने का पर्व माना गया है। भाव-अहिंसा और अनेकांत का संदेश जैन दर्शन में हिंसा का अर्थ केवल शारीरिक चोट पहुंचाना नहीं है। मन में किसी के प्रति वैमनस्य रखना, कटु वचन बोलना, अपमान करना, द्वेष पालना और दूसरों के प्रति दुर्भावना रखना भी हिंसा के ही रूप हैं। संवत्सरी पर्व भाव-अहिंसा को जीवन में उतारने की प्रेरणा देता है। क्षमा भाव-अहिंसा की पराकाष्ठा है। इसके साथ ही अनेकांतवाद का दृष्टिकोण व्यक्ति को अपने विचारों के प्रति अनावश्यक हठ छोड़ने की शिक्षा देता है। ‘मेरा ही विचार सत्य है’ जैसी मानसिकता अहंकार को जन्म देती है, जबकि अनेकांत यह स्वीकार करना सिखाता है कि सत्य को देखने और समझने के अनेक दृष्टिकोण हो सकते हैं। यह भावना संबंधों में संवाद, सहिष्णुता और सम्मान को बढ़ावा देती है। तप, स्वाध्याय और संयम संवत्सरी पर्व पर उपवास, अनशन, मौन, स्वाध्याय और संयम जैसे बाह्य तथा अंतरंग अनुशासनों का विशेष महत्व है। ये साधन शरीर और मन दोनों को अनुशासित करते हैं तथा साधक को आत्मचिंतन की ओर ले जाते हैं। तप केवल भोजन का त्याग नहीं, बल्कि विषय-वासनाओं, क्रोध, लोभ, अहंकार और असंयम पर नियंत्रण का भी माध्यम है। स्वाध्याय से व्यक्ति धर्म, दर्शन और आत्मस्वरूप को समझने का प्रयास करता है। संयम उसे दैनिक जीवन में सजग, मर्यादित और अहिंसक आचरण के लिए प्रेरित करता है। संवत्सरी की वास्तविक सार्थकता संवत्सरी मात्र बाहरी लोकाचार या औपचारिक अनुष्ठान नहीं है। यह अंतःकरण की वास्तविक शुद्धि और प्रामाणिक आत्म-परिशोधन का मार्ग है। केवल परंपरागत संदेशों के आदान-प्रदान या औपचारिक रूप से क्षमा मांग लेने से इस पर्व की पूर्ण सार्थकता प्राप्त नहीं होती। इसकी वास्तविक सार्थकता तब है, जब व्यक्ति व्यक्तिगत स्तर पर मन के मालिन्य का विसर्जन करे, अपने व्यवहार की समीक्षा करे और संबंधों में सुधार के लिए सचेत प्रयास करे। क्षमा का अर्थ केवल शब्दों में ‘मिच्छामि दुक्कडं’ कहना नहीं, बल्कि मन से द्वेष मिटाना, पुराने विवादों को समाप्त करना, कटुता छोड़ना और दूसरों के प्रति सम्मान एवं करुणा का भाव विकसित करना है। संवत्सरी व्यक्ति को अपने भीतर परिवर्तन लाने और जीवन को अधिक सरल, संयमित तथा संवेदनशील बनाने का अवसर देती है। इस प्रकार संवत्सरी एक दिवसीय पर्व भर नहीं, बल्कि संपूर्ण जीवन को अहिंसा, मैत्री, क्षमा और संयम की दिशा में संचालित करने वाला शाश्वत प्रेरणा-पुंज है। यदि इस पर्व की भावना को दैनिक जीवन में उतार लिया जाए, तो व्यक्ति के साथ-साथ परिवार, समाज और समूचे विश्व में शांति, सद्भाव और आत्मीयता का विस्तार संभव है।

1 day ago
user_Padmavat Media
Padmavat Media
Newspaper publisher Salumbar, Udaipur•
1 day ago
45078c1f-c656-4b4e-b87e-7bffdda368ca

संवत्सरी : वार्षिक आत्म-विशुद्धि एवं क्षमा-साधना का पर्व लेखक : हरिदत्त शर्मा संवत्सरी जैन दर्शन की आध्यात्मिक चेतना का सर्वोच्च प्रतीक और पर्युषण पर्व की पावन पूर्णाहुति का दिवस है। ‘संवत्सर’ का मूल अर्थ वर्ष है। इस दृष्टि से संवत्सरी वस्तुतः वार्षिक आत्म-विशोधन, अंतश्चेतना के जागरण और जीवन के आत्ममंथन का पर्व है। श्वेतांबर परंपरा में यह पर्व भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी अथवा पंचमी को मनाया जाता है। तपागच्छ परंपरा में चतुर्थी तथा स्थानकवासी और तेरापंथ परंपरा में पंचमी को संवत्सरी पर्व आचरित होता है। वहीं दिगंबर परंपरा में दस लक्षण पर्व की निष्पत्ति ‘उत्तम क्षमा’ के रूप में होती है। यह पर्व वार्षिक आत्म-विशुद्धि, कषाय-मुक्ति और आध्यात्मिक अभ्युत्थान को समर्पित है। संवत्सरी का मूल उद्देश्य केवल धार्मिक अनुष्ठान पूरा करना नहीं, बल्कि अपने भीतर झांकना, वर्षभर के आचरण का मूल्यांकन करना और मन-वचन-कर्म से हुई भूलों का प्रायश्चित करना है। यह पर्व व्यक्ति को बाहरी आडंबर से हटाकर आत्मा की वास्तविक शुद्धि, संबंधों में मधुरता और समस्त जीवों के प्रति मैत्रीभाव की दिशा में प्रेरित करता है। सांवत्सरिक प्रतिक्रमण : आत्म-विशुद्धि का मार्ग संवत्सरी पर्व का प्रमुख आध्यात्मिक अंग सांवत्सरिक प्रतिक्रमण है। प्रतिक्रमण का व्युत्पत्तिपरक अर्थ विकृति से विशुद्धि की ओर लौटना अथवा अपने स्व-स्वरूप में पुनः प्रतिष्ठित होना है। इस अवसर पर साधक संपूर्ण वर्ष में जाने-अनजाने किए गए दुष्कृत्यों, असंयमित व्यवहार और विवेकहीन आचरण का स्मरण करता है। आत्म-गर्हा, पश्चात्ताप और प्रायश्चित के माध्यम से व्यक्ति अपने दोषों को स्वीकार करता है तथा भविष्य में उन्हें दोहराने से बचने का दृढ़ संकल्प लेता है। ‘मिच्छामि दुक्कडं’ का उद्घोष इसी आत्मशुद्धि की भावना को व्यक्त करता है। इसका आशय है कि मन, वचन और कर्म से हुई सभी भूलें निष्फल हों तथा उनके लिए क्षमा याचना स्वीकार की जाए। पारस्परिक क्षमा और सार्वभौमिक मैत्री क्षमा-याचना और क्षमा-प्रदान संवत्सरी पर्व के दो प्रमुख आधार हैं। इस दिन साधक अपने परिचितों, परिजनों, मित्रों और समाज के सभी लोगों से हुई भूलों के लिए क्षमा मांगता है तथा दूसरों को भी हृदय से क्षमा करता है। जैन परंपरा का सूत्र—‘खामेमि सव्वे जीवे, सव्वे जीवा खमंतु मे’—सभी जीवों के प्रति मैत्री, करुणा और अभयभाव का संदेश देता है। संवत्सरी की क्षमा केवल मानव मात्र तक सीमित नहीं है। जैन दर्शन सूक्ष्म एकेंद्रिय जीवों से लेकर संपूर्ण प्राणिमात्र के प्रति अहिंसा और मैत्री का भाव रखने की प्रेरणा देता है। इस पर्व का वास्तविक उद्देश्य वैर, द्वेष, ईर्ष्या और कटुता का समूल उच्छेद कर अंतःकरण को निर्मल बनाना है। कषायों का क्षय और कर्म-निर्जरा जैन दर्शन में क्रोध, मान, माया और लोभ को चतुर्विध कषाय कहा गया है। इन्हें कर्मबंध के प्रमुख कारणों में माना गया है। संवत्सरी पर्व इन कषायों पर विजय प्राप्त करने का अवसर प्रदान करता है। क्षमा का भाव विशेष रूप से क्रोध और अहंकार पर प्रहार करता है। जब व्यक्ति अपने अहंकार को छोड़कर दूसरों की भूलों को क्षमा करता है, तब उसके भीतर की कठोरता कम होती है और आत्मा की ओर लौटने का मार्ग प्रशस्त होता है। कषायों के क्षय से कर्मों की निर्जरा संभव होती है और साधक आध्यात्मिक उन्नति की दिशा में आगे बढ़ता है। इसीलिए संवत्सरी को केवल क्षमा मांगने का दिन नहीं, बल्कि भीतर जमे विकारों को दूर करने का पर्व माना गया है। भाव-अहिंसा और अनेकांत का संदेश जैन दर्शन में हिंसा का अर्थ केवल शारीरिक चोट पहुंचाना नहीं है। मन में किसी के प्रति वैमनस्य रखना, कटु वचन बोलना, अपमान करना, द्वेष पालना और दूसरों के प्रति दुर्भावना रखना भी हिंसा के ही रूप हैं। संवत्सरी पर्व भाव-अहिंसा को जीवन में उतारने की प्रेरणा देता है। क्षमा भाव-अहिंसा की पराकाष्ठा है। इसके साथ ही अनेकांतवाद का दृष्टिकोण व्यक्ति को अपने विचारों के प्रति अनावश्यक हठ छोड़ने की शिक्षा देता है। ‘मेरा ही विचार सत्य है’ जैसी मानसिकता अहंकार को जन्म देती है, जबकि अनेकांत यह स्वीकार करना सिखाता है कि सत्य को देखने और समझने के अनेक दृष्टिकोण हो सकते हैं। यह भावना संबंधों में संवाद, सहिष्णुता और सम्मान को बढ़ावा देती है। तप, स्वाध्याय और संयम संवत्सरी पर्व पर उपवास, अनशन, मौन, स्वाध्याय और संयम जैसे बाह्य तथा अंतरंग अनुशासनों का विशेष महत्व है। ये साधन शरीर और मन दोनों को अनुशासित करते हैं तथा साधक को आत्मचिंतन की ओर ले जाते हैं। तप केवल भोजन का त्याग नहीं, बल्कि विषय-वासनाओं, क्रोध, लोभ, अहंकार और असंयम पर नियंत्रण का भी माध्यम है। स्वाध्याय से व्यक्ति धर्म, दर्शन और आत्मस्वरूप को समझने का प्रयास करता है। संयम उसे दैनिक जीवन में सजग, मर्यादित और अहिंसक आचरण के लिए प्रेरित करता है। संवत्सरी की वास्तविक सार्थकता संवत्सरी मात्र बाहरी लोकाचार या औपचारिक अनुष्ठान नहीं है। यह अंतःकरण की वास्तविक शुद्धि और प्रामाणिक आत्म-परिशोधन का मार्ग है। केवल परंपरागत संदेशों के आदान-प्रदान या औपचारिक रूप से क्षमा मांग लेने से इस पर्व की पूर्ण सार्थकता प्राप्त नहीं होती। इसकी वास्तविक सार्थकता तब है, जब व्यक्ति व्यक्तिगत स्तर पर मन के मालिन्य का विसर्जन करे, अपने व्यवहार की समीक्षा करे और संबंधों में सुधार के लिए सचेत प्रयास करे। क्षमा का अर्थ केवल शब्दों में ‘मिच्छामि दुक्कडं’ कहना नहीं, बल्कि मन से द्वेष मिटाना, पुराने विवादों को समाप्त करना, कटुता छोड़ना और दूसरों के प्रति सम्मान एवं करुणा का भाव विकसित करना है। संवत्सरी व्यक्ति को अपने भीतर परिवर्तन लाने और जीवन को अधिक सरल, संयमित तथा संवेदनशील बनाने का अवसर देती है। इस प्रकार संवत्सरी एक दिवसीय पर्व भर नहीं, बल्कि संपूर्ण जीवन को अहिंसा, मैत्री, क्षमा और संयम की दिशा में संचालित करने वाला शाश्वत प्रेरणा-पुंज है। यदि इस पर्व की भावना को दैनिक जीवन में उतार लिया जाए, तो 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    शिव शक्ति धाम पुनाली में गणेश उत्सवश्रद्धालु भजन करते चा आरती की बोली प्रसाद का वितरण सभी भक्तों ने भाग लिया
    user_Yashwant Joshi
    Yashwant Joshi
    डौडा, डूंगरपुर, राजस्थान•
    12 hrs ago
  • भरत पंड्या संवाददाता डुंगरपुर 9829264909 ऑपरेशन स्वच्छता' के तहत बिछीवाड़ा पुलिस की बड़ी कार्रवाई: रतनपुर बॉर्डर पर सब्जी की आड़ में अवैध शराब तस्करी का पर्दाफाश, 8 लाख की शराब जब्त । ​भरत पंड्या संवाददाता डुंगरपुर 9829264909 ऑपरेशन स्वच्छता' के तहत बिछीवाड़ा पुलिस की बड़ी कार्रवाई: रतनपुर बॉर्डर पर सब्जी की आड़ में अवैध शराब तस्करी का पर्दाफाश, 8 लाख की शराब जब्त । ​डूंगरपुर। जिला पुलिस अधीक्षक मनीष कुमार के निर्देशन में चलाए जा रहे विशेष अभियान "ऑपरेशन स्वच्छता" के तहत बिछीवाड़ा थाना पुलिस ने रतनपुर बॉर्डर पर अवैध शराब तस्करी के खिलाफ बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने सब्जी की आड़ में ट्रक में छिपाकर गुजरात ले जाई जा रही पंजाब निर्मित अंग्रेजी शराब के 81 कार्टन जब्त कर एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। जब्त की गई शराब की अनुमानित बाजार कीमत लगभग 8 लाख रुपये बताई जा रही है। ​आगामी पंचायती राज चुनाव के मद्देनजर पुलिस टीम रतनपुर चौकी के सामने उदयपुर-अहमदाबाद एनएच 48 पर नाकाबंदी कर वाहनों की चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने एक आयशर ओपन बॉडी ट्रक (HR 55 Y 4527) को रुकवाया। ​सब्जी के कैरेट के पीछे छिपाये थे शराब के कार्टन ट्रक की तलाशी लेने पर ऊपर लौकी व सब्जी के कैरेट रखे हुए मिले। कैरेट हटाने पर उनके नीचे छुपाकर रखे गए 'रॉयल चैलेजर्स विस्की' के 81 कार्टन (972 बोतलें) बरामद हुए, जिन पर 'फॉर सेल ओनली इन पंजाब' अंकित था। ​कार्रवाई के मुख्य बिंदु: ​गिरफ्तार आरोपी: धर्मबीर (35 वर्ष) पुत्र धर्मपाल, निवासी मिर्जापुर (पार्ट 384), थाना के.यू.के., जिला कुरुक्षेत्र (हरियाणा)। ​बरामदगी: 81 कार्टन (972 बोतलें) पंजाब निर्मित अंग्रेजी शराब एवं तस्करी में प्रयुक्त ट्रक। ​अनुमानित कीमत: शराब की बाजार कीमत लगभग ₹8 लाख। ​कार्रवाई करने वाली पुलिस टीम: बिछीवाड़ा थानाधिकारी देवेंद्र सिंह देवल के निर्देशन में उपनिरीक्षक अब्दुल मुनाफ, कांस्टेबल मगन (757) और कांस्टेबल गौरव (951) ने इस कार्रवाई को अंजाम दिया। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी से शराब तस्करी के नेटवर्क के संबंध में पूछताछ शुरू कर दी है।
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    भरत पंड्या संवाददाता डुंगरपुर 
     9829264909

ऑपरेशन स्वच्छता' के तहत बिछीवाड़ा पुलिस की बड़ी कार्रवाई: रतनपुर बॉर्डर पर सब्जी की आड़ में अवैध शराब तस्करी का पर्दाफाश, 8 लाख की शराब जब्त ।
​भरत पंड्या संवाददाता डुंगरपुर 
9829264909
ऑपरेशन स्वच्छता' के तहत बिछीवाड़ा पुलिस की बड़ी कार्रवाई: रतनपुर बॉर्डर पर सब्जी की आड़ में अवैध शराब तस्करी का पर्दाफाश, 8 लाख की शराब जब्त ।
​डूंगरपुर। जिला पुलिस अधीक्षक मनीष कुमार के निर्देशन में चलाए जा रहे विशेष अभियान "ऑपरेशन स्वच्छता" के तहत बिछीवाड़ा थाना पुलिस ने रतनपुर बॉर्डर पर अवैध शराब तस्करी के खिलाफ बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने सब्जी की आड़ में ट्रक में छिपाकर गुजरात ले जाई जा रही पंजाब निर्मित अंग्रेजी शराब के 81 कार्टन जब्त कर एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। जब्त की गई शराब की अनुमानित बाजार कीमत लगभग 8 लाख रुपये बताई जा रही है।
​आगामी पंचायती राज चुनाव के मद्देनजर पुलिस टीम रतनपुर चौकी के सामने उदयपुर-अहमदाबाद एनएच 48 पर नाकाबंदी कर वाहनों की चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने एक आयशर ओपन बॉडी ट्रक (HR 55 Y 4527) को रुकवाया।
​सब्जी के कैरेट के पीछे छिपाये थे शराब के कार्टन
ट्रक की तलाशी लेने पर ऊपर लौकी व सब्जी के कैरेट रखे हुए मिले। कैरेट हटाने पर उनके नीचे छुपाकर रखे गए 'रॉयल चैलेजर्स विस्की' के 81 कार्टन (972 बोतलें) बरामद हुए, जिन पर 'फॉर सेल ओनली इन पंजाब' अंकित था।
​कार्रवाई के मुख्य बिंदु:
​गिरफ्तार आरोपी: धर्मबीर (35 वर्ष) पुत्र धर्मपाल, निवासी मिर्जापुर (पार्ट 384), थाना के.यू.के., जिला कुरुक्षेत्र (हरियाणा)।
​बरामदगी: 81 कार्टन (972 बोतलें) पंजाब निर्मित अंग्रेजी शराब एवं तस्करी में प्रयुक्त ट्रक।
​अनुमानित कीमत: शराब की बाजार कीमत लगभग ₹8 लाख।
​कार्रवाई करने वाली पुलिस टीम:
बिछीवाड़ा थानाधिकारी देवेंद्र सिंह देवल के निर्देशन में उपनिरीक्षक अब्दुल मुनाफ, कांस्टेबल मगन (757) और कांस्टेबल गौरव (951) ने इस कार्रवाई को अंजाम दिया। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी से शराब तस्करी के नेटवर्क के संबंध में पूछताछ शुरू कर दी है।
    user_Bharat Pandya भरत पंड्या
    Bharat Pandya भरत पंड्या
    Newspaper advertising department डूंगरपुर, डूंगरपुर, राजस्थान•
    4 hrs ago
  • डुंगरपुर नगर परिषद: सुशीला गुप्ता ने सभापति पद के लिए दाखिल किया नामांकन। डूंगरपुर संवाददाता तेजसिंह राठौड 9929285157 ​डूंगरपुर नगर परिषद: सुशीला गुप्ता ने सभापति पद के लिए दाखिल किया नामांकन, । भाजपा खेमे में बढ़ी हलचल ​डूंगरपुर। डूंगरपुर नगर परिषद में सभापति चुनाव की सरगर्मियां तेज हो गई हैं। इसी कड़ी में सुशीला गुप्ता ने नगर परिषद सभापति पद के लिए अपना नामांकन पत्र दाखिल कर दिया है। रिटर्निंग अधिकारी के समक्ष समर्थकों की मौजूदगी में उन्होंने अपना पर्चा भरा। ​हाल ही में संपन्न हुए नगर परिषद चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने 40 में से 24 वार्डों में जीत दर्ज कर स्पष्ट बहुमत हासिल किया है। बहुमत का आंकड़ा पास होने के बाद अब सभापति पद के लिए नामांकन की प्रक्रिया के साथ ही शहर की भावी नगर सरकार की तस्वीर साफ होने लगी है। ​मुख्य बिंदु: ​नामांकन दाखिल: सुशीला गुप्ता ने समर्थकों के साथ पहुंचकर सभापति पद के लिए अपना नामांकन पत्र प्रस्तुत किया। ​बहुमत का गणित: 40 वार्डों वाली नगर परिषद में भाजपा के पास 24 पार्षद हैं, जिससे उनका पलड़ा भारी माना जा रहा है। ​राजनीतिक सरगर्मी: नामांकन दाखिल होने के बाद अब स्क्रूटनी और नाम वापसी की प्रक्रिया पर नजरें टिकी हुई हैं। ​नामांकन पत्र दाखिल करने के दौरान पार्टी कार्यकर्ता और नवनिर्वाचित पार्षद उपस्थित रहे। पर्चा भरने के बाद समर्थकों ने उन्हें बधाई दी और जीत का दावा किया।
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    डुंगरपुर नगर परिषद: सुशीला गुप्ता ने सभापति पद के लिए दाखिल किया नामांकन। 
डूंगरपुर संवाददाता तेजसिंह राठौड 9929285157
​डूंगरपुर नगर परिषद: सुशीला गुप्ता ने सभापति पद के लिए दाखिल किया नामांकन, ।
भाजपा खेमे में बढ़ी हलचल
​डूंगरपुर। डूंगरपुर नगर परिषद में सभापति चुनाव की सरगर्मियां तेज हो गई हैं। इसी कड़ी में सुशीला गुप्ता ने नगर परिषद सभापति पद के लिए अपना नामांकन पत्र दाखिल कर दिया है। रिटर्निंग अधिकारी के समक्ष समर्थकों की मौजूदगी में उन्होंने अपना पर्चा भरा।
​हाल ही में संपन्न हुए नगर परिषद चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने 40 में से 24 वार्डों में जीत दर्ज कर स्पष्ट बहुमत हासिल किया है। बहुमत का आंकड़ा पास होने के बाद अब सभापति पद के लिए नामांकन की प्रक्रिया के साथ ही शहर की भावी नगर सरकार की तस्वीर साफ होने लगी है।
​मुख्य बिंदु:
​नामांकन दाखिल: सुशीला गुप्ता ने समर्थकों के साथ पहुंचकर सभापति पद के लिए अपना नामांकन पत्र प्रस्तुत किया।
​बहुमत का गणित: 40 वार्डों वाली नगर परिषद में भाजपा के पास 24 पार्षद हैं, जिससे उनका पलड़ा भारी माना जा रहा है।
​राजनीतिक सरगर्मी: नामांकन दाखिल होने के बाद अब स्क्रूटनी और नाम वापसी की प्रक्रिया पर नजरें टिकी हुई हैं।
​नामांकन पत्र दाखिल करने के दौरान पार्टी कार्यकर्ता और नवनिर्वाचित पार्षद उपस्थित रहे। पर्चा भरने के बाद समर्थकों ने उन्हें बधाई दी और जीत का दावा किया।
    user_तेजसिंह राठौड
    तेजसिंह राठौड
    Nurse डूंगरपुर, डूंगरपुर, राजस्थान•
    7 hrs ago
  • वार्ड 37 से रिकॉर्ड जीत के बाद प्रभु पंड्या ने सभापति पद के लिए दाखिल किया नामांकन डूंगरपुर। नगर परिषद चुनावों में शानदार प्रदर्शन के बाद शहर की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। वार्ड नंबर 37 से भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के प्रत्याशी प्रभु पंड्या ने अपने प्रतिद्वंद्वी को भारी मतों के अंतर से परास्त कर प्रचंड जीत दर्ज की है। इस एकतरफा जीत के बाद भाजपा खेमे में उत्साह का माहौल है। वार्ड में मिली इस ऐतिहासिक जीत के तुरंत बाद, प्रभु पंड्या ने नगर परिषद के शीर्ष पद की ओर कदम बढ़ा दिए हैं। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं, कार्यकर्ताओं और समर्थकों के भारी हुजूम के साथ प्रभु पंड्या आज नगर परिषद कार्यालय पहुंचे। वहां उन्होंने रिटर्निंग अधिकारी (RO) के समक्ष सभापति पद के प्रत्याशी के रूप में अपना आधिकारिक नामांकन पत्र प्रस्तुत किया। नामांकन प्रक्रिया के दौरान प्रशासनिक व्यवस्था पूरी तरह चौकस रही। पर्चा दाखिल करने के बाद मीडिया से बातचीत में प्रभु पंड्या ने अपनी इस सफलता का श्रेय वार्ड नंबर 37 के मतदाताओं के अटूट विश्वास और भाजपा कार्यकर्ताओं की अनथक मेहनत को दिया। उन्होंने कहा कि उनका मुख्य लक्ष्य डूंगरपुर नगर परिषद क्षेत्र में चौमुखी विकास, बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करना और जन-समस्याओं का त्वरित समाधान करना होगा। सभापति पद के लिए नामांकन दाखिल होने के बाद अब शहर का सियासी पारा चढ़ गया है, और सभी की निगाहें आगामी चुनाव प्रक्रिया व आधिकारिक घोषणा पर टिक गई हैं।
    2
    वार्ड 37 से रिकॉर्ड जीत के बाद प्रभु पंड्या ने सभापति पद के लिए दाखिल किया नामांकन
डूंगरपुर। नगर परिषद चुनावों में शानदार प्रदर्शन के बाद शहर की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। वार्ड नंबर 37 से भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के प्रत्याशी प्रभु पंड्या ने अपने प्रतिद्वंद्वी को भारी मतों के अंतर से परास्त कर प्रचंड जीत दर्ज की है। इस एकतरफा जीत के बाद भाजपा खेमे में उत्साह का माहौल है।
वार्ड में मिली इस ऐतिहासिक जीत के तुरंत बाद, प्रभु पंड्या ने नगर परिषद के शीर्ष पद की ओर कदम बढ़ा दिए हैं। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं, कार्यकर्ताओं और समर्थकों के भारी हुजूम के साथ प्रभु पंड्या आज नगर परिषद कार्यालय पहुंचे। वहां उन्होंने रिटर्निंग अधिकारी (RO) के समक्ष सभापति पद के प्रत्याशी के रूप में अपना आधिकारिक नामांकन पत्र प्रस्तुत किया।
नामांकन प्रक्रिया के दौरान प्रशासनिक व्यवस्था पूरी तरह चौकस रही। पर्चा दाखिल करने के बाद मीडिया से बातचीत में प्रभु पंड्या ने अपनी इस सफलता का श्रेय वार्ड नंबर 37 के मतदाताओं के अटूट विश्वास और भाजपा कार्यकर्ताओं की अनथक मेहनत को दिया। उन्होंने कहा कि उनका मुख्य लक्ष्य डूंगरपुर नगर परिषद क्षेत्र में चौमुखी विकास, बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करना और जन-समस्याओं का त्वरित समाधान करना होगा।
सभापति पद के लिए नामांकन दाखिल होने के बाद अब शहर का सियासी पारा चढ़ गया है, और सभी की निगाहें आगामी चुनाव प्रक्रिया व आधिकारिक घोषणा पर टिक गई हैं।
    user_पत्रकार गीतेश पंड्या
    पत्रकार गीतेश पंड्या
    Local News Reporter डूंगरपुर, डूंगरपुर, राजस्थान•
    8 hrs ago
  • सभापति चुनाव: कांग्रेस के भरत नागदा ने दाखिल किया नामांकन, बोले- अंतरात्मा की आवाज पर वोट करें पार्षद डूंगरपुर। नगर निकाय चुनाव के बाद सभापति चुनाव को लेकर बुधवार को नामांकन प्रक्रिया के अंतिम दिन कांग्रेस की ओर से सभापति पद के प्रत्याशी भरत नागदा ने अपना नामांकन दाखिल किया। सुबह करीब साढ़े 10 बजे भरत नागदा नगर परिषद पहुंचे और भगवान बिरसा मुंडा सभा कक्ष में रिटर्निंग अधिकारी सोनू गुर्जर के समक्ष नामांकन पत्र प्रस्तुत किया। नामांकन दाखिल करने के बाद भरत नागदा ने कहा कि पार्टी के आदेश पर उन्होंने सभापति पद के लिए नामांकन दाखिल किया है। वहीं कांग्रेस के पास सभापति चुनाव के लिए बहुमत नहीं होने के सवाल पर उन्होंने कहा कि वे नगर परिषद के सभी 40 वार्डों के पार्षदों से अपील करेंगे कि वे अपनी अंतरात्मा की आवाज पर मतदान करें। भरत नागदा ने कहा कि कांग्रेस की ओर से जनता के लिए 50 संकल्प लिए गए हैं। वे सभी 40 पार्षदों से कांग्रेस के इन संकल्पों को पढ़ने और उसके आधार पर मतदान करने की अपील करेंगे। अब सभापति चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी भरत नागदा के सामने भाजपा की ओर से प्रत्याशी उतारे जाने के बाद मुकाबला और दिलचस्प हो गया है।
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    सभापति चुनाव: कांग्रेस के भरत नागदा ने दाखिल किया नामांकन, बोले- अंतरात्मा की आवाज पर वोट करें पार्षद
डूंगरपुर। नगर निकाय चुनाव के बाद सभापति चुनाव को लेकर बुधवार को नामांकन प्रक्रिया के अंतिम दिन कांग्रेस की ओर से सभापति पद के प्रत्याशी भरत नागदा ने अपना नामांकन दाखिल किया। सुबह करीब साढ़े 10 बजे भरत नागदा नगर परिषद पहुंचे और भगवान बिरसा मुंडा सभा कक्ष में रिटर्निंग अधिकारी सोनू गुर्जर के समक्ष नामांकन पत्र प्रस्तुत किया।
नामांकन दाखिल करने के बाद भरत नागदा ने कहा कि पार्टी के आदेश पर उन्होंने सभापति पद के लिए नामांकन दाखिल किया है। वहीं कांग्रेस के पास सभापति चुनाव के लिए बहुमत नहीं होने के सवाल पर उन्होंने कहा कि वे नगर परिषद के सभी 40 वार्डों के पार्षदों से अपील करेंगे कि वे अपनी अंतरात्मा की आवाज पर मतदान करें।
भरत नागदा ने कहा कि कांग्रेस की ओर से जनता के लिए 50 संकल्प लिए गए हैं। वे सभी 40 पार्षदों से कांग्रेस के इन संकल्पों को पढ़ने और उसके आधार पर मतदान करने की अपील करेंगे। अब सभापति चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी भरत नागदा के सामने भाजपा की ओर से प्रत्याशी उतारे जाने के बाद मुकाबला और दिलचस्प हो गया है।
    user_Dungarpur Live New
    Dungarpur Live New
    डूंगरपुर, डूंगरपुर, राजस्थान•
    9 hrs ago
  • क्षमा याचना पर्व पर सेवा का संदेश, 200 जरूरतमंदों को भोजन और कंबल श्री महावीर इंटरनेशनल समिति डूंगला के तत्वावधान में आयोजन, मेहता परिवार ने किया सेवा कार्य पवन अग्रवाल, चिकारड़ा डूंगला। क्षमा याचना पर्व के अवसर पर बुधवार को श्री महावीर इंटरनेशनल समिति डूंगला के तत्वावधान में सेवा एवं कंबल वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मेहता परिवार डूंगला की ओर से निर्धन एवं असहाय लोगों को भोजन कराया गया तथा जरूरतमंदों को निशुल्क कंबल वितरित किए गए। जरूरतमंदों की सेवा को बनाया पर्व का माध्यम 16 सितंबर को आयोजित कार्यक्रम में श्री अमृतलाल, कनक मल एवं वीरेंद्र कुमार मेहता, निवासी डूंगला, के सहयोग से यह सेवा कार्य किया गया। कार्यक्रम के दौरान करीब 200 जरूरतमंद व्यक्ति लाभान्वित हुए। भोजन एवं कंबल मिलने से लाभार्थियों ने आयोजकों के प्रति आभार व्यक्त किया। समिति पदाधिकारी और सदस्य रहे मौजूद कार्यक्रम में श्री महावीर इंटरनेशनल समिति डूंगला के अध्यक्ष नरेंद्र कुमार मेहता, उपाध्यक्ष वीरेंद्र कुमार, सिद्धार्थ, सचिव उत्सव कुमार, कोषाध्यक्ष दुर्गा शंकर शर्मा सहित अजीत कुमार, कनक मल मेहता, मनीष मेहता एवं कुंदन मोगरा उपस्थित रहे। मेहता परिवार के अन्य सदस्यों ने भी कार्यक्रम में सहभागिता निभाई। सहयोग से सफल हुआ सेवा आयोजन कार्यक्रम को सफल बनाने में पत्रकार विमल नलवाया , राजेंद्र कुमार मोगरा का विशेष सहयोग रहा। समिति पदाधिकारियों ने कहा कि पर्व का उद्देश्य केवल धार्मिक आयोजन तक सीमित न रहकर जरूरतमंदों की सेवा और समाज में परस्पर सहयोग की भावना को मजबूत करना भी है।
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    क्षमा याचना पर्व पर सेवा का संदेश, 200 जरूरतमंदों को भोजन और कंबल

श्री महावीर इंटरनेशनल समिति डूंगला के तत्वावधान में आयोजन, मेहता परिवार ने किया सेवा कार्य
पवन अग्रवाल, चिकारड़ा
डूंगला। क्षमा याचना पर्व के अवसर पर बुधवार को श्री महावीर इंटरनेशनल समिति डूंगला के तत्वावधान में सेवा एवं कंबल वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मेहता परिवार डूंगला की ओर से निर्धन एवं असहाय लोगों को भोजन कराया गया तथा जरूरतमंदों को निशुल्क कंबल वितरित किए गए।
जरूरतमंदों की सेवा को बनाया पर्व का माध्यम
16 सितंबर को आयोजित कार्यक्रम में श्री अमृतलाल, कनक मल एवं वीरेंद्र कुमार मेहता, निवासी डूंगला, के सहयोग से यह सेवा कार्य किया गया। कार्यक्रम के दौरान करीब 200 जरूरतमंद व्यक्ति लाभान्वित हुए। भोजन एवं कंबल मिलने से लाभार्थियों ने आयोजकों के प्रति आभार व्यक्त किया।
समिति पदाधिकारी और सदस्य रहे मौजूद
कार्यक्रम में श्री महावीर इंटरनेशनल समिति डूंगला के अध्यक्ष नरेंद्र कुमार मेहता, उपाध्यक्ष वीरेंद्र कुमार, सिद्धार्थ, सचिव उत्सव कुमार, कोषाध्यक्ष दुर्गा शंकर शर्मा सहित अजीत कुमार, कनक मल मेहता, मनीष मेहता एवं कुंदन मोगरा उपस्थित रहे। मेहता परिवार के अन्य सदस्यों ने भी कार्यक्रम में सहभागिता निभाई।
सहयोग से सफल हुआ सेवा आयोजन
कार्यक्रम को सफल बनाने में पत्रकार विमल नलवाया , राजेंद्र कुमार मोगरा का विशेष सहयोग रहा। समिति पदाधिकारियों ने कहा कि पर्व का उद्देश्य केवल धार्मिक आयोजन तक सीमित न रहकर जरूरतमंदों की सेवा और समाज में परस्पर सहयोग की भावना को मजबूत करना भी है।
    user_पवन अग्रवाल
    पवन अग्रवाल
    Local News Reporter डूंगला, चित्तौड़गढ़, राजस्थान•
    1 hr ago
  • सोमेश्वर महादेव मंदिर में गणपति की स्थापना के साथ भजन संध्या जिसमें श्रद्धालु भक्ति भाव से भजन करते हुए सोमेश्वर महादेव मंदिर पुनाली
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    सोमेश्वर महादेव मंदिर में गणपति की स्थापना के साथ भजन संध्या जिसमें श्रद्धालु भक्ति भाव से भजन करते हुए सोमेश्वर महादेव मंदिर पुनाली
    user_Yashwant Joshi
    Yashwant Joshi
    डौडा, डूंगरपुर, राजस्थान•
    12 hrs ago
  • भरत पंड्या संवाददाता डुंगरपुर 9829264909 होराइजन उच्च माध्यमिक विद्यालय पुनाली में भारतीय रिजर्व बैंक (RBI)वित्तीय समावेशन वित्तीयसाक्षरता कार्यक्रम आयोजित भरत पंड्या संवाददाता डुंगरपुर 9829264909 होराइजन उच्च माध्यमिक विद्यालय पुनाली में भारतीय रिजर्व बैंक (RBI)वित्तीय समावेशन वित्तीयसाक्षरता कार्यक्रम आयोजित पुनाली, 16 सितंबर 2026। आज दिनांक 16-09-2026 को मनी वाइज वित्तीय साक्षरता केंद्र, आसपुर द्वारा ब्लॉक दोवड़ा की ग्राम पंचायत पुनाली स्थित होराइजन उच्च माध्यमिक विद्यालय में वित्तीय साक्षरता एवं समावेशन की चौपाल का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को बैंकिंग एवं वित्तीय सेवाओं से संबंधित विभिन्न योजनाओं, बचत, बैंक खाते, डिजिटल बैंकिंग तथा वित्तीय जागरूकता से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी दी गई। विद्यार्थियों की सहभागिता बढ़ाने के लिए वित्तीय साक्षरता क्विज का भी आयोजन किया गया, जिसमें विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। क्विज में विजेता को पुरस्कार प्रथम, धुव्र जोशी द्वितीय साक्षी ननोमा तृतीय तनमय दवे रहे कार्यक्रम में RBI LDO विक्रम जी डांगी, DDM नाबार्ड महेश जी LDM विजय जी, ALDM सुरेंद्र जी मनी वाइज वित्तीय साक्षरता से एरिया मैनेजर दीपक जी जोशी, शाखा प्रबंधक प्रकाश परमार एवं रामलाल जी FLC तुषार जी, बैंक bc सुखलाल जी सहित अन्य गणमान्य उपस्थित रहे। विद्यालय की ओर से निवेदक महोदय यशवंत जी, विद्यालय प्रबंधक चिराग जी प्रधानाचार्य महोदया मोनिका जी ने कार्यक्रम में सहभागिता की तथा विद्यार्थियों को वित्तीय जागरूकता के महत्व के बारे में प्रेरित किया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में बचत की आदत, बैंकिंग सेवाओं की समझ, सुरक्षित डिजिटल लेन-देन तथा वित्तीय निर्णय लेने की क्षमता विकसित करना रहा। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने वित्तीय विषयों से संबंधित प्रश्न पूछकर अपनी जिज्ञासाओं का समाधान भी प्राप्त किया।
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    भरत पंड्या संवाददाता डुंगरपुर 
     9829264909

होराइजन उच्च माध्यमिक विद्यालय पुनाली में भारतीय रिजर्व बैंक (RBI)वित्तीय समावेशन वित्तीयसाक्षरता कार्यक्रम आयोजित
भरत पंड्या संवाददाता डुंगरपुर 
9829264909
होराइजन उच्च माध्यमिक विद्यालय पुनाली में भारतीय रिजर्व बैंक (RBI)वित्तीय समावेशन वित्तीयसाक्षरता कार्यक्रम आयोजित
पुनाली, 16 सितंबर 2026।
आज दिनांक 16-09-2026 को मनी वाइज वित्तीय साक्षरता केंद्र, आसपुर द्वारा ब्लॉक दोवड़ा की ग्राम पंचायत पुनाली स्थित होराइजन उच्च माध्यमिक विद्यालय में वित्तीय साक्षरता एवं समावेशन की चौपाल का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को बैंकिंग एवं वित्तीय सेवाओं से संबंधित विभिन्न योजनाओं, बचत, बैंक खाते, डिजिटल बैंकिंग तथा वित्तीय जागरूकता से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी दी गई। विद्यार्थियों की सहभागिता बढ़ाने के लिए वित्तीय साक्षरता क्विज का भी आयोजन किया गया, जिसमें विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
क्विज में विजेता को पुरस्कार 
प्रथम, धुव्र जोशी
द्वितीय साक्षी ननोमा 
तृतीय तनमय दवे रहे 
कार्यक्रम में RBI LDO विक्रम जी डांगी, DDM नाबार्ड महेश जी LDM विजय जी, ALDM सुरेंद्र जी मनी वाइज वित्तीय साक्षरता से एरिया मैनेजर दीपक जी जोशी, शाखा प्रबंधक प्रकाश परमार एवं रामलाल जी FLC तुषार जी, बैंक bc सुखलाल जी सहित अन्य गणमान्य उपस्थित रहे।
विद्यालय की ओर से निवेदक महोदय  यशवंत जी, विद्यालय प्रबंधक चिराग जी  प्रधानाचार्य महोदया मोनिका जी  ने कार्यक्रम में सहभागिता की तथा विद्यार्थियों को वित्तीय जागरूकता के महत्व के बारे में प्रेरित किया।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में बचत की आदत, बैंकिंग सेवाओं की समझ, सुरक्षित डिजिटल लेन-देन तथा वित्तीय निर्णय लेने की क्षमता विकसित करना रहा। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने वित्तीय विषयों से संबंधित प्रश्न पूछकर अपनी जिज्ञासाओं का समाधान भी प्राप्त किया।
    user_Bharat Pandya भरत पंड्या
    Bharat Pandya भरत पंड्या
    Newspaper advertising department डूंगरपुर, डूंगरपुर, राजस्थान•
    4 hrs ago
  • खेरवाड़ा टोल नाके के पास सड़क हादसा, एक ही परिवार के 6 घायल डूंगरपुर। उदयपुर-अहमदाबाद नेशनल हाईवे-48 पर मंगलवार देर रात खेरवाड़ा टोल नाके के पास सड़क हादसा हो गया। उदयपुर से अहमदाबाद जा रही इनोवा कार हाईवे किनारे खड़ी एक अन्य कार से जा टकराई। हादसे में इनोवा सवार एक ही परिवार के छह लोग घायल हो गए, जिनमें दो बच्चे भी शामिल हैं। जानकारी के अनुसार गुजरात के जमालपुरा नाडियावाड़ निवासी अतीक पुत्र अवेश भाई सोजतवाला, आसिफ पुत्र अब्दुल रहमान केलावाला, अशरफ पुत्र आसिफ, नफीसा पत्नी अवेश भाई, अस्मा पत्नी आसिफ और अवेश पुत्र शमशुद्दीन अहमदाबाद से उदयपुर घूमने आए थे। देर रात सभी इनोवा कार से वापस अहमदाबाद लौट रहे थे। खेरवाड़ा टोल नाके के पास पहुंचते ही इनोवा कार हाईवे किनारे खड़ी दूसरी कार से टकरा गई। टक्कर के बाद कार में सवार सभी छह लोगों को चोटें आईं। सूचना पर हाईवे एंबुलेंस 1033 मौके पर पहुंची और घायलों को डूंगरपुर जिला अस्पताल पहुंचाया गया। यहां सभी घायलों का उपचार जारी है।
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    खेरवाड़ा टोल नाके के पास सड़क हादसा, एक ही परिवार के 6 घायल
डूंगरपुर। उदयपुर-अहमदाबाद नेशनल हाईवे-48 पर मंगलवार देर रात खेरवाड़ा टोल नाके के पास सड़क हादसा हो गया। उदयपुर से अहमदाबाद जा रही इनोवा कार हाईवे किनारे खड़ी एक अन्य कार से जा टकराई। हादसे में इनोवा सवार एक ही परिवार के छह लोग घायल हो गए, जिनमें दो बच्चे भी शामिल हैं।
जानकारी के अनुसार गुजरात के जमालपुरा नाडियावाड़ निवासी अतीक पुत्र अवेश भाई सोजतवाला, आसिफ पुत्र अब्दुल रहमान केलावाला, अशरफ पुत्र आसिफ, नफीसा पत्नी अवेश भाई, अस्मा पत्नी आसिफ और अवेश पुत्र शमशुद्दीन अहमदाबाद से उदयपुर घूमने आए थे। देर रात सभी इनोवा कार से वापस अहमदाबाद लौट रहे थे।
खेरवाड़ा टोल नाके के पास पहुंचते ही इनोवा कार हाईवे किनारे खड़ी दूसरी कार से टकरा गई। टक्कर के बाद कार में सवार सभी छह लोगों को चोटें आईं। सूचना पर हाईवे एंबुलेंस 1033 मौके पर पहुंची और घायलों को डूंगरपुर जिला अस्पताल पहुंचाया गया। यहां सभी घायलों का उपचार जारी है।
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    Dungarpur Live New
    डूंगरपुर, डूंगरपुर, राजस्थान•
    12 hrs ago
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