रायपुर क्षेत्र के परासली गांव में स्थित उप स्वास्थ्य केंद्र के बाहर मुख्य सड़क पर जल निकासी की उचित व्यवस्था न होने के कारण गंभीर समस्या उत्पन्न हो गई है। सड़क पर लगातार पानी भरा रहने से बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं, जिनके कारण राहगीर अक्सर फिसलकर चोटिल हो रहे हैं। ग्रामीण लक्ष्मण सिंह झाला ने बताया कि मुख्य सड़क की इस समस्या को लेकर ग्रामीणों ने एक ग्रामीण सेवा शिविर में मुख्य अधिकारियों के समक्ष शिकायत की थी, लेकिन अभी तक इसका कोई समाधान नहीं हो पाया है। भारतीय किसान संघ के संभाग सहमंत्री मुकेश मेहर ने इस स्थिति पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार एक ही छत के नीचे 26 विभागों की समस्याओं का समाधान करने का आश्वासन दे रही है, लेकिन परासली गांव के उप स्वास्थ्य केंद्र के बाहर की यह बदहाल स्थिति सरकार के इन दावों की सच्चाई को उजागर करती है। ग्रामीण सेवा शिविर में समस्या उठाने के बावजूद सड़क पर पसारे पानी और राहगीरों के लगातार चोटिल होने का क्रम जारी है।
रायपुर क्षेत्र के परासली गांव में स्थित उप स्वास्थ्य केंद्र के बाहर मुख्य सड़क पर जल निकासी की उचित व्यवस्था न होने के कारण गंभीर समस्या उत्पन्न हो गई है। सड़क पर लगातार पानी भरा रहने से बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं, जिनके कारण राहगीर अक्सर फिसलकर चोटिल हो रहे हैं। ग्रामीण लक्ष्मण सिंह झाला ने बताया कि मुख्य सड़क की इस समस्या को लेकर ग्रामीणों ने एक ग्रामीण सेवा शिविर में मुख्य अधिकारियों के समक्ष शिकायत की थी, लेकिन अभी तक इसका कोई समाधान नहीं हो पाया है। भारतीय किसान संघ के संभाग सहमंत्री मुकेश मेहर ने इस स्थिति पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार एक ही छत के नीचे 26 विभागों की समस्याओं का समाधान करने का आश्वासन दे रही है, लेकिन परासली गांव के उप स्वास्थ्य केंद्र के बाहर की यह बदहाल स्थिति सरकार के इन दावों की सच्चाई को उजागर करती है। ग्रामीण सेवा शिविर में समस्या उठाने के बावजूद सड़क पर पसारे पानी और राहगीरों के लगातार चोटिल होने का क्रम जारी है।
- रायपुर क्षेत्र के परासली गांव में स्थित उप स्वास्थ्य केंद्र के बाहर मुख्य सड़क पर जल निकासी की उचित व्यवस्था न होने के कारण गंभीर समस्या उत्पन्न हो गई है। सड़क पर लगातार पानी भरा रहने से बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं, जिनके कारण राहगीर अक्सर फिसलकर चोटिल हो रहे हैं। ग्रामीण लक्ष्मण सिंह झाला ने बताया कि मुख्य सड़क की इस समस्या को लेकर ग्रामीणों ने एक ग्रामीण सेवा शिविर में मुख्य अधिकारियों के समक्ष शिकायत की थी, लेकिन अभी तक इसका कोई समाधान नहीं हो पाया है। भारतीय किसान संघ के संभाग सहमंत्री मुकेश मेहर ने इस स्थिति पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार एक ही छत के नीचे 26 विभागों की समस्याओं का समाधान करने का आश्वासन दे रही है, लेकिन परासली गांव के उप स्वास्थ्य केंद्र के बाहर की यह बदहाल स्थिति सरकार के इन दावों की सच्चाई को उजागर करती है। ग्रामीण सेवा शिविर में समस्या उठाने के बावजूद सड़क पर पसारे पानी और राहगीरों के लगातार चोटिल होने का क्रम जारी है।1
- झालावाड़-झालरापाटन में पूर्व पार्षद व नेता प्रतिपक्ष मोहम्मद खालिद और पूर्व नगर कांग्रेस अध्यक्ष व पूर्व उपाध्यक्ष नगरपालिका चंद्रप्रकाश लाला राठौड़ के नेतृत्व में कांग्रेस पार्षदों एवं कार्यकर्ताओं ने गौमती सागर तालाब स्थित वॉकिंग ट्रैक का निरीक्षण किया। इस दौरान पार्षदों ने नगरपालिका द्वारा एक पुरानी छतरी को रात में ध्वस्त कर उसका मलबा तालाब में डाले जाने पर गहरा रोष व्यक्त किया। उन्होंने तुरंत नगरपालिका के अधीक्षण अभियंता पी.सी. मीणा को मौके पर बुलाकर इस कार्रवाई पर कड़ी आपत्ति दर्ज कराई। पार्षदों का कहना था कि अगर छतरी क्षतिग्रस्त थी तो उसकी मरम्मत कर उसे संरक्षित किया जा सकता था, लेकिन बिना किसी पर्याप्त कारण के उसे रात के अंधेरे में तोड़ दिया गया और उसका सारा मलबा गौमती सागर तालाब में डाल दिया गया। उन्होंने इसे न केवल ऐतिहासिक धरोहर के प्रति लापरवाही बताया, बल्कि पर्यावरणीय दृष्टि से भी एक गंभीर विषय करार दिया। अधीक्षण अभियंता ने छतरी का पुनर्निर्माण करवाने की बात कही, जिस पर पार्षदों ने पलटवार करते हुए कहा कि जिस संरचना की कम पैसे में मरम्मत संभव थी, उसे तोड़कर लाखों रुपये खर्च कर दोबारा बनवाना जनता के धन का घोर दुरुपयोग है। उन्होंने नगरपालिका को जनहित में संसाधनों का सदुपयोग करने और अनावश्यक खर्चों से बचने की सलाह दी। कांग्रेस पार्षदों ने यह भी स्मरण कराया कि गौमती सागर तालाब की सफाई और संरक्षण को लेकर नगरपालिका को पहले भी ज्ञापन दिया जा चुका है, ऐसे में तालाब में मलबा डलवाना गंभीर अनियमितता को दर्शाता है। उन्होंने चेतावनी दी कि बरसात में यह मलबा तालाब के जल को प्रदूषित कर सकता है और उसकी प्राकृतिक संरचना को नुकसान पहुंचा सकता है। क्षेत्रवासियों की धार्मिक और सांस्कृतिक आस्थाएं भी इस तालाब से जुड़ी होने के कारण इसके संरक्षण में किसी भी तरह की लापरवाही अस्वीकार्य है। पार्षदों ने आरोप लगाया कि नगरपालिका लघु श्रेणी के कार्यों के माध्यम से ऐसे काम करवा रही है, जबकि आमजन की छोटी समस्याओं और विकास कार्यों के लिए ठेकेदार बजट के अभाव का हवाला देकर मना कर देते हैं। कांग्रेस पार्षदों और कार्यकर्ताओं ने तत्काल छतरी का पूर्व स्वरूप बहाल करने तथा बरसात से पहले तालाब से सारा मलबा हटाने की मांग की ताकि गौमती सागर तालाब को प्रदूषण मुक्त और संरक्षित रखा जा सके। साथ ही वॉकिंग ट्रैक पर फैली अव्यवस्थाओं को भी जल्द से जल्द दूर करने की मांग उठाई गई।3
- झालावाड़ जिले के अकलेरा ब्लॉक के घाटोली में एक भव्य महिला सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस विशेष 'महिला सम्मान' कार्यक्रम में नारी शक्ति का सम्मान गूंजा।1
- सोयत कला में लगा चक्का जाम जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में बनी सहमति के बाद दो घंटे की अवधि में खोल दिया गया। यह निर्णय स्थानीय जन प्रतिनिधियों की उपस्थिति में हुए समझौते के परिणामस्वरूप लिया गया।1
- एक राज्य स्तरीय टीम ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) खानपुर और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) हरिगढ़ का औचक निरीक्षण किया। इस टीम में डॉ. राकेश गोचर (डिप्टी डायरेक्टर), जिला प्रजनन एवं शिशु स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मुकेश नागर, डॉ. आदिल और गिरीश कुमार (एनओ) जैसे सदस्य शामिल थे, जिन्होंने दोनों स्वास्थ्य संस्थाओं की व्यवस्थाओं का गहन अवलोकन किया। निरीक्षण के दौरान, टीम ने लेबर रूम, वार्ड, ऑपरेशन थियेटर (ओटी), स्टोर, डिलीवरी डाटा सेंटर (डीडीसी), प्रयोगशाला (लैब) और मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य एवं पोषण दिवस (एमसीएचएन) गतिविधियों की जांच की। उन्होंने संस्थानों में उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाओं, साफ-सफाई, रिकॉर्ड संधारण, दवा उपलब्धता और विभिन्न राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों के क्रियान्वयन की भी समीक्षा की। टीम ने स्वास्थ्य संस्थाओं को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने, रिकॉर्ड संधारण को अद्यतन रखने और मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाने के निर्देश दिए। इसके अतिरिक्त, स्वास्थ्य कार्मिकों को आमजन को बेहतर और समयबद्ध स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रेरित किया गया। राज्य स्तरीय टीम ने संचालित विभिन्न गतिविधियों का अवलोकन कर आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए और सेवाओं की गुणवत्ता में निरंतर सुधार करने पर बल दिया।4
- मध्यप्रदेश के सुसनेर स्थित आमला चौराहे पर ग्रामीणों ने गौवंश की मौत के विरोध में भारी गुस्सा दिखाते हुए चक्काजाम कर दिया। इस प्रदर्शन के चलते नेशनल हाईवे पूरी तरह से ठप हो गया, जिससे आवागमन रुक गया।1
- सुसनेर के बराई में एक बिजलीकर्मी की अपनी ड्यूटी निभाते हुए जान चली गई। इस घटना से उनके परिजनों में गहरा आक्रोश व्याप्त हो गया। इंसाफ की मांग को लेकर परिजनों ने सोयत में सड़क पर बैठकर चक्का जाम कर दिया, जिससे आवागमन बाधित हुआ। इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए दो लोगों पर गाज गिरी है।1
- मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर से एक बड़ी खबर सामने आई है, जहाँ शहर के एक क्षेत्र में गैस पाइपलाइन में हुए भीषण विस्फोट से इलाके में अफरा-तफरी मच गई। यह धमाका इतना जोरदार था कि आसपास खड़े वाहन इसकी चपेट में आ गए और आग की ऊंची-ऊंची लपटें उठने लगीं, जिसमें कई लोग घायल होने की भी सूचना है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह घटना तब हुई जब क्षेत्र में बोरिंग का कार्य चल रहा था। इसी दौरान गैस पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हो गई, जिससे गैस का रिसाव शुरू हो गया। कुछ ही देर बाद, इस रिसाव वाली गैस ने आग पकड़ ली और जोरदार विस्फोट हो गया।1