झालावाड़-झालरापाटन में पूर्व पार्षद व नेता प्रतिपक्ष मोहम्मद खालिद और पूर्व नगर कांग्रेस अध्यक्ष व पूर्व उपाध्यक्ष नगरपालिका चंद्रप्रकाश लाला राठौड़ के नेतृत्व में कांग्रेस पार्षदों एवं कार्यकर्ताओं ने गौमती सागर तालाब स्थित वॉकिंग ट्रैक का निरीक्षण किया। इस दौरान पार्षदों ने नगरपालिका द्वारा एक पुरानी छतरी को रात में ध्वस्त कर उसका मलबा तालाब में डाले जाने पर गहरा रोष व्यक्त किया। उन्होंने तुरंत नगरपालिका के अधीक्षण अभियंता पी.सी. मीणा को मौके पर बुलाकर इस कार्रवाई पर कड़ी आपत्ति दर्ज कराई। पार्षदों का कहना था कि अगर छतरी क्षतिग्रस्त थी तो उसकी मरम्मत कर उसे संरक्षित किया जा सकता था, लेकिन बिना किसी पर्याप्त कारण के उसे रात के अंधेरे में तोड़ दिया गया और उसका सारा मलबा गौमती सागर तालाब में डाल दिया गया। उन्होंने इसे न केवल ऐतिहासिक धरोहर के प्रति लापरवाही बताया, बल्कि पर्यावरणीय दृष्टि से भी एक गंभीर विषय करार दिया। अधीक्षण अभियंता ने छतरी का पुनर्निर्माण करवाने की बात कही, जिस पर पार्षदों ने पलटवार करते हुए कहा कि जिस संरचना की कम पैसे में मरम्मत संभव थी, उसे तोड़कर लाखों रुपये खर्च कर दोबारा बनवाना जनता के धन का घोर दुरुपयोग है। उन्होंने नगरपालिका को जनहित में संसाधनों का सदुपयोग करने और अनावश्यक खर्चों से बचने की सलाह दी। कांग्रेस पार्षदों ने यह भी स्मरण कराया कि गौमती सागर तालाब की सफाई और संरक्षण को लेकर नगरपालिका को पहले भी ज्ञापन दिया जा चुका है, ऐसे में तालाब में मलबा डलवाना गंभीर अनियमितता को दर्शाता है। उन्होंने चेतावनी दी कि बरसात में यह मलबा तालाब के जल को प्रदूषित कर सकता है और उसकी प्राकृतिक संरचना को नुकसान पहुंचा सकता है। क्षेत्रवासियों की धार्मिक और सांस्कृतिक आस्थाएं भी इस तालाब से जुड़ी होने के कारण इसके संरक्षण में किसी भी तरह की लापरवाही अस्वीकार्य है। पार्षदों ने आरोप लगाया कि नगरपालिका लघु श्रेणी के कार्यों के माध्यम से ऐसे काम करवा रही है, जबकि आमजन की छोटी समस्याओं और विकास कार्यों के लिए ठेकेदार बजट के अभाव का हवाला देकर मना कर देते हैं। कांग्रेस पार्षदों और कार्यकर्ताओं ने तत्काल छतरी का पूर्व स्वरूप बहाल करने तथा बरसात से पहले तालाब से सारा मलबा हटाने की मांग की ताकि गौमती सागर तालाब को प्रदूषण मुक्त और संरक्षित रखा जा सके। साथ ही वॉकिंग ट्रैक पर फैली अव्यवस्थाओं को भी जल्द से जल्द दूर करने की मांग उठाई गई।
झालावाड़-झालरापाटन में पूर्व पार्षद व नेता प्रतिपक्ष मोहम्मद खालिद और पूर्व नगर कांग्रेस अध्यक्ष व पूर्व उपाध्यक्ष नगरपालिका चंद्रप्रकाश लाला राठौड़ के नेतृत्व में कांग्रेस पार्षदों एवं कार्यकर्ताओं ने गौमती सागर तालाब स्थित वॉकिंग ट्रैक का निरीक्षण किया। इस दौरान पार्षदों ने नगरपालिका द्वारा एक पुरानी छतरी को रात में ध्वस्त कर उसका मलबा तालाब में डाले जाने पर गहरा रोष व्यक्त किया। उन्होंने तुरंत नगरपालिका के अधीक्षण अभियंता पी.सी. मीणा को मौके पर बुलाकर इस कार्रवाई पर कड़ी आपत्ति दर्ज कराई। पार्षदों का कहना था कि अगर छतरी क्षतिग्रस्त थी तो उसकी मरम्मत कर उसे संरक्षित किया जा सकता था, लेकिन बिना किसी पर्याप्त कारण के उसे रात के अंधेरे में तोड़ दिया गया और उसका सारा मलबा गौमती सागर तालाब में डाल दिया गया। उन्होंने इसे न
केवल ऐतिहासिक धरोहर के प्रति लापरवाही बताया, बल्कि पर्यावरणीय दृष्टि से भी एक गंभीर विषय करार दिया। अधीक्षण अभियंता ने छतरी का पुनर्निर्माण करवाने की बात कही, जिस पर पार्षदों ने पलटवार करते हुए कहा कि जिस संरचना की कम पैसे में मरम्मत संभव थी, उसे तोड़कर लाखों रुपये खर्च कर दोबारा बनवाना जनता के धन का घोर दुरुपयोग है। उन्होंने नगरपालिका को जनहित में संसाधनों का सदुपयोग करने और अनावश्यक खर्चों से बचने की सलाह दी। कांग्रेस पार्षदों ने यह भी स्मरण कराया कि गौमती सागर तालाब की सफाई और संरक्षण को लेकर नगरपालिका को पहले भी ज्ञापन दिया जा चुका है, ऐसे में तालाब में मलबा डलवाना गंभीर अनियमितता को दर्शाता है। उन्होंने चेतावनी दी कि बरसात में यह मलबा तालाब के जल को प्रदूषित कर सकता
है और उसकी प्राकृतिक संरचना को नुकसान पहुंचा सकता है। क्षेत्रवासियों की धार्मिक और सांस्कृतिक आस्थाएं भी इस तालाब से जुड़ी होने के कारण इसके संरक्षण में किसी भी तरह की लापरवाही अस्वीकार्य है। पार्षदों ने आरोप लगाया कि नगरपालिका लघु श्रेणी के कार्यों के माध्यम से ऐसे काम करवा रही है, जबकि आमजन की छोटी समस्याओं और विकास कार्यों के लिए ठेकेदार बजट के अभाव का हवाला देकर मना कर देते हैं। कांग्रेस पार्षदों और कार्यकर्ताओं ने तत्काल छतरी का पूर्व स्वरूप बहाल करने तथा बरसात से पहले तालाब से सारा मलबा हटाने की मांग की ताकि गौमती सागर तालाब को प्रदूषण मुक्त और संरक्षित रखा जा सके। साथ ही वॉकिंग ट्रैक पर फैली अव्यवस्थाओं को भी जल्द से जल्द दूर करने की मांग उठाई गई।
- झालावाड़-झालरापाटन में पूर्व पार्षद व नेता प्रतिपक्ष मोहम्मद खालिद और पूर्व नगर कांग्रेस अध्यक्ष व पूर्व उपाध्यक्ष नगरपालिका चंद्रप्रकाश लाला राठौड़ के नेतृत्व में कांग्रेस पार्षदों एवं कार्यकर्ताओं ने गौमती सागर तालाब स्थित वॉकिंग ट्रैक का निरीक्षण किया। इस दौरान पार्षदों ने नगरपालिका द्वारा एक पुरानी छतरी को रात में ध्वस्त कर उसका मलबा तालाब में डाले जाने पर गहरा रोष व्यक्त किया। उन्होंने तुरंत नगरपालिका के अधीक्षण अभियंता पी.सी. मीणा को मौके पर बुलाकर इस कार्रवाई पर कड़ी आपत्ति दर्ज कराई। पार्षदों का कहना था कि अगर छतरी क्षतिग्रस्त थी तो उसकी मरम्मत कर उसे संरक्षित किया जा सकता था, लेकिन बिना किसी पर्याप्त कारण के उसे रात के अंधेरे में तोड़ दिया गया और उसका सारा मलबा गौमती सागर तालाब में डाल दिया गया। उन्होंने इसे न केवल ऐतिहासिक धरोहर के प्रति लापरवाही बताया, बल्कि पर्यावरणीय दृष्टि से भी एक गंभीर विषय करार दिया। अधीक्षण अभियंता ने छतरी का पुनर्निर्माण करवाने की बात कही, जिस पर पार्षदों ने पलटवार करते हुए कहा कि जिस संरचना की कम पैसे में मरम्मत संभव थी, उसे तोड़कर लाखों रुपये खर्च कर दोबारा बनवाना जनता के धन का घोर दुरुपयोग है। उन्होंने नगरपालिका को जनहित में संसाधनों का सदुपयोग करने और अनावश्यक खर्चों से बचने की सलाह दी। कांग्रेस पार्षदों ने यह भी स्मरण कराया कि गौमती सागर तालाब की सफाई और संरक्षण को लेकर नगरपालिका को पहले भी ज्ञापन दिया जा चुका है, ऐसे में तालाब में मलबा डलवाना गंभीर अनियमितता को दर्शाता है। उन्होंने चेतावनी दी कि बरसात में यह मलबा तालाब के जल को प्रदूषित कर सकता है और उसकी प्राकृतिक संरचना को नुकसान पहुंचा सकता है। क्षेत्रवासियों की धार्मिक और सांस्कृतिक आस्थाएं भी इस तालाब से जुड़ी होने के कारण इसके संरक्षण में किसी भी तरह की लापरवाही अस्वीकार्य है। पार्षदों ने आरोप लगाया कि नगरपालिका लघु श्रेणी के कार्यों के माध्यम से ऐसे काम करवा रही है, जबकि आमजन की छोटी समस्याओं और विकास कार्यों के लिए ठेकेदार बजट के अभाव का हवाला देकर मना कर देते हैं। कांग्रेस पार्षदों और कार्यकर्ताओं ने तत्काल छतरी का पूर्व स्वरूप बहाल करने तथा बरसात से पहले तालाब से सारा मलबा हटाने की मांग की ताकि गौमती सागर तालाब को प्रदूषण मुक्त और संरक्षित रखा जा सके। साथ ही वॉकिंग ट्रैक पर फैली अव्यवस्थाओं को भी जल्द से जल्द दूर करने की मांग उठाई गई।3
- रायपुर क्षेत्र के परासली गांव में स्थित उप स्वास्थ्य केंद्र के बाहर मुख्य सड़क पर जल निकासी की उचित व्यवस्था न होने के कारण गंभीर समस्या उत्पन्न हो गई है। सड़क पर लगातार पानी भरा रहने से बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं, जिनके कारण राहगीर अक्सर फिसलकर चोटिल हो रहे हैं। ग्रामीण लक्ष्मण सिंह झाला ने बताया कि मुख्य सड़क की इस समस्या को लेकर ग्रामीणों ने एक ग्रामीण सेवा शिविर में मुख्य अधिकारियों के समक्ष शिकायत की थी, लेकिन अभी तक इसका कोई समाधान नहीं हो पाया है। भारतीय किसान संघ के संभाग सहमंत्री मुकेश मेहर ने इस स्थिति पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार एक ही छत के नीचे 26 विभागों की समस्याओं का समाधान करने का आश्वासन दे रही है, लेकिन परासली गांव के उप स्वास्थ्य केंद्र के बाहर की यह बदहाल स्थिति सरकार के इन दावों की सच्चाई को उजागर करती है। ग्रामीण सेवा शिविर में समस्या उठाने के बावजूद सड़क पर पसारे पानी और राहगीरों के लगातार चोटिल होने का क्रम जारी है।1
- एक राज्य स्तरीय टीम ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) खानपुर और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) हरिगढ़ का औचक निरीक्षण किया। इस टीम में डॉ. राकेश गोचर (डिप्टी डायरेक्टर), जिला प्रजनन एवं शिशु स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मुकेश नागर, डॉ. आदिल और गिरीश कुमार (एनओ) जैसे सदस्य शामिल थे, जिन्होंने दोनों स्वास्थ्य संस्थाओं की व्यवस्थाओं का गहन अवलोकन किया। निरीक्षण के दौरान, टीम ने लेबर रूम, वार्ड, ऑपरेशन थियेटर (ओटी), स्टोर, डिलीवरी डाटा सेंटर (डीडीसी), प्रयोगशाला (लैब) और मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य एवं पोषण दिवस (एमसीएचएन) गतिविधियों की जांच की। उन्होंने संस्थानों में उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाओं, साफ-सफाई, रिकॉर्ड संधारण, दवा उपलब्धता और विभिन्न राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों के क्रियान्वयन की भी समीक्षा की। टीम ने स्वास्थ्य संस्थाओं को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने, रिकॉर्ड संधारण को अद्यतन रखने और मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाने के निर्देश दिए। इसके अतिरिक्त, स्वास्थ्य कार्मिकों को आमजन को बेहतर और समयबद्ध स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रेरित किया गया। राज्य स्तरीय टीम ने संचालित विभिन्न गतिविधियों का अवलोकन कर आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए और सेवाओं की गुणवत्ता में निरंतर सुधार करने पर बल दिया।4
- झालावाड़ जिले के अकलेरा ब्लॉक के घाटोली में एक भव्य महिला सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस विशेष 'महिला सम्मान' कार्यक्रम में नारी शक्ति का सम्मान गूंजा।1
- भस्त्रिका प्राणायाम को मानसिक स्वास्थ्य और मन की शांति के लिए सबसे शक्तिशाली प्राणायामों में से एक माना जाता है।1
- छीपाबड़ौद न्यूज़ के माध्यम से छीपाबड़ौद की हरनावदा जागीर लहसुन मंडी और हरनावदा शाहजी लहसुन मंडी के ताजा भावों की जानकारी साझा की गई है। इस अपडेट में विभिन्न प्रकार के लहसुन के लिए भावों की श्रेणियां बताई गई हैं, जिनमें बेस्ट क्वालिटी और गोला माल, एवरेज माल, छोटा माल तथा देसी लहसुन शामिल हैं।1
- सरकार की जनकल्याणकारी एवं फ्लैगशिप योजनाओं को आम जनता तक पहुँचाने के उद्देश्य से बुधवार को ग्राम पंचायत खेड़ला जागीर और मानपुरा में ग्रामीण सेवा शिविर 2026 का आयोजन किया गया। बारां जिले के छीपाबड़ौद क्षेत्र में आयोजित इस शिविर में अधिकारियों ने नागरिकों को विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी, मौके पर ही प्राप्त शिकायतों का निपटारा किया और पात्र लोगों को सरकारी योजनाओं से लाभान्वित किया। खेड़ला जागीर में, 59 वर्षीय बृजमोहन पुत्र धन्नालाल ने शिविर प्रभारी तहसीलदार सुरेंद्र सिंह गुर्जर को बताया कि उनकी उम्र 59 साल होने और चलने-फिरने में असमर्थ होने के बावजूद उन्हें वृद्धावस्था पेंशन का लाभ नहीं मिल रहा था। इस पर तहसीलदार ने तुरंत समाज कल्याण विभाग के कर्मचारियों को पेंशन बनाने के निर्देश दिए। प्रार्थी आवश्यक दस्तावेज घर से लाए, जिसके बाद कर्मचारियों ने तत्काल आवेदन तैयार कर ई-मित्र के माध्यम से ऑनलाइन करवाया। तहसीलदार ने ऑनलाइन आवेदन को तहसील कार्यालय एवं विकास अधिकारी कार्यालय से पास करवाकर शिविर में ही पेंशन स्वीकृत कर दी, और बृजमोहन को पीपीओ नंबर 16553501 उपलब्ध कराया गया। पेंशन स्वीकृत होने पर बृजमोहन ने अत्यधिक खुशी व्यक्त की। इसी शिविर में, ग्राम खेड़ी के किसानों ने शिविर प्रभारी सुरेंद्र सिंह गुर्जर को अवगत कराया कि खसरा नंबर 462 रकबा 0.0567 हैक्टेयर और 467 रकबा 0.0486 हैक्टेयर पर स्थित एक पुराना रास्ता पिछले 8-10 सालों से किनारे वाले काश्तकारों द्वारा अतिक्रमण कर संकरा कर दिया गया था। इस कारण उन्हें खेतों में आने-जाने और उपज लाने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। शिकायत मिलते ही, शिविर प्रभारी ने तत्काल पुलिस बल बुलवाया और ग्राम विकास अधिकारी के माध्यम से जेसीबी तथा अन्य आवश्यक संसाधन उपलब्ध करवाए। तहसीलदार स्वयं, पुलिस बल, भू-अभिलेख निरीक्षक कैलाश नामदेव, दीपक कुशवाह एवं पटवारी दशरथ सिंह शेखावत मौके पर पहुँचे। उन्होंने जेसीबी की सहायता से रास्ते पर बनी झोपड़ियाँ, झाड़ियाँ और कोट आदि को हटवाकर पुराने रास्ते को अतिक्रमण मुक्त करवाया। भविष्य में रास्ता अवरुद्ध न करने के लिए अवरोध करने वालों को पाबंद भी किया गया। 8-10 वर्षों से बंद पड़े इस रास्ते के खुलने से ग्रामीणों का आवागमन सुगम हो गया और त्वरित कार्रवाई देखकर ग्रामीणों के चेहरे खुशी से खिल उठे। ग्राम पंचायत मानपुरा में आयोजित शिविर में, 26 वर्षीय महेंद्र सिंह पुत्र घांसीलाल निवासी मानपुरा ने शिविर प्रभारी नायब तहसीलदार राधेश्याम लववंशी को बताया कि जमाबंदी संवत 2079 के खाता संख्या 28 में उनका एवं उनके परिवार के सदस्यों का नाम नाबालिग दर्ज था, जिसके कारण उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा था। नायब तहसीलदार ने तत्काल पटवारी को दस्तावेजों की जाँच कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। पटवारी ने जाँच के उपरांत मौके पर ही उम्र के अनुसार नामों को नाबालिग से बालिग दर्ज कर आवश्यक संशोधन किया।3
- राजस्थान के छिपाबड़ौद में समुद्र मंथन प्राणायाम का आयोजन किया गया।1